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ग्वालियर: मसालों के बीच छिपाकर रखा 1 लाख की अवैध शराब, आरोपी और भतीजे की तलाश जारी

ग्वालियर के फालका बाजार स्थित रामा अपार्टमेंट में गुरुवार दोपहर इंदरगंज पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 पेटी अवैध देसी शराब जब्त की है। यह शराब होली के त्योहार पर बेचने के लिए जमा की गई थी। पुलिस ने इस मामले में 42 वर्षीय रूप किशोर गुप्ता को गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से डबरा का निवासी है और पिछले डेढ़ महीने से ग्वालियर में किराए के फ्लैट में रहकर मसाले बेचने का कारोबार कर रहा था। मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी के फ्लैट नंबर 61 पर छापा मारा। तलाशी के दौरान कमरे में रखे मसालों के बीच छिपाकर रखी गई 21 पेटी शराब बरामद हुई। पुलिस के अनुसार जब्त शराब की अनुमानित कीमत 1 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। इंदरगंज थाना सर्किल के सीएसपी Robin Jain ने बताया कि पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और शराब के स्रोत और इसे सप्लाई करने वाले अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह शराब उसके भतीजे Raj Gupta की है, जिसने इसे उसके फ्लैट पर रख दिया था। पुलिस अब राज की तलाश में भी जुट गई है। पुलिस ने कहा कि मसालों के कारोबार के नाम पर अवैध शराब रखना और त्योहार के मौके पर बिक्री करना गंभीर मामला है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ना और शराब के सप्लाई नेटवर्क को खत्म करना प्राथमिकता है। इस कार्रवाई से ग्वालियर में होली के त्योहार पर अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी संदिग्ध शराब बिक्री या भंडारण की जानकारी पाएं तो तुरंत पुलिस को सूचित करें

ग्वालियर में कोचिंग संचालक के खाते से उड़ाए 2.50 लाख रुपये मोबाइल हैक कर, ठग ने फोन पर की गाली-गलौज

ग्वालियर में एक कोचिंग संचालक के साथ मोबाइल हैक कर ठगी का मामला सामने आया है। विजयनगर आमखो निवासी दीपक शर्मा के बैंक खाते से अज्ञात ठग ने कुल 2.50 लाख रुपये निकाल लिए। घटना के मुताबिक 20 फरवरी को 10 हजार रुपये 21 फरवरी को 50 हजार और 22 फरवरी को 99 हजार 999 रुपये खाते से निकाले गए। ये सभी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन देर रात किए गए। दीपक शर्मा ने बताया कि उनके मोबाइल से ट्रांजैक्शन के मैसेज अपने आप डिलीट हो रहे थे। ठगी का पता चलते ही दीपक ने तुरंत अपने बैंक को फोन कर खाता ब्लॉक करवाया और कंपू थाने के ऑनलाइन पोर्टल 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद वे थाने पहुंचे और शिकायत लिखित रूप में भी दर्ज कराई। हालाँकि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर दीपक शर्मा ने गुरुवार को एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव से संपर्क किया। एसएसपी ने कंपू थाना प्रभारी को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मामले में चौंकाने वाली बात यह रही कि ठगी के बाद अज्ञात ठग ने दीपक शर्मा को फोन कर बताया कि उनके खाते में अब केवल 3 लाख रुपये बचे हैं। हालांकि यह रकम ठग द्वारा नहीं निकाली जा सकी क्योंकि दीपक ने खाता पहले ही ब्लॉक करवा दिया था। जब दीपक ने अपने बचे पैसे लौटाने की मांग की, तो ठग भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए फोन काट दिया। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल सुरक्षा की जांच के साथ-साथ ठग का पता लगाने के लिए सभी संभावित सुराग जुटाए जा रहे हैं। इस घटना से नागरिकों के बीच मोबाइल और बैंक सुरक्षा को लेकर चेतना बढ़ने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। दीपक शर्मा का कहना है कि इस तरह की ठगी किसी के साथ भी हो सकती है इसलिए सभी लोगों को अपने मोबाइल और बैंक ऐप्स की सुरक्षा बढ़ाने की सलाह दी जाती है। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि अगर किसी को भी संदेहजनक ट्रांजैक्शन दिखाई दे तो तुरंत बैंक और पुलिस से संपर्क करें।इस घटना ने शहर के कोचिंग संचालकों और आम नागरिकों में सतर्कता बढ़ा दी है और डिजिटल सुरक्षा के महत्व को दोबारा से सामने लाया है।

