Chambalkichugli.com

GWALIOR GARDEN RAPE CASE: 14 वर्षीय नाबालिग से गार्डन में दुष्कर्म: 3 दिन बीतने के बाद भी आरोपी फरार

GWALIOR MINOR GIRL RAPED

HIGHLIGHTS: 14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म का मामला 1500 रुपये लौटाने के बहाने घर से बुलाया गुलाब गार्डन के पीछे वारदात जान से मारने की धमकी देकर आरोपी फरार दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज GWALIOR GARDEN RAPE CASE: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले युवक ने उधार दिए 1500 रुपये लौटाने के बहाने उसे घर से बाहर बुलाया और गार्डन के पीछे ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। बता दें कि घटना पुरानी छावनी थाना क्षेत्र स्थित गुलाब गार्डन के पीछे की बताई जा रही है। KUNO NATIONAL PARK: ग्वालियर होते हुए कुनो पहुंचेंगे 8 नए चीते, देश में संख्या बढ़कर होगी 46 रुपये लौटाने के बहाने ले गया बाहर पीड़िता ने 25 फरवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि 24 फरवरी की शाम करीब 7:30 बजे मोहल्ले में रहने वाला हिमांशु राठौर उसके घर आया था। उस समय वह घर पर अकेली थी। जिसके बाद किशोरी ने उससे अपने उधार के 1500 रुपये वापस मांगे। लेकिन आरोपी ने रुपये देने की बात कहकर उसे साथ चलने को कहा और पैदल गुलाब गार्डन की ओर ले गया। GWALIO-CHAMBAL WEATHER: ग्वालियर-चंबल में मौसम का यू-टर्न: दिन में बढ़ी तपिश, रात में ठंडक, 2 मार्च से फिर बदलेगा मौसम गार्डन के पीछे की वारदात पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने कहा कि सड़क पर पैसे देने से लोग देखेंगे, इसलिए वह उसे गार्डन के पीछे ले गया। वहां उसने डरा-धमकाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गया। Holi Skin Care: होली की मस्ती में ऐसे रखें अपनी खूबसूरत स्किन का ख्याल, एलर्जी भी रहेगी दूर परिजनों को बताई आपबीती घटना के बाद घबराई किशोरी रास्ते में अपने चाचा से मिली। इसके बाद माता-पिता को सूचना दी गई। घर पहुंचकर उसने पूरी घटना बताई। अगले दिन परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। T20 World Cup : भारत ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया, अब वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ का मुकाबला पुलिस ने दर्ज किया मामला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

KUNO NATIONAL PARK: ग्वालियर होते हुए कुनो पहुंचेंगे 8 नए चीते, देश में संख्या बढ़कर होगी 46

KUNO NATIONAL PARK

HIGHLIGHTS: बोत्सवाना से 6 मादा और 2 नर चीते आ रहे हैं भारत शनिवार सुबह ग्वालियर एयरपोर्ट पर लैंडिंग हेलीकॉप्टर से कुनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचाए जाएंगे केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और सीएम मोहन यादव करेंगे रिलीज देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 46 होगी KUNO NATIONAL PARK: ग्वालियर। मध्य प्रदेश एक बार फिर चीता पुनर्वास परियोजना को लेकर चर्चाओं में है। बट्स दें कि आठ नए चीते जल्द ही भारत पहुंच रहे हैं, जिनमें 6 मादा और 2 नर शामिल हैं। ये सभी चीते अफ्रीकी देश बोत्सवाना से विशेष विमान के जरिए भारत लाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, ये चीते आज रात बोत्सवाना से उड़ान भरेंगे और शनिवार सुबह ग्वालियर एयरपोर्ट पर उतरेंगे। GWALIO-CHAMBAL WEATHER: ग्वालियर-चंबल में मौसम का यू-टर्न: दिन में बढ़ी तपिश, रात में ठंडक, 2 मार्च से फिर बदलेगा मौसम ग्वालियर से जायेंगे कुनो ग्वालियर पहुंचने के बाद सभी चीतों को विशेष निगरानी में हेलीकॉप्टर के माध्यम से श्योपुर जिले में स्थित कुनो राष्ट्रीय उद्यान ले जाया जाएगा। सूचना की माने तो शनिवार सुबह इन्हें कुनो के निर्धारित बाड़ों में रिलीज किया जाएगा, इसके साथ ही वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करेगी। Holi Skin Care: होली की मस्ती में ऐसे रखें अपनी खूबसूरत स्किन का ख्याल, एलर्जी भी रहेगी दूर केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री करेंगे रिलीज चीतों के औपचारिक रिलीज कार्यक्रम में केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। यह कार्यक्रम वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। T20 World Cup : भारत ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया, अब वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ का मुकाबला देश में चीतों की संख्या होगी 46 इन आठ चीतों के आने के बाद भारत में कुल चीतों की संख्या 38 से बढ़कर 46 हो जाएगी। कुनो राष्ट्रीय उद्यान में पहले से मौजूद चीतों की निगरानी सैटेलाइट कॉलर और विशेष ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए चीतों के आगमन से प्रजनन और संरक्षण प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। ग्वालियर और श्योपुर क्षेत्र एक बार फिर देशभर की नजरों में हैं, जहां चीता संरक्षण अभियान को नई दिशा मिलने जा रही है।

