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नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत की नई रणनीति क्या अभिषेक की जगह संजू संभालेंगे ओपनिंग की कमान

नई दिल्ली। अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है जहाँ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 के अपने पहले मैच में भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका से टकराएगी। ग्रुप स्टेज में अजेय रहकर यहाँ पहुँची टीम इंडिया का आत्मविश्वास तो बुलंद है लेकिन सलामी जोड़ी का फ्लॉप शो मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान के लिए चिंता का सबसे बड़ा सबब बन चुका है। सबसे ज्यादा नजरें युवा सनसनी अभिषेक शर्मा पर हैं, जो टूर्नामेंट से पहले टी20 रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज के तौर पर उभरे थे, लेकिन विश्व कप के मंच पर उनका बल्ला पूरी तरह खामोश है। लगातार तीन मैचों में ‘जीरो’ पर आउट होकर शर्मनाक रिकॉर्ड बनाने वाले अभिषेक इस समय गहरे मानसिक दबाव में हैं। अहमदाबाद की दूधिया रोशनी में शुक्रवार को हुए अभ्यास सत्र ने टीम इंडिया की नई रणनीति के संकेत दे दिए हैं। सूत्रों की मानें तो टीम प्रबंधन अब अभिषेक शर्मा की जगह अनुभवी संजू सैमसन को ईशान किशन के साथ ओपनिंग में उतारने का मन बना चुका है। अभ्यास के दौरान जहाँ गंभीर ने अभिषेक से लंबी बातचीत की, वहीं संजू सैमसन ने नेट पर घंटों पसीना बहाया। सैमसन की बल्लेबाजी में वह आत्मविश्वास और आक्रामकता दिखी, जिसकी तलाश भारतीय टीम को पावरप्ले में है। इसके अलावा, भारतीय बल्लेबाजी क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता को देखते हुए सैमसन (दाएं हाथ के बल्लेबाज) का शामिल होना टीम को एक जरूरी संतुलन भी प्रदान करेगा। संजू सैमसन को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौका देने के पीछे एक ठोस वजह उनके आंकड़े भी हैं। सैमसन ने प्रोटियाज टीम के खिलाफ खेले पिछले पांच टी20 मुकाबलों में दो शानदार शतक जड़े हैं और 190 से अधिक की विस्फोटक स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। यह रिकॉर्ड साफ करता है कि उन्हें दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की गति और उछाल पसंद है। सुपर-8 जैसे महत्वपूर्ण मोड़ पर टीम इंडिया किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहेगी। अब देखना यह है कि क्या गंभीर युवा प्रतिभा पर एक और दांव लगाते हैं या फिर आंकड़ों और अनुभव को तरजीह देते हुए सैमसन को ‘मैदान-ए-जंग’ में उतारते हैं।

एमपी मतदाता सूची का शुद्धिकरण: 42 लाख नाम कटे, आज जारी होगी अंतिम लिस्ट; भोपाल में सबसे बड़ा फेरबदल

