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कटनी में शिवलिंग पर बाघ का अनोखा मूवमेंट, वन विभाग ने ग्रामीणों को किया अलर्ट

कटनी । कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के सडार जंगल से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि एक बाघ प्राचीन शिवलिंग के पास जाकर काफी देर तक अपना सिर और जीभ रगड़ रहा है। घटना स्थल गांव से महज 400 मीटर की दूरी पर है जिससे आसपास के लोगों में चिंता और चर्चा दोनों बढ़ गई हैं। स्थानीय लोग इस दृश्य को आस्था से जोड़कर देख रहे हैं लेकिन वन विभाग का कहना है कि यह बाघ का सामान्य व्यवहार है। वन विभाग के अनुसार जंगली बाघ अक्सर अपनी गंध छोड़ने इलाके पर अधिकार जताने या खुजली मिटाने के लिए पत्थर या अन्य ठोस सतहों से अपना शरीर रगड़ते हैं। ऐसे मूवमेंट का आस्था से जोड़ना गलत नहीं है लेकिन यह जानवर की आदत और इलाके में उसके क्षेत्रीय व्यवहार का हिस्सा है। वन विभाग ने ग्रामीणों को किया अलर्ट पान उमरिया रेंज के अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि गश्ती दल लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी। सडार और आसपास के क्षेत्रों में बाघों की आवाजाही पहले भी देखी जाती रही है लेकिन इंसानी बस्ती के इतने करीब यह दृश्य सामने आने के कारण मामला चर्चा में है। वन विभाग का कहना है कि बाघों का इस तरह से शिवलिंग या पत्थर पर सिर रगड़ना सामान्य व्यवहार है और इसमें किसी प्रकार की आस्था या अलौकिक घटना शामिल नहीं होती। हालांकि ग्रामीणों के लिए यह नजारा डरावना भी हो सकता है। अधिकारी ने चेतावनी दी है कि ग्रामीण जंगल में अकेले न जाएं और बच्चों को भी जंगल की ओर जाने से रोका जाए। सडार जंगल कटनी जिले के लिए जंगली जीवन का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां बाघ तेंदुआ और अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही रहती है। वन विभाग की नियमित गश्ती और निगरानी के कारण अब तक किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली है। बावजूद इसके गांव के पास बाघ का दिखना स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है। लोग इसे देख कर अलग अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं कुछ लोग इसे आस्था का संकेत मान रहे हैं जबकि विशेषज्ञ इसे जानवरों की प्राकृतिक आदत के रूप में बता रहे हैं। वन विभाग ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे जंगल में जाने से बचें बाघ के संभावित मूवमेंट को नजरअंदाज न करें और यदि किसी ने बाघ देखा तो तुरंत नजदीकी वन विभाग को सूचित करें। इस तरह की सतर्कता न केवल मानव सुरक्षा के लिए जरूरी है बल्कि जंगली जानवरों के संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है।

