SALMAN’S FATHER: सलमान के पिता सलीम खान वेटिंलेटर पर…. लीलाबती अस्पताल में हुई सर्जरी

SALMAN’S FATHER: मुम्बई। फेमस फिल्म एक्टर सलमान खान के पिता सलीम खान (Salim Khan) को वेंटिलेटर (Ventilator) पर रखा गया है। दरअसल, मंगलवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी।फेमस फिल्म एक्टर सलमान खान के पिता सलीम खान (Salim Khan) को वेंटिलेटर (Ventilator) पर रखा गया है। दरअसल, मंगलवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। परिवार के सदस्य जब उन्हें मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल (Lilavati Hospital, Mumbai) में लाए तब डॉक्टर्स ने उन्हें भर्ती किया और आईसीयू में रखा। पहले तो डॉक्टर्स ने सलीम खान के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन अब बताया जा रहा है कि उनकी सर्जरी हुई है। डॉक्टर ने क्या कहा? अभी तक सलीम खान के परिवार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, हॉस्पिटल के डॉ. जलील पारकर ने सलीम खान के बारे में जानकारी जरूरी दी है। डॉ.जलील पारकर ने बताया, ‘सलीम खान की सर्जरी हुई है। अब उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। उनकी हालत अभी स्थिर है। बुधवार सुबह 11 बजे, हम परिवार और रिश्तेदारों की सहमति से एक प्रेस बुलेटिन जारी करेंगे।’ मिलने पहुंच रहे परिवार के सदस्य डॉ. पारकर ने आगे कहा, ‘वह स्थिर हैं, लेकिन उनके क्लिनिकल स्टेटस को लेकर उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है।’ बता दें, जब से सलीम खान हॉस्पिटल में भर्ती हुए हैं तब से खान परिवार के सदस्य बारी-बारी उनसे मिलने बांद्रा स्थित मेडिकल फैसिलिटी पहुंच रहे हैं। जावेद अख्तर और संजय दत्त भी हॉस्पिटल के बाहर स्पॉट हुए हैं। सलीम खान – द स्क्रीनराइटर सलीम खान को हिंदी सिनेमा के इतिहास के सबसे प्रभावशाली स्क्रीनराइटरों में से एक माना जाता है। वह जावेद अख्तर के साथ मिलकर लिखते थे। उनकी जोड़ी को सलीम-जावेद कहा जाता था। उन्होंने 1970 और 1980 के दशक की शुरुआत में मेनस्ट्रीम बॉलीवुड को बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने एक या दो नहीं 24 फिल्मों का स्क्रीनप्ले लिखा था और इसमें से 20 फिल्में हिट हुई थीं।
MP TALENT HUNT: MP में टैलेंट हंट प्रोग्राम’ के जरिए प्रवक्ता खोज कर रही कांग्रेस… BJP ने उठाए सवाल

MP TALENT HUNT: भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सियासत में अब ‘टैलेंट’ (‘Talent’) भी बहस का विषय बन गया है. प्रदेश कांग्रेस (MP Congress) ने संगठन में नए और ऊर्जावान चेहरों को मौका देने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए प्रवक्ताओं के चयन के लिए ‘टैलेंट हंट प्रोग्राम’ (Talent Hunt Program) शुरू किया है. हालांकि इस पहल पर बीजेपी (BJP) ने तंज कसते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu Patwari) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा की. उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में पार्टी को ऐसे प्रवक्ताओं की जरूरत है जो वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध हों, समसामयिक मुद्दों पर गहरी पकड़ रखते हों और कांग्रेस की विचारधारा को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा सकें. पार्टी का दावा है कि अब चयन प्रक्रिया योग्यता, अध्ययन और संवाद क्षमता के आधार पर होगी। क्या है टैलेंट हंट की पूरी प्रक्रिया? – कार्यक्रम जिला, संभाग, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित होगा – 28 फरवरी तक आवेदन जमा किए जा सकेंगे – संभाग स्तर पर इंटरव्यू होंगे – AICC नामित कोऑर्डिनेटर, टैलेंट हंट कमेटी, वरिष्ठ नेता और जिला अध्यक्ष मिलकर मूल्यांकन करेंगे – अंतिम निर्णय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी लेगी – 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा – साथ ही मीडिया पैनलिस्ट, संभाग और जिला स्तर पर दो-दो अधिकृत प्रवक्ता, राष्ट्रीय स्तर पर दो पैनलिस्ट और एक विशेष अंग्रेजी मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त किए जाएंगे. इस बीच बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा समेत मंत्रियों गोविंद सिंह राजपूत और प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा कि पार्टी में टैलेंट की कमी है, इसलिए बाहर से तलाश की जा रही है. मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने तो कहा कि कांग्रेस को टैलेंट से ज्सादा एक्सपियरेंस की जरूरत है नहीं तो सब एक-एक कार कांग्रेस छोड़ कर चले जाएंगे। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश की राजनीति में अब प्रवक्ताओं का चयन भी सियासी संग्राम का हिस्सा बन गया है. एक तरफ कांग्रेस नई ऊर्जा के साथ संगठन को धार देने की कोशिश में है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे कांग्रेस की मजबूरी बता रही है। अब देखना होगा कि यह टैलेंट हंट वाकई कांग्रेस को मजबूत और मुखर आवाजें देता है या फिर यह पहल भी सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रह जाती है।
TATA SON’S CHAIRMAN:टाटा संस के चेयरमैन चंद्रशेखरन के भविष्य का फैसला 24 फरवरी को… ग्रुप बोर्ड की होगी अहम बैठक