एमपी सरकार के कैलेंडर में इम्पाला फोटो विवाद, दिग्विजय सिंह बोले- भारत में नहीं मिलता यह हिरण

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश सरकार के सरकारी कैलेंडर में छपी हिरण की तस्वीर ने सियासी तूफ़ान खड़ा कर दिया है।उन्होंने सवाल उठाया कि शासकीय प्रकाशनों में चित्रों का चयन सोच-समझकर क्यों नहीं किया गया। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि प्रदेश की वन संपदा बहुत समृद्ध है और बावजूद इसके गलत चित्र का चयन किया गया, जिससे वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन के स्तर पर चिंता है। कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि प्रशासन इतना निरंकुश हो गया है कि उसे यह भी पता नहीं कि सरकारी प्रकाशनों में क्या छाप रहा है। वहीं, कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने इसे हास्यास्पद बताते हुए कहा कि भारत में शेर, चीते और अन्य वन्य जीव हैं, जिनकी फोटो कैलेंडर में लगाई जा सकती थी। कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस केवल नकारात्मक राजनीति कर रही है। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष ऊषा अग्रवाल ने भी ट्वीट किया कि कांग्रेस और दिग्विजय सिंह भ्रम फैलाने की आदत छोड़ें। इस विवाद ने सरकार के सरकारी प्रकाशनों की विश्वसनीयता और चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इस पर क्या स्पष्टीकरण देती है और भविष्य में चित्र चयन की प्रक्रिया में बदलाव करती है या नहीं।

कांग्रेस विधायक ने विधानसभा में पेश किया निजी विधेयक, हर नागरिक को सालाना 15 लाख तक मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा का प्रस्ताव

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में वरिष्ठ कांग्रेस विधायक और पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘सार्वभौम निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा’ पर एक निजी सदस्य विधेयक पेश किया। इस विधेयक के जरिए उन्होंने प्रदेश के हर नागरिक को, चाहे वह किसी भी वर्ग या आय समूह का हो, सालाना 15 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का अधिकार देने की मांग की है। गंभीर बीमारियों जैसे किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट के लिए कवरेज बढ़ाकर 25 लाख रुपए करने का भी प्रस्ताव रखा गया। डॉ. सिंह ने सदन में कहा कि वर्तमान आयुष्मान योजना का दायरा सीमित है और इसकी 5 लाख की सीमा गंभीर बीमारियों के लिए पर्याप्त नहीं। उन्होंने कहा कि जैसे आईएएस-आईपीएस अधिकारियों को जीवनभर मुफ्त इलाज मिलता है, वैसे ही आम जनता को भी समान स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा, “सबसे बड़ा सुख निरोगी काया है।” डॉ. सिंह ने सरकार से आग्रह किया कि अगर जरूरत पड़े तो कर्ज लेकर भी यह सुविधा लागू की जाए और जनता को इसका लाभ मिले। सदन में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने लाड़ली बहन योजना के उदाहरण के जरिए बात रखी, लेकिन डॉ. सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि 1500 रुपए की राशि बड़े ऑपरेशन के खर्च के सामने नगण्य है। उन्होंने स्वास्थ्य को राजनीति और वोट बैंक से ऊपर उठाकर एक अनिवार्य अधिकार बनाने की बात कही। इस पहल से मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य क्रांति की दिशा में संभावित कदम की शुरुआत हो सकती है।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: एआई और लैंगिक सशक्तिकरण पर केसबुक जारी

