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मध्य प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर, बालाघाट, डिंडौरी समेत 5 जिलों में आज अलर्ट

भोपाल । मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और दो ट्रफ के असर से एक बार फिर मौसम बदला है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को धूप खिली, लेकिन इसके बाद आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला और सिवनी जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। लो प्रेशर और ट्रफ का असर मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिणी-पश्चिमी हिस्से में दो ट्रफ सक्रिय हैं। इन प्राकृतिक सिस्टम के प्रभाव से फरवरी में चौथी बार प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है, जो मंगलवार को भी जारी रहेगा। दिन में धूप, शाम को बदला मौसम सोमवार को कई जिलों में दोपहर तक धूप खिली रही, लेकिन शाम होते-होते मौसम बदल गया। जबलपुर, रीवा और सीधी में बारिश हुई। रात में मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, खरगोन, सागर और दमोह में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई।फरवरी में बार-बार बारिश का असर फरवरी की शुरुआत से ही प्रदेश में दो बार बारिश और ओले गिरे हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा। प्रभावित क्षेत्रों में सरकार ने सर्वे भी कराया। तीसरी बार 18 फरवरी को प्रदेश भीगा, और 19-21 फरवरी को भी मौसम का असर रहा। अब चौथी बार 23 फरवरी से बारिश का दौर शुरू हुआ है। तापमान में उतार-चढ़ाव बारिश के कारण दिन का तापमान गिरा है, लेकिन रात में हल्की गर्मी बनी रही। रविवार-सोमवार की रात में पचमढ़ी में न्यूनतम 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में भी तापमान 12 डिग्री से ऊपर रहा।

MP POLICE: एमपी पुलिस आरक्षक भर्ती: 12वीं योग्यता, लेकिन मैदान में बीए-एमए और बीटेक पास युवा दे रहे टेस्ट

GWALIOR POLICE

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में 5600 अभ्यर्थियों का फिजिकल एग्जाम 12वीं पात्रता के बावजूद ग्रेजुएट-पीजी युवा शामिल 23 फरवरी से 14 मार्च तक चलेगी परीक्षा रोजाना 200 से 400 अभ्यर्थियों को बुलावा समय और तारीख में कोई बदलाव नहीं MP POLICE: ग्वालियर । मध्य प्रदेश पुलिस की आरक्षक भर्ती प्रक्रिया का दूसरा चरण ग्वालियर में शुरू हो गया है। लिखित परीक्षा के बाद अब शारीरिक प्रावीण्यता परीक्षा आयोजित की जा रही है। ग्वालियर के 14वीं बटालियन एसएएफ ग्राउंड में बनाए गए केंद्र पर कुल 5600 अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। पहले दिन सुबह 6 बजे से अभ्यर्थियों की एंट्री शुरू हुई और दोपहर तक बड़ी संख्या में उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। बढ़ती उम्र में मांसपेशियां कमजोर? दही-इडली से रखें मसल्स मजबूत, 60 के बाद भी फिट रहें 12वीं योग्यता, लेकिन उच्च शिक्षित अभ्यर्थियों की भीड़ इस भर्ती के लिए न्यूनतम पात्रता 12वीं पास रखी गई है, लेकिन फिजिकल टेस्ट में शामिल होने पहुंचे कई अभ्यर्थी ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट हैं। यहां बीए, बीएससी, एमए, एमएससी और बीटेक पास युवा भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में उच्च शिक्षित युवाओं का पुलिस सेवा की ओर रुझान देखने को मिल रहा है। चीज: स्वादिष्ट भी, सेहत के लिए फायदेमंद भी? डाइटीशियन से जानें न्यूट्रिशनल वैल्यू और हेल्थ बेनिफिट्स रोजाना 200 से 400 उम्मीदवारों को बुलावा ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी के अनुसार, 23 फरवरी से 14 मार्च तक यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। शुरुआती दो दिनों में 200-200 अभ्यर्थियों को बुलाया गया है, जबकि इसके बाद प्रतिदिन 400 अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए आमंत्रित किया जाएगा। हरसिंगार प्लांटेशन: सफेद फूलों और खुशबू से सजाएं अपना गार्डन समय चूके तो नहीं मिलेगा दूसरा मौका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को तय तारीख और समय पर ही उपस्थित होना होगा। किसी भी प्रकार की रियायत या पुनः अवसर नहीं दिया जाएगा। ऐसे में उम्मीदवारों में समय से पहले पहुंचने की होड़ देखी जा रही है। गौरतलब है कि ग्वालियर समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में युवा इस भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं, जो सरकारी नौकरी के प्रति बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है।

