SHIVPURI JANSUNVAI: जनसुनवाई में सामने आईं शिकायतों की लंबी फेहरिस्त, प्रशासन ने किया विभागवार समीक्षा का आश्वासन

HIGHLIGHTS: जनसुनवाई में जिले भर के नागरिक पहुंचे, दर्ज हुईं कई शिकायतें बिजली और पानी की समस्या, अतिक्रमण, खेल सुविधाएं और धार्मिक स्थल की मांग प्रमुख संविदा शिक्षकों ने वेतन और नियमितीकरण की मांग उठाई अमरपुर और झिरी में सरकारी सुविधाओं पर अवैध कब्जों की शिकायत अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण और विभागवार कार्रवाई का आश्वासन दिया SHIVPURI JANSUNVAI: ग्वालियर। शिवपुरी में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिले के अलग-अलग तहसीलों और ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। बता दें कि कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित सुनवाई में बिजली, पानी, अतिक्रमण, रोजगार, शिक्षा, खेल सुविधाएं और धार्मिक स्थलों से जुड़े कई मामले सामने आए। जेल में बनी गैंग 11 ने अंबाह में डाली डकैती, किन्नर गुरु को बंधक बनाकर सोना-चांदी लूटा बिजली और पानी की समस्या जनपद पंचायत कोलारस के वार्ड-14 के जनप्रतिनिधि ने ग्राम अमरपुर के राछीपुरा मोहल्ला, काली माता मंदिर के पास एवं अमरपुर कॉलोनी में डीपी स्थापना और नए हैंडपंप की स्वीकृति की मांग की। 11 केवी लाइन का खंभा क्षतिग्रस्त होने से बिजली आपूर्ति बाधित और पानी की समस्या बनी हुई है। रंगों के त्योहार पर बनाएं कम तेल और कम शुगर वाली गुजिया.. धार्मिक स्थलों से जुड़ी शिकायतें बलारी माता मंदिर परिसर के 25-30 दुकानदारों ने वन विभाग पर मनमानी और भेदभाव का आरोप लगाते हुए नियमित रूप से दुकान लगाने की अनुमति देने की मांग की। तहसील पोहरी के झिरी गांव में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत भी दर्ज हुई। मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल शिक्षा और रोजगार पूर्व अतिथि विद्वान ने सेवाएं बहाल कराने और नियुक्ति में पारदर्शिता की मांग की। संविदा शिक्षकों ने उच्च न्यायालय के आदेश के पालन, नियमितीकरण और वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की गुहार लगाई। GUNA SUICIDE CASE: गुना के सकतपुर में मजदूर ने की आत्महत्या: पोर्च में फंदे से लटका मिला शव, खेल और सामाजिक सुविधाएं ग्राम कांकर के युवाओं ने क्षतिग्रस्त खेल मैदान की मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था की मांग रखी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी मामलों की विभागवार समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और कई मामलों में मौके पर निरीक्षण किया जाएगा।
बैंकिंग जगत में हड़कंप: हरियाणा सरकार के 590 करोड़ के गबन पर RBI की पैनी नजर, IDFC फर्स्ट बैंक के शेयर 20% टूटे!

