पहले खुद देख लो कितने पानी में हो…’ ट्रोलर्स पर भड़के शाहिद कपूर, बोले– नेगेटिविटी इंसिक्योरिटी से आती है

नई दिल्ली । बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर इन दिनों अपनी फिल्म ओ रोमियो को लेकर लगातार चर्चा में हैं। विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी यह फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और भले ही इसकी ओपनिंग धीमी रही लेकिन वीकडेज में फिल्म ने रफ्तार पकड़ ली है। फिल्म में शाहिद के साथ Triptii Dimri लीड रोल में नजर आ रही हैं। ट्रेलर रिलीज के बाद से ही फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा थी और अब शाहिद की परफॉर्मेंस को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। इसी बीच एक इंटरव्यू में ट्रोलिंग को लेकर दिए गए उनके बयान ने सुर्खियां बटोर ली हैं। हाल ही में शो द राइट एंगल में बातचीत के दौरान शाहिद ने ट्रोलिंग पर बेबाक राय रखी। जब उनसे पूछा गया कि वह सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचना और ट्रोलिंग से कैसे निपटते हैं तो उन्होंने साफ कहा कि यह कहना गलत होगा कि इन बातों का कोई असर नहीं पड़ता। उनके मुताबिक जो लोग कहते हैं कि ट्रोलिंग से फर्क नहीं पड़ता वे खुद को गलतफहमी में रख रहे हैं। नेगेटिव बातें असर डालती हैं और इसे नकारना खुद को खतरनाक स्थिति में डालना है। शाहिद ने आगे कहा कि इंसान को सिर्फ बाहरी तारीफ या वैलिडेशन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने समझाया कि यह जानना जरूरी है कि आप खुद अपने काम को लेकर कैसा महसूस करते हैं लेकिन साथ ही दर्शकों की भावना को समझना भी उतना ही अहम है। उनका मानना है कि कलाकार और ऑडियंस के बीच कनेक्शन बनाए रखने के लिए संतुलन जरूरी है। ट्रोलर्स को लेकर शाहिद ने कड़े शब्दों में कहा आपके बोलने की औकात होनी चाहिए तभी मुंह खोलना चाहिए। पहले खुद देख लो आप कितने पानी में हो फिर बात करो। उन्होंने बताया कि यह सीख उन्हें बचपन से मिली है। बड़े कलाकारों के बीच पले-बढ़े शाहिद ने कहा कि पहले लोग बिना वजह टिप्पणी करने से बचते थे लेकिन आज सोशल मीडिया के दौर में हर किसी को बिना सोचे-समझे बोलने की आदत हो गई है। उन्होंने नेगेटिविटी को इंसिक्योरिटी से जोड़ते हुए कहा कि जो लोग लगातार नकारात्मक बातें करते हैं वे अंदर से असुरक्षित डरे हुए या दुखी हो सकते हैं। अगर इतनी नेगेटिविटी बाहर आ रही है तो यह दिखाता है कि उनके अंदर की दुनिया कितनी परेशान है शाहिद ने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जरूरी है कि इंसान खुद को पॉजिटिव रखे और गिरकर दोबारा खड़े होने की ताकत बनाए रखे। उनके शब्दों में एक अच्छा फाइटर वही है जो चोट लगने के बाद फिर उठ खड़ा हो। ओ रोमियो शाहिद और विशाल भारद्वाज की साथ में चौथी फिल्म है। इससे पहले दोनों कमीने हैदर और रंगून जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। इस फिल्म में नाना पाटेकर फरीदा जलाल दिशा पटानी और तमन्ना भाटिया जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म को आईएमडीबी पर 6.4 की रेटिंग मिली है और दर्शकों की प्रतिक्रिया लगातार बेहतर होती दिख रही है।
देश का विदेशी मुद्रा भंडार उच्चतम स्तर पर पहुंचा… खजाने में पहली बार आए 725 अरब डॉलर

