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राजस्थान विधानसभा में 'अमर्यादित' आचरण: कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा पर अभद्र इशारे का आरोप, स्पीकर ने दिए वीडियो जांच के आदेश!

जयपुर। राजस्थान विधानसभा की गरिमा शुक्रवार को उस समय तार-तार होती दिखी, जब शून्यकाल के दौरान सदन का माहौल अचानक गरमा गया। आरोप है कि कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा ने सदन की कार्यवाही के दौरान कुछ ऐसे ‘अभद्र इशारे’ किए, जो लोकतांत्रिक संस्थान की मर्यादा के बिल्कुल विपरीत थे। भाजपा विधायकों ने इस मुद्दे को लेकर सदन में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया और संबंधित विधायक के खिलाफ निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। कैसे शुरू हुआ विवाद?मामले की जड़ें गुरुवार की घटना से जुड़ी बताई जा रही हैं, लेकिन शुक्रवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, भाजपा के वरिष्ठ विधायक श्रीचंद कृपलानी ने इस मुद्दे को पूरी प्रखरता के साथ उठाया। कृपलानी ने सीधे तौर पर रोहित बोहरा पर उंगली उठाते हुए कहा कि सदन की मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाला ऐसा व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि विधायक को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और उन पर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सदन की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है और पद की गरिमा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। स्पीकर वासुदेव देवनानी का सख्त रुखमामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि एक विधायक लाखों मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करता है और उसे बड़ी संख्या में लोग देखते हैं, इसलिए उसका आचरण आदर्श होना चाहिए। देवनानी ने आश्वासन दिया कि, “पूरे घटनाक्रम की वीडियो फुटेज देखी जाएगी। यदि वीडियो में विधायक का आचरण सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं पाया गया, तो नियमानुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”कांग्रेस का बचाव: ‘मुद्दे को तूल न दें’वहीं, कांग्रेस विधायक दल के सचेतक रफीक खान ने भाजपा के आरोपों का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि रोहित बोहरा अपनी सीट पर बैठे हुए थे और मामले को राजनीतिक द्वेष के चलते अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है। खान ने पुरानी परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी ऐसे विवादों को आपसी संवाद और बैठकों से सुलझाया जाता रहा है, इसलिए इस पर ‘मीडिया ट्रायल’ के बजाय संयम बरतना चाहिए। अब जांच पर टिकी निगाहेंफिलहाल राजस्थान की सियासत में पारा चढ़ा हुआ है। अब सारा दारोमदार विधानसभा अध्यक्ष की जांच पर है। वीडियो समीक्षा के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि रोहित बोहरा पर लगे आरोप कितने सटीक हैं। क्या विधायक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी या कांग्रेस इसे केवल राजनीतिक हमला करार देकर बचाव कर पाएगी, यह आने वाले वक्त में साफ हो जाएगा।

