बांग्लादेश के 11वें प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान, 25-सदस्यीय मंत्रिमंडल में शामिल एक हिंदू नेता

ढाका। बांग्लादेश में मंगलवार को एक ऐतिहासिक बदलाव हुआ, जब तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। तारिक रहमान अब बांग्लादेश नेशनल पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय खालिदा जिया के पुत्र के रूप में देश की कमान संभालेंगे। वह बांग्लादेश के 11वें प्रधानमंत्री बने। आम चुनावों में बड़ी जीत के साथ ही उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस की जगह यह पद ग्रहण किया। शपथ ग्रहण समारोह ढाका स्थित संसद भवन के साउथ प्लाजा में शाम 4 बजे आयोजित किया गया। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उन्हें शपथ दिलाई। नई सरकार के मंत्रियों में शामिल प्रमुख चेहरे हैं:- डॉ. खलीलुर रहमान – विदेश मंत्रीसलाहुद्दीन अहमद – गृह मंत्रीडॉ. अमीर खसरू महमूद – वित्त एवं योजना मंत्रीशमा ओबैद – विदेश राज्य मंत्री शपथ ग्रहण समारोह में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति भी रही। भारत से लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भाग लिया। इसके अलावा मलेशिया, पाकिस्तान, मालदीव, तुर्की, श्रीलंका के प्रतिनिधि तथा चीन, सऊदी अरब, यूएई और ब्रुनेई को आमंत्रित किया गया। कैबिनेट मंत्रियों की सूची कुल 25 सदस्यों के मंत्रिमंडल में शामिल हैं:- मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, अमीर खोशरू महमूद चौधरी, सलाहुद्दीन अहमद, इकबाल हसन महमूद, मेजर रिटायर्ड हाफिज उद्दीन अहमद बीर बिक्रम, अबू जफर मोहम्मद जाहिद हुसैन, डॉ. खलीलुर रहमान, अब्दुल अव्वल मिंटू, काजी शाह मोफज्जल हुसैन कैकोबाद, मिजानुर रहमान मीनू, निताई रॉय चौधरी (हिंदू नेता), खंडेकर अब्दुल मुक्तदिर, अरिफुल हक चौधरी, जहीर उद्दीन स्वपन, मोहम्मद अमीन उर रशीद, अफरोजा खानम रीटा, शाहिद उद्दीन चौधरी एनी, असदुल हबीब दुलु, मोहम्मद असदुज्जमां, जकारिया ताहिर, दीपेन दीवान (अल्पसंख्यक), एएनएम एहसानुल हक मिलन, सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन, फकीर महबूब अनम और शेख रबीउल आलम।राज्य मंत्रियों में शामिल प्रमुख नाम एम रशीदुज्जमां मिल्लत, अनिंद्य इस्लाम अमित, एमडी शरीफुल आलम, शमा ओबैद इस्लाम, सुल्तान सलाहुद्दीन टुकू, बैरिस्टर कैसर कमाल, फरहाद हुसैन आजाद, एमडी अमीनुल हक टेक्नोक्रेट मीर मोहम्मद हेलाल उद्दीन, हबीबुर रशीद, एमडी राजीब अहसन, एमडी अब्दुल बारी, मीर शाहे आलम, जोनायद अब्दुर रहीम साकी, इशराक़ हुसैन, फरजाना शर्मिन, शेख फ़रीदुल इस्लाम, नुरुल हक नूर, यासर खान चौधरी, एम इकबाल हुसैन, एमए मुहिथ, अहमद सोहेल मंजूर, बॉबी हज्जाज और अली नेवाज महमूद खैयाम। संसदीय दल का नेता चुना गया बीएनपी ने शपथ ग्रहण से पहले संसदीय दल की बैठक में तारिक रहमान को दल का नेता चुना। उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं से भी मुलाकात की, जिनमें जमात-ए-इस्लामी चीफ शफीकुर रहमान और नेशनल सिटीजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम शामिल थे। चुनाव में बड़ी जीत हाल ही में हुए चुनाव में बीएनपी को 297 में से 209 सीटें मिलीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी केवल 68 सीटों तक सीमित रही। शेख हसीना की आवामी लीग इस चुनाव में भाग नहीं ले सकी। अल्पसंख्यक समुदाय से चार उम्मीदवार जीतकर आए, जिनमें दो हिंदू बीएनपी के टिकट पर विजयी रहे। राजनीतिक अस्थिरता और छात्र आंदोलनों के बाद अब नई सरकार के गठन के साथ बांग्लादेश लोकतांत्रिक ढांचे के तहत सुचारू रूप से चलने लगा है।