भोपाल । मध्य प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास में मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर चलाया गया अब तक का सबसे बड़ा अभियान अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण SIR के बाद आज 21 फरवरी 2026 को प्रदेश की अंतिम फोटो युक्त मतदाता सूची का प्रकाशन किया जा रहा है। 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर तैयार की गई इस सूची में राज्य के चुनावी डेटा को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने का प्रयास किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया की सबसे चौंकाने वाली तस्वीर यह है कि प्रदेश भर में करीब 42 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं जो राज्य की कुल आबादी और मतदाता अनुपात के लिहाज से एक बड़ा आंकड़ा है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य उन नामों को हटाना था जो अब मतदान के पात्र नहीं रह गए थे। निर्वाचन आयोग के अनुसार हटाए गए 42 लाख नामों में वे लोग शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है जो लंबे समय से अनुपस्थित हैं या अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं। इसके अलावा डुप्लिकेट एंट्रीज यानी एक ही मतदाता के दो जगह नाम होने की समस्या को भी इस बार तकनीक और जमीनी सत्यापन के जरिए सख्ती से खत्म किया गया है। जहाँ एक तरफ नामों की छंटनी हुई वहीं लोकतंत्र के इस उत्सव में नए साथियों को जोड़ने का काम भी जारी रहा। प्रदेश भर से नए नाम जोड़ने के लिए लगभग 1 लाख 69 हजार 573 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से पात्र युवाओं और नागरिकों को अंतिम सूची में जगह दी गई है। इस पुनरीक्षण प्रक्रिया का सबसे व्यापक और गहरा असर राजधानी भोपाल में देखने को मिला है। भोपाल की सात विधानसभा सीटों पर करीब 3.80 लाख से लेकर 4.38 लाख तक नाम मतदाता सूची से बाहर हुए हैं। विशेषकर गोविंदपुरा और नरेला जैसे सघन आबादी वाले क्षेत्रों में लगभग 2 लाख वोटरों के नाम हटे हैं। इसी तरह भोपाल मध्य दक्षिण-पश्चिम और हुजूर विधानसभा क्षेत्रों में भी भारी कटौती की गई है जबकि बैरसिया में यह प्रभाव अन्य क्षेत्रों की तुलना में थोड़ा कम रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में नामों का कटना आगामी चुनावों के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है। प्रक्रिया की बात करें तो इसकी शुरुआत दिसंबर 2025 में ड्राफ्ट प्रकाशन के साथ हुई थी जिसमें शुरुआती तौर पर 42.74 लाख संदिग्ध नामों की पहचान की गई थी। इसके बाद जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान दावा-अपत्ति का दौर चला जिसमें राजनीतिक दलों ने अपनी सक्रियता दिखाई और आम जनता ने भी अपने दस्तावेजों को दुरुस्त करवाया। आज यानी 21 फरवरी को सभी आपत्तियों के निराकरण के बाद अंतिम सूची का डिजिटल और फिजिकल प्रकाशन किया जा रहा है। नागरिक अब सीधे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी CEO मध्य प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट ceoelection.mp.gov.in पर जाकर अपना नाम देख सकते हैं।

पीएम मोदी करेंगे इजरायल दौरा, एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल समेत कई हथियारों पर हो सकती है डील

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 फरवरी को दो दिन के इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरे का उद्देश्य भारत और इजरायल के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना है। दोनों देश मिलकर नई रक्षा तकनीक और सुरक्षा प्रणाली पर काम बढ़ाना चाहते हैं। दौरे में सुरक्षा सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन होने की उम्मीद है। हालांकि, कोई बड़ा रक्षा सौदा इस दौरे में साइन नहीं होगा, क्योंकि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही जारी है। आने वाले वर्षों में यह सहयोग करीब 10 अरब डॉलर का माना जा रहा है। नई रक्षा तकनीक पर फोकसएक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल भारत को नई रक्षा तकनीक देने के लिए तैयार है, जिसमें लेजर आधारित डिफेंस सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इस बार इजरायल ऐसी तकनीक भी साझा कर सकता है, जो उसने पहले नहीं दी थी। भारत और इजरायल मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम कर सकते हैं। यह भारत के मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों से बचाना है। इजराइल के पास एरो, डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसे मजबूत रक्षा सिस्टम हैं। लंबी दूरी के हथियारों की खरीदभारत लंबी दूरी की मिसाइलें और ऐसे ड्रोन खरीदने पर भी विचार कर रहा है, जो दुश्मन की सीमा के अंदर तक मार कर सकें। भारत पहले भी रैंपेज मिसाइल और अन्य हथियारों का उपयोग कर चुका है। नौसेना भी अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए बराक मिसाइल सिस्टम के नए वर्जन को खरीदने पर विचार कर रही है। अन्य क्षेत्रों में सहयोगरक्षा के अलावा दोनों देश विज्ञान, खेती, साफ पानी और नई तकनीक जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग पर भी बातचीत करेंगे। पीएम मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच अच्छे संबंध माने जाते हैं। दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ एक जैसी सोच रखते हैं और इस दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद है।

