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राजधानी में दहशत: पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 12:15 बजे विस्फोट का दावा; परिसर खाली

नई दिल्ली। राजधानी भोपाल स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी को गुरुवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। यूनिवर्सिटी के डीन को भेजे गए मेल में दावा किया गया था कि मेडिकल कॉलेज परिसर में साइनाइड गैस युक्त बम लगाए गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे विस्फोट करेंगे। ईमेल में सुबह 11 बजे तक डॉक्टरों, छात्रों और स्टाफ को परिसर खाली कराने की चेतावनी भी दी गई थी। सूचना मिलते ही यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने तुरंत पुलिस प्रशासन को अवगत कराया। एहतियात के तौर पर क्लासरूम, ओपीडी, हॉस्टल और प्रशासनिक भवनों से छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ ही देर में पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए और पूरे परिसर की सघन तलाशी शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरा ईमेल यूनिवर्सिटी की आधिकारिक मेल आईडी पर भेजा गया था। संदेश में विस्फोट का समय स्पष्ट रूप से उल्लेखित था। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए हर संभावित स्थान की जांच की। हालांकि निर्धारित समय तक किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। मामले की तकनीकी जांच साइबर सेल को सौंप दी गई है। ईमेल किस आईडी से भेजा गया, उसका सर्वर लोकेशन क्या है और क्या इसमें किसी संगठित समूह की भूमिका हैइन सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर इसे शरारत या फर्जी धमकी की आशंका से भी जोड़ा जा रहा है, लेकिन अधिकारी किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहे। धमकी की खबर फैलते ही यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में चिंता देखी गई। हालांकि पुलिस ने आश्वस्त किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिसर खाली कराया गया और पुलिस के सहयोग से व्यापक जांच कराई गई। फिलहाल कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन ईमेल भेजने वाले की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीपुल्स यूनिवर्सिटी को मिली बम धमकी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की सतर्कता की परीक्षा ले ली। समय रहते प्रशासनिक कार्रवाई से बड़ा खतरा टल गया। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती हैधमकी देने वाले तक पहुंचकर सच्चाई सामने लाना।

बांग्लादेश में नई सरकार के बाद तुर्की की सक्रियता, बिलाल एर्दोगन का ढाका दौरा चर्चा में

नई दिल्ली । बांग्लादेश में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद तुर्की के राष्ट्रपतिरेसेप तैयप एर्दोगन के बेटे Bilal Erdogan का अचानक ढाका दौरा क्षेत्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार की पृष्ठभूमि में हुए इस दौरे को रणनीतिक नजर से देखा जा रहा है। बिलाल एर्दोगन एक निजी विमान से ढाका पहुंचे। उनके साथ तुर्की के पूर्व फुटबॉलर मेसुट ओज़िल और तुर्की की सरकारी सहायता एजेंसी तुर्की सहयोग और समन्वय एजेंसी TIKA के चेयरमैन अब्दुल्ला आरोन भी मौजूद थे। ढाका पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने ढाका विश्वविद्यालय में TIKA द्वारा वित्तपोषित एक मेडिकल सेंटर का उद्घाटन किया। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट की पहल जमात-ए-इस्लामी की छात्र इकाई ने की थी। बांग्लादेश के हालिया चुनावों मेंबांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी ने गठबंधन के जरिए 77 सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की है और वह अब संसद में प्रभावशाली विपक्ष के रूप में उभरी है। हालांकि सरकार BNP के नेतृत्व में बनी है, लेकिन माना जा रहा है कि नीतिगत फैसलों पर जमात का असर बढ़ सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, दक्षिण एशिया में TIKA की बढ़ती मौजूदगी और तुर्की की सक्रियता को भारत की सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील माना जा रहा है। खासकर रोहिंग्या कैंपों की यात्राओं और इस्लामिक संगठनों के साथ संपर्क को क्षेत्रीय समीकरणों में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इस संदर्भ में पाकिस्तान की भूमिका भी चर्चा में है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (ISI) पर पहले भी बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में दखल के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्रीय राजनीति में पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश के बीच बढ़ती नजदीकियों को भारत के लिए रणनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, बिलाल एर्दोगन का यह दौरा तुर्की और बांग्लादेश के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि इस कूटनीतिक सक्रियता का दक्षिण एशिया की राजनीति और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ता है।