22 फरवरी से सराय काले खां-बेगमपुल: दिल्ली-मेरठ नामा भारत ट्रेन सेवा शुरू

नई दिल्ली । दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा अब और तेज और आसान होने वाली है। 22 फरवरी से सराय काले खां से बेगमपुल तक नई दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन सेवा शुरू होने जा रही है। करीब 70 किलोमीटर की दूरी अब महज 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे रोजाना दिल्ली और मेरठ के बीच आने-जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए सफर पहले से कई गुना सुविधाजनक होगा। पहले सड़क मार्ग से दिल्ली-मेरठ की दूरी तय करने में ढाई से तीन घंटे लगते थे। अब यह समय एक तिहाई रह जाएगा। खासकर नौकरी, पढ़ाई या मेडिकल विजिट के लिए दिल्ली आने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद सराय काले खां से मोदीपुरम तक पूरा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर जनता के लिए खुल जाएगा। इस प्रोजेक्ट को विकसित करने वाली नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन भी पूरा कर लिया है। ट्रायल में ट्रेन ने 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ते हुए लगभग 39 मिनट में दूरी तय की। कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 80 किलोमीटर है, जिसे अब लगभग 55 मिनट में कवर किया जा सकेगा। 2019 में इस प्रोजेक्ट की नींव रखी गई थी और अब यह पूरी तरह तैयार है। दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का लगभग 55 किलोमीटर हिस्सा पहले से चालू था। न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक ट्रेनें पहले ही दौड़ रही हैं। अब सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक लगभग पांच किलोमीटर और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक लगभग 21 किलोमीटर का सेक्शन भी ऑपरेशन के लिए तैयार हो गया है। इससे पूरी लाइन एक साथ जुड़ जाएगी और सराय काले खां से बेगमपुल तक सीधा सफर मुमकिन होगा। इस नई सेवा की सबसे बड़ी खासियत है समय की बचत। पहले की तुलना में अब यात्रियों को दिल्ली आने में काफी कम समय लगेगा। रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को हर दिन घंटों की बचत होगी। किराये को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सराय काले खां से बेगमपुल तक का टिकट कितना होगा, इसे अंतिम चरण में तय किया जा रहा है। माना जा रहा है कि हाई-स्पीड और आधुनिक रैपिड रेल सुविधा को ध्यान में रखते हुए किराया पारंपरिक ट्रेनों से अलग हो सकता है। फिलहाल यात्रियों को टिकट की कीमत जानने के लिए आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन सेवा न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि दिल्ली और मेरठ के बीच कनेक्टिविटी में भी नई गति लाएगी। यह उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी, जो रोजाना काम, पढ़ाई या मेडिकल अपॉइंटमेंट्स के लिए राजधानी और मेरठ के बीच सफर करते हैं।

श्रीलंका दौरे से पहले अफगानिस्तान टीम को नया हेड कोच मिलेगा

नई दिल्ली । टी20 विश्व कप 2026 में अफगानिस्तान का सफर समाप्त हो चुका है सुपर-8 के लिए क्वालीफाई न कर पाने के साथ ही लगभग चार साल से टीम के हेड कोच रहे जोनाथन ट्रॉट का कार्यकाल भी खत्म हो गया है ट्रॉट ने 2022 में अफगानिस्तान टीम के साथ काम शुरू किया था और अपने कार्यकाल में टीम को एक मजबूत इकाई के रूप में स्थापित किया है एसीबी की नई कोचिंग नीतियाँअफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड अब नए हेड कोच की तलाश में है बोर्ड ने शर्त रखी है कि नया कोच और सहयोगी स्टाफ ऑफ-सीजन के दौरान अफगानिस्तान में ही रहकर काम करेंगे एसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नसीब खान ने कहा कि यह आवश्यक है ताकि राष्ट्रीय टीम के कोच घरेलू खिलाड़ियों की प्रगति पर करीब से नजर रखें और सीरीज न होने पर टीम की कमजोरियों पर काम कर सकें नए कोच की खोज और शॉर्टलिस्ट प्रक्रियानसीब खान ने बताया कि ट्रॉट का उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है नए कोच का नाम श्रीलंका के खिलाफ होने वाली व्हाइट-बॉल सीरीज से पहले फाइनल कर लिया जाएगा साउथ अफ्रीका और एशिया के कुछ कोच शॉर्टलिस्ट किए गए हैं और उनके इंटरव्यू भी हो चुके हैं हालांकि फिलहाल शॉर्टलिस्ट किए गए नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैंजोनाथन ट्रॉट का योगदानट्रॉट के कार्यकाल में अफगानिस्तान ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं वनडे विश्व कप 2023 में पाकिस्तान, इंग्लैंड और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमों को हराया टी20 विश्व कप 2024 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को हराकर सेमीफाइनल तक पहुँची हालांकि हाल ही में टी20 विश्व कप में अफगानिस्तान ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई इसके बावजूद ट्रॉट ने टीम की रणनीति, युवा खिलाड़ियों के विकास और विभिन्न फॉर्मेट में टीम की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है नई शुरुआत की उम्मीदेंएसीबी का मानना है कि नए हेड कोच के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट का नया दौर शुरू होगा बोर्ड चाहता है कि नया कोच टीम की तैयारियों, घरेलू खिलाड़ियों की निगरानी और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की रणनीति में सक्रिय भूमिका निभाए इसके अलावा बोर्ड ने कोचिंग स्टाफ को टीम की क्षमता बढ़ाने और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए ऑफ-सीजन में भी अफगानिस्तान में रहने की शर्त रखी है भविष्य की योजना और टीम की दिशाएसीबी की यह रणनीति यह सुनिश्चित करने के लिए है कि टीम भविष्य में मजबूत हो और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सके नए कोच के चयन के बाद टीम की ट्रेनिंग, युवा खिलाड़ियों का विकास और आगामी श्रीलंका दौरे की तैयारियाँ तेजी से शुरू होंगी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने धारा 122 के तहत टैरिफ लगाया, 150 दिनों के लिए आयात शुल्क लागू

नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आयातित वस्तुओं के लिए 10 प्रतिशत का अस्थायी टैरिफ लगाने का आदेश दिया है यह आदेश 24 फरवरी से प्रभावी होगा और 150 दिनों तक लागू रहेगा इस टैरिफ का उद्देश्य अमेरिकी व्यापार घाटे और अंतरराष्ट्रीय भुगतान समस्याओं को संबोधित करना है धारा 122 क्या है और इसे क्यों लागू किया गयाट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 राष्ट्रपति को अधिकार देती है कि वे सरचार्ज और विशेष आयात प्रतिबंधों के माध्यम से अमेरिका की आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाले अंतरराष्ट्रीय भुगतान संकटों का समाधान कर सकें इस प्रावधान के तहत राष्ट्रपति औपचारिक जांच की आवश्यकता के बिना त्वरित कार्रवाई कर सकते हैं कौन-कौन सी वस्तुएं टैरिफ से मुक्त रहेंगीव्हाइट हाउस की फैक्टशीट के अनुसार, कुछ महत्वपूर्ण वस्तुएं टैरिफ से मुक्त रहेंगी इनमें खनिज, मुद्रा और बुलियन धातुएं, ऊर्जा और ऊर्जा उत्पाद, प्राकृतिक संसाधन और उर्वरक, कुछ कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स और उनका कच्चा माल, इलेक्ट्रॉनिक्स, यात्री वाहन और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को दिए गए निर्देशराष्ट्रपति ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय को धारा 301 के तहत निर्देश दिया है कि वे उन देशों की जांच करें जिनकी नीतियां और कानून अमेरिकी व्यापार को नुकसान पहुंचा रही हैं या भेदभाव कर रहे हैं इस कदम का मकसद अनुचित व्यापार प्रथाओं का विरोध करना और अमेरिकी कंपनियों को सुरक्षित रखना है अर्थव्यवस्था पर प्रभाव और आगे की संभावनाएँराष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार अमेरिका को व्यापार घाटे और घरेलू उत्पादन में कमी के कारण अपनी अधिकांश वस्तुएं आयात करनी पड़ती हैं जिससे अमेरिकी डॉलर विदेशों में चले जाते हैं टैरिफ 150 दिनों के बाद अपने आप समाप्त हो जाएगा लेकिन यदि आवश्यक हुआ तो राष्ट्रपति नई भुगतान संतुलन आपातकाल की घोषणा कर इसे फिर से लागू कर सकते हैं विशेषज्ञों की रायव्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि धारा 122 के तहत टैरिफ लगाना अन्य व्यापार कानूनों की तुलना में तेज और अधिक प्रभावी है क्योंकि इसके लिए लंबी औपचारिक जांच की आवश्यकता नहीं होती यह अमेरिकी व्यापार हितों की रक्षा के लिए तात्कालिक कदम उठाने की अनुमति देता हैट्रंप प्रशासन का यह कदम अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति को मजबूत करने और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में एक रणनीतिक पहल है हालांकि इसके प्रभाव और प्रतिक्रिया दुनिया भर में निगरानी के दायरे में रहेंगे

जयशंकर ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला से की मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर हुई चर्चा

