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कोलकाता से गिरफ्तार पांच अफगानी एटीएस की रिमांड पर, पूछताछ जारी

जबलपुर। मध्यप्रदेश एटीएस (ऐंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) द्वारा फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले में कोलकाता से गिरफ्तार कर शहर लाए गए 5 अफगानी नागरिक इस समय रिमांड पर हैं। सोमवार को की गई पूछताछ में अफगानी नागरिकों ने कई अहम राज खोले हैं। कोलकाता से गिरफ्तार किए गए जिया उर रहमान, सुल्तान मोहम्मद, रजा खान, सैय्यद मोहम्मद व जफर खान को रविवार को जबलपुर कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 25 फरवरी तक की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया गया है। अब पूछताछ के दौरान आरोपी नए-नए खुलासे कर रहे हैं जिससे पुलिस चौकन्नी हो गई है।एटीएस की पूछताछ में पता चला कि इन अफगान नागरिकों ने भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए शहर में रह रहे मास्टरमाइंड सोहबत खान से प्रति व्यक्ति करीब ढाई लाख रुपए में डील की थी। आरोपियों ने दस्तावेज में फर्जी पतों के आधार पर पासपोर्ट आवेदन किए थे और सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराई गई थी। 5 में से 4 पासपोर्ट जारी भी हो चुके थे, जिनमें से 3 एटीएस ने जब्त कर लिए हैं। एक पासपोर्ट गलत पते के कारण पासपोर्ट कार्यालय वापस लौट गया था। एटीएस की जांच में सामने आया कि ये सभी 2018-19 में काबुल (अफगानिस्तान) से दिल्ली होते हुए कोलकाता पहुंचे थे। इनमें से सुल्तान मोहम्मद मेडिकल वीजा पर आया था जबकि बाकी चार अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुए थे।पुलिस सूत्रों के अनुसार उन्होंने पूछताछ में ये कबूल किया है कि उन्होंने जबलपुर के जिन फर्जी पतों से पासपोर्ट बनवाए हैं। उनमें 300 मोतीनाला तालाब सदर,ए 410 उपरैनगंज व 870 छोटी ओमती जैसे पते शामिल हैं जो वास्तविक नहीं थे। बताया तो यहां तक जा रहा है कि उन्होंने फर्जी पासपोर्ट मामले में कुछ कर्मचारियों के नाम भी बताए हैं जिनकी मिलीभगत से इतना बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया। हालांकि उन कर्मचारियों के नामों की पुष्टि अभी तक पुलिस ने नहीं की है लेकिन सूत्र बताते हैं कि इतनी बड़ी गड़बड़ी बिना कर्मचारियों की मिलीभगत के नहीं हो सकती। पुलिस इस मामले में अधिकृत तौर पर कुछ भी कहने से फिलहाल बच रही है।इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ उस वक्त शुरू हुआ, जब मुख्य आरोपी सोहबत खान ने सोशल मीडिया पर एके-47 राइफल के साथ अपनी फोटो पोस्ट की थी। अगस्त 2025 में उसकी गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने कडिय़ां जोडऩा शुरू किया। सोहबत 2015 में भारत आया था और जबलपुर में निकाह कर यहीं बस गया था। एटीएस ने जबलपुर में इसी जगह से अफगानी नागरिक सोबहत खान को गिरफ्तार किया था।एटीएस को यह भी पता चला कि सोहबत खान ने सबसे पहले अकबर नाम के एक व्यक्ति का पासपोर्ट बनवाने की डील की। इसके लिए दो से ढाई लाख रुपए लिए गए। गिरोह के सदस्य दिनेश गर्ग, महेंद्र कुमार सुखदान व चंदन सिंह ने जबलपुर के फर्जी पते पर अकबर के निवास और पहचान दस्तावेज तैयार कराए। पासपोर्ट सेवा केंद्र में सत्यापन के लिए अकबर को जबलपुर बुलाया गया। जहां उसने फोटो व दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की। पासपोर्ट जारी होने के बाद गिरोह ने पोस्टमैन को 3 हजार रुपए देकर रास्ते में ही पासपोर्ट ले लिया था। फर्जी पासपोर्ट मामले में एटीएस ने अगस्त 2025 में ही कोलकाता निवासी मोहम्मद इकबाल, अकबर जबलपुर निवासी कथित अधिवक्ता चंदन सिंह, वन विभाग कर्मचारी दिनेश गर्ग व महेंद्र कुमार सुखदान को भी गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट बनवाने में सहयोग किया। एटीएस अब पूरे नेटवर्क व अन्य विदेशी नागरिकों और शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।अब तक कुल 11 गिरफ्तार हो गए है।

