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एमपी विधानसभा में गूंजा भागीरथपुरा का मुद्दा, दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने किया सांकेतिक प्रदर्शन

भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस विधायकों ने गंदे पानी से भरी बोतलें और नारे लिखी तख्तियां हाथ में लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत होना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस गंभीर मामले में अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है। सिंघार ने मांग की कि जिम्मेदार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा दें और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रदेशवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में जनता को दूषित और मलयुक्त पानी मिलना गंभीर चिंता का विषय है। राज्यपाल के अभिभाषण में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के दावे किए गए, लेकिन जमीनी स्थिति अलग है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर जनता की आवाज उठाते हुए सदन में प्रस्ताव रखा है और सरकार से स्पष्ट करने को कहा है कि क्या इस विषय पर गंभीर चर्चा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है, क्योंकि हर व्यक्ति महंगा आरओ पानी खरीदने में सक्षम नहीं है। स्वच्छ पानी जनता का बुनियादी अधिकार है। सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि इतनी बड़ी संख्या में मौतों के बावजूद सरकार विधानसभा में चर्चा से बच रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।

Salim Khan Hospitalised: सलमान के पिता सलीम खान की तबीयत बिगड़ी, लीलावती अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली। बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर राइटर और सलमान के पिता सलीम खान की अचानक तबीयत बिगड़ गई है. जिसके बाद उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एक्टर के पिता की तबीयत किस वजह से बिगड़ी फिलहाल उनकी हेल्थ कंडीशन के बारे में और जानकारी का इंतजार है. हालांकि, सलमान खान को सुबह हॉस्पिटल में देखा गया था. ‘बैटल ऑफ गलवान’ को लेकर बिजी चल रहे एक्टर टाइट सिक्योरिटी के बीच हॉस्पिटल के बाहर नजर आए. सोशल मीडिया पर जैसे ही सलमान खान का हॉस्पिटल के बाहर से वीडियो सामने आया, तो उनके फैन्स भी चिंता में पड़ गए. लोग लगातार एक्टर के पिता की अच्छी सेहत के लिए दुआएं कर रहे हैं. सलमान के पिता सलीम खान की उम्र 90 साल है. फिलहाल उनकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी खान परिवार की तरफ से नहीं दी गई है. यहां तक कि सलमान खान ने भी हॉस्पिटल के बाहर मीडिया से कुछ नहीं कहा. क्या कुछ सलीम खान को हुआ या फिर उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे. हालांकि, सलमान के अलावा दूसरे फैमिली मेंबर्स अबतक हॉस्पिटल में नहीं दिखे हैं. हॉस्पिटल के बाहर दिखे सलमानइंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सलमान खान ब्लैक टी-शर्ट में हॉस्पिटल से बाहर आते दिख रहे थे. टाइट सिक्योरिटी के बीच उनकी गाड़ी वहां से निकली. हालांकि, एक्टर के चेहरे पर टेंशन साफ दिखाई दे रही है. उनके साथ जो बाकी लोग दिख रहे हैं, उनमें से कई लोगों ने बैटल ऑफ गलवान की टी-शर्ट पहनी हुई थी. वहीं, अब नए वीडियो में अतुल अग्निहोत्री भी लीलावती हॉस्पिटल पहुंचते नजर आए. दरअसल अतुल अग्निहोत्री प्रोड्यूसर हैं, साथ ही सलमान की बहन अलवीरा खान के पति हैं. हालांकि, सलमान खान कब हॉस्पिटल पहुंचे, इसकी जानकारी नहीं है. पर वहां से निकलते हुए वो स्पॉट हो गए. दरअसल सलमान खान ने 60 साल की उम्र में भी शादी नहीं की है. वो अपने माता-पिता के साथ ही रहते हैं और उनकी देखभाल करते हैं. कौन हैं सलीम खान?दरअसल सलीम ख़ान हिन्दी फ़िल्मों के मशहूर राइटर हैं. सलीम खान का जन्म इंदौर के बालाघाट शहर में हुआ था. सलीम खान अपने माता-पिता की सबसे छोटी संतान हैं. जब सलीम खान 14 साल के थे, तब तक उनके माता-पिता दोनों मृत्यु हो गई. उन्होंने पहली शादी सुशीला चरक नाम की एक मराठी हिन्दू महिला से की. जिन्होंने शादी के बाद अपना नाम सलमा रख लिया. सलमान खान, अरबाज खान , सुहेल खान और अलवीरा उन्हीं के बच्चे हैं. जबकि, दूसरी शादी हेलन से की, जिनसे कोई बच्चे नहीं है.