नई दिल्ली। 17 फरवरी 2026 को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में एआई और लैंगिक सशक्तिकरण पर केंद्रित केसबुक का विमोचन किया गया। यह पहल इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और यूएन वीमेन की संयुक्त पहल है जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इसका समर्थन किया। इस केसबुक में ग्लोबल साउथ के 23 चुनिंदा एआई समाधानों को शामिल किया गया है जो महिलाओं और लड़कियों के सशक्तिकरण में ठोस प्रभाव दिखाते हैं। विमोचन समारोह में इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस. कृष्णन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक और यूएन वीमेन की एशिया पैसिफिक क्षेत्रीय निदेशक सुश्री क्रिस्टीन अरब उपस्थित थीं। इस केसबुक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता भी मिली। 20 फरवरी को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने जनएआई एक्सपो में यूएन वीमेन के स्टॉल का दौरा किया। इस अवसर पर महासचिव ने वी एसटीईएम परियोजना के तहत ग्रामीण युवाओं को एसटीईएम करियर में प्रशिक्षित करने वाली महिलाओं से बातचीत की। यह परियोजना मध्य प्रदेश गुजरात और महाराष्ट्र की सरकारों यूरोपीय संघ माइक्रोन नोकिया और हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन के सहयोग से संचालित की जा रही है। महिलाओं ने बताया कि वे एआई का उपयोग करके नए कौशल सीख रही हैं शिक्षा को अधिक सुलभ बना रही हैं और रोजगार के अवसर तलाश रही हैं। केसबुक की एक प्रति यूएन वीमेन की एआई कंट्री रिप्रेजेंटेटिव कांता सिंह ने महासचिव को भेंट की। अवर महासचिव और प्रौद्योगिकी मामलों पर महासचिव के दूत अमनदीप सिंह गिल भी उपस्थित थे। यह केसबुक 50 से अधिक देशों से प्राप्त 233 आवेदनों में से चयनित 23 एआई समाधानों को शामिल करती है। चयन प्रक्रिया बहु स्तरीय मूल्यांकन पर आधारित थी जिसमें उपयोगिता लैंगिक प्रभाव और साक्ष्य आधारित परिणामों को परखा गया। इसमें स्वास्थ्य आर्थिक सशक्तिकरण डिजिटल सुरक्षा जलवायु लचीलापन न्याय शिक्षा और नीति निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। केसबुक नीति निर्माताओं शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी विकासकर्ताओं के लिए व्यापक ज्ञान संसाधन के रूप में कार्य करती है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि एआई सिस्टम नैतिक समावेशी और महिलाओं की वास्तविकताओं के प्रति उत्तरदायी हों। यह प्रकाशन भारत के लोकतांत्रिक एआई प्रसार दृष्टिकोण और इंडियाएआई मिशन के लिंग संवेदनशील सिद्धांतों को भी सुदृढ़ करता है। इस पहल में भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों की प्रभावी साझेदारी दिखाई देती है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने रणनीतिक दिशा प्रदान की यूएन वीमेन ने वैश्विक समन्वय और तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने लैंगिक संवेदनशीलता सुनिश्चित की। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी के बीच हुआ। इसका उद्देश्य जिम्मेदार समावेशी और प्रभावशाली एआई को प्रोत्साहित करना था जिससे भारत वैश्विक एआई शासन ढांचे के सह निर्माता के रूप में स्थापित हो सके।

कांग्रेस विधायक ने विधानसभा में किया शीर्षासन, हर्ष फायरिंग FIR पर जताया विरोध, सदन से वॉकआउट

