इंग्लैंड के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले से पहले अश्विन का सुझाव: पाकिस्तान को फखर जमान पर भरोसा करना चाहिए

नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में पाकिस्तान इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार को मैदान में उतरेगी। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका सुपर-8 मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था। इस बीच भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने पाकिस्तान टीम के लिए एक अहम सलाह दी है। अश्विन ने कहा कि अगर सलमान की कप्तानी वाली टीम इस टूर्नामेंट में गंभीर है, तो उन्हें अनुभवी बल्लेबाज फखर जमान को मिडिल ऑर्डर में मौका देना चाहिए। फखर जमान को इस टी20 वर्ल्ड कप में अब तक कोई मौका नहीं मिला है। 35 वर्षीय फखर आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज में खेले थे, जिसमें दो मुकाबलों में केवल 20 रन बनाए थे। उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ सुपर-8 मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था, लेकिन बारिश के कारण इस मैच में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। फखर जमान ने 7 जून 2017 को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। तब से उन्होंने पाकिस्तान के लिए 118 टी20 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 23.38 की औसत से 2,385 रन बनाए। इसके साथ ही उनके बल्ले से 13 अर्धशतक निकले। इसके अलावा उन्होंने 3 टेस्ट और 92 वनडे मैच भी खेले हैं। अश्विन के मुताबिक, फखर की स्पिनरों के खिलाफ स्वीप करने की क्षमता इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में पाकिस्तान के लिए बेहद कारगर साबित हो सकती है। अश्विन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान को फखर जमान को मिडिल ऑर्डर में शामिल करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “वह राशिद और डॉसन के खिलाफ स्वीप शॉट खेल सकते हैं और अपने बेहतरीन फुटवर्क का इस्तेमाल करके मिडिल ओवर्स में इंग्लैंड को नुकसान पहुंचा सकते हैं।” अश्विन ने पाकिस्तान को आदिल राशिद और लियाम डॉसन के खिलाफ नेपाल के बल्लेबाजों के रणनीतिक ब्लूप्रिंट को अपनाने की भी सलाह दी। नेपाल ने ग्रुप स्टेज में इंग्लैंड के मुख्य गेंदबाज आदिल राशिद के खिलाफ तीन ओवर में 42 रन बनाए थे, जबकि आदिल को कोई विकेट नहीं मिला। अश्विन ने आदिल राशिद के खिलाफ नेपाल की सफलता का फॉर्मूला साझा करते हुए कहा, “स्टेप हिट जोन में बॉल पाने के लिए स्क्वायर बाउंड्री का इस्तेमाल करें। यह रणनीति दो बार के चैंपियन इंग्लैंड के खिलाफ काफी प्रभावी साबित हुई थी।” इस सलाह के बाद पाकिस्तान टीम को सुपर-8 मुकाबले में फखर जमान के प्रदर्शन और इंग्लैंड के खिलाफ सही रणनीति पर ध्यान देने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ऑर्डर में अनुभवी बल्लेबाज की वापसी टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच होने वाला यह मुकाबला टूर्नामेंट के अगले दौर में क्वालीफाई करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। फखर जमान के शामिल होने से टीम की बल्लेबाजी गहराई मजबूत होगी और मिडिल ओवर्स में बड़े रन बनाने की संभावना बढ़ेगी।
उत्तर प्रदेश में निवेश का बड़ा तोहफा: जेवर एयरपोर्ट पर दो प्रोजेक्ट्स में 4,458 करोड़ रुपए का निवेश

