उज्जैन में महाशिवरात्रि से आरंभ होगा विक्रमोत्सव

उज्जैन। विक्रमोत्सव 2026 का शुभारंभ उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व से होगा। यह महोत्सव देश-दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का अनूठा उत्सव होगा। महाशिवरात्रि पर प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम की प्रस्तुति शिवोऽहम से होगी। विक्रमोत्सव में इस वर्ष सबसे महत्वपूर्ण और देश का सबसे बड़ा सम्मान ‘सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान’ आकर्षण का केंद्र होगा। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक एवं मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रमोत्सव की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 2006 में की गयी थी। आज यह महोत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो चला है। इस आयोजन में अब तक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों की प्रस्तुतियां हो चुकी है। इस वर्ष टॉप रेंकिंग कलाकार प्रीतम 15 फरवरी को अपनी प्रस्तुति के लिए आ रहे हैं। इसी प्रकार हिंदू नववर्ष चैत्र प्रतिपदा 19 मार्च को विशाल मिश्रा अपने बैंड के साथ प्रस्तुति देने आएंगे। श्री तिवारी ने बताया कि महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियां शिवरात्रि मेलों का समारंभ, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवपुराण, अनादि पर्व, विक्रम नाट्य समोराह, पुतुल समारोह, संगीत का उद्भव और विकास पर केंद्रित अनहद वैचारिक समागम, चित्र प्रदर्शनियां, संगोष्ठी, विक्रमादित्य का न्याय समागम, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन लोकार्पण, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मातृशक्ति कवयित्री सम्मेलन, ड्रोन शो आदि शामिल है। यह महत्वपूर्ण गतिविधियां सम्पन्न होंगी आयोजन के दौरान * महाशिवरात्रि पर प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलो का आयोजन होगा,जिसमें मंदिरों की साजसज्जा, साफ-सफाई एवं सांस्कृतिक गतिविधियां प्रमुख हैं। * विक्रमोत्सव अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर एवं कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर 7 विभिन्न प्रदर्शनियां लगेंगी। जिसमें सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, पताकाएं, शंख, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, श्रीकृष्ण प्रभात एवं रागमाला प्रमुख है। इन प्रदर्शनियों को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा तैयार किया गया है। * राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी नाट्य प्रस्तुतियों पर केन्द्रित दस दिवसीय विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा तैयार की गई प्रस्तुतियों जटायुवध, चारूदत्तम, भरतवाक्य, जाति जीवन, अभिज्ञान शाकुन्तलम् और चतुर्भाणी शामिल है। अंधायुग, भूमि सूर्य वीरगाथा, आदि-अनंत, अभंग नाद, सौगंधिकाहरणं का भी मंचन होगा।
इंडिया-इजरायल एआई समिट 2026: खेती, डिजिटल नवाचार और जिम्मेदार एआई पर ध्यान

नई दिल्ली: भारत और इजरायल अगले सप्ताह होने वाले ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में एआई सहयोग को और मजबूत करने जा रहे हैं। दोनों देशों का सहयोग खेती, जलवायु नवाचार, डिजिटल बदलाव और भविष्य के लिए जरूरी कौशल तैयार करने जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। नई दिल्ली स्थित इजरायल दूतावास ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। समिट में इजरायल से उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व राजदूत और ईडीटीएस नीति समन्वयक इलान फ्लस करेंगे। दल में सरकारी अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, शोधकर्ता और नीति विशेषज्ञ शामिल हैं। उनका उद्देश्य एआई, जलवायु लचीलापन, ईएसजी निवेश, डिजिटल शासन और जिम्मेदार नवाचार में इजरायल-भारत