अरावली की खूबसूरत वादियों में होगी रश्मिका- विजय की शादी…. थ्री-टियर सिक्योरिटी में लेंगे सात फेरे!

नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के चर्चित स्टार रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) और विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। ये जोड़ी उदयपुर (Udaipur) में एक बेहद निजी शादी समारोह का आयोजन कर रही है, जहां अरावली की पहाड़ियों (Aravali Hills) के खूबसूरत दृश्य के बीच उनका विशेष दिन मनाया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से कपल ने बेहद कड़े इंतजाम किए हैं और वेडिंग वेन्यू पर थ्री-टियर सिक्योरिटी सिस्टम (Three-Tier Security System) लागू किया है, ताकि उनकी प्राइवेसी बनी रहे और कोई भी रुकावट न हो। सख्त सुरक्षा इंतजामरिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद से लोकल प्रशासन और सिक्योरिटी टीमें पहले ही उदयपुर पहुंच चुकी हैं। इसके साथ ही इंटरनेशनल सिक्योरिटी टीमें भी तैनात की गई हैं, ताकि शादी के दिन सब कुछ सही तरीके से चले। कपल ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए इस शादी को कन्फर्म किया, जिससे उनके फैंस और मीडिया में हलचल मच गई। एक बेहद निजी शादीएक करीबी सूत्र ने जानकारी दी कि उनकी शादी भी सगाई की तरह बेहद निजी रखी जाएगी, जिसमें केवल परिवार और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। इसके बाद, मुंबई और हैदराबाद में इंडस्ट्री के दोस्तों के लिए दो बड़े रिसेप्शन आयोजित किए जाएंगे। ‘VIROSH’ नाम से होगी शादी22 फरवरी को रश्मिका और विजय ने इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर करते हुए बताया कि फैंस ने उन्हें प्यार से ‘VIROSH’ नाम दिया है। इस कारण, वे अपनी शादी को “The Wedding of VIROSH” कहेंगे। उन्होंने इस प्यार के लिए फैंस का धन्यवाद किया और कहा कि वे हमेशा उनके दिल का हिस्सा रहेंगे। सगाई और शादी की तारीखरश्मिका और विजय की सगाई 3 अक्टूबर 2025 को हैदराबाद में हुई थी। अब, 26 फरवरी 2026 को उनकी शादी उदयपुर में होगी। वेडिंग वेन्यू The Mementoes by ITC Hotels है, जो खूबसूरत अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित है। रिसेप्शन की जानकारीशादी के बाद 4 मार्च 2026 को हैदराबाद में एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम ताज कृष्णा में होगा, जहां टॉलीवुड और बॉलीवुड के कई सितारों के शामिल होने की संभावना है। इसके साथ ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भी इस रिसेप्शन में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। एक प्यार भरी शुरुआतरश्मिका और विजय की मुलाकात पहली बार 2018 में फिल्म गीता गोविंदम के सेट पर हुई थी। इसके बाद, 2019 में उन्होंने डियर कॉमरेड में भी साथ काम किया। दोनों ने कई बार साथ में छुट्टियाँ बिताई, लेकिन कभी अपनी तस्वीरें पोस्ट नहीं कीं। अब, शादी की रस्मों और तैयारियों के लिए रश्मिका और विजय उदयपुर पहुंच चुके हैं, जहां वे अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने जा रहे हैं।
PAK: सख्त पहरे में जेल से अस्पताल ले जाए गए इमरान खान…आंखों में लगा दूसरा इंजेक्शन