मुसीबत में बचाने वाला गाइड! जानें 20–50 की उम्र के लिए टॉप 5 इंश्योरेंस विकल्प
नई दिल्ली। जवानी में इंश्योरेंस लेना सिर्फ टैक्स बचाने की बात नहीं, बल्कि परिवार और सेविंग्स की सुरक्षा का सबसे बड़ा जरिया है। 25 की उम्र में लिया गया प्लान 45-50 की उम्र में लेने के मुकाबले करीब 50% तक सस्ता पड़ सकता है। सही पॉलिसी का चयन जीवन की अनिश्चितताओं में ढाल का काम करता है। 20s: ‘अर्ली बर्ड’ का फायदा20 के दशक में जिम्मेदारियां कम और हेल्थ अच्छी होती है। इस उम्र में टर्म इंश्योरेंस लेना सबसे फायदेमंद होता है। कम प्रीमियम में कवर लॉक हो जाता है और वेटिंग पीरियड भी जल्दी कट जाता है। हेल्थ इंश्योरेंस के लिए कंपनी पर भरोसा कम रखें और ₹5-10 लाख का बेसिक पर्सनल कवर लें। 30s: परिवार और लोन का सुरक्षा कवचइस उम्र में शादी, बच्चे और होम लोन जैसी जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। बेस हेल्थ प्लान के साथ कैंसर या हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों के लिए टॉप-अप कवर लेना चाहिए। अगर बेस प्लान ₹5 लाख का है, तो ₹20 लाख का टॉप-अप सस्ता पड़ता है और बड़ी सर्जरी में काम आता है। 40s-50s: रिटायरमेंट और एसेट प्रोटेक्शनइस उम्र में फोकस होना चाहिए कि जमा पूंजी किसी बीमारी या एक्सीडेंट में खर्च न हो। पर्सनल एक्सीडेंट कवर और टर्म प्लान लेना महत्वपूर्ण है। रिकवरी में समय ज्यादा लगता है, इसलिए परिवार और सेविंग्स दोनों को सुरक्षित रखने के लिए सही कवर जरूरी है। लाइफ के Big-5 इंश्योरेंस प्लानइंश्योरेंस प्रकार क्यों जरूरी लाभटर्म इंश्योरेंस गैर-मौजूदगी में परिवार की आर्थिक सुरक्षा कर्ज मुक्त और भविष्य सुरक्षित रखता हैहेल्थ इंश्योरेंस मेडिकल खर्च से बचाव सेविंग्स को हॉस्पिटल बिल से सुरक्षित रखता हैएक्सीडेंट कवर दुर्घटना से विकलांगता या आय रुकने पर काम न कर पाने पर भी आय का सहारा देता हैक्रिटिकल इलनेस कवर कैंसर, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों में इलाज के दौरान एकमुश्त राशि देता हैमोटर इंश्योरेंस गाड़ी से जुड़े नुकसान और कानूनी जोखिम से बचाव थर्ड पार्टी क्लेम और मरम्मत खर्च से राहत इंश्योरेंस लेने से पहले ध्यान देंहमेशा 95%+ CSR वाली कंपनी चुनें। पुरानी बीमारियां या सिगरेट की आदत साफ बताएं, झूठ बोलने पर क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। बेस पॉलिसी में ‘प्रीमियम वेवर’ जैसे राइडर जरूर जोड़ें, ताकि मुसीबत में आगे के प्रीमियम माफ हो जाए। इंश्योरेंस के प्रकार और फायदेटर्म इंश्योरेंस – परिवार को आर्थिक सुरक्षा और कर्ज मुक्त रखता है। हेल्थ इंश्योरेंस – मेडिकल महंगाई से बचाव और कैशलेस सुविधा। क्रिटिकल इलनेस कवर – गंभीर बीमारी में इलाज के खर्च के लिए एकमुश्त राशि। पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस – दुर्घटना में आय का सहारा। मोटर इंश्योरेंस – सड़क दुर्घटना या चोरी से कानूनी और वित्तीय सुरक्षा।
भारत-फ्रांस मिलकर बनाएंगे एवरेस्ट ऊंचाई तक उड़ने वाला हेलीकॉप्टर

