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KERALA TO KERALAM:केरल अब केरलम: जानिए नाम बदलने पीछे किसका था आइडिया, ये है पूरी कहानी

  KERALA TO KERALAM: नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने हाल ही में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केरल राज्य का नाम बदलकर आधिकारिक तौर पर केरलम करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही अब सरकारी दस्तावेजों रिपोर्टों और आम बोलचाल में राज्य को उसके पारंपरिक और भाषाई रूप में पहचान मिलेगी। नाम बदलने का आइडिया और सूत्रधार इस बदलाव के सबसे बड़े सूत्रधार के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री और केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का नाम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार चंद्रशेखर ने कुछ महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य का नाम बदलकर केरलम करने का आग्रह किया था। कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद उन्होंने न केवल खुद इस नए नाम का इस्तेमाल शुरू कर दिया है बल्कि दूसरों को भी केरल की जगह केरलम कहने के लिए टोकते और सही करते हैं। चंद्रशेखर का तर्क है कि केरलम शब्द राज्य की मलयाली पहचान संस्कृति और इतिहास को अधिक सटीक रूप से दर्शाता है। उनका कहना है कि यह केवल नाम का बदलाव नहीं है बल्कि क्षेत्रीय गौरव को सम्मान देने का प्रयास है। रेल मंत्री के कार्यक्रम में केरलम का जश्न कैबिनेट के इस फैसले का असर दिल्ली के गलियारों में भी दिखा। गुरुवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे सुधारों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की लेकिन वहां का सबका ध्यान केरलम लंच ने खींचा। अधिकारियों और मीडियाकर्मियों के लिए केरलम की पारंपरिक रसोई सजाई गई थी। दोपहर के भोजन में अप्पम इडियप्पम वेजिटेबल स्टू और लाल चावल के साथ केरल शैली का वरथु अर्चा सांभर और रसम परोसा गया। इसके अलावा मेन्यू में थोर्न एरीसेरी पापड़म दही और तीन तरह के अचार भी शामिल थे। क्यों बदला गया नाम राज्य का नाम बदलने की मांग लंबे समय से लंबित थी। मलयालम भाषा में राज्य को हमेशा से केरलम कहा जाता रहा है जबकि अंग्रेजी और हिंदी में इसे केरल के रूप में जाना जाता था। संविधान की पहली अनुसूची में बदलाव के जरिए अब इसे हर भाषा में केरलम के रूप में स्थापित किया जा रहा है। नाम बदलने की इस प्रक्रिया को सांस्कृतिक पुनरुद्धार के रूप में देखा जा रहा है। राजीव चंद्रशेखर जैसे नेताओं का मानना है कि यह कदम मलयाली गौरव को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान देगा। अब केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद आने वाले समय में सभी आधिकारिक संचार और महत्वपूर्ण मील के पत्थरों पर यह बदलाव नजर आएगा।

INDIAN SUBMARINE ANJDEEP: दुश्मन की पनडुब्बियों का शिकारी ‘अंजदीप’ नौसेना में शामिल, बढ़ी समुद्री ताकत