इंदौर के खजराना मंदिर में गैंगस्टर के दर्शन का मामला: सतीश भाऊ और पत्नी पर केस, 1 आरोपी गिरफ्तार

इंदौर । इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में मंदिर के गर्भगृह में दबाव बनाकर दर्शन करवाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कुख्यात बदमाश सतीश भाऊ और उनकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामला तब उजागर हुआ जब मंदिर प्रबंधन ने शिकायत दर्ज कराई कि आकाश रावत नामक आरोपी ने दबाव बनाकर सतीश भाऊ को गर्भगृह में प्रवेश दिलाया। खजराना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आकाश रावत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद मामले की गहन जांच की जा रही है और अन्य आरोपी भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। बताया गया है कि मंदिर में दबाव बनाकर किसी भी व्यक्ति को गर्भगृह में प्रवेश कराने का प्रयास कानून और धार्मिक मान्यताओं दोनों के खिलाफ है। इस मामले का ध्यान शासन-प्रशासन और मीडिया दोनों ने प्रमुखता से आकर्षित किया। लल्लूराम ने इस घटना को प्रकाशित कर प्रशासन की नींद उड़ा दी। खबर के प्रकाशन के बाद प्रशासन हरकत में आया और मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी। सतीश भाऊ और उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज मामला गर्भगृह में अवैध प्रवेश और दबाव बनाने के प्रयास से संबंधित है। मंदिर प्रशासन ने कहा कि धार्मिक स्थलों में किसी भी व्यक्ति के लिए नियमों और अनुशासन का पालन जरूरी है। इस कार्रवाई से साफ संदेश गया कि कानून और धार्मिक मान्यताओं के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आकाश रावत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी जांच के दायरे में है। फिलहाल मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने एक महीने के लिए कैंपस में प्रोटेस्ट पर लगाया बैन, लॉ एंड ऑर्डर की चिंता बताई वजह

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी से एक बड़ी खबर सामने आई है। DU ने लॉ एंड ऑर्डर की चिंता का हवाला देते हुए एक महीने के लिए कैंपस में प्रोटेस्ट पर बैन लगा दिया है। एक माह के लिए यूनिवर्सिटी ने कैंपस में किसी भी तरह की पब्लिक मीटिंग, जुलूस, प्रदर्शन और विरोध पर रोक लगाई है। इस संबंध में एक ऑर्डर जारी किया गया है। 17 फरवरी के एक ऑर्डर में, DU के प्रॉक्टर ऑफिस ने कहा कि यह रोक इस इनपुट के बाद लगाई गई है कि “बिना रोक-टोक के पब्लिक गैदरिंग” से हालात बिगड़ सकते हैं और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। जारी किए गए आदेश में सिविल लाइंस के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर के पहले के एक निर्देश का भी जिक्र किया गया है, जिसमें पब्लिक मीटिंग, टॉर्च या ऐसी ही कोई चीज ले जाने, नारे लगाने और ऐसे भाषण देने पर रोक लगाई गई थी, जिनसे पब्लिक शांति या ट्रैफिक फ्लो पर असर पड़ सकता है। DU के प्रॉक्टर मनोज कुमार ने क्या कहाDU के प्रॉक्टर मनोज कुमार ने अपने एक बयान में कहा कि पहले, ऑर्गनाइज़र अक्सर ऐसे प्रोटेस्ट को कंट्रोल करने में नाकाम रहे जो बढ़ते गए और बड़े पैमाने पर फैल गए, जिससे यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ गया। आदेश में लिखा है, “पांच या उससे अधिक लोगों का इकट्ठा होना, नारे लगाना और भाषण देना, मशाल, बीकन/टॉर्च वगैरह जैसी कोई भी खतरनाक चीज ले जाना मना है।” इसमें आगे यह भी कहा गया है, “यह बैन तुरंत लागू होगा और एक महीने तक लागू रहेगा, अगर इसे पहले नहीं हटाया जाता है।” इसलिए आया ऑर्डरबता दें कि यह आदेश हाल के विवादों के बाद आया है, जहां पिछले वीक एक विरोध प्रदर्शन के दौरान दो स्टूडेंट ग्रुप के बीच हाथापाई के बाद दिल्ली पुलिस ने दो FIR दर्ज की थीं। 12 फरवरी को, हिस्टोरियन इरफान हबीब पर एक बाल्टी पानी फेंका गया था, जब वह एक सोशल जस्टिस प्रोग्राम में बोल रहे थे। (इनपुट- पीटीआई)

