तीसरे दिन ओ रोमियो की घटी कमाई, T20 वर्ल्ड कप रही वजह, जानें अब तक की कुल कमाई

नई दिल्ली। शाहिद कपूर और त्रिप्ति डिमरी स्टारर फिल्म ओ रोमियो का बॉक्स ऑफिस पर तीसरा दिन अपेक्षित रूप से कमजोर रहा। विशाल भारद्वाज निर्देशित इस फिल्म ने शनिवार को ₹12 करोड़ की कमाई की थी, लेकिन रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए T20 वर्ल्ड कप मैच के कारण इसकी कमाई घटकर ₹9 करोड़ रह गई। फिल्म की तीसरे दिन की कमाई में गिरावट का मुख्य कारण लोकप्रिय खेल इवेंट से दर्शकों का बंटना माना जा रहा है। ओ रोमियो की कुल बॉक्स ऑफिस कमाईरिलीज के पहले तीन दिनों में फिल्म ने देश में कुल ₹30 करोड़ नेट कमाए हैं। Sacnilk.com के अनुसार:-पहले दिन: ₹8.50 करोड़दूसरे दिन: ₹12.65 करोड़तीसरे दिन: ₹9 करोड़ फिल्म के कुल 4629 शो हुए, जिनकी एवरेज ऑक्यूपेंसी केवल 19.2% रही, जो दर्शकों की अपेक्षाकृत कम उत्सुकता दिखाती है। हालांकि शुरुआती वीकेंड में थोड़ी कमाई रही, ओ रोमियो शाहिद की पिछली ब्लॉकबस्टर कबीर सिंह की तुलना में काफी पीछे है। 2019 में कबीर सिंह ने तीसरे दिन ही ₹27.91 करोड़ कमाए थे, जो ओ रोमियो की कमाई का लगभग तीन गुना है। शाहिद की फिल्म को मिली परिवार की तारीफशाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत और उनके भाई ईशान खट्टर ने इंस्टाग्राम पर फिल्म में शाहिद के अभिनय की सराहना की। मीरा ने लिखा कि शाहिद “अविश्वसनीय रूप से टैलेंटेड” हैं और “ओ रोमियो अब थिएटर में है। शानदार कहना कम है। मुझे तुम पर बहुत गर्व है।” ईशान ने शाहिद को “अंदर से जलते और बाहर से आराम से” एक्टर बताया और दर्शकों से फिल्म का अनुभव सिनेमाघरों में लेने का आग्रह किया। ओ रोमियो की कहानीफिल्म में शाहिद कपूर, त्रिप्ति डिमरी के अलावा विक्रांत मैसी, तमन्ना भाटिया, अविनाश तिवारी, दिशा पटानी, फरीदा जलाल और नाना पाटेकर भी हैं। कहानी लेखक हुसैन जैदी की किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ के एक चैप्टर से प्रेरित है। फिल्म एक रोमांटिक और इमोशनल ड्रामा है, जो मुंबई के अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर हसीन उस्तारा (शाहिद) और अफशा (त्रिप्ति) के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें प्यार और खतरों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती दिखाई गई है।
युवाओं पर कोरियन कल्चर का रंग, ग्लास स्किन से के-पॉप तक बढ़ा क्रेज

नई दिल्ली । देशभर में कोरियन कल्चर का प्रभाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। संगीत, खान-पान, फैशन और जीवनशैली में कोरिया के नए ट्रेंड युवाओं में खासे लोकप्रिय हो गए हैं। राजधानी और बड़े शहरों में युवाओं की पसंद में के-पॉप म्यूजिक, ग्लास स्किन मेकअप, स्टाइलिश पहनावे और कोरियन फूड का क्रेज नजर आ रहा है। डिजिटल दुनिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की वजह से युवा पीढ़ी कोरियन कल्चर के करीब आ रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर के-पॉप वीडियो, कोरियन वेब सीरीज, ब्यूटी और फैशन टिप्स को बहुत देखा और अपनाया जा रहा है। इस प्रवृत्ति ने न केवल मेकअप और कपड़ों पर असर डाला है, बल्कि खाने-पीने की आदतों और लाइफस्टाइल में भी बदलाव लाए हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेंड का असर कुछ मामलों में नकारात्मक भी हो सकता है। हाल ही में गाजियाबाद में तीन बहनों द्वारा आत्महत्या की दुखद घटना ने सवाल उठाए कि कोरियन कल्चर की लगातार आदत और डिजिटल दुनिया के दबाव का युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। यह घटना यह संकेत देती है कि डिजिटल और ग्लोबल ट्रेंड्स के साथ संतुलन बनाए रखना जरूरी है। फैशन और मेकअप के क्षेत्र में खासकर ग्लास स्किन और के-पॉप स्टार्स की स्टाइलिंग का क्रेज सबसे अधिक देखा जा रहा है। युवा अपनी पहचान और स्टाइल को कोरियन ट्रेंड्स के साथ जोड़ रहे हैं। खान-पान में भी कोरियन फूड जैसे किमची, त्तोकबॉकी और कोरियन स्नैक्स की मांग बढ़ रही है। शहरों में कोरियन रेस्टोरेंट्स और कैफे इस ट्रेंड का फायदा उठा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरियन कल्चर की लोकप्रियता तकनीक, ग्लोबल कनेक्टिविटी और डिजिटल कंटेंट की वजह से बढ़ी है। हालांकि, यह जरूरी है कि युवा अपने स्थानीय और पारंपरिक मूल्यों के साथ इस ट्रेंड का संतुलित अनुभव करें। देश के अलग-अलग हिस्सों में कोरियन कल्चर की लोकप्रियता यह दर्शाती है कि ग्लोबल कल्चर और डिजिटल दुनिया युवा पीढ़ी के जीवन पर तेजी से असर डाल रही है। यह प्रवृत्ति फैशन, म्यूजिक और फूड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं की सोच और सामाजिक व्यवहार में भी असर डाल रही है।
GWALIOR NEWS: ग्वालियर में वकीलों की हड़ताल, 3 हजार मामलों की सुनवाई टली

HIGHLIGHTS: करैरा में अधिवक्ता की हत्या के विरोध में हड़ताल पूरे प्रदेश में वकील रहेंगे कार्य से विरत ग्वालियर में 3 हजार केस प्रभावित जमीन विवाद में सुपारी से हत्या की आशंका आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी आक्रोश कायम GWALIOR NEWS: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में सोमवार को वकील कार्य से विरत रहेंगे। यह निर्णय शिवपुरी जिले के करैरा में अधिवक्ता संजय सक्सेना की दिनदहाड़े हत्या के विरोध में लिया गया है। प्रदेशभर के वकील अदालत परिसरों में उपस्थित तो रहेंगे, लेकिन किसी भी मामले में पैरवी नहीं करेंगे। इस हड़ताल का सीधा असर आम पक्षकारों पर पड़ेगा। करैरा हत्याकांड से प्रदेशभर में आक्रोश दो दिन पहले करैरा में सुबह कोर्ट जा रहे अधिवक्ता संजय सक्सेना की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बताया जा रहा है कि वे शॉर्टकट रास्ते से कोर्ट जा रहे थे, जहां पहले से घात लगाकर बैठे आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जमीन विवाद के चलते सुपारी देकर हत्या कराई गई। इस घटना के बाद पूरे मध्यप्रदेश के वकीलों में भारी रोष है। GWALIOR WEATHER UPDATE: ग्वालियर में 18-19 फरवरी को बारिश का अलर्ट, बदल सकते हैं मौसम के मिजाज! पुलिस कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद पकड़ा गया। हालांकि गिरफ्तारी के बावजूद वकीलों का आक्रोश कम नहीं हुआ है। वे अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर ठोस व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। 3 हजार से अधिक केस प्रभावित हड़ताल का सबसे अधिक असर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ग्वालियर खंडपीठ और जिला एवं सत्र न्यायालय पर पड़ेगा। अनुमान है कि हाईकोर्ट में करीब एक हजार और सेशन कोर्ट में लगभग दो हजार मामलों की सुनवाई प्रभावित होगी। कुल मिलाकर लगभग 3 हजार केसों पर असर पड़ेगा। Skin Care Tips: बदलते मौसम में भी स्किन रहे फ्रेश और हेल्दी, बस फॉलो करें ये ब्यूटी टिप्स बार एसोसिएशन ने इस हड़ताल को “कार्य से विरत” नाम दिया है। वकील कोर्ट परिसर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन भी कर सकते हैं। इससे दूर-दराज से आने वाले पक्षकारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