INDIAN SUBMARINE ANJDEEP: नई दिल्ली। भारतीय नौसेना की ताकत में शुक्रवार को बड़ा इजाफा हुआ जब स्वदेशी रूप से निर्मित पनडुब्बी रोधी उथले जल का युद्धपोत ‘अंजदीप’ औपचारिक रूप से बेड़े में शामिल किया गया। चेन्नई के ऐतिहासिक कोरोमंडल तट पर आयोजित समारोह में नौसेना प्रमुख दिनेश के त्रिपाठी ने इसे गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक पोत का शामिल होना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की समुद्री शक्ति का प्रतीक है। ‘डॉल्फिन हंटर’ की खासियत: पनडुब्बी ढूंढे, पीछा करे और करे निष्क्रिय ‘अंजदीप’ को खास तौर पर दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नाकाम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे ‘डॉल्फिन हंटर’ की भूमिका के लिए तैयार किया गया है। इसमें अत्याधुनिक स्वदेशी पनडुब्बी रोधी हथियार और सेंसर पैकेज लगे हैं। पोत में हल माउंटेड सोनार ‘अभय’ भी लगाया गया है, जो समुद्र की गहराइयों में छिपे खतरों को पहचानने में सक्षम है। इसके अलावा यह हल्के टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी रॉकेटों से लैस है। 77 मीटर लंबा यह युद्धपोत उच्च गति वाली वाटर-जेट प्रोपल्शन प्रणाली से सुसज्जित है, जो इसे 25 समुद्री मील की अधिकतम गति प्रदान करती है। तेज प्रतिक्रिया और तटीय इलाकों में फुर्तीले संचालन के लिए इसे खास तौर पर तैयार किया गया है। पनडुब्बी रोधी भूमिका के अलावा यह तटीय निगरानी, कम तीव्रता वाले समुद्री अभियान तथा खोज एवं बचाव कार्यों में भी सक्षम है। 2026 तक 15 और पोत, 2035 तक 200+ का लक्ष्य नौसेना प्रमुख ने बताया कि वर्ष 2026 तक लगभग 15 और युद्धपोत शामिल किए जाने की योजना है, जो अब तक की सर्वाधिक सम्मिलन दर होगी। वर्ष 2035 तक भारतीय नौसेना को 200 से अधिक पोतों वाली ताकत बनाना लक्ष्य है। वर्तमान में 50 से अधिक पोत भारतीय शिपयार्डों में निर्माणाधीन हैं। 2047 तक पूर्णतः आत्मनिर्भर नौसैनिक शक्ति बनने का विजन रखा गया है। ऐतिहासिक विरासत और रणनीतिक संदेश ‘अंजदीप’ का नाम उस द्वीप पर रखा गया है जिसने 1961 में गोवा मुक्ति अभियान के दौरान निर्णायक भूमिका निभाई थी। यह अपने पूर्ववर्ती पेट्या श्रेणी के युद्धपोत का उत्तराधिकारी है, जिसने 1972 से 2003 तक राष्ट्र की सेवा की। उल्लेखनीय है कि दिनेश के त्रिपाठी स्वयं 1986-87 में इसी श्रेणी के पोत पर सब-लेफ्टिनेंट के रूप में तैनात रह चुके हैं। नौसेना प्रमुख ने हिंद महासागर क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि प्रतिवर्ष लगभग 1.2 लाख जहाज यहां से गुजरते हैं, जो विश्व के दो-तिहाई तेल परिवहन और आधे कंटेनर यातायात का वहन करते हैं। लाल सागर और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया तनाव ने समुद्री मार्गों की संवेदनशीलता को उजागर किया है। अक्टूबर 2023 से लाल सागर में भारतीय नौसेना की तैनाती ने करीब 400 व्यापारी जहाजों को सुरक्षित पारगमन सुनिश्चित किया, जिनमें 16.5 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक तेल और अन्य माल शामिल था।

Middle East Tensions: ट्रंप ने यूक्रेन और ईरान वार्ता की कमान अपने दामाद और दोस्त के हाथों में सौंपी

