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कहां बना है भारत का पहला परमाणु संयंत्र, यह अब भी कितनी बिजली करता है पैदा?

नई दिल्ली । भारत में परमाणु एनर्जी के क्षेत्र में एक लंबा इतिहास रहा है. देश ने विज्ञान और तकनीक के माध्यम से अपने एनर्जी संसाधनों को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए हमेशा प्रयास किया है. ऐसे ही प्रयासों में सबसे जरूरी भारत का पहला परमाणु एनर्जी संयं थात्र, जिसे 1969 में स्थापित किया गया. यह संयंत्र भारत के लिए सिर्फ बिजली उत्पादन का साधन नहीं था, बल्कि यह उस समय आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का प्रतीक भी माना गया. कहां बना है भारत का पहला परमाणु संयंत्र भारत का पहला परमाणु एनर्जी संयंत्र तारापुर परमाणु एनर्जी स्टेशन महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थित है. यह मुंबई के पास स्थित है और इसे 28 अक्टूबर 1969 को शुरू किया गया था. इस संयंत्र की स्थापना के पीछे उद्देश्य था कि देश को स्वच्छ और लॉन्ग टर्म एनर्जी उपलब्ध कराई जा सके. तारापुर में दो उबलते जल रिएक्टर लगे हुए थे, जिनकी कुल क्षमता लगभग 200 मेगावाट थी. जब यह संयंत्र चालू हुआ, तब यह एशिया का दूसरा सबसे बड़ा परमाणु एनर्जी स्टेशन था. इस संयंत्र के जरिए भारत ने परमाणु एनर्जी के क्षेत्र में अपनी तकनीकी क्षमता साबित की और दुनिया के लिए अपनी वैज्ञानिक उपलब्धियों को भी दिखाया. यह अब भी कितनी बिजली करता है पैदा? तारापुर परमाणु एनर्जी संयंत्र की यूनिट 1 अब 160 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रही है. इसके अलावा, यूनिट 2 का नवीनीकरण भी अंतिम चरण में है और उसे जुड़ने के बाद कुल उत्पादन और बढ़कर लगभग 200 मेगावाट से ज्यादा हो जाएगा. तारापुर संयंत्र ने वर्षों तक देश को स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराई. हाल ही में इस संयंत्र की यूनिट 1 का रिनोवेशन किया गया और अब यह फिर से 160 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रही है. यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि यह पूरी तरह भारतीय तकनीक से पुरानी यूनिट को नया जीवन देने का पहला प्रयास है. यूनिट 1 के नवीनीकरण में छह साल का समय लगा. इसमें रिएक्टर की पाइपिंग, टरबाइन जनरेटर और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को अपग्रेड किया गया. इसके अलावा, 3डी लेजर स्कैनिंग, जंग-रोधी सामग्री, नई सुरक्षा प्रणालियां और कंट्रोल रूम का आधुनिकीकरण भी किया गया. संयंत्र का संचालन न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड करता है. अधिकारियों का कहना है कि यूनिट 2 का नवीनीकरण भी अंतिम चरण में है और आने वाले महीनों में इसे भी राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ दिया जाएगा. भारत की एनर्जी सुरक्षा और स्वच्छ एनर्जी में योगदान तारापुर संयंत्र की नई तकनीक और नवीनीकरण ने न केवल बिजली उत्पादन बढ़ाया है, बल्कि देश को स्वच्छ एनर्जी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद की है. इससे कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता कम होगी और कार्बन एमिशन में भी कमी आएगी. विशेषज्ञों के अनुसार, इस सफलता से भविष्य में पुराने रिएक्टरों का नवीनीकरण आसान होगा.

