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काली पड़ी चांदी? होली के लिए पायल और बिछिया तुरंत चमकाने के आसान घरेलू नुस्खे

नई दिल्ली ।होली का त्योहार आते ही तैयारियों का दौर शुरू हो जाता है। रंग, परिधान और सजावट के साथ-साथ महिलाओं की सबसे बड़ी चिंता होती है उनके गहनों की चमक। खासकर पायल और बिछिया, जिन्हें महिलाएं अक्सर रोज पहनती हैं, समय के साथ काली पड़ जाती हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि होली पर आपके गहने फिर से चमकदार दिखें, तो कुछ आसान घरेलू नुस्खों से इन्हें आप मिनटों में चमका सकते हैं। सबसे पहले बेकिंग सोडा और नींबू का तरीका बहुत कारगर है। एक कटोरी में थोड़ी बेकिंग सोडा लें और उसमें कुछ बूंदें नींबू का रस डालकर पेस्ट तैयार करें। इसे पायल या बिछिया पर हल्के हाथों से रगड़ें और कुछ मिनट बाद साफ पानी से धोकर सूखे कपड़े से पोंछ लें। इससे चांदी की काली परत हटकर गहने फिर से चमकने लगेंगे। दूसरा तरीका है टूथपेस्ट का। इसके लिए गहनों पर थोड़ा सा टूथपेस्ट लगाएं और मुलायम ब्रश से हल्के हाथों से साफ करें। इसके बाद गहनों को पानी से धोकर सुखा लें। यह तरीका जल्दी और आसान होने के साथ ही चांदी को खरोंच से भी बचाता है। तीसरा तरीका है सिरका और बेकिंग सोडा का मिश्रण। एक कप सफेद सिरके में एक चम्मच बेकिंग सोडा डालें और गहनों को इसमें 10–15 मिनट तक भिगो दें। भिगोने के बाद साफ पानी से धोकर कपड़े से पोंछ लें। इस तरीके से गहनों की काली परत आसानी से हट जाती है और चमक लौट आती है। चौथा तरीका है इमली के पानी का। इमली में प्राकृतिक एसिड होता है जो चांदी की काली परत हटाने में मदद करता है। थोड़ी सी इमली को गुनगुने पानी में भिगो दें और जब पानी गाढ़ा हो जाए, उसमें गहनों को 10 मिनट के लिए डुबोकर रखें। इसके बाद मुलायम ब्रश या कपड़े से हल्के हाथों से रगड़कर गहनों को साफ करें। पाँचवां और अंतिम आसान तरीका है गर्म पानी और नमक का। एक कटोरी में गर्म पानी लें और उसमें एक चम्मच नमक डालकर घोल बनाएं। इसमें गहनों को 10 मिनट तक भिगोकर, मुलायम ब्रश से साफ करें। इसके बाद पानी से धोकर सुखाएं। यह तरीका भी चांदी की चमक बढ़ाने में बेहद प्रभावी है। इन सरल तरीकों से आप अपने पायल और बिछिया को होली से पहले चमकदार और नए जैसे बना सकते हैं। याद रखें कि सफाई करते समय ज्यादा जोर न लगाएं, क्योंकि इससे गहनों पर खरोंच आ सकती है। होली पर रंगों के साथ-साथ अपने गहनों की चमक भी बनाए रखें और इन आसान टिप्स के जरिए त्योहार को और भी खास बनाएं।

इंडियन-विदेशी शादी का नया फैशन गोल: शिखर धवन और सोफी की शादी की तस्वीरें ने सोशल मीडिया पर मचाई धूम