Rashmika Mandanna और Vijay Deverakonda की शादी की धूम: उदयपुर में शुरू हुए जश्न, ‘विरोश’ थीम ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली। लंबे समय से चर्चा में चल रहे रिश्ते पर आखिरकार मुहर लग गई है। रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने आधिकारिक रूप से अपनी शादी कन्फर्म कर दी है। अक्टूबर में सगाई की खबरों के बाद से ही फैंस इस ऐलान का इंतजार कर रहे थे। अब कपल ने एक खास नोट जारी कर यह साफ कर दिया है कि वे 26 फरवरी 2026 को शादी के बंधन में बंधेंगे। क्यों चुना उदयपुर?यह शाही शादी राजस्थान के खूबसूरत शहर Udaipur में हो रही है। झीलों, महलों और रॉयल वाइब के लिए मशहूर उदयपुर सेलिब्रिटी वेडिंग्स की पहली पसंद बन चुका है। कपल ने इस डेस्टिनेशन को इसलिए चुना ताकि शादी में शाही अंदाज़ के साथ-साथ निजीपन भी बरकरार रहे। सभी कार्यक्रम एक ही आलीशान प्रॉपर्टी में आयोजित किए जा रहे हैं। पूल पार्टी से दिखी शादी की मस्तीवेडिंग फेस्टिविटीज़ की शुरुआत मस्ती भरे अंदाज़ में हुई। विजय देवरकोंडा ने दोस्तों के साथ पूल पार्टी की झलक शेयर की, जिसमें वे वॉटर वॉलीबॉल जैसे गेम्स खेलते नजर आए। तस्वीरों से साफ है कि शादी सिर्फ पारंपरिक रस्मों तक सीमित नहीं, बल्कि दोस्तों के साथ एन्जॉयमेंट का भी पूरा इंतज़ाम है। ‘विरोश’ थीम बना खास आकर्षणरश्मिका ने भी डेकोर की झलक दिखाकर फैंस का उत्साह बढ़ाया। गुलाबी और हरे रंग की थीम पर सजी टेबल, फूलों और फलों की खूबसूरत सजावट के साथ बेहद एलिगेंट नजर आई। सबसे खास बात रही मेन्यू कार्ड, जो ‘विरोश’ लिखे कपड़े में लिपटा हुआ था। ‘विरोश’ विजय और रश्मिका के नाम का कॉम्बिनेशन है, जिसे फैंस ने सालों पहले दिया था। इस पर्सनल टच ने शादी को और खास बना दिया है। तीन दिन का भव्य समारोहरिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के कार्यक्रम इस प्रकार हैं: 24 फरवरी – मेहंदी सेरेमनी 25 फरवरी – हल्दी और संगीत 26 फरवरी – मुख्य विवाह समारोह मेहंदी और संगीत में करीबी परिवार और खास दोस्तों की मौजूदगी रहेगी। गेस्ट लिस्ट बेहद सीमित रखी गई है और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। परंपरा और मॉडर्न स्टाइल का मेलसूत्रों के मुताबिक, शादी में साउथ इंडियन परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी, जबकि डेकोर और आयोजन में मॉडर्न एलिमेंट्स जोड़े गए हैं। खास कारीगरों और डिजाइनर्स को बुलाया गया है, ताकि हर रस्म यादगार बन सके। शाही लोकेशन, पर्सनल थीम और करीबी मेहमानों के बीच होने वाला यह समारोह 2026 की सबसे चर्चित सेलिब्रिटी वेडिंग बनने की ओर बढ़ रहा है। फैंस अब इस रॉयल वेडिंग की और झलकियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

बढ़ती उम्र में मांसपेशियां कमजोर? दही-इडली से रखें मसल्स मजबूत, 60 के बाद भी फिट रहें