नई दिल्ली/ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की मुलाकात के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत के राजकीय दौरे पर आए राष्ट्रपति लूला से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं उन्होंने बताया कि लूला ने साझा हितों और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए अपनी गाइडेंस और गर्मजोशी भरी भावनाओं का प्रदर्शन किया उन्होंने यह भी कहा कि आज बाद में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक से द्विपक्षीय संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी इसके बाद ब्राजील के राष्ट्रपति ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और पीएम मोदी से भी मुलाकात की और उसके बाद दोनों नेता द्विपक्षीय बैठक करेंगे विदेश मंत्रालय ने पहले ही बताया था कि दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे प्रधानमंत्री आने वाले गणमान्य व्यक्ति के सम्मान में लंच होस्ट करेंगे और आपसी हितों के क्षेत्रीय और ग्लोबल मुद्दों पर विचार करेंगे जिसमें बहुपक्षीय फोरम में सहयोग रिफॉर्म्ड मल्टीलेटरलिज्म ग्लोबल गवर्नेंस और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दे शामिल हैं राष्ट्रपति लूला दूसरे एआई इम्पैक्ट समिट के लिए 18 फरवरी को भारत आए उनके साथ करीब 14 मंत्री और ब्राजील की कंपनियों के टॉप सीईओ का डेलीगेशन भी है जो अपने भारतीय समकक्षों के साथ मीटिंग करेंगे यह राष्ट्रपति लूला का भारत का छठा दौरा है वे पहली बार 2004 में रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन के गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में भारत आए थे और आखिरी बार सितंबर 2023 में जी20 समिट के लिए भारत आए थे प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला अक्सर मिलते रहे हैं प्रधानमंत्री 7 से 8 जुलाई 2025 तक राजकीय दौरे पर ब्रासीलिया में थे और नवंबर 2025 में जी20 के दौरान जोहान्सबर्ग में भी उनकी मुलाकात हुई भारत और ब्राजील के बीच करीबी और रणनीतिक साझेदारी साझा डेमोक्रेटिक मूल्यों लोगों के बीच गहरे रिश्तों और खास सेक्टरों में बढ़ते सहयोग पर आधारित है दोनों देश 2006 से रणनीतिक साझेदार हैं ब्राजील एलएसी इलाके में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है और व्यापार निवेश रक्षा कृषि स्वास्थ्य फार्मास्यूटिकल्स ऊर्जा जिसमें रिन्यूएबल्स जरूरी मिनरल्स रेयर अर्थ मटीरियल्स साइंस टेक्नोलॉजी और नवाचार शामिल हैं जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का जुड़ाव लगातार गहरा होता जा रहा है इसमें डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एआई स्पेस और लोगों के बीच जुड़ाव के क्षेत्र में सहयोग भी शामिल है दोनों देश यूएन रिफॉर्म्स क्लाइमेट चेंज और आतंकवाद से लड़ने जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समान विचार रखते हैं विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति लूला का यह राजकीय दौरा दोनों पक्षों को आपसी फायदे के मुद्दों पर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और द्विपक्षीय क्षेत्रीय और ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर सहयोग को और गहरा करने का अवसर देगा

राम नाम टेस्ट में भाजपा विधायक फेल ; विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष का इस्तीफा ; एआई समिट में सीएम ने थामा बल्ला

