मप्र संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जोरदार प्रदर्शन, हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का खतरा

भोपाल में मंगलवार को लगभग 30 हजार आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर जेपी अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए दोपहर 1 बजे न्याय यात्रा निकालने का निर्णय लिया है, जो सीधे मुख्यमंत्री निवास तक जाएगी। इस दौरान वे अपनी 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कौरव ने बताया कि प्रदर्शन 2 फरवरी से शुरू हुआ था। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण बीते दो दिन कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। आज वे संचालनालय स्वास्थ्य सेवाओं से न्याय यात्रा निकालकर अपनी मांगों को राजधानी में प्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। पुलिस ने जेपी अस्पताल परिसर में बैरिकेडिंग कर कर्मचारियों को रोकने की तैयारी की है, जबकि कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें न्याय यात्रा निकालने की अनुमति दी गई है। संघ के अनुसार प्रदेशभर के जिला अस्पताल, सिविल हॉस्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, संजीवनी क्लिनिक और पोषण पुनर्वास केंद्रों में लगभग 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। ये कर्मचारी रिपोर्टिंग, सफाई, सुरक्षा, कुपोषित बच्चों की देखभाल और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हड़ताल होने की स्थिति में अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाएं दे चुके आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना शर्त रिक्त तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर समायोजित किया जाए और नियमित किया जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर नीति बनाकर स्थायी समाधान और न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन निर्धारित करने की मांग भी शामिल है। संघ की 9 सूत्रीय मांगों में वेतन वृद्धि का 11 माह का एरियर भुगतान, निजी आउटसोर्स एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करना, सीधे खाते में वेतन भुगतान, शासकीय अवकाश, नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी लाभ शामिल हैं। संघ का आरोप है कि दोहरी और दमनकारी नीति के कारण वर्षों से कर्मचारी शोषित हो रहे हैं, जबकि वे 12-14 घंटे तक लगातार कार्य कर स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 25 फरवरी 2026 से प्रदेशभर के कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि अब न्याय यात्रा के जरिए सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी और बिना उनके भविष्य की सुरक्षा के स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती संभव नहीं है।
BUDDHESHWAR MAHADEV TEMPLE: 1.31 करोड़ के नोटों से भगवान महादेव का विशेष श्रृंगार, उज्जैन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

BUDDHESHWAR MAHADEV TEMPLE: उज्जैन जिले के बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर इस साल भगवान शिव का विशेष श्रृंगार 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से किया गया। मंदिर में भगवान का मुकुट, माला और मंदिर परिसर की लड़ी-लड़ियों तक नोटों से सजाई गई हैं। इस अनोखे सजावट को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर में हर साल महाशिवरात्रि के बाद मेला आयोजित किया जाता है। इस बार यह मेला 14 फरवरी से शुरू हुआ और 28 फरवरी तक चलेगा। नोटों से किए गए विशेष श्रृंगार की सजावट 26 फरवरी तक भक्तों के दर्शन के लिए उपलब्ध रहेगी। मंदिर के पुजारी के अनुसार इस भव्य श्रृंगार को तैयार करने में सात कलाकारों की टीम को तीन दिन का समय लगा। कलाकारों ने नोटों से मुकुट, माला और मंदिर की लड़ी-लड़ियों को अत्यंत आकर्षक और भव्य रूप में सजाया। यह परंपरा मंदिर में पिछले चार सालों से चल रही है। 2021 में 7 लाख रुपए, 2022 में 11 लाख रुपए, 2023 में 21 लाख रुपए और 2024 में 51 लाख रुपए के नोटों से भगवान का श्रृंगार किया गया। 2025 में यह राशि बढ़कर 1 करोड़ 21 लाख रुपए हो गई और इस साल 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से भगवान महादेव को सजाया गया है। भक्तों के अनुसार नोटों की माला और मुकुट से सजा भगवान का यह स्वरूप अत्यंत आकर्षक और दिव्य दिखाई देता है। मंदिर परिसर में नोटों की लड़ी-लड़ियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा और दर्शन को और भी खास बना दिया। इस विशेष श्रृंगार ने भक्तों को अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव और महाशिवरात्रि का आनंद प्रदान किया। श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में इस सजावट के कारण उमड़ रही है और यह दृश्य देखने के लिए दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं।
इंदौर में IVF-सरोगेसी के नाम पर सनसनीखेज आरोप, नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात अपहरण का मामला दर्ज जांच के आदेश