नई दिल्ली। लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन राज्य को वैश्विक निवेश का एक और बड़ा तोहफा मिला। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एविएशन सर्विस सेक्टर की अग्रणी कंपनी सैट्स लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो प्रमुख परियोजनाएं स्थापित करेगी। पहले प्रोजेक्ट में अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स का निर्माण शामिल है और दूसरे में विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन स्थापित की जाएगी। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल निवेश 4,458 करोड़ रुपए होगा। एमओयू के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट परिसर में बनने वाला अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी और विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को लाभ पहुंचेगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कॉम्प्लेक्स अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए रणनीतिक हब के रूप में उभरेगा। एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही एक अत्याधुनिक एयर कैटरिंग किचेन स्थापित किया जाएगा। इस किचेन से उच्च गुणवत्ता वाला भोजन जेवर एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उपलब्ध होगा। खास बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स तक की जाएगी। इससे फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कॉम्प्लेक्स और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे। यह न केवल राज्य की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देगा, बल्कि प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में स्थापित करेगा। निवेश से जुड़े ये प्रोजेक्ट्स रोजगार सृजन, व्यापार संवर्द्धन और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। सीएम योगी ने इस अवसर पर कहा कि वैश्विक निवेशकों को राज्य की संभावनाओं और बुनियादी ढांचे से जोड़कर उत्तर प्रदेश को एक निवेश-अनुकूल केंद्र बनाया जा रहा है। सैट्स जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ समझौते से राज्य में लॉजिस्टिक्स, एविएशन और सर्विस सेक्टर में निवेश का नया दौर शुरू होगा।
कैसे नक्सल मुक्त हुआ मध्य प्रदेश? DGP कैलाश मकवाना ने खोला रणनीति का राज, इन नेताओं को दिया श्रेय

इंदौर। मध्य प्रदेश को नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त घोषित किए जाने के बाद पुलिस महानिदेशक DGP लाश मकवाना का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इस उपलब्धि को मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति केंद्र सरकार के स्पष्ट निर्देश और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित अभियान का परिणाम बताया। डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए नक्सलवाद लंबे समय से एक गंभीर चुनौती रहा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जिस रणनीतिक ढंग से कार्रवाई की गई उससे प्रदेश में नक्सल नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने में सफलता मिली। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah की ओर से स्पष्ट निर्देश थे कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करना है। इन्हीं निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में अभियान को तेज किया गया। डीजीपी ने यह भी बताया कि जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मुद्दे पर मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई तब पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया। लगातार सर्च ऑपरेशन संवेदनशील इलाकों में विशेष बल की तैनाती खुफिया तंत्र की मजबूती और तकनीक आधारित निगरानी से नक्सल गतिविधियों पर निर्णायक प्रहार किया गया। कैलाश मकवाना के अनुसार इस सफलता के पीछे केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं बल्कि अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल भी अहम रहा। वन क्षेत्र सीमावर्ती जिलों और पहले से चिन्हित संवेदनशील इलाकों में संयुक्त ऑपरेशन चलाए गए। स्थानीय स्तर पर विश्वास बहाली के प्रयास ग्रामीणों के साथ संवाद और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने भी नक्सल संगठनों की जड़ें कमजोर कीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल सुरक्षा बलों की नहीं बल्कि पूरे शासन-प्रशासन की सामूहिक कोशिश का परिणाम है। प्रदेश में जिन क्षेत्रों को पहले नक्सल प्रभावित माना जाता था वहां अब शांति का वातावरण है और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि अब फोकस केवल नक्सल गतिविधियों को खत्म करने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि शांति और विकास को स्थायी बनाए रखने पर रहेगा। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी सामुदायिक पुलिसिंग और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोबारा किसी भी प्रकार की उग्र गतिविधियां पनपने न पाएं।
Ujjain Simhastha 2028: पुलिस ने तैयारियों को लेकर की उच्च स्तरीय बैठक, प्रशिक्षण और तकनीक पर जोर

Ujjain Simhastha 2028: उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में अगले वर्ष होने वाले सिंहस्थ 2028 के आयोजन को लेकर पुलिस विभाग ने तैयारियों को तेज कर दिया है। इस क्रम में पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई जिसमें प्रशिक्षण संसाधनों और रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए यह उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में शामिल अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पुलिस बल को समय पर समुचित प्रशिक्षण दिया जाए और किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहें। बैठक में एडीजी इंटेलीजेंस डीजी ईओडब्ल्यू और सिंहस्थ-2016 में पदस्थ रहे पूर्व आईजी मनोहर वर्मा समेत स्थानीय और बाहरी जिलों से लगभग 22 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। एसपी शर्मा ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से प्रशिक्षण मॉड्यूल की समीक्षा और रिविजन पर जोर दिया गया। पुराने अनुभवों को ध्यान में रखते हुए नए तकनीकी उपकरणों मॉनिटरिंग सिस्टम और सुरक्षा प्रबंधन के तरीकों को जोड़कर एक संतुलित प्रशिक्षण योजना बनाई जा रही है। इससे न केवल पुलिस बल की कार्यकुशलता बढ़ेगी बल्कि आने वाले विशाल आयोजन में सुरक्षा व जनसुविधा सुनिश्चित करना भी आसान होगा। बैठक में प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा रिसोर्स पर्सन की नियुक्ति संचालन तंत्र और व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से सभी स्तरों पर दिया जाए और वास्तविक परिस्थितियों में पुलिस कर्मियों की क्षमता बढ़ाने के लिए सिमुलेशन और अभ्यास सत्र आयोजित किए जाएं। पुलिस विभाग का मानना है कि समय पर सुव्यवस्थित प्रशिक्षण और रणनीतिक तैयारी ही सिंहस्थ-2028 जैसे विशाल आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाने की आधारशिला है। अधिकारी यह भी मानते हैं कि तकनीक और पुराने अनुभवों का सही संयोजन आने वाले वर्षों में आयोजनों को और प्रभावी और नियंत्रित बनाने में मदद करेगा। सुरक्षा व्यवस्था के अलावा बैठक में भीड़ नियंत्रण यातायात प्रबंधन आकस्मिक स्थिति से निपटने के उपाय और जनसंपर्क रणनीतियों पर भी चर्चा की गई। एसपी शर्मा ने कहा कि इस बार प्रशिक्षण मॉड्यूल में नई तकनीक और डिजिटल साधनों के माध्यम से सतत निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उज्जैन पुलिस का उद्देश्य है कि सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालुओं और नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराते हुए आयोजनों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए। अधिकारी इस आयोजन को देखते हुए समय रहते हर स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
T20 WORLD CUP: टी20 में टीम इंडिया का जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, सुपर-8 मुकाबले से पहले आंकड़े