नई दिल्ली/चंडीगढ़: हरियाणा के प्रशासनिक और सियासी गलियारों में इन दिनों 590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले को लेकर भारी हलचल मची हुई है। IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा में हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में हुई वित्तीय अनियमितताओं के खुलासे ने हड़कंप मचा दिया है। इस गंभीर मुद्दे पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि “जनता का एक-एक पैसा वापस लाया जाएगा” और इस महाघोटाले में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब एक सरकारी विभाग ने अपने खाते को बंद कर धनराशि को दूसरे बैंक में स्थानांतरित Transfer करने की प्रक्रिया शुरू की। प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए जब उन्होंने पाया कि कागजों पर दर्ज राशि और बैंक खाते के वास्तविक बैलेंस के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। बैंक की आंतरिक जांच में पता चला कि यह गड़बड़ी केवल एक खाते तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसी शाखा से जुड़े कई अन्य सरकारी खातों में भी सेंध लगाई गई थी। विधानसभा में गूंजा मुद्दा, विपक्ष ने घेरा23 फरवरी को हरियाणा विधानसभा में इस घोटाले की गूंज सुनाई दी। विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर इतनी बड़ी राशि की हेराफेरी कैसे संभव हुई और अब तक दोषियों पर क्या कार्रवाई की गई है? हुड्डा के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य की एंटी-करप्शन ब्यूरो ACB और विजिलेंस विभाग इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, चाहे वह बैंक का कर्मचारी हो या कोई रसूखदार सरकारी अधिकारी, जिसने भी जनता की कमाई पर हाथ साफ किया है, उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। बैंकिंग प्रणाली और बाजार पर असरघोटाले की खबर सार्वजनिक होते ही शेयर बाजार में IDFC फर्स्ट बैंक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को बैंक का शेयर 20 प्रतिशत तक लुढ़ककर 66.85 रुपये पर आ गया। बैंक के एमडी और सीईओ वी. वैद्यनाथन ने स्वीकार किया कि यह धोखाधड़ी बैंक के कुछ कर्मचारियों और बाहरी पक्षों की मिलीभगत का परिणाम है। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि यह कोई तकनीकी या प्रणालीगत त्रुटि Systemic Error नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी जो केवल हरियाणा सरकार के विशिष्ट खातों तक सीमित थी। RBI की पैनी नजरभारतीय रिजर्व बैंक RBI भी इस पूरे घटनाक्रम पर सतर्कता बनाए हुए है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दिल्ली में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि केंद्रीय बैंक इस मामले की बारीकी से निगरानी कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकिंग सिस्टम में कोई बड़ी “प्रणालीगत समस्या” नहीं है और यह मामला एक विशेष इकाई और ग्राहक समूह तक ही सीमित है। हरियाणा सरकार ने अब अपनी वित्तीय निगरानी व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की सेंधमारी न हो सके। मुख्यमंत्री के सख्त लहजे ने यह साफ कर दिया है कि सरकार इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
होलाष्टक आज से शुरू: विवाह और मांगलिक कार्यों का मुहूर्त निषिद्ध, होलिका दहन पर लगेगा चंद्र ग्रहण