सहयोग को गहरा करना है। इलान फ्लस ने बयान में कहा कि एआई जब दुनिया को बदल रहा है, तब भारत और इजरायल की जिम्मेदारी है कि नवाचार को नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी यह दिखाती है कि उन्नत तकनीक और मानवीय मूल्यों को साथ लेकर कैसे प्रगति की जा सकती है। उनका कहना है कि यह समिट दोनों देशों के रिश्तों में नए अध्याय की शुरुआत होगी। समिट में एआई के जरिए जलवायु परिवर्तन से निपटने, सटीक खेती, डिजिटल ढांचे, रोजगार में बदलाव और नई तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा टिकाऊ विकास के लिए नए निवेश मॉडल और सरकारी-निजी भागीदारी पर भी विचार किया जाएगा। इजरायली दूतावास की इनोवेशन अटैची माया शेरमैन ने कहा कि भारत और इजरायल दोनों ऐसी तकनीक में विश्वास रखते हैं जो लोगों के हित में काम करे। उन्होंने कहा कि समिट दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करेगा। समिट से पहले ही दूतावास ने शिक्षा, उद्योग और सरकार से जुड़े विशेषज्ञों के बीच बातचीत बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। मुख्य समिट कार्यक्रम भारत मंडपम में आयोजित होंगे। इस दौरान दूतावास भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रोपड़ (IIT-Ropar), धीरूभाई अंबानी विश्वविद्यालय और तकनीकी नीति थिंक-टैंक द डायलॉग के साथ मिलकर एआई और नई तकनीकों में सहयोग को आगे बढ़ाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समिट न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा बल्कि भारत और इजरायल के बीच ज्ञान, शोध और नीति निर्माण में भी साझेदारी को मजबूती देगा। कृषि, शिक्षा और डिजिटल क्षेत्रों में इस सहयोग से छोटे और बड़े व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, युवा वर्ग को भविष्य के लिए तैयार करने और जिम्मेदार एआई के उपयोग को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।इस समिट से दोनों देशों के लिए यह संदेश जाएगा कि एआई और डिजिटल नवाचार को मानवीय मूल्यों के साथ लागू किया जा सकता है, जिससे सतत और समावेशी विकास को बल मिलेगा।
राजधानी को दहलाने वाला 'थार रेप केस': आरोपी माज और ओसाफ की मोबाइल लोकेशन ने खोली पोल, सीडीआर से पुख्ता हुई गुनाह की साजिश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती पर दी श्रद्धांजलि देश सेवा, साहित्य और महिला सशक्तिकरण की अद्वितीय प्रतिष्ठा को किया नमन

भोपाल । मध्य प्रदेश स्वतंत्रता सेनानी कवयित्री समाजसेवी और राजनीति की प्रखर हस्ती भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज उन्हें गहन श्रद्धा और सम्मान के साथ नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरोजिनी नायडू ने अपने जीवन को न केवल भारत की आजादी के संघर्ष के लिए समर्पित किया बल्कि साहित्यिक प्रतिभा और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी अपरिमेय योगदान दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार सरोजिनी नायडू न केवल एक बड़ा कवि और स्वतंत्रता सेनानी थीं बल्कि उन्होंने महिलाओं को शिक्षा नेतृत्व और सामाजिक भागीदारी के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सरोजिनी नायडू का जीवन आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी कविताएँ तथा विचार सदैव राष्ट्र सेवा की भावना को उज्जवल बनाते रहेंगे। चर्चाओं में आज सरोजिनी नायडू का नाम भारत की कोकिला के रूप में विदित है जिन्होंने अंग्रेज़ों के शासन के विरोध में अहिंसा और सत्याग्रह के मार्ग पर अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने कांग्रेस के कई महत्वपूर्ण अधिवेशनों में भाग लिया और 1925 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष भी बनीं। स्वतंत्रता के पश्चात् वे उत्तर प्रदेश की पहली महिला राज्यपाल भी रहीं और महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में याद की जाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से कहा कि सरोजिनी नायडू की कविताओं में देशभक्ति मानवीय संवेदनाओं और महिला अधिकारों की गूढ़ अभिव्यक्ति है जो आज भी युवाओं के हृदय में उमंग भरती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के उत्थान शिक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और सरोजिनी नायडू के आदर्शों को अपनाते हुए हर स्तर पर महिला सशक्तिकरण को और भी व्यापक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरोजिनी नायडू के विचार उनकी लेखनी और मातृभूमि के प्रति उनका समर्पण हम सबके लिए प्रेरणा के अनंत स्रोत हैं। आज हम उनके बलिदान और योगदान को नमन करते हैं और आशा करते हैं कि आने वाली पीढ़ियाँ भी उनके सिद्धांतों से प्रेरित होंगी।
धार्मिक जगत में नया विवाद, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और आशुतोष ब्रह्मचारी के बीच आरोप-प्रत्यारोप

नई दिल्ली। वाराणसी में धार्मिक जगत में एक नया विवाद सामने आया है, जहां यौन शोषण और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए इसे “संगठित तरीके से किया जा रहा कॉकटेल प्रहार” करार दिया है। दूसरी ओर, आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने प्रयागराज की विशेष पॉक्सो अदालत में शिकायत दर्ज कर गुरुकुल की आड़ में नाबालिगों के शोषण का आरोप लगाया है। अदालत ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर 20 फरवरी को पेश होने को कहा है। शिकायत में कहा गया है कि कथित घटनाएं माघ मेला और गुरुकुल परिसर से जुड़ी हैं। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उनके पास दो नाबालिगों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य मौजूद हैं। प्रारंभिक शिकायत पुलिस को देने के बाद, न्यायालय की शरण ली गई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी में मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके सामाजिक और धार्मिक दृष्टिकोण पर मुखर रुख अपनाने के कारण “बदनाम करने का अभियान” चलाया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि अदालत में आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए गए हैं और न्यायपालिका पर उनका पूरा विश्वास है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि यदि आरोप असत्य पाए जाते हैं, तो झूठी शिकायत के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस विवाद के पीछे धार्मिक नेतृत्व के बीच मतभेद भी एक महत्वपूर्ण पहलू बन गए हैं। शिकायतकर्ता, जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य बताए जाते हैं, जबकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पहले भी सार्वजनिक मंचों पर राज्य नीतियों और धार्मिक मुद्दों पर बयान दे चुके हैं, जिससे विवाद और गहराया है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पॉक्सो जैसे मामलों में नाबालिगों की पहचान की गोपनीयता और साक्ष्यों की विश्वसनीयता निर्णायक होती है। अदालत की निगरानी में जांच आगे बढ़ेगी और इसी दौरान आरोप और बचाव दोनों की कसौटी तय होगी। प्रशासनिक स्तर पर भी शिकायतों की समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई की तैयारी चल रही है। यह विवाद यह भी दर्शाता है कि धार्मिक संस्थाओं और गुरुकुलों में कानूनी निगरानी और पारदर्शिता की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण है। समाज में धार्मिक नेताओं के व्यक्तित्व और उनके कार्यों के प्रति विश्वास और जवाबदेही दोनों की कसौटी अदालत और साक्ष्यों के सामने आएगी। आगे की सुनवाई 20 फरवरी को होने वाली है, जहां अदालत दोनों पक्षों के बयान सुनकर आगे की जांच और जवाबी कार्रवाई का रास्ता तय करेगी। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों की पारदर्शिता ही तय करेगी कि आरोप कितने सत्य हैं और किस तरह की कार्रवाई की जानी चाहिए।
