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इंदौर में राजनीतिक हिंसा, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया पथराव, जिला अध्यक्ष अस्पताल में भर्ती

इंदौर में शनिवार को सियासी पारा चरम पर पहुंच गया जब भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए शहर के कांग्रेस मुख्यालय गांधी भवन के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं और वहां पहले से मौजूद कांग्रेसियों के बीच झड़प हो गई स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब भाजपा की ओर से गांधी भवन पर पथराव शुरू कर दिया गया पथराव के दौरान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े गंभीर रूप से घायल हो गए उनके सिर पर गहरी चोट आई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया स्थानीय लोगों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना अचानक हुई और झड़प में कई अन्य कार्यकर्ता भी घायल होने के कगार पर थे मौके पर भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई और स्थिति को नियंत्रित किया गया पुलिस ने बताया कि पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों ने घटना की निंदा की है और प्रशासन से शीघ्र जांच की मांग की है घटना के बाद गांधी भवन के आसपास क्षेत्र को सील कर दिया गया और हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया स्थानीय प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी मौसम में शहरों में ऐसे सियासी तनाव बढ़ सकते हैं ऐसे मामलों में समय पर नियंत्रण और न्यायिक कार्रवाई बेहद जरूरी होती है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे

विवियन डीसेना: धर्म बदलकर इस्लाम अपनाया, रमजान में रोजा और पांच वक्त की नमाज, गुपचुप रचाई दूसरी शादी

नई दिल्ली। टीवी के मोस्ट पॉपुलर स्टार विवियन डीसेना ने साल 2019 में अपने जीवन का बड़ा फैसला लिया और धर्म बदलकर इस्लाम अपनाया। इस बदलाव के बाद उन्होंने मिस्र की नागरिक नौरान से गुपचुप शादी रचाई। विवियन की पहली शादी टीवी अभिनेत्री वाहबिज दोराबजी से 2013 में हुई थी, लेकिन कुछ सालों बाद तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने अपने निजी जीवन और आस्था के अनुसार नई राह चुनी। विवियन ने खुलासा किया कि इस्लाम धर्म अपनाने के बाद उन्होंने अपनी आस्था और जीवनशैली में कई बदलाव किए। वे अब पांच वक्त की नमाज नियमित रूप से पढ़ते हैं और रमजान के महीने में रोजा रखते हैं। उन्होंने बताया कि उनका रोजा बहुत सादगी से खुलता है—तीन खजूर, एक गिलास दूध और थोड़ा पानी। इसके अलावा, वे घर पर विशेष ‘डेट मिल्क’ तैयार करते हैं जिसमें खजूर, शहद, सूखे मेवे और ताजे फल मिलाते हैं। इस परंपरा के माध्यम से वे अपनी इफ्तार करते हैं। HT को दिए इंटरव्यू में विवियन ने कहा कि रमजान उनका जीवन बदलने वाला महीना रहा। उन्होंने बताया, “रमजान आस्था का महीना है। यह हमें संस्कार और मूल्य सिखाता है। इस दौरान हमें यह भी समझ आता है कि जिन लोगों के पास भोजन नहीं है, वे किस तरह की कठिनाइयों से गुजरते हैं।” विवियन ने यह भी कहा कि रमजान का महीना हमारी आदतों को ‘रीसेट’ करने और आत्म-अनुशासन बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें अपनी सुबह की कॉफी छोड़नी पड़ती है, और पानी भी नहीं पीते। इससे शरीर वैज्ञानिक रूप से 30 दिनों के लिए ‘डिटॉक्स मोड’ में चला जाता है। विवियन ने जकात (चैरिटी) देने की भी अहमियत पर जोर दिया और कहा कि वह अपनी क्षमता के अनुसार दान करते हैं। उनका मानना है कि चैरिटी का उद्देश्य केवल प्रचारित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे एक जिम्मेदारी के रूप में निभाना चाहिए। विवियन की निजी जिंदगी भी चर्चा में रही है। धर्म परिवर्तन और दूसरी शादी के बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, लेकिन इसका असर उनके खुशहाल जीवन पर नहीं पड़ा। विवियन और नौरान अब साथ में संतुलित और खुशहाल जीवन जी रहे हैं। वे अपने करियर और परिवार दोनों में संतुलन बनाए हुए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पांच वक्त की नमाज और रोजा उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, चाहे रमजान का महीना हो या न हो। विवियन का यह अनुभव यह दिखाता है कि चाहे जीवन में कितनी भी चुनौतियाँ आएं, आस्था और अपने सिद्धांतों का पालन हमेशा मार्गदर्शक होता है। विवियन डीसेना की कहानी बताती है कि धर्म और आस्था के बदलाव से जीवन में स्थिरता और संतुलन पाया जा सकता है, और निजी निर्णयों को अपनाकर भी कोई व्यक्ति खुशहाल और संतुलित जीवन जी सकता है।

मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग

मऊगंज । मध्यप्रदेश मऊगंज जिले में रीवा हनुमना मुख्य मार्ग पर आरटीओ चेकिंग के दौरान हंगामा मच गया। जानकारी के अनुसार, चेकपोस्ट पर वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान दो ट्रक, MP 20 HB 6128 और UP 63 CT 3122 के चालकों ने अपने वाहन सड़क पर आड़े खड़े कर दिए। इस कारण मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालक परेशान होने लगे। स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों के अनुसार, दोनों ट्रक चालकों ने न केवल चेकिंग का विरोध किया, बल्कि अन्य वाहन चालकों को भी इसे लेकर उकसाया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात आरटीओ कर्मचारियों से गाली-गलौज की और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। स्थिति बिगड़ने पर आरटीओ प्रभारी अशोक शर्मा मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद और बढ़ गया। इस दौरान एक स्थानीय युवक भी घटनास्थल पर पहुंच गया और कथित रूप से अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी देने लगा। तनावपूर्ण माहौल के बीच कुछ लोगों ने सड़क किनारे बनी झोपड़ी और वहां रखी कुर्सियों में आग लगा दी। आगजनी से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और आरटीओ चेकिंग की कार्रवाई रोकनी पड़ी। घटना में सौभाग्य से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आगजनी और उत्पात के कारण मौके पर उपस्थित अन्य वाहन चालकों में डर और असुरक्षा की स्थिति बनी रही। आरटीओ और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने झोपड़ी में आग लगाने और सड़क पर उत्पात मचाने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों ने भी बताया कि घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के हंगामे से ट्रैफिक और आम जनता की सुरक्षा प्रभावित होती है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह घटना मुख्य मार्ग पर रोजमर्रा की जिंदगी और आवाजाही के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती थी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क पर यातायात सुचारु रूप से चलता रहे। मौके पर उपस्थित आरटीओ और पुलिस टीम ने लोगों को समझाया और सड़क पर लगे जाम को तुरंत हटाया। अधिकारियों ने वाहन चालकों और स्थानीय लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की।

टैरिफ वॉर और कमजोर अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने सोने को बनाया सुरक्षित निवेश, दिल्ली-मुंबई-इंदौर में रिकॉर्ड रेट्स

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों ने निवेशकों को चौका दिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख और कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने वैश्विक सर्राफा बाजार में भूचाल ला दिया शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दिया और रद्द कर दिया इसके जवाब में ट्रंप ने पूरी दुनिया पर 10% का नया ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा की इस राजनीतिक उठापटक के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ओर बढ़ गए अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में 1.5% से अधिक तेजी देखी गई स्पॉट गोल्ड $5071.48 प्रति औंस पर पहुंच गया जबकि गोल्ड फ्यूचर्स अप्रैल डिलीवरी 1.7% की बढ़त के साथ $5080.90 पर बंद हुआ इस तेजी को अमेरिकी चौथी तिमाही जीडीपी 1.4% में गिरने के आंकड़े से भी समर्थन मिला जो अनुमानित 3% से काफी कम था सरकारी शटडाउन और कम उपभोक्ता खर्च ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की गति धीमी कर दी भारत में भी सोने के दाम मजबूती दिखा रहे हैं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर अप्रैल का फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट ₹156993 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ वहीं इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन IBJA के अनुसार 24 कैरेट सोना ₹155066, 23 कैरेट ₹154445, 22 कैरेट ₹142040, 18 कैरेट ₹116300 और 14 कैरेट ₹90714 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है शहरवार सोने के भाव भी उभरे दिल्ली में 24 कैरेट ₹157520 और 22 कैरेट ₹144400 मुंबई में 24 कैरेट ₹157370 और 22 कैरेट ₹144250 इंदौर में 24 कैरेट ₹157420 और 22 कैरेट ₹144300 रिकॉर्ड किए गए निवेशकों का रुझान सुरक्षित धातु की ओर बढ़ गया है स्वतंत्र धातु व्यापारी ताई वोंग का मानना है कि ट्रंप हार मानने वालों में से नहीं हैं वे टैरिफ फिर से लगाने के अन्य कानूनी रास्तों की तलाश करेंगे इससे बाजार में अस्थिरता बढ़ेगी हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद वॉल स्ट्रीट के प्रमुख स्टॉक इंडेक्स में उछाल देखा गया लेकिन सोने की चमक आर्थिक अनिश्चितता के कारण बरकरार है विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक टैरिफ विवाद, अमेरिकी आर्थिक धीमी गति और सुरक्षित निवेश की मांग ने सोने की कीमतों को मजबूती दी निवेशक इस समय किसी भी जोखिम से बचने के लिए सोने और अन्य कीमती धातुओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं यह प्रवृत्ति आने वाले हफ्तों में भी जारी रहने की संभावना है अंतरराष्ट्रीय भूचाल और अमेरिकी कोर्ट फैसले के बाद सोने की कीमतों में तेजी न सिर्फ निवेशकों बल्कि घरेलू खरीदारों के लिए भी संकेत है इस दौर में सोने का बाजार लगातार अपडेट हो रहा है और शहरवार रेट्स निवेशकों के लिए मार्गदर्शन का काम कर रहे हैं