यूरिक एसिड बढ़ा है? इन 9 संकेतों से पहचानें और बिना दवा भी करें कंट्रोल

नई दिल्ली । अगर अचानक जोड़ों में दर्द, सूजन या पैरों के अंगूठे में जलन महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके पीछे हाई यूरिक एसिड (Uric Acid) की संभावना हो सकती है। शरीर भोजन के पाचन और मेटाबॉलिक प्रक्रियाओं के दौरान यूरिक एसिड बनाता है। आमतौर पर किडनी इसे पेशाब के जरिए बाहर निकाल देती है। लेकिन अगर इस प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाए तो यूरिक एसिड शरीर में जमा होने लगता है और गाउट यानी गठिया जैसी परेशानी पैदा कर सकता है। लक्षण यूरिक एसिड बढ़ने के सबसे सामान्य लक्षण जोड़ों में तेज दर्द, सूजन और जकड़न हैं। खासकर पैरों के अंगूठे, घुटने और टखने प्रभावित होते हैं। दर्द अक्सर अचानक शुरू होता है और रात में बढ़ सकता है। कुछ मामलों में किडनी पर असर पड़ सकता है, जिससे पेशाब में जलन या किडनी स्टोन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कॉम्प्लिकेशन्स यूरिक एसिड लंबे समय तक हाई रहने पर जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जम सकते हैं, जिससे परमानेंट डैमेज हो सकता है। गाउट के कारण जोड़ों में लगातार सूजन और तेज दर्द रहता है। इसके अलावा किडनी स्टोन का खतरा भी बढ़ जाता है। नॉर्मल लेवल एक स्वस्थ वयस्क में यूरिक एसिड का सामान्य स्तर पुरुषों में 3.4–7.0 mg/dL और महिलाओं में 2.4–6.0 mg/dL होता है। इसके ऊपर जाने पर जोड़ों और किडनी को असर पड़ सकता है। टेस्ट यूरिक एसिड लेवल जानने के लिए सीरम यूरिक एसिड ब्लड टेस्ट या यूरिन यूरिक एसिड टेस्ट करवाया जा सकता है। ये टेस्ट सुरक्षित और आसान होते हैं। इलाज और कंट्रोल हल्का बढ़ा यूरिक एसिड लाइफस्टाइल सुधार से कंट्रोल किया जा सकता है। पर्याप्त पानी पीना, वजन नियंत्रित रखना और हेल्दी डाइट अपनाना मददगार है। अगर गाउट अटैक हो रहे हैं, तो डॉक्टर दवा देते हैं। डाइट और खान-पान लो-प्यूरिन और फाइबर से भरपूर फूड जैसे हरी सब्जियां, मौसमी फल, होल ग्रेन्स और लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स फायदेमंद हैं। विटामिन-C वाले फल जैसे संतरा, नींबू और आंवला यूरिक एसिड को किडनी से बाहर निकलने में मदद करते हैं। इसके विपरीत रेड मीट, ऑर्गन मीट, सी-फूड, शराब, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और बहुत मीठे जूस से परहेज करें। डॉक्टर से कंसल्ट कब करें: बार-बार गाउट अटैक लंबे समय तक दर्द बना रहना चलने-फिरने में दिक्कत पेशाब में जलन या खून आना बहुत कम पेशाब किडनी स्टोन की समस्या समय रहते लक्षण पहचानकर सही इलाज और संतुलित जीवनशैली अपनाने से यूरिक एसिड को नियंत्रित किया जा सकता है।
GWALIOR WEATHER UPDATE: ग्वालियर में 18-19 फरवरी को बारिश का अलर्ट, बदल सकते हैं मौसम के मिजाज!