योगी का सपा पर तंज: मंत्री को नहीं पता था बिस्मिल और बिस्मिल्लाह खां का अंतर, अधिकारी भी नहीं पहचानते थे अपना चेहरा!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पुराने ‘तेवर’ में नजर आए। विपक्ष पर प्रहार करते हुए सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल के दौरान शिक्षा विभाग की प्रशासनिक अव्यवस्था और मंत्रियों की गंभीरता पर बड़े सवाल खड़े किए। मुख्यमंत्री ने एक बेहद चौंकाने वाला किस्सा साझा किया जिसमें सपा सरकार के एक पूर्व माध्यमिक शिक्षा मंत्री की ऐतिहासिक और सामान्य ज्ञान की कमी उजागर हुई।बिस्मिल और बिस्मिल्लाह खां में भ्रममुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि स्वतंत्रता सेनानी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के शहादत दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में सपा सरकार के शिक्षा मंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था। जब उन्हें बताया गया कि आज पंडित राम प्रसाद बिस्मिल का शहीदी दिवस है तो मंत्री जी बुरी तरह भ्रमित हो गए। उन्होंने क्रांतिकारी बिस्मिल को भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां समझ लिया।योगी आदित्यनाथ ने कहा मंत्री जी कहने लगे कि बिस्मिल्लाह खां को तो हाल ही में अवॉर्ड मिला है उन्हें फांसी कैसे दी जा सकती है? जब वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने उन्हें टोकते हुए बताया कि बात पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की हो रही है तो मंत्री जी ने अपनी गलती सुधारने के बजाय उस व्यक्ति को ही ‘भारतीय जनता पार्टी का समर्थक’ करार दे दिया। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि जिस सरकार के शिक्षा मंत्री को इन दो महान विभूतियों का अंतर न पता हो वहां अंधेर नगरी चौपट राजा वाली स्थिति थी। ऐसे में अगर बच्चे नकल नहीं करते तो क्या करते?मंत्री को नहीं पहचानते थे अधिकारीमुख्यमंत्री ने एक और संस्मरण सुनाया जब वह गोरखपुर के सांसद थे। उन्होंने बताया कि एक बार रेलवे स्टेशन पर कुछ अधिकारियों के बीच सपा सरकार के शिक्षा मंत्री भी मौजूद थे लेकिन कोई अधिकारी उनके सम्मान में खड़ा तक नहीं हुआ। जब योगी ने एक अधिकारी से पूछा कि क्या वे मंत्री के साथ आए हैं तो अधिकारी ने उल्टा सवाल किया- कौन से मंत्री? बाद में खुद मंत्री ने स्वीकार किया कि वे पिछले छह महीने से दफ्तर ही नहीं गए इसलिए अधिकारी उन्हें पहचानते ही नहीं।कानून से ऊपर कोई नहींकानून-व्यवस्था और धार्मिक मर्यादा पर बात करते हुए सीएम योगी ने प्रयागराज कुंभ का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता। आदि जगद्गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार पीठों और वेदों की एक गरिमा है जिसका पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

नेहरू, तिब्बत और पंचशील की 'ऐतिहासिक भूल'? सीडीएस अनिल चौहान ने बताया क्यों चीन के झांसे में आया था भारत!

नई दिल्ली/देहरादून। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा LACपर जारी तनाव के बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ CDSजनरल अनिल चौहान ने इतिहास के उन पन्नों को पलटा हैजिन्होंने आज की जटिल परिस्थितियों की नींव रखी। देहरादून में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीएस चौहान ने 1954 के चर्चित ‘पंचशील समझौते’ और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की रणनीतिक सोच पर विस्तार से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय भारत उत्तरी सीमा पर स्थिरता चाहता थालेकिन चीन की व्याख्या भारत से बिल्कुल भिन्न थी। तिब्बत की ‘बफर जोन’ वाली स्थिति का अंतजनरल चौहान के अनुसारब्रिटिश शासन के जाने के बाद भारत को अपनी सीमाओं का निर्धारण स्वयं करना था। लद्दाख और पूर्वोत्तर मैकमोहन रेखामें स्थिति धुंधली थी। इसी बीचचीन ने 1950 के दशक में तिब्बत पर कब्जा कर लिया। सीडीएस ने बताया कि उस समय चीन खुद को मजबूत कर रहा था और ल्हासा व शिनजियांग जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए उसे शांति की जरूरत थी। नेहरू को लगा कि पंचशील सिद्धांतों के माध्यम से उत्तरी सीमा का विवाद औपचारिक रूप से सुलझ गया है। इसी समझौते के तहत भारत ने आधिकारिक रूप से तिब्बत पर चीन के संप्रभु अधिकार को स्वीकार कर लियाजिससे सदियों पुराना ‘बफर जोन’ समाप्त होकर एक सक्रिय सीमा में बदल गया। भारत की ‘दोस्ती’ बनाम चीन की ‘चालाकी’सीडीएस ने रेखांकित किया कि आजाद भारतचीन को एक मजबूत दोस्त के रूप में देख रहा था और यहाँ तक कि संयुक्त राष्ट्र में चीन की स्थायी सीट का समर्थन भी किया। भारत का मानना था कि शिपकी लालिपुलेख और नीति जैसे छह महत्वपूर्ण दर्रों की पहचान व्यापार और तीर्थ यात्रा के लिए होने से सीमा की वैधता तय हो गई है। लेकिन चीन के मंसूबे कुछ और ही थे। चीन ने इसे कभी सीमा समझौता माना ही नहीं; उसके लिए यह केवल तिब्बत के साथ ‘व्यापार और आवागमन’ का एक अस्थाई माध्यम था।क्या था पंचशील समझौता?29 अप्रैल 1954 को हुए इस समझौते के पांच मुख्य स्तंभ थे: एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान। पारस्परिक अनाक्रमण एक-दूसरे पर हमला न करना)। आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना। समानता और पारस्परिक लाभ। शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व। यह समझौता 8 वर्षों के लिए वैध था। जनरल चौहान ने बताया कि भारत को लगा कि इस संधि के बाद उत्तरी सीमा सुरक्षित हैलेकिन 3 जून 1962 को जैसे ही इस समझौते की अवधि समाप्त हुईउसके कुछ ही समय बाद चीन ने भारत पर आक्रमण कर दिया। चीन का यह रुख कि यह केवल व्यापारिक समझौता हैसीमा विवाद से इसका लेना-देना नहीं आज भी एलएसी की संवेदनशीलता का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है।