इंदौर ।मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां IVF और सरोगेसी के नाम पर एक नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात शिशु के कथित अपहरण का आरोप लगा है। पीड़ित दंपति ने सबूतों के साथ पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है जिसके बाद मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। फिलहाल महिला थाना पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई हैब शिकायत के अनुसार आरोपी खुद को Sri Aurobindo Hospital से जुड़ा वरिष्ठ डॉक्टर बताता था। दंपति का आरोप है कि कर्ज में डूबे होने का फायदा उठाकर उन्हें झांसे में लिया गया। पति द्वारा लिए गए उधार को एडजस्ट कराने का लालच देकर कथित डॉक्टर से मुलाकात करवाई गई। इसके बाद IVF के जरिए बच्चा दिलाने का आश्वासन दिया गया। 18 सितंबर 2023 को एक होटल में बुलाकर कथित साजिश रची गई। पीड़िता का कहना है कि उसे DNS Hospital और एक अन्य IVF सेंटर में भर्ती कराया गया। दो बार IVF प्रक्रिया असफल रहने के बाद आरोपी ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि फरवरी 2024 में होटल में बुलाकर उसे नशीला पदार्थ पिलाया गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। होश आने पर पति को झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दी गई। दंपति का यह भी आरोप है कि गर्भ ठहरने के बाद उन्हें अस्पताल के सामने एक कॉलोनी के फ्लैट में रखा गया जहां कमरों में कैमरे लगाए गए थे और आठ माह तक निगरानी में रखा गया। उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। 15 सितंबर 2024 को तबीयत बिगड़ने पर महिला को Motherhood Hospital में भर्ती कराया गया जहां 4 अक्टूबर 2024 को आठ माह के गर्भ के बाद बेटे का जन्म हुआ। सबसे गंभीर आरोप 9 अक्टूबर 2024 का है जब अस्पताल से डिस्चार्ज के दौरान कथित डॉक्टर और उसके साथियों ने नवजात को छीन लिया। पति का मोबाइल फोन फॉर्मेट कर सिम तोड़ने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप है। दंपति का दावा है कि बाद में दशहरा मैदान पर एक दो बार बच्चे से मिलवाया गया और पिस्टल दिखाकर चुप रहने को कहा गया। इतना ही नहीं 26 नवंबर 2024 को फिर होटल में बुलाकर दबाव में एक क्षतिपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर करवाने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने कथित फर्जी दस्तावेजों की तस्वीरें सुरक्षित रखने की बात कही है। साथ ही बच्चे का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की धमकी देने का भी आरोप है। इस मामले में हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे और एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर के माध्यम से पुलिस कमिश्नर को शिकायत सौंपी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना टीआई को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर ने कहा कि भारत में कमर्शियल सरोगेसी प्रतिबंधित है और केवल अल्ट्रोस्टिक सरोगेसी ही वैध है इसके बावजूद महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर शोषण के मामले सामने आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी लेकिन आरोप बेहद गंभीर हैं और चिकित्सा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।
उज्जैन महाकालेश्वर में वसुंधरा राजे सिंधिया का दिव्य दर्शन, भक्तों के लिए प्रेरणा का अवसर

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार सुबह 10 बजे राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का भव्य आगमन हुआ। मंदिर पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले नंदी हाल का दौरा किया और नंदी जी के दर्शन कर भगवान महाकाल का जल अर्पित किया। इस दौरान मंदिर में दर्शन व्यवस्था की भी उन्होंने तारीफ की और कहा कि मंदिर में भक्तों को सुलभ और व्यवस्थित दर्शन मिल रहे हैं। वसुंधरा राजे ने ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन के बाद भगवान श्री वीरभद्र जी का पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर में होने वाले ध्वज चल समारोह में निकलने वाले ध्वज का भी विधिवत पूजन किया। उनके इस दिव्य दर्शन ने उपस्थित श्रद्धालुओं के चेहरे पर खुशी और श्रद्धा का भाव भर दिया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल एवं सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी ने वसुंधरा राजे का स्वागत किया और उन्हें सत्कार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान से आने वाले श्रद्धालु भी महाकाल मंदिर में बड़ी संख्या में दर्शन करने आते हैं और भगवान महाकाल का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहता है। इस दौरान वसुंधरा राजे सिंधिया ने कहा कि सुख-दुख में हम सभी भगवान शिव के पास जाते हैं और उनके आशीर्वाद से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। मंदिर की साफ-सफाई, व्यवस्था और भक्तों के लिए सुविधाओं को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। भक्तों और पर्यटकों के लिए यह अवसर बेहद खास रहा क्योंकि एक बड़े नेता का भव्य दर्शन होने से मंदिर का वातावरण और भी श्रद्धालु भाव से भर गया। वसुंधरा राजे के दर्शन ने उपस्थित लोगों के दिलों में महाकाल के प्रति श्रद्धा और विश्वास को और मजबूत किया।इस दिव्य अवसर ने उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में एक अलग ही उत्सव का माहौल बना दिया और श्रद्धालु बाबा महाकाल के आशीर्वाद का अनुभव कर खुश नजर आए।
MP GANGRAPE NEWS: होटल में दरिंदगी: बीयर में घुला था ‘नशा’ और मन में ‘पाप’, छिंदवाड़ा में युवती के साथ जान-पहचान वालों ने किया गैंगरेप!

