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Amalaki Ekadashi 2026: नोट करें आमलकी एकादशी की पूजा की विधि और शुभ मुहूर्त, भगवान विष्णु के भोग में रखें ये चीजें

नई दिल्ली । सनातन धर्म में कई व्रत ऐसे हैं जिनसे पुरानी मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। एकादशी इन्हीं में से एक है। बता दें कि हर महीने 2 एकादशी पड़ती हैं। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। बता दें कि इस महीने अब आमलकी एकादशी पड़ने वाली है। हिंदू पंचांग के अनुसार आमलकी एकादशी 27 फरवरी को पड़ने वाली है। एकादशी व्रत को लेकर मान्यता है कि अगर सच्चे मन से इस दिन पूजा-अर्चना की जाए और व्रत रखा जाए भगवान विष्णु की कृपा से सारे रूके काम बन पड़ते हैं। भगवान की कृपा से करियर और शादी से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं। नीचे विस्तार से जानें कि इस बार अमालकी एकादशी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या है? साथ ही जानें पूजा की आसान सी विधि के बारे में…आमलकी एकादशी का महत्व बता दें कि आमलकी एकादशी हर साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि वाले दिन मनाई जाती है। लोग इसे रंगभरी एकादशी के नाम से भी जानते हैं। इस खास दिन पर आंवले के पेड़ की पूजा करना शुभ माना जाता है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि आंवले की पूजा भगवान विष्णु के द्वारा ही हुई थी। ऐसे में इस दिन आंवले की पूजा का विशेष महत्व होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार विवाह के बाद पहली बार शिव और पार्वती मां इसी तिथि पर काशी आए थे। ऐसे में काशी में इस दिन लोग रंग खेलते हैं और शिव-पार्वती की धूमधाम के साथ पूजा करते हैं। आमलकी एकादशी व्रत की मान्यता इतनी ज्यादा है कि लोग मानते हैं कि इससे सारे पाप मिट जाते हैं। आमलकी एकादशी पूजा शुभ मुहूर्त आमलकी एकादशी शुक्रवार के दिन पड़ रहा है और इस वजह से इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की भी पूजाै होगी। बता दें कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार एकादशी की तिथि 26 फरवरी की रात 12 बजकर 6 मिनट पर हो रही है। इस तिथि की समाप्ति अगले दिन यानी 27 फरवरी को 9 बजकर 48 मिनट पर होगी। ऐसे में आमलकी एकादशी 27 फरवरी को ही मनाई जाएगी। बात करें पूजा के शुभ मुहुर्त की तो आमलकी एकादशी वाले दिन सुबह 6 बजकर 15 मिनट से लेकर 9 बजकर 9 मिनट के बीच पूजा की जा सकती है। व्रत तभी पूरा होता है जब सही तरीके और सही समय पर इसका पारण किया जाए। आमलकी एकादशी का पारण 28 फरवरी को होगा। इसकी पूजा सुबह 7 बजकर 41 मिनट से लेकर 9 बजकर 8 मिनट के बीच किया जा सकता है।ऐसे करें आमलकी एकादशी की पूजा पूजा वाले दिन सुबह उठकर स्नान करके पीले रंग के कपड़े पहन लें। भगवान विष्णु का प्रिय रंग पीला है। इसी के साथ व्रत का संकप्ल लें। पूजा घर में भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के आगे दीया और धूपबत्ती जलाएं। इसके बाद पीले रंग के वस्त्र, पीले फूल, अक्षत और तुलसी अर्पित करें। भोग लगाते वक्त उसमें तुलसी का पत्ता डाल दें। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्र जाप के साथ-साथ आमलकी एकादशी व्रत का पाठ कर लें। आरती के साथ ही पूजा संपन्न करें।

इनफ-इनफ-इनफ, पैपराजी पर फिर भड़कीं जया बच्चन, करण जौहर बोले, 'मेरी वजह से आप लोगों को..