MP विधानसभा बजट सत्र: अदाणी विवाद और भागीरथपुरा मौत कांड पर हंगामा, नेता प्रतिपक्ष ने इस्तीफे की मांग की

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का गुरुवार को चौथा दिन विवादों के कारण सुर्खियों में रहा। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बीच तीखी बहस हुई। सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार और अदाणी के बीच समझौता हुआ है, जिसके तहत बिजली खरीद के नाम पर अगले 25 साल में 1 लाख से सवा लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे। जब सिंघार ने यह दावा किया, मंत्री विजयवर्गीय ने सबूत मांगते हुए कहा, “इसका सबूत दें।” नेता प्रतिपक्ष ने जवाब दिया कि उनके पास सबूत हैं और वे दिखा देंगे। इस दौरान दोनों के बीच तनातनी बढ़ गई और मंत्री विजयवर्गीय ने उन्हें “औकात में रहने” की चेतावनी दी। इससे सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। प्रदर्शन और हंगामाकार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। उमंग सिंघार ने बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक बताते हुए इसे “ख्याली पुलाव” करार दिया। सदन में प्रश्न पूछने के दौरान भी शोर-शराबा जारी रहा, जिसके कारण अध्यक्ष ने कार्यवाही पाँच मिनट के लिए स्थगित कर दी। भागीरथपुरा मौत कांड पर सवालइंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। सिंघार ने संबंधित मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की। डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि 21 से 29 दिसंबर के बीच डायरिया फैलने के बाद स्थिति गंभीर हुई और 22 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की राहत दी गई। सिंघार ने मृतकों की संख्या 35 बताते हुए सभी को मुआवजा देने और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और एक आईएएस अधिकारी को निलंबित किया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के राहत कार्यों का भी उल्लेख किया गया। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भी सरकार का पक्ष रखा, लेकिन इस्तीफे की मांग और विवाद के बीच सदन में हंगामा जारी रहा। MP विधानसभा बजट सत्र में अदाणी बिजली सौदे और भागीरथपुरा मौत कांड को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष ने मंत्री इस्तीफे की मांग की, जबकि सरकार ने राहत कार्य और कार्रवाई का हवाला दिया। विवाद के बीच सदन की कार्यवाही कई बार बाधित रही।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किया नमन

भोपाल । मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हिन्दवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने अभूतपूर्व पराक्रम, अद्वितीय शौर्य और उत्कृष्ट युद्ध कौशल से अखंड भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने मां भारती के स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन राष्ट्रभक्ति, संगठन क्षमता और सुशासन का अद्वितीय उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी युवाओं को साहस, नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि शिवाजी महाराज के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ में होंगे शामिल, वैश्विक टेक कंपनियों से करेंगे वन-टू-वन चर्चा

भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार 20 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। समिट में वे उच्च-स्तरीय पैनल चर्चा में शामिल होकर राज्य स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई के उपयोग से आर्थिक विकास को गति देने, डिजिटल सुशासन को मजबूत बनाने और अत्याधुनिक अवसंरचना विकसित करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों में एआई कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा संरचना, क्लाउड इकोसिस्टम, जनरेटिव एआई एकीकरण और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर चर्चा होगी। साथ ही एडवांस्ड सेमीकंडक्टर एक्सीलरेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर विकास और सॉवरेन एआई मॉडलिंग जैसे अत्याधुनिक विषयों पर भी मंथन किया जाएगा। मुख्यमंत्री टियर-2 शहरों से उभर रहे स्टार्ट-अप्स और नवप्रवर्तकों से भी मुलाकात करेंगे। वे एआई आधारित समाधानों पर काम कर रहे युवा उद्यमियों के नवाचारों की जानकारी लेकर उन्हें प्रोत्साहित करेंगे। इससे राज्य में तकनीकी नवाचार और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। समिट में मध्यप्रदेश का विशेष पवेलियन हॉल-4, प्रथम तल, बूथ संख्या 4F-32 और 4F-34 में AI सशक्त भारत के लिए सक्षम शासन थीम पर स्थापित किया गया है। इस पवेलियन में 14 एआई स्टार्ट-अप, IIT Indore, आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन सहित शैक्षणिक संस्थान और चार प्रमुख शासकीय विभाग भाग ले रहे हैं। यहां शासन में लागू किए जा चुके एआई समाधानों को प्रदर्शित किया जा रहा है, जो पारदर्शिता बढ़ाने, समयबद्ध सेवा वितरण और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को सशक्त बनाने में सहायक हैं। मध्यप्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, एमपीएसईडीसी के सहयोग से, इस राष्ट्रीय मंच पर राज्य की योजनाबद्ध और लक्ष्य-आधारित एआई पहलों को प्रस्तुत कर रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि एआई तकनीक के प्रभावी उपयोग से मध्यप्रदेश आर्थिक प्रगति, निवेश आकर्षण और सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।

सिबिल स्कोर के बिना भी मिल सकेगा लोन, जानिए क्या है सरकार की नई प्लानिंग?

नई दिल्ली । देश में लाखों ऐसे लोग हैं जिन्होंने कभी बैंक से कर्ज नहीं लिया, इसलिए उनका कोई क्रेडिट इतिहास नहीं है। नतीजा यह होता है कि जब वे पहली बार लोन के लिए आवेदन करते हैं तो सिबिल स्कोर न होने के कारण उन्हें आसानी से मंजूरी नहीं मिलती। अब केंद्र सरकार इस स्थिति को बदलने की तैयारी में है। बिना सिबिल स्कोर के लोन क्या अब लोन लेने के लिए सिबिल स्कोर जरूरी नहीं रहेगा? केंद्र सरकार एक ऐसी नए सिस्टम पर काम कर रही है, जो देश के लाखों लोगों के लिए बैंकिंग के दरवाजे खोल सकती है। खासकर महिलाएं, ग्रामीण आबादी और वे लोग जिन्होंने कभी बैंक से लोन नहीं लिया, उन्हें इस पहल से बड़ी राहत मिल सकती है। सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित क्रेडिट स्कोरिंग फ्रेमवर्क विकसित करने पर विचार कर रही है, जिससे बिना पारंपरिक क्रेडिट इतिहास के भी ऋण मिल सके। फिलहाल बैंक किसी भी व्यक्ति को लोन देने से पहले उसका सिबिल स्कोर और क्रेडिट हिस्ट्री जांचते हैं। सिबिल जैसी क्रेडिट एजेंसियां पुराने लोन, समय पर भुगतान और डिफॉल्ट का रिकॉर्ड रखती हैं। जिन लोगों ने पहले कभी लोन नहीं लिया या जिनका कोई क्रेडिट रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें अक्सर न्यू टू क्रेडिट मानकर लोन से वंचित कर दिया जाता है। सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था पहली बार लोन लेने वालों के लिए एक बड़ी बाधा है।AI आधारित क्रेडिट स्कोरिंग क्या करेगी? नई योजना के तहत एआई और डेटा एनालिटिक्स की मदद से वैकल्पिक आंकड़ों के आधार पर व्यक्ति की क्रेडिट योग्यता आंकी जा सकती है। उदाहरण के तौर पर नियमित बिजली-पानी के बिल का भुगतान, मोबाइल रिचार्ज या डिजिटल ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड, बैंक खाते में लेनदेन का व्यवहार और सरकारी योजनाओं का लाभ। इन सभी डेटा को मिलाकर एक वैकल्पिक क्रेडिट प्रोफाइल तैयार किया जा सकता है। इससे उन लोगों को भी ऋण मिल सकेगा जिनका पारंपरिक सिबिल स्कोर नहीं है। महिलाओं और ग्रामीण आबादी को मिलेगा फायदा यह पहल खासकर महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों छोटे कारोबारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है। इन वर्गों के पास आय का सोर्स तो होता है, लेकिन औपचारिक क्रेडिट इतिहास नहीं होता। नई प्रणाली उन्हें औपचारिक बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने में मदद करेगी।बैंकिंग सेक्टर के लिए क्या मतलब? यदि यह ढांचा लागू होता है, तो बैंक और वित्तीय संस्थान अपने ग्राहक आधार का विस्तार कर सकेंगे। साथ ही, वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जरूरी होंगे।

