दिल्ली में नाबालिग अपराध बढ़ा, नई पीढ़ी क्यों भटक रही है? खेल-खेल से अपराध तक का रास्ता

नई दिल्ली । दिल्ली में नाबालिगों द्वारा किए जा रहे अपराध अब गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। खासकर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले 12 से 17 वर्ष के किशोर जघन्य वारदातों में अधिक शामिल पाए जा रहे हैं। चोरी लूट हिंसा और नशे से जुड़े अपराधों में नाबालिगों की बढ़ती संलिप्तता कानूनव्यवस्था के लिए चुनौती बन रही है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद अपराध का ग्राफ कम नहीं हो रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि नाबालिग अपराध केवल व्यक्तिगत प्रवृत्ति नहीं बल्कि सामाजिक और पारिवारिक उपेक्षा का नतीजा है। दिल्ली में करीब 75% जुवेनाइल अपराध झुग्गी-झोपड़ी और पुनर्वास कॉलोनियों से आते हैं जबकि 22% निम्न मध्यम वर्ग और केवल 3% मध्यम वर्गीय परिवारों से जुड़े हैं। प्रमुख कारणों में शामिल हैं परिवारिक अस्थिरता और निगरानी की कमी: गरीब परिवारों में माता-पिता की व्यस्तता या घरेलू हिंसा के कारण बच्चों पर ध्यान नहीं दिया जाता।शिक्षा से दूरी: स्कूल छोड़ने और पढ़ाई में रुचि कम होने से किशोर गलत संगत की ओर जाते हैं। गलत संगत और गैंग संस्कृति: स्थानीय गैंग के प्रभाव में जल्दी पैसा और दबदबा पाने की चाह में अपराध की राह अपनाई जाती है। नशे और डिजिटल प्रभाव: नशे की उपलब्धता और हिंसक कंटेंट किशोरों के व्यवहार को प्रभावित करते हैं। सामाजिक उपेक्षा: खेल कौशल विकास और काउंसलिंग की कमी बच्चों की ऊर्जा गलत दिशा में ले जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़े केवल अपराध नहीं बल्कि सामाजिक ढांचे की कहानी हैं जहां बचपन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है।दिल्ली में लगातार नाबालिग अपराधों ने समाज और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। कम उम्र में अपराध की ओर झुकाव केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक संकट का संकेत है। बार-बार अपराध में शामिल किशोरों के लिए पुनर्वास और सुधार चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है।प्रमुख प्रवृत्तियां जो सामने आईं छोटी उम्र में गंभीर अपराधों में संलिप्तता जैसे लूट चाकूबाजी हत्या का प्रयास। गैंग का प्रभाव और बार-बार अपराध करना। नशे की लत और उससे जुड़े अपराध। जुवेनाइल कानून के कारण सख्त सजा का डर कम होना। मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता सुझाव देते हैं कि समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं आएगा। इसके लिए परिवार स्कूल समुदाय और सरकार को मिलकर शिक्षा कौशल विकास और पुनर्वास पर काम करना होगा तभी किशोर अपराध की प्रवृत्ति को रोका जा सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया सायबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ, बताया तकनीक आधारित सुशासन की नई शुरुआत

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार विकास के साथ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, शुचिता, तत्परता, नवाचार और जनकल्याण को प्रोत्साहन दे रही है। पंजीयन विभाग के सायबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ इसी संकल्प की सिद्धि का प्रमाण है। संपदा-1.0 और संपदा 2.0 के बाद प्रदेश में सायबर पंजीयन की प्रक्रिया का आरंभ होना तकनीक आधारित सुशासन की नई शुरुआत है। मध्यप्रदेश तेजी से बदल रहा है। मध्यप्रदेश भारत का पहला राज्य है, जिसने डिजिटल क्रांति के माध्यम से लोन, मुख्तयारनामा, माइनिंग लीज, हलफनामा, पावर आफ अटार्नी, पार्टनरशिप डीड जैसी 75 से अधिक सेवाओं के लिए सायबर पंजीयन प्रारंभ किया है। राज्य सरकार के इस नवाचार से पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया को प्रोत्साहन मिल रहा है। यह नई पीढ़ी के लिए पर्यावरण और पारदर्शिता के मामले में महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को भोपाल में पंजीयन भवन में सायबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ करने के बाद ये विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब शासन और उसके उपक्रमों के अंतरण दस्तावेज भी पेपरलेस रजिस्ट्रेशन के माध्यम से पूरे होंगे। हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरण के अंतरण के लिए जनता को पंजीयन कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वीडियो केवायसी सहित सभी कार्य होंगे, इससे धन और समय दोनों की बचत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि संपदा 2.0 के नवाचार को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार मिला है। अब तक 14 लाख 95 हजार से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका है। राज्य सरकार ने 55 जिलों में सायबर तहसील परियोजना को लागू किया है, जिसमें राजस्व बंटवारा, नामांतरण की प्रक्रिया भी संपदा 2.0 से हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागीय अधिकारी सायबर पंजीयन सुविधा के माध्यम से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ मौजूदा वित्त वर्ष में अपने लक्ष्य पूरे करें। उप मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2024-25 में दस्तावेजों के पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग के लिए एडवांस सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 लागू किया। इससे चल और अचल संपत्ति के दस्तावेज डिजिटल और पेपरलेस तरीके से पंजीकृत हो रहे हैं। कई दस्तावेज तो ऐसे हैं जिनके लिए उप-पंजीयक कार्यालय भी नहीं आना पड़ता है। सबसे पहले गुना,हरदा, रतलाम और डिण्डौरी जिलों में नए ई-पंजीयन और ई- स्थम्पिंग सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 का सफल पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था। प्रदेश के नवाचारों को देशभर में सराहा गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जारी इन नवाचारों का लाभ प्रदेश के नागरिकों को मिल रहा हैं। पंजीयन से जुड़े कार्यों को त्रूटि रहित पूरा करने के लिए प्रदेशभर के 14 लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव अमित राठौर, प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह, महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक अमित तोमर उपस्थित रहे। कार्यक्रम से जिलों के अधिकारी, बैंककर्मी और लाभार्थी वर्चुअली जुड़े।
36 घंटे में बलूचिस्तान में 4 युवाओं की हत्या, 3 साल में 1700 से अधिक बलूच युवा जबरन गायब

नई दिल्ली । बलूचिस्तान में पिछले 36 घंटों में चार बलूच छात्रों की हत्या ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवारों का आरोप है कि ये सभी छात्र पहले जबरन गायब किए गए और फिर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसी ISI के सशस्त्र गिरोहों ने उन्हें मार डाला। ह्यूमन राइट्स काउंसिल ऑफ़ बलूचिस्तान के डेटा के अनुसार, पिछले 3 सालों में बलूचिस्तान से 1713 युवा जबरन गायब हुए हैं। इसी अवधि में 390 से अधिक युवाओं के गायब होने और 80 से ज्यादा शव मिलने के मामले सामने आए। स्थानीय मानवाधिकार संगठन Baloch Yakjehti Committee का कहना है कि ये घटनाएं अलग-थलग नहीं हैं बल्कि व्यवस्थित पैटर्न का हिस्सा हैं। जुनैद अहमद, 22 वर्षीय ग्रेजुएशन छात्र, सुराब का निवासी, 23 जनवरी 2026 को जबरन उठाया गया। क्वेटा के एक अस्पताल से ईगल फोर्स और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट ने उसे बिना वारंट हिरासत में लिया। 15 फरवरी को उसका शव मिला, जिस पर गोली के निशान थे। पंजगुर के मैट्रिक छात्र जंगीयान बलोच को 26 मई 2025 को फ्रंटियर कॉर्प्स और ISI के डेथ स्क्वाड ने उठाया था। 