भिंड में भीषण सड़क हादसा: नेशनल हाइवे-719 पर बस और कार की आमने-सामने टक्कर, 5 की मौत, 7 घायल

भिंड । मध्य प्रदेश के भिंड जिले से आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर आई है। नेशनल हाइवे-719 पर तेज रफ्तार बस और एक ईको कार के आमने-सामने की भीषण टक्कर में 5 लोगों की मौत हो गई और 7 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के निकट छींमका गांव के पास देर रात लगभग 2:30 बजे हुआ। कैसे हुआ हादसापुलिस के अनुसार ग्वालियर से भिंड की ओर जा रही ईको वैन में सवार लोग अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान भिंड से ग्वालियर की ओर जा रही तेज़ रफ्तार बस ने उन्हें सीधे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए और कई लोग उसमें ही फंस गए। हादसे की प्रारंभिक जांच में तेज़ रफ्तार और चालक की लापरवाही को मुख्य कारण बताया जा रहा है। घटनास्थल पर भावुक नज़ारा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद घटना स्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग और पुलिस ने मिलकर घायल यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। कई शव वैन के अंदर फँसे हुए थे जिन्हें बाहर निकालने में कठिनाई हुई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू किया। मृतकों और घायलों की स्थितिचार लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी जबकि एक यात्री ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सभी घायलों को सबसे पहले भिंड जिला अस्पताल ले जाया गया जिनमें से कुछ को गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर किया गया है। पुलिस ने अब तक दो मृतकों की पहचान की है: अतुल शिवहरे फूप निवासी और जगदीश भदौरिया स्योड़ा गाँव अकोड़ा निवासी जबकि अन्य लोगों की पहचान जारी है। राहत और यातायात हादसे की सूचना पर लागातार पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायल यात्रियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। हादसे के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात बाधित रहा लेकिन पुलिस ने वाहनों को हटाकर सड़क को फिर से चालू कराया। स्थानीय लोगों की शिकायत स्थानीय लोगों का कहना है कि NH-719 पर अंधे मोड़ और तेज़ रफ्तार वाहनों के कारण इलाके में अक्सर दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। वे वर्षो से सड़क चौड़ीकरण स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेतों की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नेशनल हाईवे-719 पर बस और ईको वैन की आमने-सामने टक्कर कुल 5 लोगों की मौत 7 गंभीर रूप से घायल हादसा गोहद चौराहा थाना क्षेत्र फाति रात 2:30 बजे चालक की तेज़ रफ्तार और अंधे मोड़ को कारण बताया जा रहा है

सितारों की चाल: इस हफ्ते शुक्र और गुरु बनाएंगे बिगड़े काम, जानें आपकी लव लाइफ के लिए क्या कहते हैं सितारे!