HIGHLIGHTS: 18-19 फरवरी को बारिश का अलर्ट पश्चिमी विक्षोभ का असर दिन का तापमान 30°C के पार सुबह हल्का कोहरा संभव किसानों की बढ़ी चिंता GWALIOR WEATHER UPDATE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर सहित चंबल संभाग में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। बता दें कि मौसम विभाग के अनुसार 18 और 19 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के असर से हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस सिस्टम का प्रभाव ग्वालियर के साथ श्योपुर, मुरैना, भिंड और दतिया जिलों में भी देखा जा सकता है। फरवरी में यह तीसरा मौका होगा, जब प्रदेश में बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इससे पहले महीने की शुरुआत में ओलावृष्टि और तेज बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी। कई इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद प्रशासन ने सर्वे भी कराया था। महाशिवरात्रि से पहले खजुराहो में वन विभाग ने संभाली सुरक्षा, मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर किया स्थानांतरित दिन में बढ़ेगी गर्मी, रात में रहेगी ठंड रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 11 से 12 डिग्री के बीच रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिनों में दिन का तापमान और बढ़ सकता है। हालांकि, सुबह और रात के समय हल्की ठंड बनी रहेगी। क्या आपकी त्वचा भी पड़ रही है काली? मेलानिन को प्राकृतिक रूप से कम करने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स! 16-17 फरवरी का पूर्वानुमान 16 फरवरी को दिन में गर्मी का असर अधिक रहेगा और रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी होगी। 17 फरवरी को सुबह के समय हल्का कोहरा छा सकता है, लेकिन इस दिन बारिश की संभावना नहीं है।
Skin Care Tips: बदलते मौसम में भी स्किन रहे फ्रेश और हेल्दी, बस फॉलो करें ये ब्यूटी टिप्स

नई दिल्ली । बदलते मौसम की वजह से सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि स्किन भी प्रभावित होती है. अभी ठंड पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. भले ही सुबह और शाम का मौसम अच्छा रहता है, लेकिन दिन की तेज चिलचिलाती धूप लोगों को बाहर निकलने से पहले सोचने पर मजबूर कर रही है. ऐसे में अपनी स्किन को ग्लोइंग बनाए रखने के लिए सही डाइट लेना और स्किन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. मौसम में बदलाव के कारण स्किन पर बुरा असर पड़ता है, जैसे कि ड्राई स्किन, ऑयलीनेस, पिंपल्स या एलर्जी की समस्या. यहां कुछ ऐसे टिप्स दिए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप बदलते मौसम में भी हेल्दी और ग्लोइंग स्किन पा सकते हैं. सनस्क्रीन जरूर लगाएं हर मौसम में सनस्क्रीन का उपयोग करना जरूरी होता है. इसे केवल गर्मियों में ही नहीं बल्कि सर्दियों और बरसात में भी लगाना चाहिए. सनस्क्रीन त्वचा को धूप से होने वाले दाग-धब्बों, झुर्रियों और अन्य समस्याओं से बचाने में मदद करती है. बाहर जाने से पहले SPF 40+ या उससे ज्यादा एसपीएफ वाली सनस्क्रीन जरूर लगाएं. सही मॉइस्चराइजर का करें इस्तेमाल मौसम बदलने के साथ त्वचा में नमी की कमी हो सकती है, इसलिए इसे मॉइस्चराइज करना बेहद जरूरी है. गर्मियों में ग्रीसी और भारी क्रीम की बजाय जेल-बेस्ड या वॉटर-बेस्ड मॉइस्चराइजर का उपयोग करें. हाइड्रेटिंग प्रोडक्ट्स जैसे एलोवेरा, खीरा और गुलाब जल का इस्तेमाल करें, ताकि त्वचा में ताजगी बनी रहे. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है. दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं. पानी की कमी से त्वचा रूखी और बेजान हो सकती है. इसके अलावा, फेस मिस्ट का उपयोग करें, ताकि स्किन को एक्स्ट्रा हाइड्रेशन मिले. चेहरे को दिन में दो बार धोएं गर्मी के कारण धूल, गंदगी और पसीने की वजह से त्वचा ऑयली हो जाती है, जिससे पिंपल्स की समस्या हो सकती है. दिन में कम से कम दो बार फेस वॉश से चेहरा साफ करें. इसके बाद टोनर का इस्तेमाल करें, ताकि पोर्स क्लीन रहें और स्किन फ्रेश दिखे.