मप्र के ग्वालियर में वायुसेना के रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट से ऑनलाइन अरेस्ट कर 2.52 करोड़ की ठगी

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में वायुसेना के रिटायर्ड रेडियालॉजिस्ट को जालसाजों द्वारा ऑनलाइन अरेस्ट कर 2.52 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।जालसाजों ने 90 वर्षीय बुजुर्ग को सीबीआई अधिकारी बनकर डराया कि उनके डॉक्यूमेंट से देश में एक बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग फ्रॉड किया गया है। आप सोचते हैं कि इतना बड़ा फ्रॉड करने के बाद बचे रहेंगे। कुछ ही समय में हमारी विशेष पुलिस आपको गिरफ्तार करने आ रही है। इतना सुनते ही बुजुर्ग रिटायर्ड रेडियालॉजिस्ट और उनकी पत्नी डर गईं। उन्होंने अपनी उम्र का हवाला देते हुए निर्दोष होने की बात कही। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन गिरफ्तार 27 दिन में जालसाजों द्वारा उनसे मल्टीपल अकाउंट में ट्रांजेक्शन कर 2.52 करोड़ रुपये ठग लिए। पीड़ित ने ठगी का अहसास होने पर सोमवार को क्राइम ब्रांच पहुंचकर शिकायत की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार, विंडसर हिल्स टाउनशिप निवासी नारायण महादेव (90) एयरफोर्स के मेडिकल डिपार्टमेंट में बतौर रेडियोलॉजिस्ट पद से रिटायर्ड हैं। सोमवार को उन्होंने क्राइम ब्रांच पहुंचकर अधिकारियों को बताया कि 28 जनवरी 2026 को उनके पास एक वॉटसऐप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) ऑफिसर बताया था। उन्होंने कहा कि आपके आधार कार्ड, पेन कार्ड से जनरेट सिम से फ्रॉड किया है। आपको गिरफ्तार किया जा रहा है।बुजुर्ग रिटायर्ड रेडियालॉजिस्ट व उनकी पत्नी डर गए। उन्होंने कहा कि वह सीनियर सिटीजन हैं और इसलिए हमें गिरफ्तार नहीं किया जाए। जिस पर सीबीआई अधिकारी ने कहा कि इसलिए आपको ऑनलाइन अरेस्ट किया जा रहा है। इसके बाद सीबीआई अधिकारी ने वीडियो कॉल पर लेकर सारी जानकारी ले ली। फिर उनसे कहा कि उनके पास जो पैसा है वह उनको ट्रांसफर कर दें। यह आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) के पास भेजा जाएगा। जांच के बाद जब आप निर्दोष साबित होंगे तो कार्रवाई के बाद पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा। जालसाजों ने बुजुर्ग को भरोसा दिलाकर कि सीबीआई उनके साथ है और उनको कुछ नहीं होने देगी। इसके बाद 28 जनवरी से 27 दिन के अंदर अलग-अलग तारीख में 2 करोड़ 52 लाख 16 हजार रुपये रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट से अपने विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए।रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट ने पांच बार बैंक में जाकर इतनी बड़ी रकम निकाली तो बैंक वालों को शक हुआ, उनसे पूछताछ की गई। इस पर रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट ने पहले तो कुछ नहीं बताया और जरुरत होने पर कैश निकालने की बात कही। जब 27 दिन में इतनी बड़ी रकम निकालकर देने के बाद भी सीबीआई अधिकारी बनकर ठग परेशान कर रहे थे तो बैंक प्रबंधन को यह बात बताई। जिसके बाद उनको बताया गया कि ऐसी कोई गिरफ्तारी नहीं होती है। आप फ्रॉड का शिकार हुए हैं। इसके बाद रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट नारायण महादेव पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत की।ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि एयरफोर्स के एक रिटायर्ड अधिकारी के साथ ऑनलाइन ठगी हुई है। उनके दस्तावेजों के आधार पर फ्रॉड करने की बात कहकर उन्हें डराया गया और 2.52 करोड़ रुपये ठग लिए गए। शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

