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मिलने बुलाया, फिर सरेराह पिटाई, पुलिस ने आरोपी को किया हिरासत में

भोपाल। भाई की सलाह पर एक छात्रा ने आरोपी को मिलने के लिए बुलाया, लेकिन जैसे ही वह मौके पर पहुंचा, छात्रा के भाई और भाभी ने उसे सरेराह पीट दिया। घटना के बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता के परिवार ने औपचारिक एफआईआर दर्ज कराने से इनकार किया, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी के खिलाफ धारा 151 (शांति भंग) के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह मामला परिवार के आंतरिक विवाद का प्रतीत होता है, लेकिन कानून के अनुसार हर कदम उठाया जा रहा है। घटना स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी पहचान और पिटाई की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है। साथ ही, परिवार और पीड़िता से बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि समाज में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को भी उजागर करता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और अपराधी को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इस घटना से यह संदेश जाता है कि विवादों का समाधान हाथापाई या हिंसा से नहीं, बल्कि कानून और संवाद से होना चाहिए।

भोपाल में तलवार लेकर महिलाओं पर हमला करने वाले का पुलिस ने निकाला जुलूस, आरोपी निकला पूर्व नायब तहसीलदार

भोपाल के अयोध्या नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों को लेकर हुए विवाद ने उस समय भयावह रूप ले लिया जब एक व्यक्ति ने महिलाओं पर तलवार से हमला कर दिया घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और पुलिस ने मुख्य आरोपी अशोक सिंह चौहान तथा उसके ड्राइवर नफीस अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गिरफ्तारी के बाद दोनों का कांता श्रवण कॉलोनी में जुलूस निकाला गया जहां स्थानीय लोगों ने खुलकर अपना गुस्सा जाहिर किया पिपलानी थाना पुलिस द्वारा आरोपी का रिकॉर्ड खंगालने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए अशोक सिंह चौहान पहले बैतूल में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ रह चुका है करीब डेढ़ साल पहले एक प्रकरण में निलंबन के बाद उसने प्रशासनिक सेवा छोड़ दी थी बाद में उसने सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में पेट्रोल पंप शुरू किया लेकिन पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहले से तीन गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं घटना के संबंध में पुलिस का कहना है कि कॉलोनी में आवारा कुत्तों को हटाने को लेकर विवाद चल रहा था इसी दौरान बहस बढ़ी और आरोपी ने तलवार निकालकर महिलाओं पर हमला कर दिया हमले में कुछ महिलाओं को चोटें आईं जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी और उसके ड्राइवर को हिरासत में लिया पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है साथ ही पूर्व में दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जा रही है कांता श्रवण कॉलोनी में निकाले गए जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे लोगों ने आरोपी के खिलाफ नारेबाजी की और कड़ी सजा की मांग की पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित रखा गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से दबंगई दिखाता रहा है और रसूख के दम पर लोगों को धमकाता था इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है वहीं पुलिस का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के आचरण पर भी सवाल खड़े करता है विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक पदों पर रह चुके लोगों से सामाजिक जिम्मेदारी की अपेक्षा अधिक होती है ऐसे में इस प्रकार की हिंसक घटना समाज के लिए चिंताजनक है फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पीड़ितों को न्याय मिले तथा क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह कायम रहे

