फ्लाइट टिकट बुकिंग में हुई गलती? टेंशन छोड़िए! 48 घंटे का 'लुक-इन' पीरियड शुरू, रिफंड के लिए अब नहीं करना होगा हफ्तों इंतजार

नई दिल्ली। हवाई सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। अक्सर फ्लाइट टिकट कैंसिल करने या उसमें मामूली बदलाव करने पर एयरलाइंस कंपनियां भारी-भरकम पेनाल्टी वसूलती थीं, जिससे यात्रियों की जेब पर तगड़ी मार पड़ती थी। यात्रियों की इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय DGCA ने नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब नए ‘नागरिक उड्डयन जरूरतों’CAR के तहत यात्रियों को 48 घंटे का “लुक-इन ऑप्शन” दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर उसे कैंसिल करते हैं या उसमें बदलावमॉडिफाई करते हैं, तो एयरलाइन आपसे कोई पेनाल्टी नहीं वसूल पाएगी। DGCA द्वारा जारी इन संशोधित नियमों में नाम की गलती सुधारने को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अक्सर बुकिंग के समय नाम में टाइपिंग की गलती हो जाती थी, जिसे ठीक कराने के लिए यात्रियों को मोटी फीस देनी पड़ती थी। अब नए नियमों के मुताबिक, यदि टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया है, तो यात्री 24 घंटे के भीतर अपने नाम में सुधार मुफ्त में करा सकेंगे। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ‘लुक-इन’ की सुविधा उन टिकटों पर लागू नहीं होगी जो यात्रा की तारीख से बहुत करीबघरेलू के लिए 7 दिन और अंतरराष्ट्रीय के लिए 15 दिन पहले बुक किए गए हैं। रिफंड की प्रक्रिया को लेकर भी नियामक ने सख्त रुख अपनाया है। अब एयरलाइनों को हर हाल में 14 कार्य दिवसोंWorking Days के भीतर रिफंड की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अक्सर देखा जाता था कि ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बुक किए गए टिकटों का रिफंड हफ्तों तक अटका रहता था, लेकिन अब इसकी सीधी जिम्मेदारी एयरलाइन की तय की गई है। इसके अलावा, मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में भी यात्रियों को राहत दी गई है; यदि परिवार का कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती होता है, तो एयरलाइन को रिफंड या क्रेडिट शेल का विकल्प देना होगा। इन बदलावों की पृष्ठभूमि दिसंबर 2025 में हुई भारी शिकायतों से जुड़ी है। आंकड़ों के अनुसार, अकेले दिसंबर 2025 में 29,000 से अधिक शिकायतें मिली थीं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा रिफंड में देरी से जुड़ा था। साल 2025 में भारतीय एयरलाइनों ने रिकॉर्ड 16.69 करोड़ से अधिक यात्रियों को सफर कराया है। बढ़ते बाजार और यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए DGCA के ये नए नियम विमानन क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता संतुष्टि की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।
बिना बताए दूसरे राज्य से आरोपी लाना: क्या पुलिस भी हो सकती है गिरफ्तार?