नई दिल्ली। इकोनॉमी के मोर्चे पर एक अच्छी खबर है। दरअसल, देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Country’s Foreign Exchange Reserves) 13 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 8.66 अरब डॉलर बढ़कर 725.72 अरब डॉलर के अपने उच्चतम स्तर (Highest Level) पर पहुंच गया। यह विदेशी मुद्रा भंडार का ऑल टाइम हाई है। इससे पहले का सर्वोच्च स्तर जनवरी में 723.774 अरब डॉलर का रहा था। छह फरवरी को समाप्त सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 6.71 अरब डॉलर घटकर 717.06 अरब डॉलर रह गया था। क्या कहते हैं आंकड़े?भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) (Reserve Bank of India – RBI) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक 13 फरवरी को समाप्त सप्ताह में मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा माने जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 3.55 अरब डॉलर बढ़कर 573.60 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर के रूप में व्यक्त की जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में घट-बढ़ के प्रभाव शामिल होते हैं। रिजर्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार यानी गोल्ड रिजर्व का मूल्य 4.99 अरब डॉलर बढ़कर 128.46 अरब डॉलर हो गया। केंद्रीय बैंक ने बताया कि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 10.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.92 अरब डॉलर हो गया। आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित भंडार भी 1.9 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.734 अरब डॉलर हो गया। रुपया हुआ कमजोरविदेशी मुद्रा भंडार के ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब रुपया एक बार फिर कमजोर होता नजर आ रहा है। अमेरिका-ईरान के परस्पर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 26 पैसे टूटकर 90.94 पर बंद हुआ। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में तेजी का रुख भी रुपये को समर्थन देने में विफल रहा। इस पर अमेरिका और ईरान के बीच आने वाले दिनों में जंग छिड़ने की बनती स्थिति का विशेष प्रभाव रहा। बता दें कि बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया चार पैसे बढ़कर 90.68 पर बंद हुआ था। वहीं, गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के कारण विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार बंद था। इस बीच, विश्व की छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत बढ़कर 97.86 पर कारोबार कर रहा था। क्या कहते हैं एक्सपर्ट?मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत डॉलर के कारण रुपये में गिरावट आई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी घरेलू मुद्रा पर दबाव डाला। हालांकि, घरेलू बाजारों की तेजी ने गिरावट को कम किया। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर के मजबूत होने के कारण रुपया थोड़े नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा।
इंडिया-US ट्रेड डील पर अंतिम दौर में.. पीयूष गोयल बोले-मार्च में समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना

नई दिल्ली। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शुक्रवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौतों (India-America Trade Agreements) को लेकर कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच एक ‘अंतरिम व्यापार समझौते’ पर इस साल मार्च में हस्ताक्षर होने की प्रबल संभावना है और इसे अप्रैल के महीने से पूरी तरह लागू (ऑपरेशनल) कर दिया जाएगा। भारत-अमेरिका व्यापार समझौताइस समझौते के कानूनी मसौदे (लीगल टेक्स्ट) को अंतिम रूप देने के लिए 23 फरवरी से अमेरिका में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक शुरू होने जा रही है। गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर यह स्पष्ट कर दिया था कि इस अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पहले ही तय कर ली गई है। समझौते की प्रमुख शर्तों में कहा गया है कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं एवं अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या घटाएगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं। साथ ही भारत ने अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने तथा ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। ‘समृद्ध भविष्य की राह’ शीर्षक वाले खंड में कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी जनता के हितों को आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच बढ़ा रहे हैं। साथ ही आर्थिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए शुल्क एवं गैर-शुल्क बाधाओं को कम कर रहे हैं। इसमें कहा गया- भारत ने दुनिया की किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में अमेरिका पर सबसे अधिक शुल्क बनाए रखे हैं, जहां कृषि उत्पादों पर औसतन 37 प्रतिशत तक और कुछ वाहनों पर 100 प्रतिशत से अधिक शुल्क है। भारत का इतिहास अत्यधिक संरक्षणवादी गैर-शुल्क बाधाएं लगाने का भी रहा है जिनके कारण अमेरिका के कई निर्यात भारत में प्रतिबंधित रहे हैं।’ दस्तावेज के अनुसार- आने वाले हफ्तों में अमेरिका और भारत इस ढांचे को शीघ्र लागू करेंगे और अमेरिकी श्रमिकों तथा कारोबार के लिए लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पारस्परिक रूप से लाभकारी बीटीए को अंतिम रूप देने की दिशा में अंतरिम समझौते पर काम करेंगे।’ ब्रिटेन और ओमान के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA): केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यह भी जानकारी दी कि केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन (UK) और ओमान के साथ भी भारत के बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) अप्रैल महीने में लागू होने की पूरी उम्मीद है। न्यूजीलैंड के साथ समझौता: इसके अलावा, भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले व्यापार समझौते के भी इसी साल सितंबर महीने तक लागू होने की संभावना जताई गई है। इन सभी व्यापारिक समझौतों के लागू होने से भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को एक नई गति मिलने और निर्यात के क्षेत्र में बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल हुआ भारत..अमेरिका से नजदीकी बढ़ा सकती है चीन की टेंशन

नई दिल्ली। नई दिल्ली (New Delhi) में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) में शुक्रवार को भारत (India) ने ‘पैक्स सिलिका’ (Pax Silica) गठबंधन में औपचारिक रूप से शामिल होने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही अमेरिका (America) के इस महत्वपूर्ण रणनीतिक गठबंधन में सदस्य देशों की संख्या अब 10 हो गई है। जानकारों का कहना है कि ‘क्वाड’ के बाद यह नया गठबंधन चीन (China) की चिंताएं बढ़ा सकता है, क्योंकि अब तक उसका इस क्षेत्र में प्रभुत्व रहा है। पैक्स सिलिका गठबंधन क्या है?पैक्स सिलिका सहयोगी देशों के बीच एआई और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए प्रमुख गठजोड़ है। इसकी शुरुआत पिछले साल 12 दिसंबर को वॉशिंगटन में एक सम्मेलन के दौरान हुई थी। यह समझौता सहयोगी देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा सहमति को आगे बढ़ाता है। यहां पैक्स शब्द का अर्थ है- शांति, स्थिरता और समृद्धि। अमेरिका में आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेल्बर्ग ने कहा कि 20वीं सदी में दुनिया तेल और स्टील से चलती थी। लेकिन 21वीं सदी में दुनिया कंप्यूटर से चलती है, और उस कंप्यूटर को बनाने के लिए लिथियम और कोबाल्ट जैसे खनिज जरूरी हैं। पैक्स सिलिका का मकसद भरोसेमंद देशों के साथ एक साझा योजना बनाना है, ताकि वे भविष्य की एआई और तकनीक तैयार कर सकें। इसमें ऊर्जा, जरूरी खनिज, हाईटेक फैक्ट्री और एआई मॉडल, सब शामिल हैं। क्या है साझा घोषणा?