TATA SON’S CHAIRMAN: नई दिल्ली। टाटा समूह (Tata Group) के लिए अगला सप्ताह काफी अहम होगा। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अगले सप्ताह टाटा संस के बोर्ड की मीटिंग (Board meeting of Tata Sons) होने वाली है। 24 फरवरी को प्रस्तावित इस बैठक में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (Chairman N. Chandrasekaran) के तीसरे कार्यकाल पर फैसला होगा। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में बोर्ड के सामने तीसरे कार्यकाल को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। बिजनेस स्टैंडर्ड के एक सूत्र के अनुसार टाटा संस बोर्ड में कार्यकाल बढ़ाने की चर्चा से चंद्रशेखरन खुद को अलग रखेंगे। बता दें कि एन चंद्रशेखरन का दूसरा कार्यकाल अगले वर्ष पूरा होने वाला है, ऐसे में समय से पहले ही उनके नेतृत्व को लेकर स्पष्टता लाने की तैयारी की जा रही है। पिछले साल नोएल टाटा ने रखा था प्रस्ताव टाटा संस के सबसे बड़े शेयरधारक टाटा ट्रस्ट्स ने पिछले साल एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल की सिफारिश करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था। उस बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और वाइस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने चंद्रशेखरन को टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन के रूप में पांच साल के लिए फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा था। अब इस प्रस्ताव पर बोर्ड की मंजूरी जरूरी है। रतन टाटा ने की थी सिफारिश चंद्रशेखरन के दूसरे कार्यकाल की बात करें तो साल 2022 में जब कार्यकाल बढ़ाया गया था, तब टाटा ट्रस्ट्स के तत्कालीन अध्यक्ष और समूह के मानद अध्यक्ष रतन टाटा ने टाटा संस बोर्ड की बैठक में हिस्सा लिया था। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों के लिए चंद्रशेखरन के नाम की सिफारिश की थी। बता दें कि नमक से सेमीकंडक्टर तक के कारोबार में सक्रिय टाटा समूह इस समय कई रणनीतिक विस्तार योजनाओं पर काम कर रहा है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व की निरंतरता को समूह की दीर्घकालिक रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है। चंद्रशेखरन के नेतृत्व में समूह ने एयरलाइन, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और डिजिटल कारोबार में बड़े फैसले लिए हैं, जिससे कंपनी की वैश्विक उपस्थिति मजबूत हुई है। कौन है एन चंद्रशेखरन? नटराजन चंद्रशेखरन टाटा समूह की सभी कंपनियों के प्रमोटर टाटा संस के चेयरमैन हैं। वह अक्टूबर 2016 में टाटा संस के बोर्ड में शामिल हुए और जनवरी 2017 में चेयरमैन नियुक्त हुए। वे टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर, एयर इंडिया, इंडियन होटल्स कंपनी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज सहित समूह की कई ऑपरेटिंग कंपनियों के बोर्ड के भी अध्यक्ष हैं।चेयरमैन बनने से पहले, वे टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे, जहां उन्होंने 30 वर्षों तक सेवा की। वह 2017 तक आठ वर्ष मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में शामिल हैं।
GOLD SILVER RATE: सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी…. जानिए क्यों गिर रहे दाम?