नई दिल्ली । हाल ही में शिमला में यूथ कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के दौरान यह सवाल फिर से उभरा कि क्या एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य से आरोपी को बिना सूचना दिए ले जा सकती है। मंगलवार रात दिल्ली और हरियाणा पुलिस की टीम ने रोहड़ू इलाके से तीन लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें दिल्ली ले जाने लगी। बुधवार सुबह हिमाचल प्रदेश पुलिस ने रास्ते में गाड़ियों को रोककर पूछताछ की। अंततः ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी दिल्ली ले जाए गए। दूसरे राज्य से गिरफ्तारी के नियम भारत में एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में जाकर गिरफ्तारी कर सकती है लेकिन इसके लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। इसे नियंत्रित करते हैं दंड प्रक्रिया संहिता और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश जैसे कि डी.के. बसु बनाम राज्य मामला। इंटर-स्टेट गिरफ्तारी के नियम इस प्रकार हैं स्थानीय पुलिस को पूर्व सूचना देना जिस राज्य में गिरफ्तारी करनी है वहां के थाने को पहले जानकारी देना आवश्यक है।ट्रांजिट रिमांड लेना आरोपी को नजदीकी मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होता है और ट्रांजिट रिमांड मिलना चाहिए। यह कानूनी अनुमति है जिससे आरोपी को दूसरे राज्य ले जाया जा सकता है।स्थानीय पुलिस स्टेशन में रिकॉर्ड दर्ज करना गिरफ्तारी की पूरी जानकारी डायरी में दर्ज करनी होती है।पुलिस अधिकारियों की पहचान स्पष्ट होना गिरफ्तारी करने वाले अधिकारी वर्दी में हों पहचान पत्र दिखाएं और अपनी पहचान स्पष्ट करें।नियम तोड़ने पर परिणाम अगर पुलिस बिना स्थानीय पुलिस को बताए और ट्रांजिट रिमांड लिए आरोपी को ले जाती है तो ऐसी गिरफ्तारी अवैध मानी जाएगी। परिणामस्वरूप संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अपहरण गैरकानूनी हिरासत या बंधक बनाने के आरोप लग सकते हैं।सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन अदालत की अवमानना माना जा सकता है। विभागीय जांच निलंबन या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई भी संभव है।
89 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए धर्मेंद्र, अब सात समंदर पार मिला बड़ा सम्मान; हेमा मालिनी ने पहली बार साझा किया पूरे परिवार का दर्द।

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी विरासत और यादें आज भी करोड़ों दिलों में जिंदा हैं। 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में उनके निधन ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया था। हाल ही में लंदन में आयोजित 79वें BAFTA अवॉर्ड्स के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में जब उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तो यह न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का क्षण बन गया। धर्मेंद्र इस साल इस प्रतिष्ठित मंच पर सम्मानित होने वाले एकमात्र भारतीय कलाकार थे। इस भावुक मौके पर उनकी पत्नी और ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी ने पहली बार विस्तार से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और उन अफवाहों पर भी विराम लगाया जो लंबे समय से देओल परिवार के रिश्तों को लेकर उड़ रही थीं। हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान हेमा मालिनी काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि एक प्रेरणा थे जिनके प्रशंसक दुनिया के हर कोने में मौजूद हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि धर्मेंद्र के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है और कई बार वह उन्हें याद कर रो पड़ती हैं। हेमा ने बताया कि धर्मेंद्र को उन्हें और उनकी बेटियों को डांस करते देखना बेहद पसंद था और वह हमेशा उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए प्रोत्साहित करते थे। उनके घर के स्टाफ से लेकर हर सहयोगी आज भी ‘साहब’ की कमी महसूस करता है जो इस बात का प्रमाण है कि वह एक बेहतरीन इंसान भी थे। सबसे महत्वपूर्ण बात हेमा मालिनी ने परिवार के बीच कथित ‘अनबन’ को लेकर कही। पिछले कुछ समय से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि हेमा और उनकी बेटियों ईशा-अहाना के संबंध सनी देओल बॉबी देओल और प्रकाश कौर के परिवार से ठीक नहीं हैं। लेकिन हाल ही में ‘बॉर्डर 2’ की स्क्रीनिंग पर जब पूरा परिवार साथ दिखा तो तस्वीर बदल गई। हेमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा “पापा के लिए सब करेंगे चाहे ये बच्चे हों या वो सब धरम जी को बहुत प्यार करते थे। हमारे बीच कोई नेगेटिविटी नहीं है।उन्होंने आगे कहा कि वे अपने पारिवारिक पलों को सार्वजनिक करना पसंद नहीं करते इसका मतलब यह नहीं कि वे अलग हैं। हेमा के अनुसार धर्मेंद्र प्यार और उन मूल्यों का स्रोत थे जिन्होंने पूरे परिवार को एक सूत्र में पिरोए रखा है। आज भले ही वह शारीरिक रूप से मौजूद न हों लेकिन उनकी दी हुई सीख और संस्कार ही इस कमी को पूरा करने की ताकत दे रहे हैं।
ग्लैमर से सलाखों तक: रान्या राव के खिलाफ ED की 100 पन्नों की चार्जशीट, क्या तरुण और साहिल के साथ मिलकर रची थी तस्करी की साजिश?