नई दिल्ली । आज 24 फरवरी से होलाष्टक शुरू हो रहा है। होली से पहले के आठ दिन यानी फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी से होलाष्टक माना जाता है। इन आठ दिनों में विवाह, जनेऊ, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं रहते। ज्योतिषियों के अनुसार इस दौरान ग्रहों की स्थिति उग्र होती है, इसलिए मांगलिक कार्यों के लिए शुभ योग नहीं बनते। होलाष्टक का समापन होलिका दहन के साथ होता है। इस साल होलिका दहन यानी फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण भी होगा। ग्रहण के समय और सूतक में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। 3 मार्च को सुबह 6.21 बजे से ग्रहण का सूतक शुरू होगा और दोपहर 3.21 बजे से ग्रहण आरंभ होकर शाम 6.47 बजे तक रहेगा। ग्रहण के दौरान रंग-गुलाल खेलना उचित नहीं माना गया है। ज्योतिषियों की सलाह है कि इस समय मानसिक रूप से मंत्र जप, दान-पुण्य और पूजा-पाठ करना चाहिए। इसके चलते इस साल धुलंडी होली 4 मार्च को मनाने की सलाह दी जा रही है, हालांकि कुछ पंचांगों में 3 मार्च को भी होली खेलने का उल्लेख है। होलाष्टक की कथा होलाष्टक से जुड़ी कथा भक्त प्रह्लाद से संबंधित है। असुरराज हिरण्यकश्यपु ने अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति के कारण अनेक यातनाएं दीं। फाल्गुन कृष्ण अष्टमी से पूर्णिमा तक होलिका ने प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने की कोशिश की, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए और होलिका अग्नि में भस्म हो गई। तभी से होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। होलाष्टक में किए जाने वाले शुभ कार्य ध्यान, जप और पूजा का विशेष महत्व। शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें, बिल्वपत्र चढ़ाएं और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें। हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें। भगवान विष्णु और महालक्ष्मी की पूजा करें, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें दान-पुण्य, हवन, अभिषेक, ध्यान और तीर्थ यात्रा करना शुभ फलदायी माना गया है। इस प्रकार होलाष्टक का समय आध्यात्मिक उन्नति और भक्ति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है, जबकि मांगलिक कार्यों के लिए यह निषिद्ध अवधि है। होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण के कारण इस वर्ष रंगों की होली 4 मार्च को खेलने की सलाह दी जा रही है।
PM MODI ISRAEL VISIT: PM मोदी की इजरायल यात्रा और ‘गोल्डन हेरोइजन’ का दांव: सुखोई के साथ मिलकर अभेद्य किलों को खाक कर देगी यह मिसाइल!

PM MODI ISRAEL VISIT: नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी इजरायल यात्रा को लेकर देश और दुनिया के रक्षा गलियारों में जबरदस्त हलचल है। पिछले आठ वर्षों में पीएम मोदी की यह पहली इजरायल यात्रा होगी, जिसे रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस यात्रा के दौरान रक्षा, ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के क्षेत्रों में ऐतिहासिक समझौते हो सकते हैं। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इजरायल की उस ‘सीक्रेट’ मिसाइल प्रणाली की हो रही है, जिसने रक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। खबरें हैं कि इजरायल ने भारत को अपनी सबसे शक्तिशाली एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम गोल्डन हेरोइजन Golden Horizon देने की पेशकश की है। यद्यपि आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है, परंतु यदि यह सौदा सिरे चढ़ता है, तो भारतीय वायुसेना की ताकत में कई गुना इजाफा होना तय है। गोल्डन हेरोइजन कोई साधारण मिसाइल नहीं है; यह इजरायल की उस उन्नत सैन्य तकनीक का हिस्सा है जिसे उसने हमास और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच विशेष रूप से विकसित किया है। अक्टूबर 2024 में ईरान पर हमले से ठीक पहले लीक हुए अमेरिकी दस्तावेजों ने दुनिया को इस मिसाइल के वजूद से रूबरू कराया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह एक ऐसी