चेन्नई के गोल्डन बीच पर दर्दनाक हादसा: महाराष्ट्र की छात्रा की डूबने से मौत, सीएम फडणवीस ने लिया संज्ञान

नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई स्थित Golden Beach पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब महाराष्ट्र से घूमने आए छात्रों के एक समूह के साथ बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक 26 छात्रों का दल समुद्र किनारे घूमने पहुंचा था। इसी दौरान तीन छात्र पानी में उतरे और तेज लहरों की चपेट में आ गए। हादसे में भंडारा जिले की रहने वाली मयूरी चौधरी की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य छात्र जय पाटिल का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। तीसरे छात्र राज केदारी को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लहरों में फंसे तीन छात्र, एक की मौत, एक लापता तमिलनाडु प्रशासन के अनुसार, पूरे समूह में से केवल तीन छात्र ही समुद्र में गए थे। अचानक आई तेज लहरों ने उन्हें गहरे पानी की ओर खींच लिया। स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीम की मदद से राज केदारी को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन मयूरी को बचाया नहीं जा सका। जय पाटिल की तलाश के लिए तटरक्षक बल और स्थानीय पुलिस द्वारा युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। समुद्र में लगातार बदलती लहरों और ज्वार-भाटा के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सीएम फडणवीस ने तमिलनाडु सरकार से की बात घटना की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने तुरंत तमिलनाडु सरकार से संपर्क साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार लगातार राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर रखे हुए है और तमिलनाडु प्रशासन से समन्वय बनाए हुए है। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, पीड़ित परिवारों से संपर्क कर हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है। परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़ मयूरी चौधरी के परिजन नागपुर से चेन्नई के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि लापता जय पाटिल के रिश्तेदार भी शहर पहुंच गए हैं। परिजनों ने बताया कि मयूरी ने हाल ही में नौकरी शुरू की थी और छुट्टी के दिन सहकर्मियों के साथ समुद्र तट पर घूमने गई थीं। हादसे की सूचना परिवार को सुबह करीब सात बजे मिली, जिसके बाद से घर में मातम पसरा हुआ है। भाई ने मीडिया को बताया कि पिता, दादा और अन्य परिजन चेन्नई के लिए निकल चुके हैं। समुद्र तटों पर सतर्कता जरूरी इस हादसे ने एक बार फिर समुद्र तटों पर सुरक्षा उपायों और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासन की ओर से पर्यटकों को चेतावनी संकेतों का पालन करने और लाइफगार्ड की सलाह मानने की अपील की गई है। फिलहाल सभी की नजरें जय पाटिल की खोज पर टिकी हैं, और उम्मीद की जा रही है कि रेस्क्यू टीम जल्द सफलता हासिल करेगी।
अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर? सुप्रीम लीडर खामेनेई का बड़ा दांव, लारिजानी को सौंपी अहम जिम्मेदारी

नई दिल्ली । मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित टकराव की आशंकाओं के बीच ईरान की सत्ता संरचना में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े व्यापक अधिकार अपने भरोसेमंद सहयोगी अली लारीजानी को सौंप दिए हैं। इस कदम को संभावित युद्ध परिस्थिति में कमान को केंद्रीकृत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। लारिजानी के हाथ में सैन्य और कूटनीतिक कमान रिपोर्ट के अनुसार लारिजानी अब सुरक्षा सैन्य संचालन और कूटनीतिक पहलुओं से जुड़े अहम फैसले लेने की स्थिति में हैं। वे सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख पद पर रहते हुए परमाणु वार्ताओं क्षेत्रीय सहयोगियों से समन्वय और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि संभावित संघर्ष की स्थिति में तेज और एकीकृत निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव किया गया है।राष्ट्रपति की भूमिका सीमित उत्तराधिकार की तैयारी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन की भूमिका इस बदलाव के बाद अपेक्षाकृत सीमित बताई जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व ने आकस्मिक परिस्थितियों यहां तक कि नेतृत्व स्तर पर किसी अप्रत्याशित घटना को ध्यान में रखते हुए उत्तराधिकार की बहुस्तरीय व्यवस्था पर काम शुरू किया है। सेना को हाई अलर्ट पर रखने मिसाइल सिस्टम की रणनीतिक तैनाती और आंतरिक सुरक्षा बलों को तैयार रखने की खबरें भी सामने आई हैं।होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ी गतिविधियां रणनीतिक दृष्टि से अहम क्षेत्र में ईरान की सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। मिसाइल परीक्षण और नौसैनिक अभ्यासों की खबरों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। यह जलमार्ग विश्व के बड़े हिस्से के तेल निर्यात का प्रमुख रास्ता है इसलिए यहां की हलचल का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी पड़ सकता है। क्षेत्रीय समीकरण और वैश्विक नजर मध्य पूर्व पहले से ही संवेदनशील भू-राजनीतिक समीकरणों का केंद्र रहा है। ऐसे में तेहरान का यह कदम संकेत देता है कि ईरान संभावित टकराव की आशंका को गंभीरता से ले रहा है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर व्यापक युद्ध की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन सैन्य और सुरक्षा ढांचे में यह पुनर्संरचना बताती है कि देश किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की रणनीति अपना रहा है।
वैश्विक टैरिफ बढ़ोतरी के साए में भारत अमेरिका व्यापार वार्ता स्थगित, हालात की समीक्षा के बाद होगा अगला दौर

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर होने वाली अहम बैठक को फिलहाल रीशेड्यूल कर दिया गया है। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार दोनों देशों ने बदलते वैश्विक व्यापारिक हालात और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को ध्यान में रखते हुए आधिकारिक बैठक को टालने का निर्णय लिया है। दरअसल दोनों देशों के मुख्य ट्रेड नेगोशिएटर्स की अगुवाई वाली टीमों के बीच तीन दिन की बैठक 23 फरवरी से अमेरिका में प्रस्तावित थी। इस बैठक में अंतरिम व्यापार समझौते के कई अहम बिंदुओं को अंतिम रूप दिया जाना था। हालांकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ उपायों को अवैध करार दिए जाने के बाद परिस्थितियां तेजी से बदलीं और दोनों पक्षों ने पहले कानूनी और नीतिगत प्रभावों का अध्ययन करने का फैसला किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि भारतीय टीम का प्रस्तावित वॉशिंगटन दौरा फिलहाल टाल दिया गया है। दोनों देश पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उसके बाद उत्पन्न परिस्थितियों की विस्तार से समीक्षा करेंगे। इसके बाद आपसी सहमति से नई तारीख तय की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि निर्णय दोनों पक्षों की सुविधा और रणनीतिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ उपायों को रद्द कर दिया। कोर्ट ने 6-3 के फैसले में कहा कि कार्यपालिका ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर आयात शुल्क लगाकर अपने संवैधानिक अधिकार का अतिक्रमण किया। इस फैसले के बाद ट्रंप के कई टैरिफ अमान्य हो गए हालांकि सभी नहीं। कोर्ट के इस निर्णय के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए पहले लगाए गए 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा कर दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैसले को शर्मनाक बताते हुए कहा कि कई देश दशकों से अमेरिका के साथ असंतुलित व्यापार कर रहे हैं और उनके पास वैकल्पिक योजना भी तैयार है। इन घटनाक्रमों ने वैश्विक व्यापारिक माहौल को अस्थिर बना दिया है। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम समझौता ऐसे समय में हो रहा था जब दोनों देश आपसी व्यापार को नए स्तर पर ले जाने की कोशिश में हैं। भारत की ओर से बाजार पहुंच, शुल्क संरचना और निवेश से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता की अपेक्षा है जबकि अमेरिका भी संतुलित व्यापारिक ढांचे पर जोर दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले और टैरिफ बढ़ोतरी से उत्पन्न अनिश्चितता के बीच दोनों देशों का सावधानीपूर्वक कदम उठाना रणनीतिक रूप से उचित है। पहले कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी उसके बाद ही किसी औपचारिक समझौते की दिशा में आगे बढ़ना सुरक्षित माना जा रहा है। फिलहाल दोनों पक्ष हालात पर नजर बनाए हुए हैं और नई तारीख जल्द तय होने की संभावना जताई जा रही है। यह स्पष्ट है कि वैश्विक टैरिफ नीति और कानूनी पेचीदगियां भारत अमेरिका व्यापार संबंधों की गति और दिशा दोनों को प्रभावित कर सकती हैं।