चंद्र ग्रहण 2026 से बचकर रहें 3 राशि के लोग, फंस सकते हैं किसी बड़ी मुसीबत में

नई दिल्ली । भारत में चंद्र ग्रहण कब लगेगा 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण होने जा रहा है। ये चंद्र ग्रहण बहुत ही खास रहेगा क्योंकि ये भारत में भी दिखाई देगा। ये चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 23 मिनिट से शुरू होगा जो शाम 6 बजकर 47 मिनिट तक रहेगा। इस चंद्र ग्रहण का असर सभी राशि के लोगों पर होगा, मगर 3 राशि वाले इससे सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगे। इन 3 राशि वालों को इस समय अधिक सावधानी बरतनी होगी नहीं तो यो किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। आगे जानिए कौन-सी हैं ये 3 राशियां… कर्क राशि वालों की बढ़ेगी परेशान 3 मार्च को होने वाला चंद्र ग्रहण कर्क राशि वालों की परेशानियां बढ़ा सकता है। नौकरी-बिजनेस से जुड़ी कोई बुरी खबर इन्हें सुनने को मिलेगी। ना चाहते हुए भी कुछ काम करने पड़ सकते हैं। इस समय इन्हें किसी भी तरह की यात्रा पर जाने से बचना चाहिए नहीं तो दुर्घटना हो सकती है। मानसिक तनाव के कारण कोई गलत फैसला भी ये लोग ले सकते हैं। पैसों की तंगी बनी रहेगी। परिवार में किसी बात को लेकर बड़ा विवाद हो सकता है। सिंह राशि वाले सावधान 3 मार्च को होने वाला चंद्र ग्रहण सिंह राशि में ही होगा, इसलिए इन्हें सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। ये लोग दूसरों की बातों में आकर कोई गलत निर्णय ले सकते हैं या फिर इनका किसी से विवाद भी संभव है। इस समय इन्हें अपनी वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखना होगा वरना कुछ गलत हो सकता है। संतान से जुड़ी कोई बात इन्हें मानसिक स्तर पर तोड़ सकती है। नौकरी-बिजनेस की स्थिति भी ज्यादा ठीक नहीं कही जा सकती। मीन राशि वालों को मिलेगी बुरी खबर इस राशि के लोगों के लिए भी चंद्र ग्रहण बहुत खराब फल देने वाला रहेगा। ये किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं और कोई बुरी खबर इनकी टेंशन बढ़ा सकती है। अगर कोई लोन लिया है तो उसे चुकाने में परेशानी आएगी। कर्ज लेने वाले आपको अपमानित कर सकते हैं। सेहत का भी खास ध्यान रखें, पुराने रोग फिर से उभर सकते हैं। सुसराल पक्ष में किसी से विवाद की स्थिति बनेगी।

मऊगंज में आरटीओ चेकिंग के दौरान भड़का गुस्सा, ड्राइवरों ने अस्थायी ढांचे को जलाया

मऊगंज जिले के हनुमना आरटीओ चेकिंग पॉइंट पर शुक्रवार देर शाम उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब ट्रक ड्राइवरों ने आरटीओ कर्मचारियों पर अवैध वसूली और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आक्रोशित ड्राइवरों ने चेक पोस्ट के पास बनी कर्मचारियों की अस्थायी झोपड़ी और कुर्सियों को आग के हवाले कर दिया घटना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा के समीप हनुमना बॉर्डर की बताई जा रही है यहां नियमित रूप से आरटीओ द्वारा चेकिंग की जाती है शुक्रवार को जांच के दौरान कर्मचारियों ने दो ट्रकों को रोककर दस्तावेजों की जांच शुरू की इसी बीच ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि उनसे नियमों के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है ड्राइवरों का कहना था कि चेकिंग के नाम पर बार बार वाहनों को रोका जाता है और बिना किसी स्पष्ट कारण के आर्थिक दबाव बनाया जाता है इसी आरोप को लेकर मौके पर बहस शुरू हुई जो कुछ ही देर में उग्र रूप ले बैठी देखते ही देखते अन्य ट्रक चालक भी वहां जमा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया आक्रोशित भीड़ ने कर्मचारियों के अस्थायी ढांचे को निशाना बनाया और वहां रखी कुर्सियों व अन्य सामान को बाहर निकालकर आग लगा दी आगजनी से कुछ समय के लिए अफरा तफरी की स्थिति बन गई हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया पुलिस ने भीड़ को समझाकर हटाया और आग पर काबू पाया इसके बाद क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया ताकि दोबारा तनाव न बढ़े प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं अधिकारियों का कहना है कि यदि अवैध वसूली के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी वहीं आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान भी की जा रही है सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी यह घटना सीमा क्षेत्र में चल रही चेकिंग व्यवस्था और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था से इस तरह के विवादों को कम किया जा सकता है साथ ही ड्राइवरों और अधिकारियों के बीच संवाद की कमी भी ऐसे टकराव को जन्म देती है हनुमना बॉर्डर पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है लेकिन घटना ने परिवहन व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है

बर्थडे स्पेशल: कभी पेट पालने के लिए की चौकीदारी, आज करोड़ों के मालिक हैं 'राम' फेम गुरमीत चौधरी!

