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GWALIOR WEATHER REPORT: ग्वालियर में गर्मी की एंट्री: दिन के साथ तपी राते, पारा 31 डिग्री के करीब

GWALIOR WEATHER

HIGHLIGHTS: दिन-रात के तापमान में 15 डिग्री का अंतर अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दिन का पारा 31 डिग्री तक पहुंचने के आसार मार्च की शुरुआत में तेज गर्मी की संभावना GWALIOR WEATHER REPORT: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बता दें कि अब केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी गर्म होने लगी हैं। दिन और रात के तापमान में लगभग 15 डिग्री सेल्सियस का अंतर दर्ज किया जा रहा है। हालांकि सुबह के समय हल्की ठंडक अभी भी बनी हुई है, जिससे लोगों को मौसम के इस बदलाव का मिला-जुला अनुभव हो रहा है। फरहान अख्तर की मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने BAFTA 2026 अवॉर्ड जीता, भारत के लिए पहला सम्मान अधिकतम 29.9 डिग्री, न्यूनतम 14.5 डिग्री दर्ज सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि रविवार शाम अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पिछले दो दिनों से तापमान में यही अंतर बना हुआ है। दिन में तेज धूप का असर साफ दिख रहा है और रात के समय भी पहले जैसी ठंड महसूस नहीं हो रही। लोगों ने रजाइयां समेटनी शुरू कर दी हैं और पंखों का उपयोग बढ़ने लगा है। बॉक्स ऑफिस पर रोमांस vs कोर्टरूम क्लैश! तीसरे दिन कौन बना असली विजेता? मार्च की शुरुआत में ही तेज गर्मी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार दिन का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक ए.के. शुक्ल के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक दिन का पारा लगातार चढ़ेगा, जबकि रात का तापमान अपेक्षाकृत स्थिर रह सकता है। सुबह और शाम को हल्की ठंडक बनी रहने की संभावना है। 97 रन की साझेदारी और एक महंगा ओवर… कैसे टूटा भारत का सपना? स्वास्थ्य और दिनचर्या पर असर संभव दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर आमजन के स्वास्थ्य और दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में सतर्क रहना जरूरी है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को।

BAFTA 2026: फरहान अख्तर की मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने BAFTA 2026 अवॉर्ड जीता, भारत के लिए पहला सम्मान