पैक्स सिलिका की घोषणा में कहा गया है कि हम साझा समृद्धि, तकनीकी प्रगति और आर्थिक सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हैं। हम मानते हैं कि भरोसेमंद सप्लाई चेन और सुरक्षित एआई सिस्टम भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी हैं। एआई की तेज प्रगति वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन को बदल रही है और इससे ऊर्जा, जरूरी खनिज, मैन्युफैक्चरिंग, हार्डवेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और नए बाजारों में बड़े अवसर बनेंगे। पैक्स सिलिका में शामिल देशइस समझौते पर भारत से पहले हस्ताक्षर करने वाले देश में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इजरायल, जापान, कतर, साउथ कोरिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और यूके शामिल हैं। हस्ताक्षर किए बना जुड़े देशों में कनाडा, यूरोपीयन संघ, नीदरलैंड, आर्थिक सहयोगिता और विकास के लिए संगठन (ओईसीडी) और ताइवान शामिल हैं। पैक्स सिलिका का मकसदपैक्स सिलिका का सबसे बड़ा मकसद किसी एक देश पर पूरी तरह से निर्भरता को कम करना है। इसका मतलब है कि देश किसी एक देश पर सामग्री, तकनीक या उत्पादों के लिए जरूरत से ज्यादा निर्भर न रहें, ताकि वैश्विक व्यापार में उन पर दबाव या उनका शोषण न किया जा सके। बिना नाम लिए यह गठजोड़ चीन की चुनौती को काउंटर करने की कोशिश है और खास तौर से रेयर अर्थ मेटल्स के सप्लाई चेन को सुरक्षित करने की बड़ी दीर्घकालिक योजना है। 60-70 फीसदी चीन का प्रभुत्वदुर्लभ खनिज धरती के अंदर पाए जाने वाले 17 दुर्लभ धातु हैं। आज के तकनीक के जमाने में दुर्लभ खनिज ऐसा फैक्टर है जिससे नियंत्रण अपने हाथों में बनाए रखा जा सकता है। हथियारों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, गाड़ी बनाने से लेकर एयरोस्पेस बनाने तक, सेमीकंडक्टर और उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण में हर जगह रेयर अर्थ के कंपोनेंट अहम हैं। अभी चीन रेयर अर्थ मिनरल्स की वैश्विक आपूर्ति पर हावी है। दुनिया में रेयर अर्थ मिनरल्स के खनन का 60-70 प्रतिशत हिस्सा चीन का है।
पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में बंधक सैनिकों को पहचानने से किया इनकार… अपनाया कागरिल फॉर्मूला

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की सेना (Pakistan Army) ने कारगिल युद्ध (Kargil War) में मारे गए अपने सैनिकों को पहचानने से इनकार कर दिया था। अब यही फॉर्मूला उसने बलूचिस्तान (Balochistan) में भी इस्तेमाल किया है। पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) के सात जवान बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) (Balochistan Liberation Army (BLA) के कब्जे में हैं, जिनके बदले वह अपने लड़ाकों की रिहाई की मांग कर रही है, लेकिन पाकस्तानी सेना ने साफ कह दिया है कि ये जवान उनके हैं ही नहीं। सूत्रों के अनुसार 14 फरवरी को बीएलए ने इन सैनिकों का अपहरण किया था इनकी तस्वीरें और वीडियो क्लिप जारी कर अपने लड़ाकों को छोड़ने को कहा था। इसके लिए 21 फरवरी तक की मियाद रखी गई है, जो शनिवार को खत्म हो जाएगी। बीएलए ने कहा कि यदि पाक सेना ने उसकी बात नहीं मानी तो इन जवानों को फांसी दे दी जाएगी। फुटेज सामने आने के तुरंत बाद पाकिस्तान सेना के एक्स कोर और इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल ने झूठ फैलाना शुरू कर दिया। कहा गया कि दिखाए गए लोग पाकिस्तानी सैनिक नहीं हैं। वीडियो को डिजिटल रूप से हेरफेर किया गया था। इसके बाद बीएलए ने एक नया वीडियो जारी किया, जिसमें सातों बंधक दिखाई दे रहे हैं तथा वे सेना का अपना आधिकारिक कार्ड भी दिखाते हैं। उन्हें पूरी पहचान बताते हुए दिखाया गया है। कारगिल में भी यही फॉर्मूलादरअसल, यह पाकिस्तानी सेना का पुराना फॉर्मूला है। इस घटनाक्रम ने 1999 के कारगिल संघर्ष की याद दिला दी है, जब जनरल परवेज मुशर्रफ के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना ने शुरू में इस बात से इनकार किया था कि नियमित सैनिक नियंत्रण रेखा के पार कार्रवाई कर रहे थे। उस समय युद्धक्षेत्र से मिले साक्ष्यों और बरामद शवों ने पाकिस्तान के आधिकारिक बयानों को झुठला दिया था। अब फील्ड मार्शल असीम मुनीर के नेतृत्व वाली सेना भी यही कर रही है।