MP GANGRAPE NEWS: छिंदवाड़ा /मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने दोस्ती के पवित्र रिश्ते पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। यहाँ 23 साल की एक युवती के साथ उसके ही जान-पहचान वाले दो युवकों ने न सिर्फ विश्वासघात किया, बल्कि नशे की हालत का फायदा उठाकर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना सोमवार देर रात की बताई जा रही है जब आरोपियों ने पार्टी करने का लालच देकर युवती को अपने जाल में फंसाया। मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवक युवती को पार्टी करने के बहाने अलका टॉकीज के समीप स्थित अंबर होटल ले गए थे। युवती उन दोनों को पहले से जानती थी, इसलिए उसने उन पर भरोसा किया और साथ चली गई। होटल पहुँचने के बाद आरोपियों ने उसे बीयर पिलाई। युवती का आरोप है कि बीयर पीने के बाद वह बेसुध होने लगी और उसकी इसी हालत का फायदा उठाते हुए दोनों युवकों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। दरिंदगी की यह कहानी तब सामने आई जब युवती की एक परिचित महिला को मामले की भनक लगी और वह आनन-फानन में होटल पहुँची। परिचित महिला पीड़िता को लेकर तुरंत कोतवाली थाने पहुँची, लेकिन उस वक्त युवती इस कदर नशे में थी कि पुलिस के लिए उसका बयान दर्ज करना नामुमकिन था। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे प्राथमिक इलाज और रिकवरी के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार को जब युवती की स्थिति में सुधार हुआ और मेडिकल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी हुई, तब जाकर पुलिस ने दुर्गेश हरोड़े और अतुल घोरसे नामक दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी दुर्गेश हरोड़े को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, घटना में शामिल दूसरा आरोपी अतुल घोरसे अभी भी फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि कैसे जान-पहचान वाले लोग ही रक्षक की जगह भक्षक बन रहे हैं। फिलहाल, छिंदवाड़ा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई तेज़ कर दी है ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
ACCIDENT : अंबाह में 12वीं के छात्र-छात्रा एक्सीडेंट का शिकार, गणित का अंतिम पेपर नहीं दे पाए

ACCIDENT : अंबाह में मंगलवार सुबह 8:45 बजे एक दुखद सड़क दुर्घटना हुई जिसमें दो 12वीं के छात्र-छात्रा परीक्षा देने के लिए निकलते समय घायल हो गए। गणित विषय की अंतिम बोर्ड परीक्षा देने जा रहे थे 17 वर्षीय दिव्या पुत्री कमल सिंह गहलोत और 18 वर्षीय नितिन श्रीवास पुत्र रामसुंदर श्रीवास। दोनों अपने घर से साधुपुरा स्थित संदीपनी स्कूल की ओर जा रहे थे। सूत्रों के अनुसार, दोनों छात्र परीक्षा में देर होने के कारण अपनी बाइक तेज रफ्तार से चला रहे थे। तोरगांव मोड़ पर बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई और दोनों सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अंबाह सिविल अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को घटना की सूचना दी। दुर्घटना में दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। इस कारण वे अपनी 12वीं की अंतिम बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाए। परीक्षकों और स्कूल प्रशासन ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और छात्रों के स्वास्थ्य लाभ के लिए परिवार के संपर्क में हैं। यह घटना एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहन चलाने के खतरों की याद दिलाती है।
मातृत्व और प्रोफेशन का संतुलन: डिलीवरी के बाद जल्द काम पर लौटीं ये एक्ट्रेसेस बनीं मिसाल