नई दिल्ली। मेषAries :इस सप्ताह आपके प्रेम जीवन में गजब का उत्साह रहेगा। अगर आप सिंगल हैं, तो किसी खास से बात शुरू हो सकती है, लेकिन भावनाओं में बहकर जल्दबाजी न करें। सप्ताह के मध्य में अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, वरना छोटी सी गलतफहमी विवाद बन सकती है। वीकेंड डिनर या छोटी यात्रा के लिए बेहतरीन है। वृषTaurusआपके लिए यह सप्ताह स्थिरता और मधुरता लेकर आया है। रिश्तों में भरोसा मजबूत होगा और विवाह योग्य जातकों की बात आगे बढ़ सकती है। जिद से बचें, विशेषकर वैवाहिक जीवन में। सप्ताह के अंत में पार्टनर की ओर से कोई सुखद सरप्राइज मिल सकता है। मिथुनGeminiसंवादCommunication ही इस हफ्ते आपके रिश्ते की जान है। पार्टनर से खुलकर बात करें ताकि पुराने भ्रम दूर हों। सोशल मीडिया के जरिए सिंगल लोगों को नया साथी मिल सकता है। जल्दबाजी में वादे न करें, पारदर्शिता बनाए रखें। कर्कCancerभावनात्मक गहराई वाला सप्ताह है। पार्टनर की जरूरतों को समझने से रिश्ता और गहरा होगा। सिंगल लोगों को परिवार की ओर से कोई अच्छा रिश्ता मिल सकता है। पुरानी कड़वी यादों को वर्तमान पर हावी न होने दें। सप्ताहांत साथ बिताने के लिए शुभ है। सिंहLeoआपका आकर्षण इस हफ्ते चरम पर रहेगा। आप अपने व्यक्तित्व से पार्टनर का दिल जीत लेंगे। हालांकि, अपने ‘ईगो’ या प्रभुत्व जमाने की कोशिश से बचें, वरना टकराव हो सकता है। साथी की सराहना करना आपके रिश्ते में गर्माहट लाएगा। कन्याVirgoरिश्तों में व्यवहारिकता की परीक्षा होगी। छोटी-मोटी नोकझोंक संभव है, लेकिन समझदारी से मामला सुलझ जाएगा। कार्यस्थल पर कोई आपको आकर्षित कर सकता है। ज्यादा विश्लेषणOver-analysis करने से बचें और भावनाओं को संतुलित रखें। तुलाLibraप्रेम में संतुलन बनाए रखना इस हफ्ते की प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर मन में कोई शिकायत है, तो शांति से चर्चा करें। सप्ताहांत काफी रोमांटिक रहने वाला है। अपेक्षाएं कम रखें तो ज्यादा सुखी रहेंगे। आपसी सहयोग से नई ऊर्जा आएगी। वृश्चिकScorpioभावनाओं की तीव्रता अधिक रहेगी। पार्टनर के साथ दिल की बात साझा करने का यह सही समय है। सिंगल लोगों को अचानक किसी के प्रति आकर्षण महसूस हो सकता है। शक करने की आदत से बचें, ईमानदारी और पारदर्शिता ही रिश्ते को बचाएगी। धनुSagittariusआप अपनी आजादी और प्रेम के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश करेंगे। यात्रा के दौरान किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। समय की कमी पार्टनर की शिकायत का कारण बन सकती है। स्पष्ट संवाद और सकारात्मक सोच से रिश्ते में ताजगी रहेगी। मकरCapricornयह सप्ताह गंभीर फैसलों का है। पार्टनर के साथ भविष्य या शादी की योजना बना सकते हैं। काम का बोझ प्रेम जीवन पर भारी पड़ सकता है, इसलिए साथी को महत्व देना न भूलें। सप्ताहांत में रिश्तों में स्थिरता आएगी। कुंभAquariusरिश्ते में कुछ नया और रचनात्मक करने की सोचेंगे। किसी पुराने दोस्त के प्रति प्रेम की भावना जाग सकती है। मध्य सप्ताह में थोड़ी भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है, जिसे खुले संवाद से दूर किया जा सकता है। विश्वास बनाए रखें। मीनPiscesमीन राशि वालों के लिए यह सप्ताह सबसे ज्यादा रोमांटिक रहने वाला है। पुरानी दोस्ती प्यार में बदल सकती है। कल्पनाओं की दुनिया से बाहर निकलें और हकीकत में भावनाएं व्यक्त करें। सप्ताहांत में कोई बड़ा प्रस्ताव या सरप्राइज आपकी खुशी बढ़ा सकता है।

भोपाल में भाजपा का हल्ला बोल: यूथ कांग्रेस के 'अर्धनग्न' हंगामे के खिलाफ भाजपा युवा मोर्चा घेरेगा कांग्रेस दफ्तर

