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बड़वानी में केला उत्पादन तकनीक और निर्यात पर आज कार्यशाला सह कृषि संवाद

बड़वानी। जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग, बड़वानी के तत्वावधान में 17 फरवरी को कृषि विज्ञान केन्द्र, तलून में एक दिवसीय सेमिनार सह कार्यशाला कृषि संवाद का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम एकीकृत बागवानी विकास मिशन और पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। जिसका मुख्य केंद्र केला उत्पादन की उन्नत तकनीक एवं निर्यात है। साथ ही मिर्च, डॉलर चना और क्षेत्र की एक्सोटिक फसलों के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी। कार्यशाला का उद्देश्य जिले के किसानों को केले की खेती में आधुनिक तकनीकों, टिश्यू कल्चर के लाभ, कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के तरीकों और अंतर्राष्ट्रीय बाजार (एक्सपोर्ट) की बारीकियों से अवगत कराना है। कार्यशाला में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 900 से 1000 किसान शामिल होंगे। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें शामिल होने वाले प्रत्येक कृषक को विभाग द्वारा एक विशेष बुकलेट (मार्गदर्शिका) प्रदान की जाएगी। बुकलेट में केला व अन्य प्रमुख फसलों का संपूर्ण जीवन चक्र, खेती के दौरान आने वाली व्यावहारिक परेशानियाँ और उनके समाधान,एक्सपोर्ट (निर्यात) की संभावनाएँ और अंतर्राष्ट्रीय मानक विषयों का विस्तृत संकलन किया गया है, जिससे किसान कार्यशाला के बाद भी इसे एक संदर्भ के रूप में उपयोग कर सकें। कृषि संवाद कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा किसानों को कृषि के क्षेत्र में मार्गदर्शन दिया जाएगा। इस क्रम में जैन इरीगेशन जलगांव के अंर्तराष्ट्रीय केला विशेषज्ञ श्री केबी पाटिल, एग्रोनॉमिस्ट श्री अजहर जैदी, जैन कृषि तीर्थ जलगांव के डॉ. सुधीर भोंगले द्वारा टिश्यू कल्चर तकनीक पर, मुंबई एवं बुरहानपुर के केला एक्सपोर्टर श्री शाहिद अली, श्री अमोल महाजन, श्री विकास अग्रवाल द्वारा केला एक्सपोर्ट, टेरा ग्लैब खरगोन के सीईओ श्री संजय पाटीदार, वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्रसिंह, डॉ. आरपी शर्मा, रिटायर्ड वैज्ञानिक डॉ. व्हाय के जैन, अवार्ड टू बनाना फॉर्मर ऑफ इंडिया श्री संतोष लछेटा द्वारा केला उत्पादन तकनीक एवं जिले के प्रगतिशील किसान श्री जयदेव पाटीदार, श्री बलराम जाट और कृषि विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिया जाएगा। साथ ही इस कार्यक्रम में एपिडा जैसे राज्य स्तरीय संस्थाओं के भी शामिल होने की संभावना है। क्षेत्र के प्रमुख केला निर्यातकों जैसे राजेश्वरी केला ग्रुप, श्री सांई केला ग्रुप आदि की सूची और निर्यात के मानकों की जानकारी भी साझा करेंगे, जिससे किसान अपनी फसल को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार कर सकेंगे।

रेल नेटवर्क से दुर्लभ कछुओं की तस्करी का भंडाफोड़, 313 जीवित कछुए और 2 तोते बरामद