GWALIO-CHAMBAL WEATHER: ग्वालियर-चंबल में मौसम का यू-टर्न: दिन में बढ़ी तपिश, रात में ठंडक, 2 मार्च से फिर बदलेगा मौसम

GWALIOR WEATHER

GWALIO-CHAMBAL WEATHER: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में फरवरी के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बता दें कि आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर थमते ही दिन का तापमान तेजी से बढ़ गया है और लोगों को मार्च से पहले ही अप्रैल जैसी गर्मी महसूस होने लगी है। हालांकि रात के समय अब भी हल्की ठंड बनी हुई है, जिससे दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर दर्ज किया जा रहा है। दिन में चढ़ा पारा, बढ़ी गर्मी ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। भिंड और मुरैना में भी तापमान 33 डिग्री के आसपास पहुंच गया। बाजारों में दोपहर के समय भीड़ कम दिखाई दी और लोग धूप से बचने के उपाय करते नजर आए। Holi Skin Care: होली की मस्ती में ऐसे रखें अपनी खूबसूरत स्किन का ख्याल, एलर्जी भी रहेगी दूर रात में अब भी ठंडक दिन की तुलना में रात का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है। ग्वालियर में न्यूनतम तापमान करीब 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह और देर रात हल्की सर्दी का एहसास हो रहा है। तापमान में यह उतार-चढ़ाव सेहत पर भी असर डाल सकता है। 2 मार्च से फिर बदल सकता है मौसम मौसम विभाग के अनुसार 2 मार्च से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने की संभावना है। इसका असर ग्वालियर-चंबल संभाग के उत्तरी हिस्सों में हल्के बादल और बूंदाबांदी के रूप में दिख सकता है। फिलहाल अगले दो दिन मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन तापमान में धीरे-धीरे और बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। रंगभरी एकादशी 2026 : 27 या 28 फरवरी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पारण समय देखिये आपके शहर का तापमान ग्वालियर – 32.6°C भिंड – लगभग 33°C मुरैना – लगभग 33°C भोपाल – 32°C इंदौर – 33.1°C उज्जैन – 33°C जबलपुर – 31.9°C मौसम के इस बदलाव ने साफ संकेत दे दिए हैं कि मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी का असर और तेज हो सकता है।

भाजपा में युवाओं को बढ़ावा, राष्ट्रीय संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी

नई दिल्ली। संगठन को भी युवा आकार देने की तैयारी शुरू हो गई है। महासचिव और सचिव स्तर पर 60 साल से कम उम्र वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि उपाध्यक्ष स्तर पर अनुभवी वरिष्ठ नेताओं को भी जगह मिलने की संभावना है। पार्टी में आधे से ज्यादा नए पदाधिकारियों को शामिल करने का अनुमान है, जिनमें से कई विभिन्न राज्यों से केंद्रीय संगठन में लाए जाएंगे। राष्ट्रीय नेतृत्व में नए चेहरेसूत्रों के अनुसार, भाजपा की भविष्य की टीम तैयार करने के लिए अध्यक्ष समेत 40 राष्ट्रीय पदाधिकारियों में लगभग 60 फीसदी नए चेहरे होंगे। महासचिव और सचिव स्तर पर 60 साल से कम उम्र के नेताओं को नियुक्त किया जाएगा, जबकि उपाध्यक्ष स्तर पर आयु को लेकर कुछ लचीलापन रखा जाएगा ताकि अनुभवी नेताओं को संगठन में समायोजित किया जा सके। मौजूदा टीम के आधे से ज्यादा चेहरों को बदलने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। वरिष्ठ नेताओं की नई भूमिकाएं60 साल से अधिक उम्र वाले मौजूदा महासचिव और सचिवों को नई भूमिका दी जा सकती है। संगठन महासचिव के पद को लेकर अभी चर्चा जारी है और संभावना है कि वहां भी बदलाव होंगे। मौजूदा टीम के पांच महासचिवों की जगह नए चेहरे लाए जाने की तैयारी है। राष्ट्रीय पदाधिकारियों में अध्यक्ष के अलावा 13 उपाध्यक्ष, 10 महासचिव, 15 सचिव और एक कोषाध्यक्ष होता है। महिलाओं और क्षेत्रीय संतुलनसूत्रों के अनुसार, नई टीम में महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। भाजपा के संविधान में एक तिहाई यानी लगभग 13 महिला पदाधिकारी होना चाहिए, लेकिन ऐसा केवल राजनाथ सिंह के अध्यक्षीय कार्यकाल में संभव हो पाया था। नई राष्ट्रीय टीम में देश के सभी हिस्सों को प्रतिनिधित्व मिलेगा और जातीय व सामाजिक समीकरणों का संतुलन रखा जाएगा। समय और प्रक्रियाभाजपा की नई टीम को लेकर तैयारी शुरू हो गई है, लेकिन इसकी घोषणा में अभी समय लग सकता है। संसद सत्र और आगामी चुनावों के कारण पार्टी का ध्यान मुख्य रूप से चुनावी रणनीतियों पर है। चूंकि बदलाव व्यापक स्तर पर होंगे, इसलिए कई स्तरों पर व्यापक चर्चाएं और समीक्षाएं अभी बाकी हैं।

Holi Skin Care: होली की मस्ती में ऐसे रखें अपनी खूबसूरत स्किन का ख्याल, एलर्जी भी रहेगी दूर

नई दिल्ली । होली का त्योहार खुशियों और रंगों का पर्व है लेकिन सावधानी न बरती जाए तो यही रंग आपकी त्वचा के लिए घातक साबित हो सकते हैं. बाजार में मिलने वाले केमिकल वाले रंग और गुलाल त्वचा पर जलन खुजली और एलर्जी पैदा कर सकते हैं. इसी विषय पर लोकल-18 की टीम ने लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के चर्म एवं गुप्त रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरजीत सिंह से विशेष बातचीत की और जाना कि होली के दौरान त्वचा का ख्याल कैसे रखें. होली खेलने से पहले अपनाएं यह सुरक्षा कवच डॉ. अमरजीत सिंह ने सलाह दी है कि होली खेलने घर से बाहर निकलने से पहले अपनी त्वचा की सुरक्षा की तैयारी कर लेनी चाहिए. उन्होंने बताया कि केमिकल आधारित रंगों के असर को कम करने के लिए चेहरे और शरीर के खुले हिस्सों पर गोले का तेल नारियल तेल या कोई अच्छा मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं. ऐसा करने से त्वचा पर एक सुरक्षा परत बन जाती है जिससे रंगों का हानिकारक प्रभाव त्वचा के रोमछिद्रों के अंदर नहीं समा पाता और बाद में रंग छुड़ाना भी आसान हो जाता है.बदलते मौसम और त्वचा का ध्यान चूंकि होली के समय मौसम में भी बदलाव हो रहा होता है इसलिए त्वचा अधिक संवेदनशील हो जाती है. डॉ. सिंह के अनुसार इस समय हल्की सी लापरवाही भी लंबे समय तक त्वचा की परेशानी बढ़ा सकती है. उन्होंने कहा कि जितना संभव हो सके प्राकृतिक और हर्बल रंगों का ही उपयोग करें. कुछ सस्ते गुलाल में भी कांच के कण या हानिकारक रसायन हो सकते हैं जो चेहरे पर रगड़ने से घाव या गंभीर इन्फेक्शन दे सकते हैं. अगर लग जाए पक्का रंग तो क्या करें? अक्सर लोग पक्का रंग छुड़ाने के लिए त्वचा पर कठोर साबुन या अन्य केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगते हैं. डॉ. अमरजीत सिंह ने बताया कि यदि चेहरे पर पक्का रंग लग गया है तो उसे सबसे पहले सादे पानी से धोएं और अपने नियमित साबुन का उपयोग करें. यदि रंग नहीं छूट रहा है तो उसे बार-बार न रगड़ें. ज्यादा रगड़ने से त्वचा छिल सकती है और घाव हो सकते हैं. ऐसे में धैर्य रखें और धीरे-धीरे प्राकृतिक तरीके से रंग को निकलने दें. लापरवाही पड़ सकती है भारी विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि अगर होली खेलने के बाद त्वचा पर खुजली जलन या दाने उभरने लगें तो घर पर खुद से इलाज करने के बजाय तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं. अक्सर देखा जाता है कि होली के बाद अस्पतालों में आंखों और त्वचा से जुड़ी समस्याओं के मरीज बढ़ जाते हैं. यदि लोग पहले से ही सावधानी रखें और बचाव के तरीके अपनाएं तो उन्हें अस्पताल जाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी.