Babri Masjid Murshidabad: 7 नहीं 12 दिन बांग्लादेश में रहा हूं, हुमायूं कबीर ने सुवेंदु अधिकारी पर किया पलटवार

  Babri Masjid Murshidabad: नई दिल्ली । जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल में विपक्ष के लीडर और BJP नेता सुवेंदु अधिकारी पर पलटवार किया है। हुमायूं कबीर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को जानकारी नहीं है कि मैं 7 दिन नहीं बल्कि 12 दिन बांग्लादेश में रहा था। उन्हें सही जानकारी नहीं है, मैं सही करके देता हूं। अगर जरूरत पड़े तो जांच एजेंसियों को भेजकर जांच कराएं। मैं इसके लिए तैयार हूं। जान लें कि ये विवाद बाबरी मस्जिद और उसके लिए जमा हो रहे पैसों पर विवाद को लेकर हुआ है। हुमायूं ने परिवर्तन यात्रा पर कसा तंज सस्पेंडेड टीएमसी विधायक और जनता उन्नयन पार्टी के चीफ हुमायूं कबीर ने कहा कि बीजेपी पार्टी जो परिवर्तन यात्रा निकाल रहा है वह बाबरी यात्रा का कॉपी है। जान लें कि नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया था कि बाबर के नाम पर मस्जिद की नींव रखने और नई पार्टी बनाने से पहले हुमायूं कबीर ने बांग्लादेश में 7 दिन बिताए। इस बात की जांच होनी चाहिए। सुवेंदु अधिकारी ने की जांच की मांग सुवेंदु अधिकारी ने मांग की कि हुमायूं कबीर कहां-कहां गए, उन्हें मस्जिद बनवाने के लिए जो करोड़ों रुपये मिले हैं, उसमें से बांग्लादेश से कितने पैसे आए और किसने पैसे दिए, इसकी पड़ताल जरूरी है। उन्होंने मांग की कि स्टेट बैंक को लिस्ट बतानी चाहिए। ममता बनर्जी BSF को फेंसिंग के लिए जमीन नहीं दे रही है, इसके पीछे क्या मकसद है यह सबको पता है। 6 दिसंबर, 2025 को रखी गई बाबरी की नींव जान लें कि पिछले साल 6 दिसंबर को हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी। उस मस्जिद का निर्माण का काम जल्द शुरू होने वाला है। हुमायूं कबीर अपनी देख-रेख में मस्जिद का निर्माण करा रहे हैं। बेलडांगा में नेशनल हाईवे-12 के पास बन रही मस्जिद इस बाबरी मस्जिद की नींव बेलडांगा में नेशनल हाईवे-12 के समीप एक प्राइम लोकेशन पर रखी गई थी। मुस्लिम समुदाय के लोग उस जगह पर बाबरी मस्जिद बनने से खुश हैं। उनके मुताबिक, बाबरी मस्जिद पहले तो गिरा दी गई थी, लेकिन उन्हें अब खुशी है कि बाबरी का निर्माण शुरू हो गया है।

Hidden Peaks Of India: माउंट एवरेस्ट तो सब जानते हैं, लेकिन देखने लायक हैं भारत की इन 3 चोट‍ियों के व्‍यूज