भोपाल ! स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ), भोपाल ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) एवं वनमंडल भोपाल के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए रेल नेटवर्क के माध्यम से दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी करने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ट्रेन संख्या 19322 पटना-इंदौर एक्सप्रेस में संत हिरदाराम स्टेशन पर दिनांक 3 फरवरी 2026 को कार्रवाई करते हुए प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच में अटेंडेंट के रूप में कार्यरत आरोपी अजय सिंह राजपूत, निवासी इंदौर, के कब्जे से 311 दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के जीवित कछुए जब्त किए गए थे। इस संबंध में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 237/23 दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर प्रदेश के विभिन्न शहरों—नीमच, मंदसौर, रतलाम, इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, शाजापुर तथा उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक साथ छापामार कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पालतू पशु दुकानदार, डॉग ब्रीडर, रेल एसी कोच अटेंडेंट आदि के रूप में कार्य करते हुए रेल मार्ग से वन्यजीवों की तस्करी कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान कुल 313 जीवित दुर्लभ, प्रतिबंधित एवं अनुसूची-1 में दर्ज चार प्रजातियों के कछुए (इंडियन टेंट टर्टल, इंडियन रूफ्ड टर्टल, क्राउनड रिवर टर्टल एवं स्टार टॉरटॉइस) तथा 2 जीवित रोज-रिंग्ड पैराकीट (तोते) बरामद किए गए। आरोपियों के कब्जे से एक मोटरसाइकिल एवं सात मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में अरविंद परिहार, परवेज खान, नवीन ऊर्फ दीपह पारखे, करण मालवीय, आसिफ खान, अजय सिंह राजपूत और एक नाबालिग आरोपी शामिल हैं। सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय भोपाल में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया है। प्रकरण में विवेचना जारी है। कछुए जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और नदियों को जीवंत एवं स्वच्छ बनाए रखने में सहायक होते हैं। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि दुर्लभ एवं प्रतिबंधित जलीय वन्यजीवों को पालना, रखना या उनका क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है। ऐसे अपराध में 7 वर्ष तक के कारावास एवं जुर्माने का प्रावधान है।

अक्की और मैं हमेशा दोस्त रहे हैं; अक्षय संग रिश्ते पर बोलीं रवीना टंडन, शिल्पा से भी है खास रिश्ता

नई दिल्ली । 90 के दशक में बॉलीवुड की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में से एक थी अक्षय कुमार और रवीना टंडन का रिश्ता। दोनों की नजदीकियां सगाई और फिर अचानक हुआ ब्रेकअप उस दौर की फिल्मी पत्रिकाओं की सुर्खियां बना करता था। बाद में इस कहानी में शिल्पा शेट्टी का नाम जुड़ा और विवादों ने तूल पकड़ लिया। लेकिन वक्त के साथ रिश्तों की परिभाषा बदली और अब यही तिकड़ी दोस्ती और परिपक्वता की मिसाल बन गई है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में रवीना टंडन ने अक्षय कुमार और शिल्पा शेट्टी के साथ अपने रिश्तों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अब सब कुछ पीछे छूट चुका है और आज तीनों के बीच केवल दोस्ती और आपसी सम्मान है। रवीना ने साफ कहा हम सब अब दोस्त हैं। उस वक्त हम बहुत छोटे थे। इंडस्ट्री में लिंक अप और ब्रेक अप आम बात है। कौन है जो इन सब चीजों से नहीं गुजरता? आज अक्षय और मैं दोस्त हैं शिल्पा और मैं दोस्त हैं। हम अपने अपने परिवारों और बच्चों के साथ खुश हैं।” रवीना ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में अक्षय कुमार के साथ फिल्म वेलकम 3 की शूटिंग पूरी की है। इतने सालों बाद साथ काम करने के अनुभव को उन्होंने बेहद सकारात्मक बताया। उनके मुताबिक सेट पर माहौल हल्का फुल्का और मजेदार था। हमने फिल्म की शूटिंग के दौरान बहुत एन्जॉय किया। यह एक बहुत फनी फिल्म है और हमने साथ काम करते हुए खूब हंसी मजाक किया। जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए इंसान को मैच्योर होना पड़ता है। अक्की और मैं हमेशा से अच्छे दोस्त रहे हैं ” रवीना ने कहा। एक समय था जब रवीना और शिल्पा के बीच बयानबाजी ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। दोनों ने अपने अपने अनुभव साझा किए थे और मीडिया में कई तरह की बातें सामने आई थीं। लेकिन अब रवीना साफ कहती हैं कि उनके मन में किसी के लिए कोई कड़वाहट नहीं है। वह आगे बढ़ चुकी हैं और पुरानी बातों को पीछे छोड़ चुकी हैं। 90 के दशक में अक्षय और रवीना का रिश्ता इतना गंभीर माना जाता था कि उनकी सगाई तक की खबरें सामने आई थीं। हालांकि बाद में यह रिश्ता टूट गया और अक्षय का नाम शिल्पा शेट्टी के साथ जुड़ा। वह रिश्ता भी ज्यादा लंबा नहीं चला। लेकिन आज तीनों सितारे अपनी अपनी जिंदगी में स्थिर और खुश हैं। रवीना का यह बयान बताता है कि समय हर घाव को भर देता है। जहां कभी रिश्तों में कड़वाहट थी वहीं आज समझदारी और दोस्ती है। फिल्म इंडस्ट्री में जहां रिश्ते अक्सर चर्चा और विवाद का कारण बनते हैं वहीं यह उदाहरण दिखाता है कि परिपक्वता के साथ पुराने मतभेद भी दोस्ती में बदल सकते हैं।