नई दिल्ली । मां बनना किसी भी महिला के जीवन का सबसे खास और भावुक पल होता है। लेकिन बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों ने यह साबित किया है कि मातृत्व और करियर साथ-साथ संभाले जा सकते हैं। जहां कुछ एक्ट्रेसेस ने प्रेग्नेंसी के दौरान काम किया वहीं कई ऐसी भी रहीं जिन्होंने डिलीवरी के तुरंत बाद ही प्रोफेशनल जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हुए काम पर वापसी की। इन अभिनेत्रियों ने अपने जज्बे और प्रोफेशनल कमिटमेंट से लोगों को चौंकाया भी और प्रेरित भी किया। सबसे पहले बात करें कॉमेडी क्वीन भारती सिंह की। भारती ने अपने पहले बच्चे के जन्म के महज 12 दिन बाद ही शो हुनरबाज के सेट पर वापसी कर सबको हैरान कर दिया था। बेटे को घर पर छोड़कर आने के बाद वह भावुक भी हो गई थीं। पैपराजी से बातचीत में उन्होंने बताया था कि वह काफी रोईं क्योंकि उनका बेबी सिर्फ 12 दिन का था लेकिन काम की जिम्मेदारी भी जरूरी थी। हालांकि इस फैसले को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा। वहीं अभिनेत्री नेहा धूपिया ने भी मां बनने के बाद जल्दी काम संभाला। उन्होंने अपनी बेटी महर के जन्म के लगभग 45 दिन बाद रियलिटी शो रोडीज की शूटिंग शुरू कर दी थी। इतना ही नहीं दूसरे बच्चे के जन्म के छह दिन बाद ही उन्होंने सोशल मीडिया पर स्क्रिप्ट पढ़ते हुए अपनी तस्वीर साझा कर यह संकेत दे दिया था कि वह जल्द ही काम पर लौटने वाली हैं। आलिया भट्ट ने भी बेटी राहा के जन्म के तीन से चार महीने के भीतर काम पर वापसी कर ली थी। खास बात यह है कि उन्होंने प्रेग्नेंसी के दौरान ही हॉलीवुड फिल्म हार्ट ऑफ़ स्टोन की शूटिंग पूरी की थी जिसमें उन्होंने कई एक्शन सीन भी किए। आलिया का यह प्रोफेशनलिज्म दर्शाता है कि वह अपने करियर को लेकर कितनी समर्पित हैं। बॉलीवुड की फिटनेस आइकन करीना कपूर खान भी इस सूची में शामिल हैं। उन्होंने प्रेग्नेंसी के दौरान विज्ञापन और शूटिंग जारी रखी थी। दूसरे बेटे जेह के जन्म के करीब एक महीने बाद ही वह दोबारा काम पर लौट आई थीं। करीना ने हमेशा यह संदेश दिया है कि प्रेग्नेंसी किसी महिला के काम करने की क्षमता को सीमित नहीं करती। टीवी इंडस्ट्री की बात करें तो भाभी जी घर पर हैं फेम सौम्या टंडन ने जनवरी 2019 में बेटे को जन्म दिया और महज चार महीने बाद मई में शूटिंग पर लौट आईं। इसी तरह छवी मित्तल बेटे के जन्म के एक महीने के भीतर ही काम पर सक्रिय हो गई थीं। वह अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान भी काफी एक्टिव रहीं और बाद में बेटे को सेट पर साथ लेकर भी पहुंचीं। साउथ और बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुकीं काजल अग्रवाल ने भी बेबी के जन्म के दो महीने बाद काम पर वापसी की। वह अक्सर अपने बेटे को सेट पर साथ लेकर जाती थीं जिससे वह मां और प्रोफेशनल दोनों भूमिकाएं निभा सकें। इन अभिनेत्रियों की कहानियां यह साबित करती हैं कि आज की महिलाएं पारिवारिक और पेशेवर जीवन के बीच संतुलन बनाने में सक्षम हैं। उन्होंने यह दिखाया कि मां बनने के बाद भी सपनों की उड़ान थमती नहीं बल्कि और मजबूत हो जाती है।
बाबा महाकाल के भस्म आरती दर्शन: श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव का अद्भुत अवसर

उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के भस्म आरती का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। मंदिर के कपाट खुलते ही सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर स्वस्ति वाचन किया गया और पुजारियों ने आज्ञा लेकर चांदी द्वार खोला। इसके बाद गर्भगृह के पट खोलकर भगवान महाकाल का श्रृंगार किया गया। पंचामृत से पूजन और कर्पूर आरती के पश्चात भगवान को भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से सजाया गया। इस दिव्य श्रृंगार से महाकाल का स्वरूप अत्यंत आकर्षक और अलौकिक दिखाई दिया। नंदी हाल में नंदी जी का विधिवत स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। तत्पश्चात भगवान महाकाल का जल से अभिषेक और पंचामृत से विशेष पूजा हुई, जिसमें दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस का उपयोग किया गया। इसके बाद ड्रायफ्रूट, फल और मिठाई का भोग अर्पित कर भस्म अर्पित किया गया। भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों की माला धारण कराई गई। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और बाबा महाकाल के दिव्य आशीर्वाद का अनुभव किया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भी भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्म अर्पित करने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। इस आरती को इसलिए अत्यंत विशेष और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। भस्म आरती का यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का अद्भुत अवसर प्रदान करता है।
T20 WORLD CUP: साहिबजादा फरहान विराट कोहली का 319 रन का रिकॉर्ड तोड़ने से सिर्फ 36 रन दूर

T20 WORLD CUP: नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान का प्रदर्शन क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है। सुपर 8 के इंग्लैंड मुकाबले में 63 रनों की शानदार पारी खेलने के बाद उनका टूर्नामेंट में कुल रन 283 तक पहुँच गया है। पांच पारियों में एक शतक और दो अर्धशतक के साथ फरहान इस समय टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाज हैं। अब उनका नजरिया उसी रिकॉर्ड पर टिक गया है जो पिछले 12 साल से अडिग है। यह वह रिकॉर्ड है जो टी20 वर्ल्ड कप में किसी एक संस्करण में सबसे ज्यादा रन बनाने का है जिसे विराट कोहली ने 2014 में 319 रन बनाकर स्थापित किया था। फरहान इस ऐतिहासिक आंकड़े से महज 36 रन दूर हैं। इसका मतलब है कि अगर वह अगली पारी में 37 रन बनाते हैं तो नया इतिहास रच सकते हैं। वास्तव में 2014 में ICC Men s T20 World Cup 2014 में कोहली ने यह कीर्तिमान अपने नाम किया। तब से अब तक कई बड़े बल्लेबाज इस रिकॉर्ड के करीब आए लेकिन किसी ने इसे तोड़ नहीं पाया। 2009 में तिलकरत्ने दिलशान ने 317 रन बनाकर मजबूत चुनौती पेश की थी। 2021 में बाबर आजम 303 रन तक पहुँचे वहीं 2010 में महेला जयवर्धने ने 302 रन बनाए। 2022 में कोहली ने खुद 296 रन बनाए। 2016 में तमीम इकबाल 295 रन तक पहुंचे 2021 में डेविड वार्नर ने 289 रन और उसी साल मोहम्मद रिजवान ने 281 रन बनाए। 2024 में रहमानुल्लाह गुरबाज़ भी 281 रन तक पहुँचे लेकिन कोहली का 319 का रिकॉर्ड अब तक अटूट है। फरहान के सामने चुनौती सिर्फ रन बनाने की नहीं बल्कि परिस्थितियों की भी है। इंग्लैंड से मिली हार के बाद पाकिस्तान की सेमीफाइनल की राह जटिल हो गई है। टीम को सुपर 8 के आखिरी मुकाबले में श्रीलंका से जीत हासिल करनी होगी और न्यूजीलैंड की हार की भी उम्मीद करनी होगी। तभी सेमीफाइनल का रास्ता खुलेगा। अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुँचता है तो फरहान के पास रिकॉर्ड तोड़ने का एक और मौका रहेगा। लेकिन यदि टीम बाहर हो जाती है तो श्रीलंका के खिलाफ मैच ही उनका अंतिम अवसर साबित हो सकता है। ऐसे में पूरा दबाव और उम्मीदें फरहान के बल्ले पर टिकी होंगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस पर हैं कि क्या साहिबजादा फरहान 319 का जादुई आंकड़ा तोड़ पाएंगे या फिर विराट कोहली का रिकॉर्ड अगले संस्करण तक सुरक्षित रहेगा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और इतिहास रचने की घड़ी बेहद नज़दीक है।