MP: जबलपुर में एक ही समय पर आरती और अजान… पथराव के बाद हिंसक झड़प…. 49 लोग गिरफ्तार

जबलपुर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर जिले (Jabalpur District) में गुरुवार रात दुर्गा मंदिर (Durga Temple) और मस्जिद (Mosque) के बीच आरती-अजान को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पथराव और मारपीट के बाद इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं। पुलिस ने अब तक 49 लोगो को गिरफ्तार कर लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मस्जिद में चल रहे निर्माण कार्य के कारण परिसर में रखे पत्थरों का इस्तेमाल पथराव में किया गया। हिंदू संगठनों ने थाना घेराहिंदू संगठनों ने पथराव के विरोध में शुक्रवार दोपहर सिहोरा थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के सामने मस्जिद तोड़ने और नमाज पर रोक लगाने की मांग की। कई लोग सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे। बस स्टैंड क्षेत्र में कुछ ठेले भी पलटे गए। घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय मौके पर पहुंचे। खितौला, गोसलपुर, पनागर समेत 12 से अधिक थानों का पुलिस बल तैनात किया गया। इलाके में फ्लैग मार्च निकाला गया। लाउडस्पीकर बनी विवाद की वजहपुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मंदिर में आरती और मस्जिद में अजान एक ही समय पर हो रही थी। इसी दौरान लाउडस्पीकर तेज बजाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ और स्थिति मारपीट और पथराव तक पहुंच गई। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस और हल्का बाल भी प्रयोग करना पड़ गया। सिहोरा, खितौला, गोसलपुर, पनागर सहित 12 से अधिक थानों का पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। दुर्गा मंदिर में तोड़फोड़ के बाद तनावजबलपुर जिले से करीब 40 किमी दूर सिहोरा तहसील में दुर्गा मंदिर में तोड़फोड़ के बाद तनाव की स्थिति है। शुक्रवार को हिंदू संगठनों ने थाना घेर लिया। पुलिस से मांग की है कि 24 घंटे के अंदर मंदिर के सामने मस्जिद तोड़ी जाए। वहां नमाज अदा नहीं करने दी जाए। हिंदू संगठन के लोग सड़क पर बैठ कर हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। कहासुनी हुई और मामला झड़प तक पहुंच गयागौरतलब है कि गुरुवार रात करीब 9 बजे 50 से अधिक लोगों की भीड़ ने दुर्गा मंदिर में तोड़फोड़ की थी। इसके बाद दो संप्रदाय के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मंदिर में आरती और मस्जिद में अजान एक ही समय पर हो रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और मामला झड़प तक पहुंच गया। वारदात की सूचना मिलते ही डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय मौके पर पहुंचे। मंदिर से घसीटकर बाहर निकालने का आरोपदुर्गा मंदिर समिति के सदस्य अंकेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि भीड़ ने मंदिर में घुसने की कोशिश की और उन्हें अंदर से घसीटकर बाहर निकाला गया। उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद 20-25 मिनट तक पथराव चलता रहा, जिसमें मंदिर के कांच टूट गए और कई लोग घायल हुए। बहोरीबंद विधायक के भाई प्रांजल पांडे को भी पत्थर लगने की जानकारी सामने आई है। एसपी संपत उपाध्याय के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने भीड़ को हटा दिया है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए भारी बल तैनात है।
MP: ग्वालियर में भाई-बहन ने मां के शव के साथ गुजारे 5 दिन… बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को दी सूचना