नई दिल्ली । बॉलीवुड की दिग्गज एक्टर जया बच्चन अपने जमाने की टॉप एक्ट्रेसेस में गिनी जाती थीं। कई शानदार फिल्में देने वाली जया ने न सिर्फ एक्टिंग बल्कि राजनीति में भी खुद को साबित किया। जया अपनी पर्सनल लाइफ के अलावा भी अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं। वो सोशल मीडिया पर अक्सर अपने बेबाक अंदाज को लेकर छाई रहती हैं। खासतौर पर अपने गुस्से वाले वीडियोज को लेकर जो आए दिन इंटरनेट पर चर्चा में रहते हैं। इसी बीच अब जया का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें वो पैपराजी पर जमकर भड़कती नजर आ रही हैं। फिल्ममेकर करण जौहर भी इस वायरल वीडियो में उनके साथ नजर आ रही हैं। करण ने लगाया जया को गले दरअसल जया बच्चन हाल ही में मुंबई में हॉनर अवॉर्ड नाइट इवेंट का हिस्सा बनीं। इस दौरान जया के साथ फिल्ममेकर करण जौहर भी नजर आए। पहले जया कुछ महिलाओं के साथ चिट-चैट करती दिखीं। इसके बाद करण जया को लगाते नजर आ रहे हैं। इस दौरान दोनों एक-दूसरे से मिलकर काफी खुश नजर आ रहे हैं। ऐसे में भला पैपराजी इस खास पल को कैमरे में कैद करने का मौका हाथ से जाने कैसे देते। वहीं इस दौरान बार-बार पैप्स उनसे फोटो खिंचवाने की गुजारिश करते रहे। पहले एक्ट्रेस ने उन्हें घूरते हुए इनकार किया और फिर इग्नोर करने लगीं। लेकिन हमेशा की तरह बाद में जया को काफी गुस्सा आया। पैप्स पर बरसी जया इसके बाद करण जौहर की एंट्री हुई जिनसे जया बच्चन ने बात की। इस बीच भी एक्ट्रेस ने उंगली से इशारा करते हुए उन्हें मना किया लेकिन फिर भी वे नहीं माने। करण जौहर ने जाते-जाते पैप्स के साथ मजाक किया ‘मेरी वजह से मिला फोटो। फिर उन्होंने जया से भी यही बात की और फिर दोनों हंसने लगे। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है।लोगों ने किए जमकर कमेंट्स जया बच्चन का ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो पर यूजर्स के जमकर कमेंट्स आ रहे हैं। इस पर कमेंट कर एक यूजर ने लिखा ‘क्या जरूरत है इनकी फोटो लेने की।’ एक दूसरा यूजर लिखता है ‘आंटी मुझे क्रोधित मत करू।’ एक ने कहा ‘आखिर क्यों मीडिया उन्हें अकेला नहीं छोड़ती।’ एक ने लिखा ‘क्यों चाहिए उनका फोटो जब पता है कि वो गुस्सा करेंगी।’ ऐसे कई और कमेंट्स इस वीडियो पर आ रहे हैं।

राज्यसभा की 37 सीटें दांव पर… BJP-कांग्रेस को फायदा तो घाटे में कौन?