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान (Imran Khan) को आंखों के इलाज के लिए अडियाला जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच Pakistan Institute of Medical Sciences (PIMS) लाया गया। निर्धारित फॉलो-अप जांच के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनकी प्रभावित आंख में दूसरा एंटी-VEGF इंट्राविट्रियल इंजेक्शन लगाया। उपचार पूरा होने के बाद उन्हें वापस अडियाला जेल भेज दिया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि सुबह के समय उन्हें तय कार्यक्रम के अनुसार अस्पताल लाया गया। इंजेक्शन का उद्देश्य उनकी दृष्टि में सुधार लाना है। प्रक्रिया से पहले विशेषज्ञों के एक मेडिकल बोर्ड ने उनका विस्तृत परीक्षण किया। कार्डियक जांच भी की गईजांच टीम में कार्डियोलॉजिस्ट और फिजिशियन शामिल थे। कार्डियोलॉजिस्ट ने इकोकार्डियोग्राफी और ईसीजी जांच भी की। सभी परीक्षणों में उन्हें क्लिनिकली स्थिर पाया गया, जिसके बाद नेत्र संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। पीआईएमएस प्रशासन के अनुसार, यह उपचार डे-केयर सर्जरी के तहत किया गया। पूरी प्रक्रिया पीआईएमएस और Shifa International Hospital के सलाहकार नेत्र रोग विशेषज्ञों और विट्रियोरेटिनल सर्जन की निगरानी में संपन्न हुई। इलाज के बाद तुरंत जेल वापसीअस्पताल की ओर से कहा गया कि इंजेक्शन के दौरान और उसके बाद उनकी स्थिति स्थिर रही। इलाज पूरा होने पर उन्हें फॉलो-अप से जुड़ी सलाह, जरूरी सावधानियां और मेडिकल दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। इसके तुरंत बाद सुरक्षा घेरे में उन्हें पुनः अडियाला जेल ले जाया गया। 15 गाड़ियों का काफिला, तीन सिग्नल जैमर तैनातपाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान खान को लगभग 15 वाहनों के काफिले में अस्पताल लाया गया। काफिले में काली गाड़ियां शामिल थीं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन सिग्नल जैमर भी लगाए गए थे। अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहे। इलाज की पूरी प्रक्रिया सख्त सुरक्षा और चिकित्सकीय निगरानी में पूरी की गई।
सहवाग बोले- विराट कोहली बनने का मौका कई खिलाड़ियों ने गंवाया, साउथ अफ्रीका से हार पर खूब सुनाया

नई दिल्ली। टीम इंडिया की टी20 वर्ल्ड कप 2026 सुपर 8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों से हार के बाद पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने खिलाड़ियों पर कटाक्ष किया और विराट कोहली को याद किया। उन्होंने कहा कि विराट हमेशा मैच को खत्म करने का तरीका जानते थे जबकि कई मौजूदा खिलाड़ी उस जिम्मेदारी को निभाने में नाकाम रहे। विराट कोहली की याद सहवाग ने बताया टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने 160 के ऊपर तभी चेज किया है जब विराट कोहली ने रन बनाए हैं। वह चाहे 50 60 या 80 रन बनाकर नॉट आउट रहते मैच को खत्म करते थे। लेकिन अब तक इस वर्ल्ड कप में किसी खिलाड़ी ने ऐसा नहीं किया।” खिलाड़ियों को मिले थे मौके लेकिन फेल टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक जड़ चुके सहवाग ने कहा कल तिलक वर्मा सूर्यकुमार यादव शिवम दुबे और हार्दिक पांड्या के पास विराट कोहली बनने का मौका था लेकिन किसी ने भी मैच खत्म नहीं किया। किसी को सीखना पड़ेगा कि विराट मैच कैसे खत्म करते थे।”स्ट्राइक रेट से ज्यादा जिम्मेदारी जरूरी सहवाग ने आगे कहा हम स्ट्राइक रेट की बातें करते हैं लेकिन जब आप चेज कर रहे हों तो स्कोरबोर्ड पर रन देखकर खेलना चाहिए। सूर्यकुमार यादव कल दबाव में खेलते दिखे बचाव करते दिखे। ऐसे क्रिकेट से जीत मुश्किल है। थोड़ी फीयरलेस क्रिकेट दिखानी होगी। किसी खिलाड़ी को जिम्मेदारी उठानी होगी।