15 फरवरी को उसका शव शापतान इलाके में मिला। 17 वर्षीय मुहनास बलोच को 14 फरवरी को स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसके घर से उठाकर गोली मार दी। वहीं नवाब अब्दुल्ला, जिसे मई 2025 में उठाया गया था, का शव 14 फरवरी को घर के बाहर फेंक दिया गया। बलूचिस्तान में युवाओं को जबरन गायब करने की घटनाएं साल 2000 से लगातार हो रही हैं, जब से क्षेत्र में सशस्त्र विद्रोह शुरू हुआ। पाकिस्तानी सेना और ISI आज़ादी आंदोलन में शामिल युवाओं को अवैध हिरासत में लेने के बाद मार देती है या उनके गुटों में शामिल करवा देती है। बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर इलाका है सोना, चांदी, यूरेनियम, रेयर अर्थ मिनरल्स और क़ीमती रत्नों से संपन्न। बावजूद इसके, गृह युद्ध और हिंसा की वजह से स्थानीय आबादी इन संसाधनों के लाभ से वंचित है। पाकिस्तान की सत्ता में बैठे नेता और विदेशी साझेदार इन संसाधनों का फायदा उठा रहे हैं, जबकि आम बलूच युवा हिंसा और जबरन गायब होने की त्रासदी का शिकार हो रहे हैं।
NISHIKANT DUBAY CONTROVERCY: निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर विवादित टिप्पणी पर सफाई दी, कहा- ‘जब मैं संसद में खड़ा होता हूं तो कांग्रेस का पसीना छूट जाता है’

NISHIKANT DUBAY CONTROVERCY: नई दिल्ली । हाल ही में बजट सत्र के दौरान झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के भाषण ने राजनीतिक माहौल गरम कर दिया। विवादित किताबों और टिप्पणियों के कारण उनकी ओर से उठाए गए आरोपों ने विपक्षी दल कांग्रेस में हड़कंप मचा दिया। इंडिया टीवी के कार्यक्रम आप की अदालत में दुबे ने खुलकर अपने बयान की सफाई दी। दुबे ने कहा जब मैं संसद में खड़ा होता हूं तो कांग्रेस का पसीना छूट जाता है। प्रियंका गांधी कहीं भी होंगी तो सुनने आ जाएंगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें किसी से डर नहीं है क्योंकि उनके साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। नेहरू और इंदिरा गांधी पर विवादित टिप्पणियों के सवाल पर दुबे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने संसद में वही पढ़ा जो प्रकाशित किताबों में था। पंडित जवाहरलाल नेहरू को अय्याश कहे जाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि यह शब्द उन्होंने खुद नहीं जोड़ा बल्कि यह किताब में लिखा था। इसी तरह इंदिरा गांधी के बारे में अश्लील टिप्पणी के आरोप पर दुबे ने बताया कि यह एमओ मथाई की किताब का संदर्भ था जिसमें उन्होंने कुछ भी नया नहीं जोड़ा। राहुल गांधी को किताब न पढ़ने देने के आरोप पर दुबे ने कहा कि उन्होंने उन्हें एक्सपोज़ होने से बचाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी बिना टोके बोलते तो वे पांच मिनट भी प्रभावी ढंग से नहीं बोल पाएंगे। उनके अनुसार राहुल गांधी संसद में सिर्फ किताब और संविधान लेकर आते हैं और वास्तविक बहस में उनका योगदान सीमित रहता है। दुबे के इस बयान के बाद कांग्रेस ने भी उनके खिलाफ कई आरोप लगाए लेकिन सांसद ने साफ किया कि विपक्ष उन्हें डरता है और वे केवल प्रकाशित सामग्री पढ़कर अपनी बात रखते हैं। संसद में उनके भाषण और विवादित टिप्पणियों ने राजनीतिक बहस को जोरदार मोड़ दिया है।
HARIYANA DEATH CASES: हरियाणा के छायंसा गांव में 15 दिनों में 12 मौतों से हड़कंप, स्वास्थ्य विभाग ने गांव में लगाया डेरा