BAFTA 2026: नई दिल्ली। भारत ने BAFTA 2026 में गर्व का पल मनाया, जब मणिपुरी भाषा की फिल्म ‘बूंग’ ने बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का अवॉर्ड अपने नाम किया। यह इस साल भारत के लिए पहला BAFTA अवॉर्ड है। फरहान अख्तर के प्रोडक्शन सपोर्ट में बनी यह इमोशनल ड्रामा फिल्म ने इंटरनेशनल कैटेगरी में आर्को, लिलो एंड स्टिच और ज़ूट्रोपोलिस 2 जैसी मजबूत फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की। फरहान अख्तर अपनी पत्नी शिबानी दांडेकर के साथ इस सेरेमनी में मौजूद थे, जिससे यह पल और भी खास बन गया। लक्ष्मीप्रिया देवी के निर्देशन में बनी ‘बूंग’ मणिपुर के सामाजिक और राजनीतिक तनाव के बीच अपने परिवार को फिर से जोड़ने की कहानी है। फिल्म का नाम मणिपुरी में “छोटा लड़का” के अर्थ में है। मुख्य किरदार बूंग (गुगुन किपगेन) अपने खोए पिता को घर लाकर अपनी मां मंदाकिनी (बाला हिजाम) को खुश करना चाहता है। अपने सबसे अच्छे दोस्त राजू (अंगोम सनामातुम) की मदद से वह बॉर्डर शहर मोरेह जाता है और पिता की तलाश में म्यांमार भी जाता है। फिल्म में परिवार, दोस्ती और सामाजिक संघर्ष की भावनाओं को बेहद संवेदनशील और रीयलिस्टिक अंदाज में दिखाया गया है। यह जीत सिर्फ फिल्म के लिए नहीं, बल्कि पूरे नॉर्थईस्ट सिनेमा और भारतीय क्षेत्रीय फिल्मों के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि भारत के छोटे इलाकों की सीधी-सादी, सच्ची कहानियां भी दुनिया भर के दर्शकों से जुड़ सकती हैं। फरहान अख्तर के प्रोडक्शन सपोर्ट और लक्ष्मीप्रिया देवी के निर्देशन ने फिल्म को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान्यता दिलाई। बॉक्स ऑफिस और अवॉर्ड हाइलाइट्स: फिल्म: बूंग निर्देशक: लक्ष्मीप्रिया देवी प्रोड्यूसर: फरहान अख्तर अवॉर्ड: BAFTA 2026 – Best Children & Family Film मुख्य कलाकार: गुगुन किपगेन, बाला हिजाम, अंगोम सनामातुम खासियत: भारत के लिए इस साल का पहला BAFTA, नॉर्थईस्ट फिल्म को अंतरराष्ट्रीय पहचान इस जीत से यह साबित होता है कि छोटे बजट और क्षेत्रीय भाषा की फिल्में भी वैश्विक स्तर पर सफलता हासिल कर सकती हैं, बशर्ते कहानी दमदार और प्रस्तुति सशक्त हो। ‘बूंग’ ने भारतीय सिनेमा को एक नई दिशा दी और नॉर्थईस्ट के सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई। फरहान अख्तर और लक्ष्मीप्रिया देवी की मेहनत, गुगुन किपगेन, बाला हिजाम और अंगोम सनामातुम की शानदार परफॉर्मेंस ने इस फिल्म को दर्शकों और जजेस दोनों के लिए यादगार बना दिया। इस जीत से साफ है कि भारत के छोटे क्षेत्रों की कहानियां भी विश्व स्तर पर सराहना और सम्मान पा सकती हैं। अगर चाहें तो मैं इसे और भी न्यूज़पेपर स्टाइल, हेडिंग्स

Assi Vs Do Deewane Seher Mein BO Day 3: बॉक्स ऑफिस पर रोमांस vs कोर्टरूम क्लैश! तीसरे दिन कौन बना असली विजेता?

Assi Vs Do Deewane Seher Mein BO Day 3: नई दिल्ली। 20 फरवरी 2026 को बॉक्स ऑफिस पर दो अलग-अलग जॉनर की फिल्मों ने दस्तक दीएक तरफ कोर्टरूम ड्रामा तो दूसरी ओर रोमांटिक लव स्टोरी। Assi और Do Deewane Seher Mein के बीच तीसरे दिन भी कांटे की टक्कर देखने को मिली। AI Impact Summit प्रोटेस्ट: ग्वालियर से यूथ कांग्रेस नेताओं पर हुई FIR निर्देशक Anubhav Sinha की फिल्म अस्सी में Taapsee Pannu लीड रोल में हैं। यह फिल्म एक रेप केस पर आधारित कोर्टरूम ड्रामा है, जिसमें तापसी के साथ कनी कुसरुति अहम भूमिका में हैं। मजबूत कंटेंट और पॉजिटिव रिव्यू के बावजूद फिल्म की ओपनिंग धीमी रही। पहले दिन 1 करोड़, दूसरे दिन 1.6 करोड़ और तीसरे दिन 1.37 करोड़ की कमाई के साथ फिल्म का कुल कलेक्शन 3.97 करोड़ रुपये पहुंच गया है। GWALIOR WEATHER REPORT: ग्वालियर में गर्मी की एंट्री: दिन के साथ तपी राते, पारा 31 डिग्री के करीब वहीं Mrunal Thakur और Siddhant Chaturvedi स्टारर दो दीवाने सहर में एक रोमांटिक ड्रामा है, जिसके गाने और लीड जोड़ी की केमिस्ट्री को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म ने 1.25 करोड़ से ओपनिंग की, दूसरे दिन 1.5 करोड़ और तीसरे दिन 1.31 करोड़ की कमाई की। तीन दिनों में इसका कुल कलेक्शन 4.06 करोड़ रुपये हो गया है। Holashtak 2026: 24 फरवरी से शुरू होलाष्टक, 8 दिनों तक वर्जित होंगे विवाह और मांगलिक कार्य अगर तीसरे दिन की कमाई देखें तो अस्सी ने 1.37 करोड़ के साथ हल्की बढ़त बनाई, लेकिन कुल कलेक्शन के मामले में दो दीवाने सहर में 4.06 करोड़ के साथ मामूली अंतर से आगे है। यानी रेस अभी भी बेहद करीब है और असली तस्वीर वीकडे कलेक्शन के बाद साफ होगी।

