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Passport Index 2026: पासपोर्ट रैंकिंग में भारत की तरक्की, लेकिन इन दो देशों में मिला तगड़ा झटका

नई दिल्ली। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत की रैंकिंग में सुधार देखा गया है. इसमें सुधार की स्थिति 2026 के जनवरी महीने में भी देखी गई है. वहीं भारतीयों के लिए बिना वीजा के घूमने वाली जगह की संख्या कम हो गई है. कौन से वो देश हैं जहां भारत बिना वीजा के नहीं जा सकता है? हेनले पासपोर्ट इंडेक्स का लेटेस्ट एडिशन सामने आया है. इस इंडेक्स में भारत के लिए एक अजीब ट्विस्ट है. अगर कागजो पर गौर करें तो देश की ग्लोबल मोबिलिटी स्थिति में सुधार हुआ है. इसके बाद भी जब आप रॉ नंबर्स पर नजर डालें तो हैं, तो भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स को पिछले साल की तुलना में बिना पहले से पेपरवर्क के असल में थोड़ी कम जगहों पर जाने का मौका मिलता है. यानी हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में रैकिंग देखें तो भारत का सुधार हुआ है मगर बिना वीजा घूमने वाले देश थोड़े कम हो गए हैं. हेनले पासपोर्ट रैंकिंग पर गौर करें तो भारत 2026 में 75वें स्थान पर होगा. ये 2025 में 85वें स्थान पर था ऐसे में 10 अंकों की सुधार देखी गई है. एक तरफ गौर करें इस साल जनवरी की तो इसी महीने भी ये 80वें स्थान पर था और सिर्फ़ एक महीने में रैंकिंग में इस सुधार की स्थिति को देखा गया है. वहीं दूसरी तरफ वीजा लिए बिना जाने वाले कुल डेस्टिनेशन की संख्या अभी 56 है. यह जनवरी 2026 के 55 से ज्यादा है, लेकिन 2025 में रिकॉर्ड किए गए 57 डेस्टिनेशन से अभी भी कम है. हेनले पासपोर्ट इंडेक्स क्या है?हेनले एंड पार्टनर्स का पब्लिश किया हुआ, हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 227 अलग-अलग ट्रैवल डेस्टिनेशन के 199 पासपोर्ट को इस आधार पर रैंक करता है कि उनके होल्डर डिपार्चर से पहले बिना वीजा लिए कितनी डेस्टिनेशन तक जा सकते हैं. यह रैंकिंग इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के डेटा पर आधारित है. इसकी स्कोरिंग मेथडोलॉजी में वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइज़ेशन शामिल हैं. आसान शब्दों में कहें तो, बिना एडवांस पेपरवर्क के जितनी ज्यादा जगहों पर जाया जा सकता है, पासपोर्ट का मोबिलिटी स्कोर उतना ही मजबूत होता है. भारत ने ये दो देश खो दिए2025 में भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स के पास 57 वीजा-फ़्री (वीजा-ऑन-अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइज़ेशन शामिल) जगहों तक एक्सेस था. 2026 की शुरुआत तक यह संख्या घटकर 55 (26 जनवरी) हो गई, फिर 56 (फरवरी 2026) पर आ गई. इस कमी के लिए ईरान और बोलीविया जिम्मेदार दो देश थे. ईरान ने नवंबर 2025 में आम भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स के लिए अपनी वीजा-फ़्री एंट्री सस्पेंड कर दी थी. यह फैसला भारतीय नागरिकों से जुड़े धोखाधड़ी और ट्रैफिकिंग के कई मामलों के बाद आया, जिन्हें झूठे जॉब ऑफ़र देकर इस्लामिक रिपब्लिक में फुसलाया गया और फिर फिरौती के लिए किडनैप कर लिया गया.