HARIYANA DEATH CASES: नई दिल्ली । हरियाणा के पलवल जिले के छायंसा गांव में पिछले 15 दिनों में 12 मौतों ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। मृतकों में पांच स्कूली बच्चे भी शामिल हैं। लगातार हो रही मौतों ने गांववासियों को दहशत में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले तीन लोगों की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद से मौतों का सिलसिला जारी है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में लगभग हर घर में मरीज हैं और कई की हालत गंभीर है। परिजन अस्पतालों के चक्कर काटकर भी अपने बीमार परिवारजनों को ठीक नहीं कर पा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कदम उठाते हुए गांव में टीम डेरा डाला है। विभाग की टीम लगातार लोगों की जांच कर रही है और ब्लड सैंपल जुटा रही है। अब तक 300 ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जबकि 400 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की डॉ. सतिंदर वशिष्ठ के मुताबिक मृतकों के मेडिकल रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट में 4 मामलों में हेपेटाइटिस B और C का पता चला जबकि 3 मामलों में मल्टीपल ऑर्गन फेलियर और लिवर इंफेक्शन मिले। दो मरीजों को इलाज के लिए पलवल सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है। गांव मुस्लिम बाहुल्य है और करीब 5 हजार आबादी वाले इस गांव में पानी की सप्लाई तीन अलग-अलग स्रोतों से होती है। कुछ घरों में सरकारी पानी आता है जबकि कुछ घरों में अंडरग्राउंड टैंक बनाए गए हैं जिनमें पानी भरने के लिए टैंकर मंगाए जाते हैं। हथीन शहर से आरओ प्लांट का पानी लेने वाले भी हैं। अब तक लिए गए 107 पानी के सैंपलों में 23 फेल पाए गए हैं जिनमें बैक्टीरिया की वृद्धि और क्लोरीन की कमी देखी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए ओपीडी लगाई है और घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही है। डॉ. वशिष्ठ ने बताया कि मृतकों के परिवारजनों और आसपास के लोगों के सैंपल भी लिए गए हैं ताकि बीमारी फैलने से रोकी जा सके। ग्रामीणों की मुख्य चिंता यह है कि यह हेपेटाइटिस B और C जैसी बीमारियां जल्द नियंत्रण में आएं और मौतों का सिलसिला थमे। यह स्थिति गांववासियों और अधिकारियों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई है और स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी और उपचार की प्रक्रिया में लगा हुआ है।
CBSE 12वीं बोर्ड 2026: नंबर सुधार के लिए अब सिर्फ एक सब्जेक्ट में सप्लीमेंट्री की अनुमति, मेन एग्जाम में होगा बहु सब्जेक्ट सुधार

CBSE 12वीं बोर्ड 2026: नई दिल्ली । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE ने 12वीं बोर्ड एग्जाम 2026 के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम नियमों में बड़ा बदलाव किया है। पुराने नियमों के तहत स्टूडेंट्स बोर्ड रिजल्ट आने के दो महीने के भीतर एक से अधिक सब्जेक्ट्स में नंबर सुधार इंप्रूवमेंट के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम दे सकते थे। लेकिन अब सीबीएसई ने स्पष्ट कर दिया है कि 12वीं बोर्ड के स्टूडेंट्स केवल एक ही सब्जेक्ट में सप्लीमेंट्री एग्जाम दे सकेंगे। सीबीएसई ने यह भी बताया कि यदि किसी स्टूडेंट को एक से अधिक सब्जेक्ट्स में नंबर सुधार करवाना है तो उन्हें अगले साल आयोजित होने वाले मेन बोर्ड एग्जाम में शामिल होना होगा। इसका मतलब यह है कि बहु सब्जेक्ट सुधार का विकल्प केवल मेन एग्जाम के माध्यम से ही उपलब्ध रहेगा। इस बदलाव का असर स्टूडेंट्स पर साफ दिखाई देगा। पहले स्टूडेंट्स रिजल्ट आने के बाद आसानी से कई सब्जेक्ट्स में सुधार कर सकते थे लेकिन अब उन्हें सावधानीपूर्वक तैयारी करनी होगी और केवल एक विषय में ही सप्लीमेंट्री का विकल्प मिलेगा। इससे स्टूडेंट्स को अपने एग्जाम प्रदर्शन पर ध्यान देने और बेहतर तैयारी करने की आवश्यकता बढ़ जाएगी। सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड 2026 के सप्लीमेंट्री एग्जाम का टेंटिव शेड्यूल भी जारी कर दिया है। बोर्ड के अनुसार सप्लीमेंट्री एग्जाम 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। मई 