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में एक असामान्य और विवादित राजनीतिक घटनाक्रम ने राजनीति की दिशा बदल दी है। सत्र के दौरान प्रीतम सिंह लोधी जो भाजपा के विधायक हैं, भगवान राम की माता का नाम नहीं बता पाए, जब उन्हें सवाल किया गया कि भगवान राम की माता कौन थीं। ये मामला तब शुरू हुआ जब विधानसभा में जी‑राम‑जी योजना पर चर्चा के बीच विपक्ष और सरकार एक‑दूसरे को राम भक्त और राम विरोधी जैसे आरोप लगाते दिखे। कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ने सीधे सवाल किया कि भगवान राम की माता का नाम बताइए, लेकिन भाजपा विधायक इसका जवाब देने में असमर्थ रहे। इससे सदन में भाजपा की किरकिरी हुई और राजनीतिक माहौल गरमा गया। इस घटना के बाद दोनों तरफ से तीखी बहस हुई। प्रीतम सिंह लोधी ने पलटवार में कहा कि उन्हें क्यों बताऊँ कि यह सवाल पूछने वाला कौन है, और उन्होंने विरोध में कहा कि उन्होंने कांग्रेस विधायक से कौरवों के नाम भी पूछे, जिन्हें वह नहीं बता पा रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम ने विधानसभा में तनाव और विवाद को बढ़ाया है। माना जा रहा है कि यह झड़प भाजपा के लिये राजनीतिक रूप से नुकसानदेह साबित हो रही है, क्योंकि कांग्रेस इसका उपयोग भाजपा पर सवाल उठाने के लिये कर रही है कि क्या पार्टी के नेताओं को हिंदू प्रतीकों व कथाओं की बुनियादी जानकारी भी नहीं है। उपनेता प्रतिपक्ष के इस्तीफे से सियासत गर्माई इसी बीच सियासी गलियारों में एक और बड़ा ड्रामा हुआ है: उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा सदन के बीच अचानक से आने के कारण अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। कुछ भाजपा नेताओं का कहना है कि कटारे का यह कदम कांग्रेस के अंदरूनी उलझनों का संकेत है। विशेष रूप से भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने बताया कि कटारे उनसे बाहर मुलाकात के दौरान कह रहे थे मुझे साथ लेकर चलिए , जिससे यह कयास लगने लगे कि शायद कटारे पार्टी बदलने की सोच रहे हैं या अपनी नई राजनीतिक दिशा चुन रहे हैं। विपक्षी दलों ने इसे कांग्रेस की अंदरूनी कलह बताया है, जबकि कांग्रेस विधायक दल के नेता उमंग सिंघार ने इसे पार्टी का पारिवारिक मामला करार देते हुए कहा है कि वे अंदरूनी तौर पर इस इस्तीफे के कारणों पर चर्चा करेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव का दिल्ली AI समिट में बल्ला प्रदर्शन इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लिया और वहाँ गूगल के ऑडिटोरियम में टेक्नोलॉजी तथा स्टार्टअप सेक्टर पर विचार साझा किया, साथ ही वहां हल्का‑फुल्का क्रिकेट खेलते हुए बल्ला चलाया, जिसे मीडिया में भी दिखाया गया। इस दौरान AI समिट के मुद्दे ने सियासत को और गरमाया जब यूथ कांग्रेस का दिल्ली कार्यक्रम में विवादित प्रदर्शन सामने आया, जिसे भाजपा ने गंभीर रूप से लिया और कांग्रेस को आक्रामक रूप से निशाना बनाया। Cबी केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और जीतू पटवारी के बीच इस मुद्दे पर तीखी राजनीतिक बहस भी देखने को मिली, जिसमें दोनों पक्षों ने एक‑दूसरे पर आरोप लगाए।अन्य घटनाक्रम इंदौर में प्रसिद्ध अभिनेता अजय देवगन के आगमन पर फैंस की जबरदस्त भीड़ उमड़ी, वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री ने घोषणा की है कि वे अब किसी से स्मृति‑चिह्न या फूल‑मालाओं से स्वागत नहीं कराएंगे। साथ ही, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के असंसदीय शब्दों के बारे में सीएम मोहन यादव ने विधानसभा में माफी भी मांगी।

मैं वहीं रहा जहाँ भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, 30 करोड़ के फ्रॉड केस में 71 दिन जेल में बिताने के बाद विक्रम भट्ट रिहा

