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देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.11 अरब डॉलर घटकर 723.6 अरब डॉलर पर

नई दिल्ली। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 20 फरवरी को समाप्त हफ्ते में 2.11 अरब डॉलर घटकर 723.60 अरब डॉलर रहा। इससे पहले छह फरवरी को समाप्त हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 8.66 अरब डॉलर बढ़कर 725.72 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया कि 20 फरवरी को समाप्त हफ्ते सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा माने जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 1.03 अरब डॉलर घटकर 572.56 अरब डॉलर रहीं। इस दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 97.7 करोड़ डॉलर घटकर 127.48 अरब डॉलर रह गया। आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में विशेष आहरण अधिकार(एसडीआर) 8.4 करोड़ डॉलर घटकर 18.84 अरब डॉलर रहा। 20 फरवरी को समाप्त हफ्ते सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित भंडार 1.8 करोड़ डॉलर घटकर 4.71 अरब डॉलर रह गया है। केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जनवरी तक सालाना लक्ष्य का 63 फीसदीकेंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जनवरी के अंत तक 9.8 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक बजट लक्ष्य का 63 फीसदी है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी है। वित्त मंत्रालय ने महालेखा नियंत्रक (सीजीए) की ओर से जारी आंकड़ों में बताया कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 74.5 फीसदी था। केंद्र सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 फीसदी यानी 15.58 लाख करोड़ रुपये रहेगा। महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 तक केंद्र को कुल 27.08 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो संशोधित अनुमान (आरई) के तहत वित्त वर्ष 2025-26 की कुल प्राप्तियों का 79.5 फीसदी है। इसमें 20.94 लाख करोड़ रुपये का कर राजस्व, 5.57 लाख करोड़ रुपये का गैर-कर राजस्व और 57,129 करोड़ रुपये की गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। सीजीए के आंकड़ों के अनुसार भारत सरकार ने करों के हिस्से के रूप में राज्यों को 11.39 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 65,588 करोड़ रुपये अधिक हैं। इसके अलावा भारत सरकार का कुल व्यय 36.9 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान का 74.3 फीसदी है। इसमें से 28.47 लाख करोड़ रुपये राजस्व मद और 8.42 लाख करोड़ रुपये पूंजी मद में खर्च किए गए। वहीं, कुल राजस्व व्यय में 9.88 लाख करोड़ रुपये ब्याज भुगतान और 3.54 लाख करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडी पर खर्च हुए।

युवाओं ने अपनी मेहनत, सोच और नए प्रयोगों से भारत को बना दिया स्टार्टअप का बड़ा केंद्र : ओम बिरला

भोपाल। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आज हमारे नौजवानों ने स्टार्टअप की एक नई दुनिया खड़ी कर दी है। अपनी मेहनत, सोच और नए प्रयोगों के दम पर उन्होंने भारत को स्टार्टअप का बड़ा केंद्र बना दिया है। अब हमारे युवा सिर्फ सपने नहीं देख रहे, बल्कि अपने नए विचारों से दुनिया की समस्याओं का हल भी दे रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष बिरला शुक्रवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम का प्रारंभ वंदे मातरम्, राष्ट्रगान, पारंपरिक दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे समाजहित के कार्यों ने उन्हें इस समारोह में आने के लिए प्रेरित किया। डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं अत्यंत सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें इस प्रतिष्ठित संस्थान में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का प्रगतिशील भविष्य पूरी तरह से युवाओं की ऊर्जा और उनके विजन पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि यह बदलते और विकसित भारत के निर्माण का कालखंड है। आज दुनिया के सभी देश भारत की ओर देख रहे हैं। हमारे नौजवानों की ताकत दुनिया में बढ़ रही है और हमारे जनसांख्यिकीय विभाजन (Demographic Dividend) पर दुनिया की नज़र है। हमारे नौजवानों ने स्टार्टअप की नई दुनिया शुरू कर दी है, भारत को स्टार्टअप बना दिया और और अपने नवाचार के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं। बिरला ने इंदौर की इस शिक्षा और संस्कार की पावन धरती से देशभर के विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपनी भारतीय संस्कृति, अपने मूल्यों और अपनी सोच को साथ लेकर आगे बढ़ें और देश को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने में अपना पूरा योगदान दें। विश्वविद्यालय कैंपस में आपने जो सीखा है, ज्ञानार्जन किया है, उसका सदुपयोग कर नवभारत के निर्माण में जुट जाएं। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पुरुषोत्तमदास पसारी ने विधिवत रूप से समारोह के उद्घाटन की घोषणा की। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में मुख्य अतिथि सहित उपस्थित शिक्षकों, अभिभावकों और उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का अभिनंदन किया। समारोह के दौरान कुलगुरु प्रो. (डॉ.) योगेश सी. गोस्वामी ने विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक यात्रा, बीते वर्ष में किए गए महत्वपूर्ण शोध कार्यों, विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के आंकड़ों और संस्थागत विकास की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विश्वविद्यालय निरंतर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।सफल प्रोफेशनल बनने से पहले बेहतर इंसान बनेंकार्यक्रम में मौजूद इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और सामाजिक सेवा गतिविधियों की प्रशंसा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान विद्यार्थियों में स्वावलंबन की भावना विकसित करने का सराहनीय कार्य कर रहा है। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही हर वैश्विक समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान है और जीवन में एक सफल प्रोफेशनल बनने से पहले एक बेहतर इंसान बनना अनिवार्य है।मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और उपाधियों से नवाजाइस दीक्षांत समारोह में कुल 2008 स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त 32 शोधार्थियों को उनकी पीएचडी की डिग्री सौंपी गई। शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. रूपा शिंदे ने किया और राष्ट्रगान के साथ इस शैक्षणिक उत्सव का समापन हुआ।मंत्री सिलावट ने लोकसभा अध्यक्ष का भव्य स्वागत कियालोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला साधारण यात्रियों की तरह दिल्ली से ट्रेन में सवार होकर इंदौर पहुंचे। इंदौर पहुंचने पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सतरंगी दुपटटा एवं पुष्पमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, जनपद पंचायत सांवेर अध्यक्ष प्रतिनिधि मानसिंह, विश्वजीतसिंह सिसौदिया, जिला उपाध्यक्ष भारतसिंह, दिलीप चौधरी, नगर परिषद अध्यक्ष संदीप चंगेडिया सहित सैकडों नागरिकों ने भी ओम बिरला का पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया। इसके पश्चात वे उज्जैन रोड स्थित श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त समझौते से वस्त्र उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगा: सीपी राधाकृष्णन