सराय छोला थाना क्षेत्र में बदमाशों का खूनी हमला, घायल ससुर-दामाद ग्वालियर रेफर

मुरैना / मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के केन्थरी गांव में गुरुवार शाम को एक खौफनाक वारदात सामने आई, जिसने स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया। सराय छोला थाना क्षेत्र में बदमाशों ने ससुर-दामाद को घेरकर 12 राउंड फायरिंग की। दामाद देवेंद्र गुर्जर (24) की जांघ में गोली आर-पार हुई और सुसर औतार गुर्जर (50) के पैर को भी गोली चीरती हुई निकल गई। गोलीबारी के बाद मौके से पांच से अधिक खाली खोखे बरामद हुए। जानकारी के अनुसार, घायल ससुर-दामाद को फौरन नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर हालत के चलते उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया। दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना से जुड़े लोगों के मुताबिक, यह हमला एक दिन पहले हुई मारपीट और धमकी की घटनाओं का नतीजा था। बुधवार को गीताराम, गिर्राज, छोटू गुर्जर और उनके साथियों ने देवेंद्र गुर्जर और बबलू गुर्जर को नेशनल हाईवे-44 के जारह गांव चौराहे के पास घेरकर पीटा और धमकी दी थी कि अगर थाने में शिकायत की तो गोली मार दी जाएगी। पीड़ितों ने तुरंत सराय छोला थाना जाकर FIR दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाते हुए गुरुवार शाम करीब 5 बजे वही आरोपियों ने ससुर-दामाद को घेर लिया और फायरिंग शुरू कर दी। इस वारदात ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। घायलों के परिजनों के अनुसार, देवेंद्र की जांघ और औतार गुर्जर के पैर में गोली लगी थी। दोनों खून से सने हुए थे और उनकी हालत गंभीर थी। उन्हें इलाज के लिए तत्काल ग्वालियर रेफर किया गया। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि पहले की मारपीट और धमकी की घटनाओं के बावजूद आरोपियों की तलाश नहीं की गई थी, जिससे वारदात को अंजाम देने का मौका मिला। मामले में सीएसपी दीपाली चन्दौरिया ने बताया कि घायलों के बयान दर्ज करने के लिए पुलिस टीम ग्वालियर भेजी गई है और मौके से कुछ कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जाएंगे। यह घटना मुरैना जिले में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठाती है। पहले हुई धमकी और मारपीट के बावजूद सुरक्षा उपाय न किए जाने से ससुर-दामाद की जान खतरे में पड़ गई। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के घातक हमलों से बचा जा सके।
नागदा और शाहपुर में दर्दनाक सड़क हादसे, बुजुर्ग और युवक की मौत

नागदा /मध्यप्रदेश के नागदा और बैतूल जिले से सड़क हादसों की दुखद खबरें सामने आई हैं, जिन्होंने एक बार फिर रफ्तार के खतरों को उजागर किया है। नागदा में हुई पहली घटना में देर रात एक बुजुर्ग बाइक सवार की जान चली गई। घटना नागदा के 17 नंबर हाईवे स्टेट पर हुई, जब तेज़ रफ्तार ट्रक ने बुजुर्ग की बाइक को टक्कर मार दी। बुजुर्ग घर लौट रहे थे और अचानक हुए इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मंडी थाना क्षेत्र में मामला दर्ज किया गया। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों और आम आदमी पार्टी के नेता चेतन परमार ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए हाईवे पर स्पीड ब्रेकर और डिवाइडर बनाने की मांग की। लोगों ने चक्का जाम किया, जिसे पुलिस ने समझा-बुझाकर लगभग डेढ़ घंटे बाद खोलवाया। लोग सड़क सुरक्षा के लिए प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। दूसरी दर्दनाक घटना बैतूल जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुई। यहां गुरुवार की रात अधूरी पुलिया पर तूफान जीप और यात्री बस के बीच भीषण टक्कर हुई। चिचोली से पचमढ़ी जा रहे श्रद्धालुओं से भरी जीप को बस ने टक्कर मारी, और हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच मरीज लेने आई तेज़ रफ्तार हाईवे पेट्रोलिंग एम्बुलेंस ने घटनास्थल पर खड़े श्रद्धालुओं