निगम की पोल खोलते हुए इंदौर की महिला ने सीधे महापौर से पूछा: जनता के लिए काम कब होगा?

इंदौर। इंदौर की जनता चौपाल में वार्ड 84 की टीना गौड़ ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के सामने नगर निगम की फिजूलखर्ची और विकास कार्यों की खामियों पर सीधे सवाल उठाकर पूरे मंच को सन्न कर दिया। महिला ने निगम के कामकाज, सड़क मरम्मत, पार्क और ब्लॉक सुधार, और टैक्स वृद्धि पर निर्भीकता से अपनी बात रखी, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। टीना ने महापौर से सवाल किया कि उनके आने से सिर्फ 10 मिनट पहले ही सड़क का गड्ढा भरा गया, जबकि इससे पहले कई बुजुर्ग गिरकर चोटिल हो चुके थे। उन्होंने पूछा, “क्या सड़क मरम्मत सिर्फ जनप्रतिनिधियों के आने पर होती है? आम जनता के लिए ऐसा क्यों नहीं किया जाता?” यह सवाल महापौर को असहज स्थिति में ला गया। महिला ने जनता चौपाल की नियमितता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, “चुनाव के बाद से जनता चौपाल क्यों नहीं हुई और आज क्यों रखी गई?” महापौर ने जवाब दिया, “आपको पता है, मैं कितनी बार द्वारकापुरी आया।” लेकिन टीना ने पलटवार किया, “सर, आप आए, लेकिन जनता से रूबरू मिलने आए थे क्या?” महापौर ने कहा, “तो फिर क्या करने आया था?” टीना ने निर्भीकता से कहा, “आज तो बोलने का पूरा हक है न सर।” सिर्फ सड़क ही नहीं, टीना ने पार्क, ब्लॉक और अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, “अगर ब्लॉक और गार्डन पहले अच्छे थे, तो उन्हें क्यों खोदा गया? दीवारें तोड़ने की क्या जरूरत थी? निगम कर्ज में है, फिर भी यह फिजूलखर्ची क्यों?” उनके सवालों ने नगर निगम की प्राथमिकताओं और कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। टीना ने टैक्स वृद्धि और आम जनता पर इसके प्रभाव को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि 2021 में टैक्स बढ़ाया गया और अब 2% और बढ़ा दिया गया, जिससे गरीब प्रभावित हुए हैं। उन्होंने निवेदन किया कि पार्षद घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनें और जनता से रूबरू हों। महिला के सीधे और बेबाक सवालों ने महापौर को जवाब देने के लिए मजबूर किया। उनकी बहादुरी और जागरूकता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग इसे लेकर चर्चा कर रहे हैं। टीना गौड़ ने इंदौर की जनता चौपाल में नगर निगम की फिजूलखर्ची और विकास कार्यों की खामियों पर सीधे सवाल उठाकर प्रशासन की पोल खोल दी। यह दिखाता है कि जब नागरिक जागरूक और सशक्त हों, तो प्रशासन जवाबदेह बनता है। जनता की आवाज़ दब नहीं सकती, और ऐसे उदाहरण आम लोगों के लिए प्रेरणादायक बनते हैं।

