शहडोल में नशे पर बड़ा प्रहार: लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी गिरफ्तार, 730 ऑनरेक्स सिरप जब्त

शहडोल । शहडोल जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने दुर्गा कॉलोनी स्थित टेक्निकल ग्राउंड के पास रहने वाली कथित लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 730 नग ऑनरेक्स कफ सिरप जब्त किया है। जब्त सिरप की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी शबनम बी पहले भी नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त पाई जा चुकी है। लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने सुनियोजित रणनीति बनाकर दबिश दी और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि आरोपी बाहरी राज्यों से नशीली सामग्री मंगाकर जिले में युवाओं के बीच सप्लाई कर रही थी जिससे युवा वर्ग तेजी से नशे की चपेट में आ रहा था। कार्रवाई के दौरान एक संगठित गिरोह का खुलासा भी हुआ है। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क में बंटी उसका बेटा और दामाद के अलावा अंतरराज्यीय तस्कर रमेश जायसवाल सहित अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई है। पांच अन्य संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। कोतवाली थाना प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नशे के खिलाफ यह विशेष अभियान चलाया गया। 730 ऑनरेक्स सिरप के साथ एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया है जबकि पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले में नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं आमजन ने पुलिस की इस पहल की सराहना की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
इंदौर-भोपाल घटनाक्रम पर गरमाई सियासत, PCC चीफ जीतू पटवारी ने CS को लिखा पत्र

भोपाल । भोपाल और इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट और पार्टी कार्यालयों पर हुए कथित हमलों को लेकर प्रदेश की सियासत तेज हो गई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी आपत्ति जताते हुए मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखा है। जीतू पटवारी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि भोपाल, इंदौर सहित विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस कार्यालयों पर संगठित रूप से हमला किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं पर जानलेवा हमले का प्रयास किया गया, जबकि पुलिस मौके पर मौजूद होने के बावजूद मूकदर्शक बनी रही। पटवारी ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि पीसीसी कार्यालय पर हुए प्रदर्शन ने गुंडागर्दी का रूप ले लिया। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और कार्यालयों में तोड़फोड़ की कोशिश की गई। उनके अनुसार, यह घटनाएं प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होंगी। पत्र में पटवारी ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि किसी भी स्तर पर राजनीतिक संरक्षण या सहमति की भूमिका पाई जाती है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए, ताकि प्रदेश की जनता का कानून व्यवस्था और प्रशासनिक निष्पक्षता पर विश्वास कायम रह सके। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस जहां इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रही है, वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
मार्च 2026 में 'रवि' और 'सोम' प्रदोष व्रत का अद्भुत संयोग: महादेव की कृपा पाने के लिए नोट कर लें शुभ मुहूर्त और तिथि