इलैयाराजा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, सारेगामा के कॉपीराइट दावे पर लगी अंतरिम रोक

नई दिल्ली । दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा को दिल्ली उच्च न्यायालय से बड़ा कानूनी झटका लगा है। अदालत ने म्यूजिक कंपनी सारेगामा इंडिया लिमिटेड के पक्ष में एकतरफा अंतरिम आदेश पारित करते हुए इलैयाराजा को उन गानों और साउंड रिकॉर्डिंग्स के इस्तेमाल या उन्हें किसी तीसरे पक्ष को लाइसेंस देने से रोक दिया है जिन पर कंपनी ने अपना कॉपीराइट होने का दावा किया है। यह आदेश एक वाणिज्यिक वाद की सुनवाई के दौरान पारित किया गया। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेज और असाइनमेंट समझौते यह संकेत देते हैं कि संबंधित साउंड रिकॉर्डिंग्स और म्यूजिकल वर्क्स पर अधिकार वादी कंपनी के पास हैं। अदालत ने माना कि वर्ष 1976 से 2001 के बीच विभिन्न फिल्म निर्माताओं और सारेगामा के बीच हुए असाइनमेंट समझौतों के तहत कई भारतीय भाषाओं की फिल्मों के संगीत और रिकॉर्डिंग्स के अधिकार कंपनी को सौंपे गए थे। सारेगामा की ओर से दलील दी गई कि इन समझौतों के जरिए कंपनी को संबंधित सिनेमैटोग्राफ फिल्मों का हिस्सा बनने वाले संगीत और साउंड रिकॉर्डिंग्स को दोबारा बनाने लाइसेंस देने और व्यावसायिक रूप से उपयोग करने के विशेष विश्वव्यापी और निरंतर अधिकार प्राप्त हुए। कंपनी ने आरोप लगाया कि फरवरी 2026 से इलैयाराजा ने इन रिकॉर्डिंग्स को तीसरे पक्ष को लाइसेंस देना शुरू कर दिया और उन्हें अमेजॉन म्यूजिक आईट्यून्स तथा जियो सावन जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कराया साथ ही उन पर मालिकाना हक का दावा भी किया। कंपनी का कहना है कि यह कदम उसके वैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है और इससे बाजार में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। सारेगामा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क दिया कि कॉपीराइट कानून के तहत फिल्म के लिए तैयार किए गए संगीत और साउंड रिकॉर्डिंग का प्रथम स्वामी फिल्म निर्माता होता है जब तक कि अनुबंध में कुछ और प्रावधान न हो। चूंकि निर्माताओं ने अपने अधिकार विधिवत असाइनमेंट के माध्यम से कंपनी को हस्तांतरित कर दिए थे इसलिए कंपनी ही वैध अधिकारधारी है। पीठ ने शिकायत प्रस्तुत दस्तावेजों और दलीलों की समीक्षा के बाद कहा कि वादी ने प्रथम दृष्टया एक मजबूत मामला स्थापित किया है। अदालत ने यह भी माना कि यदि कथित उल्लंघन जारी रहा तो वादी को ऐसा अपूरणीय नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई केवल आर्थिक मुआवजे से संभव नहीं होगी। साथ ही सुविधा का संतुलन भी वादी के पक्ष में पाया गया। अदालत ने प्रतिवादियों को समन जारी करते हुए निर्देश दिया कि वे समन प्राप्ति के 30 दिनों के भीतर अपना लिखित बयान दाखिल करें। अंतरिम रोक से संबंधित आवेदन का जवाब चार सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है। यह आदेश संगीत उद्योग में कॉपीराइट असाइनमेंट समझौतों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संगीत के अधिकारों को लेकर चल रही बहस को और तेज कर सकता है। अब निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं जहां इस विवाद के कानूनी पहलुओं पर विस्तार से विचार होगा।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर मार्च तक लग सकती है मुहर, जल्‍द यूएस जाएगी भारतीय टीम