मौसम में फिर बदलाव…नया पश्चिम विक्षोभ हो रहा एक्टिव, इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। फरवरी (February) जाते-जाते मौसम (Season) में भी तेजी से बदलाव हो रहा है। फरवरी महीन में ही इतनी तेज धूप निकल रही है कि गर्मी का एहसास होने लगा है। पहाड़ी इलाको में अब बर्फबारी भी कम हो रही है। वहीं उत्तर भारत (North India) के कई राज्यों में बीते दिनों हल्की बूंदा-बांदी हुई है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में भी अधिकतम तापमान इस बार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। वहीं राजधानी दिल्ली में अभी से पारा 30 के पार पहुंच गया है। वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिण के राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। 12 राज्यों में हल्की बारिश के आसारमौसम विभाग ने कहा है कि बिहार और झारखंड के कुछ जिलों में सुबह कोहरा छाया रहेगा। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ऐक्टिव हो रहा है। इसकी वजह से बर्फबारी और हल्की बारिश की संभावना है। वहीं दक्षिण के राज्यों में तेज हवाओ के साथ बारिश हो सकती है। 24 से 26 फरवरी तक ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बूंदाबांदी हो सकती है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, झारखंड. पश्चिम बंगाल, अरुणाचल, असम, मेघालय, सिक्किम, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। पंजाब में कोहरामौसम विभाग ने कहा है कि पंजाब के कुछ इलाकों में सुबह कोहरा देखा जाएगा। इसके अलावा तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। पंजाब और हरियाणा में फिलहाल बारिश की सभावना नहीं है। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। दिल्ली का मौसमराजधानी दिल्ली में सोमवार को सामान्य से अधिक गर्मी रही और प्रमुख मौसम केंद्रों पर बारिश की कोई सूचना नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी के अनुसार, सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य तापमान से पांच डिग्री अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिज क्षेत्र 31 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, इसके बाद आयानगर 30.4 डिग्री सेल्सियस और लोदी रोड 30.1 डिग्री सेल्सियस रहा। पालम में अधिकतम तापमान अपेक्षाकृत कम 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कश्मीर में रिकॉर्ड तोड़ रही गर्मीकश्मीर घाटी में गर्मियों का मौसम आने से पहले ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के हालात पैदा हो गए हैं। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों में घाटी में और तापमान बढ़ने का अनुमान जताया है। विभाग ने अपने परामर्श में कहा है कि अगले पांच दिनों में घाटी में ज्यादातर जगहों पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि इस महीने के अंत तक घाटी में बड़े पैमाने पर बर्फबारी के आसार नहीं हैं और 23 से 26 फरवरी तक घाटी में मौसम सूखा रहने की संभावना है, जबकि 27 तथा 28 फरवरी को कुछ जगहों पर हल्की बर्फबारी या बारिश हो सकती है। राजस्थान में बारिशराजस्थान में बीते चौबीस घंटे में कहीं कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम केंद्र जयपुर ने यह जानकारी दी। मौसम केंद्र के अनुसार, सोमवार सुबह तक बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में कहीं-कहीं पर हल्की बारिश हुई। सर्वाधिक 5.0 मिलीमीटर बारिश चोमू में दर्ज की गई। इसके अलावा टोंक के वनस्थली में बूंदाबांदी हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान बाड़मेर में 34.6 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान अलवर में 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आए बदलाव के कारण सोमवार सुबह राजधानी जयपुर और आसपास के कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे।
पाकिस्तान में आर्थिक बदहाली के बीच नया संकट… दाल के लिए मचा हाहाकार