रामायण का टीजर देख खड़े हो जाएंगे रोंगटे: रणबीर कपूर की राम अवतार में पहली झलक, सीता हरण और रावण का दिखेगा खौफ!

नई दिल्ली।मुंबई। भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्म ‘रामायण’ अब अपनी रिलीज की दिशा में तेजी से बढ़ रही है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म का इंतजार फैंस पलकें बिछाकर कर रहे हैं। हाल ही में एक रेडिट यूजर ने फिल्म के टीजर को लेकर कुछ ऐसे खुलासे किए हैं जिन्हें सुनकर फैंस का उत्साह दोगुना हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक मेकर्स ने टीजर को पूरी तरह एडिट कर लिया है और इसमें कहानी की एक भव्य झलक देखने को मिलेगी। कैसा होगा टीजर का नजारा?लीक हुई जानकारी के अनुसार फिल्म के तीन अलग-अलग टीजर एडिट किए गए हैं। एक प्रमुख वर्जन की शुरुआत पानी के अद्भुत शॉट्स और मोरों की खूबसूरती के साथ होती है। ड्रोन कैमरों के जरिए पूरी अयोध्या नगरी को “गोल्डन सिटी” के रूप में दिखाया गया है जो दर्शकों को एक अलग ही दुनिया में ले जाएगा। टीजर में राम और लक्ष्मण के बचपन से लेकर राजा दशरथ के प्रभावशाली शॉट्स शामिल हैं। संगीत के मोर्चे पर इसकी शुरुआत बांसुरी की मधुर धुन से होगी जो धीरे-धीरे एक भव्य ऑर्केस्ट्रा और अंत में भक्तिमय भजनों में तब्दील हो जाएगी। किरदारों की रहस्यमयी झलकटीजर में रणबीर कपूर को ‘भगवान राम’ के रूप में नदी में हाथ धोते हुए दिखाया गया है। दिलचस्प बात यह है कि माता सीता का किरदार निभा रही साई पल्लवी का पूरा चेहरा नहीं बल्कि सिर्फ उनकी आंखें और पैर दिखाए गए हैं जो उनके किरदार में रहस्य और पवित्रता का संचार करेंगे। वहीं रावण का किरदार निभा रहे यश YASH को सिंहासन पर बैठकर शंख बजाते हुए दिखाया गया है। टीजर का समापन बेहद भावुक और रोमांचक मोड़ पर होगा जिसमें सीता हरण का दृश्य दिखाया गया है लेकिन वहां भी सिर्फ हाथ खींचते हुए एक प्रतीकात्मक शॉट का इस्तेमाल किया गया है। 4000 करोड़ का मेगा बजट और दो भागों में कहानीनमित मल्होत्रा के निर्माण में बन रही ‘रामायण’ का कुल बजट लगभग 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है जो इसे भारत की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। सालों की रिसर्च और कड़ी मेहनत के बाद तैयार हुई इस फिल्म को दो भागों में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग इसी साल दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में दस्तक देगा जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 के लिए शेड्यूल किया गया है। इस फिल्म में रणबीर कपूर और साई पल्लवी के साथ-साथ सनी देओल यश रवि दुबे और अरुण गोविल जैसे दिग्गज कलाकार नजर आएंगे। हालांकि मेकर्स ने अभी तक टीजर की आधिकारिक रिलीज डेट घोषित नहीं की है लेकिन चर्चा है कि यह जल्द ही किसी बड़े सरप्राइज के रूप में सामने आएगा।

गणेश जी की फोटो के सामने ये सब?'… उदित नारायण का ड्रिंक करते वीडियो वायरल, ट्रोलर्स के निशाने पर आए सिंगर!