   Middle East Tensions:  वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दामाद जेरेड कुश्नर और पुराने मित्र स्टीव विटकॉफ को दुनिया के दो सबसे बड़े संकटों यूक्रेन युद्ध और ईरान के तनाव को संभालने की जिम्मेदारी दी है। गुरुवार को दोनों ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में अलग-अलग बैठकों में इन मुद्दों पर चर्चा की। जिनेवा में व्यस्त कूटनीतिक दौरा कुश्नर और विटकॉफ ने अपने जिनेवा दौरे की शुरुआत ओमान के राजदूत के आवास से की जहां उन्होंने ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की। इसका उद्देश्य तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर एक समझौते पर मुहर लगाना और अमेरिका तथा इजरायल द्वारा संभावित हमलों को रोकना था। इसके कुछ ही घंटों बाद दोनों ने इंटरकॉन्टिनेंटल होटल में यूक्रेनी अधिकारियों से बैठक की। रूसी आक्रमण अब अपने पांचवें वर्ष में है इसलिए यह वार्ता बेहद अहम मानी जा रही थी। इसके बाद फोर सीजन्स होटल में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मंजिलों पर मुलाकात की गई। शाम तक दोनों फिर से ओमान के राजदूत के आवास लौटे और गुरुवार देर रात अमेरिका के लिए रवाना हुए। गाजा शांति समझौते में भूमिका कुश्नर और विटकॉफ की जिम्मेदारी केवल यूरोप या ईरान तक सीमित नहीं है। एक सप्ताह से भी कम समय पहले उन्होंने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की उद्घाटन बैठक में हिस्सा लिया था। यह संस्था गाजा पट्टी में हमास और इजरायल के बीच युद्धविराम सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। ट्रंप की कूटनीतिक रणनीति ट्रंप की यह कवायद उनकी कूटनीतिक रणनीति को साफ दर्शाती है। वे अमेरिकी सरकार के पारंपरिक तंत्र पर भरोसा करने की बजाय अपनी सबसे अहम प्राथमिकताओं के लिए भरोसेमंद सहयोगियों दामाद और मित्र पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों की चिंता और वाइट हाउस का बचाव कई विशेषज्ञों ने कहा है कि तीन बड़े और जटिल मुद्दों को केवल दो लोग संभालना चुनौतीपूर्ण है। ‘कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस’ के वरिष्ठ फेलो आरोन डेविड मिलर ने कहा कि हर वार्ता स्वयं में कई जटिल विवरणों का महासागर है। वहीं वाइट हाउस के एक अधिकारी ने इनका बचाव करते हुए कहा कि कुश्नर और विटकॉफ का सफलता का ट्रैक रिकॉर्ड और समय प्रबंधन उन्हें इन जिम्मेदारियों के लिए सक्षम बनाता है। दोनों को नियमित रूप से खुफिया ब्रीफिंग भी दी जाती है। व्यावसायिक हितों पर उठ रहे सवाल दोनों के बड़े व्यावसायिक हितों के कारण उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जेरेड कुश्नर की निवेश फर्म ‘एफिनिटी पार्टनर्स’ अरबों डॉलर का प्रबंधन करती है जिसमें कतर के सॉवरेन वेल्थ फंड का पैसा शामिल है। स्टीव विटकॉफ की क्रिप्टो फर्म ‘वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल’ में हिस्सेदारी है जो अबू धाबी सरकार से जुड़े फंड्स के साथ मध्य पूर्व में सौदे कर रही है। इसके अलावा विटकॉफ और रूस के वार्ताकार किरिल दिमित्रीव ने युद्ध के बाद आर्थिक समझौतों पर चर्चा की। रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने कहा कि ये अच्छे व्यापारी हो सकते हैं लेकिन सीनेट की मंजूरी या सरकारी निगरानी के अधीन नहीं हैं। यूक्रेन का नजरिया यूक्रेन ने कुश्नर और विटकॉफ की भागीदारी का स्वागत किया है। मार्च की शुरुआत में रूसी अधिकारियों के साथ अगली त्रिपक्षीय चर्चा की उम्मीद है जिससे राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की और व्लादिमीर पुतिन की बैठक का रास्ता साफ हो सके। अमेरिका में यूक्रेन की राजदूत ओल्गा स्टेफनिशिना ने कहा कि सीधे राष्ट्रपति ट्रंप से संपर्क होने की वजह से वे दोनों उनके लिए उपयोगी हैं। हालांकि ट्रंप के पहले कार्यकाल में यूक्रेन वार्ता के विशेष दूत रहे कर्ट वोल्कर ने माना कि सीधा संपर्क सकारात्मक है लेकिन कुश्नर और विटकॉफ को इन मुद्दों की पूरी गहन समझ नहीं है।

Clean Drinking Water: बुरहानपुर जल प्रदाय परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान

   Clean Drinking Water: भोपाल । राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्‍ली के अशोका होटल में आयोजित भव्‍य गरिमामय कार्यक्रम बिल्ड इंडिया इंफ्रा अवॉर्ड्स 2026 में मध्यप्रदेश नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी की बुरहानपुर जल प्रदाय परियोजना को प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है गौरतलब है की यह अवार्ड सोशल इंपैक्ट एक्सीलेंस ऑफ द ईयर की श्रेणी में दिया गया है। यह परियोजना बुरहानपुर शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित की गई है और विश्व बैंक के सहयोग से विकसित की गई प्रमुख शहरी अवसंरचना योजनाओं में शामिल है। केन्द्रीय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की विशेष उपस्थिति में जल शक्ति मंत्री सी आर पाटील द्वारा यह पुरस्कार दिया गया,इस अवसर पर केन्‍द्रीय पत्तन ,पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंदा सोनोबाल केन्द्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के पूर्व सचिव डी एस मिश्रा और मध्यप्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त वरिष्‍ठ आईएएस राघव चंद्रा भी मौजूद रहे। कम्पनी के प्रबंध संचालक संकेत भोंडवे और अतिरिक्त प्रबंध संचालक दिव्यांक सिंह इस उपलब्धि पर कम्पनी को बधाई दी है। एमपीयूडीसी की ओर से मुख्य अभियंता शैलेन्द्र शुक्ला के साथ तकनीकी अधिकारी कमलेश भटनागर ने यह सम्मान ग्रहण किया। गौरतलब है कि बुरहानपुर जल प्रदाय परियोजना के तहत एनीकट इंटेकवेल और 50 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक जलशोधन संयंत्र स्थापित किया गया है। जल शोधन संयंत्र में पानी को फिल्ट्रेशन क्लोरीनेशन और अन्य वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से शुद्ध किया जाता है जिससे यह न केवल सुरक्षित बल्कि स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बन जाता है। पानी को वैज्ञानिक पद्धति से शुद्ध कर स्काडा प्रणाली के माध्यम से गुणवत्ता और आपूर्ति की निरंतर निगरानी की जाती है। पानी की क्वालिटी की रोज़ाना मॉनिटरिंग के लिए डब्ल्यूटीपी में एक हाई-लेवल वॉटर टेस्टिंग लैब भी लगाई गई है। शुद्ध जल को 8 नए ओवरहेड टैंकों और मजबूत पाइप नेटवर्क से शहर के प्रत्येक हिस्से तक पहुंचाया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पुराने और क्षतिग्रस्त पाइपों को हटाकर नया वितरण नेटवर्क बिछाया गया है तथा लगभग 41,000 घरों में मीटरयुक्त नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे लीकेज पर नियंत्रण हुआ है जल के अपव्यय में कमी आई है और जल वितरण व्यवस्था अधिक सुचारु बनी है। वर्तमान में नगरवासियों को प्रति व्यक्ति लगभग 135 लीटर शुद्ध पेयजल प्रतिदिन मिल रहा है जिससे नियमित और समान जलापूर्ति सुनिश्चित हो रही है। मुख्य अभियंता शैलेन्द्र शुक्ला ने बताया कि परियोजना के माध्यम से शहर में दीर्घकालिक जल उपलब्धता सुनिश्चित करने वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने तथा नागरिकों को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया गया है। आधुनिक तकनीक बेहतर प्रबंधन और प्रभावी क्रियान्वयन के कारण इस योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। यह उपलब्धि मध्य प्रदेश में शहरी आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हो रहे नवाचार प्रभावी परियोजना प्रबंधन और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बुरहानपुर जल प्रदाय परियोजना को मिला यह सम्मान राज्य की जल प्रबंधन पहलों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

CELEBRITY ARREST UPDATE: डायरेक्टर अनीश के किडनैपिंग और मारपीट मामले में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोग गिरफ्तार