नई दिल्ली। शिवपुरी के कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने विधानसभा के बजट सत्र में हर्ष फायरिंग पर दर्ज FIR के विरोध में शीर्षासन प्रदर्शन किया। यह घटना उस समय हुई जब उन्होंने दावा किया कि शिवरात्रि पर शिव बारात के दौरान यज्ञ और बारात कार्यक्रम में भगवान की खुशी में की गई हर्ष फायरिंग को लेकर उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर अपना विरोध जताया। जंडेल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सिर्फ यज्ञ के दौरान एक “चढ़ीमार” फायर किया था और यह किसी भी तरह की हिंसा या उग्रवादी गतिविधि नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ अक्सर झूठे केस दर्ज किए जाते हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने कई मामलों में उन्हें बरी किया है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने सदन में मुख्यमंत्री के संरक्षण में अवैध कॉलोनियों के निर्माण और बिल्डरों की गतिविधियों पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि राज्य में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण अवैध निर्माण बढ़ रहा है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि तीन महीने के भीतर सख्त कानून लागू किया जाएगा और अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाई जाएगी। सदन में अन्य कांग्रेस विधायकों ने भी विभिन्न मुद्दे उठाए। डिंडोरी के ओमकार सिंह मरकाम ने धान खरीदी सर्वर की समस्या, खातेगांव के आशीष शर्मा ने किसानों के खिलाफ झूठे मुकदमे, राजगढ़ के अमर सिंह यादव ने भूमिहीन और गरीबों के पट्टे व धारणाधिकार, नर्मदापुरम के डॉ. सीताशरण शर्मा ने अतिथि विद्वानों के मानदेय, मुरैना के दिनेश गुर्जर ने भू संसाधन प्रबंधन विभाग में जूनियर डाटा एंट्री ऑपरेटर्स की अटैचमेंट समस्या, जौरा के पंकज उपाध्याय ने EV नीति और पीएम ई-ड्राइव के क्रियान्वयन में गड़बड़ी, नागदा-खाचरोद के डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान ने सड़क दुर्घटनाओं में मौतें, भितरवार के मोहन सिंह राठौर ने राजस्व अभिलेखों में सुधार और पोहरी के कैलाश कुशवाह ने खाद और यूरिया-डीएपी कीमतों में बढ़ोतरी के मुद्दे सदन में उठाए। इस तरह कांग्रेस विधायकों ने सदन में न सिर्फ हर्ष फायरिंग FIR का विरोध किया बल्कि किसानों, प्रशासनिक और नागरिक मामलों सहित प्रदेश में हो रहे अन्य विवादों पर भी ध्यानाकर्षण कराया। प्रदर्शन और वॉकआउट के माध्यम से उन्होंने अपनी असंतुष्टि और जनता के मुद्दों को प्रमुखता दी।

मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र सफर होगा आसान होली पर इंदौर खड़की स्पेशल ट्रेन तैयार

रतलाम। होली के त्योहार पर हर साल की तरह इस बार भी ट्रेनों में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। मंडल ने Indore से Khadki के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। गाड़ी नंबर 09324 और 09323 इंदौर खड़की इंदौर स्पेशल ट्रेन विशेष किराए पर संचालित की जाएगी जिससे मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिल सके। रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार यह ट्रेन विशेष रूप से होली के दौरान बढ़ने वाली अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चलाई जा रही है। त्योहार के समय बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटते हैं या कामकाज के सिलसिले में दूसरे शहरों की यात्रा करते हैं ऐसे में यह स्पेशल सेवा यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। ट्रेन में एसी टू टियर एसी थ्री टियर स्लीपर क्लास और जनरल सेकेंड क्लास के कोच लगाए जाएंगे ताकि हर वर्ग के यात्रियों को सुविधा मिल सके। यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी। इंदौर से रवाना होकर यह देवास उज्जैन नागदा रतलाम गोधरा वडोदरा सूरत वलसाड वापी वसई रोड भिवंडी रोड कल्याण और लोनावाला होते हुए खड़की पहुंचेगी। इससे न केवल इंदौर और खड़की के बीच यात्रा आसान होगी बल्कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच रेल कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। गाड़ी नंबर 09324 इंदौर खड़की स्पेशल 4 मार्च से 25 मार्च 2026 तक प्रत्येक बुधवार को इंदौर से दोपहर 11 बजकर 15 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन तड़के 2 बजकर 50 मिनट पर खड़की पहुंचेगी। मार्ग में देवास पर 11 बजकर 50 मिनट से 11 बजकर 52 मिनट उज्जैन पर 12 बजकर 40 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट नागदा पर 13 बजकर 57 मिनट से 14 बजे तक और रतलाम पर 14 बजकर 35 मिनट से 14 बजकर 40 मिनट तक ठहराव रहेगा। वहीं गाड़ी नंबर 09323 खड़की इंदौर स्पेशल 5 मार्च से 26 मार्च 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को सुबह 4 बजकर 40 मिनट पर खड़की से रवाना होगी और उसी दिन रात 11 बजकर 55 मिनट पर इंदौर पहुंचेगी। वापसी में रतलाम पर 20 बजकर 30 मिनट से 20 बजकर 35 मिनट नागदा पर 21 बजकर 10 मिनट से 21 बजकर 15 मिनट उज्जैन पर 22 बजकर 5 मिनट से 22 बजकर 7 मिनट और देवास पर 23 बजे से 23 बजकर 2 मिनट तक ठहराव निर्धारित किया गया है। इस ट्रेन की बुकिंग 27 फरवरी 2026 से सभी पीआरएस काउंटरों और आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर शुरू होगी। रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि यह विशेष सेवा होली के दौरान यात्रियों को कन्फर्म टिकट पाने में मदद करेगी और त्योहार का सफर अधिक सुगम बनाएगी। कुल मिलाकर यह पहल त्योहार के मौके पर यात्रियों के लिए बड़ी राहत और सुविधाजनक विकल्प साबित होगी।