शिवपुरी हॉस्टल के तीन छात्र भागे, मुंबई में हीरो बनने का सपना, पुलिस ने समय रहते ढूंढा

शिवपुरी /मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नौहरी चक स्थित राजपूत हॉस्टल से बुधवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में तीन नाबालिग छात्र अचानक लापता हो गए। परिजन और हॉस्टल प्रशासन के चिंता में पड़ते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। कोतवाली थाना पुलिस ने 80 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर छात्रों की लोकेशन गुना तक ट्रेस की और वहां से उन्हें सकुशल बरामद कर लिया। जांच में सामने आया कि तीनों छात्र हॉस्टल से अपनी मर्जी से मुंबई जाने निकले थे, ताकि वहां जाकर हीरो बनने का सपना पूरा कर सकें। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की और देर शाम उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने बताया कि बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही उन्होंने आसपास के बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और रिश्तेदारों के यहां खोजबीन की, लेकिन रात तक किसी तरह की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित की और पूरे मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने बच्चों की जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बनाई गई विशेष टीम ने शिवपुरी और गुना के 50 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जांच में पता चला कि तीनों छात्र गुना की ओर गए हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम गुना पहुंची और वहां बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले। आखिरकार तीनों छात्र गुना रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित पाए गए। पुलिस ने बताया कि छात्र पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी कोई हानि नहीं हुई। अब तीनों को उनके परिवार के पास लौटा दिया गया है। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि नाबालिग छात्रों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है। सुरक्षा उपायों और सीसीटीवी निगरानी की मदद से एक बड़ी अनहोनी टल गई और तीनों बच्चों को सुरक्षित घर लौटाया जा सका।

पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा स्थल पर 65 वर्षीय महिला की अचानक मृत्यु, दिल दहला देने वाला हादसा

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में शुक्रवार को पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा के दौरान एक दुखद घटना हुई, जब उत्तर प्रदेश की 65 वर्षीय पुष्पा देवी का हार्ट अटैक से निधन हो गया। पुष्पा देवी इटावा की रहने वाली थीं और दो दिनों से डबरा के नवग्रह शक्ति पीठ में कथा सुन रही थीं। शुक्रवार को जैसे ही वह पंडाल में अपनी जगह पर बैठीं, अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। उनके परिजन और आसपास मौजूद श्रद्धालु तुरंत मदद के लिए आगे बढ़े। रिश्तेदार संतोष सोनी ने बताया कि वे सुबह समय पर कथा स्थल पहुंचे थे और महिला के अचेत होने पर उन्होंने CPR देने की कोशिश की, लेकिन पुष्पा देवी के मुंह से झाग निकलने लगा। तुरंत उन्हें कथा परिसर में बने अस्थायी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुष्पा देवी लंबे समय से दिल की बीमारी से जूझ रही थीं। लगभग दो साल पहले उन्हें गंभीर समस्या हुई थी, जिसके बाद से उनका इलाज चल रहा था। बीमार होने के बावजूद वह भगवान शिव के प्रति अपनी गहरी आस्था के कारण डबरा आई थीं और अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरकर कथा में भाग ले रही थीं। वह अपनी ननद के साथ इटावा से आई थीं और सराफा बाजार स्थित रिश्तेदारों के घर में रुकी हुई थीं। पंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार, भगवान को खोजने की जरूरत नहीं है, वह आपके हृदय में हैं। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर बाबाओं के चक्कर में पड़ते हैं कि भगवान से मिलवा दो, जबकि प्रभु तो आपके अंदर हैं। इस कथा का आयोजन नवग्रह पीठ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत किया जा रहा था और यह 14 से 16 फरवरी तक चलने वाली थी। शुक्रवार को पंडित मिश्रा की कथा का अंतिम दिन था। पुष्पा देवी की मृत्यु के बाद कथा स्थल पर भारी शोक का माहौल बन गया। ग्रामीण अंचल की महिलाओं में आने का सिलसिला प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। डबरा के एएसपी जयराज कुबेर ने बताया कि व्यवस्था बनाने में पुलिस जुटी हुई है और रेलवे पुलिस भी मुस्तैद है। दो स्पेशल ट्रेनें प्लेटफॉर्म पर खड़ी हैं, जिनमें से एक ग्वालियर की ओर और दूसरी झांसी की ओर जा रही है। यह घटना डबरा में नवग्रह मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के पहले ही दिन 10 फरवरी को हुई भगदड़ की याद दिला देती है, जिसमें 70 वर्षीय रति साहू की मौत हो गई थी और बच्ची समेत आठ लोग घायल हुए थे। भगदड़ तब मची थी जब कलश यात्रा से पहले पुलिसकर्मियों ने अचानक स्टेडियम का गेट खोल दिया, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई थी। रति साहू की बहू ने पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए थे।इस प्रकार डबरा में दो हफ्तों में दो दर्दनाक घटनाएं हुईं, जो भक्तों और स्थानीय प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।

ओंकारेश्वर में मुफ्त माल के लिए दौड़-धूप, विधायक नारायण पटेल ने संभाला मोर्चा..

खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में तहसील कार्यालय के पास गुरुवार को बेतुकी लूटपाट का नजारा देखने को मिला। राजस्व विभाग द्वारा सड़क किनारे व्यापारियों से जब्त किए गए धनिया, मिर्ची, हल्दी और जीरे के पैकेटों को लेकर लोगों में हड़बड़ी और भटकाव मच गया। सूत्रों के अनुसार, व्यापारियों की नाराजगी तब चरम पर पहुंची जब उन्होंने देखा कि जप्त मसाले को कोटवार और मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने आपस में बाँटकर सड़क पर बिखेर दिया। स्थिति ऐसी बन गई कि ओंकारेश्वर विधायक नारायण पटेल को थाने पर फोन करके पुलिस बुलानी पड़ी। व्यापारी पहले तहसीलदार से शिकायत लेकर नगर परिषद कार्यालय जा रहे थे, तभी उन्होंने मसालों की लूट और बिखराव देखा। करीब तीन घंटे तक कार्यालय परिसर और मुख्य सड़क पर हंगामा चलता रहा। महिला व्यापारियों ने पुलिस और प्रशासन पर जमकर नाराजगी जताई और खरी-खोटी सुनाई। घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अनोख सिंह सिंधिया दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और 112 पुलिस वाहन भी घटनास्थल पर तैनात किया गया। विधायक ने दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। अब सवाल यह है कि जप्त माल की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और यदि लूटपाट हुई है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा। प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी लोगों के सवाल बढ़ गए हैं।

शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन, 22 फरवरी को पूर्वभाद्रपद में करेंगे प्रवेश, इन राशियों को मिलेगा खास लाभ

नई दिल्ली। फरवरी के अंतिम सप्ताह में एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय बदलाव होने जा रहा है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 22 फरवरी को शुक्र ग्रह राहु के नक्षत्र शतभिषा से निकलकर पूर्वभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। वैदिक ज्योतिष में शुक्र को सुख, प्रेम, सुंदरता, कला, वैभव और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना गया है। जब भी शुक्र नक्षत्र परिवर्तन करता है, इसका असर हमारे संबंधों, आर्थिक स्थिति और जीवन की समग्र स्थिति पर महसूस किया जाता है। पूर्वभाद्रपद नक्षत्र को ज्योतिष में विचारशीलता और आध्यात्मिक झुकाव से जोड़ा जाता है। शुक्र का इस नक्षत्र में प्रवेश कई लोगों के लिए सोच में बदलाव, नए अवसर और संबंधों में सुधार लेकर आ सकता है। किन राशियों को मिलेगा विशेष लाभमेष राशिमेष राशि वालों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन सामाजिक दायरे को बढ़ाने वाला है। नए लोगों से संपर्क और नेटवर्किंग से लाभ मिलेगा। आर्थिक मामलों में धीरे-धीरे सुधार होगा और प्रेम संबंधों में सकारात्मक संवाद से रिश्ते मजबूत होंगे। मिथुन राशिमिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और प्रतिष्ठा में उन्नति का संकेत देता है। काम की सराहना होगी और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। खासकर जो लोग क्रिएटिव क्षेत्रों से जुड़े हैं, उन्हें विशेष लाभ मिलेगा। सिंह राशिसिंह राशि वालों के लिए साझेदारी और दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। अटके हुए कार्य आगे बढ़ सकते हैं और आर्थिक योजनाओं में समझदारी से किया गया निवेश भविष्य में लाभकारी साबित होगा। तुला राशितुला राशि के स्वामी शुक्र का यह परिवर्तन राहत और नए अवसर दोनों लाएगा। कार्यक्षेत्र में नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक संतुलन बना रहेगा। मकर राशिमकर राशि के जातकों के लिए धन और संसाधनों से जुड़े मामलों में लाभ के संकेत हैं। परिवार में सुखद माहौल रहेगा और नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल रहेगा।

IND vs PAK: भारत-पाक मैच से पहले अंजुम चोपड़ा का बड़ा बयान, टीम इंडिया को दी अहम सलाह

नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को होने वाला मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं बल्कि हाई-वोल्टेज टक्कर होने जा रहा है. दोनों टीमें इस महामुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन मैच से पहले परिस्थितियों को लेकर एक बड़ा फर्क साफ नजर आ रहा है. पाकिस्तान की टीम पिछले दो हफ्तों से श्रीलंका में रहकर मैच खेल रही है, जबकि भारतीय टीम अब तक अपने सभी मुकाबले भारत में ही खेलती आई है. ऐसे में श्रीलंकाई पिच और मौसम से तालमेल बिठाने के मामले में पाकिस्तान को थोड़ी बढ़त मिल सकती है. इसी मुद्दे पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान और मौजूदा कॉमेंटेटर अंजुम चोपड़ा ने टीम इंडिया को खास सलाह दी है. उनका मानना है कि भारतीय टीम मजबूत जरूर है, लेकिन इस फॉर्मेट में किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है. अंजुम चोपड़ा ने दी अहम सलाह एक बातचीत के दौरान अंजुम चोपड़ा ने कहा कि भारतीय टीम जीत की प्रबल दावेदार है, लेकिन वो ओवरकॉन्फिडेंस से बचना चाहेंगी. उनका मानना है की टी20 एक ऐसा फॉर्मेट में जहां कभी भी गेम बदल सकता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान पहले से ही कोलंबो में खेल रहा है और वहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ है. भारतीय टीम के पास मैच से पहले सीमित समय है, इसलिए इन 48 घंटों का सही इस्तेमाल बेहद अहम होगा. उनका मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों को जल्द से जल्द पिच की प्रकृति और मौसम के हिसाब से अपनी रणनीति तैयार करनी होगी, ताकि मैच के दिन किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. अभिषेक नहीं तो संजू तैयार विकल्प ओपनिंग संयोजन को लेकर भी चर्चा तेज है. अगर अभिषेक शर्मा फिट नहीं हो पाते हैं, तो विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को मौका मिल सकता है. हाल ही में नामीबिया के खिलाफ उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप में डेब्यू करते हुए 8 गेंदों पर 22 रन बनाए थे.ट अंजुम चोपड़ा का साफ कहना है कि संजू को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं होनी चाहिए. उनके मुताबिक, संजू एक मैच विनर खिलाड़ी हैं और जरूरत पड़ने पर टीम के लिए अहम योगदान दे सकते हैं.

भारतीय पासपोर्ट 10 पायदान ऊपर, पर ईरान और बोलिविया ने बंद कर दी वीजा फ्री एंट्री

नई दिल्ली । भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग में सुधार हुआ है, लेकिन इसके साथ ही दो देशों ने भारतीयों के लिए वीजा फ्री एंट्री बंद कर दी है। हेनले एंड पार्टनर्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अब भारतीय पासपोर्ट वैश्विक सूची में 75वें स्थान पर पहुंच गया है। 2025 में यह रैंक 85वीं थी, और साल की शुरुआत में 80वीं थी। हालांकि भारत की रैंकिंग में सुधार आया है, लेकिन वीजा फ्री सुविधा वाले देशों की संख्या घटकर 56 रह गई है। 2025 में भारतीय पासपोर्ट धारक 57 देशों में बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल यात्रा कर सकते थे। वीजा फ्री सुविधा बंद करने वाले देशईरान ने नवंबर 2025 में भारतीय सामान्य पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा फ्री सुविधा निलंबित कर दी। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस कदम के पीछे वहां हुई अपहरण और फिरौती की घटनाएं थीं। इसी तरह, बोलिविया ने भी भारतीयों के लिए वीजा ऑन अराइवल सुविधा बंद कर दी। इसके बजाय इस देश ने ई-वीजा प्रणाली लागू की, जिसके तहत भारतीयों को ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी हो गया। फिलहाल, गाम्बिया ने फरवरी 2026 में भारतीयों के लिए वीजा ऑन अराइवल सुविधा शुरू की है, जिससे यह संख्या 56 देशों तक पहुंची। रैंकिंग में सुधार का कारणहालांकि दो देशों की वीजा सुविधा घटने से भारत की पहुंच घट गई, फिर भी हेनले इंडेक्स के रिलेटिव सिस्टम के कारण रैंकिंग में सुधार देखा गया। हेनले इंडेक्स में देशों की रैंकिंग अन्य देशों के मुकाबले निर्धारित होती है। अगर अन्य देशों ने अपनी पहुंच खोई है, तो भारत की रैंकिंग में सुधार दिखाई देता है। इस बार भारत 75वीं रैंक पर है, जो अल्जीरिया और नाइजर के साथ साझा की जा रही है। पासपोर्ट रैंकिंग कैसे तय होती हैहेनले इंडेक्स 199 देशों के पासपोर्ट को विभिन्न आधारों पर रैंक करता है। इसमें देखा जाता है कि किसी देश के पासपोर्ट धारक कितने देशों में वीजा फ्री एंट्री या वीजा ऑन अराइवल का लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा बॉर्डर पर जारी विजिटर परमिट और बेसिक इलेक्ट्रॉनिक ट्रेवल ऑथराइजेशन (ETA) के अंक भी जोड़े जाते हैं। अगर किसी देश में प्रवेश के लिए पहले से वीजा या ई-वीजा जरूरी हो, तो उस पर अंक नहीं मिलते।