PCC CHEIF JETU PATWARI: कोर्ट में फिर नहीं पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, आचार संहिता केस की सुनवाई टली

PCC CHIEF

HIGHLIGHTS: दूसरी बार जमानती वारंट के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हुए पटवारी। आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा है मामला। 2024 लोकसभा चुनाव के बयान को लेकर दर्ज हुई थी शिकायत। IPC की धारा 188 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत केस दर्ज। अगली तारीख पर कोर्ट तय करेगा आगे की कार्रवाई। PCC CHEIF JETU PATWARI: ग्वालियर। जीतू पटवारी एक बार फिर ग्वालियर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश नहीं हुए। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें दूसरी बार जमानती वारंट जारी कर तलब किया था, लेकिन शुक्रवार को भी वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति के चलते आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े मामले में ट्रायल की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। स्वास्थ्य सेवा में एआई की नई छलांग: एम्स भोपाल में शुरू हुई डिजिटल नेविगेशन सुविधा, रोजाना 12 हजार मरीजों का सफर होगा आसान। 2024 लोकसभा चुनाव से जुड़ा मामला यह प्रकरण वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भिंड-दतिया संसदीय क्षेत्र में दिए गए एक बयान से संबंधित है। चुनाव प्रचार के दौरान पटवारी ने देवाशीष जरारिया पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाया था। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद गहराया और मामला कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच गया। छत्तीसगढ़ में 10वीं बोर्ड परीक्षा की शुरुआत, 3.21 लाख विद्यार्थियों ने दी पहली परीक्षा बहुजन समाज पार्टी की ओर से 4 मई 2024 को भिंड के ऊमरी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर चालान एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उज्जैन में फसलों के नुकसान का आंकलन शुरू बार-बार गैरहाजिरी पर वारंट मामले में 15 जुलाई 2024 से विचारण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लगातार अनुपस्थिति के चलते अदालत ने 16 जनवरी को पहला जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद 20 फरवरी को दूसरी बार जमानती वारंट जारी कर उन्हें उपस्थित होने का निर्देश दिया गया, लेकिन वे फिर भी अदालत नहीं पहुंचे। अब अदालत अगली सुनवाई की तारीख तय करेगी।

AI समिट विवाद पर ग्वालियर में BJP युवा मोर्चा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेस कार्यालय पर तनाव

ग्वालियर । दिल्ली की एआई इंपैक्ट समिट को लेकर राजनीतिक तनाव ग्वालियर में भी देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस द्वारा समिट में किए गए हंगामे के विरोध में राहुल गांधी का पुतला दहन किया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अपने विरोध में पार्टी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की सख्त मौजूदगी के कारण उन्हें यह काम करने से रोका गया। आज मध्य प्रदेश में BJP युवा मोर्चा द्वारा संभाग स्तर पर जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। इसी क्रम में नदी गेट चौराहे से शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय तक युवा मोर्चा ने भारी संख्या में रैली निकाली। रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के पुतले के विरोध में नारे लगाए और भाजपा की ओर से विरोध प्रदर्शन को जोरदार रूप दिया। कांग्रेस कार्यालय की ओर रैली की ओर बढ़ते कार्यकर्ताओं को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की। हालांकि युवा मोर्चा के कई कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़ते हुए कार्यालय के पास पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता भी कार्यालय के बाहर पार्टी का झंडा लहराते हुए नारेबाजी करते नजर आए। दो घंटे तक लगातार तनाव और टकराव की स्थिति बनी रही लेकिन बड़ी अप्रिय घटना टल गई। अंततः भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रतीक तिवारी ने राहुल गांधी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन को अंजाम दिया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पीएम मोदी का पुतला जलाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते वह मौके से पुतला लेकर गायब हो गए। पुलिस ने बाद में कांग्रेस कार्यालय में पीएम मोदी का पुतला खोजने की कोशिश की लेकिन पुतला नहीं मिला। फिलहाल कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर में दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और प्रदर्शन ने माहौल तनावपूर्ण बना दिया था। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स और बैरिकेडिंग का इंतजाम किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय पर कार्रवाई की गई और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरती गई। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि AI समिट जैसे कार्यक्रमों को लेकर दोनों पक्षों के कार्यकर्ता भावनाओं में बहकर प्रदर्शन करते हैं जो चुनावी और राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित करता है। ग्वालियर में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक तनाव दोनों पर ध्यान केंद्रित किया।