नई दिल्ली । भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को कानूनी रूप देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव और भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन अगले हफ्ते अमेरिका जाने वाले हैं। उनका मकसद 7 फरवरी को जारी हुए संयुक्त बयान के आधार पर समझौते का कानूनी मसौदा फाइनल करना है। रेसिप्रोकल टैरिफ में कटौती वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि अमेरिका भारत से आने वाले सामान पर लगाए गए 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की तैयारी में है। उम्मीद है कि यह कटौती इसी हफ्ते लागू हो सकती है। उन्होंने बताया कि 27 अगस्त से पहले लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ, जो रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण थे, अब हटा दिए गए हैं। नई कटौती पर प्रक्रिया जारी है, और अगर किसी वजह से देरी होती है तो भारतीय टीम अमेरिका जाकर इसे फाइनल करेगी।कानूनी समझौते की तैयारी 7 फरवरी को जो संयुक्त बयान जारी हुआ था, वह असल में इस फ्रेमवर्क डील का हिस्सा था। उस बयान में समझौते की रूपरेखा तय की गई थी। अब उसी रूपरेखा को कानूनी दस्तावेज में बदलकर दोनों देशों की ओर से हस्ताक्षर किए जाएंगे। दर्पण जैन अगली हफ्ते अपनी टीम के साथ अमेरिका जाएंगे ताकि समझौते के मसौदे को अंतिम रूप दिया जा सके। कोशिश है कि मार्च तक समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएं, हालांकि कुछ कानूनी मुद्दे अभी भी सुलझाए जाने हैं। जीरो टैरिफ और बाजार तक पहुंच राजेश अग्रवाल ने कहा कि कुछ सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ पूरी तरह खत्म (जीरो) किया जा सकता है। लेकिन यह तभी लागू होगा जब दोनों देशों के बीच कानूनी समझौते पर साइन हो जाएगा। भारत की तरफ से भी टैरिफ में कटौती या बाजार में रियायत केवल समझौते के आधिकारिक हस्ताक्षर के बाद ही संभव होगी।7 फरवरी का संयुक्त बयान 7 फरवरी को जारी बयान में कहा गया था कि अमेरिकी टैरिफ भारतीय सामान पर 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाएंगे। साथ ही कुछ उत्पादों पर जीरो ड्यूटी, बाजार खोलने के कदम और दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने की बात कही गई। यह समझौता लगभग एक साल लंबी बातचीत के बाद संभव हुआ। ऐतिहासिक कदम: पीयूष गोयल वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे ऐतिहासिक और संतुलित समझौता बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार में भारतीय निर्यात के लिए नए दरवाजे खुलेंगे। इससे छोटे और मझोले उद्योग, किसान, मछुआरे, युवा, महिलाएं और देश के हुनरमंद लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।

ग्वालियर में स्टंटबाजी का वीडियो वायरल: कार की छत और सनरूफ पर बैठे तीन-चार युवकों ने उड़ाई ट्रैफिक नियमों की धज्जियां