भोपाल । मध्य प्रदेश दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में युवा कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर मध्य प्रदेश में सियासी पारा चढ़ गया है। भाजपा युवा मोर्चा ने आज दोपहर 2 बजे भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय PCCके घेराव का ऐलान किया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर ‘अर्धनग्न प्रदर्शन कर न केवल प्रधानमंत्री का अपमान किया बल्कि पूरी दुनिया में भारत की छवि को भी नुकसान पहुँचाया है। क्या है पूरा विवाद? दिल्ली में चल रहे AI समिट के आखिरी चरण में शुक्रवार 20 फरवरी को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अचानक अपनी टी-शर्ट उतारकर ‘शर्टलेस प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने पीएम समझौता वादी हैं और भारत-अमेरिका व्यापार सौदे भारत-अमेरिका व्यापार समझौता के खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार भारतीय डेटा और पहचान को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के हाथों बेच रही है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में करीब 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। भाजपा का राष्ट्र विरोधी प्रहार भाजपा ने इस कृत्य को चरित्रहीन और बुद्धिहीन राजनीति करार दिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जो खुद इस समिट में भाग लेने दिल्ली पहुँचे थे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब दुनिया भारत की तकनीकी प्रगति की तारीफ कर रही है तब कांग्रेस का ऐसा व्यवहार उसकी ‘राष्ट्र विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने इसे ‘अर्बन नक्सल वाली विचारधारा करार दिया।भोपाल में प्रदर्शन की रूपरेखा भारतीय जनता युवा मोर्चा BJYM के नेतृत्व में आज भोपाल के शिवाजी चौराहा स्थित कांग्रेस दफ्तर का घेराव किया जाएगा। प्रमुख मांग भाजपा कार्यकर्ताओं की मांग है कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व इस ‘ओछी हरकत के लिए देश से माफी मांगें। बड़ी भागीदारी प्रदर्शन में भोपाल के अलावा सीहोर विदिशा रायसेन और नर्मदापुरम जैसे आसपास के जिलों के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। सुरक्षा प्रदर्शन को देखते हुए कांग्रेस दफ्तर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और बैरिकेडिंग की गई है। विवाद के दो पहलू पक्षकांग्रेस का तर्कभाजपा का पलटवारमुद्दाभारत-अमेरिका ट्रेड डील और डेटा सुरक्षा।वैश्विक मंच पर भारत की छवि खराब करना।नारा’प्रधानमंत्री समझौतावादी हैं AI का मतलब भारत विरोधी है कांग्रेस के लिए एक्शन हम डराने वाले नहीं युवाओं की आवाज हैं। यह अराजकता और देश की प्रगति से चिढ़ है।”

ARTO भर्ती में बड़ा घपला: 13 पदों पर 26 अभ्यर्थियों का चयन, CAG रिपोर्ट में विभाग की चूक उजागर