नई दिल्ली।मुंबई। अपनी मखमली आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले गायक उदित नारायण इस वक्त दोहरी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह अपने पुराने दोस्त और मशहूर गायक अभिजीत भट्टाचार्य के जन्मदिन की पार्टी में नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में उदित नारायण अभिजीत और म्यूजिक कंपोजर जतिन पंडित के साथ अपना सुपरहिट गाना पहला नशा पहला खुमार गाते हुए पार्टी का लुत्फ उठा रहे हैं। लेकिन इस जश्न ने उस वक्त विवाद का रूप ले लिया जब लोगों की नजर कमरे में रखी भगवान गणेश की तस्वीर पर पड़ी। वीडियो वायरल होते ही नेटिजन्स ने उदित नारायण को ट्रोल करना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि भगवान गणेश की प्रतिमा के ठीक सामने शराब का सेवन करना अनुचित है। एक यूजर ने लिखा कम से कम गणेश जी की फोटो पर पर्दा तो कर देते वहीं दूसरे ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा भगवान के सामने ये सब शोभा नहीं देता। यह वीडियो अभिजीत के बेटे जय ने साझा किया था जो अब चर्चा का केंद्र बना हुआ है। पहली पत्नी के सनसनीखेज आरोपवीडियो विवाद के बीच उदित नारायण पर उनकी पहली पत्नी रंजना नारायण ने बेहद शॉकिंग आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है। रंजना ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया है कि उदित नारायण और उनके भाइयों ने मिलकर साल 1996 में दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी सहमति के बिना उनका ‘गर्भाशय uterus निकलवा दिया था। रंजना के मुताबिक उन्हें इस बात का पता काफी समय बाद एक हेल्थ चेकअप के दौरान चला। रंजना का कहना है कि उनकी शादी 7 दिसंबर 1984 को हुई थी जिसके बाद उदित करियर बनाने मुंबई आ गए और वहां उन्होंने दीपा नारायण से दूसरी शादी कर ली। रंजना ने भावुक होते हुए मीडिया से कहा उदित जी सिर्फ वादे करते हैं लेकिन निभाते नहीं। मेरी तबीयत ठीक नहीं है और मुझे उनके सहयोग की जरूरत है लेकिन उन्होंने आज तक कुछ नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2006 में जब वह मुंबई आई थीं तो उन्हें गाली देकर घर से भगा दिया गया था। फिलहाल रंजना ने न्याय के लिए महिला पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया है। एक तरफ कानूनी शिकंजा और दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर धार्मिक मर्यादा को लेकर हो रही ट्रोलिंग ने उदित नारायण की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि इन गंभीर आरोपों पर गायक की क्या प्रतिक्रिया आती है।

ग्लैमर की दुनिया का काला सच: शराब ने छीन ली इन 6 सितारों की सांसें, किसी की 35 तो किसी की 38 साल में थमी जिंदगी!