ग्वालियर । ग्वालियर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन अब आम दृश्य बन गया है, लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं। पड़ाव थाना क्षेत्र के पड़ाव चौराहे के पास तीन से चार कार सवार युवकों ने खुलेआम जानलेवा स्टंट किया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक चलती कार की विंडो से आधे बाहर लटके हुए हैं, एक युवक कार की छत पर खड़ा है, जबकि दूसरा सनरूफ से बाहर निकलकर बैठा हुआ है। यह सब तेज रफ्तार से शहर की सड़कों पर हो रहा था और आसपास गुजर रहे वाहन तथा राहगीरों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक थी। वीडियो में यह भी देखा गया कि कार के भीतर बैठे अन्य लोग भी युवकों की इस हरकत का समर्थन कर रहे थे, जबकि कोई भी यातायात नियम का पालन नहीं कर रहा था। ट्रैफिक पुलिस के होने के बावजूद इस दौरान कोई अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था, जिससे युवकों को खुलेआम यह खतरनाक स्टंट करने का मौका मिला। वीडियो किसी राहगीर ने बनाया और सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे यह तेजी से वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद लोग इसे लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि इस तरह की हरकतें न केवल खुद के लिए बल्कि अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती हैं। वहीं, कुछ लोगों ने ट्रैफिक पुलिस की अनदेखी को लेकर भी सवाल उठाए हैं और मांग की है कि ऐसे मामलों में तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पड़ाव थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वीडियो में दिखाई दे रही कार के नंबर प्लेट और अन्य विवरण के आधार पर युवकों की पहचान की जा रही है। जल्द ही इनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में खतरनाक ड्राइविंग, ट्रैफिक नियम उल्लंघन और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे खतरनाक स्टंट को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और सख्त निगरानी की आवश्यकता है। युवाओं को यह समझना होगा कि केवल सोशल मीडिया पर धमाकेदार वीडियो बनाने के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालना कानून और समाज दोनों के लिए गंभीर समस्या है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार और खतरनाक स्टंट से होने वाले हादसे कभी कभी स्थायी चोट या मौत का कारण बन सकते हैं। ऐसे मामलों में ट्रैफिक नियमों का पालन करना अनिवार्य है और पुलिस को भी इन गतिविधियों पर सतत निगरानी बनाए रखनी चाहिए। ग्वालियर में ट्रैफिक सुरक्षा को लेकर हाल ही में कई बार चेतावनी जारी की जा चुकी है, लेकिन लोग अब भी नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। पड़ाव थाना पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह के स्टंट को रोकने के लिए विशेष टीम बनाई जा सकती है। वायरल वीडियो ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियम पालन की आवश्यकता को सामने ला दिया है।

MP Assembly बजट सत्र 2026: आवारा कुत्तों के आतंक पर सदन में हंगामा, कांग्रेस विधायकों ने किया ध्यानाकर्षण

भोपाल । मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में आवारा कुत्तों के आतंक का मुद्दा गूंजा। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने सदन का ध्यानाकर्षण किया और कुत्तों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। 2025 में भोपाल में 19 हजार से अधिक डॉग बाइट के मामले दर्ज हुए लेकिन लगातार करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद आवारा कुत्तों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही। सीएम मोहन यादव ने कहा कि नसबंदी की बात राष्ट्रीय स्तर तक जाएगी और आवारा श्वान सदियों से हमारे बीच रहे हैं। नगर निगम की टीम लगातार श्वानों की नसबंदी और एंटी-रैबीज टीकाकरण कर रही है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि डॉग्स लवर की वजह से कई निर्णय रुक गए और लोग कुत्तों के हमलों में मारे जा रहे हैं। वहीं राजन मंडलोई ने सदन में मांग की कि डॉग बाइट के कारण हुई मौतों के मुआवजे की जानकारी भी दी जाए। भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नसबंदी के लिए डॉक्टरों की संख्या कम है और सरकार दूसरे राज्यों से विशेषज्ञ बुलाएगी। उन्होंने लोगों को श्वानों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास दिलाया। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने एंटी-रैबीज टीके की गुणवत्ता में कोई कमी न होने की पुष्टि की। सदन में इस मुद्दे पर मंथन और सुझाव लेने की प्रक्रिया जारी रहने की घोषणा की गई।

KARNATAKA CONGERESS LEADER : शादी में ‘बंदूक’ के साथ किया डांस, कर्नाटक में कांग्रेस नेता का वीडियो वायरल