राजस्थान यूथ कांग्रेस संगठन चुनाव घोषित, 22 फरवरी से 1 मार्च तक होंगे नामांकन, पढ़ें शेड्यूल

नई दिल्ली । राजस्थान यूथ कांग्रेस संगठनात्मक चुनाव की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है. यूथ कांग्रेस प्रदेश संगठन में चल रही गुटबाज़ी और निष्क्रियता के चलते चुनावी तारीखों का ऐलान किया गया है. इस चुनाव के लिए रविवार (22 फरवरी) से एक मार्च तक नामांकन होंगे और 6 मार्च से 10 मार्च तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. उसके बाद 11 मार्च को फाइनल उम्मीदवारों की सूची जारी होगी. उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, जो कि18,19 मार्च से शुरू हो सकता है. यूथ कांग्रेस चुनाव अधिकारी ने दी यह जानकारी राजस्थान यूथ कांग्रेस चुनाव अधिकारी सज्जाद तारिक ने बताया कि प्रदेश में यूथ कांग्रेस की चुनाव प्रक्रिया 22 फरवरी से शुरू होने जा रही है. उन्होंने आगे बताया कि इस बार ब्लॉक अध्यक्ष के पद पर भी प्रत्यक्ष रूप से चुनाव होगा. वहीं चुनावी मेंबरशिप की राशि को 50 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये कर दिया है. इसी के साथ 6 ज़िलों में जिलाध्यक्ष के पद SC ST के लिए रिज़र्व किए गए हैं. इस तरह रहेगा यूथ कांग्रेस के संगठन का चुनाव 21 फरवरी तक प्रदेश अध्यक्ष पद के परफॉर्मेंस की सूची होगी जारी22 फरवरी से 1 मार्च तक होंगे नामांकन दाखिल6 मार्च से 10 मार्च तक नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होगी11 मार्च को प्रत्याशियों की फाइनल सूची जारी होगी सूची जारी होने के करीब 1 हफ्ते बाद मेंबरशिप शुरु होगी18 मार्च से 18 अप्रैल तक एक महीने तक मेंबरशिप चल सकती हैमेंबरशिप के करीब साढ़े 3 महीने बाद अगस्त में रिजल्ट आएगाइस बार संगठन चुनाव में कई बदलाव किए गएपहली बार होगा ब्लॉक अध्यक्ष पद के लिए चुनावप्रदेश अध्यक्ष पद प्रत्याशी को 100 ब्लॉक अध्यक्ष के नॉमिनेशन कराने होंगेप्रदेश महासचिव प्रत्याशी को 41 ब्लॉक अध्यक्ष नामांकन कराने होंगेइस बार मेंबरशिप 50 रुपए से बढ़ाकर 75 रुपए की गईसारी चुनावी प्रक्रिया को ऑनलाइन अंजाम दिया जाएगा छह पदों के लिए होगा चुनाव संगठन चुनाव के तहत कुल 6 पदों के लिए चुनाव होगा. इसमें प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए चुनाव होगा. सारी चुनाव प्रक्रिया को ऑनलाइन अंजाम दिया जाएगा. इस बार नामांकन फीस में भी काफी बढोतरी की गई है. सभी छह पदों के लिए एक साथ वोट डाले जाएंगे. वहीं चुनाव प्रभारी ने कहा कि अगर मार्च में पंचायत और निकाय चुनाव घोषित हो जाता है तो फिर हम मेंबरशिप को होल्ड कर देंगे.