को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस पूरे हादसे में दो एम्बुलेंस कर्मियों समेत कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन और स्थानीय लोगों का कहना है कि रफ्तार और सड़क सुरक्षा पर गंभीर कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि ऐसे हादसों से आम जनता की जान बचाई जा सके। ये घटनाएं मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा की अनदेखी को उजागर करती हैं। तेज़ रफ्तार वाहन, अधूरी पुलिया, और सुरक्षित इंतजामों की कमी ने न केवल परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई बल्कि आम लोगों में भय और असुरक्षा की भावना भी पैदा कर दी है। हादसे के बाद लोगों की मांग है कि सड़कों पर स्पीड ब्रेकर और डिवाइडर की व्यवस्था की जाए, और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। मध्यप्रदेश के नागदा और शाहपुर की ये घटनाएं सबको सचेत करती हैं कि सड़क पर रफ्तार को नियंत्रित करना अब जीवन बचाने का सबसे बड़ा उपाय है। सुरक्षा की अनदेखी महंगी पड़ रही है, और प्रशासन एवं जनता दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे।
POCSO केस का साया, इंदौर में वेदांत तिवारी पर नया विवाद, पुलिस जांच में जुटी

इंदौर में राऊ थाना क्षेत्र के एक विवादित मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। जानकारी के अनुसार, वेदांत तिवारी और उनके दो साथियों पर रविवार की अलसुबह प्रखर और नयन नामक युवकों के साथ मारपीट का आरोप लगा। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर शिकायत दर्ज कराई और मामला अब पुलिस की जांच के दायरे में है। सूत्रों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है। वेदांत तिवारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में उन्होंने पहले एक नाबालिग लड़की के खिलाफ POCSO एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण का सामना किया था। उस समय आरोप था कि कोचिंग से लौट रही 13 वर्षीय बच्ची के साथ वेदांत द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया, लेकिन आगे की कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट नहीं है। परिवार का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई। हालिया विवाद में दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। प्रखर और नयन के परिवार का कहना है कि उनके बच्चों को चोटें आई हैं और वेदांत द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। दूसरी ओर, वेदांत ने भी आरोप लगाया कि उनके वाहन पर पथराव किया गया और उनके साथ मारपीट की गई। इस पर उन्होंने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पूर्व मामलों का प्रभाव मौजूदा विवादों पर भी पड़ सकता है। वेदांत तिवारी का नाम पहले से ही POCSO केस में दर्ज होने के कारण समाज और मीडिया में संवेदनशील माना जाता है। इस कारण से हालिया मारपीट का मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद के बढ़ने से इलाके में तनाव की स्थिति बन सकती है। इसलिए पुलिस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं और सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि कैसे पूर्व विवादों का असर नए मामलों पर पड़ता है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या राजनीतिक प्रभाव या सामाजिक दबाव मामलों की जांच और निष्पक्षता को प्रभावित करता है या नहीं। वर्तमान में मामला जांच के दायरे में है और जैसे ही पुलिस जांच पूरी होती है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक दोनों पक्षों की आपसी शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह विवाद सुर्खियों में बना रहेगा।
कुबेरेश्वर धाम रुद्राक्ष महोत्सव में पहुंचेंगे लाखों श्रद्धालु, होटल-लॉज फुल