ग्वालियर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ग्वालियर (Gwalior) के कोतवाली थाना क्षेत्र (Kotwali Police Station Area) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां पर एक भाई-बहन की जोड़ी ने अपनी मृत मां के शव के साथ करीब 4 से 5 दिन गुजार दिए। इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब शव के सड़ जाने की वजह से घर के अंदर से भयानक बदबू आने लगी, जिसके बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना देकर बुलाया और उन्होंने अंदर जाकर देखा। जहां पर दोनों भाई-बहन अपनी मां के शव के साथ नजर आए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। इस दौरान बेटे ने विरोध भी किया। रिटायर्ड क्लर्क थी मृतक महिलाप्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक महिला की पहचान उर्मिला भदौरिया के रूप में हुई है, जो कि 70 साल की थीं और रिटायर्ड क्लर्क थीं। वह अपने बेटे अखंड प्रताप सिंह भदौरिया और बेटी रितु भदौरिया के साथ दही मंडी स्थित मदन मोहन मार्केट में बने अपने घर में रहती थीं। दूधवाले को बदबू आई तो पड़ोसियों को बतायाशुक्रवार की सुबह जब दूधवाला घर पर दूध देने आया तो उसने घर के अंदर से आ रही भयानक बदबू को नोटिस किया, जिसके बाद उसने इस बारे में आसपास रहने वाले लोगों को बताया। जानकारी मिलते ही पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने तत्काल पुलिस को खबर कर दी। उधर सूचना मिलते ही पुलिस बल भी तुरंत मौके पर पहुंच गया। जहां उसने बुजुर्ग उर्मिला भदौरिया का शव पड़ा हुआ पाया, जो कि बुरी तरह सड़ चुका था और उसमें कीड़े भी पड़ गए थे। इसके बावजूद बेटा और बेटी शव के आसपास ही रह रहे थे। पड़ोसी बोले- दोनों बच्चें हैं मानसिक रूप से बीमारपुलिस ने बताया कि मृतक उर्मिला भदौरिया ग्वालियर के गोरखी स्कूल में क्लर्क के पद पर नौकरी करती थीं और वहीं से रिटायर हुई थीं। उनके पति सुरेंद्र भदौरिया का देहांत 20 साल पहले ही हो चुका है। इस परिवार को जानने वाले लोगों ने बताया कि महिला के दो बच्चे हैं और दोनों ही मानसिक रूप से कमजोर हैं। इनमें से अखंड ने बीटेक की पढ़ाई की है वहीं बेटी रितु भी शिक्षित है। बेटे ने शव को हटाने का किया विरोधमामले की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने जब महिला के शव को हटाते हुए पीएम के लिए भेजने की कोशिश की, तो उसका बेटा अखंड पुलिस को ऐसा करने से रोकने लगा। जिसके बाद पुलिस ने अखंड को समझा-बुझाकर हटाया और बुजुर्ग महिला के शव को घर से निकालकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा। मौके पर मौजूद पड़ोसी अभिनंदन जैन ने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि बुजुर्ग उर्मिला अपने बेटे अखंड और बेटी रितु के साथ घर में रहती थी। हमें इस घटना का पता उसे वक्त चला जब दूध वाला घर में दूध देने आया तो उसे बदबू आई। उसने इस बात की जानकारी मुझे और अन्य पड़ोसियों को दी। बेटा-बेटी दोनों ही मानसिक रूप से कमजोर है। उधर घटना को लेकर कोतवाली थाने के ASI एच.नायक ने कहा कि दही मंडी स्थित घर से बुजुर्ग महिला का शव मिला है, महिला की मौत कैसे हुई, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पड़ोसियों ने बदबू आने पर मामले की सूचना पुलिस को दी थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो पाएगा कि बुजुर्ग की मौत कैसे हुई है।
Toll Tax: इस तारीख से नेशनल हाईवे पर नकद टोल बंद करने की तैयारी, फास्टैग-यूपीआई होंगे अनिवार्य