नई दिल्ली ।हिंदू धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए प्रदोष व्रत को सर्वोत्तम माना गया है। पौराणिक मान्यताओं और शिव पुराण के अनुसार, त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष काल में महादेव स्वयं शिवलिंग में साक्षात विराजमान होते हैं। मार्च 2026 का महीना शिव भक्तों के लिए विशेष होने वाला है, क्योंकि इस महीने में दो अत्यंत फलदायी प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं। पहला व्रत जहाँ रविवार को होने के कारण “रवि प्रदोष” कहलाएगा, वहीं दूसरा व्रत सोमवार को होने की वजह से “सोम प्रदोष” के नाम से जाना जाएगा। शास्त्रों में इन दोनों ही वारों पर पड़ने वाले प्रदोष व्रत का विशेष महत्व बताया गया है, जो साधक को आरोग्य और मानसिक शांति प्रदान करते हैं। मार्च महीने के पहले प्रदोष व्रत की शुरुआत फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी तिथि से हो रही है। पंचांग के अनुसार, यह तिथि 28 फरवरी की रात 08 बजकर 43 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 1 मार्च, रविवार को रात 09 बजकर 11 मिनट पर समाप्त होगी। चूंकि प्रदोष व्रत की पूजा शाम के समय यानी प्रदोष काल में की जाती है, इसलिए 1 मार्च को “रवि प्रदोष व्रत” रखा जाएगा। इस दिन महादेव की पूजा के लिए शाम 06 बजकर 21 मिनट से लेकर 07 बजकर 09 मिनट तक का समय सबसे शुभ रहेगा। रविवार को प्रदोष व्रत रखने से सूर्य देव का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे व्यक्ति को मान-सम्मान और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। वहीं, मार्च का दूसरा प्रदोष व्रत चैत्र कृष्ण त्रयोदशी को पड़ेगा। इसकी तिथि 16 मार्च 2026 को सुबह 09:40 बजे प्रारंभ होकर 17 मार्च की सुबह 09:23 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल की गणना के अनुसार, यह व्रत 16 मार्च को रखा जाएगा। सोमवार का दिन होने के कारण यह “सोम प्रदोष” कहलाएगा, जिसे शिवजी का सबसे प्रिय दिन माना जाता है। इस दिन पूजा का मुहूर्त शाम 06:30 बजे से रात 08:54 बजे तक रहेगा। सोम प्रदोष का व्रत करने से वैवाहिक जीवन के कष्ट दूर होते हैं और चंद्रमा की शुभता बढ़ती है। प्रदोष व्रत केवल एक उपवास नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उत्थान का मार्ग है। मान्यता है कि जो भक्त इस दिन निराहार रहकर शिवलिंग पर जल, दूध और विशेष रूप से “बेलपत्र” अर्पित करते हैं, उनके जीवन से दरिद्रता और दुखों का नाश होता है। यह व्रत क्रोध, लोभ और मोह जैसे विकारों से मुक्ति दिलाकर मन में सकारात्मकता का संचार करता है। यदि आप भी महादेव की असीम अनुकंपा प्राप्त करना चाहते हैं और अपने घर में सुख-शांति की कामना रखते हैं, तो मार्च के इन दो विशेष तिथियों को अपनी डायरी में जरूर नोट कर लें।
झोपड़ी में स्कूल, फाइलों में कवर्ड गांव: बुरहानपुर के बोमल्यापाट में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

बुरहानपुर । बुरहानपुर जिले के आदिवासी अंचल में स्थित मांडवा ग्राम पंचायत का बोमल्यापाट फाल्या आज भी बुनियादी शिक्षा सुविधाओं के लिए तरस रहा है। आजादी के 78 साल बाद भी यहां के करीब 60 बच्चे एक मजदूर की झोपड़ी में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सरकारी फाइलों में गांव को कवर्ड दिखाया गया है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि न पक्का स्कूल भवन है न नियमित शिक्षक और न ही आने-जाने के लिए सड़क। ग्रामीणों के अनुसार बच्चे कपड़े बिछाकर झोपड़ी में बैठते हैं। बरसात में कीचड़ और गर्मी में तपती जमीन ही उनका क्लासरूम बनती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां कक्षा 9वीं की छात्रा सीमा बडोले खुद छोटे बच्चों को पढ़ा रही हैं। उन्हें वन विभाग के एक नाकेदार कैलाश द्वारा 3000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया गया है ताकि किसी तरह पढ़ाई जारी रह सके। सवाल उठता है कि क्या आदिवासी बस्ती की शिक्षा अब दान और व्यक्तिगत सहयोग पर चलेगी? ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की जनप्रतिनिधि भी आदिवासी समाज से आती हैं इसके बावजूद बच्चों को बुनियादी स्कूल तक नसीब नहीं है। चुनाव के समय वादे होते हैं लेकिन उसके बाद हालात जस के तस बने रहते हैं। छात्र राजेश और राहुल सहित अन्य बच्चों का कहना है कि वे पढ़ना चाहते हैं लेकिन संसाधनों की कमी उनके सपनों के आड़े आ रही है। ग्राम के युवा मास्टर रावत ने शासन से तत्काल स्कूल भवन नियमित शिक्षक और सड़क की मांग की है। सरकारी योजनाओं के दावों के बीच बोमल्यापाट की स्थिति कई सवाल खड़े करती है। जब इस संबंध में नेपानगर के एसडीएम भागीरथ वाखला से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि गांव धरती आभा योजना में छूट गया है तो प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा और शिक्षा विभाग से सर्वे कराया जाएगा। वहीं आदिवासी विभाग के उपसंचालक भारत जांचपुरे ने भरोसा दिलाया कि प्रस्ताव तैयार कर डीपीसी के माध्यम से भोपाल भेजा जाएगा और बच्चों का भविष्य बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक सिर्फ सर्वे और प्रस्ताव की प्रक्रिया चलती रहेगी? 78 वर्षों बाद भी यदि एक गांव में स्कूल भवन और शिक्षक की व्यवस्था नहीं हो पाती तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है। बोमल्यापाट के बच्चे आज भी झोपड़ी में बैठकर भविष्य संवारने का सपना देख रहे हैं। अब देखना है कि शासन-प्रशासन इन बच्चों के लिए ठोस कदम उठाता है या यह बस्ती यूं ही कागजों में कवर्ड और जमीन पर उपेक्षित बनी रहेगी।
टी20 वर्ल्ड कप 2026: क्या बारिश बुझा देगी पाकिस्तान की सेमीफाइनल की उम्मीदें? समझिए समीकरण

नई दिल्ली ।कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में शनिवार को कुदरत का करिश्मा कुछ ऐसा रहा कि मैदान पर खिलाड़ियों के बजाय सिर्फ बारिश की बूंदें नजर आईं। पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला टी20 वर्ल्ड कप का अहम मुकाबला बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गया। इस मैच के रद्द होने और दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलने के बाद, ग्रुप की स्थिति अब बेहद रोमांचक और साथ ही पेचीदा हो गई है। खास तौर पर पाकिस्तान के लिए, जिसका नेट रन रेट फिलहाल चिंता का विषय है, अब सेमीफाइनल की डगर कांटों भरी नजर आ रही है। चूंकि इन मैचों के लिए कोई ‘रिजर्व डे’ नहीं रखा गया है, इसलिए अंक साझा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। अब पाकिस्तान के पास कुल एक अंक है और आगे की राह बिल्कुल साफ है: “करो या मरो”। पाकिस्तान को अब 24 फरवरी को इंग्लैंड और 28 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ अपने दोनों बचे हुए मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे। यदि पाकिस्तान ये दोनों मैच जीत लेता है, तो उसके पास कुल पांच अंक हो जाएंगे, जो उसे सेमीफाइनल के दरवाजे तक ले जाने के लिए पर्याप्त होंगे। तीन मैचों के ग्रुप में पांच अंक एक ऐसा ‘सेफ स्कोर’ है, जिसे पार करना किसी भी दूसरी टीम के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा। असली पेंच तब फंसेगा जब पाकिस्तान एक मैच जीते और एक हार जाए। ऐसी स्थिति में टीम के पास केवल तीन अंक होंगे और फिर बात “नेट रन रेट” और दूसरी टीमों के नतीजों पर टिक जाएगी। पाकिस्तान का इतिहास गवाह है कि नेट रन रेट के मामले में वह अक्सर पिछड़ जाता है, इसलिए एक भी हार या एक और मैच का बारिश में धुलना सीधे तौर पर टीम को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा सकता है। प्रशंसकों की दुआएं अब सिर्फ जीत के लिए नहीं, बल्कि साफ मौसम के लिए भी होंगी। दिलचस्प बात यह है कि सांख्यिकीय दृष्टि से इस मैच के धुलने का पाकिस्तान और न्यूजीलैंड को थोड़ा फायदा भी हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सभी