T20 WORLD CUP: नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ‘सुपर-8’ मुकाबले में भारत और जिम्बाब्वे 26 फरवरी को आमने-सामने होंगे। टीम इंडिया को इस टूर्नामेंट में पहले सुपर-8 मैच में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। टी20 फॉर्मेट में भारत और जिम्बाब्वे अब तक कुल 13 मैच खेल चुके हैं, जिनमें टीम इंडिया ने 10 मुकाबले जीते हैं। जिम्बाब्वे केवल 3 मैचों में विजयी रहा है। टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच अब तक सिर्फ एक मुकाबला हुआ है, जिसे भारत ने जीत हासिल की। दोनों देशों की द्विपक्षीय टी20 सीरीज के सभी मैच हरारे, जिम्बाब्वे में खेले गए। टी20 क्रिकेट में भारत और जिम्बाब्वे का पहला मैच 12 जून 2010 को हुआ था, जिसमें भारत ने 6 विकेट से जीत दर्ज की। अगले दिन 13 जून को खेले गए दूसरे और अंतिम मुकाबले में भारत ने 7 विकेट से जीत हासिल कर क्लीन स्वीप किया। इसके बाद 2015 में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 2 मैचों की टी20 सीरीज खेली, जो 1-1 से ड्रॉ रही। जून 2016 में दोनों टीमों के बीच 3 मैचों की सीरीज हुई। पहला मैच मेजबान जिम्बाब्वे ने 2 रन से जीता, लेकिन भारत ने अगले दो मुकाबले जीतकर सीरीज 2-1 अपने नाम कर ली। टी20 वर्ल्ड कप 2022 में भारत और जिम्बाब्वे आमने-सामने आए। उस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 186/5 का स्कोर बनाया और जिम्बाब्वे को केवल 115 रन पर आउट कर दिया, जिससे भारत ने 71 रन से जीत दर्ज की। यह मुकाबला मेलबर्न में खेला गया था। जुलाई 2024 में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली। पहले मैच में जिम्बाब्वे ने 13 रन से जीत हासिल कर सभी को चौंकाया। इसके बावजूद टीम इंडिया ने शानदार पलटवार किया। दूसरे मुकाबले में भारत ने 100 रन से जीत हासिल की। तीसरे मैच में टीम इंडिया ने 23 रन की जीत दर्ज की। चौथे मैच में भारत ने 10 विकेट से जीत हासिल कर अजेय बढ़त बनाई। अंत में, पांचवें मैच को 42 रन से जीतकर टीम इंडिया ने सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि टीम इंडिया का जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 रिकॉर्ड बहुत ही मजबूत रहा है। अब 26 फरवरी को होने वाले सुपर-8 मैच में भारतीय टीम इसी रिकॉर्ड और भरोसे के साथ मैदान में उतरेगी। टीम इंडिया के लिए यह मैच पिछली हार से वापसी का मौका भी होगा, जबकि जिम्बाब्वे की टीम अपने बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार होगी।
MORENA KERNI SENA: मुरैना के पोरसा में करणी सेना–पुलिस आमने-सामने: NH-552 पर जाम की कोशिश, जिलाध्यक्ष समेत 15 पर केस

HIGHLIGHTS: नेशनल हाईवे 552 पर जाम की कोशिश के दौरान धक्का-मुक्की करणी सेना जिलाध्यक्ष विष्णु तोमर को कॉलर पकड़कर थाने ले जाने का आरोप टीआई दिनेश कुशवाहा को हटाने की मांग, नारेबाजी बिना अनुमति प्रदर्शन का पुलिस का दावा शासकीय कार्य में बाधा सहित कई धाराओं में मामला दर्ज MORENA KERNI SENA: ग्वालियर। मुरैना जिले के पोरसा कस्बे में मंगलवार को करणी सेना कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। करीब 10 कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे जिलाध्यक्ष विष्णु तोमर ने पोरसा थाने के सामने स्थित नेशनल हाईवे 552 पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने हाईवे जाम करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। दो काले हिरण का शिकार: रेंजर समेत 6 वनकर्मी सस्पेंड, प्राकृतिक मौत दिखाने का प्रयास विफल स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने विष्णु तोमर समेत दो लोगों को सड़क से उठाकर थाने में बैठा लिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। टीआई को हटाने की मांग प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी टीआई दिनेश कुशवाहा के खिलाफ नारेबाजी की और उन पर पक्षपात व अवैध वसूली जैसे आरोप लगाए। करणी सेना कार्यकर्ताओं ने टीआई को हटाने की मांग की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने जिलाध्यक्ष को कॉलर पकड़कर खींचते हुए थाने के अंदर ले जाया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। ऑनलाइन