नई दिल्ली । देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव का ऐलान हो गया है. निर्वाचन आयोग के मुताबिक 26 फरवरी से 5 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे. 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा और उसी दिन देर शाम तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे. बीजेपी और कांग्रेस दोनों सियासी की ताकत राज्यसभा में बढ़ जाएगी तो फिर किसके सियासी घाटा होगा? महाराष्ट्र से लेकर बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित 10 राज्यों की 37 सीटों पर राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं. यह सीटें अप्रैल में खाली हो रही है, जिसके चलते निर्वाचन आयोग ने 16 मार्च को चुनाव कराने का ऐलान किया है. राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की सीटें बढ़ने तो विपक्ष इंडिया ब्लॉक की सीटें घटनी है, लेकिन कांग्रेस की सीटों में इजाफा हो सकता है? एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार, अभिषेक मनु सिंघवी और प्रियंका चतुर्वेदी का कार्यकाल खत्म हो रहा है. इसके अलावा राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह के लेकर उपेंद्र कुशवाहा का भी टर्म पूरा हो रहा है. ऐसे में देखना है कि इन दिग्गज नेताओं में से किसकी वापसी होती है, इसके अलावा किस दल को किसे फायदा और किसे नुकसान होगा? देश के किस राज्य में कितनी सीटों पर चुनाव राज्यसभा की इन 37 सीटों में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से सात सीटें खाली हो रही हैं, जिन पर चुनाव है. महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों में से बीजेपी के पास दो और शरद पवार की एनसीपी के पास 2 राज्यसभा सीटें है. इसके अलावा कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और आरपीआई के पास एक-एक सीटें है. तमिलनाडु की जिन छह राज्यसभा सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उसमें से 4 राज्यसभा सीट डीएमके के पास है. इसके अलावा एक सीट AIADMK और एक सीट टीएमसी के पास है. पश्चिम बंगाल और बिहार पांच-पांच सीटों पर चुनाव हो रहे हैं. बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों में से टीएमसी के पास 4 और एक सीट सीपीआई(एम) के कब्जे है. बिहार की पांच राज्यसभ सीटों में से जेडीयू और आरजेडी के पास 2-2 सीटें और एक सीट आरएलएम के पास है. ओडिशा से चार और असम से तीन सीटों पर चुनाव हो रहे हैं. ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों में से बीजेपी के पास दो और बीजेडी के पास दो राज्यसभा सीट है. असम की तीन राज्यसभा सीटों में से बीजेपी के पास 2 और असम गढ़ परिषद के पास एक सीट है. हरियाणा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना से दो-दो सीटों, जबकि हिमाचल प्रदेश से एक सीट पर मतदान होगा. हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों में से दोनों ही बीजेपी के पास है तो तेलंगाना की दोनों सीटों में एक कांग्रेस और बीआरएस के पास है. छत्तीसगढ़ की दोनों सीटें कांग्रेस के कब्जे में है. हिमाचल की जिस एक सीट पर राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं, वह सीट बीजेपी के कब्जे में है. राज्यसभा चुनाव किसे नफा और किसे नुकसान देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के आंकड़े फिलहाल देखें तो बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास करीब 15 सीटें है, जिसमें बीजेपी के पास 9 सीटें, जेडीयू के पास 2 सीटें, AIADM के पास एक सीट, आरएलएम के पास एक और एक सीट आरपीआई के पास है. वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की बात करें तो 18 राज्यसभा सीटें उसके कब्जे में है, जिसमें से 4 सीटें कांग्रेस के पास, 4 सीटें टीएमसी के पास, 4 सीटें डीएमके के पास और आरजेडी के पास 2 सीटें है.साथ ही एक सीट शिवसेना (यूबीटी) और एक सीट सीपीआईएम के पास है. इसके अलावा चार सीटें अन्य दलों के पास है, जिसमें दो सीटें बीजेडी, एक सीट बीआरएस और एक सीट तमिलनाडु के क्षेत्रीय दल के कब्जे में है. विधानसभा की स्थिति कई राज्यों में बदल गई है. इस लिहाज से एनडीए को 2 से 3 सीट का फायदा मिल सकता है तो इंडिया ब्लॉक की सीटें 3 से 4 घट सकती है. इसके अलावा क्षेत्रीय दलों को सबसे बड़ा झटका लगने जा रहा है. बीजेपी की सीटें बढ़ने और कांग्रेस को भी मामूली सीट की बढ़त मिलने की उम्मीद है. कांग्रेस की सीटें 4 से बढ़कर पांच हो सकती है तो बीजेपी की सीटें 9 से बढ़कर 12 हो सकती है. लेकिन आरजेडी से लेकर शरद पवार की एनसीपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के हाथ से सीटें निकल सकती हैं. इसके अलावा आरएलएम को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है. किस राज्य में क्या होगा राज्यसभा का चुनावी सीनमहाराष्ट्र में किसे होगा नुकसान महाराष्ट्र में 7 राज्यसभा सीटों पर चुनाव है, जिसमें से एनडीए के 6 सीटें मिल सकती है तो विपक्षी गठबंधन महायुति के सिर्फ एक सीट मिलने की संभावना है. राज्य में कुल 286 विधानसभा सीटें है, जिसमें से 2 सीटें खाली हैं. इस लिहाज से एक राज्यसभ सीट के लिए 37 विधायकों के समर्थन की जरूरत है. मौजूदा समय में बीजेपी के पास 131, शिंदे की शिवसेना के पास 57 और अजित पवार की एनसीपी के पास 40 विधायक हैं. एनडीए के 235 विधायक बन रहे हैं, जिसके दम पर 6 सीटें आसानी से जीत सकती है. बीजेपी चार सीटें तो शिंदे और अजित पवार की पार्टी को एक-एक सीट जीत सकती है. शरद पवार की एनसीपी के 10, उद्धव ठाकरे की 16 और कांग्रेस के 20 विधायक हैं. इस तरह से तीनों दलों के कुल 46 विधायक. सीपीआई (एम) और एसके (एम) का एक-एक विधायक है. अन्य छोटे दलों और निर्दलीयों का समर्थन मिलने पर यह संख्या कुछ बढ़ सकती है. ऐसे में एक सीट विपक्ष मिलकर सकती है. शरद पवार, उद्धव ठाकरे और कांग्रेस में से किसी एक दल को की यह सीट मिल सकती है, जिसके चलते शरद पवार की सीटें और उद्धव ठाकरे के लिए सियासी नुकसान होगा. बिहार में आरजेडी को लगेगा झटका बिहार की पांच राज्यसभा सीट पर चुनाव होने हैं, जिसमें एनडीए आसानी से 4 सीटें जीत सकती है और एक सीट विपक्ष को मिल सकती है. बिहार में राज्यसभा चुनाव में 1 सीट के लिए इस बार कम से कम 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी. बीजेपी और जेडीयू आसानी से 2-2 सीटें जीत सकती