Hidden Peaks Of India: नई दिल्ली । घूमने फ‍िरने का शौक भला क‍िसे नहीं होता है। हर कोई जैसे ही मौका पाता है, वो बैग उठाकर न‍िकल पड़ता है। क‍िसी को पहाड़ों पर जाना पसंद होता है तो कोई बीच पर सुकून भरे पल ब‍िताने जाता है। घूमने से मन को शांत‍ि म‍िलती है। हमारे यहां भारत में ऐसी कई जगहें हैं जहां का नजारा देखने लायक होता है। वहीं ज‍िन लोगों को एडवेंचर पसंद होता है, वो ट्रेक‍िंग जरूर करते हैं। जब भी बात भारत की सबसे खूबसूरत चोट‍ियों की बात आती है तो लोगों के मन में केवल उत्तराखंड और ह‍िमाचल प्रदेश का ही ख्‍याल आता है। ये दोनों राज्‍य वाकई में बहुत खूबसूरत हैं, लेक‍िन हम आपको कुछ ऐसी चोटि‍यों के बारे में बता रहे हैं जहां की ट्रेक‍िंगआपको एक बार जरूर करनी चाह‍िए। ऐसा कहा जाता है क‍ि अगर जीते जी आपको स्‍वर्ग के दर्शन करने हैं तो यहां जरूर जाएं। आइए जानते हैं- कलसूबाई पीक, महाराष्‍ट्र महाराष्‍ट्र की खूबसूरती से तो हम सभी वाक‍िफ हैं। नास‍िक ज‍िले में स्‍थ‍ित कलसूबाई पीक दुन‍िया के सबसे खूबसूरत पीक में से एक है। ये लगभग 5400 फीट की ऊंचाई पर स्‍थ‍ित है। इसकी ट्रेक‍िंग बरी के बेस गांव से शुरू होती है, जहां जाने के ल‍िए लोहे की सीढ़‍ियां, एडवेंचर ट्रे‍क करके पहुंचा जा सकता है। जब आप इसकी पीक पर पहुंचेंगी तो वहां पर आपको द‍िल थाम देने वाले नजारे देखने को मि‍लेंगे। यहां जाने में आपको भले ही कठ‍िनाइयों का सामना करना पड़े, लेक‍िन यहां की खूबसूरती आपका मन मोह लेगी। नेत्रावती पीक, कर्नाटक ये पीक भी कर्नाटक राज्‍य की सबसे खूबसूरत चोटी है। चोटी तक पहुंचने के ल‍िए आपको लगभग 6 कि‍लोमीटर की ट्रेक‍िंग करनी पड़ेगी। इस दौरान आपको पहाड़ाें पर हरे भरे नजारे देखने को म‍िलेंगे। जब आप इसके टॉप पर पहुंचेंगी तो आपको खूबसूरत नजारे देखने को म‍िलेंगे। कुलकुमलाई पीक, तम‍िलनाडु  ये पीक भले ही तम‍िलनाडु में है, लेक‍िन इसकी ट्रेक‍िंग की शुरुआत इडुक्‍क‍ि ज‍िले से होती है। यहां का सानराइज देखने लायक होता है। ऐसे में अगर आप सूर्योदय का खूबसूरत नजारा देखना चाहती हैं तो सुबह 3 बजे आपको न‍िकलना पड़ेगा। तो अगर आप भी एडवेंचर लवर हैं, तो भारत के ये Hidden Peaks आपको जरूर एक्‍सप्‍लोर करने चाह‍िए। यहां की खूबसूरती आपका मन मोह लेगी। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

SOCIAL MEDIA BAN: भारत में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन? सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

