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ग्वालियर में हर्बल गुलाल की बढ़ती मांग, त्वचा और स्वास्थ्य बनी प्राथमिकता..

ग्वालियर में होली का त्योहार अब सिर्फ चटख रंग और हुड़दंग तक सीमित नहीं रह गया है। शहर के लोग अब अपनी सेहत और त्वचा के प्रति अधिक जागरूक हो गए हैं। इस जागरूकता के चलते इस बार बाजार में केमिकल वाले पक्के रंगों की जगह हर्बल और आर्गेनिक गुलाल ने ले ली है। हाट बाजार में हर्बल गुलाल की मांग में तेजी देखी जा रही है। दुकानदारों ने भी प्राकृतिक रंगों का भारी स्टॉक जमा कर लिया है। पिछले कुछ वर्षों के अनुभवों ने लोगों को सतर्क कर दिया है। पक्के रंगों में मौजूद कांच के कण, लेड और अन्य खतरनाक केमिकल्स त्वचा में जलन, आंखों में समस्या और सांस की बीमारियों का कारण बनते रहे हैं। शहर के त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि होली के बाद क्लीनिकों में आने वाले मरीजों की संख्या पहले बढ़ जाती थी, लेकिन अब लोग खुद ही सतर्क हो रहे हैं और हर्बल गुलाल का इस्तेमाल कर रहे हैं। ठिकाना शहर के फूलबाग के पास हाट बाजार में इस बार विशेष हर्बल कार्नर सजाए गए हैं। यहां स्थानीय स्वयं सहायता समूह और कारीगरों द्वारा तैयार किए गए रंग उपलब्ध हैं। रंग बनाने में गेंदे के फूल, चुकंदर, पालक और हल्दी का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा चंदन और गुलाब की खुशबू वाले गुलाल की डिमांड सबसे अधिक है। ये गुलाल चेहरे पर लगने के बाद भी सौम्य रहते हैं और त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाते। 27 फरवरी यानी शुक्रवार से हाट बाजार में होली पर स्पेशल मेला आयोजित किया जा रहा है। इसमें महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार हर्बल रंग और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। विनीत गुप्ता, डीपीएम, जिला पंचायत ने बताया कि मेले में प्राकृतिक रूप से तैयार किए गए गुलाल और रंग खरीदारों को उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे होली खेलने पर स्किन को नुकसान नहीं पहुंचे। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में हर्बल के नाम पर नकली रंग भी मिल सकते हैं। असली हर्बल गुलाल पहचानने का तरीका सरल है। इसे हाथों पर लगाने पर हल्का महसूस होना चाहिए। इसकी महक तेज या चुभने वाली नहीं होनी चाहिए। पानी से हाथ धोने पर यह आसानी से निकल जाता है और कोई दाग नहीं छोड़ता। इस तरह से लोग नकली और असली हर्बल रंग में अंतर कर सकते हैं। इस वर्ष ग्वालियर में होली का त्योहार न केवल रंगों से बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ नजर आ रहा है। लोगों की जागरूकता और स्थानीय कारीगरों की भागीदारी से यह पर्व अब पूरी तरह से सुरक्षित और प्राकृतिक तरीके से मनाया जा सकेगा।

ग्वालियर व्यापार मेला में टूटा 100 साल का रिकॉर्ड: 38 दिन में 32,787 वाहन पंजीकृत, कारों ने बाइक को पछाड़ा