फैसलाबाद। पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) की आर्थिक बदहाली (Economic Distress) की खबरें नई नहीं हैं। खस्ताहाल पाकिस्तान दुनिया की कई वैश्विक संस्थानों (Global Institutions) से कर्ज लेकर अपनी जरूरतें पूरी कर पा रहा है। अब हाल ही में यह खबरें सामने आई हैं कि पाकिस्तान में दाल (Lentils) के लिए हाहाकार मचा हुआ है। स्थिति यह है कि पाकिस्तान अब अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए लगभग पूरी तरह आयात पर निर्भर हो चुका है। पाकिस्तान में दाल का उत्पादन लगातार घट रहा है, जिससे देश को जरूरतें पूरी करने के लिए हर साल करीब 98 करोड़ डॉलर आयात पर खर्च करने पड़ रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक कृषि विशेषज्ञों ने इस हालात पर गंभीर चिंता जताई है और कहा है कि अगर उत्पादन नहीं बढ़ा तो आयात पर निर्भरता और बढ़ेगी। पंजाब पल्सेज इंपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और ग्रेन मार्केट के चेयरमैन राणा मुहम्मद तैय्यब ने बताया कि 1998 से पहले पाकिस्तान दाल का प्रमुख निर्यातक देश था। लेकिन परवेज मुशर्रफ के दौर में लगाए गए निर्यात बैन के बाद किसानों का उत्साह कम हो गया, क्योंकि दाल कम मुनाफे वाली फसल बन गई। जानकारों के मुताबिक देश में हर साल करीब 16.2 लाख टन दाल की खपत होती है, जिसमें से लगभग 10.7 लाख टन आयात की जाती है। यानी पाकिस्तान को देश में खपत होने वाली करीब 80 प्रतिशत दाल आयात करनी पड़ती है। बारिश ने भी तरसायातैय्यब ने जलवायु परिवर्तन के असर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि थल जैसे वर्षा आधारित इलाकों में समय पर बारिश हो जाए तो पैदावार 35 प्रतिशत तक बढ़ सकती है, लेकिन बारिश कम होने पर भारी नुकसान होता है और किसान अगले सीजन में दाल बोने से हिचकते हैं। जानकारों ने जताई चिंताये मुद्दे विश्व दाल दिवस के मौके पर आयूब एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट के पल्सेज रिसर्च इंस्टीट्यूट में आयोजित एक सेमिनार में उठाए गए। विशेषज्ञों ने कहा कि पाकिस्तान की सालाना जरूरत करीब 15 लाख टन है, लेकिन लोकल उत्पादन इसका सिर्फ एक छोटा हिस्सा ही पूरा कर पा रहा है। इसी कारण हर साल करीब 10 लाख टन दाल आयात करनी पड़ती है। AARI के पल्सेज सेक्शन के चीफ साइंटिस्ट खालिद हुसैन ने कहा कि दाल मानव पोषण और मिट्टी की उर्वरता दोनों के लिए जरूरी है। लेकिन सीमित मुनाफा और निर्यात बैन के कारण किसान इसकी खेती से बच रहे हैं। दाल उत्पादन बढ़ाने के मकसद से एक प्रस्ताव तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है, लेकिन उसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।
SC के झटके के बाद ट्रंप की नई वार्निंग… बोले- कोई खेल करेगा तो उप पर लगेगा पहले से ज्यादा टैरिफ

वाशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने टैरिफ फैसले (Tariff decision) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की रोक के बाद सोमवार को अदालत पर तीखा हमला बोला। उन्होंने फैसले को ‘बेवकूफाना’ करार देते हुए दावा किया कि इस निर्णय ने अनजाने में उनकी शक्तियों को और मजबूत कर दिया है। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टैरिफ को लेकर कोई देश अगर खेल करने की कोशिश करेगा, तो उस पर पहले से ज्यादा टैरिफ लगाया जाएगा। दरअसल, 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से कहा कि अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA ) के तहत लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ अवैध हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन शक्तियों के नाम पर राष्ट्रपति कांग्रेस के कराधान अधिकार, यानी टैरिफ लगाने की शक्ति का उपयोग नहीं कर सकते। फैसले के बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लंबी