मिसाइल है जिसे फाइटर जेट्स से हवा में ही दागा जा सकता है। इसकी मारक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी अनुमानित रेंज 1,500 से 2,000 किलोमीटर के बीच है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस रेंज के साथ भारतीय विमान बिना दुश्मन की सीमा में प्रवेश किए उनके गहरे ठिकानों को तबाह कर सकते हैं। इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ़्तार और भेदने की क्षमता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, गोल्डन हेरोइजन गहरे भूमिगत बंकरों और भारी सुरक्षा वाले ढांचों को भी मिट्टी में मिलाने की शक्ति रखती है। जब इसे फाइटर जेट से छोड़ा जाता है, तो यह पहले एक निश्चित ऊंचाई तक बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र Trajectory का पालन करती है और फिर सीधे लक्ष्य पर काल बनकर गिरती है। अपने अंतिम चरण में इसकी गति 5 मैक ध्वनि की गति से पांच गुना से भी अधिक हो जाती है, जो इसे ‘हाइपरसोनिक’ श्रेणी के करीब खड़ा करती है। तुलनात्मक रूप से देखें तो भारत की शान कही जाने वाली ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल की गति 2.8 मैक है। यानी गोल्डन हेरोइजन न केवल रफ़्तार में बल्कि मारक क्षमता में भी एक नया बेंचमार्क स्थापित करती है। भारतीय परिप्रेक्ष्य में यह मिसाइल गेम-चेंजर साबित हो सकती है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल सुखोई-30 MKI Su-30MKI जैसे शक्तिशाली विमान इस मिसाइल को ढोने और दागने के लिए पूरी तरह अनुकूल बताए जा रहे हैं। पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसियों के साथ बढ़ते सीमा विवादों के बीच, यह तकनीक भारत को एक ऐसा ‘स्टैंड-ऑफ’ लाभ देगी जिससे दुश्मन का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह नाकाम हो जाएगा। गाजा युद्ध में हमास के सुरंग नेटवर्क को ध्वस्त करने वाली इस तकनीक ने अपनी उपयोगिता पहले ही साबित कर दी है। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से उम्मीद है कि रक्षा क्षेत्र में केवल हथियारों की खरीद ही नहीं, बल्कि तकनीक के हस्तांतरण Technology Transfer पर भी बात होगी। यदि गोल्डन हेरोइजन भारतीय शस्त्रागार का हिस्सा बनती है, तो यह न केवल भारत की मारक क्षमता को बढ़ाएगी बल्कि दक्षिण एशिया के सैन्य संतुलन को भी पूरी तरह भारत के पक्ष में झुका देगी। हालांकि, दुनिया की निगाहें अब नई दिल्ली और यरुशलम से आने वाली आधिकारिक घोषणाओं पर टिकी हैं, लेकिन इतना साफ है कि यह दोस्ती आने वाले समय में दुश्मनों के लिए ‘काल’ साबित होने वाली है।
जेल में बनी गैंग 11 ने अंबाह में डाली डकैती, किन्नर गुरु को बंधक बनाकर सोना-चांदी लूटा

मुरैना। अंबाह में किन्नर गुरु के घर हुई सनसनीखेज डकैती ने पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वारदात के पीछे मामा भांजे की जोड़ी द्वारा जेल में तैयार की गई 11 सदस्यों की संगठित गैंग का हाथ सामने आया है। इस गिरोह ने पांच दिन के भीतर तीन अलग अलग जगहों पर वारदात की कोशिश की जिनमें दो बार असफल रहने के बाद तीसरी बार अंबाह में बड़ी लूट को अंजाम देकर फरार हो गए। पुलिस जांच के मुताबिक गिरोह की कमान सुरेश निषाद और उसके भांजे सुनील निषाद के हाथ में थी। दोनों पहले से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और जेल में बंद रहने के दौरान उनकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हुई। समान आपराधिक पृष्ठभूमि और एक ही समाज से जुड़े होने के कारण इनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। जेल से रिहा होने के बाद मामा भांजे ने संपर्क बनाए रखा और नौ अन्य लोगों को जोड़कर गैंग 11 तैयार कर ली। गिरोह के सभी सदस्य मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश और राजस्थान में दर्ज मामलों में आरोपी रहे हैं। गैंग ने 13 जनवरी को राजस्थान के पाली जिले के सराफा बाजार में पहली वारदात की कोशिश की लेकिन बाजार में हलचल होने से भागना पड़ा। 