नई दिल्ली । बुढ़ापे में थकान चलने में दिक्कत और गिरने का डर आम बात लगती है लेकिन यह केवल उम्र का खेल नहीं है। इसका मुख्य कारण है सार्कोपेनिया यानी मांसपेशियों का कमजोर होना। 60 की उम्र के बाद शरीर प्रोटीन का सही उपयोग नहीं कर पाता जिससे मसल्स धीरे-धीरे गलने लगती हैं। डॉ. शैलेंद्र भदौरिया एमडी-जेरियाट्रिक मेडिसिन एम्स नई दिल्ली बताते हैं कि इस उम्र में मसल्स मजबूत रखने के लिए डाइट और हल्की कसरत दोनों जरूरी हैं। आईसीएमआर और WHO के अनुसार 60+ उम्र में प्रतिदिन प्रति किलो शरीर वजन के हिसाब से 1 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए। उदाहरण के लिए यदि आपका वजन 65 किलो है तो रोजाना 65 ग्राम प्रोटीन शामिल करें। मसल स्ट्रेंथ बढ़ाने में फर्मेंटेड फूड्स जैसे दही इडली ढोकला और खमीर वाले अन्य पदार्थ बहुत मददगार हैं। ये प्रोबायोटिक्स से पेट की सेहत सुधारते हैं जिससे प्रोटीन आसानी से पचता और अवशोषित होता है। लेकिन अकेले फर्मेंटेड फूड पर्याप्त नहीं हैं। प्रोटीन की सही मात्रा और हल्की वजन वाली कसरत मिलाकर ही मसल्स मजबूत रह सकती हैं। WHO की सलाह के अनुसार 65 साल से ऊपर के लोगों को हफ्ते में कम से कम 2 दिन मसल स्ट्रेंथ बढ़ाने वाली कसरत करनी चाहिए। इसके लिए आसान एक्सरसाइज जैसे कुर्सी से 10 बार उठना-बैठना दीवार के सहारे पुश-अप या पानी की बोतल से वेट लिफ्टिंग करना पर्याप्त है। डॉ. भदौरिया बताते हैं कि एक संतुलित दिनचर्या अपनाने से मसल्स कमजोर होने की प्रक्रिया धीमी पड़ती है। उदाहरण के तौर पर: सुबह: हल्की एक्सरसाइज + प्रोटीन युक्त नाश्ता दोपहर: दाल पनीर और सलाद शाम: 20 मिनट वॉक रात: हल्की खिचड़ी या पौष्टिक डिनर इस तरह नियमित प्रोटीन फर्मेंटेड फूड और हल्की कसरत से 60 पार भी मसल्स मजबूत बनी रह सकती हैं और थकान या गिरने का डर कम होता है। बुढ़ापे में फिट रहने के लिए यह आसान और प्रभावी तरीका माना जाता है।

चीज: स्वादिष्ट भी, सेहत के लिए फायदेमंद भी? डाइटीशियन से जानें न्यूट्रिशनल वैल्यू और हेल्थ बेनिफिट्स