पोस्ट लिखकर अदालत को हास्यास्पद, मूर्खतापूर्ण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभाजनकारी बताया। ट्रुथ सोशल पर ट्रंप की प्रतिक्रियाट्रंप ने लिखा कि वे लाइसेंस व्यवस्था का इस्तेमाल विदेशी देशों, खासकर उन देशों के खिलाफ ‘कड़े’ कदम उठाने के लिए कर सकते हैं, जो उनके अनुसार दशकों से अमेरिका का शोषण करते रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अदालत के फैसले से उनकी शक्तियां कैसे बढ़ गईं। उन्होंने यह भी कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट का जिक्र छोटे अक्षरों में करेंगे, जो उनके अनुसार ‘पूर्ण अनादर’ का संकेत है। उनकी पोस्ट में लाइसेंस और शुल्क को लेकर भ्रम की स्थिति भी दिखी। अदालत ने कहा था कि राष्ट्रपति आर्थिक आपातकाल में व्यापारिक लाइसेंस जारी कर सकते हैं, लेकिन उन्हें टैरिफ के रूप में शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है। ट्रंप ने शिकायत की कि वे देशों से लाइसेंस लेने को तो कह सकते हैं, लेकिन उनसे लाइसेंस शुल्क नहीं वसूल सकते, जबकि हर कोई लाइसेंस पर शुल्क लेता है। इस दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि अदालत ने अन्य कई टैरिफ को मंजूरी दी है, जिन्हें वे पहले से अधिक प्रभावी तरीके से लागू कर सकते हैं। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट की आलोचना करते हुए केवल तीन न्यायाधीशों ( ब्रेट कावानॉ, क्लेरेंस थॉमस और सैमुअल अलिटो ) की सराहना की, जिन्होंने असहमति जताई थी। जन्मजात नागरिकता पर भी हमलाअदालत पर हमला करते हुए ट्रंप ने जन्मजात नागरिकता के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि 14वां संशोधन ‘गुलामों के बच्चों’ के लिए नहीं लिखा गया था। जबकि संविधान का यही संशोधन कहता है कि अमेरिका में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति, जो अमेरिकी अधिकार क्षेत्र के अधीन है, नागरिक माना जाएगा। पिछले वर्ष ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी कर अवैध प्रवासियों या अस्थायी वीजा पर रहने वालों के बच्चों को जन्मजात नागरिकता से बाहर करने की कोशिश की थी। उनका तर्क था कि गृहयुद्ध के बाद जो संशोधन लाया गया, उसका उद्देश्य केवल मुक्त गुलामों के बच्चों को नागरिकता देना था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चीन समेत कुछ देश गर्भवती महिलाओं को अमेरिका भेजकर इस प्रावधान का ‘दुरुपयोग’ करते हैं। टैरिफ बढ़ाने की घोषणाशनिवार को अदालत द्वारा टैरिफ को 10 प्रतिशत तक सीमित करने के फैसले के बाद ट्रंप ने घोषणा की कि वे इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम पूरी तरह कानूनी और अनुमत है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले महीनों में उनका प्रशासन नए और कानूनी रूप से वैध टैरिफ लागू करेगा, ताकि ‘अमेरिका को फिर से महान बनाने’ की प्रक्रिया जारी रखी जा सकें।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा – सरकार के पास बैंकों के विलय की फिलहाल कोई रूपरेखा नहीं

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को कहा कि सरकार के पास सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (Banks) के विलय की कोई रूपरेखा नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट (Union Budget) में प्रस्तावित विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर एक उच्च-स्तरीय समिति इस विषय और अन्य पहलुओं पर गौर करेगी। वित्त मंत्री ने क्या कहाआरबीआई (RBI) के केंद्रीय निदेशक मंडल को बजट के बाद संबोधित करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा, ”मैं किसी भी रूपरेखा से परिचित नहीं हूं… ऐसी कोई