और ऑफलाइन का सह-अस्तित्व: भारत का ई-कॉमर्स 2030 तक 280-300 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है विवाद की पृष्ठभूमि जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम पोरसा थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि करणी सेना जिलाध्यक्ष ने एक पक्ष की सिफारिश की थी, लेकिन पुलिस ने समान रूप से कार्रवाई की, जिससे नाराजगी बढ़ी। रबी-खरीफ फसल तक का ज्ञान चाहिए, राहुल गांधी को CM मोहन यादव का तंज पुलिस का पक्ष टीआई दिनेश कुशवाहा का कहना है कि बिना अनुमति प्रदर्शन किया जा रहा था और हाईवे जाम करने का प्रयास गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। द पैराडाइज’ के सेट से नानी के लिए दिल छू लेने वाला संदेश, निर्देशक ने कहा – हर बार आपने मुझे बनाया पुलिस ने विष्णु तोमर समेत 15 लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा, बिना अनुमति प्रदर्शन और बलवा सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
PHONEPAY INCOME: फोनपे की आय में 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी, घाटा घटा; पेमेंट से लेंडिंग और इंश्योरेंस तक विस्तार

PHONEPAY INCOME: नई दिल्ली । फिनटेक क्षेत्र में अग्रणी कंपनी फोनपे ने अपने हालिया वित्तीय खुलासों में पिछले तीन वर्षों में आय, मुनाफे और नकदी प्रवाह में उल्लेखनीय सुधार का संकेत दिया है। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस डीआरएचपी के अनुसार, फोनपे की परिचालन से आय वित्त वर्ष 2023 में 2,914.28 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 7,114.85 करोड़ रुपए हो गई। यह 56.25 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) को दर्शाता है। आय में वृद्धि के प्रमुख कारण मर्चेंट पेमेंट, लेंडिंग और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन जैसे कारोबार रहे। कुल आय में मर्चेंट पेमेंट की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2023 में 14.75 प्रतिशत थी, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 27.99 प्रतिशत और 30 सितंबर 2025 को समाप्त छह महीने की अवधि में 30.78 प्रतिशत हो गई। लेंडिंग और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन सेवाओं की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2023 में 0.96 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 7.84 प्रतिशत और हाल की छह महीने की अवधि में 11.55 प्रतिशत हो गई। इससे स्पष्ट होता है कि कंपनी अब केवल पेमेंट बिजनेस तक सीमित नहीं रही, बल्कि अपने कारोबार में विविधता ला रही है। फोनपे के घाटे में भी महत्वपूर्ण कमी आई है। वित्त वर्ष 2025 में संशोधित घाटा घटकर 1,727.41 करोड़ रुपए रह गया, जो वित्त वर्ष 2023 की तुलना में 1,068.65 करोड़ रुपए कम है। इसी अवधि में घाटा मार्जिन 90.68 प्रतिशत से घटकर 22.64 प्रतिशत हो गया। डीआरएचपी में परिचालन लाभ में सुधार भी दर्शाया गया है। वित्त वर्ष 2024 और 2025 में कंपनी ने सकारात्मक एडजस्टेड ईबीआईटीडीए और एडजस्टेड प्रॉफिट दर्ज किया। वित्त वर्ष 2025 में एडजस्टेड ईबीआईटी स्तर पर भी मुनाफा हासिल हुआ, जो लागत नियंत्रण और बढ़ते राजस्व का परिणाम है। इस अवधि में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि फ्री कैश फ्लो का सृजन रही। फोनपे ने वित्त वर्ष 2025 में 190.47 करोड़ रुपए और 30 सितंबर 2024 को समाप्त छह महीने की अवधि में 250.16 करोड़ रुपए का फ्री कैश फ्लो दर्ज किया। कंपनी का कहना है कि उसका बिजनेस मॉडल फ्री कैश जनरेशन पर केंद्रित है, जिससे दोबारा निवेश, नए प्लेटफॉर्म में विस्तार और बैलेंस शीट को मजबूत किया जा सके। डीआरएचपी में वित्तीय सुधार में तकनीकी अवसंरचना में किए गए निवेश की भी बड़ी भूमिका बताई गई है। इसमें मालिकाना डेटा सेंटर, ऑटोमेशन पहल और डेटा आधारित ग्राहक अधिग्रहण रणनीतियां शामिल हैं। इन