महंगे प्रोडक्ट्स नहीं, सही रूटीन है जरूरी, जानिए बिगिनर्स के लिए स्किन केयर का A to Z

नई दिल्ली। आज के समय में धूल, प्रदूषण और तनाव का सबसे पहला असर हमारी त्वचा पर दिखता है। अगर आप भी अपनी स्किन का ख्याल रखना शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि स्किन केयर कोई मुश्किल काम नहीं है। एक सही रूटीन का मतलब महंगे प्रोडक्ट्स नहीं, बल्कि अपनी त्वचा की जरूरतों को समझना है। एक बेसिक स्किन केयर रूटीन को दो हिस्सों में बांटा जाता है- मॉर्निंगऔर नाइट । आइए जानते हैं कि अगर आप बिगिनर हैं, तो आपकी मॉर्निंग और ईवनिंग स्किन केयर रूटीन कैसी होनी चाहिए। मॉर्निंग स्किन केयर रूटीन सुबह के रूटीन का मुख्य उद्देश्य आपकी त्वचा को हाइड्रेट करना और सूरज की हानिकारक किरणों से बचाना होता है। क्लींजिंग- सुबह उठने के बाद एक माइल्ड फेस वॉश से चेहरा धोएं। यह रात भर में त्वचा पर जमा हुए तेल और पसीने को साफ कर देता है। मॉइस्चराइजिंग- चेहरा धोने के बाद त्वचा को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है। अपनी स्किन टाइप ऑयली, ड्राई या कॉम्बिनेशन के अनुसार एक हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं। यह त्वचा में नमी को लॉक करता है। सनस्क्रीन- सबसे जरूरी स्टेप है। चाहे आप घर के अंदर हों या बाहर, सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें। यह त्वचा को समय से पहले बूढ़ा होने, झुर्रियों और टैनिंग से बचाता है। कम से कम SPF 30 वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं। नाइट स्किन केयर रूटीन रात का समय त्वचा की मरम्मत के लिए होता है। रात में आपकी स्किन सेल्स खुद को रिपेयर करती हैं, इसलिए यह रूटीन बहुत जरूरी है। डबल क्लींजिंग या डीप क्लीन- अगर आपने दिन में मेकअप या सनस्क्रीन लगाया है, तो उसे अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। पहले क्लींजिंग मिल्क या ऑयल से चेहरा साफ करें, फिर फेस वॉश का इस्तेमाल करें। टोनिंग- अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो आप टोनर का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह त्वचा के pH लेवल को संतुलित करता है और पोर्स को साफ रखता है। आई क्रीम या सीरम- अगर आपको डार्क सर्कल्स या मुहांसों जैसी समस्या है, तो रात में इनसे जुड़े ट्रीटमेंट प्रोडक्ट्स या आई क्रीम लगाएं। मॉइस्चराइजर- रात में त्वचा को गहरे पोषण की जरूरत होती है। ऐसा मॉइश्चराइजर चुनें जिसमें हयालूरोनिक एसिड या सेरामाइड्स हों, जो रात भर आपकी त्वचा को रिपेयर कर सकें। बिगिनर्स के लिए कुछ जरूरी बातें  पैच टेस्ट- कोई भी नया प्रोडक्ट पूरे चेहरे पर लगाने से पहले उसे हाथ पर लगाकर 24 घंटे तक चेक करें कि कहीं जलन तो नहीं हो रही। धैर्य रखें- किसी भी स्किन केयर रूटीन का असर दिखने में कम से कम 4 से 6 हफ्ते का समय लगता है। इसलिए रातों-रात चमत्कार की उम्मीद न करें। पानी पिएं- बाहर से लगाए गए प्रोडक्ट्स तभी असर करेंगे जब आपका शरीर अंदर से हाइड्रेटेड होगा। दिन भर में भरपूर पानी पिएं।अपनी स्किन टाइप पहचानें- बिना अपनी स्किन टाइप जाने कोई भी प्रोडक्ट न खरीदें। अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा सेंसिटिव है, तो किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

