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Confidence Gain: कॉन्फिडेंस की कमी बन रही है सफलता में रुकावट जानिए आत्मविश्वास बढ़ाने के असरदार तरीके

  Confidence Gain: नई दिल्ली।  कई बार हम पूरी मेहनत और तैयारी के साथ आगे बढ़ते हैं लेकिन आखिरी समय पर आत्मविश्वास की कमी हमें पीछे धकेल देती है। इंटरव्यू हो प्रेजेंटेशन हो या कोई नया काम शुरू करना हो यदि खुद पर भरोसा कमजोर पड़ जाए तो आसान काम भी कठिन लगने लगता है। यही वजह है कि कई लोग प्रतिभाशाली और मेहनती होने के बावजूद अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाते। आत्मविश्वास कोई जन्म से मिला गुण नहीं है बल्कि इसे रोजमर्रा की आदतों से विकसित किया जा सकता है। अच्छी बात यह है कि छोटे छोटे बदलाव अपनाकर अपने भीतर छिपी क्षमता को बाहर लाया जा सकता है। जब हम खुद को समझते हैं और अपनी प्रगति को पहचानते हैं तो धीरे धीरे आत्मबल मजबूत होने लगता है। सबसे पहले जरूरी है कि छोटी छोटी सफलताओं को नजरअंदाज न किया जाए। अक्सर लोग दिनभर की उपलब्धियों को महत्व नहीं देते लेकिन हर छोटा कदम आगे बढ़ने का संकेत होता है। यदि आप अपनी छोटी उपलब्धियों को स्वीकार करते हैं तो दिमाग सकारात्मक संकेत देता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। स्पष्ट लक्ष्य तय करना भी बेहद जरूरी है। बिना दिशा के आगे बढ़ना मुश्किल होता है। छोटे और व्यावहारिक लक्ष्य बनाएं और उन्हें समय सीमा में पूरा करने की कोशिश करें। जब लक्ष्य पूरे होते हैं तो खुद पर भरोसा मजबूत होता है। बड़े लक्ष्य को छोटे हिस्सों में बांटकर पूरा करना ज्यादा प्रभावी और व्यावहारिक तरीका है। पॉजिटिव सेल्फ टॉक आत्मविश्वास बढ़ाने का शक्तिशाली साधन है। अक्सर हम खुद से नकारात्मक बातें करते हैं जिससे मनोबल गिरता है। यदि इन विचारों को बदलकर सकारात्मक संवाद अपनाया जाए तो बड़ा फर्क पड़ सकता है। मैं सक्षम हूं और मैं कोशिश करूंगा जैसे वाक्य मन को मजबूत बनाते हैं और डर को कम करते हैं। नई स्किल सीखना भी आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रभावी तरीका है। जब आप कोई नया कौशल सीखते हैं या नई जानकारी हासिल करते हैं तो भीतर से आत्मसंतोष मिलता है। यह अनुभव धीरे धीरे आत्मविश्वास को मजबूत करता है। चाहे कोई कोर्स हो नई भाषा हो या कोई रचनात्मक गतिविधि सीखना हमेशा फायदेमंद रहता है। बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान देना भी जरूरी है। सीधा खड़े होना आंखों में देखकर बात करना और हल्की मुस्कान बनाए रखना ये छोटी बातें भी आत्मविश्वास को दर्शाती हैं। सकारात्मक शारीरिक हावभाव अपनाने से न केवल दूसरों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है बल्कि खुद को भी भीतर से मजबूती महसूस होती है। साथ ही सकारात्मक लोगों के साथ समय बिताना आत्मविश्वास के लिए लाभकारी है। हमारा वातावरण हमारी सोच को प्रभावित करता है। ऐसे लोगों के साथ रहें जो प्रेरित करें और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। नकारात्मक माहौल से दूरी बनाकर ही आत्मबल को सुरक्षित रखा जा सकता है। आत्मविश्वास धीरे धीरे विकसित होने वाली शक्ति है। निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच से इसे मजबूत बनाया जा सकता है। जब खुद पर भरोसा मजबूत होता है तो सफलता की राह भी आसान लगने लगती है।