CBSE का बड़ा निर्णय… 12वीं के रिजल्ट के बाद नहीं होगा Mark Verification… अब पूरी तरह डिजिटल जांची जाएंगी कॉपियां

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) (Central Board of Secondary Education (CBSE) ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 (12th Board Exam 2026) को लेकर अहम निर्णय लिया है। इस बार 12वीं के परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद छात्रों को अंक सत्यापन (मार्क वेरिफिकेशन) (Mark Verification) की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। बोर्ड ने तय किया है कि 2026 से 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरी तरह डिजिटल प्रणाली ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ के जरिए किया जाएगा। दरअसल, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) इस बार 12वीं के छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ के साथ पूरी तरह डिजिटल तरीके से कराने जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इसके बाद अंकों के सत्यापन की जरूरत नहीं रहेगी। शुक्रवार को सीबीएसई अधिकारियों ने संबद्ध स्कूलों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए आयोजित एक कार्यशाला में यह जानकारी दी। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि 2026 में 12वीं की परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में ऑन स्क्रीन मार्किंग की जाएगी। डिजिटल मूल्यांकन की इस प्रक्रिया के बाद अंकों की गिनती में किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रह जाएगी। ऐसे में छात्रों के लिए परिणाम घोषित होने के बाद अंकों के सत्यापन की जरूरत नहीं रह जाएगी। 10वीं का मूल्यांकन मैनुअल ही होगापरीक्षा नियंत्रक भारद्वाज ने बताया कि बोर्ड इस बार सिर्फ 12वीं की परीक्षा के लिए यह सुविधा लागू कर रहा है। इस बार होने वाली दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में कॉपियों का मूल्यांकन ‘मैनुअल’ यानी शिक्षकों के द्वारा ही किया जाएगा। इसलिए कराया जाता था अंक सत्यापनपुरानी व्यवस्था में कई बार मानवीय भूलों के चलते अंक जुड़ने से रह जाते थे। परिणाम के बाद छात्र अंक सत्यापन को आवेदन करते थे, जिसके बाद कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन होता था। क्या होती है ऑन स्क्रीन मार्किंगऑन स्क्रीन मार्किंग डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली है। इसमें उत्तर पुस्तिका को हाथों से चेक नहीं किया जाता। शिक्षक स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका को कंप्यूटर पर चेक करेंगे। छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं पहले स्कैन की जाती हैं। इसके बाद ये कॉपियां सुरक्षित ऑनलाइन सिस्टम पर अपलोड होती हैं और शिक्षक कंप्यूटर पर उन्हें देखकर अंक देते हैं। इस सिस्टम में सॉफ्टवेयर खुद ही कुल अंक जोड़ देता है, जिससे टोटलिंग की गलती की संभावना खत्म हो जाती है। अभी तक कई बार हाथ से जोड़ने में गलती हो जाती थी, जिससे छात्रों को बाद में वेरिफिकेशन के लिए आवेदन करना पड़ता था। शिक्षक अब अपने स्कूल से ही जांच सकेंगे कॉपियांइस नए सिस्टम की एक खास बात यह है कि शिक्षकों को अब कॉपी जांचने के लिए किसी मूल्यांकन केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने ही स्कूल में बैठकर, नियमित काम करते हुए कॉपियों का मूल्यांकन कर सकेंगे। इससे समय और यात्रा खर्च दोनों की बचत होगी और ज्यादा शिक्षक इस प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। 17 फरवरी से शुरू हो रही है परीक्षासीबीएसई की 12वीं और दसवीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो रही हैं। बोर्ड से भारत और दुनिया के 26 देशों में 31,000 से अधिक स्कूल संबद्ध हैं।