चारों टीमों को बराबर शक्तिशाली माना जाए, तो मैच रद्द होने से दोनों टीमों के खाते में एक गारंटीड अंक जुड़ गया है और हार का खतरा टल गया है। आंकड़ों के लिहाज से अब पाकिस्तान और न्यूजीलैंड की सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना लगभग 56.25% हो गई है, जबकि इंग्लैंड और श्रीलंका, जिन्हें अभी जोखिम भरे मैच खेलने हैं, उनकी संभावना 43.75% के आसपास है। हालांकि, यह गणित केवल तभी काम करेगा जब पाकिस्तान मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करे। फिलहाल, पाकिस्तान के लिए टूर्नामेंट का हर ओवर एक ‘फाइनल’ की तरह है।
पांढुर्णा में डकैतों का आतंक: 5 वारदातों में लाखों की लूट, 12 नकाबपोश हथियारों के बल पर फरार

पांढुर्णा । पांढुर्णा में बीती रात डकैती की एक-दो नहीं बल्कि पांच सनसनीखेज वारदातों ने शहर को दहला दिया। करीब एक दर्जन नकाबपोश और हथियारधारी बदमाशों ने अलग-अलग इलाकों में मकानों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लूट ली। वारदात के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार बदमाशों ने देर रात घरों में घुसकर पहले मकान मालिकों के साथ मारपीट की और फिर कीमती सामान लेकर फरार हो गए। संतोषी माता वार्ड और साई धाम कॉलोनी सहित कई इलाकों में डकैतों ने एक ही रात में पांच वारदातों को अंजाम दिया। पीड़ितों के मुताबिक हमलावरों की संख्या 10 से 12 के बीच थी और सभी ने चेहरे ढक रखे थे। संतोषी माता वार्ड में वन विभाग कर्मचारी सुनील यदुवंशी ने बताया कि बदमाशों ने घर में घुसते ही लोहे की रॉड से उनके पैर पर हमला कर दिया। वहीं कंचन कौशिक ने बताया कि आरोपियों ने उनके गले पर लोहे की रॉड रखकर जान से मारने की धमकी दी और सोने का मंगलसूत्र व कान के झुमके छीन लिए। साई धाम कॉलोनी निवासी अमित डोंगरे ने बताया कि उनके घर की खिड़की पर पत्थरों से हमला कर अंदर घुसने की कोशिश की गई और नकदी व जेवरात लेकर आरोपी फरार हो गए। पीड़ित परिवारों का कहना है कि बदमाश बेहद संगठित तरीके से वारदात को अंजाम दे रहे थे। कुछ ही मिनटों में वे घरों से कीमती सामान समेटकर भाग निकले। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपये का नुकसान हुआ है हालांकि पुलिस ने अभी आधिकारिक तौर पर लूटी गई रकम का खुलासा नहीं किया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी की गई। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान के प्रयास जारी हैं और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। लगातार हुई इन पांच डकैतियों से शहरवासियों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों ने रात में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के हवाले किया जाएगा।
US: जेपीमॉर्गन ने 6 जनवरी 2021 के बाद बंद कर दिए थे ट्रंप के खाते… कोर्ट में बैंक ने पहली बार स्वीकारा

वॉशिंगटन। छह जनवरी 2021 को अमेरिकी कैपिटल (American Capitol) पर हुए हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप (President Trump) के बैंक खातों को बंद किए जाने का मामला फिर चर्चा में है। जेपीमॉर्गन चेज (JPMorgan Chase) ने पहली बार अदालत में स्वीकार किया है कि फरवरी 2021 में ट्रंप और उनकी कुछ कंपनियों के खाते बंद किए गए थे। यह स्वीकारोक्ति उस मुकदमे के दौरान सामने आई है जिसमें ट्रंप ने बैंक और उसके प्रमुख जेमी डाइमोन पर 5 अरब डॉलर का दावा ठोका है। ट्रंप का आरोप है कि उनके खाते राजनीतिक कारणों से बंद किए गए, जिससे उनके कारोबार को नुकसान हुआ। दायर हलफनामे में बैंक के पूर्व मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डैन विल्कनिंग ने लिखा कि फरवरी 2021 में निजी बैंक और कमर्शियल बैंक से जुड़े कुछ खाते बंद करने की सूचना दी गई थी। अब तक बैंक केवल सामान्य तौर पर खाते बंद