नई दिल्ली। मनोरंजन जगत की चकाचौंध से निकलकर अपराध की अंधेरी गलियों तक का सफर पूर्व एक्ट्रेस और मॉडल हर्षवर्दिनी रान्या उर्फ रान्या राव के लिए अब कानूनी मुसीबत बन गया है। प्रवर्तन निदेशालय ED ने 102.55 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल सोना तस्करी मामले में रान्या राव और उनके सहयोगियों के खिलाफ औपचारिक रूप से चार्जशीट दाखिल कर दी है। बेंगलुरु की विशेष पीएमएलए PMLA अदालत में दायर इस शिकायत ने उस बड़े मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जिसने मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर चूना लगाया। जांच में रान्या के साथ तरुण कोंडुरु और साहिल सकारिया जैन जैसे नामों का भी उल्लेख है, जो इस अवैध सोने के व्यापार और धन शोधन Money Laundering रैकेट की मुख्य कड़ियाँ बताए जा रहे हैं। इस पूरे मामले की जड़ें 3 मार्च, 2025 को केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई एक बड़ी कार्रवाई से जुड़ी हैं। उस दिन डीआरआई DRI ने रान्या राव के पास से विदेशी मूल का लगभग 14.213 किलोग्राम सोना जब्त किया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई थी। लेकिन यह तो महज एक शुरुआत थी। इसके बाद जब जांच का दायरा बढ़ा और संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की गई, तो जांच एजेंसियां भी दंग रह गईं। तलाशी के दौरान 2.06 करोड़ रुपये के सोने के जेवर और 2.67 करोड़ रुपये की बेहिसाब भारतीय नकदी बरामद हुई। इस जब्ती ने स्पष्ट कर दिया कि यह मामला केवल एक बार की तस्करी का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित संगठित अपराध का हिस्सा है। ED की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस सिंडिकेट ने महज एक साल के भीतर मार्च 2024 से मार्च 2025 तक लगभग 127.287 किलोग्राम सोने की भारत में तस्करी की। इस तस्करी किए गए सोने की कुल वैल्यू 102.55 करोड़ रुपये से अधिक है। सीबीआई CBI द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर को आधार बनाकर ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत अपनी कार्यवाही तेज की है। डीआरआई पहले ही सीमा शुल्क अधिनियम Customs Act की धारा 135 के तहत शिकायत दर्ज कर चुका है। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद रान्या राव और उनके साथियों की मुश्किलें बढ़ना तय है, क्योंकि एजेंसियां अब उस ‘ब्लैक मनी’ के रूट को ट्रैक कर रही हैं जो इस सोने की तस्करी से पैदा हुआ था।
अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' का टीजर आउट: शर्टलेस अवतार और धोती में खिलाड़ी का स्वैग, 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में 'देंगे दस्तक'।

नई दिल्ली। बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’ अक्षय कुमार एक बार फिर अपनी सबसे मजबूत शैली, हॉरर-कॉमेडी में वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लंबे समय से चर्चा में रही फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह है और अब फिल्म के पहले गाने ‘राम जी आके भला करेंगे’ के टीजर ने इंटरनेट पर आग लगा दी है। इस टीजर को सोशल मीडिया पर जिस तरह का रिस्पॉन्स मिल रहा है, उससे साफ है कि फैंस अक्षय कुमार और दिग्गज निर्देशक प्रियदर्शन की जोड़ी को पर्दे पर दोबारा देखने के लिए बेताब हैं। यह जोड़ी पूरे 14 साल बाद एक साथ काम कर रही है, जिसने अतीत में ‘हेरा फेरी’, ‘भूल भुलैया’ और ‘खट्टा मीठा’ जैसी कालजयी कॉमेडी फिल्में दी हैं। गाने के टीजर की बात करें तो इसकी शुरुआत अक्षय कुमार के एक बेहद दिलचस्प लुक से होती है। सफेद धोती और बिना शर्ट के अक्षय, गले में मालाएं पहने हुए एक अलग ही ‘देसी’ और रहस्यमयी अवतार में नजर आ रहे हैं। बैकग्राउंड डांसर्स