नरसिंहपुर में सड़क हादसा: ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में युवक की मौत, CCTV में दिखा खौफनाक मंजर

नरसिंहपुर । नरसिंहपुर के करेली क्षेत्र में सोमवार सुबह रांकई रोड पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। घटना की जानकारी के अनुसार पिपरिया के प्रवीन नौरिया सुबह करीब 9 बजे ट्रेन पकड़ने की जल्दी में बाइक चला रहे थे। जैसे ही वह रानी कमलापति से अधारताल जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन के समय से मेल खाने की कोशिश कर रहे थे, उनकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। इस दौरान सामने से आ रही एक अन्य बाइक से जोरदार टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर तक घिसटते चले गए। हादसा यहीं खत्म नहीं हुआ, पीछे से आ रही एक तीसरी बाइक ने भी गिरे हुए दोनों बाइक सवारों को टक्कर मार दी, जिससे हादसा और गंभीर हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रवीन को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना का CCTV फुटेज भी सोमवार रात सामने आया, जिसमें प्रवीन की तेज रफ्तार और असंतुलित बाइक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। फुटेज में हादसे की पूरी भयावहता दिखाई दे रही है। करेली पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच कर रहे हैं कि हादसे के लिए किन-किन कारकों ने भूमिका निभाई। पुलिस ने बताया कि जल्दबाजी और तेज रफ्तार इस दुर्घटना के प्रमुख कारण हैं। हादसे की वजह से इलाके में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने की गंभीर जरूरत पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सड़क पर बाइक की तेज रफ्तार और नियंत्रण खोना किस हद तक जानलेवा साबित हो सकता है, इसका यह हादसा जीता जागता उदाहरण है। प्रशासन और पुलिस की कोशिश है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।

शहडोल में रिहायशी इलाके में बायो वेस्ट बम: अस्पतालों ने सड़क को बना दिया डंपिंग ग्राउंड, गोवंश और इंसानों के लिए खतरा

शहडोल । शहडोल के बुढार नगर में एक ऐसा दृश्य सामने आया है जिसने लोगों को हिलाकर रख दिया। हनुमान मंदिर के ठीक बगल सड़क किनारे खुलेआम फेंके गए मेडिकल बायो वेस्ट ने न सिर्फ इंसानों के लिए खतरा बढ़ा दिया है बल्कि बेजुबान गोवंश की जान भी खतरे में डाल दी है। इंजेक्शन, नीडल और दवाइयों के खतरनाक कचरे को मवेशी चारे की तरह खा रहे हैं। स्थानीय निवासी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान उन्होंने हनुमान मंदिर के पास सड़क किनारे पड़े मेडिकल अपशिष्ट का ढेर देखा। आश्चर्य की बात यह रही कि कई गोवंश इस कचरे के बीच विचरण कर रहे थे और उसे चारे की तरह ग्रहण कर रहे थे, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। रिहायशी इलाके में खुले में मेडिकल कचरा फेंके जाने से संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बुढार नगर में कई निजी क्लिनिक संचालित हैं, जहां से निकलने वाले मेडिकल अपशिष्ट का उचित निस्तारण नहीं किया जाता। नतीजा यह हुआ कि सड़कें डंपिंग ग्राउंड बन गई हैं और पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विशेष रूप से, उपयोग किए गए इंजेक्शन, सुइयां और दवाइयों की शीशियां सीधे तौर पर लोगों और मवेशियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। स्थानीय लोग चिंता जताते हुए प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार क्लीनिक संचालकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। नरेंद्र तिवारी ने कहा कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। स्थानीय प्रशासन से भी आग्रह किया गया है कि रिहायशी इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए और मेडिकल अपशिष्ट का सही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। यह मामला न केवल शहडोल बल्कि पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य और पर्यावरण प्रबंधन की प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। ऐसे बायो वेस्ट की अनदेखी से संक्रमण और जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

सतना में बदमाशों के हौसले बुलंद: युवती के साथ सड़क पर लूट का प्रयास, CCTV में कैद वारदात