छत्तीसगढ़ में 10वीं बोर्ड परीक्षा की शुरुआत, 3.21 लाख विद्यार्थियों ने दी पहली परीक्षा

रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज से 10वीं बोर्ड परीक्षाओं का आगाज़ हो गया। प्रदेशभर के 6,839 स्कूलों में पंजीकृत 3,21,571 विद्यार्थियों ने पहले दिन हिन्दी विषय की परीक्षा दी। परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित की गई। इस वर्ष राज्य में 2,510 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा और गोपनीयता के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। राजधानी रायपुर के जे एन पांडेय स्कूल में परीक्षार्थियों का पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर स्वागत किया गया, जिससे छात्रों का उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा। परीक्षा केंद्र में व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त परीक्षा पर्यवेक्षक, सुरक्षा कर्मी और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। छात्रों ने परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते समय बताया कि प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत सरल और स्पष्ट था। कई विद्यार्थियों ने कहा कि पेपर अच्छा होने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और बोर्ड परीक्षा का डर पहले दिन काफी हद तक कम हो गया। परीक्षार्थियों ने यह भी बताया कि प्रश्नपत्र में हल करने योग्य प्रश्नों की संख्या अधिक थी, जिससे समय प्रबंधन आसान रहा। अभिभावकों ने भी इस अवसर पर बच्चों को उत्साहित किया। कुछ अभिभावकों ने कहा कि परीक्षा के लिए बच्चों की तैयारी अच्छी रही और सुरक्षित और सुव्यवस्थित परीक्षा केंद्र से उनकी चिंता काफी कम हुई। शिक्षक और स्कूल प्रशासन ने भी विद्यार्थियों को मानसिक रूप से तैयार किया और उन्हें परीक्षा के दौरान शांत रहने की सलाह दी। परीक्षा अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा केंद्रों में कड़ाई से निगरानी रखी जा रही है। कैमरा और अन्य निगरानी उपायों के माध्यम से परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, कोविड-19 के दृष्टिगत स्वास्थ्य मानकों का भी पालन सुनिश्चित किया गया है। प्रदेश में 10वीं बोर्ड परीक्षा का यह पहला दिन छात्रों के लिए उत्साह और चुनौती दोनों लेकर आया। स्कूलों में शिक्षक और अधिकारियों का सहयोग, परीक्षा केंद्र की सुव्यवस्था और पारंपरिक स्वागत से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ा। इसके साथ ही छात्रों ने आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ बोर्ड परीक्षा की शुरुआत की। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग ने सभी छात्रों को आगामी परीक्षाओं के लिए प्रेरित किया है और कहा है कि पूरी तैयारी और ध्यान से परीक्षा देना महत्वपूर्ण है। प्रदेशभर में अगले हफ्तों तक विभिन्न विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को समय पर परिणाम मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर उज्जैन में फसलों के नुकसान का आंकलन शुरू

उज्जैन । मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में बेमौसम हुई बारिश को ध्यान में रखते हुए उज्जैन जिले सहित प्रदेश के सभी जिलों में क्षतिग्रस्त फसलों का आंकलन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस कदम का उद्देश्य किसानों को हुए नुकसान का सही आंकलन कर राहत एवं समर्थन उपलब्ध कराना है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि विगत दिनों मौसम परिवर्तन और अनियमित वर्षा के कारण फसलों को हुई क्षति की सूचनाओं को संज्ञान में लेते हुए क्षेत्र में नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में कृषि अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि हर प्रभावित किसान तक सही जानकारी और मदद पहुंच सके। कलेक्टर ने बताया कि फसल नुकसान की समीक्षा के लिए जिले में विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो खेतों का दौरा कर वास्तविक नुकसान का पता लगा रही हैं। साथ ही किसानों के साथ संवाद कर उन्हें राहत योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह आंकलन जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर आर्थिक सहायता दी जा सके। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बेमौसम बारिश और पानी की अधिकता के कारण गेहूं, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान हुआ है। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से निर्देश दिए हैं कि नुकसान का आंकलन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाए। मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कहा है कि किसी भी किसान को अपने फसल नुकसान के कारण आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। इसके लिए जिला प्रशासन को पूरी तरह सक्रिय रहने और सभी प्रभावित किसानों तक राहत सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। इस निर्देश के बाद उज्जैन जिले में कृषि विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ गया है। अधिकारी किसानों से लगातार संपर्क में हैं और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का प्रयास कर रहे हैं।