2026 में 12वीं बोर्ड का रिजल्ट घोषित किया जाएगा और इसके बाद सप्लीमेंट्री एग्जाम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। स्टूडेंट्स को इसके लिए बोर्ड द्वारा जारी सर्कुलर का पालन करना होगा। इस नए नियम से स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा तैयारी की रणनीति बदल जाएगी क्योंकि उन्हें केवल एक सब्जेक्ट में सुधार के मौके का लाभ उठाना होगा। बहु सब्जेक्ट सुधार के लिए उन्हें अगले साल मेन एग्जाम की तैयारी करनी होगी। यह कदम स्टूडेंट्स में जिम्मेदारी और तैयारी के प्रति गंभीरता बढ़ाने का लक्ष्य रखता है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE ने 12वीं बोर्ड एग्जाम 2026 के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम नियमों में बड़ा बदलाव किया है। पुराने नियमों के तहत स्टूडेंट्स बोर्ड रिजल्ट आने के दो महीने के भीतर एक से अधिक सब्जेक्ट्स में नंबर सुधार इंप्रूवमेंट के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम दे सकते थे। लेकिन अब सीबीएसई ने स्पष्ट कर दिया है कि 12वीं बोर्ड के स्टूडेंट्स केवल एक ही सब्जेक्ट में सप्लीमेंट्री एग्जाम दे सकेंगे। सीबीएसई ने यह भी बताया कि यदि किसी स्टूडेंट को एक से अधिक सब्जेक्ट्स में नंबर सुधार करवाना है तो उन्हें अगले साल आयोजित होने वाले मेन बोर्ड एग्जाम में शामिल होना होगा। इसका मतलब यह है कि बहु सब्जेक्ट सुधार का विकल्प केवल मेन एग्जाम के माध्यम से ही उपलब्ध रहेगा। इस बदलाव का असर स्टूडेंट्स पर साफ दिखाई देगा। पहले स्टूडेंट्स रिजल्ट आने के बाद आसानी से कई सब्जेक्ट्स में सुधार कर सकते थे लेकिन अब उन्हें सावधानीपूर्वक तैयारी करनी होगी और केवल एक विषय में ही सप्लीमेंट्री का विकल्प मिलेगा। इससे स्टूडेंट्स को अपने एग्जाम प्रदर्शन पर ध्यान देने और बेहतर तैयारी करने की आवश्यकता बढ़ जाएगी। सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड 2026 के सप्लीमेंट्री एग्जाम का टेंटिव शेड्यूल भी जारी कर दिया है। बोर्ड के अनुसार सप्लीमेंट्री एग्जाम 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। मई 2026 में 12वीं बोर्ड का रिजल्ट घोषित किया जाएगा और इसके बाद सप्लीमेंट्री एग्जाम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। स्टूडेंट्स को इसके लिए बोर्ड द्वारा जारी सर्कुलर का पालन करना होगा। इस नए नियम से स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा तैयारी की रणनीति बदल जाएगी क्योंकि उन्हें केवल एक सब्जेक्ट में सुधार के मौके का लाभ उठाना होगा। बहु सब्जेक्ट सुधार के लिए उन्हें अगले साल मेन एग्जाम की तैयारी करनी होगी। यह कदम स्टूडेंट्स में जिम्मेदारी और तैयारी के प्रति गंभीरता बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।
BANK MANAGER FRAUD: बैंगलुरु बैंक मैनेजर ने ग्राहकों का 3 किलो सोना हड़पकर जुए में उड़ाया, पुलिस ने गिरफ्तार किया

BANK MANAGER FRAUD: बैंगलुरु । बैंगलुरु में एक चौकाने वाला बैंक फ्रॉड सामने आया है जिसमें इंडियन बैंक के 34 वर्षीय असिस्टेंट मैनेजर किरन कुमार ने ग्राहकों के करीब 3 किलो सोना हड़प लिया। यह सोना ग्राहकों के लॉकर में सुरक्षित रखा गया था और इसकी कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोपी ने इस सोने को बेचकर प्राप्त राशि से ऑनलाइन जुआ खेला। पुलिस और बैंक सूत्रों के मुताबिक जब शाखा के ब्रांच मैनेजर अनुपस्थित थे तब किरन कुमार के पास लॉकर का एक्सेस था। उन्होंने लगातार छोटे-छोटे हिस्सों में सोना चुराना शुरू किया और धीरे-धीरे ग्राहकों के करीब 2.70 किलो सोने पर कब्जा कर लिया। यह मामला 2 जनवरी को तब उजागर हुआ जब एक ग्राहक अपने गहने निकालने बैंक गया और लॉकर में छेड़छाड़ पाई। जांच में पता चला कि बैंक के 21 लॉकरों से गहने गायब हैं