समलैंगिकता ! इस देश में खुलेआम किस करने पर दो महिलाएं गिरफ्तार

कंपाला। दुनिया में आज भी कई ऐसे देश हैं, जिनमें समलैंगिकता को जघन्य अपराध माना जाता है। अफ्रीकी देश युगांडा भी उन्हीं देशों में से एक है। यहां पर दो युवा महिलाओं को खुले आम प्यार का इजहार करना महंगा पड़ गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, दोनों महिलाओं को किस करते हुए देखा गया, चूंकि यह देश के कानून के खिलाफ है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के बयान के मुताबिक एक महिला की उम्र करीब 22 साल है, जबकि दूसरी की उम्र करीब 21 साल है। दोनों को देश के अरुआ शहर से गिरफ्तार किया गया है, जहां पर वह खुले आम किस करने और असामान्य कृत्यों में संलिप्त थीं, जिन्हें यौन प्रकृति का माना जाता है। आपको बता दें, युगांडा में वर्ष 2023 में एंटी होमोसेक्सुएलिटी एक्ट लागू किया गया है। देश की सरकार द्वारा लागू किए गए इस कानून का पश्चिमी देशों ने भरपूर विरोध किया था लेकिन यहां की सरकार सबसे कठोर एलजीबीटीक्यू विरोधी कानून लागू करने पर लगी हुई है। इस कानून के तहत समलैंगिक संबंध रखने वाले लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी जा सकती है, जबकि गंभीर मामलों में मृत्युदंड का भी प्रावधान है। बार-बार पकड़े जाने पर मृत्युदंड का प्रावधानसमलैंगिक संबंधों को लेकर युगांड़ा का कानून सबसे ज्यादा कठोर है। 2023 में पारित किए गए कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति बार-बार समलैंगिक संबंध बनाते पकड़ा जाता है, या ऐसा समलैंगिक संबंध जिससे लाइलाज बीमारी फैलती हो, नाबालिग, बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति के साथ समलैंगिक संबंध बनाने पर व्यक्ति को मृत्युदंड दिया जा सकता है। गौरतलब है कि युगांडा पूर्वी अफ्रीका का एक रूढ़िवादी और मुख्यतः ईसाई बहुल देश है। इस कानून के कारण मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में व्यापक आक्रोश फैल गया था और संयुक्त राष्ट्र तथा पश्चिमी देशों ने इसकी निंदा की थी। विश्व बैंक ने देश को दी जाने वाली वित्तीय सहायता निलंबित कर दी थी, हालांकि 2025 के मध्य में इसे फिर से बहाल कर दिया गया। इस महीने की शुरुआत में, एक युगांडा अदालत ने “गंभीर समलैंगिकता” श्रेणी के तहत आरोपित पहले व्यक्ति के खिलाफ मामला खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि लंबी न्यायिक हिरासत के कारण उसकी मानसिक स्थिति अस्थिर हो गई थी।