नई दिल्ली। ग्वालियर व्यापार मेला इस बार 100 साल के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए ऑटोमोबाइल सेक्टर में नया इतिहास रच गया है। 38 दिनों तक चलने वाले मेले में कुल 32,787 वाहनों का पंजीयन हुआ, जिनमें 17,736 कारें और 15,051 दोपहिया वाहन शामिल थे। पांच साल पहले जहां कारों की बिक्री करीब 7,500 थी, अब यह संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई, जो शहर की बढ़ती क्रय शक्ति और चार पहिया वाहनों की ओर रुझान को दर्शाती है। मेले के दौरान रोड टैक्स में 50% तक की छूट, आसान फाइनेंस सुविधा और ऑन-द-स्पॉट पंजीयन जैसे ऑफर्स ने ग्राहकों को आकर्षित किया। अंतिम दिन तक 1,351 वाहनों का पंजीयन हुआ, जिससे बिक्री में निरंतर उत्साह बना रहा। हालांकि 50 लाख से 2 करोड़ रुपए तक की लग्जरी कारों की बिक्री में गिरावट देखी गई, केवल 62 कारें बिकीं। आरटीओ विक्रमजीत सिंह कंग ने बताया कि लोगों ने दोपहिया की बजाय चार पहिया वाहनों पर अधिक ध्यान दिया। वाहन डीलरों और फाइनेंस कंपनियों में रिकॉर्ड बिक्री से उत्साह देखा गया है और कोविड काल के बाद बाजार में आई सुस्ती अब पूरी तरह समाप्त होती नजर आ रही है। कुल मिलाकर, ग्वालियर व्यापार मेला ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए ऐतिहासिक और आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी का संकेत बन गया है। कीवर्ड (कॉमा से अलग):ग्वालियर व्यापार मेला, रिकॉर्ड पंजीयन, 32,787 वाहन, कार बिक्री, दोपहिया वाहन, ऑटोमोबाइल सेक्टर, रोड टैक्स छूट, आसान फाइनेंस, ऑन-द-स्पॉट पंजीयन, लग्जरी कार, बाजार उत्साह, कोविड के बाद बाजार, आरटीओ विक्रमजीत सिंह कंग, आर्थिक गतिविधियां, वाहन डीलर, वाहन बिक्री, अंतिम दिन बिक्री, ग्वालियर, व्यापार मेले का इतिहास

दीपिंदर गोयल का नया वेंचर Temple: एलीट एथलीट्स के लिए भर्ती की अनोखी शर्त

नई दिल्ली। जोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल ने अपने नए वेंचर Temple के लिए 12 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। यह स्टार्टअप न्यूरोटेक की दुनिया में कदम रख रहा है और एलीट एथलीट्स के लिए एक क्रांतिकारी ‘हेड-वॉर्न’ वियरेबल डिवाइस विकसित कर रहा है। यह डिवाइस नियर-इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए दिमाग की गतिविधियों और ब्लड फ्लो को ट्रैक करेगा, जिससे एथलीट्स के प्रदर्शन और स्वास्थ्य को नए स्तर पर मापा जा सकेगा। गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए 12 विशिष्ट इंजीनियरिंग और न्यूरोसाइंस पदों पर भर्ती की जानकारी साझा की। इन पदों पर सालाना 10 लाख से लेकर 45 लाख रुपये या उससे अधिक का पैकेज मिलने की संभावना है। शुरुआती स्तर के इंजीनियरों से लेकर वरिष्ठ वैज्ञानिकों तक के लिए अवसर उपलब्ध हैं। हालांकि इस भर्ती की सबसे विवादित और चर्चित शर्त इसकी ‘फिटनेस अनिवार्यता’ है। चूंकि Temple का फोकस एथलीट्स के लिए उत्पाद विकसित करना है, इसलिए गोयल चाहते हैं कि उनकी टीम के सदस्य भी खुद एथलीट हों। इसके तहत पुरुष आवेदकों का बॉडी फैट प्रतिशत 16% से कम और महिलाओं का 26% से कम होना आवश्यक है। इस अनोखी शर्त ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा और प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से स्टार्टअप को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ वास्तविक एथलीट अनुभव भी मिलेगा। टीम के सदस्य खुद फिट और सक्रिय होने के कारण उत्पाद के डिजाइन और परीक्षण में बेहतर योगदान दे सकेंगे। हालांकि कुछ लोगों ने इस फिटनेस मानक को लेकर विवाद भी उठाया है और इसे प्रतिभा चयन में बाधा मान रहे हैं। Temple का यह प्रोजेक्ट एथलीट्स के प्रदर्शन और स्वास्थ्य पर आधारित डेटा-संचालित समाधान प्रदान करेगा। इस वियरेबल डिवाइस से खिलाड़ियों के दिमाग और शरीर की गतिविधियों का वास्तविक समय ट्रैकिंग संभव होगी। दीपिंदर गोयल का यह नया प्रयोग स्टार्टअप और न्यूरोटेक जगत में काफी उम्मीदों और उत्सुकता के साथ देखा जा रहा है। Temple स्टार्टअप में 12 पदों पर खुली भर्ती ने तकनीकी और वैज्ञानिक समुदाय के बीच हलचल मचा दी है। एथलीट-केंद्रित फिटनेस शर्त ने इसे अलग और ध्यान आकर्षित करने वाला अवसर बना दिया है। साथ ही, यह दिखाता है कि भविष्य के स्टार्टअप न केवल तकनीकी दक्षता बल्कि वास्तविक अनुभव और स्वास्थ्य मानकों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।

भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता खानचंद सिंह का कैंसर से निधन

नई दिल्ली। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के दौरान भारतीय क्रिकेट जगत से एक भावुक खबर सामने आई है। भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार 27 फरवरी 2026 तड़के निधन हो गया। वह लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। परिवार के सूत्रों ने उनके निधन की पुष्टि की है। 58 वर्षीय खानचंद सिंह पिछले काफी समय से गंभीर रूप से बीमार थे। अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. सुनील कुमार के अनुसार उनकी तबीयत हाल के दिनों में काफी बिगड़ गई थी और 21 फरवरी से उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। शुक्रवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली। पिता की गंभीर हालत की सूचना मिलने पर रिंकू सिंह को टी20 विश्व कप बीच में छोड़कर लौटना पड़ा था। हालांकि 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले वह चेन्नई में टीम से दोबारा जुड़ गए थे लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। रिंकू सिंह के पूर्व कोच मसूद अमिनी ने अलीगढ़ से मीडिया को बताया कि खानचंद सिंह पिछले कुछ समय से लिवर कैंसर से संघर्ष कर रहे थे और अंतिम दिनों में उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। गौरतलब है कि अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के रहने वाले रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता की अहम भूमिका रही। खानचंद सिंह गैस सिलेंडर आपूर्ति का काम करते थे और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने परिवार का पालन-पोषण किया। शुरुआत में वह बेटे के क्रिकेट खेलने के पक्ष में नहीं थे लेकिन जब रिंकू को शानदार प्रदर्शन पर मोटरसाइकिल इनाम में मिली तो उन्होंने बेटे का पूरा समर्थन करना शुरू कर दिया। बाद में उन्होंने तमाम अभावों के बावजूद रिंकू के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग दिया। परिवार के अनुसार खानचंद सिंह का अंतिम संस्कार अलीगढ़ में किया जाएगा। रिंकू सिंह भी अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए चेन्नई से लौट रहे हैं। आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में 1 मार्च को कोलकाता में भारत का मुकाबला वेस्टइंडीज से होना है जो टीम इंडिया के लिए करो या मरो जैसा अहम मैच माना जा रहा है। वेस्टइंडीज को हराने पर भारत सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। हालांकि पिता के निधन के चलते इस मुकाबले में भी रिंकू सिंह की उपलब्धता को लेकर संशय बना हुआ है।

आबकारी नीति केस: केजरीवाल-सिसोदिया को मिली राहत पर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी सीबीआई

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को निचली अदालत द्वारा आरोपमुक्त किए जाने के फैसले को चुनौती देने का निर्णय लिया है। एजेंसी इस आदेश के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील दायर करेगी। यह कदम राउज एवेन्यू कोर्ट के उस फैसले के बाद उठाया गया है जिसमें केजरीवाल सिसोदिया सहित 21 अन्य आरोपियों को आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में आरोपों से मुक्त कर दिया गया था। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने चार्जशीट में नामित किसी भी आरोपी के विरुद्ध आरोप तय करने से इनकार कर दिया था। सीबीआई के प्रवक्ता का कहना है कि निचली अदालत ने जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया। इसी आधार पर एजेंसी ने उच्च न्यायालय में अपील करने का फैसला लिया है। अदालत ने अपने आदेश में टिप्पणी की थी कि सीबीआई ने वरिष्ठ नेताओं को बिना किसी ठोस सामग्री के आरोपी बनाया। न्यायालय ने आरोपपत्र में कई खामियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि सिसोदिया के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता। साथ ही केजरीवाल को भी पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में इस प्रकरण में शामिल किया गया। अदालत ने जांच प्रक्रिया में कमियों को लेकर एजेंसी को फटकार भी लगाई। फैसले के बाद केजरीवाल ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए इसे उनकी पार्टी को कमजोर करने की राजनीतिक साजिश बताया। वहीं सिसोदिया ने कहा कि अदालत का निर्णय संविधान और कानून के शासन में उनके विश्वास को मजबूत करता है।

सोने-चांदी के दामों में जोरदार उछाल, निवेशकों की मांग बढ़ी.