CELEBRITY ARREST UPDATE: नई दिल्ली। कन्नड़ फिल्म डायरेक्टर के साथ हुई किडनैपिंग और मारपीट की घटना में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अदुगोडी पुलिस स्टेशन में किडनैपिंग, हमला, जबरन वसूली जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में पुलिस ने यह कार्रवाई की है। कौन हैं अनीश इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मारपीट और किडनैपिंग का शिकार हुए डायरेक्टर का नाम अनीश है और वह मॉडलिंग व कास्टिंग एजेंसी भी चलाते हैं। क्या हुआ अनीश के साथ अनीश, जीवनदा भाषा फिल्म डायरेक्ट कर रहे थे और 9 फरवरी को बेंगलुरु में थे। इसी दौरान उनसे बताया गया कि एक व्यक्ति उनकी कार को खरीदना चाहता है। इसके बाद उन्हें इस बहाने से शहर से दूर ले जाया गया। यहां पर अचानक कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया और फाइनेंस मामले से जुड़ी उनकी पहले की शिकायत को वापस लेने के लिए दबाव डालने लग गए। विवाद एक फिल्म में इन्वेस्टमेंट को लेकर था। आरोपियों ने कथित तौर पर डायरेक्टर के सोने के गहने भी लूट लिए और कई बार हमला किया। इसके बाद एटीएम से जबरदस्ती पैसे निकलवाए गए और फिर अस्पताल में एडमिट करवाया गया। पुराना है मामला पुलिस को जांच के दौरान यह शक था कि किसी जान पहचान वाले ने ही इन्हें बुलाया था। पुलिस ने सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायत में बताया गया है कि साल 2024 में अनीश की पहचान आशी उर्फ आशीर्वाद से हुई। आशीर्वाद ने उससे ढाई लाख रुपये उधार लिए हुए थे। जब अनीश ने अपने पैसों की डिमांड की तो उसने मना कर दिया और धमकी दी। यह मामला पुलिस थाने तक पहुंचा। ऐश्वर्या कैसे इन्वॉल्व हुईं इसी दौरान, अनीश अपनी कार को बेचना चाहते थे। ऐश्वर्या से इस बारे में जब संपर्क हुआ तो उसने एक दोस्त शाहिद को खरीदार बताते हुए उससे मिलवाया। फिर 8 फरवरी को अनीश बेंगलुरु पहुंचे और जहां वह अन्य लोगों से मिले। अनीश को बताया गया कि वह डेढ़ लाख रुपये शाहिद के भाई के घर से रिसीव कर लें। जब वह उस जगह पर पहुंचे तो घर अंदर से बंद कर लिया और फिर उन पर हमला किया गया।

Abhishek Sharma innings: युवराज का दांव सफल! अभिषेक ने बल्ले से दिया करारा जवाब

 Abhishek Sharma innings: नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दमदार जीत दर्ज की, लेकिन इस मुकाबले की सबसे बड़ी कहानी रहे युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा। टूर्नामेंट में लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे अभिषेक ने ठीक उसी वक्त शानदार अर्धशतक जड़कर आलोचकों को जवाब दिया, जब उन पर सवाल उठने लगे थे। उनकी इस पारी के बाद पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर और मेंटर माने जाने वाले युवराज सिंह ने खास अंदाज में उनकी हौसला अफजाई की। युवराज ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “सबसे अच्छी बातचीत तब होती है जब आप बल्ले को ही सारी बातें करने देते हैं। अच्छी पारी, सर अभिषेक, कोशिश करते रहो।” खराब फॉर्म से शानदार वापसी तक का सफर अभिषेक के लिए यह विश्व कप अब तक आसान नहीं रहा था। ग्रुप स्टेज के तीन मुकाबलों में वह लगातार शून्य पर आउट हुए थे। सुपर-8 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी वह महज 15 रन ही बना सके। उनकी खराब फॉर्म के चलते टीम इंडिया को हर मैच में कमजोर शुरुआत मिल रही थी और प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि टीम मैनेजमेंट ने धैर्य दिखाया और उन पर भरोसा कायम रखा। जिम्बाब्वे के खिलाफ मौका मिलने पर अभिषेक ने इस विश्वास को सही साबित किया। संजू सैमसन के साथ पारी की शुरुआत करते हुए उन्होंने शुरुआत में संयम बरता और फिर लय मिलते ही आक्रामक अंदाज अपनाया। 30 गेंदों में बदली मैच की तस्वीर बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने सिर्फ 30 गेंदों में 55 रन ठोक दिए, जिसमें 4 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। उनकी तेज पारी की बदौलत भारत ने 4 विकेट पर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 184 रन पर सिमट गई और भारत ने 72 रन से मुकाबला अपने नाम किया। यह अर्धशतक सिर्फ आंकड़ा नहीं था, बल्कि आत्मविश्वास की वापसी का प्रतीक था। लंबे समय बाद अभिषेक अपने स्वाभाविक खेल में नजर आए और टीम को वह शुरुआत दिलाई, जिसकी जरूरत थी। वेस्टइंडीज मुकाबले से पहले राहत जिम्बाब्वे के खिलाफ इस प्रदर्शन से टीम इंडिया को सुपर-8 के आखिरी मुकाबले से पहले बड़ी राहत मिली है। अब सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि क्या अभिषेक अपनी इस लय को बरकरार रख पाते हैं। युवराज की सीख साफ है-बल्ला बोलेगा, तो जवाब अपने आप मिल जाएगा।