इंदौर के भागीरथपुरा में फूड पाइजनिंग के कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ी,सभी की स्थित सामान्य

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा में शनिवार की रात एक बच्चे की जन्मदिन पार्टी में आए मेहमान उल्टी-दस्त का शिकार हो गए। इसके बाद वे अलग-अलग स्वास्थ्य केन्द्रों में इलाज कराने गए। राहत की बात है कि कोई गंभीर बीमार नहीं हुआ। चार लोगों को एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने बताया कि शनिवार देर रात भागीरथपुरा क्षेत्र स्थित शर्मा गली में आयोजित एक जन्मदिन पार्टी में भोजन ग्रहण करने के बाद कुछ नागरिकों की तबीयत खराब हो गई थी। सभी 6 नागरिकों का स्वास्थ्य वर्तमान में पूरी तरह सामान्य एवं ठीक है।डॉ. हासानी ने बताया कि शनिवार को भागीरथपुरा में आयोजित जन्मदिन समारोह में लगभग 60 रिश्तेदार शामिल हुए थे, जिन्होंने रात करीब 11 बजे भोजन किया था। इसके बाद रविवार को कुछ लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आई। प्रभावित व्यक्तियों का उपचार किया गया तथा एहतियात के तौर पर उन्हें एम.वाय.अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है और किसी प्रकार की गंभीरता नहीं है।सीएमएचओ डॉ. हासानी ने नागरिकों एवं मीडिया से अनुरोध किया है कि इस घटना को अनावश्यक रूप से बहुप्रसारित न करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए है।दरअसल, भागीरथपुरा की शुक्ला गली में आकाश मुक्शिया के बेटे का जन्मदिन शनिवार को मनाया गया। उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को बुलाया था। खाने में दाल-बाफलेँ, लड्डू और अन्य व्यंजन थे। रविवार सुबह कुछ लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। मुक्शिया के अनुसार 30 से ज्यादा लोग बीमार हुए। मामला भोजन से जुड़ा होने के कारण खाद्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने भोजन के सैंपल लिए हैं। इसके अलावा नगर निगम ने भी पानी के सैंपल लिए हैं। अभी तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई।आकाश ने बताया कि घर पर ही खाना बनाया था। 60 से ज्यादा मेहमानों को बुलाया गया था। खाने में हमने बोरिंग का पानी उपयोग में लिया था। फिलहाल डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग की बात कही है। आकाश ने कहा कि मेरी पत्नी, भाई और भाभी भी बीमार हैं। उन्हें भी हम सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र में दिखाने ले गए थे।

संजय निषाद ने अखिलेश यादव के 100 विधायक ऑफर पर साधा निशाना, कहा- भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते

नई दिल्ली । भदोही से जारी राजनीतिक बयानबाजी में यूपी के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 100 विधायक लाकर मुख्यमंत्री बनने के ऑफर पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि सपा नेतृत्व खुद को कमजोर मान रहा है और दूसरों के सहारे सत्ता में आने का सपना देख रहा है। संजय निषाद ने तंज कसते हुए कहा “भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते।” भदोही में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मीडिया से बात करते हुए संजय निषाद ने साफ किया कि सपा का यह बयान ही साबित करता है कि उनके पास सरकार बनाने की ताकत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि PDA संकट में है और यदि यह स्थिति बनी रही तो 2027 के चुनाव में सपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा। संजय निषाद ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि वे असली पहलवान तैयार करते थे और संगठन को जमीन पर खड़ा करते थे जबकि आज अखिलेश यादव केवल ‘भाड़े के पहलवानों’ के सहारे सत्ता हासिल करना चाहते हैं। संजय निषाद ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य पूरे सनातन समाज के पूज्यनीय हैं और उनके साथ किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने न्याय प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि कानून अपना काम करेगा और निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी। साथ ही उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग की। संजय निषाद की यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। उनका कहना है कि सपा का यह ऑफर केवल हवा में बातें करने जैसा है और सत्ता हासिल करने के लिए असली संगठन और जमीन पर संघर्ष जरूरी है। उनका निशाना स्पष्ट रूप से यह दिखाता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और गठबंधन की ताकत पर सवाल उठ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस बयान के बीच शंकराचार्य विवाद भी गर्म बना हुआ है जिसमें बालकों की शिखा खींचने और गिरफ्तारी का मुद्दा शामिल है। संजय निषाद ने कहा कि इस घटना से समाज आहत है लेकिन कानून सच्चाई सामने लाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। यूपी की सियासी हलचल में यह बयान और विवाद दोनों ही चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

फिल्म 12वीं फेल की अभिनेत्री मेधा शंकर ने किए महाकाल दर्शन, भस्म आरती में हुईं शामिल

उज्जैन। फिल्म 12वीं फेल से देशभर में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री मेधा शंकर मंगलवार सुबह उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। उन्होंने प्रातःकालीन विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में भाग लिया और विधि-विधान से भगवान महाकालेश्वर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मंगलवार तड़के मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच मेधा शंकर ने श्रद्धा भाव से आरती में हिस्सा लिया। वे निर्धारित समय पर मंदिर पहुंचीं और गर्भगृह में जाकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। पूरे समय वे सादगीपूर्ण अंदाज में नजर आईं और मंदिर की परंपराओं का पालन किया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से इंजीनियर शिवाकांत पांडे ने अभिनेत्री का स्वागत और सम्मान किया। उनके आगमन के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की नियमित आवाजाही जारी रही। सुरक्षा और व्यवस्था के बीच दर्शन की प्रक्रिया सामान्य रूप से संचालित होती रही।दूसरी बार उज्जैन पहुंचींमेधा शंकर ने बताया कि यह उनकी दूसरी यात्रा है। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल के दर्शन कर उन्हें मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। भस्म आरती में शामिल होना उनके लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव रहा।12 ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख है महाकालउज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां की प्रातःकालीन भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। फिल्म, खेल और अन्य क्षेत्रों की कई हस्तियां भी यहां दर्शन के लिए पहुंचती रही हैं।अभिनय करियर की झलकमेधा शंकर ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत ब्रिटिश मिनीसीरीज Beecham House (2019) से की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्म शादीस्थान और वेब सीरीज दिल बेकरार में सहायक भूमिकाएं निभाईं। वर्ष 2023 में रिलीज हुई फिल्म 12वीं फेल से उन्हें व्यापक पहचान मिली, जिसके बाद से वे मनोरंजन जगत में लगातार सक्रिय हैं। मेधा शंकर की यह यात्रा उनकी गहरी आस्था और आध्यात्मिक जुड़ाव को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया

भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्य क्षेत्र के सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख एवं पूर्व संगठन महामंत्री श्री हितानंद शर्मा की पूज्य माताजी श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां सम्पूर्ण जीवन की आधारिाला होती हैं, उनका जाना अपूरणीय क्षति है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजन को यह असीम दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

अजित पवार विमान हादसा: एनसीपी MLC का दावा, क्या पायलट था आत्मघाती हमलावर?

मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत और बारामती विमान हादसे को लेकर सवाल लगातार बढ़ रहे हैं। एनसीपी एमएलसी अमोल मितकरी ने इस घटना को 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से जोड़ते हुए कहा कि यह सिर्फ दुर्घटना नहीं बल्कि बड़ी साजिश हो सकती है।मितकरी का विवादित दावा अकोला में जनसभा में मितकरी ने कहा, “जैसे LTTE ने राजीव गांधी की हत्या की साजिश रची थी, उसी तरह अजित पवार के मामले में भी साजिश रची गई। क्या विमान उड़ा रहे कैप्टेन सुमित कपूर आत्मघाती थे? अगर उनकी पत्नी कह रही हैं कि वे जिंदा हैं, तो इस हादसे में वास्तव में कौन मरा?” उन्होंने सवाल उठाया कि महाराष्ट्र में इतनी शांति क्यों है जबकि घटना के आसपास कई सवाल हैं। मितकरी ने कहा कि केवल तकनीकी जांच पर्याप्त नहीं है और ब्लैक बॉक्स डेटा के अलावा सीसीटीवी फुटेज भी जनता के सामने आना चाहिए।जांच और सीसीटीवी की मांग एमएलसी ने पूछा कि कैप्टेन साहिल मदान और कैप्टेन को विमान उड़ाना था, वे कहाँ हैं और उनके मूवमेंट का सीसीटीवी फुटेज क्यों जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को केवल तकनीकी पक्ष तक सीमित नहीं रहना चाहिए और दृश्य साक्ष्य भी सामने लाना चाहिए। बारामती में प्रदर्शन बारामती में एनसीपी कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने प्रशासनिक भवन के बाहर इकट्ठा होकर जांच की मांग की। लोगों ने पवार की स्मृतियों से जुड़ी तख्तियां भी रखीं। स्थानीय निवासी बोले कि हादसे को 25 दिन हो गए हैं, लेकिन कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। उपमंडलीय मजिस्ट्रेट को गहन जांच के लिए ज्ञापन भी सौंपा गया। सरकार की प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हादसे की सीबीआई जांच का अनुरोध कर चुकी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि विमान हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट 28 फरवरी या उससे पहले आ जाएगी।

GWALIOR BETTING RACKET: ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़: टी-20 मैच पर दांव लगाते 3 युवक गिरफ्तार

GWALIOR CRIME BRANCH

HIGHLIGHTS: क्राइम ब्रांच की दबिश में 3 आरोपी गिरफ्तार किराए के मकान में चल रहा था सट्टा अड्डा 4.49 लाख रुपए नकद, 7 मोबाइल और 3 लैपटॉप जब्त ऑनलाइन साइट से वेस्टइंडीज-जिम्बाब्वे टी-20 पर सट्टा मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस GWALIOR BETTING RACKET: मध्यप्रदेश। ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने टी-20 मैच पर सट्टा खिलवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बता दें कि मध्य प्रदेश पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के आदर्श नगर, पिंटू पार्क के पास स्थित एक किराए के मकान पर सोमवार रात दबिश दी। जिसके बाद मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुख्ता कार्रवाई की गई। क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अमित शर्मा के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी कर मौके से तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। Jharkhand: रांची से उड़ी एयर एंबुलेंस चतरा में हुई क्रैश …7 की मौत, पढ़े हादसे की पूरी कहानी ऑनलाइन साइट के जरिए लग रहा था दांव पुलिस के अनुसार आरोपी ‘रेडी अन्ना’ नामक ऑनलाइन साइट के माध्यम से वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के बीच चल रहे टी-20 मैच पर सट्टा लगवा रहे थे। मौके से 4.49 लाख रुपए नकद, 7 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और लाखों रुपए का हिसाब-किताब बरामद किया गया है। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में ऑनलाइन सट्टा संचालन के सबूत मिले हैं। अरावली की खूबसूरत वादियों में होगी रश्मिका- विजय की शादी…. थ्री-टियर सिक्योरिटी में लेंगे सात फेरे! जालौन निवासी तीन युवक गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौरभ राजावत (20), अभिषेक राजावत (19) और अंशुल उपाध्याय (21) के रूप में हुई है। तीनों उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रहने वाले हैं और ग्वालियर में किराए का मकान लेकर सट्टा संचालन कर रहे थे। PAK: सख्त पहरे में जेल से अस्पताल ले जाए गए इमरान खान…आंखों में लगा दूसरा इंजेक्शन मास्टरमाइंड फरार पूछताछ में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड आलोक सिंह सिकरवार है, जिसने मकान किराए पर लेकर सट्टे का पूरा सेटअप तैयार कराया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है। पुलिस अन्य संभावित कड़ियों को भी खंगाल रही है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की 45 सीट की मांग, DMK केवल 25 सीट देने को तैयार