दिल्ली–मेरठ की दूरी हुई छोटी: नमो भारत ने बदली तस्वीर, अब 40 मिनट में पहुंचिए बेगमपुल!

नई दिल्ली। दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा अब और तेज और आसान होने वाली है। 22 फरवरी से सराय काले खां से बेगमपुल तक नई दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन सेवा शुरू होने जा रही है। करीब 70 किलोमीटर की दूरी अब महज 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी, जिससे रोजाना दिल्ली और मेरठ के बीच आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। पहले सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में ढाई से तीन घंटे लगते थे, लेकिन अब यह समय मात्र एक तिहाई रह जाएगा। नौकरी, पढ़ाई या मेडिकल विजिट के लिए दिल्ली आने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद सराय काले खां से मोदीपुरम तक पूरा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर जनता के लिए खुल जाएगा। इस प्रोजेक्ट को विकसित करने वाली नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन भी पूरा कर लिया है। ट्रायल में ट्रेन ने 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ते हुए लगभग 39 मिनट में दूरी तय की। कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 80 किलोमीटर है, जिसे अब 55 मिनट में कवर किया जा सकेगा। 2019 में इसकी नींव रखी गई थी और अब यह पूरी तरह तैयार है। दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का लगभग 55 किलोमीटर हिस्सा पहले से चालू है। न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक ट्रेनें पहले ही दौड़ रही हैं। अब सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक लगभग पांच किलोमीटर और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक लगभग 21 किलोमीटर का सेक्शन भी संचालन के लिए तैयार हो गया है। इससे पूरी लाइन एक साथ जुड़ जाएगी और सराय काले खां से बेगमपुल तक सीधा सफर संभव होगा। नई हाई-स्पीड ट्रेन सेवा के साथ दिल्ली आने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में काफी कम समय लगेगा। रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को हर दिन घंटों की बचत होगी। सबसे बड़ा सवाल अब किराए को लेकर है। सराय काले खां से बेगमपुल तक का टिकट कितना होगा, इसके बारे में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। किराया तय करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि दूरी और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किराया तय किया जाएगा। चूंकि यह हाई-स्पीड और आधुनिक रैपिड रेल सेवा है, इसलिए किराया पारंपरिक ट्रेनों से अलग हो सकता है। फिलहाल यात्रियों को टिकट की कीमत जानने के लिए आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि दिल्ली और मेरठ के बीच कनेक्टिविटी में भी नई गति लाएगी। यह उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी, जो रोजाना काम, पढ़ाई या मेडिकल अपॉइंटमेंट्स के लिए राजधानी और मेरठ के बीच सफर करते हैं।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू, 20 मार्च तक चलेगा

रायपुर । रायपुर से जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ विधानसभा का प्रथम सत्र यानी बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा और 20 मार्च 2026 तक चलेगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान सत्र की रूपरेखा की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं जिनमें वित्तीय मामलों और शासकीय कार्यों के साथ-साथ महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी संपादित किए जाएंगे। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सदन में वित्तीय बजट और राज्य के विकासात्मक योजनाओं पर विशेष चर्चा होगी। इसके अलावा सत्र में कानून-निर्माण और विधायी प्रस्तावों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि सदन के प्रत्येक दिन की कार्यवाही सुव्यवस्थित रूप से संपन्न होगी और सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना मुख्य लक्ष्य रहेगा ताकि राज्य के विकास और जनता के हितों के लिए जरूरी निर्णय समय पर लिए जा सकें। सत्र की तैयारियों का जायजा लेने के लिए विधानसभा सचिवालय ने भी सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है। अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य सक्रिय भागीदारी करेंगे और सत्र के दौरान सभी प्रस्तावों पर प्रभावी चर्चा होगी। छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह बजट सत्र राज्य की आगामी वित्तीय योजनाओं नीतियों और कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। राज्य सरकार के लिए यह सत्र नीति निर्माण और विकास कार्यों की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है।