नई दिल्ली।मुंबई। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री जितनी दौलत और शोहरत देती है, उतनी ही क्रूरता से यह चमक छीन भी लेती है। जब सफलता की रोशनी फीकी पड़ती है, तो अक्सर सितारे उस अकेलेपन को बर्दाश्त नहीं कर पाते। हाल ही में विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना ने उनके स्वास्थ्य को लेकर खुलासा किया कि वे एक दिन में 80 सिगरेट तक पी जाते थे और उन्हें शराब की भी सख्त मनाही थी। विनोद खन्ना तो कैंसर की जंग लड़ते हुए चले गए, लेकिन भारतीय सिनेमा में ऐसे कई नाम हैं जिन्होंने नशे के दलदल में डूबकर अपनी जीवनलीला ही समाप्त कर ली। मीना कुमारी ट्रेजेडी क्वीन:अपनी प्रोफेशनल लाइफ में सफलता के शिखर पर बैठी मीना कुमारी निजी जीवन में उतनी ही तन्हा थीं। वैवाहिक जीवन के तनाव और गहरे डिप्रेशन ने उन्हें शराब का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया। “ट्रेजेडी क्वीन” की यह शराब की लत “लिवर सिरोसिस” में बदल गई और महज 38 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। गुरु दत्त प्रतिभाशाली फिल्म मेकर:भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिभाशाली कलाकारों में से एक गुरु दत्त भी अपनी निजी समस्याओं से हार गए थे। डिप्रेशन के चलते वे शराब के इतने आदी हो गए कि उन्होंने शराब और नींद की गोलियों का एक खतरनाक मेल बना लिया। मात्र 39 साल की उम्र में इसी जानलेवा कॉम्बिनेशन ने एक महान कलाकार का अंत कर दिया। राजेश खन्ना पहला सुपरस्टार:बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने जितनी दीवानगी देखी, उतनी शायद ही किसी और ने देखी हो। लेकिन जब करियर ढलान पर आया, तो वे असफलता को स्वीकार नहीं कर पाए। सुपरस्टार के अकेलेपन ने उन्हें शराब के कटोरे में डुबो दिया। अत्यधिक शराब के सेवन ने उनके स्वास्थ्य को बुरी तरह बर्बाद किया, जो अंततः उनकी मौत का कारण बना। संजीव कुमार अभिनय के सम्राट:संजीव कुमार के परिवार में एक अनुवांशिक हृदय रोग था, जिसके कारण उनके परिवार के पुरुष कम उम्र में ही दुनिया छोड़ देते थे। डॉक्टरों ने उन्हें शराब से बचने की सख्त हिदायत दी थी, लेकिन वे इस लत को नहीं छोड़ सके। परिणाम स्वरूप, महज 47 साल की उम्र में हार्ट अटैक ने उनके शानदार करियर पर विराम लगा दिया। परवीन बॉबी ग्लैमरस दीवा:अपने समय की सबसे ग्लैमरस अभिनेत्री परवीन बॉबी सिज़ोफ्रेनिया Schizophreniaजैसी गंभीर मानसिक बीमारी और शराब की लत की शिकार थीं। उनका आखिरी समय गुमनामी और अकेलेपन में बीता, जहाँ शराब ने उनकी स्थिति को और भी बदतर बना दिया था। सिल्क स्मिता दक्षिण की सनसनी:दक्षिण भारतीय फिल्मों की सनसनी सिल्क स्मिता की कहानी सबसे दुखद मानी जाती है। करियर में गिरावट, कर्ज और रिश्तों में मिले धोखे ने उन्हें शराब की तरफ धकेला। महज 35 साल की उम्र में उनकी लाश उनके कमरे में लटकती पाई गई। आज भी उनकी मौत एक मिस्ट्री बनी हुई है क्योंकि वहां कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था।

हार्दिक पांड्या के लिए 'लेडी लक' बनीं महीका शर्मा: दिल्ली में गुलाबों के साथ दिया सरप्राइज, 'मैन ऑफ द मैच' को खास अंदाज में किया विश!