BHIND HIGHWAY ENCROACHMENT: भिंड में सड़क सुरक्षा पर सख्ती: शहर में 60 किमी/घंटा स्पीड लिमिट, हाईवे होंगे अतिक्रमण मुक्त

BHIND ACCIDENTS

HIGHLIGHTS: शहरी क्षेत्रों में अधिकतम स्पीड 60 किमी/घंटा निर्धारित हाईवे और सड़कों से गिट्टी, रेत व अतिक्रमण हटाने का अभियान ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए कैमरे और चेतावनी संकेतक लगाए जाएंगे बिना हेलमेट और नाबालिग ड्राइविंग पर सख्त कार्रवाई प्रमुख चौराहों पर जल्द लगेंगे ट्रैफिक सिग्नल BHIND HIGHWAY ENCROACHMENT: भिंड। मध्य प्रदेश के भिण्ड जिले में बढ़ते सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। शहरी और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में वाहनों की अधिकतम स्पीड 60 किमी प्रतिघंटा तय करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हाईवे और शहर की सड़कों को गिट्टी, रेत और अतिक्रमण से मुक्त रखने के आदेश जारी किए गए हैं। ग्वालियर में बाबा ने परिवार को डराकर ठगा 30 हजार, बेटे और बुजुर्गों पर मंडराया अनिष्ट का डर सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में निर्देश यह निर्णय कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका, पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। DELHI AI SUMMIT PROTEST: युथ कांग्रेस नेताओं ने फुंका PM का पुतला; दिल्ली- AI समिट में कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी पर विरोध स्पीड कंट्रोल और निगरानी व्यवस्था शहरी सीमा में प्रवेश मार्गों पर स्पीड लिमिट के बोर्ड लगाए जाएंगे। ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट और प्रमुख मार्गों पर डिटेक्शन कैमरे लगाए जाएंगे। दुर्घटना संभावित स्थानों पर रंबल स्ट्रिप, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतक स्थापित किए जाएंगे। बड़वानी में यात्री बस अनियंत्रित होकर खेत में गिरी, 16 घायल; हादसा CCTV में कैद हेलमेट और नाबालिग ड्राइविंग पर सख्ती बैठक में बिना हेलमेट दोपहिया चलाने और नाबालिगों के वाहन चलाने पर चिंता जताई गई। पुलिस को विशेष चेकिंग अभियान चलाकर बिना लाइसेंस, बिना हेलमेट और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल-कॉलेजों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी। O Romeo 14वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर छाया, शाहिद कपूर-विशाल भारद्वाज की फिल्म ने कमाए 61.55 करोड़ शहर में लगेंगे ट्रैफिक सिग्नल नगर पालिका को इंदिरा गांधी चौराहा, लहार चुंगी चौराहा, सुभाष तिराहा और भारौली तिराहा पर ट्रैफिक सिग्नल जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और समयसीमा तय कर काम शीघ्र पूरा करने को कहा गया है। GWALIOR FAKE BABA: अंधविश्वास का जाल बिछाकर ठगे 30 हज़ार, बाबा बोले – तुम्हारे बेटे के साथ बुरा होगा! प्रशासन का दावा है कि इन कदमों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगी।  