MP WEATHER: मध्य प्रदेश में अप्रैल जैसी गर्मी, तापमान 35°C पार, रात में भी उतार-चढ़ाव जारी

  MP WEATHER: भोपाल । आंधी बारिश और ओले का दौर थमते ही मध्य प्रदेश में अप्रैल जैसी गर्मी छा गई है। गुरुवार को कई शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री से ऊपर पहुंच गया जबकि रात का तापमान 17 डिग्री तक ही रहा। कुछ जिलों में ठंड का असर भी देखा गया। मौसम विभाग ने बताया कि 2 मार्च से वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर प्रदेश में भी महसूस हो सकता है। उत्तरी जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं देश के पश्चिमी हिस्से में तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं लेकिन उनका असर फिलहाल मध्य प्रदेश पर नहीं पड़ा है। पूर्वोत्तर भारत में समुद्र तल से 12.6 किमी ऊँचाई पर जेट स्ट्रीम हवाओं की रफ्तार लगभग 176 किमी/घंटा है। इसका असर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में देखने को मिल रहा है। इसके चलते पारा कई जगह 30 डिग्री के नीचे है जबकि भोपाल इंदौर उज्जैन और जबलपुर संभाग के जिलों में 30-34 डिग्री के बीच ही तापमान दर्ज किया गया। गुरुवार को खंडवा और खरगोन में तापमान 35.2 डिग्री तक पहुंचा। अन्य शहरों में तापमान इस प्रकार रहा: भोपाल 32°C इंदौर 33.1°C ग्वालियर 32.6°C उज्जैन 33°C और जबलपुर 31.9°C। प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में दिन का पारा 30 डिग्री से ऊपर रहा। रात का तापमान भी अलग-अलग जिलों में उतार-चढ़ाव दिखा। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 8.8°C शहडोल के कल्याणपुर में 9.4°C और पचमढ़ी में 9.8°C रहा। भोपाल में रात का पारा 15°C इंदौर 14.6°C ग्वालियर 14.5°C उज्जैन 14.5°C और जबलपुर 14.6°C दर्ज किया गया। धार में सबसे गर्म रात 17.7°C रही। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 24-25 फरवरी को प्रदेश के 20 जिलों में तेज आंधी-बारिश और कुछ स्थानों पर ओले गिरने से मौसम बिगड़ा। इससे गेहूं और चने की फसलों पर असर पड़ा। शुक्रवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है और कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 2 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है जिसका असर प्रदेश में देखने को मिल सकता है। फिलहाल पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है।

GWALIOR CAR FIR : ग्वालियर में बेखौफ बदमाशों का कहर, नशा मुक्ति केंद्र के बाहर खड़ी कार को फूंका, CCTV में कैद हुई वारदात

GWALIOR CAR FIRE

HIGHLIGHTS:   रात करीब 4 बजे हुई आगजनी की घटना तीन बाइक सवार बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम तलवार से तोड़फोड़ के बाद कार में लगाई आग पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया GWALIOR CAR FIR : मध्यप्रदेश। ग्वालियर में नशा मुक्ति केंद्र के बाहर खड़ी एक कार को तीन अज्ञात बदमाशों ने आग के हवाले कर दिया। बता दें कि यह घटना बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 4 बजे गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के पटरी रोड पर हुई। पूरी वारदात पास में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। बगैर SIM के नहीं चलेगा WhatsApp… 1 मार्च से लागू होगा सरकार का ये नया नियम CCTV फुटेज में दिखी पूरी साजिश जानकारी के अनुसार, 22 वर्षीय अनुग्रह तिवारी रचना नगर का रहने वाला है, सूचना के मुताबिक अनुग्रह की ओरा कार पटरी रोड पर नशा मुक्ति केंद्र के बाहर खड़ी थी। तभी तीन बाइक सवार युवक मौके पर पहुंचते और पहले तलवार से कार में तोड़फोड़ की, इसके बाद पेट्रोल डालकर आग लगा दी। क्वार्टर फाइनल की तरह होगा Ind vs WI मैच, बारिश में धुला तो जानिए किसे मिलेगा सेमीफाइनल का टिकट? कुछ ही मिनटों में जलकर राख हुई कार आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते पूरी कार जलकर खाक हो गई। घटना के समय अनुग्रह तिवारी अपने परिवार के साथ शहर से बाहर गए हुए थे। पड़ोसी ने फोन पर उन्हें घटना की सूचना दी। इसके बाद वे लौटे और थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। US में F-35 का रिटायर्ड पायलट गिरफ्तार, चीनी सैन्य पायलटों को गुप्त प्रशिक्षण देने का आरोप पुलिस ने दर्ज किया मामला, तलाश जारी पुलिस ने शिकायत और CCTV फुटेज के आधार पर तीनों अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम सक्रिय है। देखें घटना का पूरा वीडियो…