  SOCIAL MEDIA BAN: नई दिल्ली । भारत सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्ती करने की तैयारी शुरू कर दी है। ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस जैसे देशों में पहले ही इस उम्र में सोशल मीडिया का इस्तेमाल रोक दिया गया है, और अब भारत भी इसी मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस दिशा में इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड, 2021 में संशोधन किया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया मॉडल: कैसे काम करता है सरकार पूर्ण प्रतिबंध की जगह ऑस्ट्रेलिया मॉडल की ओर झुक रही है, जिसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया इस्तेमाल करने से रोका गया है। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुष्टि की कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ बातचीत चल रही है और उम्र-आधारित नियम बनाने पर विचार किया जा रहा है। क्यों उठ रहा यह कदम? इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने चेतावनी दी है कि युवाओं में स्क्रीन एडिक्शन, कंपल्सिव यूज, साइबरबुलिंग और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि बच्चों को एडिक्शन, अश्लील कंटेंट और डीपफेक जैसी ऑनलाइन समस्याओं से बचाया जा सके। मौजूदा कानून और DPDP एक्ट भारत में अभी कोई कानून नहीं है जो सोशल मीडिया के लिए उम्र-आधारित प्रतिबंध लगाए। लेकिन DPDP एक्ट के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा प्रोसेस करने के लिए पेरेंटल कंसेंट जरूरी है। इससे प्लेटफॉर्म्स को बच्चों के डेटा कलेक्शन और टारगेटेड एड्स पर नियंत्रण रखना पड़ता है। दुनिया में स्थिति ऑस्ट्रेलिया: 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन। फ्रांस: 15 साल से कम उम्र पर सोशल मीडिया का उपयोग रोकने वाला बिल पास। यूके, स्पेन, डेनमार्क, ग्रीस: ऐसी पाबंदियों पर विचार भारत के कुछ राज्यों जैसे गोवा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक ने भी ऑस्ट्रेलिया मॉडल अपनाने पर चर्चा शुरू की है। चुनौतियां और विरोधाभास इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) के फाउंडर डायरेक्टर अपर गुप्ता का कहना है कि भारत में यह बैन केवल कागज पर ही रह सकता है। बच्चे अक्सर फेक उम्र डालकर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लेते हैं। अगला कदम सरकार अभी सोशल मीडिया कंपनियों से बातचीत कर रही है। कोई फाइनल फैसला या टाइमलाइन अभी तय नहीं हुई है, लेकिन लागू होने पर यह नियम भारत के करोड़ों युवा यूजर्स को प्रभावित करेगा, खासकर जब भारत दुनिया में सोशल मीडिया का सबसे बड़ा मार्केट है।

PRASHANT KISHOR VIRAL VIDEO: प्रशांत किशोर का VIDEO वायरल, ‘जितने लोग हमारे साथ फोटो खींचते हैं उतना वोट भी नहीं मिला’

  PRASHANT KISHOR VIRAL VIDEO: नई दिल्ली । जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कई बड़े-बड़े दावे किए थे. पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने तक की बात कही थी लेकिन रिजल्ट के बाद पार्टी जीरो पर आउट हो गई. अब प्रशांत किशोर हार का मंथन कर रहे हैं. अलग-अलग जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं. इस बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वे ये कह रहे हैं कि जितने लोगों ने उनके साथ तस्वीर खिंचवाई उतना भी वोट नहीं मिला. वायरल वीडियो कहां का है ये साफ नहीं हो सका है. वीडियो में प्रशांत किशोर कार्यकर्ताओं से बातचत करते नजर आ रहे हैं. वे कहते हैं, “किसके पास प्रमाण है कि कौन ईमानदारी से काम कर रहा है? जितने लोग हमारे साथ फोटो खींचते हैं उतना वोट हमको नहीं मिला और सब आदमी यही कह रहा है कि भैया हम ही किए हैं दूसरा नहीं किया. उन बातों का कोई मतलब नहीं है.” प्रशांत किशोर ने किया एनडीए पर हमला दूसरी ओर प्रशांत किशोर बीते मंगलवार 17 फरवरी, 2026 को बेगूसराय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बिहार में शराबबंदी और बढ़ रहे अपराध को लेकर एनडीए सरकार पर हमला बोला. एनडीए की सरकार चुनने पर जनता को भी खूब सुनाया. प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर शराबबंदी से महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है तो इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए.  मीडिया से प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज ने तीन सालों तक रणनीति बनाकर काम किया. जनता ने लगभग 18 लाख वोट देकर सेवा के लिए उनको चुना, बिहार छोड़कर जाने के लिए नहीं. वे जनता के आदेश का पालन कर रहे हैं. तो सरकार एनडीए के एजेंडे पर चलेगी प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले तीन सालों से जन सुराज की ओर से एक ही बात समझाई जा रही है कि जो बोओगे वही काटोगे. अगर आप एनडीए को चुनेंगे तो सरकार एनडीए के एजेंडे पर ही चलेगी. एनडीए का एजेंडा क्लियर है वो पूरा देश देख रहा है.  नीट छात्रा की मौत पर प्रशांत किशोर ने कहा कि पुलिस ने सबसे पहले इसको आत्महत्या करार दे दिया. इसे हत्या मानने से इनकार कर दिया. इस मामले में वो जब पीड़िता के परिजनों से मिले तब जाकर सरकार की नींद खुली. एसआईटी का गठन किया गया. इसके बाद दो पुलिस पदाधिकारी सस्पेंड हुए.