नई दिल्ली। शुक्रवार सुबह घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। Multi Commodity Exchange यानी MCX पर सोने के भाव 500 रुपये से अधिक बढ़ गए और चांदी के भाव में 9,000 रुपये से भी अधिक की उछाल दर्ज की गई। सुबह के शुरुआती कारोबार में अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 525 रुपये बढ़कर 1,60,234 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इसी तरह मई डिलीवरी वाली चांदी में 9,547 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के बाद भाव 2,77,500 रुपये तक जा पहुंचा। हालांकि दिन के मध्य में थोड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में तेजी की लहर मजबूत बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की इस तेजी के पीछे वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक तनाव मुख्य कारण हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ को लेकर निवेशकों की चिंताएं और वैश्विक बाजार में सॉलिडिटी की तलाश ने कीमती धातुओं में मांग बढ़ा दी है। निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते हुए सोने-चांदी को प्राथमिकता दे रहे हैं। विशेष रूप से चांदी की कीमत में इतनी तेज बढ़ोतरी देखी गई है कि यह फिर से 2.75 लाख रुपये प्रति किलो के पार चली गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता रहा तो यह रुझान आगे भी जारी रह सकता है। सोने में निवेशकों की मजबूत रुचि के कारण एमसीएक्स पर सोने के कारोबार में भी जोरदार तेजी बनी रही। इस तेजी का असर सिर्फ निवेशकों तक सीमित नहीं रहा बल्कि ज्वेलरी मार्केट और स्थानीय सोने-चांदी व्यापारियों के भाव में भी असर दिखा। व्यापारियों ने कहा कि खरीदारी में तेजी के चलते कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विशेषकर त्योहार और शादी के सीजन में सोने-चांदी की कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी आम लोगों के बजट को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञ यह भी सलाह दे रहे हैं कि निवेशक भावों में अचानक उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर निवेश करें। हालांकि सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोना और चांदी हमेशा आकर्षक रहे हैं, लेकिन मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के कारण उतार-चढ़ाव अधिक देखने को मिल रहा है। इस बीच, घरेलू वायदा बाजार में एमसीएक्स के आंकड़े बताते हैं कि सोना और चांदी में तेजी की शुरुआत सुबह के शुरुआती कारोबार से ही हुई थी और निवेशकों ने इसी लहर का फायदा उठाया। अप्रैल डिलीवरी वाले सोने का भाव लगातार बढ़कर 1,60,234 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया जबकि मई डिलीवरी वाली चांदी ने 2,77,500 रुपये प्रति किलो का स्तर छू लिया। वैश्विक निवेशकों की नजरों में बढ़ते तनाव और टैरिफ अस्थिरता ने सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश का प्रमुख साधन बना दिया है। इसलिए घरेलू बाजार में भी तेजी की यह लहर मजबूत बनी हुई है। निवेशक और व्यापारी इस उछाल का लाभ उठाने की रणनीति बना रहे हैं।

भोपाल में हाईवोल्टेज ड्रामा: ई-रिक्शा रोकने पर पत्नी ने निगली चूहामार दवा, बेकाबू पति ने पुलिस की बाइकें तोड़ीं!

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार दोपहर उस वक्त कोहराम मच गया जब एक ई-रिक्शा चालक की पत्नी ने पुलिस की कथित बदसलूकी से तंग आकर सरेराह जहर खा लिया। घटना पुराने पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे की है जहाँ नवल कुशवाह नामक युवक अपनी पत्नी पूजा के साथ जा रहा था। आरोप है कि वहां तैनात दो पुलिसकर्मियों ने सिग्नल तोड़ने का हवाला देते हुए रिक्शा रोका और नवल के साथ अभद्रता की। विवाद इतना बढ़ा कि पुलिसकर्मियों ने जब थाने चलने की धमकी दी तो घबराहट और गुस्से में आकर पूजा ने अपने पर्स में रखी चूहामार दवा निगल ली। पत्नी की बिगड़ती हालत देख नवल का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने बीच सड़क पर रिक्शा खड़ा कर जाम लगा दिया और उन पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ा। हालात बिगड़ते देख दोनों जवान अपनी जान बचाकर पुराने कंट्रोल रूम के भीतर जा छिपे। बदहवास नवल ने वहीं ट्रैफिक चौकी के बाहर खड़ी पुलिस की बाइकों को पलट दिया और उनमें तोड़फोड़ शुरू कर दी। करीब 10 मिनट तक चले इस ड्रामे के दौरान पूजा रिक्शे में तड़पती रही” लेकिन नवल अड़ा रहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मी बाहर नहीं आते” वह अस्पताल नहीं जाएगा। अंततः” साथी पुलिसकर्मियों की समझाइश के बाद वह पत्नी को लेकर जेपी अस्पताल रवाना हुआ” जहाँ उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हालांकि” पुलिस प्रशासन का दावा है कि विवाद के बाद घर जाकर दंपति में झगड़ा हुआ और जहर घर पर खाया गया” जो कि घटनाक्रम को नया मोड़ दे रहा है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश के ही धार जिले से भी प्रशासन पर जनता के आक्रोश की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ एक चूना पत्थर खदान के सर्वे के लिए पहुँची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और तहसीलदार सहित पुलिस की गाड़ियों पर पत्थरों की बारिश कर दी। नौ थानों की पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीणों ने सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और तहसीलदार की गाड़ी पलटने की कोशिश की। पत्थरबाजी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं” जो सरकारी अमले और आम जनता के बीच बढ़ते टकराव की गवाह दे रहे हैं।