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि भारत और फ्रांस मिलकर विश्व का पहला हेलीकॉप्टर बनाएंगे, जो माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकेगा। पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा:फ्रांस भारत का सबसे पुराना स्ट्रैटजिक पार्टनर है। दोनों देश अब स्पेशल, ग्लोबल और स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप के रूप में संबंधों को आगे बढ़ा रहे हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य वैश्विक स्थिरता और प्रगति सुनिश्चित करना है। भारत और फ्रांस मिलकर इंडस्ट्री और इनोवेशन में सहयोग करेंगे, और स्टूडेंट और रिसर्च एक्सचेंज को बढ़ावा देंगे। हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भी भारत-फ्रांस संबंधों में अभूतपूर्व गति लाएगा। यह परियोजना दोनों देशों के उच्च तकनीक और एविएशन अनुसंधान में सहयोग को भी दर्शाती है और हेलीकॉप्टर उद्योग में नई प्रौद्योगिकी के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। एवरेस्ट तक उड़ान भरने वाला हेलीकॉप्टर: दुनिया में पहला भारत-फ्रांस तकनीकी और औद्योगिक सहयोग ग्लोबल स्ट्रैटिजिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूती शिक्षा और रिसर्च एक्सचेंज को सुगम बनाना यह घोषणा भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते तकनीकी, औद्योगिक और वैश्विक सहयोग का प्रतीक है। तीन दिन का आधिकारिक दौरा फ्रांस के राष्ट्रपति 17 से 19 फरवरी तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा दौरा है और मुंबई में उनका पहला आधिकारिक कार्यक्रम है। राष्ट्रपति मैक्रों भारत सरकार के निमंत्रण पर एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए हैं। इस दौरे के दौरान वह 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में भी शामिल होंगे। भारत रवाना होने से पहले क्या बोले मैक्रों भारत आने से पहले राष्ट्रपति मैक्रों ने एक्स पर लिखा था कि वह मुंबई से नई दिल्ली तक तीन दिन के दौरे पर आ रहे हैं, ताकि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने बताया कि उनके साथ व्यापार, उद्योग, संस्कृति और डिजिटल क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोग भी भारत आ रहे हैं, जो दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आगे लिखा, साथ मिलकर हम अपने सहयोग को और आगे बढ़ाएंगे। कल मिलते हैं, मेरे प्यारे दोस्त नरेंद्र मोदी।
स्किन केयर में इन बातों का रखें ध्यान, बढ़ती उम्र में होगा एजिंग से बचाव

नई दिल्ली। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, चेहरे पर झुर्रियां और रिंकल्स दिखाई देने लगते हैं। लेकिन अगर तीस की उम्र में ही झुर्रियां दिखने लगें, तो इसकी सबसे बड़ी वजह स्किन केयर में लापरवाही है। सही देखभाल और कुछ आदतों को अपनाकर चेहरे की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है। सुबह उठकर करें स्किन क्लीनिंगसुबह उठते ही कॉटन पैड की मदद से चेहरे को साफ करें। इसके साथ ही बाहर से आने के बाद भी स्किन को क्लीन करना जरूरी है। यह धूल, पॉल्यूशन और अन्य मैल को दूर करता है। चेहरे को साफ करने के बाद हमेशा मॉइस्चराइज़र लगाएं, ताकि त्वचा नमी बनी रहे और ड्रायनेस से बचा जा सके। स्क्रबर और फेशवॉश का चयन सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमालबाहर जाने से पहले एसपीएफ 50 वाले सनस्क्रीन का उपयोग अनिवार्य करें। सूरज की यूवी किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं और एजिंग को तेज करती हैं। प्रोडक्ट्स में क्वालिटी और एंटीऑक्सीडेंटसस्ते और चिप स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें। हमेशा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर प्रोडक्ट्स का चयन करें। विटामिन C और E त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं और झुर्रियों को कम करने में प्रभावी हैं। रात को मेकअप हटाना और घरेलू नुस्खेसोने से पहले हमेशा मेकअप हटा दें। अगर मेकअप नहीं किया है, तब भी चेहरे को पानी से धोकर ही सोएं। त्वचा की देखभाल के लिए घरेलू नुस्खों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। बेसन, हल्दी, दही, शहद और एलोवेरा त्वचा को पोषण देते हैं और उसे नरम व दमकदार बनाते हैं।
मप्र की जीडीपी में 11.14% वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,69,050 हुई

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 सदन में प्रस्तुत किया। सर्वेक्षण के मुताबिक, राज्य की जीडीपी GSDP में 11.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,69,050 हो गई है। देवड़ा ने कहा कि मध्य प्रदेश ने संतुलित और समावेशी विकास का मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमान के अनुसार राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद प्रचलित भाव पर ₹16,69,750 करोड़ आंका गया है, जो 2024-25 के ₹15,02,428 करोड़ की तुलना में 11.14% अधिक है। स्थिर 2011-12 भाव पर जीएसडीपी ₹7,81,911 करोड़ अनुमानित है, जो 8.04% की वास्तविक वृद्धि दर्शाता है।प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी वर्ष 2011-12 में ₹38,497 रही प्रति व्यक्ति आय 2025-26 में बढ़कर ₹1,69,050 हो गई है। स्थिर भाव पर यह आय ₹76,971 तक पहुंची है। क्षेत्रवार योगदान प्राथमिक क्षेत्र: 43.09% प्रचलित भाव द्वितीयक क्षेत्र: 19.79% तृतीयक क्षेत्र: 37.12% स्थिर भाव पर तृतीयक क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक 40.28% रहा।कृषि और ग्रामीण विकास प्राथमिक क्षेत्र का जीएसवीए ₹6,79,817 करोड़ रहा, जो 7.31% वृद्धि दर्शाता है। फसल उत्पादन में 7.66% और खाद्यान्न उत्पादन में 14.68% वृद्धि दर्ज की गई। दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुंचा। 72,975 किमी ग्रामीण सड़कें और 40.82 लाख ग्रामीण आवास निर्माण से ग्रामीण ढांचे को मजबूती मिली। उद्योग और निवेश द्वितीयक क्षेत्र का जीएसवीए ₹3,12,350 करोड़ रहा, जो 9.93% वृद्धि दर्शाता है। 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिससे ₹1.17 लाख करोड़ निवेश और 1.7 लाख रोजगार की संभावनाएं बनीं। एमएसएमई सहायता ₹2,162 करोड़ रही। सेवा क्षेत्र में तेज वृद्धि तृतीयक क्षेत्र का जीएसवीए ₹5,85,588 करोड़ रहा, जो 15.80% वृद्धि दर्शाता है। पर्यटन क्षेत्र में 13.18 करोड़ पर्यटक आए।वित्तीय अनुशासन और सामाजिक क्षेत्र राजस्व में 13.57% वृद्धि और ऋण-जीएसडीपी अनुपात 31.3% रहा। अमृत 2.0 के तहत ₹4,065 करोड़ आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में 8.75 लाख आवास पूर्ण स्वास्थ्य व्यय ₹34,112 करोड़ जीएसडीपी का 3% ,4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी मातृ मृत्यु दर घटकर 142 प्रति लाख जीवित जन्म शिक्षा और कौशल कुल बजट का 10.37% शिक्षा के लिए आवंटित। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य, कक्षा 6-8 में 6.3%। 45,668 विद्यार्थियों को ₹500 करोड़ की सहायता। तकनीकी शिक्षण संस्थान 1,625 से बढ़कर 2,070 हुए। देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व में राज्य आर्थिक प्रगति की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
दिल्ली: BJP विधायक हरीश खुराना ने AAP पर कसा तंज, कहा- सौरभ भारद्वाज खुद ही कर रहे 'सेल्फ गोल'

नई दिल्ली। दिल्ली में बीजेपी विधायक हरीश खुराना ने आम आदमी पार्टी (आप) और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार के कामकाज को अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम हजम नहीं कर पा रही है. इसी वजह से आप के नेता लगातार बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं. हरीश खुराना ने कहा कि दिल्ली को राहुल गांधी की तरह एक नया नेता मिल गया है, जो अब सौरभ भारद्वाज के रूप में सामने आ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सौरभ भारद्वाज खुद ही ‘सेल्फ गोल’ कर रहे हैं और हर मामले में बीजेपी को दोषी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं. इस मामले में सेल्फ गोल कर रहे सौरभ भारद्वाज- हरीश खुरानाबीजेपी विधायक हरीश खुराना ने कहा कि जिस मामले को लेकर सौरभ भारद्वाज सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारद्वाज सेल्फ गोल कर रहे है. यह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि साल 2020 से जुड़ा हुआ है. उस समय दिल्ली में आप की सरकार थी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल थे. इसके अलावा जिस एपीजे स्कूल का जिक्र किया जा रहा है. उसमें 2025 में बच्चों के रोल नंबर रोके गए थे. उस वक्त भी दिल्ली में आप की ही सरकार थी और मुख्यमंत्री आतिशी थीं. ‘आप नेताओं ने मैनेजमेंट कोटे के तहत कराए बड़े पैमाने पर एडमिशन’हरीश खुराना ने साफ कहा कि अब बीजेपी सरकार ने नया कानून बनाया है, जिसके तहत किसी भी बच्चे का रोल नंबर नहीं रोका जा सकता. उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार जो नया बिल लेकर आई है. उसका विरोध कौन-सी एनजीओ कर रही है और उस एनजीओ का संबंध सौरभ भारद्वाज से क्यों जुड़ा हुआ है. उन्होंने उस एनजीओ का नाम जस्टिस फॉर ऑल बताया. बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि आप के नेताओं ने मैनेजमेंट कोटे के तहत बड़े पैमाने पर एडमिशन कराए हैं. उन्होंने पूछा कि जब आपकी सरकार थी, तब आपने ऐसा कानून क्यों नहीं बनाया, जिससे इन गड़बड़ियों पर रोक लगती है. एडमिशन की सूची सार्वजनिक करेंगी सीएम- खुरानाहरीश खुराना ने यह भी कहा कि जल्द ही रेखा सरकार मैनेजमेंट कोटे से कराए गए सभी एडमिशन की सूची सार्वजनिक करेगी. इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि जस्टिस फॉर ऑल एनजीओ का आप से क्या रिश्ता है. इसकी जांच होनी चाहिए और इस एनजीओ को मिलने वाली फंडिंग कहां से आ रही है, इसकी भी दिल्ली सरकार द्वारा पूरी जांच कराई जाए.
बांग्लादेश की नई सरकार में एक हिंदू और एक बौद्ध मंत्री को मिली जगह, जानें कौन हैं ये दोनों नेता?