AI IMPACT: इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर विवाद, स्टॉल खाली कराने की चर्चा

  AI IMPACT: नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में चल रहे India AI Impact Summit में ग्रेटर नोएडा स्थित Galgotias University विवादों में आ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया गया कि यूनिवर्सिटी ने एक चीनी रोबोटिक डॉग को अपने इनोवेशन के रूप में “ओरियन” नाम से पेश किया। क्या है पूरा मामला? वायरल दावों के मुताबिक, समिट में दिखाया गया रोबोडॉग दरअसल Unitree Go2 है, जिसे चीन की कंपनी Unitree Robotics बनाती है। यह AI-पावर्ड रोबोडॉग ऑनलाइन करीब 2-3 लाख रुपये में उपलब्ध है। आरोप लगे कि इम्पोर्टेड टेक्नोलॉजी को भारतीय डेवलपमेंट बताकर शोकेस किया गया। सूत्रों के हवाले से खबर आई कि विवाद के बाद यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर करने के निर्देश दिए गए और स्टॉल से उपकरण हटा लिए गए। हालांकि यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि उन्हें समिट छोड़ने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला है। यूनिवर्सिटी की सफाई यूनिवर्सिटी ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि रोबोडॉग को उन्होंने खुद मैन्युफैक्चर करने का दावा कभी नहीं किया। उनके मुताबिक, यह डिवाइस छात्रों के लिए एक “लर्निंग टूल” है, जिससे वे रोबोटिक्स और AI की समझ विकसित कर रहे हैं। राजनीतिक प्रतिक्रिया विवाद पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने तंज कसते हुए कहा कि AI समिट एक अव्यवस्थित पीआर तमाशा बन गया है, जहां भारतीय डेटा बेचा जा रहा है और चीनी उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। आगे क्या? आईटी मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक काउंटर खाली करने का निर्देश जारी किया गया है, लेकिन यूनिवर्सिटी का कहना है कि उन्हें अभी तक ऐसा कोई औपचारिक आदेश नहीं मिला।

DDA ACTION: दिल्ली में घर खरीदना हुआ सस्ता! DDA ने फ्लैट्स में पार्किंग चार्ज हटाया, 5-12 लाख रुपये तक की सीधी बचत