सावधान! बचपन का असामान्य वजन बढ़ा सकता है युवावस्था में बीमारियों का खतरा, नई स्टडी में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। हर माता पिता अपने बच्चे की लंबाई और वजन को लेकर चिंतित रहते हैं। अक्सर घरों में बच्चे के दुबलेपन या मोटापे को केवल खान पान और खराब लाइफस्टाइल से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन हाल ही में आई एक नई रिसर्च ने इस धारणा को आंशिक रूप से बदल दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों के वजन और बॉडी मास इंडेक्स BMI में होने वाले बदलावों का एक बड़ा हिस्सा उनके जीन्स पर निर्भर करता है। ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित द्वारा की गई इस स्टडी में करीब 6 300 बच्चों और वयस्कों के 66 000 से अधिक BMI मापों का विश्लेषण किया गया। शोध में पाया गया कि 10 वर्ष की आयु तक बच्चे का वजन और 18 वर्ष तक उसकी ग्रोथ की रफ्तार भविष्य में होने वाली बीमारियों का संकेत दे सकती है। यदि बचपन में वजन असामान्य रूप से बढ़ता या घटता है तो आगे चलकर डायबिटीज हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ सकता है। अध्ययन में यह भी सामने आया कि अलग अलग उम्र में अलग जेनेटिक फैक्टर्स सक्रिय होते हैं। यानी छोटे बच्चों के शारीरिक आकार को प्रभावित करने वाले आनुवंशिक कारक किशोरावस्था में असर डालने वाले कारकों से अलग हो सकते हैं। इसका अर्थ यह है कि बचपन में हल्का फुल्का मोटापा हमेशा भविष्य में गंभीर मोटापे का संकेत नहीं होता लेकिन लगातार असामान्य ग्रोथ चिंता का विषय हो सकती है। शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल जीन्स ही जिम्मेदार नहीं हैं। पर्यावरण खान पान शारीरिक गतिविधि और पारिवारिक जीवनशैली भी बच्चे के विकास को प्रभावित करते हैं। यानी जेनेटिक प्रवृत्ति और जीवनशैली मिलकर स्वास्थ्य की दिशा तय करते हैं। यह अध्ययन आंशिक रूप से ब्रिटेन की प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी ऑफ़ ब्रिस्टल के 90 के दशक के बच्चे स्टडी के डेटा पर भी आधारित है जिसे वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य डेटाबेस माना जाता है। इस लंबे समय तक चले अध्ययन ने बच्चों के विकास और भविष्य के स्वास्थ्य जोखिमों को समझने में अहम भूमिका निभाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि किस उम्र में हस्तक्षेप सबसे अधिक प्रभावी हो सकता है। यदि सही समय पर पोषण व्यायाम और स्वास्थ्य निगरानी की जाए तो भविष्य में मोटापे और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। इस स्टडी का संदेश स्पष्ट है बच्चों के वजन को लेकर न तो अनावश्यक घबराहट जरूरी है और न ही लापरवाही। नियमित स्वास्थ्य जांच संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर बचपन से ही बेहतर स्वास्थ्य की नींव रखी जा सकती है।

315 एमवीए ट्रांसफॉर्मर से बदली औद्योगिक तस्वीर, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने सराहा प्रोजेक्ट

इंदौर। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी जीका के एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी एमपी ट्रांसको की जिका द्वितीय योजना के तहत संचालित बिजली परियोजनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। दो सदस्यीय दल में मूल्यांकनकर्ता हिसाए ताकाहाशी और जीका के भारत प्रतिनिधि कुणाल गुप्ता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजनाओं के निर्माण कार्य गुणवत्ता उपयोगिता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान टीम ने पीथमपुर स्थित 400 केवी सबस्टेशन का दौरा किया जहां जीका की सहायता से 315 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। अधिकारियों ने ट्रांसफॉर्मर की तकनीकी विशेषताओं और इसके संचालन से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके साथ ही 132 केवी मंगल्या से दक्षिण जोन इंदौर ट्रांसमिशन लाइन का भी मूल्यांकन किया गया। यह लाइन राज्य के पहले 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन महालक्ष्मी के लिए लाइन इन लाइन आउट व्यवस्था के तहत विकसित की गई है जिससे बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। एमपी ट्रांसको के अधिकारियों ने बताया कि नए ट्रांसफॉर्मर और ट्रांसमिशन लाइन के चालू होने से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थिरता में बड़ा सुधार हुआ है। पहले जहां उद्योगों को वोल्टेज में उतार चढ़ाव और अनियमित सप्लाई की समस्या का सामना करना पड़ता था वहीं अब उन्हें चौबीसों घंटे निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली बिजली मिल रही है। इससे उत्पादन प्रक्रिया अधिक सुचारु हुई है और लागत में भी कमी आई है। मूल्यांकनकर्ता हिसाए ताकाहाशी ने केवल आधिकारिक प्रस्तुतियों तक सीमित न रहते हुए जमीनी हकीकत जानने का निर्णय लिया। उन्होंने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न इकाइयों में काम कर रहे लोगों और उद्योग संचालकों से सीधे बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता विश्वसनीयता और परियोजना के वास्तविक प्रभाव को लेकर फीडबैक लिया ताकि मूल्यांकन व्यावहारिक आधार पर किया जा सके। पीथमपुर धार क्षेत्र में चार संयंत्र संचालित करने वाली अग्रणी पैकेजिंग कंपनी एसआरएफ लिमिटेड ने भी अपने अनुभव साझा किए। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि नए पावर ट्रांसफॉर्मर के संचालन के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह स्थिर हो गई है और उत्पादन में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आ रही है। कंपनी के विधिक प्रमुख ने कहा कि बेहतर बिजली उपलब्धता के कारण अब वे 132 केवी स्तर पर अपना लोड लगभग 15 एमवीए तक बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं जिससे दो नई उत्पादन इकाइयों को समर्थन मिल सकेगा। इस निरीक्षण ने यह स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विकसित बिजली अवसंरचना परियोजनाएं न केवल तकनीकी रूप से सुदृढ़ हैं बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति दे रही हैं। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थिर और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति ने निवेश और उत्पादन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है जिससे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बल मिला है।