रंगभरी एकादशी 2026 : 27 या 28 फरवरी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पारण समय

नई दिल्ली । 2026 में रंगभरी एकादशी जिसे अमलकी एकादशी भी कहा जाता है का व्रत फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर मनाया जाएगा। यह पवित्र व्रत होली के उत्सव से कुछ दिनों पहले आता है और विशेष रूप से भगवान विष्णु साथ ही भगवान शिव पार्वती के पूजन के लिए प्रसिद्ध है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव माता पार्वती के साथ काशी वाराणसी आए थे जहां नगरवासियों ने उनका रंगों और गुलाल से स्वागत किया था। तब से इस दिवस को रंगभरी एकादशी के रूप में मनाया जाता है और काशी में होली उत्सव की शुभ शुरुआत भी इसी दिन मानी जाती है। रंगभरी एकादशी 2026 की तिथि  वेदिक पंचांग के अनुसार: फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि 27 फरवरी 2026 की रात 12:33 बजे से प्रारंभ होकर 10:32 बजे तक रहेगी।  उदय तिथि के नियम के अनुसार सुबह के समय पर यह तिथि मौजूद रहने के कारण 27 फरवरी शुक्रवार को ही रंगभरी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। रंगभरी एकादशी पर पूजा का शुभ मुहूर्त पूजा और उपवास के दौरान शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं: ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:09 बजे से सुबह 05:59 बजे तक अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 बजे से 12:57 बजे तक  विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 बजे से 03:15 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग: लगभग सुबह 10:48 बजे से रात तक शुभ रहता है व्रत पारण कब करें? रंगभरी एकादशी का व्रत पारण 28 फरवरी 2026 को सुबह 06:47 बजे से 09:06 बजे के बीच किया जा सकता है जो पारण के लिए विशेष शुभ समय माना जाता है।  इस दिन व्रत में निर्जला उपवास या फलाहारी व्रत रखा जा सकता है जैसा श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार करते हैं। पूजा का महत्व और विधि रंगभरी एकादशी के दिन श्रद्धालु स्नान के बाद भगवान विष्णु की भक्ति में लीन होकर पूजा करते हैं। मुख्य पूजन में आमलकी आंवला का फल दान निवेद्य के रूप में चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ तुलसी दीप धूप और नारियल का भी प्रयोग किया जाता है।  धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से जीवन में शांति सौहार्द सुख समृद्धि और भक्ति भाव की प्राप्ति होती है। साथ ही इस व्रत से भगवान विष्णु के आशीर्वाद से मानसिक उन्नति भी होती है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ वाराणसी में रंगभरी एकादशी को होली का शुभ शुभारंभ माना जाता है। मंदिरों एवं घाटों पर भक्त रंग गुलाल के साथ पूजा करते हैं और काशी में होली खेल के प्रचलन की शुरुआत इसी दिन से होती है।

T20 World Cup : भारत ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया, अब वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ का मुकाबला