  DDA ACTION: नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपनी हाउसिंग स्कीम्स के तहत फ्लैट की कुल कीमत में अलग से पार्किंग चार्ज न जोड़ने का अहम फैसला लिया है। अब फ्लैट खरीदारों को कवर्ड या अनकवर्ड पार्किंग स्पेस के लिए अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा। पहले पार्किंग की लागत फ्लैट की बेस कीमत में शामिल नहीं होती थी, लेकिन अब इसे प्रोजेक्ट कॉस्ट का हिस्सा बनाकर प्लिंथ एरिया रेट (PAR) में समाहित कर दिया गया है। इसका मतलब है कि कुल फ्लैट कीमत में ही पार्किंग का खर्च शामिल रहेगा और अलग से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस फैसले से फ्लैट की कैटेगरी और पार्किंग स्पेस के आकार के अनुसार कीमतों में 5 लाख रुपये से लेकर 12 लाख रुपये तक की कमी आने की उम्मीद है। खासकर MIG और HIG कैटेगरी के खरीदारों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि इन फ्लैट्स में पार्किंग स्पेस बड़ा होता है और पहले इसकी लागत अधिक जुड़ती थी। DDA की मौजूदा चार हाउसिंग स्कीम्स पर यह राहत लागू होगी, जिनमें DDA कर्मयोगी आवास योजना 2025 (FCFS), DDA टावरिंग हाइट्स कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम 2025, DDA नागरिक आवास योजना 2026 (FCFS) और DDA टावरिंग हाइट्स कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम 2026 (FCFS) शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, कर्मयोगी आवास योजना के तहत 11 वर्गमीटर पार्किंग स्पेस वाले HIG फ्लैट्स की कीमत में लगभग 10 लाख रुपये की कटौती हो सकती है, जबकि MIG फ्लैट्स की कीमत 4 से 5 लाख रुपये तक घट सकती है। टावरिंग हाइट्स कड़कड़डूमा स्कीम में पार्किंग स्पेस बड़े होने के कारण राहत और अधिक होगी। DDA ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन खरीदारों ने पहले ही पार्किंग चार्ज का भुगतान कर दिया है, उन्हें राशि वापस की जाएगी या अगली किस्त में समायोजित किया जाएगा। इस कदम से दिल्ली में घर खरीदना अब अपेक्षाकृत सस्ता होगा और खरीदारों पर वित्तीय बोझ कम पड़ेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फैसला रियल एस्टेट बाजार में मांग बढ़ाने के साथ-साथ मिडिल क्लास खरीदारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

O Romeo Box Office: शाहिद ने अपनी ही फिल्म को पछाड़ा, ओ रोमियो ने अबतक कमाए इतने करोड़

  O Romeo Box Office: नई दिल्ली । विशाल भारद्वाज की फिल्म ओ रोमियो सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन है। शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की इस फिल्म को मिलेजुले रिव्यूज मिले हैं।शाहिद कपूर की फिल्म ने भारत में अबतक 45 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है। शाहिद कपूर की इस फिल्म ने अपनी ही फिल्म रंगून को कमाई के मामले में पछाड़ दिया है। शाहिद की ओ रोमियो की 5वें दिन की कमाई शाहिद कपूर की फिल्म ओ रोमियो ने आज यानी 18 फरवरी को सुबह 7 बजे तक भारत में 7 लाख की कमाई की है। 5वें दिन फिल्म ने भारत में 5.90 करोड़ की कमाई की थी। ओ रोमियो का अबतक का टोटल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिल्म ने भारत में पाच दिन में 45.51 करोड़ कमाई की है।ओ रोमियो शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की जोड़ी की साथ में चौथी फिल्म है। इससे पहले विशाल भारद्वाज कमीने, हैदर और रंगून फिल्म शाहिद कपूर संग कर चुके हैं। शाहिद कपूर की ओ रोमियो ने कमाई के मामले में रंगून को पछाड़ दिया है। ओ रोमियो की पिछले 5 दिन की कमाई दिन कमाई पहला दिन 9.01 करोड़ दूसरा दिन 14.50 करोड़ तीसरा दिन 11 करोड़ चौथा दिन 5.10 करोड़ पांचवा दिन 5.90करोड़ रंगून की कमाई, बजट और कास्ट शाहिद कपूर की रंगून साल 2017 में रिलीज हुई थी। फिल्म में शाहिद कपूर के साथ कंगना रनौत नजर आई थीं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई थी। boxofficeindia.com के मुताबिक, फिल्म का बजट 61 करोड़ था। वहीं, फिल्म ने भारत में 28.82 करोड़ (ग्रॉस कलेक्शन) की कमाई की थी। शाहिद कपूर की ओ रोमियो की कास्ट शाहिद कपूर की ओ रोमियो की बात करें तो इस फिल्म में तृप्ति और शाहिद के अलावा फरीदा जलाल, नाना पाटेकर, विक्रांत मैसी, दिशा पाटनी, तमन्ना भाटिया और अविनाश तिवारी जैसे कलाकार नजर आए हैं। फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। विशाल भारद्वाज की ये फिल्म एक एक्शम रोमांटिक ड्रामा फिल्म है। कितनी है ओ रोमियो की आईएमडीबी रेटिंग ओ रोमियो की आईएमडीबी रेटिंग 6.4 है। ये फिल्म शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की साथ में भले ही चौथी फिल्म है, लेकिन नाना पाटेकर और विशाल की ये पहली फिल्म है। हाल में विशाल भारद्वाज ने बताया कि नाना पाटेकर को दशकों से जानने के बाद भी क्यों उन्होंने कभी नाना पाटेकर के साथ पहले काम नहीं किया।