ग्वालियर । मध्य प्रदेश में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक सीएजी ने परिवहन विभाग की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है। ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ARTO के 13 पदों की भर्ती प्रक्रिया में 26 अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया जो नियमों के मुताबिक नहीं होना चाहिए था। यह पुरानी गड़बड़ी करीब 10 साल पुरानी सामने आई है और इसके लिए विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2014 में 13 पदों की मांग भेजी गई थी और उसी आधार पर परीक्षा आयोजित कर अगस्त 2016 में 13 अभ्यर्थियों की अनुशंसा की गई। दिसंबर 2016 में इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति भी दे दी गई। हालांकि इसी बीच सितंबर 2014 में 13 पदों की मांग फिर से भेजे जाने से परीक्षा पुनः आयोजित कर दी गई और दिसंबर 2016 में 13 और अभ्यर्थियों की अनुशंसा कर दी गई। लेकिन इस दूसरी अनुशंसा पर कभी नियुक्ति नहीं दी गई। बाद में मामला कोर्ट तक जा पहुंचा। 2018 में शासन ने परिवहन विभाग के 19 पदों में से 9 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी लेकिन इस प्रक्रिया ने भर्ती की विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़े कर दिए। CAG की रिपोर्ट स्पष्ट तौर पर कहती है कि भर्ती के लिए भेजे गए दावों और मांग पत्रों की जांच का कोई ठोस तंत्र नहीं था जिसके चलते विभाग द्वारा एक ही पद के लिए दो अलग-अलग मांग भेजे जाने के बावजूद दोनों चयन प्रक्रियाएं आगे बढ़ गईं। यह एक गंभीर चूक और व्यवस्था की विफलता है। ऑडिट में यह भी संकेत मिला है कि एमपीपीएससी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग तथा विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण भी यह स्थिति उत्पन्न हुई जहाँ मांगों की वैधता और भर्ती के नियमानुसार परिणाम सुनिश्चित करने में दोनों पक्ष विफल रहे। CAG ने कहा कि विभाग और आयोग के अंदर आंतरिक नियंत्रण प्रणाली कमजोर थी और इस वजह से भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आईं। विशेष रूप से रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि बजाय कि पदों की संख्या यथावत रखी जाए भर्ती प्रक्रिया में दोगुनी संख्या 26 चयन हो गई जिससे चयन प्रक्रिया के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। CAG ने भर्ती की पद्धति और दस्तावेज़ों की समीक्षा के लिए ठोस तंत्र ना होने को एक बड़ी चूक बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ियों से भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भारी असर पड़ता है खासकर युवा उम्मीदवारों के भरोसे को कमजोर करता है। विभाग की तरफ से इस मामले पर फिलहाल कोई विस्तृत बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन CAG की रिपोर्ट के बाद इस भर्ती प्रक्रिया की जांच और स्पष्टता की मांग बढ़ती दिखाई दे रही है।