नई दिल्ली । यदि आप किसी रेस्टोरेंट में गए हैं तो मेन्यू पर अक्सर एक्स्ट्रा चीज बर्गर एक्स्ट्रा चीज पिज्जा या एक्स्ट्रा चीज सैंडविच जैसे आइटम्स दिखते हैं। स्वाद में लाजवाब चीज सिर्फ खाने को मजेदार ही नहीं बनाती बल्कि प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत भी है। लेकिन क्या चीज नियमित रूप से खाना सेहत के लिए सुरक्षित है? डॉ. पूनम तिवारी सीनियर डाइटीशियन डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ बताती हैं कि चीज एक डेयरी उत्पाद है जो पालतू जानवरों के दूध से बनाया जाता है। इसके उत्पादन में दूध को हल्का गर्म किया जाता है फिर उसमें स्टार्टर कल्चर मिलाकर दूध को खट्टा किया जाता है। उसके बाद रेनेट या नींबू का रस डालकर दूध जमाया जाता है। जमा हुआ दूध छोटे टुकड़ों में काटा जाता है ताकि उसमें मौजूद व्हे यानी बचा हुआ पानी अलग हो सके। जो ठोस हिस्सा बचता है वही चीज कहलाता है। कुछ चीज को हफ्तों या महीनों तक एज भी किया जाता है जिससे उसका स्वाद और टेक्सचर और बेहतर होता है। चीज में पाए जाने वाले मुख्य पोषक तत्वों में प्रोटीन और कैल्शियम शामिल हैं। यह हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों के विकास के लिए उपयोगी है। इसके अलावा चीज में विटामिन A B12 और फास्फोरस भी होते हैं। वहीं इसका सेवन सीमित मात्रा में करना जरूरी है क्योंकि इसमें सैचुरेटेड फैट और सोडियम भी काफी मात्रा में होता है। ज्यादा चीज खाने से वजन बढ़ने कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और हृदय संबंधी जोखिम भी हो सकता है। डॉ. तिवारी के अनुसार स्वस्थ वयस्कों के लिए रोजाना 30–40 ग्राम चीज खाना सेहत के लिए लाभकारी है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह हड्डियों और दांतों की मजबूती में मदद करता है। हालांकि उच्च ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल वाले लोग चीज का सेवन कम या डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करें। इस प्रकार चीज का स्वाद और न्यूट्रिशनल बेनिफिट दोनों ही इसे खास बनाते हैं। लेकिन इसे संतुलित मात्रा में खाना चाहिए। पिज्जा पास्ता या सैंडविच में एक्स्ट्रा चीज लेना स्वादिष्ट तो है लेकिन सेहत का ध्यान रखते हुए इसका सेवन संतुलित रूप से करना ही सही है।

हरसिंगार प्लांटेशन: सफेद फूलों और खुशबू से सजाएं अपना गार्डन

नई दिल्ली। इसे पारिजात के नाम से भी जाना जाता है। रात में खिलने और सुबह जमीन पर बिखर जाने वाले ये फूल न केवल बगीचे की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि हल्की-सी खुशबू से माहौल को ताजगी से भर देते हैं। हरसिंगार का पौधा ज्यादा देखभाल नहीं मांगता, इसलिए यह घरेलू बगीचों के लिए एकदम परफेक्ट माना जाता है। सही जगह, उपयुक्त मिट्टी और थोड़ी-सी धैर्य के साथ आपका गार्डन कुछ ही महीनों में सफेद फूलों से लहलहा सकता है। हरसिंगार पौधा लगाने और देखभाल के टिप्स1. सही जगह का चुनावहरसिंगार को धूप और हल्की छांव दोनों पसंद हैं। इसे ऐसी जगह लगाएं जहां रोज़ाना 4-6 घंटे की धूप मिल सके। बहुत तेज धूप में छोटे पौधे की पत्तियां झुलस सकती हैं, इसलिए शुरुआती दिनों में हल्की छाया बेहतर रहती है। अगर आप गमले में पौधा लगा रहे हैं, तो 12–16 इंच का बड़ा गमला चुनें। 2. मिट्टी कैसी हो?इस पौधे के लिए अच्छी जलनिकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे बेहतर रहती है। आप 40% गार्डन सॉइल, 30% रेत और 30% गोबर की सड़ी खाद मिलाकर मिश्रण तैयार कर सकते हैं। मिट्टी ज्यादा कड़ी न हो, वरना जड़ें फैल नहीं पाएंगी। रोपण से पहले गड्ढे में थोड़ी जैविक खाद डालना लाभकारी होता है।3. पौधा लगाने की विधिनर्सरी से स्वस्थ और हरे पत्तों वाला पौधा चुनें। जमीन में लगभग 1–1.5 फुट गहरा गड्ढा खोदें। पौधे को सावधानी से रखें और मिट्टी भरकर हल्के हाथ से दबा दें। तुरंत हल्का पानी दें ताकि मिट्टी जड़ों से अच्छी तरह चिपक जाए। गमले में लगाने पर नीचे ड्रेनेज होल होना जरूरी है। 4. सिंचाई और देखभालहरसिंगार को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। गर्मियों में 2-3 दिन में एक बार और सर्दियों में हफ्ते में एक बार पानी देना पर्याप्त है। ध्यान रखें कि पानी जमा न हो, वरना जड़ें सड़ सकती हैं। हर 2-3 महीने में जैविक खाद डालने से फूलों की संख्या बढ़ती है। सूखी और पीली टहनियों की समय-समय पर छंटाई करें। 5. कब आएंगे फूल?आमतौर पर मानसून के बाद से लेकर शरद ऋतु तक इस पौधे में फूल आने लगते हैं। सुबह जमीन पर गिरे फूलों को इकट्ठा करना भी एक सुखद अनुभव है। सही देखभाल मिलने पर पौधा हर साल और ज्यादा घना और खूबसूरत होता जाता है। हरसिंगार लगाने के फायदेबगीचे की खूबसूरती बढ़ाता है हल्की-सी खुशबू से माहौल को ताजगी देती है कम देखभाल में भी लंबे समय तक फूल देती है पारंपरिक और धार्मिक महत्व भी रखता है हरसिंगार न केवल बगीचे की शोभा बढ़ाता है, बल्कि सफेद फूलों और हल्की खुशबू के जरिए घर के वातावरण को सुंदर और ताजगी से भर देता है। सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और नियमित देखभाल के साथ आपका गार्डन सालों तक हरसिंगार के फूलों से लबालब भरा रह सकता है।