नई दिल्ली। बांग्लादेश में तारिक रहमान की ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। उनके साथ कई मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की। खास बात यह है कि तारिक रहमान के मंत्रिमंडल में एक हिंदू और एक बौद्ध नेता को भी जगह मिली है। जानकारी के मुताबिक हिंदू नेता निताई रॉय चौधरी और बौद्ध नेता के तौर पर दीपेन दीवान चकमा ने तारिक सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। कौन हैं निताई रॉय चौधरी और दीपेन दीवान चकमा?निताई रॉय चौधरी बीएनपी की नीति-निर्माण संबंधी शीर्ष स्थायी समिति के सदस्य हैं, जबकि निताई रॉय चौधरी पार्टी के प्रमुख उपाध्यक्षों में से एक होने के साथ-साथ इसके शीर्ष नेतृत्व के लिए एक वरिष्ठ सलाहकार और रणनीतिकार भी हैं। BNP के टिकट पर पश्चिमी मगुरा चुनाव क्षेत्र से निताई रॉय चौधरी ने जीत हासिल की। उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार को हराया। जनवरी 1949 में पैदा हुए निताई रॉय चौधरी बांग्लादेश के प्रतिष्ठित वकील हैं। वह पहले भी सांसद रह चुके हैं। वहीं दिपेन दीवान चमका बौद्ध बहुसंख्यक चकमा जातीय अल्पसंख्यक समूह से संबंधित हैं, जिन्होंने दक्षिण-पूर्वी रंगमती पहाड़ी जिले के एक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। चार अल्पसंख्यक नेताओं की मिली थी जीतदरअसल, बांग्लादेश में हुए संसदीय चुनावों में अल्पसंख्यक समुदायों के 4 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। विजयी हुए उम्मीदवारों में 2 हिंदू और 2 बौद्ध नेता थे। इनमें से एक हिंदू और एक बौद्ध नेता को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। आम चुनाव में जीत हासिल करने वाले चारों अल्पसंख्यक नेता बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के उम्मीदवार थे हैं। चुनाव में जीत हासिल करने वाले हिंदू नेताओं में गायेश्वर चंद्र रॉय और निताई रॉय चौधरी का नाम है, जबकि दो बौद्ध नेताओं की बात करें तो ये सचिन प्रू और दीपेन दीवान चकमा का नाम है। तारीक रहमान बने बांग्लादेश के प्रधानमंत्रीबता दें कि बांग्लादेश के आम चुनावों में अपनी पार्टी को जबरदस्त जीत दिलाने के कुछ दिनों बाद तारिक रहमान ने मंगलवार को बांग्लादेश के नए प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने लंबे समय से चली आ रही परंपरा से हटकर, 60 वर्षीय तारिक रहमान को बंगभवन के बजाय जातीय संसद के साउथ प्लाजा में पद की शपथ दिलाई। इससे पहले दिन में, तारिक रहमान को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के सांसदों द्वारा संसदीय दल के नेता के रूप में चुना गया था।
FINANCIAL ALERT: 10 फाइनेंशियल मिस्टेक्स जो किसी को भी नहीं करनी चाहिए, समय रहते समझने में है समझदारी

FINANCIAL ALERT: नई दिल्ली। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में कमाई बढ़ाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है पैसों का सही प्रबंधन करना। अक्सर आर्थिक संकट बड़ी वजहों से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी वित्तीय गलतियों से पैदा होता है। अनियोजित खर्च, बढ़ता क्रेडिट कार्ड बिल, बिना योजना के बड़े खरीद फैसले और बचत की अनदेखी-ये सभी मिलकर वित्तीय स्थिरता को कमजोर कर देते हैं। अगर समय रहते इन आदतों पर नियंत्रण न किया जाए, तो अच्छी आय होने के बावजूद आर्थिक दबाव बना रह सकता है। आइए, यहां हम उन 10 गलतियों की चर्चा करते हैं, जिनसे हर किसी को बचना चाहिए। गैर-जरूरी खर्च कभी-कभार महंगी कॉफी, बाहर खाना या पेड मूवी ऑर्डर करना मामूली लग सकता है, लेकिन ये छोटे खर्च मिलकर बड़ा बोझ बन जाते हैं। मान लीजिए, अगर आप हर हफ्ते बाहर खाने पर 500 रुपये खर्च करते