T20 World Cup : चेन्नई। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) के सुपर-8 मुकाबले में भारत (India) ने जिम्बाब्वे (Zimbabwe) को 72 रन से हराकर टूर्नामेंट में दमदार वापसी की। एमए चिदंबरम स्टेडियम खेले गए इस मैच में भारत की जीत के साथ ही जिम्बाब्वे टूर्नामेंट से बाहर हो गया, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 184/6 तक ही पहुंच सकी। अर्शदीप का घातक स्पेल तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट झटके और जिम्बाब्वे की पारी की कमर तोड़ दी। उन्होंने सिकंदर रज़ा, रयान बर्ल और टोनी मुन्योंगा को आउट कर मैच भारत की झोली में डाल दिया। ब्रायन बेनेट की जुझारू पारी जिम्बाब्वे के लिए ब्रायन बेनेट ने 59 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाकर संघर्ष किया। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल थे। हालांकि, वह शतक से तीन रन दूर रह गए। भारत की ओर से स्थानीय खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती ने भी कसी हुई गेंदबाजी की, जबकि अक्षर पटेल ने तादिवानाशे मारुमानी का अहम विकेट लिया। बल्लेबाजी में भी दम संजू सैमसन को इस बार प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था, जो 24 रन बनाकर आउट हो गए। संजू ने लगातार फ्लॉप चल रहे अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 22 गेंदों पर 48 रन जोड़े। इसके बाद अभिषेक शर्मा (55 रन) ने ईशान किशन के साथ न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि तेजी से रन भी बटोरे। दोनों के बीच अगले 7 ओवर में 72 रन की साझेदारी हुई। ईशान किशन ने 38 रन की पारी खेली। कप्तान सूर्यकुमार ने भी अच्छे हाथ दिखाए और 3 चौके और 2 छक्कों की मददसे 13 गेंदों में 33 रन जड़ दिए। हालांकि मैच का आनंद तब आया जब हार्दिक पंड्या (23 गेंदों पर 50 रन) और तिलक वर्मा (16 गेंद में 44 रन) 31 गेंदों पर 84 रन जोड़ डाले। इस बल्लेबाजी वर्चस्व से भारत ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा और टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया। अब वेस्टइंडीज से निर्णायक भिड़ंत इस जीत से भारत का नेट रन रेट बेहतर हुआ और टीम की अभियान पटरी पर लौट आया। अब 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला ‘वर्चुअल नॉकआउट’ होगा। इस मैच का विजेता सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाएगा। भारत के लिए जीत का अंतर भले ही बड़ा रहा हो, लेकिन गेंदबाजी संयोजन में सुधार की जरूरत स्पष्ट दिखी। वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले टीम प्रबंधन इन पहलुओं पर खास ध्यान देगा।

INDORE TOXIC GAS LEAK: इंदौर में जहरीली गैस के रिसाव के बाद लोगों सांस लेने में हुई परेशानी, घरों से निकले बाहर

INDORE TOXIC GAS LEAK: इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र में गुरुवार रात जहरीली गैस के रिसाव से इलाके में हड़कंप मच गया। गैस के असर से कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। बताया जा रहा है कि एक कबाड़ी की दुकान पर गैस से भरा सिलेंडर लाया गया था। कबाड़ी सिलेंडर को काट रहा था, उसी दौरान उसमें भरी गैस रिसने लगी। गैस फैलते ही आसपास के लोगों को घबराहट और सांस लेने में परेशानी होने लगी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कबाड़ी को हिरासत में ले लिया। दमकल विभाग की टीम ने सिलेंडर को अपने कब्जे में लेकर मौके से हटाया। क्षेत्र में पानी का छिड़काव भी किया गया, जिसके बाद हालात कुछ हद तक काबू में आए। SMA टाइप-2 से ग्रसित 3 साल की बच्ची के इलाज के लिए क्राउड फंडिंग में जुटी जनता, 9 करोड़ का महंगा इंजेक्शन बाकी जहरीली गैस रिसाव से सांस लेने में तकलीफ होने के बाद दो महिलाओं समेत पांच लोगों को एहतियातन अस्पताल भेजा गया। प्रशासन के मुताबिक सभी की हालत स्थिर है और कोई भी गंभीर नहीं है। सीएमएचओ डॉक्टर माधव हसनी ने बताया कि पांचों की हालत ठीक है। डीसीपी आनंद कालादगी ने बताया कि ककतपुरा पुल के नीचे शहजाद नाम के एक कबाड़ी द्वारा सिलेंडर काटा जा रहा था। इसी दौरान उसमें से अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस फैलते ही आसपास मौजूद लोगों को घबराहट और सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति गंभीर रूप से प्रभावित नहीं हुआ है। सभी लोग सुरक्षित हैं। पुलिस ने कबाड़ी शहजाद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।