हस्तरेखा विज्ञान में सूर्य पर्वत का महत्व: करियर और व्यक्तिगत विकास के संकेत..

नई दिल्ली। हस्तरेखा विज्ञान में सूर्य पर्वत को केवल हथेली की एक विशेष आकृति नहीं बल्कि जीवन के मार्गदर्शन का संकेतक माना जाता है। यह पर्वत अनामिका उंगली के आधार और हृदय रेखा के ऊपरी हिस्से में स्थित होता है और जातक के करियर, आर्थिक स्थिति और समाज में सम्मान का संकेत देता है। यदि सूर्य पर्वत पूर्ण और सुविकसित हो, तो यह व्यक्ति के जीवन में उच्च पद, प्रतिष्ठा और धन की प्राप्ति का संकेत देता है। वहीं, इसका अभाव या कमजोर स्थिति जीवन में सतर्क रहने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का संदेश देती है। सूर्य पर्वत मुख्य रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो करियर में ऊँचाई प्राप्त करना चाहते हैं या समाज में मान्यता पाना चाहते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि यह पर्वत गुलाबी रंग और उभार वाला हो, तो जातक स्वभाव से हंसमुख, उदार और मेहनती होता है। ऐसे लोग व्यापार, कला, संगीत और रचनात्मक क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। सूर्य पर्वत जन्म से ही अस्तित्व में होता है, लेकिन जीवन के अनुभव, शिक्षा और स्वभाव के अनुसार यह अधिक या कम विकसित हो सकता है। सूर्य पर्वत के आकार और स्थिति का अध्ययन जीवन में करियर और आर्थिक निर्णय लेने में भी सहायक है। यदि पर्वत अत्यधिक विकसित है, तो यह कभी-कभी अहंकार या खर्चीले स्वभाव की ओर इशारा कर सकता है। वहीं, कमजोर सूर्य पर्वत आत्मविश्वास में कमी, सम्मान की कमी और आर्थिक चुनौतियों का संकेत देता है। इसके झुकाव से भी जातक के व्यक्तित्व और सफलता की दिशा का अनुमान लगाया जा सकता है। बुध की ओर झुके सूर्य पर्वत वाले व्यक्ति आमतौर पर व्यापार में कुशल और धन संचय करने में सक्षम होते हैं, जबकि शनि की ओर झुके पर्वत वाले लोग अधिकांतप्रिय होते हैं और उन्हें आर्थिक संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है। पहचान के लिए अनामिका उंगली के नीचे के हिस्से और हृदय रेखा के ऊपर के क्षेत्र को देखें। पूर्ण विकसित पर्वत गुलाबी, उभार वाला और स्पष्ट दिखता है। यदि यह सपाट, फीका या कमजोर प्रतीत होता है, तो इसे जीवन में चुनौतियों और सतर्क रहने की चेतावनी के रूप में समझा जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सूर्य पर्वत का अध्ययन केवल भविष्य जानने के लिए नहीं, बल्कि करियर योजना, आर्थिक प्रबंधन और व्यक्तिगत विकास के मार्गदर्शन के लिए भी किया जा सकता है। सुविकसित सूर्य पर्वत वाले जातक सामाजिक गतिविधियों और टीम वर्क में सफल रहते हैं। कमजोर सूर्य पर्वत वाले जातकों को आत्मविश्वास बढ़ाने, नेतृत्व कौशल विकसित करने और आर्थिक निर्णयों में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। हस्तरेखा विज्ञान में सूर्य पर्वत का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसे देखकर व्यक्ति अपने करियर में नई रणनीतियां अपना सकता है, धन प्रबंधन के उपाय कर सकता है और जीवन में सफलता और सम्मान के अवसरों को पहचान सकता है। यही कारण है कि सूर्य पर्वत का अध्ययन हर उम्र के लिए उपयोगी और मार्गदर्शक माना जाता है।