हैं, तो साल भर में यह 24000 रुपये हो जाता है। यह रकम छोटे-मोटे कर्ज चुकाने या सेविंग में लगाई जा सकती है। आर्थिक तंगी के समय ऐसे खर्चों से बचना बेहद जरूरी है। बार-बार होने वाले नियमित खर्च हर महीने या सालाना कटने वाले खर्चों पर नजर डालें- जैसे कई स्ट्रीमिंग सब्सक्रिप्शन या महंगे जिम मेंबरशिप। खुद से पूछें, क्या ये जरूरत हैं या सिर्फ चाहत? कई बार कम खर्च वाला विकल्प भी काम चला सकता है और आपको बचत का मौका दे सकता है। क्रेडिट कार्ड का ज्यादा उपयोग गैर-जरूरी चीजों के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आम हो गया है। लेकिन अगर आप महीने के आखिर तक पूरा बकाया नहीं चुका पाते, तो ऊंची ब्याज दरें खरीदी गई वस्तुओं को बेहद महंगा बना देती हैं। कई बार क्रेडिट कार्ड के चलते लोग अपनी आय से ज्यादा खर्च कर बैठते हैं। गाड़ी खरीदने में जल्दबाजी हर साल लाखों नई गाड़ियां बिकती हैं, लेकिन बहुत कम लोग उन्हें नकद खरीद पाते हैं। लोन लेकर गाड़ी खरीदना आसान लगता है, लेकिन किस्त भर पाने की क्षमता और गाड़ी का वास्तविक खर्च उठाने की क्षमता अलग बातें हैं। ध्यान रहे, गाड़ी एक घटती कीमत वाली संपत्ति है। उस पर ब्याज देना आर्थिक रूप से नुकसानदायक हो सकता है। बार-बार गाड़ी बदलना भी घाटे का सौदा साबित होता है। जरूरत के अनुसार गाड़ी का चुनाव ही समझदारी है। दिखावे के लिए महंगी SUV खरीदना बजट पर भारी पड़ सकता है। घर पर जरूरत से ज्यादा खर्च घर खरीदते समय “बड़ा ही बेहतर है” हमेशा सही नहीं होता। बड़ी प्रॉपर्टी का मतलब ज्यादा टैक्स, मेंटेनेंस और यूटिलिटी बिल। मॉर्गेज के अलावा अन्य नियमित खर्चों पर भी विचार करना जरूरी है। घर ऐसा हो, जो आपकी जरूरत और बजट दोनों के मुताबिक हो। बार-बार रीफाइनेंसिंग करना अगर आप घर की जरूरत के लिए बार-बार रीफाइनेंसिंग करते हैं तो यह जोखिम भरा हो सकता है। अगर कम ब्याज दर पर कर्ज चुकाने के लिए ऐसा किया जाए तो ठीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल क्रेडिट कार्ड की तरह करना अनावश्यक ब्याज का कारण बन सकता है। बचत न करना कई परिवार “पेचेक टू पेचेक” जीवन जी रहे हैं। ऐसे में एक वेतन न मिलना भी संकट पैदा कर सकता है। आपातकालीन फंड का होना बेहद जरूरी है, खासकर आर्थिक मंदी जैसे समय में। रिटायरमेंट के लिए निवेश न करना अगर आपका पैसा निवेश के जरिए काम नहीं कर रहा, तो आरामदायक रिटायरमेंट मुश्किल हो सकता है। रिटायरमेंट खातों में नियमित निवेश लंबी अवधि में वित्तीय सुरक्षा देता है। इसलिए किसी अच्छी रिटायरमेंट स्कीम में अभी से निवेश की शुरुआत कर दें। कर्ज चुकाने के लिए रिटायरमेंट फंड का इस्तेमाल कुछ लोग ऊंचे ब्याज वाले कर्ज से बचने के लिए रिटायरमेंट फंड निकालने का सोचते हैं। ऐसा करने से कंपाउंडिंग का लाभ खत्म हो जाता है और तय वर्ष से कम उम्र में निकासी पर पेनल्टी भी लग सकती है। रिटायरमेंट फंड को छूना बिल्कुल आखिरी विकल्प होना चाहिए। वित्तीय योजना का अभाव आज के डिजिटल दौर में लोग घंटों मनोरंजन और सोशल मीडिया पर व्यतीत कर देते हैं, लेकिन अपने वित्तीय भविष्य की योजना बनाने के लिए समय नहीं निकालते। परिणामस्वरूप, आय और खर्च का सही आकलन नहीं हो पाता और बचत व निवेश की दिशा अस्पष्ट रह जाती है। बिना ठोस वित्तीय योजना के भविष्य अनिश्चित और असुरक्षित बन सकता है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप नियमित रूप से अपनी आय, खर्च, बचत और निवेश की समीक्षा करें और स्पष्ट वित्तीय लक्ष्य तय करें।
MP BUDGET SESSION: मप्र विधानसभा में ₹19,287 करोड़ का तीसरा अनुपूरक बजट पेश, राजस्व और पूंजीगत मद में बड़ा प्रावधान