मध्य प्रदेश ने लगातार दूसरे वर्ष एसएटीटीई 2026 में जीता ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड

भोपाल। मध्य प्रदेश को दक्षिण एशिया के प्रमुख ट्रैवल एवं टूरिज्म प्रदर्शनी एसएटीटीई 2026 में प्रतिष्ठित “बेस्ट स्टेट टूरिज्म” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। लगातार दूसरे वर्ष यह सम्मान प्राप्त कर राज्य ने भारत के प्रमुख और पसंदीदा पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान को और सुदृढ़ किया है। नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित एसएटीटीई अवॉर्ड्स समारोह के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसे मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्राप्त किया। विजेताओं का चयन प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं की जूरी द्वारा किया गया। पर्यटन सचिव एवं मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि एसएटीटीई 2026 में लगातार दूसरे वर्ष ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड मिलना मध्य प्रदेश के पर्यटन इको सिस्टम को मजबूत करने के हमारे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ सतत, जिम्मेदार और अनुभव-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये सरकार निरंतर प्रयासरत है। बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, पर्यटक सुविधाओं और नवाचारपूर्ण पहलों में लगातार सुधार ने मध्य प्रदेश को विरासत, वन्यजीव, आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में अग्रणी गंतव्य बना दिया है। प्रबंध संचालक डॉ. इलैया ने कहा कि मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड राज्य की विविधता को व्यापक रूप से प्रस्तुत कर रहा है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों जैसे खजुराहो समूह स्मारक, सांची स्तूप और भीमबेटका रॉक शेल्टर्स से लेकर प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व, पवित्र आध्यात्मिक केंद्र जैसे उज्जैन और ओंकारेश्वर, जीवंत जनजातीय एवं लोक परंपराएं, ग्रामीण पर्यटन अनुभव, एडवेंचर सर्किट और उभरते हुए अनुभवात्मक गंतव्य तक सतत विकास, सामुदायिक भागीदारी और बेहतर पर्यटक अनुभव पर विशेष ध्यान देते हुए मध्यप्रदेश एक ऐसे गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है, जो देश और दुनिया भर के यात्रियों को गहराई, प्रामाणिकता और वर्षभर आकर्षण प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि एसएटीटीई 2026 में मिला यह सम्मान इस बात की पुष्टि करता है कि मध्य प्रदेश घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के पर्यटकों को आकर्षित करने में सफल रहा है और भारत में एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति को निरंतर मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मप्र: हाजिरी पर सख्ती, सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति को किया गया चेक

भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद राजधानी भोपाल के तीन प्रमुख शासकीय कार्यालय (वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन) में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। गुरुवार को सामान्य प्रशासन विभाग के दल द्वारा मंत्रालय, वल्लभ भवन, विंध्याचल भवन एवं सतपुड़ा भवन में स्थित शासकीय कार्यालयों में शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों की प्रात: 10 बजे उपस्थित सुनिश्चित कराये जाने के संबंध में जानकारी प्राप्ति की गई। इस दौरान सभी प्रमुख विभागों के कार्यालय में जाकर उपस्थिति रजिस्टर चेक किए। वहीं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी ऐसा करने को कहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नववर्ष-2026 के उपलक्ष्य में ली गई बैठक में निर्देश दिये थे कि सभी अधिकारी-कर्मचारी कार्यालयीन शासकीय निर्धारित समय प्रात: 10 से 6 बजे तक उपस्थित रहेंगे। गुरूवार को हुए आकस्मिक निरीक्षण में कई अधिकारियों का अपने दायित्व निर्वाहन किये जाने संबंध में विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा में भी उपस्थिति पाई गई।शुक्रवार को मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा ली जायेगी जानकारीमुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शुक्रवार 27 फरवरी को प्रात: 10 से 10.30 के बीच मुख्य सचिव कार्यालय से भी सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवों को दूरभाष पर संपर्क कर उनके कार्यालय के अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों के उपस्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की जायेगी।