नई दिल्ली ।क्रिकेटर शिखर धवन ने अपनी विदेशी मंगेतर सोफी शाइन के साथ शादी कर ली है और उनकी शादी की पहली फोटो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तहलका मच गया। प्री- वेडिंग फंक्शन्स की खूबसूरत फोटोज़ के बाद अब उनका वेडिंग लुक सबका ध्यान खींच रहा है। खासकर, सोफी शाइन ने सफेद फ्लोरल लहंगे में दुल्हन बनकर हर किसी का दिल जीत लिया। सोफी का वेडिंग लुक रॉयल और मॉडर्न ब्राइड का परफेक्ट मिश्रण पेश कर रहा है। लहंगे पर ऑरेंज, पीच और ग्रीन डिटेलिंग के साथ फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी ने इसे बेहद खूबसूरत बनाया। 3डी फूलों और हैवी थ्रेड वर्क ने लहंगे को रिच लुक दिया, वहीं चौड़ा एम्ब्रॉयडेड बॉर्डर इसे ग्रैंड फिनिश देता है। लहंगे का फ्लो और कैन-कैन बैलेंस इसे स्टाइलिश बनाता है। सोफी के ब्लाउज ने भी सबकी निगाहें खींची। फुल स्लीव्स शीयर लेस डिटेलिंग के साथ बने थे और फ्रंट पर वाइट पर्ल्स से इसे स्टेटमेंट लुक दिया गया। स्ट्रक्चर्ड फिट ब्लाउज फ्लोरल लहंगे के साथ परफेक्ट ट्यूनिंग करता नजर आया। वेडिंग लुक का अहम हिस्सा था दुपट्टा। सोफी ने इसे वेल स्टाइल में सिर पर पिनअप किया और नेट फैब्रिक पर नाजुक कढ़ाई का इस्तेमाल किया, जिससे देसी ब्राइडल लुक को मॉडर्न टच मिला। जूलरी में हीरे-पन्ने की लेयर्ड चूड़ियाँ, स्टेटमेंट नेकपीस, इयररिंग्स, मांग टीका और हाथ फूल शामिल थे, जिसने ट्रेडिशनल और मॉडर्न दोनों तरह के लुक को परफेक्ट बनाया। बालों को साइड पार्टीशन के साथ सॉफ्ट कर्ल में रखा गया और मेकअप भी सॉफ्ट टोन में किया गया, जिससे पूरे लुक को निखारा गया। शिखर धवन ने भी अपनी दुल्हन के लुक को कंप्लीमेंट करते हुए व्हाइट शेरवानी और प्लेन पैंट्स पहनी। सिल्वर एम्ब्रॉयडरी, प्लीटेड शॉल और मैचिंग पग ने दूल्हे को भी रॉयल फील दिया। साथ ही पन्ने की लेयर्ड नेकपीस ने लुक को और परफेक्ट फिनिश दी। सोफी और शिखर के वेडिंग लुक से यह साफ है कि अब ब्राइड्स के लिए नए फैशन गोल सेट हो गए हैं। अगर आप भी यूनिक ब्राइडल लुक चाहती हैं, तो सोफी के कुछ टिप्स अपनाएं: आइवरी, क्रीम या शैंपेन शेड चुनें, फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी के साथ रॉयल फील आएगा। साधारण जरी वर्क की बजाय 3डी फ्लावर मोटिफ्स चुनें, जिससे लहंगा यूनिक लगे। ब्लाउज में लेस या शीयर पैटर्न ट्राई करें, मॉडर्न ब्राइड वाला टच मिलेगा। जूलरी के लिए पर्ल लेयर्ड या सॉफ्ट टोन सिलेक्ट करें, गोल्ड या कुंदन की बजाय। सोफी और शिखर की शादी की तस्वीरें इंस्टाग्राम और ट्विटर पर वायरल हो चुकी हैं और फैन्स दोनों की जोड़ी को खूब पसंद कर रहे हैं।

Karthigai Deepam 2026: 23 फरवरी को मनाया जाएगा दीपों का भव्य त्योहार, जानें तिथि, पूजा और तिरुवन्नमलाई महादीपम की खासियत