नई दिल्ली। विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी 71 दिन जेल में बिताने के बाद सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद रिहा हो गए। जेल में बिताए समय ने उन्हें और मजबूत बनाया और उन्होंने कहा कि सच और न्याय हमेशा जीतते हैं। फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट 71 दिन जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद शुक्रवार को रिहा हो गए। उदयपुर जेल कैंपस के बाहर मीडिया से बातचीत में विक्रम ने अपने जेल में बिताए समय और फ्रॉड केस पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह पॉजिटिव हैं और उन्हें भारतीय लीगल सिस्टम पर पूरा भरोसा है। जेल में बिताए 71 दिनविक्रम भट्ट को दिसंबर 2025 में मुंबई से राजस्थान पुलिस ने ₹30 करोड़ के फ्रॉड केस में गिरफ्तार किया था। इस केस में उन्हें और उनकी पत्नी को आरोपी बनाया गया था। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बेल दिए जाने के बाद दोनों को उदयपुर जेल से रिहा किया गया। जेल से बाहर आते ही विक्रम ने कहा, “मैंने ढाई महीने जेल में बिताए हैं। मुझे पूरा भरोसा था कि सच सामने आएगा। जेल में मेरा एक दोस्त बना जिसने मुझे मेवाड़ की मिट्टी के स्वभाव के बारे में बताया। उसने कहा कि मेवाड़ की मिट्टी में सच परेशान हो सकता है, लेकिन हार नहीं सकता। मैं उसी मिट्टी का तिलक लगाकर बाहर जा रहा हूं, यहाँ सच की हमेशा जीत होगी।” विक्रम ने जेल अनुभव को आध्यात्मिक नजरिए से भी देखा। उन्होंने कहा, “मैं भगवान कृष्ण का भक्त हूं। मैं उसी जगह पर रहा हूँ जहाँ भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। मैं पहले से दोगुना बेहतर बनकर बाहर आ रहा हूं। भगवान कृष्ण की तरह मुझे भी नई लड़ाई लड़नी है। मुझे इस देश के लीगल सिस्टम पर पूरा भरोसा है और जो भी न्याय होगा, वह सबके हित में होगा।” फ्रॉड केस की पृष्ठभूमिविक्रम भट्ट और उनकी पत्नी पर नवंबर 2025 में उदयपुर में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत करने वाले डॉ. अजय मुर्डिया ने आरोप लगाया कि भट्ट दंपति ने एक फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर ₹30 करोड़ से अधिक की राशि हड़प ली। शिकायत में कहा गया कि प्रोडक्शन हाउस ने चार फिल्मों के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन किए, लेकिन एग्रीमेंट के मुताबिक फिल्में प्रदान नहीं कीं और फंड का गलत इस्तेमाल किया। पुलिस ने अपनी जांच में यह पाया कि आरोपियों ने नकली बिल और दस्तावेज़ का इस्तेमाल कर पैसे निकालने की कोशिश की। हालांकि, विक्रम भट्ट ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा कि वे पूरी तरह निर्दोष हैं। अगले कदम और मीडिया प्रतिक्रियाजेल से रिहाई के बाद विक्रम ने मीडिया से कहा कि वे फिलहाल अपने फिल्म और प्रोडक्शन काम पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जेल का अनुभव उनके लिए सीख और आत्मनिरीक्षण का अवसर रहा। उनका कहना था कि मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, सच और न्याय हमेशा जीतते हैं। विक्रम भट्ट की यह कहानी न केवल फिल्म उद्योग में विवाद और कानूनी लड़ाई की मिसाल है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कठिनाइयों के बीच भी धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रपति भवन से हैदराबाद हाउस तक भारत ब्राजील रिश्तों को नई ऊंचाई देने की दिशा में निर्णायक वार्ता

नई दिल्ली का पारा शनिवार को कूटनीतिक गर्मी से चढ़ा रहा जब भारत और ब्राजील के प्रगाढ़ संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा का राष्ट्रपति भवन के भव्य प्रांगण में पूरे राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया गया। इस औपचारिक समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति लूला का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। राष्ट्रपति भवन में दी गई ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ और पारंपरिक औपचारिकताओं के बीच दोनों देशों के झंडे एक साथ लहराते हुए ग्लोबल साउथ की दो महाशक्तियों की अटूट मित्रता की गवाही दे रहे थे। औपचारिक स्वागत के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला दिल्ली के ऐतिहासिक हैदराबाद हाउस पहुंचे जहाँ दोनों नेताओं के बीच एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता का दौर शुरू हुआ। इस बैठक के केंद्र में व्यापार निवेश रक्षा ऊर्जा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र रहे। विशेष रूप से ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में राष्ट्रपति लूला की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दोनों देश केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं रहना चाहते बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य की डिजिटल तकनीकों में भी एक-दूसरे का हाथ थामने को तैयार हैं। राष्ट्रपति लूला की यह पांच दिवसीय18-22 फरवरी यात्रा केवल औपचारिकताओं तक सीमित नहीं है। उनके साथ ब्राजील के 14 कद्दावर मंत्रियों और शीर्ष कंपनियों के सीईओ का एक विशाल प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। यह दर्शाता है कि ब्राजील भारत के विशाल बाजार और बढ़ती आर्थिक ताकत को कितनी गंभीरता से ले रहा है। द्विपक्षीय वार्ता के अलावा दोनों देशों के बीच व्यापारिक संभावनाओं को तलाशने के लिए एक विशेष ‘बिजनेस फोरम’ का भी आयोजन किया जा रहा है जो आने वाले समय में निवेश के नए द्वार खोलेगा। इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति लूला और ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा से मुलाकात कर कूटनीतिक जमीन तैयार की। जयशंकर ने भरोसा जताया कि यह यात्रा ‘ग्लोबल गवर्नेंस’ और बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों की साझा आवाज को और बुलंद करेगी। राष्ट्रपति लूला की यह छठी भारत यात्रा न केवल उनके व्यक्तिगत लगाव को दर्शाती है बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि नई वैश्विक व्यवस्था में भारत और ब्राजील की रणनीतिक साझेदारी अब एक अपरिहार्य शक्ति बन चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साहित्यकार सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की जयंती पर किया नमन