नई दिल्ली । फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में कई सितारे ऐसे हैं जिन्होंने नेम-फेम कमाने से पहले काफी संघर्ष किया. उन्होंने छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा किया और फिर मेहनत से नाम कमाया. आज हम आपको ऐसे ही एक स्टार की बारे में बताने जा रहे हैं जो अब इंडस्ट्री का टॉप एक्टर बन चुका है लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था. उन्होंने कई मुश्किलें झेलीं लेकिन हार नहीं मानी. आज उनकी शोहरत की कोई कमी नहीं है. आइए जानते हैं कि कौन है ये सितारा? इंडस्ट्री के टॉप एक्टर ग्लैमर और शोहरत की दुनिया में पहुंचने से पहले कई कलाकारों को संघर्ष के दौर से गुजरना पड़ता है. कभी-कभी हालात इतने मुश्किल हो जाते हैं कि गुजारा करने के लिए कोई भी छोटा मोटा काम भी करना पड़ता है. वैसे तो इस लिस्ट में कई नाम शामिल हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसे स्टार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके पास आज नाम और शोहरत की कोई कमी नहीं है. हालांकि यहां तक पहुचे लिए उनको भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. क्या आपने इन्हें पहचाना?कौन है ये टीवी इंडस्ट्री का टॉप स्टार? इस एक्टर की लाइफ में ऐसे भी दिन आए जब उनको अपना खर्च निकालने के लिए चौकीदारी कर करनी पड़ी थी. लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें इंडस्ट्री में खास पहचान दिलाई और आज वे टीवी के मशहूर सितारों में शामिल हैं. हम यहां बिहार के भागलपुर में 22 फरवरी 1984 को जन्मे गुरमीत चौधरी की बात कर रहे हैं जो आज टीवी इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं. उन्होंने 2008 में टीवी पर टेलीकास्ट होने वाली ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाई. बचपन से बनना चाहते थे एक्टर गुरमीत को बचपन से ही एक्टिंग और डांस का शौक था. जब उन्होंने ऋतिक रोशन को बड़े पर्दे पर शानदार डांस करते देखा तो उन्होंने ठान लिया कि वे भी एक्टिंग में करियर बनाएंगे. इसके लिए उन्होंने मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली और मिस्टर जबलपुर का खिताब भी जीता. हालांकि एक्टिंग की राह आसान नहीं थी लेकिन उनके जुनून और मेहनत ने उन्हें सफलता दिलाई. जब गुरमीत चौधरी एक्टिंग में करियर बनाने के लिए मुंबई आए तब उनके पास कोई बैकअप प्लान नहीं था. संघर्ष के उनको चौकीदारी तक करनी पड़ी थी. करनी पड़ी चौकीदार की नौकरी दरअसल जब उनके पास रहने के लिए जगह नहीं थे तब उन्हें एक सस्ता कमरा मिला जो एक चौकीदार ने दिया था. सिर पर छत तो मिल गई लेकिन खर्च चलाना मुश्किल था. इसलिए उन्होंने एक स्टोर में चौकीदारी की नौकरी कर ली जिससे वो अपने खर्च निकाल पाते थे. इसी दौरान वो लगातार ऑडिशन देते रहे और आखिरकार 2008 में ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने का मौका मिला. इस शो ने उन्हें इतनी लोकप्रियता दिलाई कि वह देखते ही देखते स्टार बन गए. गुरमीत चौधरी का करियर इसके बाद जब ये शो ऑफ एयर हुआ तो तीन साल तक उनके पास कोई काम नहीं था जिससे वो फिर से संघर्ष के दौर में चले गए. गुरमीत ने अपने करियर की शुरुआत 2004 में टीवी शो ‘ये मेरी लाइफ है’ से की थी लेकिन असली पहचान ‘रामायण’ से मिली. इसके बाद उन्होंने ‘गीत- हुई सबसे पराई’ ‘पुनर्विवाह’ और ‘झलक दिखला जा’ जैसे पॉपुलर शोज में काम किया. इसके अलावा उन्होंने 2015 में ‘खामोशियां’ से बॉलीवुड डेब्यू किया और फिर ‘वजह तुम हो’ (2016) और ‘पलटन’ (2018) जैसी फिल्मों में काम किया. गुरमीत चौधरी की नेटवर्थ पर्सनल लाइफ गुरमीत चौधरी ने 2011 में टीवी एक्ट्रेस देबिना बनर्जी से शादी की और अब वे दो बेटियों के माता-पिता हैं. संघर्ष से लेकर स्टारडम तक का उनका सफर कई लोगों के लिए इंस्पिरेशनल रहा है. आज गुरमीत एक शानदार लाइफस्टाइल जीते हैं उनके पास कई लग्जरी गाड़ियां और आलीशान घर हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 30-40 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है. उनकी सफलता इस बात का सबूत है कि अगर मेहनत और लगन हो तो कोई भी अपने सपनों को हकीकत में बदल सकता है.