BADVANI BUS ACCIDENT : बड़वानी में यात्री बस अनियंत्रित होकर खेत में गिरी, 16 घायल; हादसा CCTV में कैद

  BADVANI BUS ACCIDENT : बड़वानी। खंडवा-बड़ौदा स्टेट हाईवे पर राजपुर के पास एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में जा गिरी। इस हादसे में लगभग 16 यात्री घायल हो गए जिन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल 9 यात्रियों को जिला अस्पताल बड़वानी रेफर किया गया। हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया जिससे बस के सड़क से खेत में उतरने की पूरी घटना सामने आ गई। जानकारी के अनुसार खरगोन से बड़वानी की ओर जा रही अमन ट्रेवल्स की बस अचानक अनियंत्रित हो गई। प्राथमिक जांच में पता चला कि बस का स्टीयरिंग सिस्टम फेल हो गया था जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। बस सड़क से नीचे खेत में उतर गई और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रारंभ किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और सड़क सुरक्षा अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। हादसे के कारण और सुरक्षा उपायों की जांच जारी है। साथ ही यात्रियों और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए हाईवे पर सुरक्षा दिशा-निर्देश और यातायात नियमों को कड़ाई से लागू करने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोग और यात्रियों ने बताया कि बस की अचानक अनियंत्रित स्थिति ने कई लोगों को डराया। हादसे का वीडियो सीसीटीवी में कैद होने से यह स्पष्ट हुआ कि तकनीकी खराबी ही मुख्य वजह थी। हादसे के बाद प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बसों और अन्य भारी वाहन संचालन में नियमित निरीक्षण और रखरखाव आवश्यक है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए बस मालिकों और परिवहन कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। खंडवा-बड़ौदा स्टेट हाईवे पर राजपुर के पास एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में जा गिरी। इस हादसे में लगभग 16 यात्री घायल हो गए जिन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल 9 यात्रियों को जिला अस्पताल बड़वानी रेफर किया गया। हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया जिससे बस के सड़क से खेत में उतरने की पूरी घटना सामने आ गई। जानकारी के अनुसार खरगोन से बड़वानी की ओर जा रही अमन ट्रेवल्स की बस अचानक अनियंत्रित हो गई। प्राथमिक जांच में पता चला कि बस का स्टीयरिंग सिस्टम फेल हो गया था जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। बस सड़क से नीचे खेत में उतर गई और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रारंभ किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और सड़क सुरक्षा अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। हादसे के कारण और सुरक्षा उपायों की जांच जारी है। साथ ही यात्रियों और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए हाईवे पर सुरक्षा दिशा-निर्देश और यातायात नियमों को कड़ाई से लागू करने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोग और यात्रियों ने बताया कि बस की अचानक अनियंत्रित स्थिति ने कई लोगों को डराया। हादसे का वीडियो सीसीटीवी में कैद होने से यह स्पष्ट हुआ कि तकनीकी खराबी ही मुख्य वजह थी। हादसे के बाद प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बसों और अन्य भारी वाहन संचालन में नियमित निरीक्षण और रखरखाव आवश्यक है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए बस मालिकों और परिवहन कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