Ind vs Pak से महामुकाबले से पहले आज कोलंबो में आज रात होगी अभिषेक शर्मा की ‘फिटनेस की अग्निपरीक्षा

नई दिल्ली। भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (Indian Opener Abhishek Sharma) शुक्रवार की रात को कोलंबो पहुंच गए, जहां 15 फरवरी की शाम को टीम इंडिया (Team India) और पाकिस्तान क्रिकेट टीम (Pakistan Cricket team) के बीच बड़ा मुकाबला खेला जाना है। हालांकि इस हाई-वोल्टेज मैच में उनकी उपलब्धता पेट के संक्रमण से पूरी तरह उबरने पर निर्भर करेगी। पाकिस्तान के खिलाफ सकारात्मक संकेत यह है कि विस्फोटक ओपनर टीम के साथ कोलंबो पहुंच चुके हैं, जिससे उनकी फिटनेस को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। रविवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले मैच से पहले उनकी अंतिम फिटनेस जांच आज यानी शनिवार को की जाएगी। ट्रेनिंग से तय होगी तस्वीरनई दिल्ली के एक निजी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बावजूद अभिषेक गुरुवार को नामीबिया के खिलाफ मैच में नहीं खेल सके थे। वे ड्रेसिंग रूम में मौजूद थे, लेकिन उनकी जगह संजू सैमसन ने पारी की शुरुआत की थी। भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबले से पहले भारतीय टीम शनिवार शाम 6 बजे से कोलंबो में अभ्यास सत्र करेगी। इसी ट्रेनिंग के दौरान साफ होगा कि अभिषेक पूरी तरह फिट हैं या नहीं। अंतिम फैसला लेने से पहले टीम मैनेजमेंट उनकी स्थिति पर बारीकी से नजर रखेगा। ट्रेनिंग से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी, जहां इस मुद्दे पर सवाल उठना तय है। अगर वहां तस्वीर स्पष्ट नहीं होती, तो सबकी निगाहें नेट्स पर होंगी—क्या अभिषेक बल्लेबाजी के लिए उतरते हैं और कितनी देर तक अभ्यास करते हैं। इस बीच उनके माता-पिता भी पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले कोलंबो पहुंच चुके हैं। वे एशिया कप के दौरान दुबई में भी टीम का समर्थन करते नजर आए थे। विकल्पों पर भी मंथनयदि अभिषेक अंतिम समय तक उपलब्ध नहीं होते हैं, तो टीम प्रबंधन संजू सैमसन के साथ जाने पर विचार कर सकता है। एक अन्य विकल्प यह है कि फिट हो चुके वॉशिंगटन सुंदर को ईशान किशन के साथ शीर्ष क्रम में उतारा जाए। हालांकि बड़े मुकाबले में टीम एक विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज को प्राथमिकता देना चाहेगी। वॉशिंगटन को उतारने से ऑफ स्पिन का अतिरिक्त विकल्प जरूर मिलेगा, लेकिन यह प्रयोग जोखिम भरा हो सकता है। दिल्ली में अभिषेक की गैरमौजूदगी में संजू सैमसन ने ओपनिंग करते हुए 8 गेंदों में 22 रन बनाए थे, जिसमें 3 छक्के और एक चौका शामिल था। पाकिस्तान के खिलाफ भी तेज शुरुआत के लिए सैमसन एक मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं, ईशान किशन शानदार फॉर्म में हैं। जरूरत पड़ने पर वॉशिंगटन सुंदर को रिंकू सिंह की जगह भी मौका दिया जा सकता है, जो फिलहाल लय में नजर नहीं आ रहे।

बांग्लादेश में BNP की ऐतिहासिक विजय…. जमात-ए-इस्लामी की जीत से बढ़ी भारत की चिंता, सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट

ढाका। बांग्लादेश (Bangladesh) में पिछले दो दशकों के राजनीतिक गतिरोध (Political Deadlock) को तोड़ते हुए, तारिक रहमान (Tariq Rahman.) के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) (Bangladesh Nationalist Party – BNP) ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आम चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 297 घोषित सीटों में से 212 पर कब्जा कर BNP ने दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। इस जीत के साथ ही 20 साल बाद देश में BNP की वापसी हुई है। हालांकि, इस चुनावी परिणाम ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों और सरकारों की चिंता बढ़ा दी है। इसका मुख्य कारण जमात-ए-इस्लामी और उसके 11 सहयोगियों द्वारा 77 सीटों पर दर्ज की गई शानदार जीत है। भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि जमात-ए-इस्लामी ने जिन सीटों पर जीत हासिल की है, उनमें से एक बड़ा हिस्सा पश्चिम बंगाल और असम की सीमा से लगे बांग्लादेशी जिलों में स्थित है। सेंटर फॉर स्टडीज इन सोशल साइंसेज के प्रोफेसर मैदुल इस्लाम ने इस स्थिति का विश्लेषण करते हुए बताया कि शेख हसीना की अवामी लीग के चुनाव से बाहर होने के बाद मुकाबला मूल रूप से जमात और BNP के बीच था। प्रोफेसर इस्लाम ने कहा, “BNP की जीत यह संकेत देती है कि बांग्लादेश में स्वतंत्र पहचान और राष्ट्रवाद का मुद्दा अभी भी जनता के लिए महत्वपूर्ण है। जमात ने 1971 के मुक्ति संग्राम के इतिहास को चुनौती देने की कोशिश की, जो व्यर्थ साबित हुई। हालांकि, जनमत संग्रह यह भी संकेत देता है कि अब 1972 के संविधान में संशोधन के प्रयास किए जाएंगे।” भारत के सीमावर्ती राज्य हाई अलर्ट परजमात की चुनावी ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने पश्चिम बंगाल के छह जिलों जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना से लगी सीमा के साथ-साथ असम के सिलचर से लगे क्षेत्रों में अपना प्रभुत्व फिर से स्थापित कर लिया है। सुरक्षा जानकारों का मानना है कि यह स्थिति भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) और खुफिया एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा के वे हिस्से जहां कंटीली तारें नहीं लगी हैं, वे लंबे समय से मानव तस्करी और तस्करी के लिए उपयोग किए जाते रहे हैं। इस फैसले के बाद भारत को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अल्पसंख्यकों की चिंताराजनीतिक विज्ञान की प्रोफेसर पांचाली सेन ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी ने भारत के प्रति अपनी सार्वजनिक मुद्रा को नरम किया है और पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों के लिए खुलापन दिखाया है, लेकिन भारत के लिए सुरक्षा और आतंकवाद एक प्रमुख चिंता बनी रहनी चाहिए। प्रोफेसर सेन ने जोर देकर कहा, “बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा, जिन पर पहले ही हमले हो चुके हैं, भारतीय सरकार की प्राथमिकता सूची में होनी चाहिए। चूंकि भारत ने इस फैसले का स्वागत किया है, दिल्ली ढाका के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखने और क्षेत्र में शक्ति संतुलन सुनिश्चित करने के लिए एक सतर्क नीति अपना सकती है।” आतंकवाद का खतराखुफिया विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) जैसे आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों पर अभी कोई भी भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी। JMB ने भारत में भी अपना नेटवर्क स्थापित किया है। अधिकारी ने कहा, “भारत में आतंकवादी समूहों के रूप में सूचीबद्ध छह बांग्लादेशी संगठनों में से JMB ने हाल के वर्षों में सबसे अधिक वृद्धि दिखाई है। 2020 और 2025 के बीच पश्चिम बंगाल और कोलकाता में एक दर्जन से अधिक JMB ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया गया है। ये तत्व उन संगठनों की ओर देखते हैं जो जमात का समर्थन करते हैं।” दिसंबर 2025 में पश्चिम बंगाल और असम के विभिन्न हिस्सों से 2016 में गिरफ्तार किए गए JMB के पांच सदस्यों को कोलकाता की एक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज (IED) के घटक जब्त किए गए थे।