नई दिल्ली । तमिल हिंदू समुदाय के लिए कार्तिगई दीपम त्योहार का विशेष महत्व है। इस साल यह पर्व सोमवार 23 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। कार्तिगई दीपम मासिक कार्तिकेई नक्षत्र यानी कृत्तिका नक्षत्र के समय आता है और भगवान शिव को समर्पित होता है। यह प्राचीन हिंदू त्योहार तमिल परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण उत्सव है जिसमें घर मंदिर और सड़कों को तेल के दीयों से रोशन किया जाता है। दीपों की यह कतार अंधकार पर दिव्य प्रकाश की विजय का प्रतीक मानी जाती है। कार्तिगई नक्षत्र हिंदू ज्योतिष के 27 चंद्र नक्षत्रों में से एक है। जब यह नक्षत्र चंद्र दिवस के साथ मेल खाता है भक्त घरों और दुकानों के बाहर दीपक जलाकर भगवान शिव की पूजा करते हैं। मासिक कार्तिगई नक्षत्र के दिन अनुष्ठान करना आध्यात्मिक रूप से पुण्यकारी होता है लेकिन साल का कार्तिगई दीपम पर्व विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा में तेल के दीयों की कतारें लगाई जाती हैं पूजा स्थल सजाए जाते हैं और भक्त भगवान शिव की आराधना करते हैं। दीपक जलाने का अर्थ केवल रोशनी नहीं बल्कि सकारात्मक ऊर्जा शुभता और दिव्य आशीर्वाद को आमंत्रित करना है। इसके साथ ही भक्त शांति समृद्धि और आध्यात्मिक विकास की कामना करते हैं। कार्तिगई दीपम का भव्यतम उत्सव तमिलनाडु के तिरुवन्नमलाई में होता है। यहां अन्नमलैयार मंदिर के प्रांगण और तिरुवन्नमलाई पहाड़ी की चोटी पर महादीपम नामक विशाल दीपक प्रज्वलित किया जाता है। इसकी लौ कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देती है और भगवान शिव के अनंत प्रकाश स्वरूप का प्रतीक मानी जाती है। हजारों भक्त श्रद्धा और भक्ति भाव से इस अनुष्ठान में शामिल होते हैं। महादीपम प्रज्वलित करना तमिल हिंदू परंपरा में सबसे आध्यात्मिक और उत्थानकारी क्षणों में से एक माना जाता है। मासिक कार्तिक नक्षत्र भी हर महीने कृत्तिका नक्षत्र पर आता है लेकिन कार्तिगई दीपम का पर्व वर्ष में एक बार विशेष रूप से मनाया जाता है। भक्त इसे आध्यात्मिक शांति समृद्धि और जीवन में शुभता लाने का अवसर मानते हैं। इस दिन दीप जलाने पूजा करने और तिरुवन्नमलाई महादीपम देखने से भक्तों का मनोबल और भक्ति भाव बढ़ता है। इस प्रकार 23 फरवरी 2026 को कार्तिगई दीपम का त्योहार केवल दीपों का उत्सव नहीं बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भगवान शिव के प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। यह दिन तमिल हिंदू समाज के लिए विशेष रूप से धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है।

Skanda Sashti 2026: संतान प्राप्ति और खुशहाल जीवन के लिए आज रखें व्रत

नई दिल्ली । आज 22 फरवरी 2026 को हिंदू धर्म में विशेष व्रत संकद षष्ठी का दिन है। इसे संतान प्राप्ति और संतान के सुख-समृद्ध जीवन के लिए श्रेष्ठ व्रत माना जाता है। फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर यह व्रत रखा जाता है। स्कंद षष्ठी के दिन माता गौरी और भगवान शंकर के पुत्र कार्तिकेय, जिन्हें हम भगवान स्कंद, मुरुगन या सुब्रह्मणयम के नाम से जानते हैं, की पूजा की जाती है। खासकर माताएं इस व्रत का पालन संतान की कामना और उसके सुख-समृद्ध जीवन के लिए करती हैं। पंचांग के अनुसार, आज सुबह 11:09 बजे से षष्ठी तिथि प्रारंभ होगी और कल 23 फरवरी को सुबह 09:09 बजे तक रहेगी। पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं। सुबह 05:12 से 06:03 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त है, दोपहर 12:12 से 12:58 बजे तक अभिजीत मुहूर्त, दोपहर 02:29 से 03:14 बजे तक विजय मुहूर्त और शाम 06:14 से 06:39 बजे तक गोधूलि मुहूर्त। इस समय के दौरान पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है। स्कंद षष्ठी पूजा की विधि सरल लेकिन नियमबद्ध होती है। सुबह उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। सूर्य देव को जल अर्पित करें और फिर पूजाघर में पूजा की तैयारी करें। एक चौकी पर भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। सबसे पहले गंगाजल से भगवान को स्नान कराएं, फिर चंदन का तिलक लगाएं। इसके बाद पीले फूल, फल, भोग, धूप और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करें। भगवान स्कंद के मंत्रों का जाप करें और अंत में आरती करें। व्रत के दौरान कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। पूरे दिन सात्विक भोजन करें, जैसे फल, दूध और मेवे। अनाज और तामसिक चीजों से परहेज करें। व्रत के दौरान किसी की बुराई या निंदा न करें। अगले दिन विधिपूर्वक व्रत का पारण करें। यह नियम व्रत की सफलता और मनोकामना पूर्ण होने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। स्कंद षष्ठी व्रत का महत्व केवल संतान प्राप्ति तक सीमित नहीं है। यह व्रत माता-पिता की भक्ति, परिवार में खुशहाली और संतान के जीवन में स्वास्थ्य और सफलता की कामना से भी जुड़ा है। श्रद्धा और नियम के साथ व्रत करने से इसे रखन वाले परिवार को मानसिक संतोष और आध्यात्मिक लाभ भी मिलता है। इसलिए आज 22 फरवरी को अगर आप संतान सुख या संतान के सुख-समृद्ध जीवन की कामना रखते हैं, तो स्कंद षष्ठी का व्रत श्रद्धापूर्वक रखें, पूजा विधि और नियमों का पालन करें और लाभ प्राप्त करें।