नई दिल्ली। वैलेंटाइन डे का खुमार इन दिनों पूरी दुनिया पर छाया हुआ है और भारतीय क्रिकेट के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या भी इससे अछूते नहीं हैं। वैलेंटाइन डे से ठीक पहले हार्दिक को अपनी गर्लफ्रेंड महीका शर्मा से एक बेहद खूबसूरत और बड़ा सरप्राइज मिला है। महीका न केवल हार्दिक से मिलने दिल्ली पहुंचीं, बल्कि उन्होंने अपने प्यार का इजहार एक विशाल गुलाब के गुलदस्ते के साथ किया, जिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। महीका शर्मा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक स्टोरी साझा की है, जिसमें वह हार्दिक को फूलों का बड़ा बुके भेंट करती नजर आ रही हैं। इस खास पल को शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, मैं सही समय पर दिल्ली पहुंच गई हूं। मेरी लाइफ के ‘मैन ऑफ द मैच’ के साथ भारत की जीत का जश्न मना रही हूं। हार्दिक ने भी इस प्यार को उतनी ही गर्मजोशी से स्वीकार किया और महीका की पोस्ट को अपनी स्टोरी पर रिशेयर करते हुए लिखा, वैलेंटाइन और मेरे बेबी का बर्थडे वीक शुरू हो गया है। इस पोस्ट से साफ है कि यह जोड़ा न केवल वैलेंटाइन डे बल्कि जल्द ही आने वाला महीका का जन्मदिन भी साथ में सेलिब्रेट करने वाला है। गौरतलब है कि हार्दिक और महीका अब अपने रिश्ते को लेकर काफी मुखर हो गए हैं। दोनों अक्सर सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के प्रति प्यार जाहिर करते रहते हैं और छुट्टियों से लेकर हर छोटे-बड़े त्यौहार को साथ मनाते देखे जाते हैं। कुछ समय पहले हार्दिक ने अपनी शानदार फॉर्म और मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन का श्रेय भी महीका को दिया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनके जीवन में महीका के आने के बाद से सब कुछ सकारात्मक हो रहा है और वह उनके लिए ‘बेस्ट पार्टनर’ साबित हुई हैं। हार्दिक की निजी जिंदगी पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। नताशा स्टेनकोविक के साथ चार साल की शादी और एक भव्य पारंपरिक विवाह समारोह के बाद दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया था। तलाक के समय दोनों ने एक भावुक नोट साझा करते हुए कहा था कि एक परिवार के रूप में बढ़ने के बावजूद अलग होना उनके लिए एक कठिन लेकिन जरूरी फैसला था। रिश्तों के इस नए अध्याय में सबसे सुखद बात यह है कि महीका शर्मा न केवल हार्दिक के करीब हैं, बल्कि वह उनके बेटे अगस्त्य के साथ भी काफी अच्छा तालमेल रखती हैं। कई मौकों पर महीका को अगस्त्य के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करते देखा गया है, जो यह दर्शाता है कि हार्दिक अपनी नई जिंदगी और पिता की जिम्मेदारियों के बीच एक बेहतरीन संतुलन बना रहे हैं। फिलहाल, दिल्ली की गलियों में इस जोड़ी का वैलेंटाइन सेलिब्रेशन टॉक ऑफ द टाउन बना हुआ है।

रश्मिका-विजय की शादी पर नेटफ्लिक्स का 60 करोड़ का दांव: ठुकराया मेगा ऑफर, प्राइवेसी के लिए कपल ने लिया बड़ा फैसला!

नई दिल्ली/हैदराबाद दक्षिण भारतीय सिनेमा के सबसे चर्चित और चहेते कपल, रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी की खबरें इन दिनों हर तरफ छाई हुई हैं। लंबे समय से एक-दूसरे को डेट कर रहे इस जोड़े को लेकर ताजा अपडेट यह है कि ओटीटी दिग्गज नेटफ्लिक्स ने उनकी शादी की एक्सक्लूसिव स्ट्रीमिंग के लिए 60 करोड़ रुपये का भारी-भरकम ऑफर दिया था। लेकिन, फैंस को बड़ा झटका देते हुए खबर आ रही है कि रश्मिका और विजय ने इस लुभावने ऑफर को ठुकरा दिया है। तेलुगु मीडिया पोर्टल्स के मुताबिक, नेटफ्लिक्स चाहता था कि इस लग्जरी डेस्टिनेशन वेडिंग के हर पल को कैमरे में कैद कर उसे अपने प्लेटफॉर्म पर एक स्पेशल फिल्म के रूप में दिखाया जाए। इससे पहले अभिनेत्री नयनतारा और विग्नेश शिवन ने अपनी शादी के राइट्स नेटफ्लिक्स को लगभग 25 करोड़ रुपये में बेचे थे, लेकिन रश्मिका और विजय को दिया गया यह ऑफर उससे दोगुने से भी ज्यादा था। रिपोर्टों की मानें तो यह जोड़ा अपनी शादी को बेहद निजी रखना चाहता है और अतीत के कुछ विवादों को देखते हुए वे किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते। शादी की तारीख को लेकर चर्चा है कि दोनों 26 फरवरी को सात फेरे ले सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अब तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। हाल ही में जब रश्मिका को एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया, तो पैपराजी ने उनसे शादी के न्योते को लेकर सवाल किया। इस पर ‘नेशनल क्रश’ रश्मिका सिर्फ मुस्कुराती और शर्माती नजर आईं। जब उनसे सीधे तौर पर पूछा गया, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में बात को टालते हुए कहा, “अभी तो फिल्म रिलीज… कुछ करना पड़ेगा।” रश्मिका और विजय के रिश्तों की शुरुआत साल 2018 में फिल्म ‘गीता गोविंदम’ के सेट से हुई थी। तब से लेकर आज तक दोनों कई बार साथ में वेकेशन मनाते देखे गए हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी सार्वजनिक रूप से अपने रिश्ते को स्वीकार नहीं किया। प्रोफेशनल फ्रंट पर बिजी है यह जोड़ीशादी की खबरों के बीच दोनों कलाकार अपने काम में भी काफी व्यस्त हैं। रश्मिका जल्द ही शाहिद कपूर और कृति सेनन के साथ फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में नजर आएंगी। इसके अलावा वह शाहिद के साथ एक और अनाम बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं। वहीं, विजय देवरकोंडा अपनी फिल्म ‘राणाबली’ की तैयारी में जुटे हैं, जो इसी साल सितंबर में रिलीज होने वाली है। इसके साथ ही उनकी पैन-इंडिया फिल्म ‘राउडी जनार्दन’ को लेकर भी दर्शकों में काफी उत्साह है। अब देखना यह है कि क्या 26 फरवरी को यह जोड़ी वाकई अपने रिश्ते को नया नाम देती है या फैंस को थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा।