खजुराहो नृत्य समारोह हमारी राष्ट्रीय धरोहर : मुख्यमंत्री डॉ यादव

भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह हमारी राष्ट्रीय धरोहर है। खजुराहो ऐसा स्थान है जहां पत्थरों में प्राण होते हैं। खजुराहो में स्थित कंदरिया महादेव मंदिर, चतुर्भुज मंदिर, वामन मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर, पार्वती मंदिर सहित देवालयों के परिवार विद्यमान हैं। शौर्य और रत्नों की धरती में कलाओं का संगम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व धरोहर स्थल खजुराहो में शुक्रवार को प्रारंभ हुए शास्त्रीय नृत्यों के 7 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोह को आज वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आदि संस्कृति के साथ सनातन संस्कृति को जोड़ने की दिशा में आह्वान किया है। मध्यप्रदेश सरकार विविध कलाओं के विकास के लिये प्रतिबद्ध है। इसलिए मध्यप्रदेश के बजट में संस्कृति विभाग की गतिविधियों के लिये भी राशि में वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खजुराहो नृत्य समारोह में पधारे शीर्ष नृत्य कलाकारों और नृत्य शैलियों के प्रतिनिधियों का स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय धरोहर है। इस वर्ष 52वाँ खजुराहो नृत्य समारोह भगवान नटराज को समर्पित किया गया है, जिसके लिये संस्कृति विभाग बधाई का पात्र है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह का आयोजन भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को देव नटेश भगवान शिव से जोड़ने का यह अनूठा प्रयास है। मध्यप्रदेश में पधारने वाले कला साधक पुन: यहां आना चाहते हैं। शुभारंभ अवसर पर संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (राज्य मंत्री) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी और सांसद खजुराहो श्री वी.डी. शर्मा सहित अन्य उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने चार पुस्तकों का विमोचन भी किया। इन पुस्तकों में नटराज — भगवान शिव के नृत्य मुद्रा के करण, खजुराहो एवं नृत्य समारोह केंद्रित कॉफी टेबल बुक, बुंदेली — इतिहास, संस्कृति और गौरव, बुन्देलखण्ड — मध्यप्रदेश की अमूल्य विरासत सम्मिलित थी। उल्लेखनीय है कि संस्कृति विभाग एवं उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, नागपुर, मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन — छतरपुर के सहयोग से सात दिवसीय प्रतिष्ठापूर्ण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, संस्कृति विभाग श्री शिवशेखर शुक्ला, संचालक संस्कृति श्री एन.पी. नामदेव, कलेक्टर छतरपुर श्री पार्थ जायसवाल एवं उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक श्री प्रकाश सिंह ठाकुर भी उपस्थित रहे। शुभारंभ दिवस पर पहली प्रस्तुति संगीत नाटक अकादमी अवॉर्डी सुश्री मैत्रेयी पहाड़ी एवं साथी, दिल्ली द्वारा कथक नृत्य की हुई। सुविख्यात नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी ने ”प्रतिष्ठा : शाश्वत तत्वों का आह्वान” नृत्यनाटिका की प्रस्तुति दी। यह आह्वान पंचतत्व — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश — को समर्पित है, वही शक्तियाँ जो जीवन और सृष्टि को धारण करती हैं। मृदुल गतियों और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के माध्यम से नर्तक—नृत्यांगनाएं इन शाश्वत तत्वों को साकार करते हैं, जो संतुलन, ऊर्जा और सामंजस्य का प्रतीक हैं। इस पवित्र आरंभ से यात्रा धीरे-धीरे भगवान कृष्ण की दिव्य उपस्थिति की ओर ले जाती है — धर्म, प्रेम और करुणा के शाश्वत पथप्रदर्शक, जो प्रत्येक तत्व और प्रत्येक हृदय में विद्यमान हैं। स्वप्न में शिव के अनेक रूप कथक के शास्त्र के पश्चात चेन्नई की सुश्री अनुराधा वेंकटरमन ने भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुति का प्रारंभ मंगलाचरण से किया, जिसमें उन्होंने स्वप्न में भगवान शिव के भव्य प्रवेश का दृश्य प्रस्तुत किया। यह रचना ललगुड़ी आर. श्रीगणेश द्वारा राग हंसध्वनि और आदि ताल में संयोजित की गई है। इस प्रस्तुति में नायिका अपने स्वप्न में शिव को विभिन्न रूपों में देखती है। इस खंड के पद गोस्वामी तुलसीदास की काव्य रचनाओं से लिए गए हैं, जिन्हें दीप्थि श्रीनाथ ने संगीतबद्ध किया है। “चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्” अगले क्रम में सुश्री शुभदा वरडाकर, भुवनेश्वर की ओडिसी नृत्य प्रस्तुति हुई। उनकी प्रस्तुति का शीर्षक अभेदम् था। जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के अद्वैत वेदान्त से प्रेरितअभेदम् आचार्य आदि शंकराचार्य के अद्वैत वेदान्त की गहन अद्वैत दर्शन-परंपरा का अन्वेषण करता है, जो आत्मा और परमात्मा की मूलभूत एकता की उद्घोषणा करती है। नृत्य प्रस्तुतियों में आज 52वाँ खजुराहो नृत्य समारोह में दूसरे दिन 21 फरवरी, 2026 को सायं 6:30 बजे से श्री विश्वदीप, दिल्ली का कथक, श्री प्रभात मेहतो, झारखंड का छाऊ एवं सुश्री अक्मारल काइना रोवा, कजाकिस्तान का भरतनाट्यम नृत्य होगा।

जेल की सलाखों के पीछे राजपाल यादव: छलका दर्द, बताया परिवार से दूरी और सुबह का वो अनुशासन था सबसे कठिन!