मध्यप्रदेश में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की पहल: कांग्रेस विधायक ने निजी सदस्य विधेयक के जरिए सालाना 15 लाख तक इलाज की पेशकश

मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस विधायक और पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने एक ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने ‘सार्वभौम निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा’ के लिए निजी सदस्य विधेयक पेश किया, जिसमें प्रदेश के हर नागरिक को सालाना 15 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य कवरेज देने का प्रस्ताव रखा गया है। विधेयक के अनुसार इस कवरेज का लाभ सभी वर्गों और आय समूहों को मिलेगा। केवल वे लोग बाहर रहेंगे जिनके पास पहले से बेहतर हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध है। गंभीर बीमारियों जैसे किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी सर्जरी के लिए कवरेज को बढ़ाकर 25 लाख रुपए किया गया है। विधायक डॉ. सिंह ने सदन में कहा कि वर्तमान आयुष्मान योजना का दायरा सीमित है और 5 लाख रुपए की राशि गंभीर बीमारियों के लिए अपर्याप्त है। उन्होंने पंजाब सरकार का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 10 लाख तक का यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज लागू किया गया है। मध्यप्रदेश की बड़ी आबादी के हिसाब से इस योजना पर सालाना 8 से 9 हजार करोड़ रुपए खर्च आएंगे। डॉ. सिंह ने सरकार से आग्रह किया कि जनता की जान बचाने और मुफ्त इलाज देने के लिए अगर कर्ज लेना पड़े तो वह इसका विरोध नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को राजनीति और वोट के फंडे से ऊपर उठाकर आम नागरिक का अनिवार्य अधिकार बनाना चाहिए। विधायक ने सवाल उठाया कि जब आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को सेवाकाल और रिटायरमेंट के बाद भी शत-प्रतिशत मुफ्त इलाज मिलता है, तो आम जनता के साथ भेदभाव क्यों? उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे को याद दिलाते हुए कहा कि स्वास्थ्य में समानता होनी चाहिए। सदन में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि लाड़ली बहन योजना से भी परिवारों को स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभ मिलता है। इसके जवाब में डॉ. सिंह ने कहा कि 1500 रुपये की राशि बड़े ऑपरेशन के खर्च के सामने नगण्य है। निजी सदस्य विधेयक ऐसे अवसरों में आता है जब कोई विधायक स्वयं कानून बनाने का प्रस्ताव रखता है। डॉ. सिंह ने इसे विधानसभा में अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी बताया और सरकार से इसे गंभीरता से लेने का आग्रह किया। अब यह देखना बाकी है कि क्या सरकार इस पहल को स्वीकार कर मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य क्रांति की दिशा में कदम बढ़ाती है।

COACHING TEACHER SCAMMED: ग्वालियर में साइबर ठगी का नया मामला: मोबाइल हैक कर कोचिंग संचालक से 2.50 लाख की चोरी