GWALIOR RAPE CASE: शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म, 16 साल की बच्ची को बनाया शिकार

RAPE NEWS

HIGHLIGHTS: 16 फरवरी से लापता थी 16 वर्षीय नाबालिग बहला-फुसलाकर शहर से बाहर ले जाने का आरोप शहर लौटने के बाद दुष्कर्म का आरोप लक्ष्मीगंज क्षेत्र से आरोपी गिरफ्तार पुलिस कर रही है मामले की विस्तृत जांच GWALIOR RAPE CASE: ग्वालियर। शहर में 16 वर्षीय नाबालिग के अपहरण और कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। जहां एक युवक नाबालिग छात्रा के साथ प्यार का झूठा नाटक करता रहा, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और पीड़िता को सुरक्षित बरामद कर लिया है। जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर 16 फरवरी से लापता थी किशोरी बहोड़ापुर थाना पुलिस के अनुसार, इस्लामपुरा क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग 16 फरवरी से लापता थी। परिजनों की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि पड़ोस में रहने वाला युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। टैरिफ वॉर और कमजोर अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने सोने को बनाया सुरक्षित निवेश, दिल्ली-मुंबई-इंदौर में रिकॉर्ड रेट्स जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी किशोरी को धौलपुर ले गया है। टीम के वहां पहुंचने पर पता चला कि वह मथुरा की ओर रवाना हो चुका है। इसके बाद पुलिस लगातार लोकेशन ट्रेस करती रही। बाद में आरोपी के ग्वालियर लौटने की सूचना मिली। PCC CHEIF JETU PATWARI: कोर्ट में फिर नहीं पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, आचार संहिता केस की सुनवाई टली शहर लौटने के बाद वारदात का आरोप पीड़िता के बयान के अनुसार, शहर लौटने के बाद आरोपी उसे कमला राजा हॉस्पिटल परिसर की छत पर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग लक्ष्मीगंज से गिरफ्तारी पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी लक्ष्मीगंज क्षेत्र में देखा गया है। घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। नाबालिग को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।  

हेमंत कटारे का इस्तीफा : मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूं, कांग्रेस में सियासी हलचल