डॉक्टर से 'धोखा' और 68 दिनों का 'वनवास': सुप्रीम कोर्ट ने विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को उदयपुर जेल से रिहा करने का दिया आदेश!

नई दिल्ली/उदयपुर। बॉलीवुड के जाने-माने निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। लगभग दो महीने से सलाखों के पीछे रहने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने इस दंपत्ति को धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में जमानत दे दी है। 7 दिसंबर को जेल भेजे गए विक्रम और उनकी पत्नी को 13 फरवरी को रिहा करने का आदेश दिया गया, जिससे लंबे समय से चल रहे कानूनी तनाव पर फिलहाल विराम लगा है। क्या है पूरा मामला?यह पूरा विवाद इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनियों और इंदिरा IVF हॉस्पिटल के संस्थापक डॉक्टर अजय मुर्डिया की शिकायत से शुरू हुआ। डॉक्टर मुर्डिया का आरोप है कि विक्रम भट्ट और उनके सहयोगियों ने उनकी दिवंगत पत्नी के जीवन पर एक “बायोपिक” बनाने का वादा किया था। इस प्रोजेक्ट के नाम पर भट्ट ने उनसे 30 करोड़ रुपये लिए और यह भरोसा दिलाया कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ रुपये तक की कमाई करेगी। हालांकि, समय बीतने के साथ न तो फिल्म का काम शुरू हुआ और न ही कोई ठोस प्रोजेक्ट सामने आया। डॉक्टर का दावा है कि पैसे लेने के बाद विक्रम भट्ट ने उनका फोन उठाना और संदेशों का जवाब देना पूरी तरह बंद कर दिया था। कानूनी कार्यवाही और जेल की यात्राजब संवाद के सारे रास्ते बंद हो गए, तो डॉक्टर ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। मामला अदालत तक पहुँचा और उदयपुर की सीजेएम कोर्ट-4 ने विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को 9 दिसंबर 2025 को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। रिमांड खत्म होने के बाद, उन्हें उदयपुर सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। बीच में खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए राजस्थान हाई कोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई गई थी, लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद भट्ट के वकीलों ने देश की सर्वोच्च अदालत का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख और आदेशपीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए विक्रम और श्वेतांबरी को रिहा करने का आदेश पारित किया। कोर्ट ने निचली अदालत (CJM) को जमानत की नियम और शर्तें तय करने का निर्देश दिया है। हालांकि, राहत के साथ-साथ कोर्ट ने इस मामले में राजस्थान सरकार और शिकायतकर्ता डॉक्टर मुर्डिया से जवाब भी तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी के लिए तय की गई है। मुसीबतें अभी कम नहीं हुई हैंविक्रम भट्ट के लिए मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। इसी साल जनवरी में एक अन्य बिजनेसमैन ने भी उन पर और उनकी बेटी कृष्णा भट्ट पर 13.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। यह नया केस मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दर्ज है, जिसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कर रही है। ऐसे में, उदयपुर मामले में बेल मिलने के बावजूद, निर्देशक को अन्य कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

पिच धीमी, इरादे खतरनाक: जिम्बाब्वे की जीत ने खोला रास्ता, भारत और पाकिस्तान के 'स्पिन हथियार' तैयार!