सीहोर। मध्य प्रदेश के कुबेरेश्वर धाम में आगामी 14 फरवरी से रुद्राक्ष महोत्सव का आगाज होने जा रहा है। यह महोत्सव 20 फरवरी तक चलेगा। इसके लिए श्री विठ्ठलेश सेवा समिति और प्रशासन ने इस आयोजन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। महोत्सव को लेकर दो दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। वहीं जिला प्रशासन ने आयोजन की सफलता के लिए सैकड़ों की संख्या में अधिकारियों और पुलिस बल तैनात किया है, इसके अलावा विठलेश सेवा समिति ने भी यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के भोजन और अन्य व्यवस्था के लिए 12 सौ से अधिक सेवादार सेवा के लिए व्यवस्था की है। विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा आदि ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने गुरुवार को बताया कि सात दिवसीय ऐतिहासिक रुद्राक्ष महोत्सव आयोजित होगा। इसमें दुनिया भर के शिवभक्त शामिल होंगे। इस महोत्सव को लेकर शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के सभी होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला हाउस फुल हैं। शहर में भी सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धालुओं के ठहराने की व्यवस्था की है। नगर के अनेक मंदिर और संगठन ऐसे है जिन्होंने गत दिनों कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा का संकल्प निस्वार्थ रूप से लिया था। पूर्व में कांवडा यात्रा के दौरान भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए पूरे एक माह तक भोजन, पेयजल और चाय-नाश्ते आदि की व्यवस्था की गई थी, इसी तर्ज पर पूरा क्षेत्र श्रद्धालुओं की सेवा के लिए तैयार है। इस आयोजन के लिए जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। कथा के लिए स्थाई रूप से एक लाख 80 हजार स्कावर फीट का पंडाल तैयार किया गया है। अनुमान के मुताबिक, करीब एक लाख श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा भी तीन पंडाल लगाए गए है ताकि किसी को भी खुले आसमान के नीचे बैठकर कथा सुनने को मजबूर न होना पड़े। आयोजन स्थल पर ऐसी तैयारियां की जा रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न उठाना पड़े। चाक-चौबंद व्यवस्था बनाने में जुटा प्रशासन उन्होंने कहा कि चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में स्थित कार्यक्रम स्थल तक के रास्ते पर सभी आवश्यक व्यवस्था करने के लिए एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जा चुके है। कार्यक्रम स्थल पर चाक-चौबंद व्यवस्था के लिए अधिकारियों को कहा गया। उन्होंने बताया कि इस साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु भव्य महोत्सव में शामिल होंगे। जिसको लेकर प्रशासन व्यवस्था पूरी कर चुका है। महाराष्ट्र से आ रहे हैं 500 से अधिक स्वयंसेवक, अखंड हिंद फौज बालक-बालिका भी रहेंगे तैनातमध्य प्रदेश के सीहोर स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित भव्य शिवपुराण कथा और रुद्राक्ष महोत्सव 2026 के लिए सेवाभावी सदस्यों का उत्साह चरम पर है। आगामी 14 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में देश के विभिन्न कोनों से भक्तों का तांता लगेगा, जिनकी सुविधा और सेवा के लिए महाराष्ट्र से एक विशाल जत्था रवाना हो रहा है। सेवा ही परम धर्म का संकल्प ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यंÓ सेवाभावी ग्रुप संस्था के अध्यक्ष देविदास पाटिल और उपाध्यक्ष राजेंद्र सोनवणे के कुशल मार्गदर्शन में मालेगांव, नासिक और जलगांव सहित महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से 500 से अधिक सदस्य सीहोर पहुंचेंगे। संस्था का मूल मंत्र ‘सेवा ही परम धर्मÓ है, जिसके तहत ये सदस्य निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं। विशेषताएं और व्यवस्थाएं:-स्वयं का खर्च इस ग्रुप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सभी सदस्य अपने व्यक्तिगत खर्च पर कथा स्थल तक यात्रा करते हैं।अनुशासन: ग्रुप का एक निर्धारित ड्रेस कोड है, जिससे सेवा कार्य में एकरूपता और अनुशासन बना रहता है।