DELHI AI SUMMIT PROTEST: युथ कांग्रेस नेताओं ने फुंका PM का पुतला; दिल्ली- AI समिट में कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी पर विरोध

YOUTH CONGRESS PROTEST

HIGHLIGHTS: मुरैना में युवक कांग्रेस ने पीएम का पुतला जलाया दिल्ली एआई समिट के दौरान हुई गिरफ्तारी का विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानू की रिहाई की मांग पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों का हवाला देते हुए कार्रवाई पर सवाल DELHI AI SUMMIT PROTEST: मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना में युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि ये प्रदर्शन पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर में किया गया। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में AI समिट के दौरान युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का विरोध जताया। O Romeo 14वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर छाया, शाहिद कपूर-विशाल भारद्वाज की फिल्म ने कमाए 61.55 करोड़ राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी पर नाराजगी युवक कांग्रेस का आरोप है कि 20 फरवरी को दिल्ली में आयोजित AI समिट के विरोध के दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। इसके बाद युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानू को भी उनके घर से गिरफ्तार किया गया। बता दें कि कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब तक उन्हें रिहा नहीं किया गया है, जिससे संगठन में नाराजगी है। मध्य प्रदेश कैलेंडर विवाद: हिरण की तस्वीर पर दिग्विजय सिंह और भाजपा में जुबानी जंग AI समिट के विरोध का मामला प्रदेश पदाधिकारी जसवीर गुर्जर के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा आयोजित AI समिट के दौरान युवक कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे। उनका दावा है कि विरोध के दौरान कोई हिंसा नहीं हुई, इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई की। राजामौली का दावा: ‘वाराणसी’ में बाहुबली से भी ज्यादा भव्य और दमदार सिनेमाई अनुभव लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना सभी का अधिकार है। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष के तहत की गई है। युवक कांग्रेस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओं की शीघ्र रिहाई की मांग की है। पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

होली खेलने से पहले करें त्वचा की सही तैयारी वरना रंग छोड़ सकते हैं जिद्दी दाग

नई दिल्ली/वाराणसी। फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाने वाली रंगभरी एकादशी के अवसर पर शिवनगरी काशी भक्ति और रंगों के अनोखे संगम में डूब जाती है। होली से ठीक चार दिन पहले पड़ने वाला यह पर्व काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को विशेष स्वरूप देता है। मान्यता है कि इस दिन बाबा विश्वनाथ माता पार्वती को उनके मायके से काशी लेकर आते हैं और इसी उपलक्ष्य में पूरा शहर उत्सव में सराबोर हो उठता है। पौराणिक परंपरा के अनुसार रंगभरी एकादशी के दिन भगवान शिव माता गौरा के साथ गौना बारात लेकर काशी पहुंचते हैं। सदियों से चली आ रही इस परंपरा के कारण काशीवासी इस दिन बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती का भव्य स्वागत करते हैं। शहर की गलियों से लेकर प्रमुख मंदिरों तक नमः पार्वती पतये हर हर महादेव के जयकारों की गूंज सुनाई देती है। जहां अन्य स्थानों पर होली की केवल तैयारियां होती हैं वहीं काशी में इस दिन से विधिवत रंगोत्सव की शुरुआत मानी जाती है। भक्त बाबा और माता से अनुमति लेकर गुलाल अबीर और फूलों की वर्षा के साथ होली खेलना आरंभ करते हैं। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में इस अवसर पर विशेष आयोजन होता है। बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती का भव्य डोला निकाला जाता है जो संकरी गलियों से गुजरते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन देता है। पूरा क्षेत्र रंगों और फूलों से भर जाता है। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र के अनुसार मंदिर परिसर में बेरिकेडिंग की जाएगी और स्पर्श दर्शन की व्यवस्था नहीं रहेगी ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस वर्ष एक विशेष आकर्षण मथुरा ब्रज की रास परंपरा का समावेश भी है। ब्रज के रसिया और रंग खेलने वाले कलाकार काशी पहुंचेंगे और यहां रास रचाएंगे जिससे उत्सव का उल्लास और भी बढ़ जाएगा। यह सांस्कृतिक संगम काशी की आध्यात्मिक गरिमा को नए रंगों से सजा देगा। स्थानीय निवासी प्रभुनाथ त्रिपाठी बताते हैं कि काशीवासी देवी देवताओं के साथ मिलकर बाबा और माता के आगमन की खुशी मनाते हैं। यह परंपरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस दिन भक्त रंग अर्पित कर होली खेलने की अनुमति मांगते हैं और मान्यता है कि भगवान शिव माता पार्वती को उनके ससुराल का भ्रमण भी कराते हैं। धार्मिक दृष्टि से रंगभरी एकादशी का विशेष महत्व है। इस दिन शिव पार्वती की पूजा करने से मनचाहा जीवनसाथी मिलने और दांपत्य जीवन में सुख समृद्धि आने की मान्यता है। काशी के छोटे बड़े सभी मंदिरों को सजाया जाता है दीप जलाए जाते हैं और पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से भर उठता है। रंगभरी एकादशी काशी की उस जीवंत परंपरा का प्रतीक है जहां आस्था रंगों से मिलकर अनोखा उत्सव रचती है।