कैंसर की जंग के बीच दीपिका कक्कड़ की बढ़ी मुश्किलें! 13 मिमी की सिस्ट के लिए फिर होंगी अस्पताल में भर्ती, शोएब ने दी हेल्थ अपडेट

नई दिल्ली ।टेलीविज़न की मशहूर अभिनेत्री और ‘बिग बॉस 12’ की विजेता दीपिका कक्कड़ के लिए पिछला एक साल किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रहा है। साल 2025 में लीवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का पता चलने के बाद, जिसमें उनके लीवर का 22 प्रतिशत हिस्सा हटाना पड़ा था, अब एक्ट्रेस के सामने एक नई स्वास्थ्य चुनौती खड़ी हो गई है। दीपिका के पति और अभिनेता शोएब इब्राहिम ने अपने हालिया व्लॉग में प्रशंसकों को जानकारी दी है कि दीपिका के पेट में एक 13 मिमी (1.3 सेमी) की सिस्ट का पता चला है, जिसके इलाज के लिए उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा। शोएब ने बताया कि शुक्रवार की रात अचानक दीपिका के पेट का दर्द असहनीय हो गया, जिसके बाद तुरंत उन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में इस सिस्ट का खुलासा हुआ। हालांकि, शोएब ने राहत की खबर देते हुए यह भी साझा किया कि यह कोई बड़ी सर्जरी नहीं होगी, बल्कि डॉक्टर इस सिस्ट को जलाकर Cauterize हटाएंगे। दिसंबर के पीईटी स्कैन में यह सिस्ट नहीं दिखी थी, लेकिन समय रहते इसका पता चलना एक सकारात्मक संकेत है। दीपिका को 3-4 दिन अस्पताल में निगरानी में रखा जाएगा और मंगलवार को यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशंसक और साथी कलाकार अब दीपिका के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

राजनीतिक तनाव बढ़ा इंदौर में: कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा घेराव, पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी समेत कई घायल

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में रविवार को राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया जब पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। भाजपा युवा मोर्चा द्वारा कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने की घोषणा के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया। पुलिस प्रशासन ने संभावित विवाद को देखते हुए पहले ही भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग कर दी थी। दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता भी कार्यालय परिसर के बाहर बड़ी संख्या में जमा हो गए। शुरुआती नारेबाजी के बीच माहौल धीरे-धीरे गरमाता गया और देखते ही देखते स्थिति पत्थरबाजी में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में हालात नियंत्रण से बाहर हो गए। दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए और हाथापाई और पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान कई लोग घायल हुए, जबकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी इसकी चपेट में आए। सब इंस्पेक्टर राम सिंह बघेल को सीधे पत्थर लगने से गंभीर चोट आई, जबकि आरक्षक जगमोहन भी घायल हुए। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भीड़ को तितर-बितर किया। घायल पुलिसकर्मियों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि प्रदर्शन के लिए कोई विधिवत अनुमति नहीं ली गई थी। मामले में शासकीय कार्य में बाधा, बिना अनुमति प्रदर्शन और कानून व्यवस्था भंग करने से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स की मदद से पत्थरबाजी में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों। पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक दलों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। यह घटना इंदौर में राजनीतिक हिंसा की चिंता बढ़ाती है और यह याद दिलाती है कि सड़क और सार्वजनिक जगह पर सुरक्षा का ध्यान रखना कितना जरूरी है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता कभी-कभी हिंसक रूप ले लेती है, इसलिए सभी पक्षों से संयम और कानून का पालन करने की अपील की जा रही है।