पहलों से लेनदेन की बढ़ती संख्या के बावजूद लागत नियंत्रण संभव हुआ, जिससे मार्जिन और नकदी प्रवाह में सुधार हुआ। फोनपे ने पूंजी आवंटन कैपिटल एलोकेशन में अनुशासित दृष्टिकोण अपनाने का भी संकेत दिया। कंपनी तरलता बनाए रखने, सोच-समझकर विकास पूंजी लगाने और निवेश को प्रदर्शन से जोड़ने पर ध्यान दे रही है। इस खुलासे से यह स्पष्ट होता है कि पिछले तीन वित्त वर्षों में फोनपे ने परिचालन दक्षता बढ़ाने, आय के स्रोतों में विविधता लाने और नकदी प्रवाह मजबूत करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। कंपनी ने अपने व्यवसाय मॉडल को केवल पेमेंट तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लेंडिंग और इंश्योरेंस जैसे नए व्यवसाय क्षेत्रों में भी विस्तार किया है, जिससे फिनटेक क्षेत्र में उसकी स्थिति और मजबूत हुई है।
दो काले हिरण का शिकार: रेंजर समेत 6 वनकर्मी सस्पेंड, प्राकृतिक मौत दिखाने का प्रयास विफल

नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सिवनी मालवा क्षेत्र में दो दुर्लभ काले हिरणों के शिकार के मामले ने वन विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया। सोमवार देर रात वन विभाग ने रेंजर और चार वनकर्मियों सहित कुल छह कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। आरोप है कि हिरणों की मौत को प्राकृतिक घटनाक्रम दिखाने की कोशिश की गई और सबूतों को नष्ट किया गया लेकिन जांच में उनका झूठ बेनकाब हो गया। नर्मदापुरम के डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि यह घटना 21 जनवरी को बासनिया गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार शिकारी दो हिरणों को ले जा रहे थे जिन्हें गांव वालों ने देख लिया। लोगों ने सूचना दी और हिरण रिवेन्यू भूमि पर छोड़ दिए। इसके बाद वन कर्मचारियों ने हिरणों की उचित जांच नहीं की और पूरी जानकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी। डीएफओ ने आगे बताया कि मुखबिर की सूचना पर स्टाफ की कॉल डिटेल्स और कार्रवाई का विश्लेषण किया गया। कड़ी पूछताछ में सामने आया कि वन कर्मचारियों ने वास्तविक स्थिति को छिपाया। उन्होंने बताया कि एक हिरण के शिकार की बात की गई जबकि वास्तव में दो हिरणों में से एक जिंदा था और दूसरा मृत। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना को प्राकृतिक मौत का रूप देने का प्रयास किया गया। इस मामले में सिवनी मालवा रेंजर आशीष रावत वनपाल महेश गौर वनरक्षक मनीष गौर रूपक झा ब्रजेश पगारे और पवन उइके को निलंबित किया गया। डीएफओ ने कहा कि रेंजर के निलंबन के लिए सीसीएफ को पत्र लिखा गया जिसके बाद रेंजर को भी निलंबित किया गया। सीसीएफ अशोक कुमार चौहान ने बताया कि प्राथमिक जांच प्रतिवेदन में वन कर्मचारियों द्वारा प्रकरण के वास्तविक स्वरूप को छिपाने और जांच में गंभीर लापरवाही बरतने के तथ्य सामने आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। इस घटना ने वन विभाग में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की कमी को उजागर किया है। दुर्लभ काले हिरण की शिकार की घटनाओं पर पर्यावरणविद और वन संरक्षणकर्ता चिंतित हैं। वन विभाग के सख्त कदम से यह संदेश गया कि किसी भी कर्मचारी की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। इस प्रकरण से यह भी स्पष्ट हुआ कि वन्य जीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन गंभीर मामला है और इसे छिपाने या दबाने की कोशिश करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सिवनी मालवा क्षेत्र में दो दुर्लभ काले हिरणों के शिकार के मामले ने वन विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया। सोमवार देर रात वन विभाग ने रेंजर और चार वनकर्मियों सहित कुल छह कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। आरोप है कि हिरणों की मौत को प्राकृतिक घटनाक्रम दिखाने की कोशिश की गई और सबूतों को नष्ट किया गया लेकिन