दिल्ली से सिर्फ 5 घंटे की दूरी पर है भारत का सबसे शांत हिल स्टेशन, यहां की प्राकृतिक खूबसूरती देखते ही खो बैठेंगे अपना दिल

नई दिल्ली । अगर आप दिल्ली के शोर से दुखी हो गए हैं और किसी शांत जगह पर जाना चाहते हैं तो आपको लैंसडाउन जाना चाहिए। दिल्ली से इस जगह की दूरी बहुत ज्यादा नहीं है। यहां आप सिर्फ 5 घंटे में पहुंच सकते हैं। खास बात ये है कि ये जगह काफी शांत है और यहां घूमने के लिए आपको ज्यादा तैयारी करने की भी जरूरत नहीं है। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती आपने मन को शांत कर देगी और आपको बेहतर महसूस करवाएगी। यहां पहाड़ है, झाड़ियां हैं, जंगल हैं और उनके बीच बहती हुई नदियां हैं। ये पूरा हिल होटल के किसी कमरे से देखने पर भी सुंदर लगता है। इसके अलावा कमरे से निकलकर किसी पहाड़ की ओट में भी बैठना बेहद सुखद होता है।लैंसडाउन में घूम आएं ये जगहें ताड़केश्वर और बालेश्वर महादेव मंदिर: लैंसडाउन में ही है ताड़केश्वर और बालेश्वर महादेव मंदिर जहां आप घूमने जा सकते हैं। यह जगह बेहद खूबसूरत है और यहां जाकर घूमना आपको स्पेशल महसूस करवा सकता है। लैंसडाउन की खास बात ये है कि इन मंदिरों तक जाने का रास्ता तक बेहद खूबसूरत है जहां से गुजरना एक सुखद अहसास कराता है। कालागढ़ टाइगर रिजर्व: कालागढ़ टाइगर रिजर्व उत्तराखंड के कई जीवों का घर है। यहां आपको बाघ देखने को मिल जाएंगे। साथ ही यहां की जंगल सफारी आपके मन को खुश कर देगी। तो, लैंसडाउन जाकर आप इस जगह में घूम सकते हैं। ये बेहद खास है और यहां घूमना प्रकृति के बनाए वन्स जीवों को देखने और यहां की शांत वातावरण को देखने और महसूस करने का मौका है। टिप इन टॉप: टिप इन टॉप लैंसडाउन की एक ऐसी जगह है जहां सैंट मेरी चर्च है और आसपास के इलाकों में कई और छोटे चर्च भी हैं। यहां घूमना आपके लिए खास हो सकता है खासकर कि अगर आपके पास समय हो तो आप आस-पास के इलाकों के कई सारे चर्च में घूमकर आ सकते हैं। तो, अगर आपको समय मिले तो लैंसडाउन जरूर घूमकर आएं।