जबलपुर सांप्रदायिक हिंसा अपडेट: उपद्रवियों पर बरसी पुलिस की लाठी, 5 एफआईआर दर्ज और 60 दंगाइयों को भेजा गया जेल।

 जबलपुर/मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा में हुए सांप्रदायिक उपद्रव के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। दुर्गा मंदिर पर पथराव और तोड़फोड़ की घटना से उपजे तनाव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 60 से ज्यादा उपद्रवियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी पल-पल की स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं। सिहोरा हिंसा: पुलिस का कड़ा प्रहार, गिरफ्तारियों का आंकड़ा पहुंचा 60 के पारजबलपुर का सिहोरा क्षेत्र बीते कुछ घंटों से सांप्रदायिक तनाव की चपेट में था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उपद्रवियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने अब तक कुल 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआत में जहां 49 आरोपियों को जेल भेजा गया था, वहीं ताजा कार्रवाई में 12 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा ले रही है; सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए एक-एक चेहरे की शिनाख्त की जा रही है, ताकि कोई भी दोषी कानून के हाथ से बच न सके। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने अब तक कुल पांच अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। ये मामले मंदिर में तोड़फोड़, पथराव, आगजनी और सार्वजनिक शांति भंग करने की धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं। चश्मदीदों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सिहोरा के वार्ड नंबर 5 और आजाद चौक जैसे संवेदनशील इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही पुलिस की कई टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। हालांकि, प्रशासन की मुस्तैदी के चलते अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और बाजार व आवाजाही फिर से पटरी पर लौटने लगी है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की भ्रामक खबर या अफवाह पर विश्वास न करने की पुरजोर अपील की है। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रहेगा।

किडनी रोग के शुरुआती संकेत: स्किन पर दिखें ये लक्षण, नज़रअंदाज़ किया तो गंभीर हो सकता है

नई दिल्ली । आज के समय में किडनी की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है और इसे अक्सर साइलेंट कंडीशन कहा जाता है क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते। लेकिन जैसे जैसे किडनी की कार्यक्षमता घटती है शरीर की त्वचा और नाखून कई संकेत देने लगते हैं जिन्हें समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है। सबसे आम संकेतों में से एक है त्वचा का अत्यधिक रूखा होना। त्वचा खुरदुरी पपड़ीदार और तनी हुई महसूस हो सकती है कई बार इसमें दरारें भी पड़ जाती हैं और यह मछली की चमड़ी जैसी दिखने लगती है। लगातार खुजली भी किडनी रोग का बड़ा संकेत हो सकती है। यह खुजली कभी शरीर के एक हिस्से तक सीमित रहती है और कभी पूरे शरीर में फैल जाती है। अगर यह लंबे समय तक बनी रहती है तो त्वचा पर खरोंच के निशान उभरने लगते हैं। कुछ जगहों पर त्वचा मोटी हो सकती है या सख्त गांठें बन सकती हैं जिससे इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। किडनी सही से काम न करे तो खून में विषैले तत्व जमा होने लगते हैं। इसका असर त्वचा के रंग पर भी दिखाई देता है जो पीली धूसर या असामान्य रूप से फीकी नजर आ सकती है। कुछ लोगों में त्वचा पर मोटी और पीली परत भी बन जाती है। इसके अलावा नाखूनों में बदलाव भी महत्वपूर्ण संकेत हैं। नाखूनों का ऊपरी हिस्सा सफेद और निचला हिस्सा भूरा या लाल दिख सकता है। कभी कभी नाखूनों पर सफेद रेखाएं भी उभर आती हैं जिन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। शरीर में सूजन यानी एडेमा भी किडनी फेलियर का संकेत हो सकता है। पैरों टखनों हाथों या चेहरे पर सूजन आ सकती है और त्वचा तनी या चमकदार दिख सकती है। खून में टॉक्सिन बढ़ने से त्वचा पर छोटे दाने या रैशेज भी उभर सकते हैं जिनमें तेज खुजली होती है और ठीक होने के बाद भी यह दोबारा उभर सकते हैं। कुछ गंभीर मामलों में बिना किसी स्पष्ट कारण के फफोले भी पड़ सकते हैं। ये हाथ पैर या चेहरे पर दिखाई देते हैं और सूखने के बाद निशान छोड़ जाते हैं। पेट या कमर के आसपास कोई नई गांठ या सूजन दिखे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या या कैंसर का संकेत भी हो सकता है। इसलिए अगर त्वचा में लगातार रूखापन खुजली दाने नाखूनों में बदलाव सूजन या किसी भी तरह की असामान्य गांठ नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। शुरुआती पहचान और समय पर इलाज से गंभीर किडनी समस्याओं और फेलियर को रोका जा सकता है। अपनी किडनी की सेहत पर ध्यान देना जितना जरूरी है उतना ही अपने शरीर के छोटे छोटे संकेतों को समझना भी महत्वपूर्ण है।