नई दिल्ली। /कोलंबो क्रिकेट की दुनिया में जब भी भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होती हैं, तो रोमांच अपने चरम पर होता है। लेकिन इस बार रविवार को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाली भिड़ंत केवल बल्लेबाजों के पावर-प्ले या तेज गेंदबाजों की रफ्तार तक सीमित नहीं रहेगी। टी20 विश्व कप 2026 के हालिया मैचों, विशेषकर जिम्बाब्वे द्वारा ऑस्ट्रेलिया को दी गई करारी शिकस्त ने यह साफ कर दिया है कि यहाँ की पिच अब स्पिनरों के लिए स्वर्ग बन चुकी है। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने जिस तरह धीमी गेंदों का जाल बुनकर कंगारू बल्लेबाजों को 23 रन से मात दी, उसने भारतीय और पाकिस्तानी खेमे के स्पिनरों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। इस महामुकाबले में सबकी नजरें भारत के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती पर टिकी होंगी। पिछले आईपीएल सीजन के दौरान चक्रवर्ती ने अपनी गेंदबाजी में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। उनकी साइडस्पिन अब ओवरस्पिन में तब्दील हो चुकी है, जिससे उन्हें हवा में और पिच पर अतिरिक्त उछाल मिलता है। पूर्व दिग्गज स्पिनर सुनील जोशी का मानना है कि वरुण की सबसे बड़ी ताकत उनकी रफ्तार और लेंथ का मिश्रण है। औसतन 95 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले वरुण को इस धीमी पिच पर अपनी गति थोड़ी कम करनी पड़ सकती है, लेकिन उनकी लेंथ इतनी सटीक है कि बल्लेबाज न तो पीछे हटकर पुल मार सकता है और न ही आगे बढ़कर बड़े शॉट खेल सकता है। विशेष रूप से बाबर आजम, जो चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए वरुण के खिलाफ पहले भी असहज दिखे हैं, उनके लिए यह चुनौती और भी कठिन होने वाली है। दूसरी ओर, पाकिस्तान के पास भी वरुण चक्रवर्ती का एक तोड़ उस्मान तारिक के रूप में मौजूद है। तारिक का अनोखा पॉज एंड स्लिंग एक्शन क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। क्वेटा ग्लैडिएटर्स के जीएम नबील हाशमी के अनुसार, तारिक का एक्शन गेंद को बल्लेबाज की आई लाइन यानी आंखों के स्तर से नीचे रखने में मदद करता है, जिससे उन्हें हिट करना नामुमकिन जैसा हो जाता है। उनके खिलाफ खेलना किसी यॉर्कर को खेलने जैसा कठिन है। तारिक एक परिपक्व गेंदबाज हैं जो बल्लेबाज के दिमाग को पढ़ने में माहिर हैं और उनका मिस्ट्री एक्शन भारतीय बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ने का दमखम रखता है। पाकिस्तान के पास केवल तारिक ही नहीं, बल्कि अबरार अहमद जैसा घातक लेग-स्पिनर भी है। अबरार को भले ही थोड़ा कमतर आंका जाता हो, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनके 49 विकेटों का आंकड़ा उनकी काबिलियत बयां करता है। इनमें से 34 विकेट उन्होंने अपनी जादुई गुगली और कैरम बॉल के दम पर झटके हैं। श्रीलंका के पूर्व स्पिनर उपुल चंदना का कहना है कि प्रेमदासा का ट्रैक स्पिनरों को भरपूर मदद देता है। यहाँ बस सही जगह पर गेंद को पिच करने की जरूरत है, बाकी का काम पिच की नमी और टर्न खुद-ब-खुद कर देती है। कुल मिलाकर, रविवार का मैच केवल दो देशों की जंग नहीं, बल्कि मिस्ट्री स्पिन बनाम तकनीकी बल्लेबाजी का मुकाबला होगा। कोलंबो की इस पिच पर जो भी टीम स्पिन के इस शतरंज को बेहतर तरीके से खेलेगी, जीत का सेहरा उसी के सिर बंधेगा