करने की नीतियों पर बात करता रहा था, लेकिन यह पहली बार है जब उसने सीधे तौर पर ट्रंप के खातों के बंद होने की पुष्टि की है। बैंक ने पहले कहा था कि यह मुकदमा बेबुनियाद है। ट्रंप ने क्या आरोप लगाएट्रंप ने यह मुकदमा पहले फ्लोरिडा की अदालत में दायर किया था, जहां अब उनका मुख्य निवास है। उनका कहना है कि बैंक ने ‘ट्रेड लाइबल’ किया और फ्लोरिडा के अनुचित और भ्रामक व्यापार कानून का उल्लंघन किया। मुकदमे में आरोप है कि जब खाते बंद किए जा रहे थे, तब ट्रंप ने जेमी डाइमोन से व्यक्तिगत रूप से बात की थी और उन्होंने मामले को देखने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में कोई कार्रवाई नहीं हुई। ट्रंप के वकीलों ने आरोप लगाया है कि बैंक ने राष्ट्रपति और उनकी कंपनियों को एक ‘ब्लैकलिस्ट’ में डाल दिया। उनका कहना है कि इस सूची का उपयोग अन्य बैंक भी करते हैं। इससे भविष्य में नए खाते खोलने या सेवाएं लेने में दिक्कत आती है। वकीलों का दावा है कि इससे ट्रंप परिवार और उनके कारोबार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। डीबैंकिंग को लेकर फिर बहस तेजयह मामला तथाकथित ‘डीबैंकिंग’ की बहस को फिर से तेज कर रहा है। डीबैंकिंग तब होता है जब बैंक किसी ग्राहक के खाते बंद कर देता है या उसे सेवाएं देने से मना कर देता है। पिछले कुछ वर्षों में यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है। कई रूढ़िवादी नेताओं का आरोप रहा है कि 6 जनवरी की घटना के बाद ‘जोखिम’ के नाम पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। जेपीमॉर्गन अब इस केस को न्यूयॉर्क स्थानांतरित कराने की कोशिश कर रहा है, जहां खाते संचालित होते थे। यह ट्रंप का किसी बड़े बैंक के खिलाफ पहला मामला नहीं है। मार्च 2025 में ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने क्रेडिट कार्ड कंपनी कैपिटल वन पर भी इसी तरह का मुकदमा दायर किया था, जो अभी लंबित है।
China: स्प्रिंग फेस्टिवल गाला में छाए ह्यूमनॉइड रोबोट… एक साल में बदली तस्वीर

बीजिंग। जो ह्यूमनॉइड रोबोट (Humanoid Robots) एक साल पहले सार्वजनिक प्रदर्शनों में गिरते-पड़ते नजर आते थे और जिनकी तकनीकी क्षमता पर संदेह जताया जाता था, वही अब कुंग फू फ्लिप्स (Kung Fu Flips), जिम्नास्टिक (Gymnastics) और हाई-प्रिसिजन डांस मूव्स (High-precision dance moves) के साथ चीन के स्प्रिंग फेस्टिवल गाला में छा गए हैं। दुनिया के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले इस टीवी शो में चीनी स्टार्टअप्स के रोबोट्स ने यह साफ कर दिया कि तकनीक कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है। इस प्रदर्शन ने जहां दर्शकों को रोमांचित किया, वहीं अमेरिका-चीन टेक रेस, नौकरियों के भविष्य और एआई आधारित मशीनों की बढ़ती ताकत पर वैश्विक बहस भी तेज कर दी है। हालांकि विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि असली परीक्षा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल और जटिल मानवीय वातावरण में विश्वसनीय प्रदर्शन की होगी। एक रिपोर्ट के अनुसार चीन के स्प्रिंग फेस्टिवल गाला में इस बार कई स्टार्टअप कंपनियों के ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने हिस्सा लिया। इन रोबोट्स ने कुंग फू स्टंट, समन्वित नृत्य और जिम्नास्टिक जैसे जटिल प्रदर्शन किए। यह प्रस्तुति 2025 के गाला से बिल्कुल अलग रही, जब अपेक्षाकृत कम उन्नत रोबोट्स रूमाल घुमाते हुए लोकनृत्य करते नजर आए थे और उनकी चाल अस्थिर दिखी थी। पिछले वर्ष अप्रैल में आयोजित एक रोबोट मैराथन भी सुर्खियों में रहा था, जहां कई रोबोट ठोकर खाते, गिरते या तकनीकी खराबी के कारण रुक जाते देखे गए थे। उस समय इन मशीनों की विश्वसनीयता पर सवाल उठे थे। लेकिन केवल एक वर्ष में तकनीकी सुधार ने धारणा बदल दी है। इस संबंध में