हादसे की राह में अनियंत्रित बस, पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस पलटी, चालक गंभीर रूप से घायल

होशंगाबाद जिले के पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस रविवार 22 फरवरी सुबह करीब दस बजे रेनीखेड़ा गांव के पास पलट गई और हादसे में पंद्रह यात्री घायल हो गए। बस के अनियंत्रित होकर पलटने की जानकारी मिलने पर माहुलझिर थाना पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल तामिया अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार बस पिपरिया से छिंदवाड़ा की ओर आ रही थी और रेनीखेड़ा के पास अचानक चालक ने बस पर नियंत्रण खो दिया। हादसे के समय बस में यात्रियों की संख्या अधिक नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लेकिन इसके बावजूद पंद्रह यात्रियों को चोटें आई हैं। इनमें से दस से ग्यारह यात्रियों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें पिपरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी अन्य मामूली घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। बस चालक अमर के सिर में गंभीर चोट आई है और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार चालक की स्थिति गंभीर है और उनकी निगरानी जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत क्रेन की मदद से पलटी हुई बस को सड़क से हटवाया और यातायात सामान्य किया। साथ ही पुलिस ने केस दर्ज कर हादसे की वजहों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज गति के कारण बस अनियंत्रित हो गई और पलटी। स्थानीय लोगों ने बताया कि बस पलटते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ आए और घायलों की मदद की। कई लोग घायल यात्रियों को तामिया अस्पताल तक पहुंचाने में शामिल हुए। हादसे में गनीमत यह रही कि बस में ज्यादा भीड़ नहीं थी, अन्यथा परिणाम और भी भयावह हो सकता था। पुलिस ने चेतावनी दी है कि पिपरिया-छिंदवाड़ा मार्ग पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और तेज गति से बचें। स्थानीय प्रशासन भी हादसे के बाद सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रहा है। बस हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा पर ध्यान देना कितना जरूरी है। तेज गति और चालक की लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। यात्रियों और आम जनता से अपील की गई है कि सड़क पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अनियंत्रित वाहन से बचने के लिए सतर्क रहें।

लालच में गवां दी कमाई: रिटायर टीआई के साथ 14 लाख की ठगी, फर्जी ट्रेडिंग ग्रुप ने बनाया शिकार

छिंदवाड़ा । जिले में रिटायर टीआई कोमल दियावार ठगी का शिकार हो गए जब फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर बनाए गए एक ग्रुप ने उनके साथ 14 लाख से अधिक की ठगी कर दी। ठगों ने मोटा मुनाफा दिखाकर उन्हें अपने जाल में फंसाया।ठगी का तरीका जानकारी के अनुसार ठगों ने एक ट्रेडिंग कंपनी जैसा दिखने वाला ग्रुप बनाया और रिटायर अधिकारी को उसमें शामिल किया। शुरुआत में खाते में अच्छे मुनाफे का लालच दिखाया गया। विश्वास होने के बाद अधिकारी ने अपने 14 लाख रुपए ग्रुप के माध्यम से जमा कर दिए। अचानक ग्रुप बंद होने पर उन्हें ठगी का अंदाजा हुआ और वह कोतवाली थाना पहुंचे। पुलिस कार्रवाई कोतवाली थाना प्रभारी आशीष धुर्वे ने मीडिया को बताया कि फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के माध्यम से रिटायर अधिकारी को धोखा दिया गया। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। सावधानी की जरूरत विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश के लालच में जल्दबाजी करना अक्सर भारी पड़ता है। किसी भी निवेश से पहले कंपनी का सत्यापन आधिकारिक पंजीकरण और विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। यह मामला निवेश के नाम पर बढ़ती ठगी की गंभीर चुनौती को उजागर करता है और लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी देता है।