भिंड। हेमंत कटारे, भिंड जिले की अटेर सीट से कांग्रेस विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष, के इस्तीफे ने सियासत में हलचल मचा दी है। एक दिन पहले उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दिया था। इस विवाद के बीच कटारे ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट कर अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि उनकी ताकत किसी पद से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से आती है। कटारे ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस उनके स्वर्गीय पिता की विरासत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शादी की सालगिरह पर परिवार के साथ समय बिताना उनका अधिकार है और इसे लेकर किसी साजिश की बात नहीं है। उन्होंने विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि सोमवार से वे सदन में पूरी तैयारी और दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहेंगे और सरकार के भ्रष्टाचार, गोमांस मुद्दा, इंदौर के भागीरथपुरा, शंकराचार्य के अपमान और जहरीली हवा-पानी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर आवाज उठाएंगे। अंत में उन्होंने कहा, “मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूं, वही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है।” प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कटारे ने अपने ट्वीट और पोस्ट में सारी बातें साफ कर दी हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि जनता के विश्वास से ही काम करता है और कटारे ने जो कहना था, सार्वजनिक रूप से कह दिया है। कांग्रेस में जारी चर्चाओं पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया। चौधरी ने कहा कि कटारे की नियुक्ति अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने की थी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें पद दिया था। इसलिए इस्तीफा स्वीकार करने का अधिकार भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास ही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में हुई बैठक में इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर प्रक्रिया जारी है। चौधरी ने यह भी कहा कि पार्टी की आंतरिक प्रक्रिया को हर बार सार्वजनिक करना संभव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कटारे ने इस्तीफा किन परिस्थितियों में दिया, इसकी जानकारी पार्टी नेतृत्व को दे दी गई है और जो संदेह थे, उनका जवाब उन्होंने ट्वीट के माध्यम से दे दिया। प्रदेश प्रभारी ने दोहराया कि कांग्रेस में संवाद की परंपरा कायम है और हर कार्यकर्ता से बातचीत जारी रहती है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में भी संवाद जारी है और अंतिम निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व ही करेगा।

बैतूल में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: माता-पिता ने छोटे बेटे को बचाने के लिए अपने ऊपर लेट गए, आरोपी ने उन्हें भी मार डाला

बैतूल जिले के सावंगा गांव में बुधवार-गुरुवार की रात एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया 25 वर्षीय मानसिक रोगी युवक दीपक ने अपने माता-पिता और छोटे भाई की निर्मम हत्या कर दी यह घटना पूरे गांव में सनसनी फैला रही है घटना के अनुसार, दीपक उस समय मानसिक रूप से अस्थिर था और अचानक उसने अपने छोटे भाई दिलीप पर लोहे की सब्बल से हमला शुरू कर दिया यह देखकर उसकी माता कमलती धुर्वे और पिता हंसू धुर्वे ने छोटे बेटे को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गए लेकिन आरोपी ने उन्हें भी मार डाला उस रात घर में मौजूद पांच वर्षीय प्रशांत परते जो अपने नाना-नानी के घर पर रहा करता था ने चश्मदीद होकर सब देखा प्रशांत के पिता सुखचंद परते ने बताया कि बच्चा उस वक्त पूरी घटना के बीच सुरक्षित जगह पर छिपा हुआ था दीपक ने अपने भांजे पर भी हमला करने की कोशिश की थी लेकिन वह बच गया दुख की बात यह है कि पालतू बिल्ली भी आरोपी की हिंसक कार्रवाई की शिकार हो गई स्थानीय पुलिस ने बताया कि मृतकों में दीपक के माता-पिता और छोटे भाई शामिल हैं घटना के तुरंत बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आरोपी को हिरासत में लिया गया पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अचानक हिंसक क्यों हुआ और उसके मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति क्या थी सावंगा गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं कई लोगों ने बताया कि दीपक पहले से मानसिक रोगी था लेकिन इतनी हिंसा की उम्मीद किसी ने नहीं की घटना ने पूरे क्षेत्र में भय और सहम पैदा कर दिया पुलिस प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त गश्ती बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है विशेषज्ञ मानते हैं कि मानसिक रोगियों के लिए समय पर चिकित्सकीय देखभाल न होना और परिवार की सुरक्षा के उपाय न होना ऐसे हादसों की संभावना बढ़ा सकता है बच्चे और बुजुर्ग इस तरह की हिंसा में सबसे ज्यादा असुरक्षित होते हैं घटना के चश्मदीद पांच वर्षीय प्रशांत का बयान पुलिस जांच में अहम साबित हो सकता है बैतूल के इस दर्दनाक कांड ने पूरे जिले में सवाल खड़े कर दिए हैं कि मानसिक रोगियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और समाज की जागरूकता कितनी महत्वपूर्ण है प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों को सख्त से सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा

शिक्षा के विस्तार के साथ भारतीय संस्कृति से जुड़ाव आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शिक्षा का विस्तार होना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों से जुड़ाव भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने यह विचार शुक्रवार शाम गांधी नगर स्थित सागर पब्लिक स्कूल के रजत जयंती समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्कूल के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और सेवाभावी पदाधिकारियों का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यार्थियों का लक्ष्य केवल प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी बनने तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें श्रेष्ठ शिक्षक, समर्पित जनप्रतिनिधि, कुशल व्यापारी और अच्छे किसान बनने की भावना भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ऐसे प्रकल्पों से जुड़ें, जिससे वे केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें। डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने यह भी कहा कि नई तकनीक के उपयोग के साथ भारतीय संस्कृति से जुड़े रहना हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज गूगल और अन्य वैश्विक संस्थाओं में भारतीय उच्च पदों पर कार्यरत हैं और देश का नाम रौशन कर रहे हैं। इस अवसर पर डॉ. यादव ने सागर समूह के स्कूल सहित सातवें शिक्षण संस्थान के शुभारंभ पर बधाई दी और समूह की शिक्षा क्षेत्र में 25 वर्ष की उपलब्धियों को सराहा। समारोह में उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा निर्मित विज्ञान मॉडल—जैसे प्लांट्स द्वारा जल प्रदूषण रोकना, विंड मिल और लाइव गार्ड मैनेजमेंट—का अवलोकन किया। साथ ही मिट्टी के शिल्प निर्माण करने वाले बच्चों से संवाद कर उनकी प्रतिभा की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कक्षा 10 वीं में अंशुमन मौर्य को भी सम्मानित किया, जिन्होंने 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया में तीसरी रैंक हासिल की। कार्यक्रम को रामेश्वर शर्मा ने भी संबोधित किया। समारोह की शुरुआत में सागर समूह के प्रमुख सुधीर अग्रवाल, सिद्धार्थ अग्रवाल और सागर अग्रवाल ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा सिर्फ ज्ञान देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संस्कार, मूल्य और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव का मार्ग भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में श्रेष्ठता, नैतिक मूल्यों और समाज के लिए योगदान देने की प्रेरणा दी।

जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर

जबलपुर के सिहोरा के आजाद चौक में गुरुवार रात हुए विवाद के बाद से माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ लेकिन पुलिस की सतत गश्ती जारी रही लोग दहशत में थे लेकिन आवागमन सामान्य रूप से चलता रहा शुक्रवार और शनिवार की सुबह पुलिस की कई टीमों ने 10 और हंगामा करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया ये आरोपी हिंदू पक्ष से हैं और इन पर दूसरे वर्ग के धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने का आरोप है इससे पहले ही पुलिस ने 49 लोगों को गिरफ्तार किया था अब तक कुल 59 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है वहीं कुछ और आरोपियों की तलाश जारी है पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है शुक्रवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया गया पुलिस ने बताया कि मामला शांतिपूर्ण बनाने के लिए यह आवश्यक था पुलिस ने घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की कई असामाजिक तत्व घटना को अंजाम देकर फरार हो गए ऐसे लोगों की पहचान भी की जा रही है इस काम में स्थानीय पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच और अन्य अधिकारियों को लगाया गया है मामला गुरुवार रात का है जब सिहोरा के आजाद चौक में दो पक्षों में विवाद हुआ देखते ही देखते दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए और एक दूसरे पर पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी भगदड़ के हालात बन गए मौके पर सिहोरा समेत आसपास के थानों की पुलिस पहुंची भीड़ को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया गया पुलिस ने रात में ही उपद्रवियों की पहचान कर ली थी इनमें किशोर और अधिक उम्र के लोग शामिल थे कुछ को सिहोरा में ही छोड़ दिया गया जबकि लगभग 25 से 30 आरोपियों को बस से शहर के थानों में ले जाकर गिरफ्तारी और अन्य कार्रवाई की गई स्थानीय प्रशासन और पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और किसी भी परिस्थिति में कानून व्यवस्था को बनाए रखना प्राथमिकता है दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनावी या धार्मिक तनाव के समय ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए सतत निगरानी और समय पर कार्रवाई जरूरी है