सेमीएनालिसिस के विश्लेषक रेक नूटसेन ने कहा कि अब इन रोबोट्स को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उनके अनुसार स्प्रिंग गाला के प्रदर्शन के बाद रोबोट पहले से अधिक संतुलित, लचीले और सक्षम दिखे हैं। निर्माण और तैनाती में चीन की शुरुआती बढ़तबार्कलेज के आंकड़ों के अनुसार 2025 में दुनिया भर में लगभग 15,000 ह्यूमनॉइड रोबोट इंस्टॉलेशन हुए, जिनमें से 85 प्रतिशत से अधिक चीन में थे, जबकि अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 13 प्रतिशत रही। बार्कलेज की थीमैटिक एफआईसीसी रिसर्च प्रमुख जोर्नित्सा तोदोरोवा के मुताबिक चीन की सबसे बड़ी ताकत उसकी लगभग पूर्णतः वर्टिकली इंटीग्रेटेड रोबोटिक्स वैल्यू चेन है, रेयर अर्थ खनिजों और उच्च- प्रदर्शन मैग्नेट से लेकर भौतिक पुर्जों और बैटरियों तक। अमेरिका में टेस्ला का ऑप्टिमस रोबोट प्रमुख ह्यूमनॉइड परियोजनाओं में से एक है। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने जनवरी 2025 की अर्निंग कॉल में कहा, यदि वार्षिक उत्पादन 10 लाख इकाइयों तक पहुंचता है तो उत्पादन लागत 20,000 डॉलर से नीचे लाई जा सकती है, हालांकि अंतिम कीमत बाजार मांग पर निर्भर करेगी।
तमिलनाडु और बंगाल से 8 आतंकी गिरफ्तार, दिल्ली में बड़े हमले की कर रहे थे प्लानिंग

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में आतंकी हमले (Terrorist attacks) का अलर्ट जारी है. इस बीच बड़ी आतंकी साजिश बेनकाब हुई है. पुलिस ने बड़े आतंकी हमले की प्लानिंग बनाने वाले 8 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी पाकिस्तान (Pakistan) की ISI और बांग्लादेश (Bangladesh) के आतंकी संगठनों (Terrorist Organizations) के इशारे पर काम कर रहे थे. दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एक ऑपरेशन के तहत, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से इन 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. अब पुलिस इन आरोपियों को अब दिल्ली लेकर आ रही है. गिरफ्तार हुए आरोपियों में बांग्लादेश के नागरिक भी शामिल हैं. उनके पास से 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड भी बरामद हुए हैं. आरोपियों के नाम मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबत, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस ने पश्चिम बंगाल से भी 2 आरोपी गिरफ्तार किए हैं, इनमें एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल है. इस आतंकी मॉड्यूल ने 8 फरवरी को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों और मेट्रो में भड़काऊ पोस्टर लगाए थे, जिनमें कश्मीर से जुड़ी बातें भी लिखी गई थीं. भड़काऊ पोस्टर में FREE KASHMIR जैसी बातें लिखी हुई थीं. जब दिल्ली पुलिस ने पोस्टर को लेकर जांच शुरू की तो इस आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ. इसके बाद पुलिस ने इन सभी को तिरुप्पुर जिले के उथुकुली (2), पल्लडम (3) और तिरुमुरुगनपूंडी (1) स्थित गारमेंट यूनिट्स से गिरफ्तार किया. दिल्ली में बड़े आतंकी हमले का अलर्टहाल ही में जानकारी मिली कि पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली में बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने वाला है. संगठन भीड़भाड़ वाले इलाके और धार्मिक स्थलों को निशाना बना सकता है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा भारत के बड़े शहरों में IED ब्लास्ट की साजिश रच रहा है. लाल किला-चांदनी चौक में कड़ी सुरक्षाआतंकी हमले के हाई अलर्ट के बाद पुरानी दिल्ली में लाल किला के आसपास और चांदनी चौक की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं. भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. पुलिस ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए हैं.