योजना अभी मौजूद नहीं है। बैंकों का विलय यहां चर्चा का विषय नहीं था, न ही बजट से पहले था। लेकिन अब जो समिति बनाई जा रही है, उसके कार्यक्षेत्र तय होने के बाद, वह भारतीय बैंकिंग को मजबूत बनाने के हर पहलू पर ध्यान देंगी।” बजट में सीतारमण ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करने और इसे देश के विकास लक्ष्यों के अनुरूप ढालने के लिए उच्च स्तरीय बैंकिंग समिति’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि बैंक बेहतर तरीके से पूंजीकृत हैं और वे अगले चार-पांच साल तक ऋण वृद्धि को संभाल सकते हैं। बैंकों को दिए ये आदेशवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों द्वारा बीमा सहित वित्तीय उत्पादों की गलत तरीके से बिक्री पर कड़ा रुख अपनाते हुए सोमवार को कहा कि उन्हें (बैंकों को) अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान देना चाहिए। पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा, ” बैंकों को अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान देना चाहिए…। मैंने हमेशा से इस बात पर आपत्ति जतायी है कि आप उस बीमा को बेचने में अधिक समय लगा रहे हैं जिसकी आवश्यकता ही नहीं है और यह मामला आरबीआई और बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के बीच फंसा रहा।” आरबीआई ने ग्राहक को भ्रामक जानकारी देकर उत्पाद की बिक्री पर दिशानिर्देशों का मसौदा 11 फरवरी को जारी किया था। इसमें कहा गया है कि यदि किसी ग्राहक को गलत तरीके से उत्पाद या सेवा दी जाती है, तो बैंक को ग्राहक द्वारा चुकाई गई पूरी राशि लौटानी होगी और स्वीकृत नीति के अनुसार हुए नुकसान की भरपाई भी करनी होगी। इस पर चार मार्च तक सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी गई हैं। आरबीआई ने कहा कि गलत तरीके से बिक्री पर कड़े नियम एक जुलाई से लागू होंगे। सीतारमण ने कहा, ”मुझे खुशी है कि आरबीआई यह स्पष्ट मार्गदर्शन दे रहा है कि गलत तरीके से बिक्री क्यों बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदेश, बैंकों तक जाना चाहिए कि आप गलत बिक्री नहीं कर सकते। यह शब्द ‘गलत बिक्री’, किसी को ठेस पहुंचाने के बजाय, शब्दकोश में एक और शब्द बनकर रह गया है।”
गलत जानकारी के साथ बेची जा रही बीमा पॉलिसी… बैंकों को वित्त मंत्री की कड़ी चेतावनी

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बैंकों (Banks) द्वारा गलत जानकारी के साथ बेची जा रही बीमा पॉलिसी (Insurance Policy) व अन्य उत्पादों पर कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि बैंकों का मूल कार्य जमा (धनराशि) जुटाने और ऋण देने है और बैंक उसी पर ध्यान केंद्रित करें। सोमवार को बजट के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक जरूरत न होने के बावजूद भी ग्राहकों को बीमा बेचने में अधिक समय लगा रहे हैं जबकि उनका मुख्य कार्य बैंकिंग सेवाएं देना है। उन्होंने कहा कि मिस-सेलिंग लंबे समय से चिंता का विषय रही है और अब इस पर सख्ती जरूरी है। कई मामलों में ग्राहकों के पास पहले से बीमा पॉलिसी होती है, लेकिन उसके बावजूद बैंक उन पर नई बीमा पॉलिसी लेने का दबाव बनाते हैं। खासकर होम लोन लेते समय ग्राहकों से अतिरिक्त बीमा लेने को कहा जाता है, जबकि संपत्ति पहले से ही गिरवी होती है। ऐसे में नियामक की जिम्मेदारी स्पष्ट न होने के कारण ग्राहकों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि बैंकों को ग्राहकों की जरूरत समझने, जमा बढ़ाने और जिम्मेदारी के साथ ऋण देने पर ध्यान देना चाहिए। बैंकों को अधिक मानवीय होने की जरूरतवित्त मंत्री ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली को अधिक मानवीय और ग्राहक-केंद्रित