USS Gerald R Ford: दुनिया के सबसे महंगे अमेरिकी युद्धपोत USS पर ‘टॉयलेट संकट’, 4500 सैनिकों की बढ़ी मुश्किलें

USS Gerald R Ford: वॉशिंगटन। दुनिया के सबसे आधुनिक और महंगे परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमानवाहक पोत ‘USS जेराल्ड आर फोर्ड’ (USS Gerald R. Ford) पर इन दिनों तकनीकी खराबी ने बड़ा संचालन संकट खड़ा कर दिया है। जहाज का सीवेज सिस्टम फेल होने से हजारों सैनिकों को रोजमर्रा की बुनियादी सुविधाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। 650 में से अधिकांश टॉयलेट बंद, लंबी कतारें मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जहाज पर मौजूद 650 टॉयलेट्स में से ज्यादातर काम नहीं कर रहे हैं। करीब 4,500 सैनिकों को इस्तेमाल के लिए 40–45 मिनट तक लाइन में लगना पड़ रहा है, जिससे जहाज पर तनाव और असंतोष का माहौल बन गया है। इस समस्या का खुलासा सबसे पहले The Wall Street Journal की रिपोर्ट में हुआ। हाई-टेक सिस्टम ही बना परेशानी की जड़ रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहाज में लगा वैक्यूम-आधारित अत्याधुनिक सीवेज सिस्टम बेहद संवेदनशील है। एक वाल्व खराब होने पर पूरा सेक्शन बंद हो जाता है। NPR के अनुसार, मरम्मत दल को पाइपों में कपड़े, रस्सियां और ठोस जमाव जैसी चीजें मिल रही हैं, जिन्हें हटाने में घंटों लग जाते हैं। कैल्शियम जमा होने की सफाई पर हर बार लाखों डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। 8 महीने से समुद्र में तैनाती, थकान बढ़ी यह युद्धपोत जून 2025 से लगातार समुद्र में तैनात है। सामान्य तौर पर ऐसी तैनाती छह महीने की होती है, लेकिन मौजूदा मिशन लंबा खिंच गया है। रिटायर्ड रियर एडमिरल Mark Montgomery ने कहा कि इतनी लंबी तैनाती क्रू पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ा सकती है। मिडिल ईस्ट तनाव के बीच बढ़ी तैनाती क्षेत्रीय हालात, खासकर ईरान से जुड़े तनाव के चलते अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी बढ़ाई गई है। इस अभियान का नेतृत्व United States Navy कर रही है, जिसने क्षेत्र में कई युद्धपोत तैनात कर रखे हैं। युवा सैनिकों पर मानसिक दबाव जहाज पर तैनात बड़ी संख्या में 20–22 वर्ष के युवा सैनिक हैं, जो लंबे समय से परिवार से दूर हैं। ‘घोस्ट मोड’ यानी सीमित संचार वाले मिशन के कारण वे घर से संपर्क भी नहीं कर पा रहे। Daily Mail को मिले एक पत्र में कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन डेविड स्कारोसी ने भी क्रू की नाराजगी और थकान को स्वीकार किया है। पिछली घटनाओं से भी चिंता विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक थकान और ऑपरेशनल दबाव सुरक्षा जोखिम बढ़ा सकता है। इससे पहले भी क्षेत्र में तैनात USS Harry S. Truman से जुड़े अभियानों में क्रू पर काम के बोझ को लेकर सवाल उठ चुके हैं। फिलहाल अमेरिकी बेड़े में USS Abraham Lincoln सहित कई बड़े कैरियर मिडिल ईस्ट में सक्रिय हैं। 13 अरब डॉलर से अधिक लागत वाले इस सुपरकैरियर को अमेरिकी नौसेना की तकनीकी ताकत का प्रतीक माना जाता है, लेकिन मौजूदा तकनीकी गड़बड़ी ने दिखाया है कि अत्याधुनिक सिस्टम भी संचालन के स्तर पर बड़ी चुनौती बन सकते हैं—खासकर तब, जब जहाज लंबे समय तक लगातार मिशन पर हो।