GOVERNMENT JOBS: अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों के लिए बड़ी खुशखबरी, रेलवे में मिलेगा रोजगार और द्वितीय करियर का अवसर

   GOVERNMENT JOBS:  नई दिल्ली। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने वाले जवानों और देश के पहले बैच के अग्निवीरों के लिए खुशखबरी है। सरकार और रेलवे ने मिलकर एक ऐसा सहयोग का ढांचा तैयार किया है जो सैन्य सेवा समाप्त होने के बाद जवानों को नागरिक जीवन में सम्मानजनक और स्थिर रोजगार यानी द्वितीय करियर उपलब्ध कराएगा। रेल मंत्रालय ने अपने नीतिगत ढांचे में बदलाव करते हुए पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए विशेष क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। इसके तहत लेवल 1 के पदों में पूर्व सैनिकों को 20% और पूर्व अग्निवीरों को 10% कोटा मिलेगा। वहीं लेवल 2 और उससे ऊपर के पदों में पूर्व सैनिकों के लिए 10% और पूर्व अग्निवीरों के लिए 5% पद आरक्षित रहेंगे। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 और 2025 की रेलवे भर्ती अधिसूचनाओं में पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए कुल 14 788 पद आरक्षित किए गए हैं। इनमें 6 485 पद लेवल 1 के हैं और 8 303 पद लेवल 2 या उससे ऊपर के श्रेणी के हैं। यह भर्ती रेलवे भर्ती बोर्ड और रेलवे भर्ती केंद्रों के माध्यम से आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं द्वारा की जाएगी। रेलवे की यह पहल विशेष रूप से 2026 बैच के अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें सीधा लाभ मिलेगा। इससे सेना छोड़ने के बाद उनके लिए स्थिर नौकरी का अवसर सुनिश्चित होगा और वे नागरिक जीवन में आत्मनिर्भर बन सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है बल्कि देश के जवानों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत करता है। रेलवे की ओर से यह भी कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और प्रतियोगी परीक्षा आधारित होगी। आरक्षित पदों के तहत चयनित उम्मीदवारों को न केवल स्थिर रोजगार मिलेगा बल्कि वे रेलवे के विभिन्न विभागों में तकनीकी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभाल सकेंगे। इस निर्णय के बाद अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों में उत्साह का माहौल है। कई युवा जवानों ने कहा कि यह न केवल उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करता है बल्कि सेना में सेवा देने के बाद उन्हें नई दिशा और सम्मान भी प्रदान करता है। रेल मंत्रालय और भारतीय सेना की इस साझेदारी का उद्देश्य सैनिकों को सिर्फ सम्मान देना नहीं है बल्कि उन्हें स्थिर और सम्मानजनक जीवनयापन का अवसर देना भी है। इस पहल को देशभर में सेवा के बाद रोजगार की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