जबकि तीन लॉकर पूरी तरह खाली कर दिए गए थे। इसके बाद बैंक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और बैंगलुरु पुलिस ने किरन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। विशेषज्ञों के अनुसार यह फ्रॉड पिछले साल तेलंगाना में एसबीआई बैंक के कैशियर द्वारा किए गए बड़े घोटाले की याद दिलाता है। उस मामले में कैशियर ने 10 महीने की योजना के तहत ग्राहकों के 14 करोड़ रुपये और 20 किलो सोना हड़प लिया था। अब बैंगलुरु में हुए इस फ्रॉड की जांच जारी है। पुलिस ने कहा है कि ग्राहक अपने लॉकर की सामग्री की सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए सावधान रहें। अधिकारियों के अनुसार इस मामले में आरोपी से पूछताछ के बाद चोरी किए गए सोने की वापसी और अन्य संभावित अपराधियों की पहचान की जाएगी। यह घटना एक बार फिर बैंकिंग सुरक्षा और कर्मचारियों पर भरोसे के बीच खतरनाक अंतर दिखाती है और ग्राहकों के लिए चेतावनी है कि उन्हें अपनी संपत्ति की निगरानी व्यक्तिगत रूप से भी करनी चाहिए।
NEW ULPIN SYSTEM: दिल्ली में हर जमीन को मिलेगा आधार नंबर, रेखा गुप्ता सरकार ने लॉन्च किया ULPIN सिस्टम

NEW ULPIN SYSTEM:नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में अब हर जमीन की अपनी एक विशिष्ट डिजिटल पहचान होगी। दिल्ली सरकार ने राजधानी के प्रत्येक भूखंड को 14 अंकों का यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर देने की महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। इस कदम का उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है ताकि भविष्य में जमीन से जुड़े लेन-देन स्वामित्व की पहचान और विवादों के निपटारे में आसानी हो सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को भूमि विवाद और गड़बड़ियों के खिलाफ एक मजबूत डिजिटल हथियार बताते हुए कहा कि इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी प्रयास है। उनके अनुसार लंबे समय से दिल्ली में एक सुव्यवस्थित भू-प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकता महसूस की जा रही थी जिसे अब मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। यह योजना भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय और भूमि संसाधन विभाग की पहल का हिस्सा है जिसे वर्ष 2016 में तैयार किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इसे लागू नहीं किया लेकिन अब दिल्ली सरकार इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू कर रही है। भू आधार के रूप में जानी जा रही इस प्रणाली को लागू करने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की आईटी शाखा को सौंपी गई है जिसे भारतीय सर्वेक्षण विभाग का तकनीकी सहयोग मिलेगा। सरकार के मुताबिक प्रणाली लागू होने के बाद भूमि स्वामित्व में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और जमीन की सीमाओं को लेकर होने वाले विवादों में कमी आएगी। विभिन्न सरकारी विभागों के बीच भूमि डेटा का समन्वय भी आसान होगा। इससे धोखाधड़ी वाले लेन-देन एक ही जमीन के बहु-पंजीकरण और रिकॉर्ड में हेरफेर जैसी समस्याओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी। आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि उन्हें जमीन की पहचान और सत्यापन के लिए कई दस्तावेजों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे बल्कि एक ही यूनिक नंबर से पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इस योजना के तहत अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग से लगभग 2 टेराबाइट उच्च गुणवत्ता वाले भू-स्थानिक डेटा का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही ड्रोन के जरिए ली गई ऑर्थो-रेक्टिफाइड इमेजेज़ की मदद से जमीन की सटीक मैपिंग की जा रही है। इन आंकड़ों के आधार पर दिल्ली के ग्रामीण इलाकों समेत उन 48 गांवों के लिए सटीक तैयार किए जाएंगे जो पहले से स्वामित्व योजना में शामिल हैं। सरकार का मानना है कि यह डिजिटल पहल राजधानी में भू-प्रबंधन व्यवस्था को नई दिशा देगी और भूमि विवादों के समाधान को अधिक सरल पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएगी।