बनाने की आवश्यकता है। मौजूदा समय में बैंकों ने ग्राहकों के साथ संबंध मजबूत करने और उनकी वित्तीय जरूरतों को समझने की मूल कार्य दूरी बना ली है, जिससे ग्राहकों में असंतोष बढ़ा है। बैंक अपने कम लागत वाले जमा यानी (करंट अकाउंट–सेविंग अकाउंट) को मजबूत करने पर जोर दें और ग्राहक केंद्रित सेवाएं विकसित करें। कहां और कैसे करें शिकायतगलत जानकारी देकर उत्पाद बेचने पर आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा, बीमा के लिए इरडा, बैंकिंग के लिए आरबीआई (सीएमएस पोर्टल), या ऑनलाइन माध्यम से शिकायत कर सकते हैं। समस्या का समाधान न होने पर उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया जा सकता है। शिकायत करने के प्रमुख मंच– राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन : टोल-फ्री नंबर 1915 या 1800-11-4000 पर कॉल करें।– ई-दाखिल पोर्टल: ऑनलाइन उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने के लिए।– बीमा मिस-सेलिंग: बीमा कंपनी की शिकायत निवारण सेल में, फिर बीमा लोकपाल या इरडा की वेबसाइट (155255 पर कॉल)।– बैंकिंग मिस-सेलिंग: आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल के पास।– फ्री-लुक पीरियड (आमतौर पर 15-30 दिन) के भीतर शिकायत करने पर पॉलिसी रद्द कर रिफंड पाना आसान होता है।
कनाडा के PM मार्क कार्नी आएंगे भारत दौरे पर…..इन मुद्दों पर होगी चर्चा, द्विपक्षीय रिश्ते होंगे मजबूत

नई दिल्ली। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Canadian Prime Minister Mark Carney) 26 फरवरी 2026 को भारत का दौरा (India Visit) करने जा रहे हैं। कनाडाई सरकार (Canadian Government) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह यात्रा भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के तीन देशों की एक व्यापक इंडो-पैसिफिक यात्रा का हिस्सा है, जो 26 फरवरी से 7 मार्च तक चलेगी। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कनाडा-भारत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, व्यापार को बढ़ावा देना तथा रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), प्रतिभा, संस्कृति और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नई महत्वाकांक्षी साझेदारियां स्थापित करना है। कार्नी पहले मुंबई पहुंचेंगे, जहां वे प्रमुख कारोबारियों से मुलाकात करेंगे ताकि कनाडा में निवेश के अवसरों की खोज की जा सके और दोनों देशों के बीच व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा मिले। इसके बाद वे नई दिल्ली जाएंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात होगी। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित करेंगे। यह दौरा कनाडा-भारत संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों के बाद संबंध बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें “बेतुका” करार दिया था। इस विवाद के चलते अक्टूबर 2024 में भारत ने अपने उच्चायुक्त सहित कई राजनयिकों को वापस बुला लिया था और कनाडा ने भी समान संख्या में भारतीय राजनयिकों को निष्कासित किया था। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध न्यूनतम स्तर पर पहुंच गए थे। हालांकि, अप्रैल 2025 में हुए कनाडाई संसदीय चुनाव में लिबरल पार्टी के नेता मार्क कार्नी की जीत ने संबंध सुधार की प्रक्रिया शुरू की। कार्नी ने मार्च 2025 में प्रधानमंत्री पद संभाला था और उसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे की राजधानियों में उच्चायुक्तों की नियुक्ति की, जिससे तनाव कम हुआ और बातचीत का रास्ता खुला। किन मुद्दों पर होगी बातचीतकार्नी की यह यात्रा न केवल संबंधों को