MP में मौसम ने ली करवट, 20 से अधिक जिलों में बारिश, फसलें हुई प्रभावित

भोपाल। मध्य प्रदेश का मौसम इस फरवरी फिर एक बार करवट लेने लगा है। नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने के बाद राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन समेत 20 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है। फरवरी में यह तीसरी बार है जब प्रदेश के लोगों को ओले और ठंडी हवाओं के बीच मौसम की नटखट अदाओं का सामना करना पड़ा। गुरुवार सुबह राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। राजधानी में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ करीब डेढ़ घंटे तक कभी रिमझिम और कभी तेज बारिश हुई। बारिश के साथ ठंडी हवाओं ने दिन के तापमान में गिरावट का इशारा कर दिया है, जिससे लोगों को एक बार फिर हल्की सर्दी का एहसास हुआ। इंदौर में बुधवार को दिनभर तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया और मौसम गर्म बना रहा। लेकिन रात करीब 12 बजे अचानक हल्की बारिश और ठंडी हवाओं ने शहर में मौसम का मिजाज बदल दिया। रतलाम, धार और शुजालपुर जैसे शहरों में भी तेज हवाओं और बूंदाबांदी के साथ तापमान में noticeable गिरावट दर्ज की गई। किसानों की चिंता बढ़ी, फसलें आड़ी और दाने प्रभावित बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। कई जिलों में खड़ी फसलें आड़ी हो गई हैं, जिससे दानों की गुणवत्ता और पैदावार पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से भी नुकसान की खबरें हैं। धार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवा और आंधी के चलते फसलों को खासा नुकसान पहुंचा। प्रदेश के ठंडे शहर: खजुराहो सबसे ठंडा मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार खजुराहो इस समय सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.2°C दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़ में 10.0°C और पचमढ़ी में 10.2°C तापमान दर्ज हुआ, जहां कड़ाके की ठंड महसूस की गई। बारिश से प्रभावित जिलों की सूची भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, धार, विदिशा, बड़वानी, आगर-मालवा, शाजापुर, मुरैना, छतरपुर, शिवपुरी, सीहोर और मंदसौर में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। अगले दो दिनों का मौसम: अलर्ट और राहत मौसम विभाग के अनुसार, 20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के आठ जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी है। वहीं 21 फरवरी को मौसम साफ रहेगा और फिलहाल कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है। शहरों में मौसम का हाल ग्वालियर: बारिश के बाद तापमान में गिरावट, लोग फिर से गर्म कपड़ों में दिखे। आगर मालवा: तीन दिनों से आसमान में बादलों का डेरा, मावठे की बारिश दर्ज। मुरैना: बुधवार रात की रुक-रुककर बारिश से सर्दी लौटी। भिंड और शिवपुरी: रातभर रुक-रुककर हुई बारिश से सड़कें जलमग्न, आवागमन प्रभावित। सीहोर: बीती रात 10 बजे से लगातार बारिश, कभी तेज और कभी हल्की बूंदाबांदी। मौसम के इस अचानक बदलाव ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। आने वाले दो दिनों में बारिश और ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के कई हिस्सों में बना रह सकता है।