सुबह के नाश्ते में झटपट बनाएं सूजी का चीला आसान, स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ता

नई दिल्ली । सुबह की भागदौड़ में अगर आपको तेजी से बनने वाला स्वादिष्ट और हेल्दी नाश्ता चाहिए तो सूजी का चीला बढ़िया ऑप्शन है। यह नाश्ता सिर्फ जल्दी तैयार नहीं होता बल्कि सब्जियों के साथ पोषक तत्वों से भरपूर भी बनता है। सूजी चीला खासतौर पर सुबह के लिए उत्तम विकल्प है क्योंकि यह ऊर्जा देता है पेट भरा रखता है और आप इसमें अपनी पसंद की सब्जियाँ भी मिला सकते हैं जिससे इसका स्वाद और पोषण दोनों बढ़ जाता है। सबसे पहले एक बड़े बाउल में 1 कप सूजी और आधा कप दही डालकर अच्छी तरह मिलाएँ। इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए गाढ़ा चिपचिपा घोल तैयार करें और इसे लगभग 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि सूजी घूमकर थोड़ी फूल जाए। अब घोल में बारीक कटी प्याज शिमला मिर्च कद्दूकस किया हुआ गाजर हरी मिर्च हरा धनिया स्वादानुसार नमक हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। यह मिश्रण स्वाद और पोषण दोनों को बेहतर बनाता है क्योंकि सब्जियाँ विटामिन और फाइबर प्रदान करती हैं। एक नॉन-स्टिक तवा गरम करें और उस पर थोड़ा तेल या घी लगाएँ। तैयार मिश्रण में से एक कलछी भरकर तवे पर डालें और हल्के हाथ से गोल आकार में फैलाएँ। मध्यम आंच पर इसे दोनों तरफ से सुनहरा भूरा होने तक सेकें। चीले को क्रिस्पी किनारों और सॉफ्ट अंदरूनी टेक्सचर के साथ पकाना चाहिए। जब चीला दोनों तरफ से अच्छे से हल्का ब्राउन हो जाए तो इसे गरमागरम उतार लें और अपनी पसंद की हरी चटनी टमाटर सॉस या दही के साथ परोसें। स्वादिष्ट सूजी चीला न सिर्फ सुबह की भूख शांत करेगा बल्कि पोषण और स्वाद का बेहतरीन मेल भी देगा। सूजी का चीला सिर्फ स्वादिष्ट नाश्ता ही नहीं है बल्कि यह पोषक तत्वों जैसे आयरन विटामिन B और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है जो सुबह की ऊर्जा और सक्रियता को बनाए रखने में मदद करता है। इस आसान रेसिपी के साथ आप रोज़ के नाश्ते को स्वाद और हेल्थ का बेहतरीन संयोजन बना सकते हैं चाहे आप ऑफिस जाने वाले हों बच्चों का टिफिन तैयार कर रहे हों या सप्ताहांत के नाश्ते का प्लान बना रहे हों।
शेयर बाजार का सकारात्मक सप्ताह: टॉप कंपनियों में 63 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी

नई दिल्ली/ मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह सकारात्मक रुख देखने को मिला, जिसके चलते देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से छह के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में 63,478.46 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग सेक्टर की कंपनियां सबसे ज्यादा फायदे में रहीं। सप्ताह के दौरान व्यापक बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 187.95 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। सबसे ज्यादा लाभ लार्सन एंड टुब्रो को हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 28,523.31 करोड़ रुपए बढ़कर 6,02,552.24 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोजेक्ट ऑर्डर्स में मजबूती ने कंपनी के शेयरों को सहारा दिया। इसके बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। बैंक का बाजार पूंजीकरण 16,015.12 करोड़ रुपए बढ़कर 11,22,581.56 करोड़ रुपए हो गया। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से एसबीआई को खास लाभ मिला। एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 9,617.56 करोड़ रुपए बढ़कर 14,03,239.48 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं भारतीय जीवन बीमा निगम का मूल्यांकन 5,977.12 करोड़ रुपए बढ़कर 5,52,203.92 करोड़ रुपए हो गया। वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनी बजाज फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण भी 3,142.36 करोड़ रुपए बढ़कर 6,40,387 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। हालांकि सभी कंपनियों के लिए सप्ताह सकारात्मक नहीं रहा। टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल का मार्केट कैप 15,338.66 करोड़ रुपए घटकर 11,27,705.37 करोड़ रुपए रह गया। इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक का मूल्यांकन 