के साथ उनका थिरकना और ‘भूत बंगला’ का टाइटल कार्ड एक परफेक्ट हॉरर-कॉमेडी वाइब दे रहा है। इस गाने को मशहूर संगीतकार प्रीतम ने कंपोज किया है, जबकि बोल कुमार ने लिखे हैं। देव अरिजीत की आवाज और मेलो डी के रैप ने इस ट्रैक में आधुनिकता का तड़का लगाया है। यह पूरा गाना इसी गुरुवार को रिलीज होने वाला है, जिसके लिए फैंस की उत्सुकता चरम पर है। फिल्म की रिलीज डेट को लेकर भी अक्षय कुमार ने बड़ा अपडेट साझा किया है। पहले यह फिल्म 15 मई को आने वाली थी, लेकिन अब इसे प्रीपोन कर दिया गया है। अक्षय ने सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में लिखा, “दस को देंगे दस्तक, इंतजार करो तब तक।” अब यह फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म की एक और खास बात इसकी स्टार कास्ट है। तब्बू, परेश रावल, राजपाल यादव और वामिका गब्बी जैसे सितारों से सजी इस फिल्म में दर्शकों को एक भावुक पल भी देखने को मिलेगा। दिग्गज अभिनेता असरानी, जिनका पिछले साल अक्टूबर में निधन हो गया था, इस फिल्म में अपनी आखिरी भूमिका में नजर आएंगे। राजस्थान और हैदराबाद की खूबसूरत लोकेशंस पर शूट हुई यह फिल्म अक्षय के गिरते करियर ग्राफ को फिर से ऊंचाई पर ले जाने का दम रखती है। इसके अलावा अक्षय ‘वेलकम टू द जंगल’ और सैफ अली खान के साथ ‘हैवान’ जैसी बड़ी फिल्मों में भी नजर आने वाले हैं, लेकिन फिलहाल सारा फोकस ‘भूत बंगला’ के इस हॉरर तड़के पर है।
SIP में हर महीने ₹5,000 जमा करें तो 20 साल में कितना फंड होगा तैयार, देखें कैलकुलेशन

नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में उठा-पटक जारी है। हफ्ते के दूसरे दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। दोपहर 02.30 बजे तक सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा और निफ्टी 300 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर म्यूचुअल फंड्स के प्रदर्शन पर भी पड़ता है। लेकिन भारतीय निवेशक इस भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में जमकर पैसा लगा रहे हैं। म्यूचुअल फंड्स एसआईपी में भी घरेलू निवेशक जमकर निवेश कर रहे हैं। यहां हम जानेंगे कि एसआईपी में हर महीने 5 000 रुपये का निवेश करें तो 20 साल में कितना फंड तैयार हो सकता है? 5 000 रुपये की SIP से 20 साल में कितना फंड होगा तैयार अगर आपको हर साल 12 प्रतिशत का अनुमानित रिटर्न मिलता है तो 5 000 रुपये की एसआईपी से 20 साल में लगभग 46 लाख रुपये का फंड तैयार हो सकता है जिसमें आपके निवेश के 12 लाख रुपये और रिटर्न के लगभग 34 लाख रुपये शामिल हैं। ऐसे ही अगर आपको हर साल 15 प्रतिशत का अनुमानित रिटर्न मिलता है तो 5 000 रुपये की एसआईपी से 20 साल में लगभग 66.35 लाख रुपये का फंड तैयार हो सकता है जिसमें आपके निवेश के 12 लाख रुपये और लगभग 54.35 लाख रुपये का अनुमानित रिटर्न शामिल है। एसआईपी में निवेश करने से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान म्यूचुअल फंड एसआईपी में निवेश शुरू करने से पहले आपको कुछ बेहद जरूरी बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। एसआईपी में कभी भी एक जैसा रिटर्न नहीं मिलता है। एसआईपी से आपको कितना रिटर्न मिलेगा ये पूरी तरह से शेयर बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। अगर बाजार में तेजी बनी रहती है तो आपको बेहतर रिटर्न मिलेगा। इसी तरह अगर बाजार में गिरावट चलती है तो आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। लेकिन लॉन्ग टर्म में नुकसान का जोखिम काफी कम हो जाता है। एसआईपी से आपको जो रिटर्न मिलता है उस पर आपको कैपिटल गेन्स टैक्स भी चुकाना होता है।
घर में शेर, पर वर्ल्ड कप में ढेर! श्रीलंका बाहर और अब भारत पर संकट; क्या मेजबान होना ही सबसे बड़ी हार है?

नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में एक कहावत है कि अपने घर में खेलना सबसे बड़ा फायदा होता है। अपनी पिच, अपनी मिट्टी और अपने दर्शकों का शोर किसी भी टीम के लिए ’12वें खिलाड़ी’ का काम करता है। लेकिन जब बात टी20 वर्ल्ड कप की आती है, तो यह ‘एडवांटेज’ एक भयानक ‘श्राप’ या ‘पनौती’ में तब्दील होता नजर आता है। इतिहास गवाह है कि 2007 से लेकर अब तक, जिस भी देश ने इस छोटे फॉर्मेट के महाकुंभ की मेजबानी की है, उसके हाथों से ट्रॉफी फिसल गई है। साल 2026 में एक बार फिर भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं, और शुरुआती संकेतों ने प्रशंसकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। श्रीलंका पहले ही टूर्नामेंट से बाहर होकर इस ‘मिथक’ को सच साबित कर चुका है, और अब करोड़ों भारतीय फैंस की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीम इंडिया इस ऐतिहासिक बाधा को पार कर पाएगी या वह भी इस ‘मेजबान के श्राप’ का शिकार बनेगी। टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास के पन्ने पलटें तो तस्वीर काफी डरावनी नजर आती है। साल 2007 में जब इस टूर्नामेंट का आगाज साउथ अफ्रीका में हुआ, तो प्रोटियाज टीम अपने ही घर में सुपर-8 से बाहर हो गई। इसके बाद 2009 में क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इंग्लैंड और 2010 में कैरेबियाई धरती पर वेस्टइंडीज भी अपनी मेजबानी का फायदा नहीं उठा पाए और सेमीफाइनल तक का सफर तय करने में नाकाम रहे। 2012 में पहली बार ऐसा लगा कि श्रीलंका इस ‘जिंक्स’ को तोड़ देगा। लंकाई टीम फाइनल तक पहुंची, लेकिन खिताबी मुकाबले में वेस्टइंडीज ने उन्हें 36 रनों से हराकर करोड़ों फैंस का दिल तोड़ दिया। श्रीलंका इकलौती ऐसी टीम बनी जो मेजबान होते हुए फाइनल तक का सफर तय कर सकी, लेकिन जीत वहां भी नसीब नहीं हुई। इसके बाद का इतिहास भी कमोबेश ऐसा ही रहा। 2014 में बांग्लादेश सुपर-10 से आगे नहीं बढ़ पाया, तो वहीं 2016 में जब भारत में टी20 वर्ल्ड कप हुआ, तब टीम इंडिया का सपना सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज ने ही चकनाचूर किया। 2021 में यूएई और ओमान ग्रुप स्टेज से बाहर हुए, और 2022 के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया अपने ही घर में सुपर-12 की बाधा पार नहीं कर सके। यहां तक कि 2024 में यूएसए और वेस्टइंडीज की संयुक्त मेजबानी भी इस सिलसिले को नहीं बदल सकी; भारत ने वहां खिताब जीता लेकिन दोनों मेजबान सुपर-8 में ही सिमट गए। अब सवाल 2026 का है। श्रीलंका की विदाई ने यह साफ कर दिया है कि घरेलू परिस्थितियों का दबाव कभी-कभी प्रतिभा पर भारी पड़ जाता है। भारत के पास दुनिया की सबसे मजबूत टीम और आईपीएल जैसा अनुभव है, लेकिन आंकड़ों का यह