नारायण मूर्ति का संदेश, बोले- AI तेज है, लेकिन इंसानी दिमाग से बेहतर कुछ नहीं

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI आज तेजी से काम कर सकता है, लेकिन इंसानी दिमाग की क्षमता के सामने यह हमेशा पीछे रहेगा। ये बातें डीयू में आयोजित लीडर्स टॉक में इंफोसिस के संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति ने कही। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि AI को सहयोगी टूल के रूप में अपनाएं, सीखें और उसके साथ नए प्रयोग करें। AI को सहयोगी बनाएं, इंसानी दिमाग को बॉस रखें नारायण मूर्ति ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक और गणितज्ञ स्टीफेन वुलफ्राम का हवाला देते हुए बताया कि AI उच्च स्तरीय कार्य कर सकता है, जैसे रिमोट सर्जरी करना, उत्पादों को सही नाप-तौल के साथ तैयार करना, कोड जेनरेट करना और सॉफ्टवेयर बनाना। लेकिन AI को लगातार प्रशिक्षित करना पड़ेगा। इसलिए मानव मस्तिष्क हमेशा बॉस की भूमिका में रहेगा और इसे और बेहतर बनाने के लिए नए प्रयोग करता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI के आने से इंसानी रचनात्मकता बाधित नहीं होगी। बल्कि, यह इंसान के काम को आसान बनाने और नए विचारों को जन्म देने में मदद करेगा।बड़ा उद्यमी नहीं, सम्मान है लक्ष्य नारायण मूर्ति ने कहा कि व्यापार में सबसे महत्वपूर्ण चीज़ मुनाफा नहीं, बल्कि सम्मान और भरोसा है। उनका मानना है कि असली पहचान आपसी सम्मान और विश्वास से बनती है। उन्होंने जीवनभर सबसे बड़ा उद्यमी बनने के बजाय सम्मान कमाने को प्राथमिकता दी। युवाओं के लिए अहम संदेश युवा पीढ़ी लगातार नई स्किल्स सीखती रहे। खुद को बदलती तकनीक के अनुसार ढालें। सीखने की क्षमता यानी लर्नेबिलिटी सबसे महत्वपूर्ण गुण है। ड्रोन से ऑटोनॉमस डिलीवरी, AI का बढ़ता रोल ड्रोन आधारित डिलीवरी सेवा देने वाली कंपनी स्काई एयर मोबिलिटी ने एआई समिट में एंड-टू-एंड ऑटोनॉमस कॉमर्स डिलीवरी सिस्टम का प्रदर्शन किया। यह पूरी तरह स्वचालित प्रणाली है, जो बिना किसी मानवीय मदद के ड्रोन के माध्यम से ग्राहकों तक सामान पहुंचाती है। कंपनी ने अराइव एआई और ओटोनॉमी के साथ मिलकर यह पहल शुरू की है। पिछले दो वर्षों में 36 लाख से अधिक सामान की डिलीवरी की जा चुकी है। कंपनी का कहना है कि AI और ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग से भविष्य में डिलीवरी सेक्टर में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

YONO FRAUD CASE: ग्वालियर में रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी से 9.87 लाख की साइबर ठगी