1 अप्रैल से क्रेडिट कार्ड के नियमों पर लागू होंगे 5 अहम बदलाव, जानिए कैसे बदलेंगे आपके खर्च के तरीके

नई दिल्ली । अगर आप रोजमर्रा के खर्च, ऑनलाइन शॉपिंग या टैक्स पैमेंट के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो 1 अप्रैल 2026 से आपके लिए कई नियम बदल सकते हैं। आयकर विभाग द्वारा जारी ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 में क्रेडिट कार्ड से जुड़े पांच बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ये नियम 1962 के पुराने प्रावधानों की जगह ले सकते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इन बदलावों का आपकी जेब और टैक्स प्लानिंग पर क्या असर पड़ेगा। बड़े क्रेडिट कार्ड बिल पर होगी सख्त रिपोर्टिंग नए ड्राफ्ट के मुताबिक, अगर किसी वित्त वर्ष में आपके एक या ज्यादा क्रेडिट कार्ड का कुल भुगतान ₹10 लाख या उससे ज्यादा है (कैश छोड़कर), तो बैंक या कार्ड जारी करने वाली कंपनी को इसकी जानकारी आयकर विभाग को देनी होगी। वहीं, अगर ₹1 लाख या उससे ज्यादा का भुगतान नकद में किया जाता है, तो उसकी भी रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य बड़े लेनदेन पर नजर रखना और टैक्स अनुपालन को मजबूत बनाना है। पैन बनवाते समय काम आएगा क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट अब तीन महीने से कम पुराना क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। इससे नए पैन आवेदनकर्ताओं को ज्यादा सुविधा मिलेगी और डॉक्यूमेंट जुटाने की प्रक्रिया आसान होगी।टैक्स भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड को मंजूरी अब आयकर का ऑनलाइन भुगतान करते समय क्रेडिट कार्ड भी मान्य इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड होगा। पहले केवल डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग आदि विकल्प उपलब्ध थे। इस बदलाव से करदाताओं को भुगतान में लचीलापन मिलेगा, हालांकि उन्हें ब्याज और चार्जेस का ध्यान रखना होगा। कंपनी के दिए क्रेडिट कार्ड पर टैक्स नियम अगर किसी कर्मचारी को कंपनी की ओर से क्रेडिट कार्ड दिया गया है और उस पर हुए खर्च का भुगतान कंपनी करती है, तो उसे परक्विजिट माना जाएगा और उस पर टैक्स लग सकता है। हालांकि, अगर खर्च पूरी तरह ऑफिशियल काम के लिए है और कंपनी के पास उसका पूरा रिकॉर्ड व प्रमाणपत्र मौजूद है, तो टैक्स से छूट मिल सकती है। 1 अप्रैल 2026 से क्रेडिट कार्ड नियम बदलेंगे, जिनमें बड़े बिल की रिपोर्टिंग, पैन अनिवार्यता कंपनी कार्ड पर टैक्स और क्रेडिट कार्ड से टैक्स भुगतान शामिल जिससे खर्च और टैक्स प्लानिंग दोनों प्रभावित होंगे।क्रेडिट कार्ड के लिए पैन अनिवार्य अब किसी भी बैंक या संस्था से क्रेडिट कार्ड लेने के लिए पैन नंबर देना जरूरी होगा। बिना पैन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसका मकसद बड़े लेनदेन को टैक्स सिस्टम से जोड़ना और फर्जी खातों पर रोक लगाना है।क्या बदलेगा आपके खर्च का तरीका? इन नियमों से साफ है कि सरकार बड़े क्रेडिट कार्ड लेनदेन पर नजर सख्त करने की तैयारी में है। साथ ही डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और पारदर्शिता लाने पर जोर है। यदि आप बड़े खर्च करते हैं या कंपनी कार्ड का उपयोग करते हैं, तो रिकॉर्ड और टैक्स प्लानिंग पर खास ध्यान देना जरूरी होगा।