UP Politics: यूपी की सियासत से बड़ी खबर, AIMIM से बसपा अलायंस करेगी या नहीं? मायावती ने साफ कर दी तस्वीर

नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में आगामी वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले दावा किया जा रहा था कि बहुजन समाज पार्टी किसी दल के साथ गठबंधन कर सकती है. इस रेस में सबसे पहले नाम हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की अध्यक्षता वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन का चल रहा था. अब इस पर राज्य की पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती ने तस्वीर साफ कर दी है. बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने कहा है कि जैसे-जैसे UP में चुनाव पास आएंगे, जो लोग हमारे खिलाफ हैं, वे हमें सत्ता से दूर रखने की और भी कोशिश करेंगे और हमारे खिलाफ साजिश करेंगे. सिर्फ UP में ही नहीं बल्कि पूरे देश में सभी अंबेडकरवादियों को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के आत्म-सम्मान पाने के आंदोलन को मजबूत करने के लिए काम करते रहना चाहिए.पूर्व सीएम ने कहा कि आप सबको पता है कि इन दिनों AI को सफलता की पूंजी बताने की स्वार्थी बताने के बीच मीडिया में एक और चर्चा है कि विधानसभा 2027 चुनाव बसपा गठबंधन में लड़ेगी जो कि बिल्कुल झूठ है. ये फेक न्यूज है. मीडिया को ऐसी खबरों से बचना चाहिए. एक प्रेस वार्ता में मायावती ने कहा कि हम पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि हम विधानसभा चुनाव अकेले लडेंगे, लेकिन कुछ लोग और मीडिया घिनौनी साजिश में पड़कर अपनी इमेज खराब करते हैं. ये बसपा विरोधी एजेंडा है. लोगों को ऐसी खबरों पर ध्यान नहीं देना. कांग्रेस, सपा और बीजेपी की सोच संकीर्ण और बाबा साहेब की विरोधी है. मायावती ने क्यों किया अलायंस से इनकार? उन्होंने कहा कि इनसे गठबन्धन करके बसपा को नुकसान होता है. बसपा के लोग अकेले चुनाव लड़ने के लिए जी जान से लगे हुए हैं. बसपा, 2007 की तरह अकेले चुनाव लड़ेगी और चुनाव जीतेगी. बसपा सुप्रीमो को सिक्युरिटी दृष्टिगत टाइप 8 का बंगला मिलने के सवाल पर मायावती ने कहा कि जब यह मिला तो उसमें भी षडयंत्र के तहत ग़लत खबरें चलाई गई हैं एजेंडा के तहत. अब सुरक्षा के दृष्टिगत टाइप 8 का बंगला मिला जिसे मैने स्वीकार किया .उत्तर प्रदेश में 2027 के प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले यह चर्चा जोर पकड़ रही थी कि बहुजन समाज पार्टी किसी दल के साथ गठबंधन कर सकती है। सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा जिस नाम की चर्चा थी, वह हैदराबाद के सांसदअसदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन का था। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार और उनके सुप्रीमो के कहने पर 2 जून 1995 गेस्ट हाउस में मुझपर हमला हुआ था जिसके अगले दिन भारत सरकार द्वारा मुझे सुरक्षा दी गई थी और सुरक्षित आवास भी लेकिन अब इतने समय के बाद भी सुरक्षा ख़तरा बड़ा है. पहले भी मुझे टाइप 8 का बंगला ही मिला था. चुनाव के नजदीक आते ही बसपा को सत्ता से दूर रखने के लिए विपक्षियों के हथकंडे बढ़ते जाएंगे.