GOLD SILVER RATE: नई दिल्ली। सोने और चांदी (Gold- Silver Price) के लिए मंगलवार को दिन अच्छा नहीं रहा है। इस दिन कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर (MCX Gold Futures) का रेट गिरकर 151244 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। गोल्ड की आज की कीमतों में 3500 रुपये या फिर 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर मार्च कॉन्ट्रैक्ट्स (MCX Silver March Contracts) के शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। चांदी का रेट 10,500 रुपये फिर 4.4 प्रतिशत टूटकर 229352 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया। सोने और चांदी की कीमतों में क्यों आ रही है गिरावट गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट के पीछे की वजह डॉलर का मजूबत होना है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान बातचीत, यूएस फेड रिजर्व का ताजा अपडेट और छुट्टी की वजह से ज्यादा एशियाई बाजार के बंद होने की वजह से यह गिरावट देखने को मिली है। बता दें, आज डॉलर इंडेक्स में 0.40 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं? जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी कहते हैं, “गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट का सिलसिला आज भी जारी है। इसके पीछे की वजह डॉलर का मजबूत होना और हालिया तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग है। कल छुट्टी की वजह से यूएस मार्केट बंद था। इसकी वजह से भी सोने और चांदी की कीमतों पर असर पड़ा है।” हरीश कहते हैं, “बाजार में मौजूद निवेशक इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी इकनॉमिक आंकड़ों से पहले सतर्कता दिखा रहे हैं। ताजा जीडीपी आंकड़े और FOMC मीटिंग का असर फेड रिजर्व की उम्मीदों पर पड़ेगा।” क्या सोना और चांदी खरीदने का यह है सही समय? गोल्ड और सिल्वर इस समय काफी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कोई भी तेजी शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए बेच कर बाहर निकलने का सही मौका होगा। ब्रोकरेज हाइस च्वाइस ब्रोकिंग का कहना है कि गोल्ड के लिए 149000 रुपये और चांदी 225000 का रेट काफी अहम होगा। अगर दाम इसके नीचे जाते हैं तो दबाव के कारण कीमतों में और गिरावट देखने को मिलेगी।
J/K NEWS: जम्मू-कश्मीर को जल्द मिल सकता है राज्य का दर्जा, केंद्र के संकेत ने बढ़ाई उम्मीदें

J/K NEWS: नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा जल्द मिलने की संभावना फिर से सुर्खियों में आ गई है। केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने हाल ही में कहा कि यह मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है, लेकिन जब संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है, तो जम्मू-कश्मीर को उसका अधिकार निश्चित रूप से मिलेगा। मेघवाल ने यह भी संकेत दिए कि प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इस पर फैसला सुनने को मिल सकता है। अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त कर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था। इसके साथ ही तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों—जम्मू-कश्मीर और लद्दाख—में विभाजित किया गया। तब से ही क्षेत्रीय राजनीतिक दल लगातार पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि राज्य का दर्जा लौटने से स्थानीय प्रशासनिक निर्णयों में जनता की भागीदारी बढ़ेगी और विकास की गति तेज होगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस मामले पर अपनी चिंता और उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के साथ इस मुद्दे पर लगातार बातचीत कर रही है और लंबे इंतजार के बावजूद वे उम्मीद नहीं खो रहे हैं। अब, केंद्रीय मंत्री के हालिया बयान के बाद उन्हें विश्वास है कि राज्य का दर्जा जल्द ही बहाल किया जा सकता है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह मामला जनता की संवेदनशील भावनाओं से जुड़ा हुआ है और देर होने से लोगों में बची हुई उम्मीद भी खत्म हो सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर का राज्य दर्जा बहाल होना न केवल प्रशासनिक और संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और विकास को भी मजबूती मिलेगी। स्थानीय प्रशासन को अधिक अधिकार मिलेंगे, जिससे विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था के मामलों में बेहतर निर्णय लेने में सुविधा होगी। हालांकि, अभी तक कोई निश्चित तारीख या आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से लगातार सकारात्मक संकेत दिए जा रहे हैं। मेघवाल के बयान और पहले दिए गए लोकसभा आश्वासनों से यह स्पष्ट होता है कि राज्य का दर्जा बहाल करने की प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं हुई है और यह मुद्दा उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद जल्द ही संसद या केंद्र सरकार के माध्यम से अंतिम रूप ले सकता है। निष्कर्ष: जम्मू-कश्मीर के लोगों और राजनीतिक दलों के लिए यह बड़ी उम्मीद की खबर है। लंबे समय से प्रतीक्षित यह फैसला क्षेत्रीय राजनीति, प्रशासनिक सुधार और विकास की दिशा में एक नया अध्याय खोल सकता है। केंद्रीय मंत्रियों के संकेतों और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की उम्मीदों के बीच लगता है कि अब राज्य के दर्जे की बहाली बहुत दूर नहीं है।
MP POLITICS: राजस्व विभाग का बड़ा फैसला,119 राजस्व निरीक्षक बने नायब तहसीलदार; यहां देखें लिस्ट!