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी साहित्य के छायावादी युग के महान कवि, कहानीकार एवं उपन्यासकार स्व. सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। डॉ. यादव ने कहा कि निराला जी ने अपनी सशक्त लेखनी से संवेदना, स्वाभिमान और सामाजिक चेतना को एक नई दिशा दी, और उनका साहित्य आज भी पाठकों को प्रेरणा देता है। उन्होंने साहित्य के मानवीय मूल्यों, साहस और सृजनशीलता को हमेशा महत्व दिया, जो आज के समय में भी प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री ने इस महान साहित्यकार के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि निराला की रचनाएँ जीवन के गूढ़ अनुभवों और समाज की संवेदनशीलता को उजागर करती हैं, जो आज के पाठकों और लेखकों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत बनी रहेंगी। इस अवसर पर डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा में निराला जी का स्थान विशेष है, और उनकी स्मृति को याद रखना और उनके विचारों को आगे बढ़ाना साहित्यिक जगत के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने साहित्य के महत्व पर बल देते हुए कहा कि साहित्य समाज को संवेदनशील बनाता है और उसके माध्यम से सामाजिक न्याय व मानवता के विचारों को और मजबूती मिलती है। उन्होंने स्व. निराला के जीवन और साहित्य को आदर्श बताते हुए कहा कि उन्होंने मानवीय मूल्यों, सहानुभूति और सकारात्मक दृष्टिकोण को अपने लेखन में प्रतिष्ठित किया, जो आज भी नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है।

PAK vs NZ सुपर-8: बारिश का खतरा, रद्द होने पर दोनों को 1-1 अंक

नई दिल्ली। आज शाम 7 बजे आर प्रेमदासा स्टेडियम में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सुपर-8 मुकाबला खेला जाएगा। लेकिन मौसम ने फैंस की खुशी में खलल डाल दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मैच के दौरान बारिश की संभावना बनी हुई है। टॉस के समय यानी 6:30 बजे तक हल्की बारिश की संभावना लगभग 30% है, जबकि मैच के दौरान 7 से 11 बजे तक 20% बारिश हो सकती है। रद्द होने पर क्या होगा?अगर बारिश के चलते मुकाबला रद्द होता है, तो नियम के अनुसार दोनों टीमों को 1-1 अंक मिलेंगे। वहीं जीतने वाली टीम सीधे 2 अंक लेकर तालिका में बढ़त बना सकती है। सुपर-8 राउंड में कोई रिजर्व डे नहीं है, इसलिए रद्द होने की स्थिति में दोनों टीमें तालिका में शुरुआती स्थान पर बनी रहेंगी। हेड टू हेड रिकॉर्ड भी रोमांचकइतिहास में यह दोनों टीमों का 50वां टी20 मैच होगा। अब तक 49 मुकाबलों में पाकिस्तान ने 24 और न्यूजीलैंड ने 23 बार जीत दर्ज की है। इतना करीबी रिकॉर्ड आज के मैच को और रोमांचक बना रहा है। रणनीति और डकवर्थ-लुईस नियमअगर हल्की बारिश आती है, तो मैच रद्द नहीं होगा, लेकिन खेल को पूरा करना मुश्किल हो सकता है। ऐसी स्थिति में डकवर्थ-लुईस नियम के तहत मैच खेला जा सकता है। दोनों टीमों के कप्तान और कोच बारिश की संभावना को देखते हुए अपनी रणनीति पहले से तैयार कर रहे हैं। तालिका पर असरसुपर-8 राउंड में हर मैच “करो या मरो” जैसा है। जीतने वाली टीम सीधे तालिका में बढ़त बनाएगी, जबकि हारने वाली टीम बिना अंक के पीछे रह जाएगी। रद्द होने पर दोनों टीमें बराबरी पर बनी रहेंगी। फैंस की निगाहें स्टेडियम और लाइव अपडेट्स पर टिकी रहेंगी, क्योंकि आज का मुकाबला सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं, बल्कि आगे की तालिका और सुपर-8 की तस्वीर तय करेगा।