KARNATAKA CONGRESS LEADER

HIGHLIGHTS: शादी समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कांग्रेस नेता मतीन पटेल गन जैसी वस्तु के साथ डांस करते दिखे नेता का दावा—असली हथियार नहीं, सिर्फ खिलौना था पुलिस ने वीडियो की जांच शुरू की हथियार की प्रकृति की पुष्टि के बाद होगी कार्रवाई जनप्रतिनिधियों के आचरण पर फिर छिड़ी बहस KARNATAKA CONGERESS LEADER : कर्नाटक। कर्नाटक में एक पारिवारिक शादी समारोह का वीडियो अब राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। बता दें कि वायरल क्लिप में कांग्रेस नेता मतीन पटेल बंदूक के साथ डांस करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अब राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। किंग में खलनायक बनेंगे अभिषेक बच्चन? वायरल रफ लुक ने बढ़ाई फिल्म को लेकर हलचल क्या है पूरा मामला? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अफजलपुर से जुड़े कांग्रेस नेता मतीन पटेल को कलबुर्गी के एक रिसॉर्ट में संगीत की धुन पर नाचते हुए देखा जा सकता है। उनके हाथ में बंदूक है, जिसके साथ वे पोज भी देते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे कांग्रेस विधायक एम.वाई. पाटिल के करीबी माने जाते हैं। पटेल का बचाव—यह सिर्फ खिलौना था विवाद बढ़ने के बाद मतीन पटेल ने सफाई दी कि वीडियो में दिखाई दे रही वस्तु असली बंदूक नहीं, बल्कि एक खिलौना थी। उनके अनुसार, यह पारिवारिक कार्यक्रम था जिसमें बच्चों के कहने पर फिल्मी सीन की तरह एक अभिनय किया गया था । साथ ही उन्होंने कहा कि इस निजी आयोजन को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। यहां किसी कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है। T20 WC से 5 टीमें हुईं बाहर, 5 पहुंची सुपर 8 में, जाने क्या है पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के हाल? पुलिस ने लिया संज्ञान कलबुर्गी के पुलिस अधीक्षक शरणप्पा एसडी ने पुष्टि की कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। स्थानीय पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वीडियो में दिख रही वस्तु की पुष्टि की जाए। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। आचरण पर उठे सवाल हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कोई कानूनी प्रावधान लागू होगा या नहीं, लेकिन इस घटना ने सार्वजनिक और निजी आयोजनों में जनप्रतिनिधियों के आचरण पर बहस छेड़ दी है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे दृश्य समाज में गलत संदेश दे सकते हैं, भले ही वे पारिवारिक कार्यक्रम का हिस्सा क्यों न हों।