भूत रह-रहकर डरा रहा है। क्या रोहित ब्रिगेड या टीम इंडिया की नई पीढ़ी उस मानसिक दीवार को गिरा पाएगी जिसे पिछले 9 एडिशन में कोई पार नहीं कर पाया? क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, लेकिन ‘मेजबानी की पनौती’ एक ऐसा कड़वा सच बन चुका है जिसे झुठलाने के लिए भारत को न केवल विरोधी टीमों से, बल्कि इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड से भी लड़ना होगा।
जितेश शर्मा का बड़ा कबूलनामा, करते थे RCB की बर्बादी की दुआ! खुद खोला राज

नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की शुरुआत से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु RCB के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने अपने खुलासे से दुनिया को हैरान कर दिया. जितेश ने बताया कि वह खुद आरसीबी की हार की दुआ करते थे. तो आइए जानते हैं कि आखिर आरसीबी के विकेटकीपर बल्लेबाज ऐसा क्यों करते थे. हाल ही में जितेश दक्षिण अफ्रीका और आरसीबी के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स के यूट्यूब चैनल पर आए थे. जहां उन्होंने बताया कि आखिर वह क्यों अपनी टीम की बर्बादी की दुआ करते थे. दरअसल, जितेश खुद हीरो बनने के लिए ऐसी दुआ करते थे. क्या थी जितेश शर्मा की दुआ? जितेश ने बताया, आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन मैं हमेशा भगवान से प्रार्थना करता था कि मेरा टॉप ऑर्डर फेल और फिर मैं बल्लेबाजी कर सकूं. मैं हीरो बनने का मौका देखता हूं. मैं जिंदगी में हमेशा ऐसी पारी की कल्पना करत था और मैं उस तरह का इंसान हूं जो हमेशा कुछ ना कुछ जादूई करना चाहता है. आरसीबी के लिए दिखाया दम बता दें कि जितेश 2025 में ही आरसीबी का हिस्सा बने. उन्होंने पिछले सीजन यानी 2025 के आईपीएल में 15 मैच खेले, जिनकी 11 पारियों में बैटिंग करते हुए 37.28 की औसत और 176.35 के स्ट्राइक रेट से 261 रन स्कोर किए. इस दौरान उनके बल्ले से 1 अर्धशतक निकला, जो उनका हाई स्कोर 85 रनों का रहा. बताते चलें कि जितेश इससे पहले तीन साल तक पंजाब किंग्स का हिस्सा रहे. बात करें जितेश के आईपीएल करियर की, तो उन्होंने अब तक कुल 55 मैच खेल लिए हैं. इन मैचों की 47 पारियों में बैटिंग करते हुए उन्होंने 25.41 की औसत से 991 रन बना लिए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 1 अर्धशतक निकला है. आरसीबी ने जीता खिताब गौरतलब कि 2025 वह साल था कि जब बेंगलुरु की टीम ने आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की थी. टीम ने यह खिताब रजत पाटीदार की कप्तानी में जीता था. 18 साल के आईपीएल इतिहास में यह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पहला खिताब था. अब देखना दिलचस्प होगा कि टीम इस सीजन टीम कैसा प्रदर्शन करती है.