CYBER CRIMES

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में कोचिंग संचालक से 2.50 लाख की साइबर ठगी 20 से 22 फरवरी के बीच देर रात हुए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन मोबाइल पर बैंक मैसेज अपने आप डिलीट होने का आरोप 1930 हेल्पलाइन और थाने में दर्ज कराई शिकायत ठग ने फोन कर गाली-गलौज की, पुलिस जांच जारी COACHING TEACHER SCAMMED: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। यहां अज्ञात ठग ने एक कोचिंग संचालक का मोबाइल कथित रूप से हैक कर उसके बैंक खाते से करीब 2.50 लाख रुपये निकाल लिए। बताया जा रहा है कि पीड़ित दीपक शर्मा विजयनगर आमखो क्षेत्र के निवासी हैं। SMA टाइप-2 से ग्रसित 3 साल की बच्ची के इलाज के लिए क्राउड फंडिंग में जुटी जनता, 9 करोड़ का महंगा इंजेक्शन बाकी देर रात किए गए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन जानकारी के अनुसार, ठग ने 20 फरवरी को 10 हजार रुपये, 21 फरवरी को 50 हजार रुपये और 22 फरवरी को 99,999 रुपये ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए खाते से निकाल लिए। बता दें कि सभी लेनदेन देर रात के समय किए गए। पीड़ित का कहना है कि उनके मोबाइल पर आने वाले बैंक मैसेज अपने आप डिलीट हो रहे थे, जिससे उन्हें समय पर ठगी का अंदाजा नहीं लगा। ग्वालियर: मसालों के बीच छिपाकर रखा 1 लाख की अवैध शराब, आरोपी और भतीजे की तलाश जारी खाते को तुरंत कराया ब्लॉक जब खाते से रकम कटने का पता चला तो दीपक शर्मा ने तुरंत बैंक से संपर्क कर खाता ब्लॉक करवाया। साथ ही साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद वे कंपू थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी। MP: लाड़ली बहना योजना से 5.77 लाख बहनों के नाम कटने पर विधानसभा में हंगामा एसएसपी तक पहुंचा मामला कार्रवाई में देरी होने पर पीड़ित ने गुरुवार को एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव से मुलाकात की। एसएसपी ने कंपू थाना प्रभारी को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ग्वालियर में कोचिंग संचालक के खाते से उड़ाए 2.50 लाख रुपये मोबाइल हैक कर, ठग ने फोन पर की गाली-गलौज ठग ने किया फोन, दी धमकी हैरानी की बात यह है कि ठगी के बाद आरोपी ने खुद पीड़ित को फोन किया और कहा कि खाते में अभी 3 लाख रुपये बाकी हैं, लेकिन खाता ब्लॉक होने से वह निकाल नहीं पाया। जब पीड़ित ने पैसे लौटाने की बात कही तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए फोन काट दिया। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है और साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश की जा रही है।

MP: लाड़ली बहना योजना से 5.77 लाख बहनों के नाम कटने पर विधानसभा में हंगामा

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को लेकर फिर से जोरदार बहस हुई। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि योजना से लगातार बहनों के नाम कट रहे हैं और नए पंजीकरण की कोई व्यवस्था नहीं है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने सदन में लिखित उत्तर देते हुए जानकारी दी कि योजना में कुल पंजीकृत बहनों की संख्या 1 करोड़ 31 लाख 6 हजार 525 से घटकर अब 1 करोड़ 25 लाख 29 हजार 51 रह गई है। इसका मतलब यह है कि 5 लाख 77 हजार 474 बहनों के नाम कट चुके हैं। मंत्री ने नाम कटने के मुख्य कारण भी बताए। इनमें प्रमुख हैं: लाभार्थी की आयु 60 साल पूरी होना निधन और अन्य अपात्रताएं। उन्होंने कहा कि 60 साल पार करने पर 1.51 लाख से ज्यादा महिलाएं योजना की पात्रता खो चुकी हैं। महेश परमार ने आरोप लगाया कि नाम कटने की प्रक्रिया लगातार जारी है और नए पंजीकरण बंद हैं। उन्होंने कहा कि 60 साल की उम्र पूरी होने पर योजना की राशि बंद हो जाती है और अन्य पेंशन में केवल 600 रुपये मिलते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बजट में राशि बढ़ाकर 3 000 रुपये करने का कोई प्रावधान नहीं किया गया। इस हंगामे के बीच मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया नियमों के अनुसार की जा रही है और पात्रता समाप्त होने वाले लाभार्थियों को अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में लाभ दिया जाता है। लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। हालांकि नाम कटने और नए पंजीकरण में खामी को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। यह मामला राज्य की महिला कल्याण नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर नए सिरे से बहस का विषय बन गया है।