नई दिल्ली । देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) 1 अप्रैल 2026 से सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान बंद करने पर विचार कर रहा है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो टोल शुल्क केवल डिजिटल माध्यमों जैसे FASTag और UPI के जरिए ही लिया जाएगा। फास्टैग का बढ़ता प्रयोग एनएचएआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में फास्टैग का उपयोग 98 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। इससे टोल वसूली के तरीके में व्यापक बदलाव आया है और अधिकांश टोल लेनदेन अब RFID-सक्षम फास्टैग के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से हो रहे हैं। इससे संपर्क रहित और तेज आवागमन संभव हो गया है। इसके अलावा, देशभर के टोल प्लाजा पर UPI भुगतान सुविधा भी शुरू हो चुकी है, जो त्वरित और सुलभ विकल्प प्रदान करती है। नकद भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों के मुताबिक, वैध और सक्रिय फास्टैग के बिना टोल प्लाजा में प्रवेश करने वाले वाहनों से नकद भुगतान करने पर दोगुना शुल्क लिया जाता है। वहीं UPI के माध्यम से भुगतान करने पर निर्धारित उपयोगकर्ता शुल्क का 1.25 गुना शुल्क देना होता है। एनएचएआई ने बताया कि नकद भुगतान के कारण व्यस्त समय में लंबी कतारें लगती हैं, प्रतीक्षा अवधि बढ़ती है और लेनदेन विवाद भी उत्पन्न होते हैं। डिजिटल टोलिंग से बेहतर संचालन देशभर के 1150 से अधिक टोल केंद्रों पर पूर्ण डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू होने से परिचालन दक्षता, यातायात प्रबंधन और समय की बचत में सुधार की उम्मीद है। यह पहल एनएचएआई के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके तहत प्रौद्योगिकी आधारित, उच्च दक्षता वाला और उपयोगकर्ता-अनुकूल राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, ताकि देशभर में आवागमन और अधिक सुगम और निर्बाध बनाया जा सके।
क्या AI से नौकरियों पर आएगा संकट? ओपनएआई के CEO का बड़ा बयान, एलन मस्क पर भी बोले

नई दिल्ली। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि AI अब हाई स्कूल स्तर की गणित से आगे बढ़कर मानव ज्ञान की सीमाओं को छू रहा है। जहां एक साल पहले AI सिर्फ हाई स्कूल मैथ कर पाता था, अब यह नई रिसर्च और फिजिक्स में भी प्रगति कर रहा है। ऑल्टमैन ने ओपनएआई को एक रिसर्च-फर्स्ट कंपनी बताया, जहां हर प्रोडक्ट का आधार रिसर्च ही है। यह बात उन्होंने शुक्रवार को नई दिल्ली में मीडिया कार्यक्रम में कही। भारत में AI की संभावनाभारत को लेकर ऑल्टमैन ने काफी उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि भारत में बिल्डर एनर्जी जबरदस्त है और आईआईटी दिल्ली में सुबह का माहौल शानदार था। भारत चैटजीपीटी के टॉप यूजर्स में शामिल है, जहां लोग कोडिंग, डेटा एनालिसिस और लर्निंग के लिए इसका ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। ओपनएआई ने मुंबई और बेंगलुरु में नए ऑफिस खोलने की घोषणा की है और टीसीएस के साथ लोकल AI डेटा सेंटर बनाने के साथ ही मेकमाईट्रिप, जियोहॉटस्टार जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप भी की। ऑल्टमैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मोटिवेशन की तारीफ की और कहा कि भारत को AI के हर लेयर में सक्रिय रूप से खेलना चाहिए। बैलेंस ऑफ पावर और AI का लोकतंत्रीकरणएजीआई और सुपरइंटेलिजेंस पर ऑल्टमैन ने कहा कि एजीआई अब काफी करीब लगता है, जबकि ASI कुछ साल दूर है। उन्होंने जोर दिया कि सुपरइंटेलिजेंस पर किसी एक देश या कंपनी का नियंत्रण नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे असंतुलन पैदा होगा। दुनिया में बैलेंस ऑफ पावर जरूरी है। उन्होंने AI के डेमोक्रेटाइजेशन की वकालत की और कहा कि गार्डरेल्स के साथ AI हर किसी के हाथ में पहुंचना चाहिए। सेफ्टी के लिए उन्होंने AI रेजिलिएंस को कोर स्ट्रैटेजी बताया और कहा कि कोई भी लैब अकेले अच्छा भविष्य नहीं बना सकती। सरकारों को कैटास्ट्रोफिक रिस्क्स पर फोकस करना चाहिए, जबकि बाकी मामलों में लचीला रवैया अपनाना चाहिए। नौकरियों पर AI का असरनौकरियों पर AI के प्रभाव के बारे में ऑल्टमैन ने इतिहास का हवाला दिया कि इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन में भी लोग डरते थे, लेकिन गलत साबित हुए। उन्होंने कहा कि AI से कुछ प्रोफेशंस तो जाएंगे, लेकिन लोग नई चीजें करेंगे और समाज एडजस्ट हो जाएगा। ऑल्टमैन ने एलन मस्क की तारीफ करते हुए प्रतिस्पर्धा को स्वीकार किया। ऊर्जा खपत पर उन्होंने कहा कि वाटर यूज के दावे फेक हैं, लेकिन सोलर और न्यूक्लियर एनर्जी की ओर तेजी से जाना होगा। उन्होंने AI को मानव एजेंसी बढ़ाने वाला बताया, साथ ही ग्लोबल कोऑपरेशन, डेमोक्रेसी और बैलेंस्ड डेवलपमेंट पर जोर दिया।