SALIM KHAN’S MOVIE: सलीम खान की सबसे हाई IMDb रेटिंग वाली फिल्में, नंबर वन पर शोले नहीं बल्कि साउथ की यह फिल्म

  SALIM KHAN’S MOVIE: नई दिल्ली । सलीम खान ने भारतीय सिनेमा जगत को एक अलग ही स्तर पर लेकर जाने का काम किया है। उन्होंने बॉलीवुड को बेशुमार हिट फिल्में दी हैं, लेकिन अगर आपने उनकी सभी फिल्में नहीं देखी हैं, तो कम से कम ये 7 फिल्में तो जरूर देखनी चाहिए। त्रिशूल साल 1978 में आई अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की यह फिल्म सुपरहिट थी। फिल्म की कहानी काफी इंगेजिंग है और इसे IMDb पर 7.6 रेटिंग मिली हुई है। यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी यह फिल्म आज भी लोगों की पहली पसंद है। टॉप 7 की लिस्ट में यह फिल्म सातवें नंबर पर है। काला पत्थर एक बड़ा इत्तेफाक यह है कि सलीम खान की ज्यादातर हिट फिल्में अमिताभ बच्चन के साथ ही रही हैं। साल 1978 में आई इस फिल्म की IMDb रेटिंग 7.6 है। फिल्म की कहानी कोयला खदानों में होने वाली सच्ची घटनाओं पर आधारित थी और इसने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। टॉप 7 लिस्ट में यह छठवें नंबर पर है। डॉन सलीम खान की सबसे आइकॉनिक फिल्मों में इसे 5वें नंबर पर रखा जाता है। इसमें भी अमिताभ बच्चन ने लीड रोल प्ले किया था। फिल्म की कहानी एक अंडरवर्ल्ड डॉन को काफी हीरोइक अंदाज में पेश करती है। इसकी IMDb पर रेटिंग 7.7 है। मिस्टर इंडिया उस दौर में जब लोग सीधी-साधी कहानियों पर जान छिड़कते थे, सलीम खान ने एक ऐसे शख्स की कहानी लेकर आए जो एक जादुई घड़ी पहनकर गायब हो सकता था। साल 1978 में आई इस फिल्म की IMDb रेटिंग 7.7 है और टॉप 7 की लिस्ट में यह चौथे नंबर पर है। दीवार अमिताभ बच्चन को उनकी कुछ सबसे आइकॉनिक फिल्में सलीम खान की मेहरबानी से ही मिली हैं। सलीम खान की लिखी ‘दीवार’ साल 1975 में रिलीज हुई थी। फिल्म की IMDb पर रेटिंग 8.0 है और टॉप 7 की लिस्ट में यह तीसरे नंबर पर काबिज है। शोले अब बात करें टॉप 2 की तो बेशक इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है साल 1975 में आई फिल्म ‘शोले’। इस फिल्म की IMDb पर रेटिंग 8.1 है और इसमें अमिताभ बच्चन के साथ धर्मेंद्र लीड रोल प्ले करते नजर आए थे। प्रेमड़ा कईके शायद ही आपने यह सोचा हो, लेकिन सलीम खान की सबसे हाई IMDb रेटिंग वाली फिल्म हिंदी में नहीं है। साल 1976 में आई फिल्म ‘प्रेमड़ा कईके’ सलीम खान की सबसे हाई IMDb रेटिंग (8.7) वाली फिल्म है। सलीम खान की टॉप 7 फिल्मों की लिस्ट में यह नंबर 1 पर है।