CYBER CRIMES

HIGHLIGHTS: 79 वर्षीय रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी साइबर ठगी का शिकार कॉलर ने खुद को SBI हेड ब्रांच अधिकारी बताया लाइफ सर्टिफिकेट के नाम पर YONO ऐप डाउनलोड करवाया पिन लेकर चार किश्तों में खाते से 9.87 लाख रुपये उड़ाए ठगी के बाद पीड़ित का मोबाइल भी चोरी, FIR दर्ज कर जांच शुरू YONO FRAUD CASE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में एयरफोर्स से रिटायर्ड 79 वर्षीय घनश्याम दत्त शुक्ल साइबर ठगी का शिकार हो गए। आरोप है कि ठग ने खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की हेड ब्रांच का अधिकारी बताकर लाइफ सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर उन्हें भरोसे में लिया और बैंकिंग जानकारी हासिल की। DDA ACTION: दिल्ली में घर खरीदना हुआ सस्ता! DDA ने फ्लैट्स में पार्किंग चार्ज हटाया, 5-12 लाख रुपये तक की सीधी बचत फेसबुक रील देखते समय आया कॉल घटना 30 दिसंबर 2025 की है। शुक्ल फेसबुक पर रील देख रहे थे, तभी उनके मोबाइल पर कॉल आया। कॉलर ने दावा किया कि उन्हें उनका लाइफ सर्टिफिकेट बनाना है। बातचीत के दौरान पीड़ित से YONO ऐप डाउनलोड करवाया गया और पिन नंबर लेकर उनसे रकम निकाल ली गई। O Romeo Box Office: शाहिद ने अपनी ही फिल्म को पछाड़ा, ओ रोमियो ने अबतक कमाए इतने करोड़ खाते से 9.87 लाख रुपये की चोरी ठग ने चालाकी से चार किश्तों में शुक्ल के खाते से 9 लाख 87 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने शुरुआती शक जताया, लेकिन कॉलर ने भरोसा दिलाकर बातों में उलझाकर जरूरी जानकारी हासिल कर ली। nuclear plant: कहां बना है भारत का पहला परमाणु संयंत्र, यह अब भी कितनी बिजली करता है पैदा? ठगी के बाद मोबाइल भी चोरी 1 जनवरी 2026 को पीड़ित का मोबाइल भी चोरी हो गया। बैंक जाने पर उन्हें खाते से रकम निकलने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। nuclear plant: कहां बना है भारत का पहला परमाणु संयंत्र, यह अब भी कितनी बिजली करता है पैदा? पुलिस ने शुरू की जांच गोला का मंदिर थाना पुलिस ने ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब कॉल और बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल्स की पड़ताल कर रही है। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान कॉल पर बैंकिंग जानकारी, पिन या OTP साझा न करें।

MP RAIN: एमपी में फिर बदला मौसम, ग्वालियर-भोपाल-उज्जैन समेत 20 जिलों में बारिश

MP NEWS

HIGHLIGHTS: फरवरी में तीसरी बार बदला मौसम, 20 से अधिक जिलों में बारिश भोपाल में डेढ़ घंटे तक तेज बारिश और ठंडी हवाएं कई जगह गेहूं-चना की फसल आड़ी, ओलावृष्टि से नुकसान खजुराहो में न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने सर्वे और मुआवजे का आश्वासन दिया MP RAIN: ग्वालियर। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। नए सिस्टम के सक्रिय होने से फरवरी महीने में तीसरी बार बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हुआ है। बीते 12 घंटों के दौरान भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन समेत 20 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई, जिससे ठंड बढ़ गई है। CM MOHAN YADAV:क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजधानी में डेढ़ घंटे तक बारिश गुरुवार सुबह भोपाल में अचानक मौसम बदला। तेज गड़गड़ाहट के साथ करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट की संभावना जताई गई है। कई जिलों में सुबह से बादल छाए रहे। nuclear plant: कहां बना है भारत का पहला परमाणु संयंत्र, यह अब भी कितनी बिजली करता है पैदा? खेतों में आड़ी हुई फसलें बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में गेहूं और चना की खड़ी फसल आड़ी हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे दानों की गुणवत्ता और पैदावार पर असर पड़ सकता है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं। Babri Masjid Murshidabad: 7 नहीं 12 दिन बांग्लादेश में रहा हूं, हुमायूं कबीर ने सुवेंदु अधिकारी पर किया पलटवार खजुराहो सबसे ठंडा प्रदेश में खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़ में 10.0 डिग्री और पचमढ़ी में 10.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। Hidden Peaks Of India: माउंट एवरेस्ट तो सब जानते हैं, लेकिन देखने लायक हैं भारत की इन 3 चोट‍ियों के व्‍यूज इन जिलों में बारिश मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, धार, विदिशा, बड़वानी, आगर-मालवा, शाजापुर, मुरैना, छतरपुर, शिवपुरी, सीहोर और मंदसौर सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है। SALIM KHAN’S MOVIE: सलीम खान की सबसे हाई IMDb रेटिंग वाली फिल्में, नंबर वन पर शोले नहीं बल्कि साउथ की यह फिल्म कृषि मंत्री ने दिए सर्वे के निर्देश प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पारदर्शिता के साथ आकलन करें। मंत्री ने आश्वासन दिया कि जहां भी फसल खराब हुई है, वहां नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के 8 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। 21 फरवरी से मौसम साफ रहने की संभावना है और फिलहाल किसी जिले में बारिश का अलर्ट नहीं है।