सतना । सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में नवरंग पार्क कॉलोनी की सुनसान गलियों में सोमवार की सुबह एक सनसनीखेज घटना ने लोगों को हिला कर रख दिया। कॉलोनी की एक युवती अकेले गुजर रही थी, तभी अचानक एक अज्ञात बदमाश ने उस पर हमला कर दिया और मोबाइल झपटने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी तेजी से युवती के हाथ से मोबाइल छीनने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, युवती ने इस अचानक हुए हमले के सामने अदम्य साहस का परिचय दिया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर और पकड़े जाने के डर से बदमाश मौके से भाग गया, जबकि मोबाइल सुरक्षित रहा। घटना की पूरी प्रक्रिया पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो अब पुलिस के लिए मुख्य सुराग बन गई है। इस वारदात के बाद कॉलोनी और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासी पुलिस से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। वहीं कोलगवां थाना पुलिस ने फुटेज को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान और जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय लोग इस घटना से चिंतित हैं और लगातार पुलिस प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातें रोकी जा सकें। पुलिस ने भी चेताया है कि नागरिकों को अकेले सुनसान गली या अंधेरी जगहों से गुजरते समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह घटना यह दिखाती है कि अपराधियों के हौसले किस हद तक बढ़ चुके हैं, लेकिन साथ ही यह भी प्रमाण है कि साहसिक और सतर्क नागरिक अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।

वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघ की संदिग्ध मौत, एक माह पहले कान्हा से किया था शिफ्ट

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व से एक दुखद खबर सामने आई है। कान्हा नेशनल पार्क से करीब एक महीने पहले ही शिफ्ट किए गए एक युवा बाघ का शव रिजर्व के कोर एरिया में मिला है। इस घटना के बाद वन विभाग और टाइगर रिजर्व प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत बाघ को 18-19 जनवरी की दरमियानी रात को रेडियो कॉलर लगाकर नौरादेही के कोर एरिया में छोड़ा गया था। वन विभाग की विशेष टीम लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रही थी। पिछले दो दिनों से बाघ का सिग्नल एक ही स्थान से मिल रहा था, जिससे टीम को किसी अनहोनी की आशंका हुई। रविवार की शाम करीब जब मॉनिटरिंग दल मोहली परिक्षेत्र के मानेगांव बीट (कक्ष क्रमांक 159) पहुँचा, तो वहां बाघ मृत अवस्था में पाया गया। सोमवार को टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बाघ की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। वन विभाग निम्नलिखित पहलुओं पर जांच कर रहा है। क्या किसी दूसरे बाघ के साथ आपसी संघर्ष में इसकी जान गई, या फिर शिफ्टिंग के बाद बाघ नए वातावरण में खुद को ढाल नहीं पाया, हालांकि अधिकारी अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन डॉग स्क्वायड की मदद से शिकार की संभावनाओं की भी पड़ताल की जा रही है। सोमवार सुबह से ही डॉग स्क्वायड और विशेषज्ञों की टीम मौके पर मौजूद है। बाघ के शव का पोस्टमार्टम वरिष्ठ पशु चिकित्सकों के पैनल द्वारा किया जा रहा है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।

मप्रः 400 के.व्ही. इंदौर–नागदा ट्रांसमिशन लाइन में लाइव लाइन मेंटेनेंस

भोपाल। मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की इंदौर टीम ने 400 के.व्ही. इंदौर–नागदा महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइन पर सफलतापूर्वक लाइव लाइन मेंटेनेंस कार्य कर सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। लगभग 200 मेगावाट पॉवर फ्लो वाली चालू लाइन पर यह कार्य संपन्न किया गया, जिससे न केवल ग्रिड की स्थिरता बनी रही, बल्कि 400 के.व्ही. लाइन के संभावित लंबे आउटेज को भी टाला जा सका। एम पी ट्रांसको, इंदौर की अतिरिक्त मुख्य अभियंता नीलम खन्ना ने सोमवार को बताया कि विगत दिवस 400 के.व्ही. इंदौर–नागदा लाइन के एक फेज में डिस्क इंसुलेटर स्ट्रिंग को बदलना आवश्यक हो गया था। महाशिवरात्रि पर्व के दौरान ग्रिड की स्थिरता प्रभावित न हो, इस उद्देश्य से कार्य को चालू लाइन में ही करने का निर्णय लिया गया। वेयर हैंड तकनीक से हुआ मेंटेनेंस उन्होंने बताया कि व्हीकल-माउंटेड इंसुलेटेड एरियल वर्क प्लेटफॉर्म की सहायता से अत्याधुनिक हॉट-स्टिक उपकरणों और वेयर-हैंड तकनीक का उपयोग करते हुए यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस दौरान विद्युत आपूर्ति में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आया।। लाइव लाइन मेंटेनेंस का यह रहा फायदा लाइव लाइन मेंटेनेंस करने से ग्रिड की विश्वसनीयता और स्थिरता बनी रही। साथ ही संभावित लंबे शटडाउन को टालते हुए इंदौर और नागदा क्षेत्र के बीच विद्युत आदान-प्रदान का विकल्प सुरक्षित रखा गया एवं ट्रांसमिशन चार्ज से संबंधित वाणिज्यिक क्षति से भी बचाव संभव हुआ। इनका रहा विशेष योगदान इंदौर के समीप राऊ क्षेत्र में ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस का नेतृत्व सहायक अभियंता राजेन्द्र कनोजे ने किया। भोपाल, इटारसी और इंदौर के वेयर-हैंड प्रशिक्षित लाइन मेंटेनेंस स्टाफ मनाराम पटेल, जाधो पंवार, सुंदरलाल, मधुर मौसम रायकवार, गुलाबराव एवं दीपक कोरी ने समन्वित रूप से कड़े सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अत्यंत सावधानी और दक्षता के साथ यह कार्य संपन्न किया।