किंग में खलनायक बनेंगे अभिषेक बच्चन? वायरल रफ लुक ने बढ़ाई फिल्म को लेकर हलचल

नई दिल्ली । बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा अगर किसी फिल्म को लेकर है तो वह है सुपरस्टार शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग । लेकिन इस बार सुर्खियों की वजह सिर्फ किंग खान नहीं बल्कि अभिषेक बच्चन का वायरल हुआ खतरनाक लुक है। हाल ही में अभिषेक को एक बेहद रफ और इंटेंस अंदाज में स्पॉट किया गया जिसके बाद सोशल मीडिया पर कयासों का दौर तेज हो गया। माना जा रहा है कि यह लुक किंग में उनके विलेन किरदार का हिस्सा है और इसी ने फिल्म को लेकर चल रही चर्चाओं पर लगभग मुहर लगा दी है। लंबे समय से खबरें थीं कि अभिषेक इस एक्शन थ्रिलर में नेगेटिव भूमिका निभाने वाले हैं। अब उनका बदला हुआ अंदाज बढ़ी हुई दाढ़ी सख्त चेहरे के भाव और एग्रेसिव बॉडी लैंग्वेज इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि वह पर्दे पर एक दमदार विरोधी के रूप में नजर आ सकते हैं। अभिषेक पहले भी ग्रे और निगेटिव शेड्स में अपनी छाप छोड़ चुके हैं। युवा और रावण में उनके अभिनय को सराहा गया था वहीं वेब सीरीज ब्रीद: इनटू द शैडोज़ में उन्होंने अपने किरदार की जटिलता से दर्शकों को चौंका दिया था। ऐसे में किंग में उनका संभावित खलनायक अवतार और भी ज्यादा रोमांच पैदा कर रहा है। फिल्म की एक और खास बात यह है कि इसमें शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। पहली बार पिता-पुत्री की जोड़ी बड़े पर्दे पर साथ दिखेगी जो अपने आप में बड़ा आकर्षण है। हालांकि दर्शकों की उत्सुकता इस बात को लेकर भी है कि शाहरुख और अभिषेक जो पहले हैप्पी न्यू ईयर में साथ नजर आए थे इस बार दोस्त नहीं बल्कि आमने-सामने होंगे। हीरो और विलेन की यह भिड़ंत फिल्म का सबसे बड़ा हाईलाइट मानी जा रही है। किंग का निर्देशन मशहूर फिल्ममेकर सुजॉय घोष कर रहे हैं जबकि इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं सिद्धार्थ आनंद जो पठान और फाइटर जैसी सफल फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी अंडरवर्ल्ड की दुनिया और सत्ता की जंग के इर्द-गिर्द घूमेगी जिसमें अभिषेक का किरदार सबसे बड़ा सरप्राइज फैक्टर होगा। मेकर्स को भरोसा है कि उनका इंटेंस स्क्रीन प्रेजेंस कहानी में नई धार जोड़ेगा। सोशल मीडिया पर अभिषेक के इस नए लुक को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। फैंस कमेंट कर रहे हैं कि यह रोल फिल्म में अलग ही स्वैग और खौफ का माहौल बनाएगा। कुछ का मानना है कि यह किरदार उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या किंग बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रचेगी और क्या अभिषेक बच्चन का यह खतरनाक अवतार लंबे समय तक याद रखा जाएगा। फिलहाल तो उनका वायरल लुक ही फिल्म के लिए जबरदस्त बज बना चुका है।

ऋचा चड्ढा ने बयां किया करियर का शुरुआती अनुभव, भरोसेमंद व्यक्ति ने दिया था धोखा

नई दिल्ली। अभिनेत्री और निर्माता Richa Chadha ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था-लेकिन वहीं से उन्होंने खुद को मजबूत बनाना भी सीखा। उन्होंने बताया कि जिस शख्स पर वह भरोसा करती थीं, उसी ने उनके खिलाफ काम किया। उस वक्त उन्हें समझ आया कि इंडस्ट्री में हर कोई आपका भला नहीं सोचता। कभी-कभी लोग मामूली अंतर से भी असुरक्षित महसूस करने लगते हैं और नहीं चाहते कि आप आगे बढ़ें या उनसे ज्यादा चमकें। ऋचा ने माना कि शुरुआत में वह थोड़ी भोली थीं, लेकिन इस घटना ने उन्हें सिखाया कि: अपनी पसंद और फैसलों का बचाव करना जरूरी है हर किसी पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता सही लोगों को पहचानना और अपनी सीमाएं तय करना बेहद अहम है दिलचस्प बात ये है कि उन्होंने इस कड़वे अनुभव को कटुता में नहीं बदला। बल्कि अब वह इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर्स को खुलकर आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। उनका साफ कहना है कि बड़े कलाकारों तक पहुंचना उतना मुश्किल नहीं जितना समझा जाता है। उनके लिए सबसे अहम है: अच्छी और सच्ची स्क्रिप्ट असरदार कहानी ईमानदार लेखन वह चाहती हैं कि इंडी क्रिएटर्स बिना झिझक उनसे संपर्क करें, खासकर अगर कहानी में दम हो। साथ ही, ऋचा इन दिनों एक नई नॉन-फिक्शन सीरीज प्रोड्यूस कर रही हैं, जो भारत की जानी-पहचानी जगहों को नए नजरिए से दिखाएगी। यह सीरीज ट्रैवल, कल्चर और उन कहानियों पर केंद्रित होगी जो अक्सर मुख्यधारा की नजर से छूट जाती हैं। इसका उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता, समुदायों और मानवीय जज्बे को संवेदनशील और इमर्सिव तरीके से सामने लाना है। सच कहूं तो, ये वही ग्रोथ आर्क है जो किसी भी कलाकार को गहराई देता है—धोखा, सीख, और फिर दूसरों के लिए दरवाजे खोल देना।