Super Sunday: आज दो बड़े मैच खेलेगी टीम इंडिया.. बांग्लादेश को लड़कियां और SA को लड़के सिखाएंगे सबक

नई दिल्ली। क्रिकेट फैन्स (Cricket fans) के लिए संडे सच में सुपर होने वाला है. एक ही दिन में टीम इंडिया (Team India) दो बड़े मुकाबलों में मैदान पर उतर रही है. पहले एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट (Asia Cup Rising Stars Tournament) के फाइनल में भारतीय महिला टीम (Indian Women’s Team) बांग्लादेश से भिड़ेगी, और उसके बाद टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में भारतीय पुरुष टीम का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा। यानी दिन की शुरुआत महिला टीम के खिताबी मुकाबले से होगी और शाम को नजरें टी20 विश्व कप के सुपर-8 मुकाबले पर टिकी रहेंगी। पहले बांग्लादेश से खिताबी जंगएशिया कप राइजिंग स्टार्स के फाइनल में भारत और बांग्लादेश की महिला टीमें आमने-सामने होंगी. पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने संतुलित प्रदर्शन किया है. बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम ने मजबूती दिखाई है, जिसके दम पर वह फाइनल तक पहुंची है. बांग्लादेश की टीम भी कम नहीं आंकी जा सकती. उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में वह हमेशा चुनौती पेश करती है. ऐसे में फाइनल मुकाबला रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है. भारतीय महिला टीम की कोशिश होगी कि वह दबाव के इस मुकाबले में संयम बनाए रखे और ट्रॉफी अपने नाम करे. दोनों टीमों के इस टूर्नामेंट के सफर पर अगर नजर डालें तो बांग्लादेश ने अपने 3 में से 3 मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई है. वहीं, भारत ने 3 में से 2 मैच जीते हैं और फाइनल में उसे जगह मिली है। भारत और बांग्लादेश के बीच ये फाइनल मैच बैंकॉक में दोपहर 2 बजे से खेला जाएगा। शाम को साउथ अफ्रीका से सुपर-8 की टक्करमहिला टीम के बाद बारी होगी पुरुष टीम की. टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारत का मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होगा. कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारतीय टीम अब तक टूर्नामेंट में शानदार लय में दिखी है. ग्रुप स्टेज में टीम ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए सुपर-8 में जगह बनाई. दक्षिण अफ्रीका की टीम भी संतुलित है और बड़े मैचों में कड़ी टक्कर देने के लिए जानी जाती है. ऐसे में यह मुकाबला सेमीफाइनल की राह तय करने में अहम साबित हो सकता है। भारतीय बल्लेबाजी क्रम से तेज शुरुआत की उम्मीद होगी, जबकि गेंदबाजों को मध्य ओवरों में नियंत्रण बनाकर रखना होगा. टीम मैनेजमेंट संतुलित संयोजन के साथ मैदान पर उतरने की तैयारी में है. मुकाबला अहमदाबाद में शाम 7 बजे से शुरू होगा। डबल जीत की उम्मीदएक ही दिन में दो बड़े मुकाबले होने से क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह चरम पर है. अगर भारतीय महिला टीम बांग्लादेश को हराकर खिताब जीतती है और पुरुष टीम दक्षिण अफ्रीका को सुपर-8 में मात देती है, तो यह “सुपर संडे” यादगार बन सकता है. फैन्स की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीम इंडिया दोनों मोर्चों पर जीत दर्ज कर डबल डोज दे पाएगी।