स्मृति मंधाना से विवादित ब्रेकअप के बाद पलाश मुच्छल और उनका परिवार कैसा है? डेज़ी शाह ने अपडेट दिया

नई दिल्ली । म्यूज़िक कंपोज़र से डायरेक्टर बने पलाश मुच्छल की पर्सनल लाइफ़ हाल ही में तब सुर्खियों में आई जब क्रिकेटर स्मृति मंधाना से उनकी शादी कैंसिल हो गई। उन पर स्मृति को धोखा देने का आरोप लगा था और इस विवाद के बीच अब उन्हें एक्टर डेज़ी शाह का सपोर्ट मिला है। एक्टर ने पलाश और उनके परिवार के बारे में बात की उन्हें पॉज़िटिव और ज़मीन से जुड़े लोग बताया। डेज़ी शाह ने पलाश मुच्छल और उनके परिवार की तारीफ़ की फ़िल्मज्ञान से बातचीत में डेज़ी जो पलाश की अगली डायरेक्टोरियल फ़िल्म में काम करने वाली हैं ने उनके साथ अपने बॉन्ड के बारे में बात की और कहा पलाश एक बहुत अच्छे इंसान हैं। असल में मैं उनसे कुछ बार मिल चुकी हूँ। पलक ने जय हो के लिए एक गाना किया था इसलिए मैं उन्हें तब से जानती हूँ। मैं अक्सर पलक के घर जन्मदिन और गणपति पूजा पर होने वाली पार्टियों में जाती हूँ और इसी तरह मेरी मुलाकात पलाश से हुई। इसी तरह मुझे पता चला कि वह एक म्यूज़िक कंपोज़र और डायरेक्टर हैं। कॉन्ट्रोवर्सी के बारे में पलाश और स्मृति 25 नवंबर को शादी करने वाले थे। हालाँकि उनकी शादी के दिन सेरेमनी कैंसिल कर दी गई। शुरू में यह बताया गया कि स्मृति के पिता बेहोश हो गए थे और उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया जिससे शादी कैंसिल कर दी गई। इसके तुरंत बाद रिपोर्ट्स में कहा गया कि शादी इसलिए कैंसिल कर दी गई क्योंकि पलाश ने स्मृति को धोखा दिया था। हालांकि पलाश ने इन आरोपों से इनकार किया लेकिन उन्हें और उनके परिवार को सोशल मीडिया पर बहुत ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। इसके तुरंत बाद स्मृति और पलाश दोनों ने इंस्टाग्राम पर कन्फर्म किया कि उनकी शादी सच में कैंसिल हो गई है। पलाश ने लिखा मैंने अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ने और अपने पर्सनल रिश्ते से पीछे हटने का फैसला किया है। मेरे लिए यह देखना बहुत मुश्किल रहा है कि लोग किसी ऐसी चीज़ के बारे में बेबुनियाद अफवाहों पर इतनी आसानी से रिएक्ट करते हैं जो मेरे लिए सबसे पवित्र रही है। यह मेरी ज़िंदगी का सबसे मुश्किल दौर है और मैं अपने विश्वासों पर कायम रहते हुए इसे शालीनता से झेलूंगा। मुझे सच में उम्मीद है कि हम एक समाज के तौर पर बिना वेरिफाइड गॉसिप के आधार पर किसी को जज करने से पहले रुकना सीखेंगे जिसके सोर्स कभी पता नहीं चलते। हमारे शब्द हमें ऐसे चोट पहुंचा सकते हैं जिन्हें हम कभी समझ नहीं पाएंगे। पलाश मुच्छल के डायरेक्शन के बारे में फिल्ममेकर ने तब से अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स फिर से शुरू कर दिए हैं और श्रेयस तलपड़े और डेज़ी शाह को लीड रोल में लेकर एक फीचर फिल्म डायरेक्ट करने के लिए तैयार हैं। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने इस प्रोजेक्ट की घोषणा करते हुए बताया कि फिल्म की शूटिंग जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।
आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स और टीएसीसी की बड़ी पार्टनरशिप, देवास में बनेगा ऑनसाइट नाइट्रोजन प्लांट