T20 World Cup 2026: 97 रन की साझेदारी और एक महंगा ओवर… कैसे टूटा भारत का सपना?

T20 World Cup 2026: नई दिल्ली। भारत की 76 रन की हार सिर्फ एक खराब दिन का नतीजा नहीं थी, बल्कि कई सामूहिक गलतियों का परिणाम रही। ICC Men’s T20 World Cup 2026 के सुपर-8 मुकाबले में India national cricket team को South Africa national cricket team ने पूरी तरह पछाड़ दिया। अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए इस मैच की हार के 5 बड़े कारण साफ तौर पर सामने आए: 1दबाव बनाए रखने में नाकामी साउथ अफ्रीका 20 रन पर 3 विकेट खो चुका था। यहां से मैच भारत की पकड़ में आ सकता था, लेकिन डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस की 97 रन की साझेदारी ने मैच का रुख पलट दिया। भारतीय गेंदबाज बीच के ओवरों में आक्रामक फील्डिंग और सटीक लाइन-लेंथ कायम नहीं रख सके। 2 स्पिन विभाग पूरी तरह फ्लॉप वरुण चक्रवर्ती ने 4 ओवर में 47 रन खर्च किए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर को सिर्फ 2 ओवर मिले। स्पिनर्स मिलकर केवल 1 विकेट ले सके। मिडिल ओवरों में विकेट नहीं मिलने से साउथ अफ्रीका ने खुलकर रन बटोरे। 3️ हार्दिक का महंगा आखिरी ओवर आखिरी ओवर में 20 रन लुटाने से लक्ष्य 175 से बढ़कर 188 पहुंच गया। टी20 में 10-12 रन का फर्क भी बड़ा होता है, यहां तो सीधा मानसिक दबाव 13 रन बढ़ गया। 4️ओपनिंग फिर फेल ईशान किशन बिना खाता खोले आउट, तिलक वर्मा सस्ते में निपटे और अभिषेक शर्मा 15 रन बनाकर चलते बने। लगातार खराब शुरुआत ने मिडिल ऑर्डर पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया। 5 गलत इंटेंट और खराब शॉट चयन हर बल्लेबाज पहली गेंद से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में दिखा। पिच को समझने, साझेदारी बनाने और सिंगल-डबल से पारी संभालने का धैर्य नहीं दिखा। यही जल्दबाजी विकेट गिरने की सबसे बड़ी वजह बनी। सुंदर पर प्रयोग क्यों पड़ा भारी? अक्षर पटेल की जगह वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया, लेकिन वे गेंद और बल्ले दोनों से असर नहीं छोड़ सके। केवल 2 ओवर गेंदबाजी कराना टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर भी सवाल खड़े करता है। अक्षर की ऑलराउंड उपयोगिता को देखते हुए यह बदलाव जोखिम भरा साबित हुआ। भारत मैच में कई बार वापसी कर सकता थाशुरुआती 3 विकेट के बाद, मिडिल ओवरों में, या फिर लक्ष्य का पीछा करते समय। लेकिन सामूहिक रणनीतिक चूक, खराब शॉट चयन और गेंदबाजी में लय की कमी ने जीत का रथ रोक दिया।