NEW WHATSAPP RULE: बगैर SIM के नहीं चलेगा WhatsApp… 1 मार्च से लागू होगा सरकार का ये नया नियम

NEW WHATSAPP RULE:  नई दिल्ली। अगर आप वाट्सएप (WhatsApp) यूजर हैं, तो यह खबर आपके काम की है। दरअसल केंद्र सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि SIM-Binding नियम में कोई बदलाव या ढील नहीं दी जाएगी। यह नियम WhatsApp, Telegram, Signal मैसेजिंग ऐप्स लागू होते हैं, और इसका लक्ष्य डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाना है। यानी 1 मार्च से यह नियम लागू रहेगा और कंपनियों को इसे मानना ही होगा। सरकार के अनुसार, इन ऐप्स को एक्टिव SIM कार्ड से लगातार जुड़े रहना होगा, जिससे यह कन्फर्म किया जा सके कि व्हाट्सऐप उपयोग होने वाला नंबर असली और एक्टिव है। अगर SIM हटाई जाती है या इनएक्टिव होती है, तो ऐप की सेवाएं उस डिवाइस पर काम नहीं करेंगी। SIM-Binding क्या है? जिस मोबाइल नंबर से आपने WhatsApp अकाउंट बनाया है, वही SIM आपके फोन में एक्टिव रहनी चाहिए। अगर वह SIM आपके फोन में नहीं है या बंद हो गई है, तो WhatsApp ठीक से काम नहीं करेगा। अब तक मैसेजिंग ऐप्स में 6-डिजिट OTP डालकर एक बार लॉगिन होने के बाद SIM की मौजूदगी लगातार नहीं चेक होती थी। नया नियम यह बदलने वाला है अब हर समय SIM को एक्टिव और फोन में मौजूद होना जरूरी होगा। सरकार ने यह बदलाव इसलिए किया है क्योंकि वह डिजिटल धोखाधड़ी, फर्जी नंबरों का दुरुपयोग और साइबर अपराध को रोकने पर जोर दे रही है। जब हर अकाउंट एक वेरिफाइड SIM से जुड़ा होगा, तो फ्रॉड और फेक अकाउंट्स को पहचानना आसान हो जाएगा। 1 मार्च 2026 के बाद कोई ढील नहीं डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्यूनिकेशंस (DoT) ने SIM-Binding नियम को 28 नवंबर 2025 को जारी किया था और कंपनियों को इसे पूरा करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। इसका मतलब है कि 1 मार्च 2026 तक सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को इस सिस्टम को लागू करना पड़ेगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि अलग-अलग डिवाइस पर लॉगिन किए गए Web या Desktop के लिए भी छह घंटे का ऑटो लॉग-आउट नियम भी लागू रहेगा। इसका यह मतलब है कि अगर आप कंप्यूटर या वेब पर WhatsApp चला रहे हैं, तो हर छह घंटे में आपको QR कोड से फिर से लॉगिन करना पड़ेगा। आम लोगों पर पड़ेगा ये असर अगर आपका नंबर एक्टिव है और वही SIM आपके फोन में लगी है, तो आपको ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। आपका WhatsApp सामान्य तरीके से चलता रहेगा।लेकिन अगर आपने फोन से SIM निकाल दी या वहीं SIM दूसरे फोन में डाल दी तो आपका व्हट्सऐप टेम्पररी इनएक्टिव हो जाएगा। साथ ही आपका नंबर बंद हो गया (रिचार्ज न होने की वजह से) तो WhatsApp दोबारा वेरिफिकेशन मांग सकता है या बंद भी हो सकता है। दरअसल केंद्र सरकार का मानना है कि अगर हर अकाउंट एक एक्टिव SIM से जुड़ा होगा, तो फर्जी नंबर, स्कैम और साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई और मजबूती से लड़ी जा सकती है।