जांच में उनका झूठ बेनकाब हो गया। नर्मदापुरम के डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि यह घटना 21 जनवरी को बासनिया गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार शिकारी दो हिरणों को ले जा रहे थे जिन्हें गांव वालों ने देख लिया। लोगों ने सूचना दी और हिरण रिवेन्यू भूमि पर छोड़ दिए। इसके बाद वन कर्मचारियों ने हिरणों की उचित जांच नहीं की और पूरी जानकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी। डीएफओ ने आगे बताया कि मुखबिर की सूचना पर स्टाफ की कॉल डिटेल्स और कार्रवाई का विश्लेषण किया गया। कड़ी पूछताछ में सामने आया कि वन कर्मचारियों ने वास्तविक स्थिति को छिपाया। उन्होंने बताया कि एक हिरण के शिकार की बात की गई जबकि वास्तव में दो हिरणों में से एक जिंदा था और दूसरा मृत। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना को प्राकृतिक मौत का रूप देने का प्रयास किया गया। इस मामले में सिवनी मालवा रेंजर आशीष रावत वनपाल महेश गौर वनरक्षक मनीष गौर रूपक झा ब्रजेश पगारे और पवन उइके को निलंबित किया गया। डीएफओ ने कहा कि रेंजर के निलंबन के लिए सीसीएफ को पत्र लिखा गया जिसके बाद रेंजर को भी निलंबित किया गया। सीसीएफ अशोक कुमार चौहान ने बताया कि प्राथमिक जांच प्रतिवेदन में वन कर्मचारियों द्वारा प्रकरण के वास्तविक स्वरूप को छिपाने और जांच में गंभीर लापरवाही बरतने के तथ्य सामने आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। इस घटना ने वन विभाग में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की कमी को उजागर किया है। दुर्लभ काले हिरण की शिकार की घटनाओं पर पर्यावरणविद और वन संरक्षणकर्ता चिंतित हैं। वन विभाग के सख्त कदम से यह संदेश गया कि किसी भी कर्मचारी की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
ऑनलाइन और ऑफलाइन का सह-अस्तित्व: भारत का ई-कॉमर्स 2030 तक 280-300 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है
नई दिल्ल। भारतीय ई-कॉमर्स बाजार ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास किया है और नई रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक इसका आकार लगभग दोगुना होकर 280-300 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है। वर्तमान में यह बाजार 120-140 अरब डॉलर के बीच है। यह जानकारी मंगलवार को बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप BCG की रिपोर्ट में सामने आई। रिपोर्ट में कहा गया कि भले ही ऑनलाइन मार्केट तेजी से बढ़ रहा है लेकिन ऑफलाइन रिटेल बाजार भी मजबूत बना हुआ है और पिछले चार वर्षों में 13-14 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। भारतीय ई-कॉमर्स अब एक ऐसे चरण में प्रवेश कर चुका है जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन रिटेल सह-अस्तित्व के साथ काम कर रहे हैं। मल्टी-चैनल खरीदार आज सामान्य रूप से दोनों माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं और लगभग आधे ऑफलाइन खरीदार ऑनलाइन चैनलों से खरीदारी की जानकारी प्राप्त करते हैं। वर्तमान में भारत में लगभग 30 करोड़ ऑनलाइन खरीदार हैं जिनकी संख्या 2030 तक 44 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। इनमें लगभग 30 प्रतिशत खरीदार ग्रामीण भारत से हैं। ई-कॉमर्स में ई-रिटेल और ई-सेवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। अनुमानित मूल्य के अनुसार ई-रिटेल 75-85 अरब डॉलर और ई-सेवाएं 45-55 अरब डॉलर तक पहुंच सकती हैं। वहीं ई-सेवाओं की वृद्धि दर 20-22 प्रतिशत और ई-रिटेल की वृद्धि दर 16-18 प्रतिशत रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में 12000 से अधिक उपभोक्ताओं के सर्वेक्षण के आधार पर यह भी उल्लेख किया गया कि आज के खरीदार सुविधा विश्वास और आवश्यकताओं के आधार पर स्क्रीन और स्टोर के बीच सहजता से आवागमन करते हैं। वे ऑनलाइन खोज करते हैं ऑफलाइन खरीदारी