पटरी पर लाने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों के बीच कनाडा को अमेरिका पर निर्भरता कम करने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नए साझेदारों के साथ मजबूत आर्थिक संबंध बनाने की रणनीति का हिस्सा भी है। दोनों नेताओं के बीच होने वाली चर्चाओं में व्यापार समझौते, रक्षा समझौते, एआई और प्रौद्योगिकी सहयोग, ऊर्जा क्षेत्र (जैसे क्रिटिकल मिनरल्स और क्लीन एनर्जी) तथा रक्षा साझेदारी पर फोकस रहने की उम्मीद है। कार्नी प्रमुख भारतीय उद्योगपतियों से भी मिलेंगे, जिससे निवेश और संयुक्त उद्यमों के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। यह दौरा दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यह निज्जर विवाद के बाद किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा है। इससे उम्मीद है कि पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर दोनों राष्ट्र भविष्योन्मुखी सहयोग पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
UAN नंबर के बिना भी जान सकते हैं अपने PF खाते का बैलेंस… जानें आसान तरीका

नई दिल्ली। नौकरी करने वाले लगभग हर व्यक्ति की सैलरी से पीएफ (PF- Provident Fund) की रकम कटती है। यह पैसा भविष्य के लिए जमा किया जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर काम आ सके। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हमें अपना PF बैलेंस देखना होता है और UAN नंबर याद नहीं रहता या बना ही नहीं होता। ऐसे में लोग परेशान हो जाते हैं और सोचते हैं कि बिना UAN के PF बैलेंस चेक करना संभव नहीं है। लेकिन आप बिना UAN नंबर के भी बैलेंस चेक कर सकते हैं। तरीका 1: मिस्ड कॉल से PF बैलेंस चेक करेंEPFO कर्मचारियों को मिस्ड कॉल सेवा भी देता है। अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल दें। कॉल अपने आप कट जाएगी। कुछ सेकंड बाद आपको SMS के जरिए PF बैलेंस की जानकारी मिल जाएगी। ध्यान रखने वाली बातें: आपका मोबाइल नंबर EPF अकाउंट से लिंक होना चाहिए। KYC जैसे आधार, PAN या बैंक डिटेल्स अपडेट होना जरूरी है। तरीका 2: SMS से PF बैलेंस जानेंआप SMS के जरिए भी PF बैलेंस चेक कर सकते हैं। अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से SMS भेजें: EPFOHO ENG इसे 7738299899 पर भेज दें। यहां ENG भाषा के लिए है। अगर आप हिंदी में जानकारी चाहते हैं तो HIN लिख सकते हैं। कुछ देर बाद आपके फोन पर PF बैलेंस का मैसेज आ जाएगा। तरीका 3: EPFO पोर्टल के जरिएआप Employees’ Provident Fund Organisation की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जाकर जानकारी ले सकते हैं। EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। For Employees सेक्शन में जाएं। Know Your Claim Status या Member Passbook ऑप्शन चुनें। यहां आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या अन्य डिटेल्स के जरिए जानकारी ले सकते हैं। हालांकि इस तरीके में कई बार UAN की जरूरत पड़ती है, लेकिन अगर आपका मोबाइल नंबर लिंक है तो कुछ जानकारी बिना UAN के भी मिल सकती है। तरीका 4: UMANG ऐप से जानकारीसरकार का UMANG ऐप भी PF से जुड़ी सेवाएं देता है। Google Play Store या App Store से UMANG ऐप डाउनलोड करें। मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। EPFO सेवाएं चुनें। वहां से बैलेंस या पासबुक देखें। अगर आपका मोबाइल नंबर लिंक है तो यहां से भी जानकारी मिल सकती है। ये बातें जरूर रखें ध्यानआपका मोबाइल नंबर EPF खाते से जुड़ा होना चाहिए। KYC अपडेट होना जरूरी है। गलत नंबर से कॉल या SMS करने पर जानकारी नहीं मिलेगी। अगर मोबाइल नंबर बदला है तो पहले उसे अपडेट करवाएं।