दतिया सिंध नदी के पुल के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार जीजा-साले की दर्दनाक मौत, एक युवक घायल, मची चीख पुकार

दतिया । दतिया में गोराघाट थाना अंतर्गत रविवार देर रात सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा नेशनल हाईवे 44 पर सिंध नदी पुल के पास में हुआ। अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंद दिया।घटना में बाइक सवार अमित बंशकर पुत्र किशनलाल निवासी डबरा और वीरचंद्र वंशकार (21) पिता मथुरा वंशकार निवासी भदौरिया खिड़की, दतिया की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीसरा युवक अभिषेक बॉथम (19), निवासी डबरा गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे पुलिस ने तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार तीनों युवक बाइक से दतिया से डबरा की ओर जा रहे थे। मृतक आपस में जीजा-साले बताए जा रहे हैं। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सड़क से दूर जा गिरी और दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।सूचना मिलते ही गोराघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवाया। जहां पर सोमवार सुबह 11 बजे मृतकों का पोस्टमार्टम किया गया। वहीं अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
MORENA NEWS: मुरैना में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो का कहर: 6 ठेले और सांची की दुकान चकनाचूर, चालक फरार

HIGHLIGHTS: देर रात 11:45 बजे तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ठेला चौपाटी में घुसी 6 हाथ ठेले और एक सांची दुकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार ठेले व्यापारियों की रोजी-रोटी पर पड़ा सीधा असर पुलिस ने वाहन जब्त कर आरोपी की तलाश शुरू की MORENA NEWS: ग्वालियर। मुरैना में रविवार रात करीब 11:45 बजे गुना नगर निगम क्षेत्र स्थित एमएस रोड ओवरब्रिज के पास एक तेज रफ्तार ब्लैक स्कॉर्पियो ने पीडब्ल्यूडी कार्यालय के सामने लगने वाली हाथ ठेला चौपाटी में घुसकर भारी तबाही मचा दी। वाहन ने एक के बाद एक छह ठेलों और एक सांची की दुकान को टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कॉर्पियो काफी तेज गति में थी। चालक ने नियंत्रण खो दिया और सीधे ठेलों की लाइन में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही सेकंड में पूरा इलाका मलबे में तब्दील हो गया। गनीमत रही कि उस समय ठेलों पर ग्राहक मौजूद नहीं थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। मुरैना में मौत की रफ्तार: एसयूवी और कंटेनर की आमने-सामने की भिड़ंत, चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत पूरी तरह तबाह हुए ठेले हादसे में ठेलों के पहिए, फ्रेम और खाने-पीने का सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कई गैस सिलेंडर भी टूट-फूट गए। प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि ठेला ही उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र साधन है। अचानक हुए इस नुकसान से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने वाहन किया जब्त घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया। कोतवाली थाना प्रभारी अमित भदौरिया के अनुसार वाहन से ठेलों और दुकान को नुकसान पहुंचा है। फरियादियों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है और आरोपी चालक की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।