14,632.10 करोड़ रुपए घटकर 9,97,346.67 करोड़ रुपए पर आ गया। आईटी सेक्टर की कंपनियों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। इंफोसिस का मार्केट कैप 6,791.58 करोड़ रुपए घटकर 5,48,496.14 करोड़ रुपए रह गया, जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का बाजार पूंजीकरण 1,989.95 करोड़ रुपए घटकर 9,72,053.48 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और इंफोसिस शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 25,800 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस है। इसके बाद 26,000 और 26,200 के स्तर अहम माने जा रहे हैं। वहीं नीचे की ओर 25,300 और 25,100 प्रमुख सपोर्ट स्तर हैं। यदि सूचकांक 25,000 के नीचे मजबूती से टूटता है तो बाजार में गिरावट का दबाव बढ़ सकता है।
राज्यपाल पटेल: मन की बात जन भावनाओं का सम्मान करने और पुलिस सेवा की संवेदनशीलता की सीख देती है

भोपाल । भोपाल में रविवार को मंगुभाई पटेल ने मन की बात कार्यक्रम को केवल एक रेडियो प्रसारण न मानने की अपील की और उसे जन‑भावनाओं की जीवंत गाथा बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के कोने‑कोने में हो रहे सकारात्मक बदलाव और आम नागरिकों की भागीदारी की प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाता है, जिससे समाज की नब्ज को समझने और जन‑भावनाओं का सम्मान करने की सीख मिलती है। राज्यपाल ने यह बात प्रशिक्षणाधीन पुलिस अधिकारियों और नव आरक्षकों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पुलिस का जनता से सीधा जुड़ाव होता है, इसलिए मन की बात जैसे कार्यक्रम को केवल औपचारिकता न मानकर नियमित रूप से सुनना चाहिए, क्योंकि इससे लोक‑कल्याण की भावना, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा जैसे गुण विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस कार्यक्रम के माध्यम से विपरीत परिस्थितियों में भी समाज के लिए उदाहरण पैदा करने वाले गुमनाम नायकों की कहानियों को साझा करते हैं, जो पुलिस बल को भी अपनी सेवा‑परिवार के प्रति और अधिक संवेदनशील बनाने में मदद करती हैं। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रशिक्षण का समय भविष्य की नींव है और इस दौरान सीखी गई बातें और प्रधानमंत्री के विचार पुलिस अधिकारियों के करियर में मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस सेवा में शालीनता और तत्परता होना चाहिए, ताकि पीड़ित व्यक्ति पुलिस के पास आते समय सुरक्षित महसूस करे। साथ ही पुलिस में अनुशासन के साथ सहानुभूति का होना आवश्यक है, और मन की बात कार्यक्रम हमें मानवीय दृष्टिकोण प्रदान करता है, जो वर्दी को केवल सत्ता का प्रतीक नहीं बल्कि समाज सेवा का संकल्प बनाता है। राज्यपाल ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे देश‑भक्ति और जन‑सेवा की गौरवशाली परंपरा को सशक्त, अनुशासित और मानवीय पुलिस बल के रूप में आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि मन की बात में प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छता, जल संरक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे विषयों पर दिया गया मार्गदर्शन उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में लागू करना चाहिए। यह कार्यक्रम आज के सामाजिक और तकनीकी युग में पुलिस सेवा को लोक‑कल्याण की भावना से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। राज्यपाल ने प्रशिक्षणाधीन अधिकारियों को कहा कि वे अपने आप को केवल ड्यूटी तक सीमित न रखें, बल्कि समाज में चेंज मेकर के रूप में अपनी पहचान बनाने का प्रयास करें। उन्होंने बताया कि मन की बात में देश के अलग‑अलग हिस्सों से आने वाली सफल कहानियों से यह स्पष्ट होता है कि व्यक्ति का छोटा सा प्रयास भी बड़े परिवर्तन ला सकता है। इस संदेश को अपनाकर पुलिस विभाग समाज में मित्र और रक्षक की छवि को और मजबूत कर सकता है। कार्यक्रम की शुरुआत में विशेष पुलिस महानिदेशक और मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा प्रशिक्षण के अनुभवों को नव आरक्षकों ने साझा किया। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक और अकादमी के सहायक निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उपस्थित रही।
रविवार का अंक ज्योतिष राशिफल: 22 फरवरी को किस मूलांक को मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सतर्क