16 जनवरी को मुरैना जिले के कैलारस में एक परिवार को बंधक बनाकर चोरी की पर उम्मीद के मुताबिक माल नहीं मिला। उसी रात सराफा बाजार में सीसीटीवी तार काटने के बावजूद वे सफल नहीं हो सके। 17 जनवरी की रात करीब दो बजे बदमाश सफेद एसयूवी से अंबाह पहुंचे। खेतों के रास्ते छत पर चढ़कर गैस कटर से गेट काटा और घर में घुस गए। किन्नर राबिया और रिया को हथियारों की नोक पर बंधक बनाकर 22 तोला सोना 4 किलो चांदी और करीब चार लाख रुपये नकद लूट लिए। पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी डीवीआर भी साथ ले गए। पीड़िता के अनुसार लूट के बाद बदमाशों ने अश्लील हरकतें कीं और जान से मारने की धमकी दी। बदमाश बार बार घर में किसी पुरुष की मौजूदगी के बारे में पूछते रहे। एक आरोपी के फारसी भाषा बोलने का भी जिक्र सामने आया है जिससे अंदरूनी मुखबिरी की आशंका गहराई। जांच में पता चला कि एक मुस्लिम साईं ने किन्नर के यहां कार्यक्रमों के दौरान जेवर देखे थे और यह जानकारी अपने दामाद के माध्यम से सुनील निषाद तक पहुंचाई गई जिसके बाद पूरी योजना बनाई गई। घटना के बाद मुरैना पुलिस ने चार विशेष टीमें गठित कर मध्यप्रदेश राजस्थान और उत्तर प्रदेश में जांच का दायरा बढ़ाया। 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और मुखबिर की सूचना पर अलग अलग राज्यों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये नकद डेढ़ किलो चांदी और छह तोला सोना बरामद किया गया है। मुख्य आरोपी समेत छह बदमाश अभी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है जिसने योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अन्य मामलों के भी खुलासे होने की संभावना है।
रंगों के त्योहार पर बनाएं कम तेल और कम शुगर वाली गुजिया..

नई दिल्ली :होली का त्योहार खुशियों, रंगों और स्वादिष्ट पकवानों से भरा होता है। खासतौर पर गुजिया के बिना होली अधूरी मानी जाती है। पारंपरिक गुजिया घी, मैदा और ज्यादा शुगर से बनती है, जिससे कैलोरी काफी बढ़ जाती है। लेकिन अगर आप फिटनेस का ध्यान रखते हुए त्योहार मनाना चाहते हैं, तो हेल्दी गुजिया एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।इस होली आप पारंपरिक स्वाद को बरकरार रखते हुए कुछ छोटे बदलावों के साथ इसे ज्यादा पौष्टिक और हल्का बना सकते हैं। हेल्दी गुजिया कैसे बनाएं?1. मैदा की जगह साबुत आटा या मल्टीग्रेन आटापारंपरिक गुजिया में मैदा इस्तेमाल होता है, जो जल्दी पचता है और ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकता है। इसके बजाय गेहूं का आटा या मल्टीग्रेन आटा इस्तेमाल करें। इससे गुजिया में फाइबर की मात्रा बढ़ेगी और पेट लंबे समय तक भरा रहेगा। 2. भरावन में हेल्दी बदलावखोया और रिफाइंड शुगर से भरी पारंपरिक भरावन की जगह भुने हुए बादाम, काजू, अखरोट और खजूर का मिश्रण तैयार करें। इसमें खसखस और थोड़ी सी नारियल की कतरन मिलाने से स्वाद भी बढ़ेगा और पोषण भी। 3. शुगर का हेल्दी विकल्पसफेद चीनी की जगह गुड़ पाउडर, खजूर पेस्ट या नारियल शुगर का उपयोग करें। ये प्राकृतिक मिठास देते हैं और रिफाइंड शुगर की तुलना में बेहतर विकल्प माने जाते हैं। 4. तलने की बजाय बेक या एयर फ्राई करेंडीप फ्राई करने से गुजिया में अतिरिक्त तेल और कैलोरी बढ़ जाती है। आप इन्हें ओवन में 180°C पर 15–20 मिनट तक बेक कर सकते हैं या एयर फ्रायर में हल्का ब्रश किया हुआ तेल लगाकर क्रिस्प होने तक पका सकते हैं। 