HIGHLIGHTS: 119 राजस्व निरीक्षक बने प्रभारी नायब तहसीलदार विभागीय जांच लंबित होने पर नियुक्ति नहीं पदभार नहीं लेने पर नाम सूची से हटेगा उच्च पद के भत्ते मिलेंगे, पर पदोन्नति नहीं केवल जिला और संभागीय कार्यालय में पदस्थापना MP POLITICS: ग्वालियर। मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राजस्व विभाग ने 119 राजस्व निरीक्षकों को प्रभारी नायब तहसीलदार के रूप में पदस्थ करने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों की नई जिलों में पदस्थापना भी की गई है। बता दें कि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों पर विभागीय जांच या आपराधिक प्रकरण लंबित है, उन्हें इस पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा। MP RAIN ALERT: एमपी में फिर बदलेगा मौसम: 22 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, ग्वालियर-चंबल पर ज्यादा असर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी आदेश में सभी चयनित राजस्व निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में तुरंत प्रभारी नायब तहसीलदार का कार्यभार संभालें। यदि कोई अधिकारी पदभार ग्रहण करने से इंकार करता है या निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होता है, तो उसका नाम सूची से हटा दिया जाएगा। बांग्लादेश के 11वें प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान, 25-सदस्यीय मंत्रिमंडल में शामिल एक हिंदू नेता नियमों का दिया गया हवाला विभाग ने स्पष्ट किया है कि राजस्व न्यायालयीन कार्यों के सुचारू संचालन के लिए यह निर्णय लिया गया है। स्थानांतरण नीति 2005 समाप्त होने के बाद आवश्यकता अनुसार अधिकारियों का एक बार स्थानांतरण किया जा सकता है। राज्य शासन की वर्तमान ट्रांसफर पॉलिसी भी इस आदेश पर लागू रहेगी। मुसीबत में बचाने वाला गाइड! जानें 20–50 की उम्र के लिए टॉप 5 इंश्योरेंस विकल्प क्या मिलेंगी सुविधाएं और शर्तें प्रभारी नायब तहसीलदार के रूप में कार्य करने वाले अधिकारियों को उच्च पद के अनुरूप भत्ते मिलेंगे, लेकिन इसे पदोन्नति नहीं माना जाएगा। उन्हें नायब तहसीलदार के पद पर नियमित नियुक्ति का लाभ नहीं मिलेगा। कार्यवाहक नायब तहसीलदार को तहसीलदार की शक्तियां प्रदान की जाएंगी, लेकिन उनकी सेवा अवधि नियमित नायब तहसीलदार पद के लिए मान्य नहीं होगी। भारत-फ्रांस मिलकर बनाएंगे एवरेस्ट ऊंचाई तक उड़ने वाला हेलीकॉप्टर जिला और संभागीय कार्यालय में होगी पदस्थापना इन अधिकारियों की पदस्थापना केवल जिला और संभागीय कार्यालयों में की जाएगी। नियमित नियुक्ति होने तक वे कार्यवाहक रूप में ही दायित्व निभाएंगे।
MP RAIN ALERT: एमपी में फिर बदलेगा मौसम: 22 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, ग्वालियर-चंबल पर ज्यादा असर

HIGHLIGHTS: 22 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में ज्यादा असर गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना फरवरी में तीसरी बार बदलेगा मौसम होली तक रात में हल्की ठंड जारी MP RAIN ALERT: ग्वालियर। मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने बुधवार, 18 फरवरी को 22 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। साथ ही गुरुवार, 19 फरवरी को भी कुछ जिलों में इसका असर बना रहेगा। बांग्लादेश के 11वें प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान, 25-सदस्यीय मंत्रिमंडल में शामिल एक हिंदू नेता इन जिलों में बारिश के आसार बुधवार को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, देवास, सीहोर, विदिशा, सागर, दमोह, पन्ना और सतना समेत कुछ जिलों में बादल छाए रह सकते हैं। मंगलवार रात रतलाम जिले के कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। मुसीबत में बचाने वाला गाइड! जानें 20–50 की उम्र के लिए टॉप 5 इंश्योरेंस विकल्प ग्वालियर-चंबल में ज्यादा प्रभाव मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 18 फरवरी को सिस्टम का असर सबसे अधिक रहेगा। 19 फरवरी को ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा। भारत-फ्रांस मिलकर बनाएंगे एवरेस्ट ऊंचाई तक उड़ने वाला हेलीकॉप्टर फरवरी में तीसरी बार बारिश की संभावना यदि 18-19 फरवरी को बारिश होती है, तो यह इस महीने की तीसरी बारिश होगी। इससे पहले हुई आंधी-ओलावृष्टि से ग्वालियर संभाग में फसलों को नुकसान हुआ था। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे भी कराया था। मप्र की जीडीपी में 11.14% वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,69,050 हुई होली तक रात में रहेगी ठंड प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है और होली तक सुबह-रात ठंड बनी रह सकती है। अधिकतर शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहेगा, जबकि दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।