Mulank Rashifal 22 फरवरी 2026 के अनुसार आज का दिन अंक ज्योतिष की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज की तिथि 22/02/2026 के सभी अंकों को जोड़ने पर योग 16 बनता है और 1+6 करने पर मूल अंक 7 प्राप्त होता है। अंकशास्त्र में 7 का स्वामी केतु को माना गया है, जो आत्मचिंतन, रहस्य, आध्यात्मिकता और गहराई का प्रतीक है। इसी आधार पर आज का अंक राशिफल तैयार किया गया है। आप इसे अपने मूलांक के अनुसार पढ़ें।मूलांक 1आज नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी। लंबे समय से लंबित कार्यों की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों से प्रशंसा मिल सकती है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार में आपकी सलाह को महत्व मिलेगा। मूलांक 2भावनात्मक संतुलन बनाए रखना जरूरी है। किसी करीबी से छोटी गलतफहमी हो सकती है, जिसे आप समझदारी से सुलझा सकते हैं। रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। मानसिक शांति के लिए ध्यान या प्रार्थना लाभकारी रहेगी। मूलांक 3ज्ञान और योजना बनाने के लिए उत्तम समय है। शिक्षा, लेखन या प्रशासन से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। मित्रों से विचार-विमर्श नई दिशा देगा। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। मूलांक 4आत्मविश्लेषण और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम करने का दिन है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें कुशलता से निभाएंगे। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। परिवार में आपका निर्णय अहम रहेगा। मूलांक 5महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी न करें। व्यापार में नई रणनीति बनाने का समय है। यात्रा की संभावना बन सकती है। संचार कौशल से लाभ होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मूलांक 6पारिवारिक और सामाजिक जीवन में सामंजस्य रहेगा। प्रेम संबंधों में स्पष्टता आएगी। कला, फैशन या सजावट से जुड़े लोगों के लिए दिन लाभकारी है। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी। मूलांक 7आज का दिन आत्मचिंतन और आध्यात्मिकता की ओर झुकाव बढ़ाएगा। शोध और अध्ययन में प्रगति होगी। एकांत में समय बिताना लाभदायक रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पर्याप्त नींद लें। मूलांक 8कर्म और जिम्मेदारी का दिन है। कार्यक्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। कानूनी मामलों में प्रगति संभव है। निवेश सोच-समझकर करें। बुजुर्गों का आशीर्वाद लाभ देगा। मूलांक 9ऊर्जा और उत्साह से भरा दिन रहेगा। सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ेगी। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन क्रोध पर नियंत्रण रखना आवश्यक है।
मिलावटी शराब पर सख्ती: जबलपुर, भोपाल और इंदौर में खुलेंगी अत्याधुनिक जांच प्रयोगशालाएं

मध्य प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत मिलावटी और नकली शराब पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों -जबलपुर, भोपाल और इंदौर- में शराब के सैंपलों की जांच के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य शराब की गुणवत्ता की निगरानी को अधिक सख्त, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। अब तक प्रदेश में शराब की जांच की सुविधा सीमित स्थानों तक ही उपलब्ध थी। कई मामलों में सैंपलों को जांच के लिए दूसरे शहरों में भेजना पड़ता था, जिससे रिपोर्ट आने में देरी होती थी और सैंपलों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी बनी रहती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जांच प्रक्रिया तेज होगी और रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। आबकारी विभाग इन प्रयोगशालाओं के संचालन की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथ में रखेगा। विभाग जल्द ही उपयुक्त स्थानों का चयन करेगा और वहां आधुनिक उपकरणों से लैस लैब स्थापित की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से शराब की शुद्धता, अल्कोहल की मात्रा, रासायनिक संरचना और निर्धारित मानकों के अनुरूपता की बारीकी से जांच की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि बाजार में बिकने वाली मदिरा गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरती है या नहीं। राज्य सरकार का मानना है कि इस कदम से मिलावटी, नकली और अवैध शराब के निर्माण तथा बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। हाल के वर्षों में प्रदेश के कई हिस्सों में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों ने प्रशासन को गंभीरता से सोचने पर मजबूर किया था। ऐसी घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि गुणवत्ता नियंत्रण की मजबूत व्यवस्था समय की मांग है। नई प्रयोगशालाएं संदिग्ध सैंपलों की तुरंत जांच कर दोषी उत्पादों को बाजार से हटाने में सहायक होंगी, जिससे जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। इस फैसले का एक अहम पहलू राजस्व वृद्धि से भी जुड़ा है। जब अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी और बाजार में केवल मानक के अनुरूप उत्पाद ही उपलब्ध होंगे, तो सरकारी राजस्व में स्वाभाविक रूप से बढ़ोतरी होगी। साथ ही वैध निर्माताओं को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि नकली और सस्ती अवैध शराब से होने वाली अनुचित प्रतिस्पर्धा कम होगी। नई आबकारी नीति में प्रदेश में निर्मित शराब के देश और विदेश में प्रचार-प्रसार का भी प्रावधान किया गया है। विशेष आयोजनों और प्रदर्शनियों में स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित कर ब्रांड वैल्यू बढ़ाने की योजना बनाई गई है। यह पहल मिलावटी शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा और राजस्व वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
लॉन्ग टर्म SIP कैलकुलेशन; 1000 से 3000 रुपये तक निवेश पर संभावित रिटर्न का पूरा हिसाब, जानें डिटेल

नई दिल्ली । महीने का SIP इन्वेस्टमेंट रिटर्न 1000 2000 3000 कॉर्पस कैलकुलेशन 20 साल भारत में डिटेल्स जानें लॉन्ग टर्म SIP कैलकुलेशन; 1000 से 3000 रुपये तक निवेश पर संभावित रिटर्न का पूरा हिसाब, जानें डिटेल छोटे निवेश से बनेगा बड़ा फंड SIP इन्वेस्टमेंट रिटर्न कैलकुलेशन बदलते परिवेश में पैसे कमाने के साथ-साथ पैसा बचाना और सही जगह निवेश करना सबसे जरूरी हो गया है. निवेश के कई विकल्प बाजार में उपलब्ध है. जहां निवेशक अपनी सहूलियत के अनुसार निवेश करते हैं. भारतीय निवेशकों के बीच म्यूचुअल फंड में एसआईपी बहुत फेमस है. इसकी वजह यह है कि, निवेशक लंबी अवधि तक छोटी-छोटी राशि में निवेश करने एक बड़ा फंड बना पाते हैं. अगर बाजार की चाल पॉजिटिव रहती है तो, एसआईपी में बेहतर रिटर्न मिलता है. यहीं कारण है कि, बहुत से लोग एसआईपी में निवेश का रास्ता चुन रहे हैं. ऐसे में छोटे निवेशक जो हर महीने हजार- दो हजार रुपये निवेश करते हैं, उनके मन में यह सवाल आता है कि, लंबी अवधि में उन्हें कितना रिटर्न मिलेगा. आइए इस सवाल का जवाब खोजते है…. 1000 के निवेश पर इतना बनेगा फंड नियमित निवेश की आदत लंबे समय में मजबूत फंड बनाने में मदद करती है. उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने 1000 रुपये की SIP म्यूचुअल फंड में लगाता है और यह निवेश लगातार 20 वर्षों तक जारी रखता है. इस अवधि में 12 प्रतिशत के अनुमानित रिटर्न के आधार पर उसके पास लगभग 9.19 लाख रुपये का कॉर्पस तैयार हो सकता है. इस अवधि में निवेशक की कुल जमा राशि 2.40 लाख रुपये होगी. जबकि कमाई के रूप में करीब 6.79 लाख रुपये का लाभ मिल सकता है. जो चक्रवृद्धि की ताकत को साफ दिखाता है. 2000 रुपये की मासिक SIP से 20 साल में बन सकता है इतना कॉर्पस अगर कोई निवेशक हर महीने 2000 रुपये की SIP म्यूचुअल फंड में करता है और इस निवेश को लगातार 20 वर्षों तक बनाए रखता है, तो 12 प्रतिशत के अनुमानित रिटर्न के हिसाब से उसके पास करीब 18.39 लाख रुपये की रकम तैयार हो सकती है. इस दौरान कुल निवेश 4.80 लाख रुपये का होगा. जबकि संभावित लाभ लगभग 13.59 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. जो लंबे समय तक अनुशासित निवेश के फायदे को दिखाता है. 3000 रुपये की SIP से 20 वर्षों में इतना बनेगा फंड हर महीने 3000 रुपये की SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने और इसे लगातार 20 साल तक जारी रखने पर अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है. 12 प्रतिशत के अनुमानित रिटर्न के आधार पर इस अवधि के अंत में कुल कॉर्पस लगभग 27.59 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. इस दौरान निवेशक की जेब से कुल 7.20 लाख रुपये का निवेश होगा. जबकि संभावित कमाई करीब 20.39 लाख रुपये की हो सकती है. डिस्क्लेमर यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.