बड़ा नेटवक:र् वर्तमान में इस संस्था से महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों के 1,000 से अधिक सदस्य जुड़ चुके हैं। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा बाची जाने वाली इस शिवपुराण कथा में सेवा देने के लिए मालेगांव के सदस्यों में विशेष उत्साह है। ग्रुप के पदाधिकारियों—सचिव कुणाल भावसार, सेक्रेटरी ऋषिकेश भंडारी, सदस्य जनार्दन धनवटे और पत्रकार प्रा. दिलीप एस. सोनवणे ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए ग्रुप पूरी तरह तैयार है।
नोरा फतेही का डबल वर्ल्ड कप धमाका, FIFA से T20 तक बनीं ग्लोबल स्टेज की शान

नई दिल्ली ।बॉलीवुड की ग्लैमरस और दमदार परफॉर्मर नोरा फतेही ने एक ऐसा इतिहास रच दिया है जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशिष्ट पहचान दिला दी है। नोरा अब उन चुनिंदा कलाकारों में शुमार हो गई हैं जिन्होंने फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ FIFA World Cup 2022 और क्रिकेट के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट ICC Men s T20 World Cup 2026 दोनों के मंच पर अपनी शानदार प्रस्तुति दी है। खास बात यह है कि वह ऐसा करने वाली बॉलीवुड की अकेली आर्टिस्ट बताई जा रही हैं। FIFA वर्ल्ड कप 2022 के क्लोजिंग सेरेमनी में नोरा की मौजूदगी सिर्फ एक परफॉर्मर तक सीमित नहीं रही। उन्होंने आधिकारिक एंथम Light The Sky में अपनी आवाज भी दी और लाइव मंच पर डांस के साथ गाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। दुनिया के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले स्पोर्टिंग इवेंट्स में से एक के मंच पर हिंदी में गाना गाकर उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और वैश्विक दर्शकों के सामने भारतीय संस्कृति की झलक पेश की। उनकी स्टेज प्रेजेंस कॉन्फिडेंस और एनर्जी ने यह साबित कर दिया कि वह इंटरनेशनल लेवल की परफॉर्मर हैं जो किसी भी मंच पर अपनी अलग छाप छोड़ सकती हैं। नोरा का यह ग्लोबल सफर यहीं नहीं थमा। अपने होम ग्राउंड मुंबई में आयोजित ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 की ओपनिंग सेरेमनी में भी उन्होंने जबरदस्त प्रस्तुति दी। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खचाखच भरे स्टेडियम में उन्होंने ऐसा जोश भरा कि दर्शक झूम उठे। उनकी एनर्जी डांस मूव्स और आत्मविश्वास ने पूरे माहौल को रोमांच से भर दिया। यह परफॉर्मेंस इस बात का सबूत थी कि नोरा सिर्फ इंटरनेशनल मंच पर ही नहीं बल्कि भारतीय दर्शकों के बीच भी उतनी ही लोकप्रिय और प्रभावशाली हैं। इस खास मौके की खुशी उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा की। इंस्टाग्राम पर इवेंट के वीडियो पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा T20 वर्ल्ड कप की ओपनिंग सेरेमनी और मेरा बर्थडे सेलिब्रेशन मैं लकी महसूस कर रही हूं! जय हिंद! उनके इस पोस्ट पर फैंस ने जमकर प्यार लुटाया और उन्हें बधाइयों से भर दिया। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो तेजी से वायरल हुए और उनकी उपलब्धि चर्चा का विषय बन गई। इस भव्य आयोजन में नोरा के साथ मशहूर रैपर बादशाह ने भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा जबकि युवा सितार वादक ऋषभ रिखीराम शर्मा ने अपनी मधुर धुनों से कार्यक्रम को खास बना दिया। सभी कलाकारों की प्रस्तुति ने समारोह में चार चांद लगा दिए लेकिन नोरा की परफॉर्मेंस खास आकर्षण का केंद्र रही। नोरा फतेही की यह उपलब्धि सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि भारतीय मनोरंजन जगत के लिए भी गर्व का क्षण है। FIFA और क्रिकेट वर्ल्ड कप जैसे दो वैश्विक आयोजनों में अपनी कला का प्रदर्शन कर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि भारतीय कलाकार अब विश्व मंच पर पूरी मजबूती से अपनी पहचान दर्ज करा रहे हैं।