5. स्वस्थ मसालों का इस्तेमालभरावन में इलायची पाउडर, दालचीनी या थोड़ा सा अदरक पाउडर मिलाएं। ये न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि पाचन में भी मददगार होते हैं। हेल्दी गुजिया के फायदेकम तेल और कम कैलोरी होने से वजन नियंत्रण में सहायक ड्राय फ्रूट्स से हृदय और मस्तिष्क को पोषण फाइबर युक्त आटे से बेहतर पाचन कम शुगर होने से ब्लड शुगर लेवल संतुलित रखने में मदद पारंपरिक स्वाद के साथ फिटनेस-फ्रेंडली मिठाई टिप्स और ट्रिक्सगुजिया का आकार छोटा रखें ताकि पोर्शन कंट्रोल आसान हो। बेकिंग से पहले हल्का सा तेल ब्रश करना पर्याप्त है। भरावन को पहले हल्का भूनकर ठंडा कर लें, इससे भरते समय मिश्रण बाहर नहीं निकलेगा। चाहें तो ऊपर से हल्का सा पिस्ता या बादाम गार्निश कर सकते हैं।
अंक ज्योतिष भविष्यफल: आज स्थिरता और भावनात्मक संतुलन पर रहेगा जोर

नई दिल्ली:24 फरवरी 2026 का अंक ज्योतिष जीवन में स्थिरता, जिम्मेदारी और भावनात्मक संतुलन को प्राथमिकता देने का संकेत देता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज का मूलांक 6 है, जो प्रेम, परिवार, सामंजस्य और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है। वहीं भाग्यांक 9 त्याग, पूर्णता और पुराने बोझ से मुक्ति की ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है। इन दोनों अंकों का संयोजन यह दर्शाता है कि आज का दिन जल्दबाजी से बचकर धैर्य और विवेक के साथ निर्णय लेने के लिए अनुकूल है। कार्यक्षेत्र और पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखना आवश्यक रहेगा। भावनात्मक रूप से परिपक्व फैसले भविष्य में स्थायी और सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं। मूलांक के अनुसार आज का प्रभावमूलांक 1नेतृत्व क्षमता का उपयोग करें, लेकिन सामूहिक कार्यशैली अपनाएं। टीम के साथ तालमेल बनाकर चलना लाभकारी रहेगा। मूलांक 2संवाद और समझदारी से समस्याओं का समाधान संभव है। रिश्तों में नरमी और धैर्य से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। मूलांक 3रचनात्मक योजनाओं की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। नई सोच और आत्मविश्वास आपको आगे बढ़ाएंगे। मूलांक 4प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में स्थिरता रखें। सोच-समझकर लिए गए निर्णय भविष्य में लाभ देंगे। मूलांक 5निवेश और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है, इसलिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें। मूलांक 6सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत हैं। परिवार और कार्यक्षेत्र में संतुलन बनाकर चलें। मूलांक 7शोध, अध्ययन और आत्ममंथन के लिए दिन अनुकूल है। मानसिक स्पष्टता पाने के लिए ध्यान या एकांत समय लाभकारी रहेगा। मूलांक 8आर्थिक और कानूनी मामलों में सतर्कता रखें। धैर्य और अनुशासन से कार्य करें। मूलांक 9अधूरे कार्य पूरे करने और पुराने विवाद समाप्त करने का अवसर मिल सकता है। सकारात्मक पहल से संबंध सुधरेंगे। दिन का संदेशविशेषज्ञों का मानना है कि आज की ऊर्जा लोगों को अपने व्यक्तिगत और सामाजिक दायित्वों के प्रति अधिक सजग बनाएगी। परिवार में संवाद और समझदारी से रिश्ते मजबूत हो सकते हैं। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी गई है। आज का दिन दिल और दिमाग दोनों के संतुलन से आगे बढ़ने का संकेत देता है।
DATIYA COLLECTOR’S HEARING: जनसुनवाई में जनता ने जताया रोष, लोग बोले- पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कार्रवाई शून्य