मंगलवार का राशिफल

युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – शीतफाल्गुन शुक्ल पक्ष सप्तमी, मंगलवार, 24 फरवरी 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल।मेष राशि :- शनै:-शनै: स्थिती पक्ष की बनने लगेगी। प्रेमभाव बढ़ेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। सुखद समय की अनुभूतियां प्रबल होगी। शुभांक-3-5-6वृष राशि :- स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान रहें। व्यापार में वृद्घि होगी। नौकरी में सहयोगियों का सहयोग प्राप्त होगा। शत्रुपक्ष पर आप हावी रहेंगे। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। कुछ प्रतिकूल गोचर का क्षोभ दिन-भर रहेगा। यश-प्रतिष्ठा में वृद्घि व शिक्षा में परेशानी आ सकती है। स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान रखें। शुभांक-1-3-5मिथुन राशि :- कार्यारम्भ से पहले उचित मूल्याकंन कर लें। लेन-देन में अस्पष्टता ठीक नहीं। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पर-प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। यात्रा का योग बनेगा। शुभांक-5-7-8कर्क राशि :- आध्यात्मिक रुचि बनेगी। प्रसन्नता के साथ सभी जरूरी कार्य बनते नजर आएंगे। मनोरथ सिद्घि का योग है। प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। हर्ष उल्लास के बीच अप्रत्याशित विघ्न पैदा होंगे। आमोद-प्रमोद का दिन होगा और व्यावसायिक प्रगति भी होगी। शुभांक-3-5-7सिंह राशि :- स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। कुछ कार्य भी सिद्घ होंगे। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। अवरुद्घ कार्य संपन्न हो जाएंगे। वाहन चालन में सावधानी बरतें। शुभांक-5-7-9कन्या राशि :- आवेश में आना आपके हित में नही होगा इसलिए व्यवहार व वाणी पर नियत्रंण रखें। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। हाथ-पैरों में पीड़ा हो सकती हैं। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। अपने अधीनस्त लोगों से कम सहयोग मिलेगा। जो चल रहा है उसे सावधानीपूर्वक संभालें। शुभांक-2-4-6तुला राशि :- धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। निर्मूल शंकाओं के कारण मनस्ताप भी पैदा हो सकते है। सुख-आनंद कारक समय है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। मातृपक्ष के लोगों का सहयोग मिलेगा। शुभांक-3-5-6वृश्चिक राशि :- मनोविनोद बढ़ेगे। व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। शुभ कार्यों का लाभदायक परिणाम होगा। कामकाज की अधिकता रहेगी। लाभ होगा और पुराने मित्रों से समागम भी। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेगी। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। शुभांक-6-8-9वृश्चिक राशि :- धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। रुका हुआ लाभ प्राप्त हो सकता है। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों में प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। शुभांक-6-7-9धनु राशि :- किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। कुछ एकाग्रता की प्रवृत्ति बनेगी। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। शुभांक-7-8-9मकर राशि :- कारोबारी यात्रा को फिलहाल टालें। परिवारजन का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। अर्थपक्ष मजबूत रहेगा। इच्छित कार्य सफल होंगें। शुभांक-2-5-7मीन राशि :- मायूस न हो समय चक्र हैं। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। कार्यक्षेत्र में आगे बढऩे में रुकावट का एहसास होगा। विरोधियों के सक्रिय होने की संभावना है। जो चल रहा हैं उसे सावधानीपूर्वक संभालें। शुभांक-1-3-5