करते हैं और कभी-कभी ऑनलाइन ब्राउज़िंग के बाद ऑफलाइन खरीदारी का विकल्प चुनते हैं। लगभग दो-तिहाई महिला खरीदारों ने कहा कि वे ऑनलाइन खरीदारी को अधिक सुरक्षित मानती हैं। इसका कारण गोपनीयता आसान पहुँच और किसी भी समय स्वतंत्र रूप से खरीदारी करने की क्षमता है। BCG की पार्टनर और डायरेक्टर कनिका सांघी ने बताया भारत के खरीदार अधिक विविधतापूर्ण होते जा रहे हैं। उपभोक्ता अपनी आवश्यकताओं और परिपक्वता के अनुसार विभिन्न प्रारूपों का उपयोग कर रहे हैं। इसलिए प्लेटफॉर्म और ब्रांडों को सभी टचपॉइंट्स पर सरल सुरक्षित और सहज अनुभव प्रदान करना आवश्यक है। क्विक कॉमर्स ने पिछले वर्षों में 100 प्रतिशत से अधिक की सीएजीआर वृद्धि दर्ज की है जिससे तत्काल और टॉप-अप खरीदारी मुख्यधारा बन गई है और खरीदारों की खरीदारी की आवृत्ति बढ़ी है। इसी तरह सोशल और चैट कॉमर्स में 40-45 प्रतिशत की सीएजीआर वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि ऑनलाइन ब्रांडों को 100 करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व तक पहुँचने में लगने वाला समय पहले लगभग 11 साल था जो अब घटकर लगभग 7 साल रह गया है। इस डेटा से यह स्पष्ट होता है कि भारत का ई-कॉमर्स बाजार न केवल तेजी से बढ़ रहा है बल्कि उपभोक्ताओं के व्यवहार और तकनीकी अपनाने की क्षमता के कारण भी यह निरंतर विकास कर रहा है।
रबी-खरीफ फसल तक का ज्ञान चाहिए, राहुल गांधी को CM मोहन यादव का तंज

भोपाल । कांग्रेस की किसान महा चौपाल में शामिल होने राजधानी में पहुँचे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के स्वागत से पहले ही सियासी तापमान बढ़ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसान महा चौपाल लगाना अच्छी बात है लेकिन राहुल गांधी को यह भी समझना चाहिए कि रबी और खरीफ फसल क्या होती है। उनका तंज सीधे कांग्रेस के किसान दृष्टिकोण पर था। मुख्यमंत्री ने आगे कहा मध्य प्रदेश के दूध उत्पादन पर भी कुछ कहें। हम 365 दिन किसानों के लिए काम कर रहे हैं। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए क्योंकि कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में किसानों के साथ अन्याय किया है। 2003 तक साढ़े सात लाख हेक्टेयर सिंचाई रकबा ही क्यों रहा जबकि हमने डेढ़ साल में उससे अधिक कार्य कर दिया। मोहन यादव ने कांग्रेस के पुराने कार्यकाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले 55 सालों में सिंचाई का विस्तार बहुत कम हुआ वहीं वर्तमान सरकार ने इसे तेजी से बढ़ाया है। उन्होंने भावांतर योजना और किसान कल्याण योजनाओं का भी जिक्र किया जिससे किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को सुझाव भी दिया कि अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासित करें। उन्होंने कहा कपड़े खोलकर प्रदर्शन करने वालों को डांट लगानी चाहिए और छमा मांगनी चाहिए। यह आदर्श जगह है और देश भी आदर्श होना चाहिए। कांग्रेस की किसान महा चौपाल राजधानी भोपाल के जवाहर चौक में आयोजित की जा रही है जिसमें किसानों की समस्याओं और भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर प्रतिक्रिया जुटाई जाएगी। इस अवसर पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे किसानों की आवाज़ को केंद्रित करेंगे और कृषि नीतियों पर अपनी पार्टी की प्राथमिकताओं को उजागर करेंगे। सियासत की इस गरमाई हुई स्थिति में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार किसानों के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने सिंचाई मूल्य सुरक्षा और किसान कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए यह संदेश दिया कि मध्य प्रदेश में किसानों के हित सर्वोपरि हैं। राहुल गांधी के आगमन से पहले किए गए इस बयान ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी किसान मुद्दों को लेकर सक्रिय हैं और आगामी समय में इस मुद्दे पर और बहस होने की संभावना है।