नई दिल्ली। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कषगम DMK से 45 सीटों की मांग की है जबकि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी इस बार भी पिछले चुनाव की तरह केवल 25 सीट देने को तैयार है। इस साल अप्रैल मई में राज्य में चुनाव होने की संभावना है।कांग्रेस ने बढ़ाई मांग कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और अन्य नेताओं ने सीट बंटवारे को लेकर स्टालिन से चर्चा की लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है। कांग्रेस का तर्क है कि 2021 के चुनाव परिणामों की समीक्षा के आधार पर उन्हें अधिक सीटें मिलनी चाहिए। स्रोतों के अनुसार पिछले चुनाव में DMK ने कुल 234 सीटों में से 173 पर चुनाव लड़ा जिसमें 133 जीत और 40 हार मिली। अधिकांश हार AIADMK और बीजेपी से हुई थी। कांग्रेस का मानना है कि अगर उन्हें अधिक सीटें दी जाएं तो पिछली बार हारी हुई कम से कम 20 सीटें जीती जा सकती हैं। पार्टी के सूत्रों ने कहा कि 45 सीट की मांग का उद्देश्य जीत की संभावनाओं में सुधार गठबंधन को मजबूत करना और 2026 से पहले संतुलित सीट-बंटवारे का फॉर्मूला सुनिश्चित करना है। बातचीत का दौर जारी रविवार को चेन्नई में स्टालिन और वेणुगोपाल के बीच बैठक हुई जिसमें दोनों दलों के वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग IUML के कादर मोहिदीन ने प्रतिनिधिमंडल के साथ DMK नेताओं से मुलाकात की।

Jharkhand: रांची से उड़ी एयर एंबुलेंस चतरा में हुई क्रैश …7 की मौत, पढ़े हादसे की पूरी कहानी