T20 World Cup 2026: क्वार्टर फाइनल की तरह होगा Ind vs WI मैच, बारिश में धुला तो जानिए किसे मिलेगा सेमीफाइनल का टिकट?

T20 World Cup 2026: नई दिल्ली। टी 20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में सुपर 8 के मुकाबले खेले जा रहे हैं। ग्रुप 1 के दो ही मैच बाकी हैं, जिनमें एक ही साउथ अफ्रीका वर्सेस जिम्बाब्वे (South Africa vs Zimbabwe) मैच, जबकि दूसरा है इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज (India vs West Indies) मैच। पहले मैच का असर सेमीफाइनल्स पर नहीं पड़ेगा, लेकिन दूसरा मैच एक तरह से वर्चुअल क्वार्टर फाइनल है। इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज सुपर 8 मैच में जो टीम जीत दर्ज करेगी, उसे सेमीफाइनल का टिकट मिल जाएगा। हालांकि, एक चिंता भारतीय फैंस को सता रही है कि क्या बारिश खेल बिगाड़ेगी? अगर बारिश में मैच धुला तो फिर कौन सी टीम सेमीफाइनल में जाएगी? इन्हीं सवालों का जवाब आपको इस स्टोरी में मिलने वाला है। इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज सुपर 8 का मुकाबला एक मार्च को होना है। शाम सात बजे से टूर्नामेंट का ये अहम मैच खेला जाएगा। टीम इंडिया और वेस्टइंडीज अपने दो-दो मैचों में से एक-एक मैच जीत चुकी हैं, जबकि दोनों को साउथ अफ्रीका से हार मिली है। अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए नेट रन रेट को सुधारने की जरूरत न तो टीम इंडिया को है, न ही वेस्टइंडीज को, क्योंकि अब समीकरण सीधा और साफ है कि जो भी टीम इस मैच में जीतेगी, उसे सेमीफाइनल का टिकट मिल जाएगा। जीत कितनी भी बड़ी हो या फिर कितनी भी छोटी, सिर्फ जीत मायने रखेगी। अब दूसरा सवाल कि क्या इस मैच पर बारिश का साया है तो इसका जवाब है- नहीं। मैच के टाइम पर बीबीसी वेदर और एक्यूवेदर की रिपोर्ट पर भरोसा करें तो एक पर्सेंट भी बारिश का अनुमान नहीं है। अगर रिपोर्ट के आधार पर चलें तो मैच पूरा होगा, क्योंकि जब मैच शुरू होगा और जब मैच खत्म होने का समय होगा, तब तक बारिश होने का अनुमान है। ऐसे में फैंस को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, अगर कुदरत का निजाम आया और बारिश ने मैच में खलल डाला और बारिश के कारण मैच पूरा नहीं हुआ तो फिर टीम इंडिया के लिए यह अच्छा नहीं होगा। इसके पीछे की वजह है- नेट रन रेट, क्योंकि अगर बारिश के कारण इंडिया और वेस्टइंडीज को एक-एक पॉइंट मिला तो दोनों टीमों के 3-3 पॉइंट हो जाएंगे और फिर नेट रन रेट के आधार पर वेस्टइंडीज को सेमीफाइनल का टिकट मिल जाएगा, क्योंकि अभी नेट रन रेट वेस्टइंडीज का भारत से कहीं ज्यादा बेहतर है। टीम इंडिया का नेट रन रेट 2 मैचों के बाद 2 पॉइंट्स के साथ -0.100 है, जबकि वेस्टइंडीज का 2 पॉइंट्स के बाद नेट रन रेट +1.791 है।