HIGHLIGHTS: मारपीट, लूट, अतिक्रमण, पेंशन और मुआवजे से जुड़ी शिकायतें दर्ज पुलिस की सक्रिय मौजूदगी के बावजूद कई मामलों में कोई कार्रवाई नहीं कट्टे की नोक पर मारपीट और जातिसूचक गालियों के आरोप सीसी रोड अतिक्रमण और बिजली हादसे में मुआवजा न मिलने की समस्या दिव्यांगों की पेंशन और स्कूटी की मांग अभी तक अधूरी DATIYA COLLECTOR’S HEARING: दतिया। मंगलवार को न्यू कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में सैकड़ों लोग अपनी-अपनी समस्याओं के साथ पहुंचे। बता दें की इस जनसुनवाई में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी भी देखने को मिली, जिसमें एएसपी सुनील कुमार शिवहरे ने स्वयं कई फरियादियों की शिकायतें सुनीं। केरल का नया नाम ‘केरलम’! मोदी कैबिनेट ने दिया ऐतिहासिक मंजूरी, राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नया सम्मान सुचना के मुताबिक जनसुनवाई में सबसे अधिक शिकायतें जमीनी विवाद, अतिक्रमण, मारपीट–लूट, पेंशन बंद होने और शासन से मिलने वाली सहायता राशि न मिलने को लेकर सामने आईं। मारपीट और लूट की शिकायत ग्राम मलक पहाड़ी निवासी पहलवान सिंह जाटव ने बताया कि उनके बेटे सुमित जाटव के साथ पचोखरा में कट्टा अड़ाकर मारपीट की गई। साथ ही आरोपियों ने जातिसूचक गालियां दी और सोने की चैन व 20 हजार रुपए भी छीन लिए। उन्होंने बताया कि शिकायत के बावजूद भी कोई FIR दर्ज नहीं की गयी। मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल अतिक्रमण और सड़क समस्या भाण्डेर तहसील के ग्राम खिरिया गोपी के ग्रामीणों ने शासकीय सीसी रोड पर अतिक्रमण कर शौचालय और चबूतरे बनाने की शिकायत की। दो साल पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई शून्य रही। मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल पेंशन और मुआवजा लंबित इंदरगढ़ निवासी विधवा विद्या बघेल ने बताया कि उनके पति सुनील बघेल की करंट लगने से मौत हुई थी, लेकिन दो साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला। दिव्यांग पेंशन और स्कूटी की मांग भी अधूरी है, जिससे कई परिवार मुश्किल में हैं। GUNA SUICIDE CASE: गुना के सकतपुर में मजदूर ने की आत्महत्या: पोर्च में फंदे से लटका मिला शव, जमीनी विवाद और अन्य शिकायतें किसान रामसेवक ने ऑनलाइन GIS रिकॉर्ड में रकबा कम दर्ज होने का आरोप लगाया। पड़ोसी द्वारा कूड़ा और गोबर डालने के मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हिंदू 4 बच्चे पैदा करें, शादी के बाद मैं भी आबादी बढ़ाऊंगा… बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री का बयान

नई दिल्ली । धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करने की सलाह दी है. उन्होंने ये भी बताया कि जब उनकी शादी होगी तो वो भी हिंदुओं की आबादी बढ़ाने में अपना योगदान देंगे. बागेश्वर धाम सरकार ने इस दौरान अजमेर शरीफ की दरगाह जाने वाले हिंदुओं को सलाह दी को वो सनातन का ही पालन करें. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बाद अब बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं की घटती आबादी को लेकर चिंता जताई है. जहां भागवत ने हिंदुओं को तीन बच्चे पैदा करने के लिए कहा था वहीं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं को 4 बच्चे पैदा करने की सलाह दी है. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हनुमान कथा के लिए तीन दिवसीय पुष्कर दौरे पर गए हैं. इस दौरान उन्होंने कई अलग अलग मुद्दों पर अपने विचार साझा किए. इस दौरान उन्होंने भारतीय मुसलमानों की घर वापसी को लेकर भी अपनी राय दी है. हिंदुओं की घटती आबादी को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कहा ‘ये बहुत वैश्विक विषय है खासकर भारत का बहुत बड़ा मुद्दा है. घटते हिंदू बढ़ते मजहबी देश को बर्बाद करने के परिस्थिति पर जा रहा है ‘शादी के बाद हम भी हिंदुओं की आबादी.. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा ‘हिंदूओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करना चाहिए. हमारी तो शादी नहीं हुई तो हम पर तो अभी लोग कमेंट करेंगे ही कि बाबा आपका क्या योगदान है. जब हमारा ब्याह हो जाएगा तो हम भी हिंदुओं की आबादी बढ़ाने में योगदान देंगे मुसलमानों की घर वापसी पर बोले बाबाधाम सरकार भारतीय मुसलमानों की घर वापसी के सवाल पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दावा किया कि उनके पूर्वज हिंदू थे. उन्होंने कहा एक फिल्म आई थी अमर अकबर एंथनी उसमें आखिर में तीनों का बाप कन्हैयालाल निकला था. उन्हें अगर ये बात समझ आ जाए तो घर वापसी हो जाएगी हिंदुओं को अजमेर की दरगाह पर ना जाने की सलाह धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अजमेर शरीफ की दरगाह जाने वाले हिंदू धर्म के लोगों से अपील की. उन्होंने कहा सबके अपने अपने विचार हैं लेकिन सनातनों से मैं एक प्रार्थना करूंगा कि गीता में कृष्ण भगवान ने कहा कि अपने धर्म में ही चलना जीना सही है. दूसरे धर्म मजहब में उनकी सेवा उन्हें करने दो. हमें अपनी श्रद्धा भावना से भक्ति करनी चाहिए और हमें लगता है हिंदुओं में भगवानों की कमी नहीं है
पीएमएफएमई योजना से प्रेमलता गृहिणी से बनी सफल उद्यमी, सालाना 30 लाख की आय

नीमच। कभी घर की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली नीमच जिले के ग्राम बमोरा की श्रीमती प्रेमलता पाटीदार आज एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ने उनके सपनों को पंख देकर आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है। श्रीमती प्रेमलता बताती हैं कि वे हमेशा कुछ अपना करना चाहती थीं, लेकिन संसाधनों की कमी और मार्गदर्शन के अभाव में आगे बढ़ना आसान नहीं था। इसी दौरान उन्हें उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत उन्होंने 23.61 लाख रुपये की लागत से ‘बालाजी उद्योग’ नाम से खाद्य तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापित की। उद्योग की स्थापना के लिए उन्होंने नीमच जिले में भारतीय स्टेट बैंक की जीरन शाखा से 20 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। शासन की ओर से उन्हें 8.26 लाख रुपये का अनुदान भी मिला, जिससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ। श्रीमती प्रेमलता ने ‘गोपाल कृष्ण’ नाम के ब्रांड से कोकोनट ऑयल का पंजीयन कराया और अपने उत्पाद को बाजार में उतारा। गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और निरंतर मेहनत के बल पर उनका व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ा। आज उनका मासिक टर्नओवर लगभग 8 से 10 लाख रुपये है और वे प्रतिमाह 2 से 3 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। सालाना लाभ लगभग 30 लाख रुपये से अधिक पहुंच चुका है। प्रेमलता की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। उन्होंने अपने उद्योग में 7 स्थानीय लोगों को रोजगार देकर गांव में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया है। वे कहती हैं, “सरकार की योजना ने मुझे हिम्मत दी, लेकिन सफलता मेहनत और विश्वास से मिली।” नीमच जिले में पीएमएफएमई योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिले में अब तक 210 हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित किया गया है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 125 नए उद्योग स्थापित हुए हैं। इस उपलब्धि के साथ नीमच जिला प्रदेश और संभाग के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है। प्रेमलता पाटीदार की यह कहानी बताती है कि आत्म विश्वास के साथ सही मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग मिल जाये तो एक गृहिणी भी सफल उद्योगपति बन सकती है। यह कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है।