भोपाल/ देवास! भारत की अग्रणी औद्योगिक और चिकित्सीय गैस निर्माण कंपनियों में से एक आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (आईनॉक्सएपी) ने टीएसीसी लिमिटेड (द एडवांस्ड कार्बन्स कंपनी) के साथ लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप की है। यह पार्टनरशिप मध्य प्रदेश के देवास में टीएसीसी की प्रस्तावित ग्रीनफील्ड निर्माण इकाई के लिए नाइट्रोजन की आपूर्ति हेतु की गई है, जहां लिथियम-आयन बैटरी ग्रेड ग्रेफाइट एनोड सामग्री का उत्पादन किया जाएगा। आईनॉक्सएपी इस परियोजना के तहत एक समर्पित ऑनसाइट नाइट्रोजन संयंत्र की स्थापना करेगा, जिसे बिल्ड, ओन और ऑपरेट मॉडल पर संचालित किया जाएगा। इस संयंत्र के माध्यम से टीएसीसी की निर्माण आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर, सुरक्षित और उच्च शुद्धता वाली नाइट्रोजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स के बिज़नेस डेवलपमेंट एंड स्ट्रैटेजी हेड, दिगंत शर्मा ने कहा, “टीएसीसी एडवांस्ड कार्बन मटीरियल्स के क्षेत्र में सबसे आगे है और यह पार्टनरशिप सस्टेनेबिलिटी और महत्वाकांक्षा के बीच मजबूत तालमेल को दर्शाती है। यह लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट हाई-परफॉर्मेंस मटीरियल्स के उत्पादन को संभव बनाने में हमारी विशेषज्ञता और ऑपरेशनल क्षमताओं को और मज़बूत करता है, जो भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एनर्जी स्टोरेज और व्यापक क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन के लिए बेहद अहम हैं। आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स में हम इस पार्टनरशिप को एक स्ट्रैटेजिक कदम के रूप में देखते हैं, जो भविष्य के लिए तैयार और मजबूत इंडस्ट्रियल वैल्यू चेन बनाने की दिशा में है।” टीएसीसी, जो एडवांस्ड कार्बन मटीरियल्स के क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में से एक है, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स के लिए बैटरी-ग्रेड सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड मटीरियल्स विकसित करने में विशेषज्ञ है। इसके साथ ही कंपनी ग्रेफीन आधारित उत्पादों पर भी काम कर रही है, जो कंस्ट्रक्शन, टेक्सटाइल्स, पेंट्स और अन्य औद्योगिक उपयोगों में नई संभावनाएं खोलते हैं। नाइट्रोजन की सुनिश्चित आपूर्ति से प्रोसेस की कार्यक्षमता और प्रोडक्ट की गुणवत्ता बेहतर होगी, जिससे बड़े स्तर पर अपनाए जा सकने वाले और पर्यावरण के लिए बेहतर समाधानों पर टीएसीसी का फोकस और मजबूत होगा। टीएसीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, अंकुर खेतान ने कहा, “बैटरी-ग्रेड ग्रेफाइट का मैन्युफैक्चरिंग बेहद सटीकता, शुद्धता और भरोसेमंद प्रोसेस की मांग करता है। आईनॉक्सएपी के साथ हमारी पार्टनरशिप हमें हाई-प्योरिटी नाइट्रोजन की भरोसेमंद सप्लाई सुनिश्चित करती है, जो बड़े पैमाने पर ग्लोबल स्टैंडर्ड्स हासिल करने के लिए बेहद ज़रूरी है। साथ मिलकर हमारा लक्ष्य भारत के एडवांस्ड मटीरियल्स इकोसिस्टम को मजबूत करना और देश की क्लीन एनर्जी व इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की महत्वाकांक्षाओं को सपोर्ट करना है।” इस पार्टनरशिप के साथ, आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स भविष्य के लिए तैयार इंडस्ट्रियल गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने में अपनी स्थिति को और मजबूत करने का लक्ष्य रखता है, साथ ही सप्लाई की विश्वसनीयता, सेफ्टी और कंप्लायंस के मामले में नए मानक स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह सहयोग भारत को अधिक स्वच्छ और मजबूत ऊर्जा भविष्य की ओर ले जाने की आईनॉक्सएपी की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाता है। आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स और टीएसीसी मिलकर सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ की मजबूत नींव रख रहे हैं और ऐसी टेक्नोलॉजीज़ को आगे बढ़ा रहे हैं, जो भारत के ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम को आकार देने में अहम भूमिका निभाएंगी।