MP BUDGET SESSION: भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। यह अनुपूरक बजट 19,287 करोड़ 32 लाख रुपये का है। इसके साथ ही आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 भी सदन के पटल पर रखा गया। प्रस्तुत अनुपूरक बजट में राजस्व मद में 8,934.03 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद में 10,353.29 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रमुख विभागों को आवंटन सामान्य प्रशासन विभाग ₹100 करोड़ राजस्व विभाग ₹100 करोड़ वन विभाग ₹161 करोड़ औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग ₹1,250 करोड़ वित्त विभाग ₹1,650 करोड़ वाणिज्यिक कर विभाग ₹1,388 करोड़ खनिज विभाग माइनिंग फंड ₹321 करोड़ रक्षित निधि अंतरण योजना ₹140 करोड़ ऊर्जा विभाग ₹2,630 करोड़ श्रम विभाग ₹615 करोड़ 10 फाइनेंशियल मिस्टेक्स जो किसी को भी नहीं करनी चाहिए, समय रहते समझने में है समझदारी नगरीय विकास एवं आवास विभाग ₹2,569 करोड़ स्थानीय निकाय ₹248 करोड़ मिलियन शहर नर्मदा घाटी विकास विभाग ₹4,700 करोड़ जल संसाधन विभाग ₹300 करोड़ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ₹300 करोड़ तकनीकी शिक्षा विभाग ₹720 करोड़ एमएसएमई विभाग ₹213 करोड़ सरकार के अनुसार यह अनुपूरक बजट विकास योजनाओं, अधोसंरचना विस्तार और विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लाया गया है।
CONGRESS MLA CONTROVERCY: महाशिवरात्रि हर्ष फायर विवाद: श्योपुर विधायक पर FIR, कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया झूठा

HIGHLIGHTS: श्योपुर विधायक बाबू जंडेल पर महाशिवरात्रि हर्ष फायरिंग का FIR दर्ज कांग्रेस ने FIR को झूठा और षड्यंत्रपूर्ण बताया घटना में एयरगन (खिलौना बंदूक) का प्रयोग बताया गया भाजपा युवा मोर्चा पर बिना तथ्य कार्रवाई करने का आरोप मामला वापस न लिए जाने पर कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी CONGRESS MLA CONTROVERCY: ग्वालियर। श्योपुर के महाशिवरात्रि उत्सव के दौरान कथित हर्ष फायरिंग को लेकर विधायक बाबू जंडेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद सियासत गर्मा गई है। बता दें कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बड़ौदा ने इसे झूठा और षड्यंत्रपूर्ण बताया है साथ ही और मामले को रद्द करने की मांग की है। बजट सत्र में हंगामा, सीएम को ‘नीलकंठ’ बनने की सीख; विजयवर्गीय भीड़ देखकर हैरान कांग्रेस ने थाना पहुंचकर दिया ज्ञापन ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुरारीलाल प्रजापति के नेतृत्व में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़ौदा थाना में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एफआईआर की निष्पक्ष जांच कर इसे निरस्त करने की मांग की गई है। FRAUD LIVE-IN PARTNER: शादी से 4 दिन पहले लिव-इन पार्टनर फरार: युवती बोली– अब शादी नहीं, सजा चाहिए हर्ष फायरिंग में एयरगन का प्रयोग ज्ञापन में बताया गया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर खेमजी महाराज स्थल पर शिव-पार्वती प्राण प्रतिष्ठा के दौरान शिव बारात निकाली गई। इस दौरान घोड़े पर सवार विधायक को किसी श्रद्धालु ने खिलौने जैसी एयरगन (चिड़ी मार बंदूक) थमा दी थी, जिसे उन्होंने चलाया। कांग्रेस का दावा है कि यह किसी भी प्रकार से आपराधिक श्रेणी में नहीं आता। सेंसेक्स 173 अंक चढ़कर 83,450 पर बंद, निफ्टी 25,725 पर; बैंकिंग और IT शेयरों में खरीदारी BJP पर आरोप, आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा युवा मोर्चा ने बिना तथ्यों की जांच के शिकायत दर्ज कराई है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि यह कार्रवाई वापस नहीं ली गई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।