रांची। रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस (Air Ambulance) सोमवार देर शाम करीब 7:30 बजे चतरा में क्रैश हो गई। विमान में मरीज समेत कुल सात लोग सवार थे। इस हादसे में सभी सात लोगों की मौत हो गई। चतरा एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि एयर एंबुलेंस क्रैश (Air ambulance crash.) होकर सिमरिया के जंगल में गिरी है। इस हादसे में संजय कुमार नाम के मरीज की भी मौत हो गई जो ढाबे में भीषण आग लगने के कारण झुलस गए थे और दिल्ली इलाज करवाने के लिए जा रहे थे। आग की भयावह लपटों से जूझते हुए जिंदगी बचाने की जंग लड़ रहे संजय की कहानी अब एक मार्मिक त्रासदी बन चुकी है। पेशे से ढाबा चलाने वाले संजय कुछ दिन पहले गंभीर रूप से झुलस गए थे। हादसे में उन्हें इलेक्ट्रिक बर्न हुआ था, जिससे उनका शरीर 65 फीसदी बुरी तरह जल गया था। परिजनों ने उन्हें तुरंत रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पिछले करीब दस दिनों से उनका इलाज चल रहा था। दस दिनों में परिवार ने हर संभव कोशिश की। डॉक्टरों ने पूरी मेहनत की, लेकिन संजय की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। हर गुजरते दिन के साथ उम्मीद और चिंता के बीच झूलते परिवार ने अंततः बड़ा फैसला लिया-संजय को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जाएगा। पैसों की परवाह किए बिना परिजनों ने एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की। ढाबा चलाकर परिवार का गुजारा करने वाले संजय की जिंदगी बचाने के लिए रिश्तेदारों और परिचितों ने भी सहयोग दिया। जिंदगी बचाने का सफर बनी आखिरी उड़ानएयर एंबुलेंस की बुकिंग के बाद परिवार में एक बार फिर उम्मीद की किरण जगी। सभी को भरोसा था कि राजधानी में बेहतर इलाज से संजय की जिंदगी बच जाएगी। इसी उम्मीद के साथ मरीज को एयर एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया। उनके साथ परिजन भी इस उड़ान में सवार हुए, दिल में दुआ और आंखों में उम्मीद लिए। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दिल्ली की ओर बढ़ती यह उड़ान अचानक एक दर्दनाक हादसे में बदल गई। एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गया और पलक झपकते ही जिंदगी बचाने की कोशिश कर रहे सभी लोग मौत के आगोश में समा गए। जिस उड़ान से जीवन की नई शुरुआत की उम्मीद थी, वही अंतिम सफर साबित हुई। इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। संजय, जो रोज सैकड़ों लोगों को अपने ढाबे में खाना खिलाते थे, आज खुद नियति के हाथों हार गए। परिवार, जिसने हर संभव कोशिश की, अब गहरे शोक में डूबा है। बेहतर इलाज की उम्मीद में भरी उड़ान का इस तरह अंत हो जाना हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया है। उम्मीद, संघर्ष और नियति की इस दर्दनाक कहानी ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। संजय कुमार मूल रूप से चंदवा के रखात गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में चंदवा स्थित गायत्री मोहल्ले में मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहे थे। वे पलामू के बकोरिया में ढाबा चलाते थे। चार दिन पहले उनके ढाबे में भीषण आग लग गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। इसके बाद उन्हें रांची स्थित देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली रेफर किया था। वहीं हादसे के शिकार हुए डॉ. विकास गुप्ता पूर्व में गारू और चंदवा में पदस्थापित रह चुके थे और प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। देवकमल में 16 फरवरी को मरीज भर्ती हुआ थालातेहार के चंदवा का मरीज संजय (41 वर्ष) 16 फरवरी को रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती हुआ था। बिजली से वह 65 फीसदी जल गया था और उसकी स्थिति ठीक नहीं थी। देवकमल अस्पताल के चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर ले जाने को कहा था। सोमवार को मरीज के परिजनों ने एयर एंबुलेंस बुक किया और इलाज के लिए दिल्ली जा रहे थे। संजय के परिजनों ने सवाल उठाया है कि जब मौसम खराब हो गया था तो एयर एंबुलेंस को उड़ान की अनुमति कैसे दी गई? क्या सुरक्षा मानकों का पालन हुआ? पूरा मामला गंभीर लापरवाही की आशंका पैदा करता है। इसकी उच्चस्तरीय जांच जरूरी है। वहीं रांची एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने कहा, एयर एंबुलेंस के दुर्घटना के कई कारण हो सकते हैं। इन कारणों का खुलासा जांच के बाद ही होगा। कैसे टूटा संपर्कजानकारी के मुताबिक विमान रांची से उड़ान भरने के आधे घंटे बाद ही क्रैश हो गया। विमान में एक मरीज, डॉक्टर, पैरामेडिक, दो सहायक, एक पायलट और एक सह-पायलट सवार थे। पायलट का नाम विवेक विकास भगत और सह-पायलट सवराजदीप सिंह थे। विमान ने न तो वाराणसी एटीसी से संपर्क किया और न ही लखनऊ एटीसी से जुड़ पाया। विमान का संपर्क वाराणसी के दक्षिण-पूर्व इलाके के आसपास टूटा। आखिरी बार विमान का संपर्क कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुआ था। इसके बाद बात नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि इस दौरान विमान ने खराब मौसम के चलते रास्ता बदलने की इजाजत मांगी थी। उड़ान के दौरान कुछ देर तक एटीसी से संपर्क बना रहा, लेकिन बाद में अचानक संपर्क टूट गया। 7:07 बजे शाम में विमान ने रांची से उड़ान भरी थी और रात 10 बजे दिल्ली पहुंचने की उम्मीद थी। रेडबर्ड एयरवेज का छोटा मेडिकल विमान था, जो मरीज को इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहा था। इनकी गई जानइस हादसे में जिन लोगों की जान गई उनमें मरीज 40 साल के संजय कुमार, उनकी 35 वर्षीय पत्नी अर्चना देवी, भगीना 17 वर्षीय ध्रुव कुमार, चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, पारा मेडिकल कर्मी सचिन कुमार मिश्रा, पायलट विवेक विकास भगत, सौराजदीप सिंह शामिल हैं।