उज्जैन में कुडियाट्टम की अद्भुत प्रस्तुति से दर्शक मंत्रमुग्ध

उज्जैन। मध्य प्रदेश उज्जैन में विक्रम उत्सव अंतर्गत आयोजित विक्रम नाट्य समारोह में सोमवार शाम प्रसिद्ध नाट्य प्रस्तुति ‘जटायूवधम्’ (कुडियाट्टम शैली) का प्रभावशाली मंचन किया गया। केरल के सुप्रसिद्ध कलाकार मार्गी मधु चाक्यार द्वारा प्रस्तुत इस शास्त्रीय रंगमंच ने अपनी पारंपरिक गरिमा,सशक्त भावाभिनय और सजीव मंच संयोजन से दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। कार्यक्रम पंडित सूर्यनारायण व्यास कला संकुल,कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित हुआ,जहां कला प्रेमियों की बड़ी संख्या उपस्थित रही। प्रस्तुति में कुडियाट्टम की शास्त्रीय बारीकियों और अभिनय की सूक्ष्मता ने वातावरण को आध्यात्मिक और भावनात्मक ऊंचाई प्रदान की। निर्देशक मार्गी मधु चाक्यार,पद्मश्री मुझिक्कुलम कोच्चुकूटन चाक्यार के पुत्र और अम्मानूर माधव चाक्यार के भतीजे हैं। उन्हें रंगकर्म की समृद्ध परंपरा विरासत में मिली है। उनके मंडल ने भारत के साथ-साथ स्विट्जरलैंड,इटली,फ्रांस और दुबई के प्रतिष्ठित उत्सवों में भाग लिया है तथा जेरूसलम,सिंगापुर और येल विश्वविद्यालय (यूएसए) सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुति दी है। जटायु के बलिदान का गौरवशाली प्रसंग नाटक में रामायण का अत्यंत भावुक प्रसंग प्रस्तुत किया गया। कथा के अनुसार रावण मायारूपी वेश में माता सीता का हरण कर ले जाता है।माता सीता के हाथ में भगवान श्री राम द्वारा दिया गया चूड़ामणि होता है,जिसके जादुई रत्न के रावण के स्पर्श में आते ही उसका मायारूप टूट जाता है,किंतु रावण को इसका आभास नहीं होता। माता सीता को संकट में देख वीर पक्षी जटायु सहायता के लिए आते हैं और रावण से भीषण युद्ध करते हैं। अंततः रावण छलपूर्वक जटायु का वध कर लंका की ओर प्रस्थान करता है। प्रस्तुति के इस चरम दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। विश्व की प्राचीन जीवित संस्कृत नाट्य परंपरा कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पद्मश्री भरत गुप्त (वाइस चेयरपर्सन,एनएसडी), आयुष गुप्ता मध्य प्रदेश के एक रेकी ग्रैंड मास्टर,योग प्रैक्टिशनर, राजेश कुशवाह (वरिष्ठ कार्य परिषद सदस्य,सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय), नरेश शर्मा (समाजसेवी) और संजू मालवीय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर निर्देशक ने कहा कि कूडियाट्टम विश्व की सबसे पुरानी जीवित संस्कृत नाट्य परंपरा मानी जाती है,जिसे यूनेस्को की मान्यता भी प्राप्त है। केरल में विकसित यह कला एक हजार वर्षों से अधिक पुरानी है। प्रस्तुत नाटक संस्कृत नाट्यकार शक्तिभद्र की रचना आश्चर्य चूड़ामणि के चतुर्थ अंक पर आधारित है,जिसमें जटायु के गौरवपूर्ण बलिदान का अत्यंत मार्मिक चित्रण किया गया है। भाव,भंगिमा और परंपरा के अद्भुत संगम से सजी ‘जटायूवधम्’ की प्रस्तुति विक्रम उत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही और दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की।