नई दिल्ली। / मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव, जो अपनी बेमिसाल कॉमेडी के लिए जाने जाते हैं, पिछले कुछ समय से कानूनी मुश्किलों के दौर से गुजर रहे थे। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में जेल की सजा काटने के बाद अब उन्हें बेल मिल गई है। जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव सीधे अपनी पत्नी राधा यादव के साथ उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर पहुंचे, जहां वे अपनी भतीजी की शादी के जश्न में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से खुलकर बात की और जेल के उन दिनों को याद किया जो उनके जीवन का सबसे कठिन समय रहा। राजपाल ने बताया कि जेल की चाहरदीवारी के भीतर उनके लिए सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण क्या था और उन्होंने खुद को मानसिक रूप से कैसे संभाले रखा। राजपाल यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जेल में उनके लिए सबसे मुश्किल घड़ी अपने परिवार से दूर रहना था। अपनों की कमी उन्हें हर पल खलती थी, लेकिन इस स्थिति से निपटने के लिए उन्होंने एक कड़ा अनुशासन अपनाया। उन्होंने बताया, “सबसे कठिन हिस्सा परिवार की दूरी थी। इसके अलावा, मैंने वहां के रूटीन को स्वीकार कर लिया था। मैं हर सुबह जल्दी उठ जाता था, ब्रीदिंग एक्सरसाइज करता था और अपना मानसिक संतुलन बनाए रखने की पूरी कोशिश करता था।” राजपाल का मानना है कि ऐसे वक्त में खुद को शांत रखना ही सबसे बड़ी जीत है। कानूनी लड़ाई पर बात करते हुए राजपाल ने स्पष्ट किया कि यह मामला पिछले कई वर्षों से चल रहा है और उन्होंने इसे हमेशा कानूनी तरीके से ही हल करना उचित समझा। उनकी पत्नी राधा यादव ने भी इस मुश्किल घड़ी में उनका पूरा साथ दिया। राधा ने कहा कि वे अभी हर स्थिति को ‘एक समय पर एक कदम’ के सिद्धांत के साथ डील कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समाधान केवल हमारी इच्छाशक्ति पर नहीं, बल्कि समय पर भी निर्भर करता है। इस कठिन समय में राजपाल यादव को फिल्म इंडस्ट्री से जो प्यार और समर्थन मिला, उसके लिए वे बेहद शुक्रगुजार हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास और सम्मान उनके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है, जिसने उन्हें टूटने नहीं दिया।

मंदसौर में हुआ देश का पहला भारत सरसों संगम 2026 का आयोजन

मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के ग्राम कनघट्टी में शुक्रवार को देश के पहले भारत सरसों संगम का आयोजन किया गया। सरसों की समृद्धि और किसानों की उन्नति को समर्पित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में 1500 से अधिक किसानों ने भाग लिया। वहीं देश की कृषि क्षेत्र अग्रणी कंपनियों एवं संस्थाओं ने अपने स्टॉल लगाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, पोषक तत्व प्रबंधन, जैविक व पुनयोर्जी कृषि पद्धतियों तथा बाजार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं कलेक्टर अदिती गर्ग ने किसानों और आयोजन से जुड़ी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए किसानों को पुनयोर्जी कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरसों जैसी तिलहनी फसलों का विस्तार न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस अवसर पर दी सोल्व एक्सट्रोक्ट्रस एसोसिएशन आफ इंडिया के चेयरमैन डॉ. बी. वी. मेहता ने संबोधित करते हुए संचालित पुनयोर्जी सरसों कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में खाद्य तेल की मांग तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में सरसों उत्पादन को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से उन्नत तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया। वहीं जिला उप संचालक कृषि रवींद्र मोदी ने कृषि क्षेत्र में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, कृषि यंत्रीकरण अनुदान, सूक्ष्म सिंचाई योजना एवं तिलहन प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए किसानों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। संगम में लगाए गए स्टॉल किसानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यहां उन्नत सरसों बीज, जैव उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व, ड्रिप सिंचाई तकनीक, मृदा परीक्षण, कीट प्रबंधन, फसल बीमा और बाजार लिंकज जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं के समाधान प्राप्त किए और आधुनिक खेती की नई तकनीकों को समझा। इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें केवल मंदसौर ही नहीं, बल्कि रतलाम और नीमच जिलों के साथ-साथ हरियाणा एवं राजस्थान से भी बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। विभिन्न राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि पुनयोर्जी सरसों मॉडल से उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण में भी सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।