क्या आपकी त्वचा भी पड़ रही है काली? मेलानिन को प्राकृतिक रूप से कम करने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स!

नई दिल्ली। हमारी त्वचा का प्राकृतिक रंग ‘मेलानिन’ नाम के पिगमेंट पर निर्भर करता है। हालाँकि मेलानिन सूरज की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों से हमारी रक्षा करता है, लेकिन शरीर में इसकी अधिकता चेहरे पर काले धब्बे, झाइयां और असमान रंगत (पिगमेंटेशन) का कारण बन सकती है। अगर आप भी अपनी त्वचा को एक समान, साफ और चमकदार बनाना चाहते हैं, तो इन 5 आसान और असरदार उपायों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं। 1. सूर्य की किरणों से सुरक्षा सनस्क्रीन का जादूसूरज की यूवी किरणें मेलानिन के उत्पादन को सबसे ज्यादा उत्तेजित करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चाहे खिड़की से आने वाली धूप हो या बादलों वाला मौसम, SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन रोज लगाना अनिवार्य है। इसके अलावा, बाहर निकलते समय टोपी, छाता और हल्के सूती कपड़ों का उपयोग त्वचा को सीधी धूप से बचाने में मदद करता है। 2. विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट्स का सेवनविटामिन C मेलानिन को रोकने का एक पावरहाउस है। यह न केवल त्वचा को अंदर से साफ करता है बल्कि टायरोसिनेस (Tyrosinase) एंजाइम को रोककर मेलानिन उत्पादन धीमा करता है। अपने आहार में संतरा, आंवला, स्ट्रॉबेरी और अंगूर शामिल करें। इसके साथ ही, चेहरे पर अच्छी गुणवत्ता वाला विटामिन C सीरम लगाना भी एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है। ग्रीन टी और बेरीज भी इसमें काफी सहायक होते हैं। 3. नियमित एक्सफोलिएशनत्वचा की ऊपरी मृत कोशिकाओं (Dead Cells) में मेलानिन जमा हो जाता है, जिससे त्वचा डार्क दिखने लगती है। साप्ताहिक स्क्रबिंग या कोमल केमिकल एक्सफोलिएशन से इन मृत कोशिकाओं को हटाया जा सकता है, जिससे नीचे की साफ और नई त्वचा बाहर आती है। ध्यान रहे कि स्क्रब बहुत ज्यादा कठोर न हो, वरना त्वचा छिल सकती है। 4. नींबू और प्राकृतिक फेस पैकनींबू में प्राकृतिक रूप से ब्लीचिंग गुण होते हैं। लेकिन इसे सीधे चेहरे पर लगाने के बजाय दही या शहद के साथ मिलाकर लगाना ज्यादा सुरक्षित है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड और नींबू का विटामिन C मिलकर पिगमेंटेशन को कम करते हैं और त्वचा को हाइड्रेटेड रखते हैं। 5. लाइफस्टाइल में बदलावआपकी त्वचा आपके अंदरूनी स्वास्थ्य का आईना है। पर्याप्त नींद (7-8 घंटे), भरपूर पानी पीना और तनाव मुक्त रहना मेलानिन को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। तनाव से शरीर में हार्मोनल असंतुलन होता है, जो मेलानिन बढ़ा सकता है। इसके साथ ही धूम्रपान और शराब से परहेज करना भी त्वचा की चमक बनाए रखने के लिए जरूरी है। डर्मेटोलॉजिस्ट की राय: विशेषज्ञों का मानना है कि मेलानिन को पूरी तरह खत्म करना न तो संभव है और न ही सही, क्योंकि यह त्वचा का सुरक्षा कवच है। लेकिन सही सनस्क्रीन, संतुलित आहार और स्किनकेयर रूटीन के जरिए डार्क स्पॉट्स और असमान पिगमेंटेशन को काफी हद तक कम किया जा सकता है।