क्या AI से नौकरियों पर आएगा संकट? ओपनएआई के CEO का बड़ा बयान, एलन मस्क पर भी बोलेनई दिल्ली । ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि AI अब हाई स्कूल स्तर की गणित से आगे बढ़कर मानव ज्ञान की सीमाओं को छू रहा है। जहां एक साल पहले AI सिर्फ हाई स्कूल मैथ कर पाता था, अब यह नई रिसर्च और फिजिक्स में भी प्रगति कर रहा है। ऑल्टमैन ने ओपनएआई को एक रिसर्च-फर्स्ट कंपनी बताया, जहां हर प्रोडक्ट का आधार रिसर्च ही है। यह बात उन्होंने शुक्रवार को नई दिल्ली में मीडिया कार्यक्रम में कही।
T20 World Cup 2026: पाकिस्तान के साहिबजादा ने बनाए सबसे ज्यादा रन, ईशान किशन और वरुण चक्रवर्ती भी टॉप-5 में

नई दिल्ली । T20 World Cup 2026 के ग्रुप स्टेज का अंत ऑस्ट्रेलिया और ओमान के मुकाबले के साथ हो गया है। ऑस्ट्रेलिया ने इस आखिरी ग्रुप मैच में ओमान को 9 विकेट से हराकर सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली। अगले राउंड की शुरुआत 22 फरवरी से होगी। ग्रुप स्टेज में सबसे ज्यादा रन और विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की चर्चा अभी भी क्रिकेट फैंस के बीच जोरों पर है। सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजपाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान ग्रुप स्टेज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। चार मैचों में उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक के साथ कुल 220 रन बनाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज 200 रन का आंकड़ा नहीं छू सका। दूसरे नंबर पर श्रीलंका के पाथुम निसंका रहे, जिन्होंने 4 मैचों में 66.33 की औसत और 156.69 के स्ट्राइक रेट के साथ 199 रन बनाए। निसंका ने भी इस दौरान एक शतक और एक अर्धशतक जड़ा। टॉप-5 में एकमात्र भारतीय खिलाड़ी ईशान किशन हैं। ग्रुप स्टेज खत्म होने तक ईशान 5वें पायदान पर रहे। चार मैचों में दो अर्धशतकों के साथ उन्होंने कुल 176 रन बनाए। पाकिस्तान के खिलाफ महामुकाबले में 77 रन की धुआंधार पारी खेलकर ईशान प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। इस लिस्ट में कुसल मेंडिस और एडन मारक्रम भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजजहां बल्लेबाजों ने धमाल मचाया, वहीं गेंदबाजों ने भी कमाल किया। ग्रुप स्टेज में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अमेरिका के शैडली वैन शाल्कविक के नाम रहा। सिर्फ चार मैचों में ही उन्होंने 13 विकेट लिए और दो बार 4-विकेट हॉल भी लिए। उनके बाद भारत के वरुण चक्रवर्ती ने 9 विकेट चटकाए और टॉप-5 में जगह बनाई। इसके अलावा ब्लेसिंग मुजरबानी, माइकल लीस्क और अजमतुल्लाह उमरजई ने भी 9-9 विकेट लेकर अपने नाम दर्ज किए। भले ही USA की टीम सुपर-8 में नहीं पहुंची, शैडली वैन शाल्कविक का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। ग्रुप स्टेज के आंकड़े यह साफ कर रहे हैं कि साहिबजादा फरहान, शैडली वैन शाल्कविक और वरुण चक्रवर्ती जैसे खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी टीमों के लिए बड़े गेम चेंजर साबित हो रहे हैं। सुपर-8 में अब मुकाबले और रोमांचक होने वाले हैं और फैंस को इस राउंड में भी कई धमाकेदार पारी और प्रदर्शन देखने को मिलने की उम्मीद है।