CM MOHAN YADAV:क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

CM MOHAN YADAV: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। क्लाइमेट चेंज मानव अस्तित्व, आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सतत् विकास की राह में हम पर्यावरण की अनदेखी नहीं कर सकते। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना ही प्रगति का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि क्लाइमेट चेंज के मामले में ठोस और समयबद्ध समाधान पर काम करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रतिबद्धताओं में भी राज्यों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज से निपटने में सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादक बन लीडर की भूमिका में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी है। यहां लगभग हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मप्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का विश्वास और सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि राज्य और निवेशक मिलकर देश को नवकरणीय ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 घंटे बिजली देने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के साथ हमारा रिश्ता नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम मुंबई में क्लाइमेट वीक-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग (मप्र शासन) एवं ग्रीन एनर्जी के लिए विख्यात सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान केवल एक देश, एक राज्य या एक सरकार ही नहीं कर सकती, इसके लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और जलवायु समाधान के लिए आगे बढ़ने की दिशा में मुम्बई क्लाइमेट वीक एक महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए त्वरित और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देना, हरित तकनीकों को अपनाना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना ही भविष्य का विकास मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकारों के साथ ही उद्योगों, संस्थाओं और इस देश में रहने वाले हर नागरिक की भी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ जैसे व्यवहारिक बदलावों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरित ऊर्जा उत्पादन के जरिए क्लाइमेट चेंज से निपटने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिसने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने ईवी नीति बनाई, जो क्लाइमेट चेंज की ओर कारगर कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह एनर्जी परियोजना सहित 24×7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजना पर काम कर रही है। यह एक नया प्रयोग है। यह भारत की अपनी तरह की पहली परियोजना है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते 12 सालों में मप्र की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। नवकरणीय ऊर्जा की बड़ी परियोजनाओं के जरिए हमने म.प्र. की जरूरतों को पूरा करने के बाद पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है। ये एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें हमने किसी भी नागरिक को विस्थापित नहीं होने दिया, इस प्रोजेक्ट में ऊर्जा उत्पादन भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। हम सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर मप्र को भारत का नवकरणीय ऊर्जा हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम सौर, पवन, एनर्जी स्टोरेज, बायोफ्यूल तथा ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय टेक्नोलॉजी में वित्तीय एवं नीतिगत प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आव्हान किया कि मध्यप्रदेश की तेजी से परिवर्तनकारी यात्रा में हमारे साथ जुड़ें। इससे जलवायु को संतुलित रखने में तो मदद मिलेगी ही, यह सबके व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और मप्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ मप्र और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए हम बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मप्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्रोजेक्ट, शाजापुर, आगर-मालवा और रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना पर काम हुआ है। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। यहां निवेश करें, सरकार आपके साथ है। nuclear plant: कहां बना है भारत का पहला परमाणु संयंत्र, यह अब भी कितनी बिजली करता है पैदा? अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, विद्युत आपूर्ति का एक कारगर, सस्ता और विश्वसनीय विकल्प है। हम मध्यप्रदेश के नागरिकों को कम से कम दर पर विद्युत आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों और उद्योगपतियों से कहा कि वे नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उनकी जरूरतों और सुझावों के बारे में बताएं, सरकार इस क्षेत्र के विकस के लिए किए जाने वाले सभी नवाचारों में इन सुझावों को समाहित करेगी। एसीएस श्री श्रीवास्तव ने कहा कि मप्र में 24×7 घंटे विद्युत आपूति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डावोस में वर्ल्ड