UP Employees Salary before Holi: यूपी में सरकारी कर्मचारियों को होली का तोहफा, CM योगी ने फरवरी का वेतन पहले देने का किया ऐलान

UP Employees Salary before Holi:  लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली के पावन अवसर को देखते हुए प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों संविदाकर्मियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि फरवरी माह का वेतन और पेंशन होली से पहले यानी 28 फरवरी तक अनिवार्य रूप से भुगतान कर दिया जाए। इस आदेश का दायरा केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। इसमें आउटसोर्सिंग कर्मी संविदाकर्मी और सफाईकर्मी भी शामिल हैं। वित्त विभाग ने इस संबंध में औपचारिक शासनादेश जारी कर दिया है जिसमें साफ कहा गया है कि किसी भी कर्मचारी के वेतन या पेंशन में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि भुगतान प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होगी। समय पर वेतन वितरण सुनिश्चित करने के लिए आगामी शनिवार को भी कार्यदिवस घोषित किया गया है। यह कदम प्रदेश सरकार की ओर से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को त्योहार से पहले वित्तीय सुरक्षा देने की पहल है। जानकारी के अनुसार यह व्यवस्था लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधे लाभान्वित करेगी। वेतन और पेंशन समय पर मिलने से न केवल कर्मचारियों में उत्साह बढ़ेगा बल्कि होली के त्योहार की तैयारियों में भी मदद मिलेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन की स्थिति में तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम राज्य सरकार की कर्मचारी-केंद्रित नीतियों का हिस्सा है जिसमें सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय स्थिरता और मनोबल बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इससे प्रदेश में सरकारी सेवाओं के सुचारू संचालन को भी बल मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को त्योहार के अवसर पर अतिरिक्त सुविधा मिले और वे अपने परिवार के साथ उत्साहपूर्वक होली मना सकें। इस पहल को लेकर कर्मचारियों में प्रसन्नता का माहौल देखा जा रहा है।

O Romeo: 14वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर छाया, शाहिद कपूर-विशाल भारद्वाज की फिल्म ने कमाए 61.55 करोड़

O Romeo:  नई दिल्ली। शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की नई फिल्म ‘ओ रोमियो’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। 13 फरवरी को रिलीज हुई इस फिल्म में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी लीड रोल में हैं और दोनों पहली बार स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। भोपाल में 27 क्विंटल मावा जब्त: टोल प्लाजा पर खाद्य सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई, मिलावट की आशंका रिलीज के पहले दिन फिल्म ने 8.5 करोड़ रुपये की कमाई से शुरुआत की थी और वीकेंड के दौरान रफ्तार बढ़ती रही। बुधवार और गुरुवार को 1.25 करोड़ की कमाई के साथ 14वें दिन तक फिल्म की कुल कमाई 61.55 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। बॉक्स ऑफिस पर इसे रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’, सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ और शनाया कपूर की ‘तू या मैं’ जैसी फिल्मों का मुकाबला भी मिला। फिल्म में नाना पाटेकर, अविनाश मिश्रा, फरीदा जलाल, दिशा पाटनी और तमन्ना भाटिया जैसे कलाकारों ने भी अहम भूमिका निभाई है। यह शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की चौथी फिल्म है, इससे पहले दोनों ने ‘कमीने’, ‘हैदर’ और ‘रंगून’ में साथ काम किया था। आईएमडीबी रेटिंग 6.4 के साथ फिल्म ने दर्शकों को अपनी कहानी और प्रदर्शन से मंत्रमुग्ध कर दिया है। कुल मिलाकर, ‘ओ रोमियो’ ने अपने दमदार कंटेंट, स्टार कास्ट और शानदार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के साथ 2027 की सबसे चर्चित फिल्मों में अपना नाम दर्ज कर लिया है।