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त समझौता वस्त्र उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगा।सीपी राधाकृष्णन ने यह बात आज तमिलनाडु के सलेम स्थित भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएचटी) के नवनिर्मित शैक्षणिक भवन का उद्घाटन के अवसर पर कही। इस अवसर पर उन्होंने भारत की समृद्ध हथकरघा विरासत को तकनीक के साथ जोड़ने और इसे भविष्य के लिए तैयार एक ‘रचनात्मक उद्योग’ बनाने पर जोर दिया।उपराष्ट्रपति ने हथकरघा को भविष्य के लिए तैयार रचनात्मक उद्योग में बदलने का आह्वान करते हुए कहा कि आईआईएचटी सलेम स्वदेशी शिल्प कौशल और आधुनिक वस्त्र विज्ञान के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है। पारंपरिक ज्ञान को समकालीन तकनीक के साथ मिलाकर संस्थान ने उत्पादकता बढ़ाई है गुणवत्ता मानकों में सुधार किया है और बाजार-उन्मुख उत्पादन को सक्षम बनाया है।साथ ही हाथ से बुने हुए वस्त्रों की प्रामाणिकता को भी संरक्षित किया है।भारत की समृद्ध हथकरघा विरासत पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वाराणसी के रेशमी ब्रोकेड, बंगाल के जामदानी असम के मूगा रेशम कश्मीर के कानी शॉल आंध्र प्रदेश के वेंकटगिरी और मंगलगीरी बुनाई से लेकर मध्य प्रदेश की माहेश्वरी और चंदेरी साड़ियों तक भारतीय हथकरघा उत्पादों ने अपनी शिल्प कौशल और सांस्कृतिक विरासत के लिए वैश्विक मान्यता अर्जित की है।उन्होंने तमिलनाडु की जीवंत बुनाई परंपराओं को भी रेखांकित किया जिनमें चेट्टीनाडु कंडांगी साड़ियां कांचीपुरम रेशम अरानी रेशम थिरुबुवनम रेशम चेन्निमलाई कंबल नागरकोइल वेष्टि तौलिए और मदुरै सुंगुडी साड़ियां शामिल हैं।इस क्षेत्र की वृद्धि पर भरोसा जताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सलेम से यूरोपीय संघ को होने वाले वस्त्र निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। अंबूर से चमड़े के निर्यात में भी काफी वृद्धि होने की उम्मीद है।उपराष्ट्रपति ने कहा कि 56 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते न केवल वस्त्र क्षेत्र को लाभ पहुंचाएंगे बल्कि चमड़ा और अन्य विनिर्माण उद्योगों जैसे संबद्ध क्षेत्रों के लिए भी विकास के अवसर पैदा करेंगे।केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि आईएचटी सलेम में नए अकादमिक ब्लॉक का उद्घाटन केवल एक इमारत का उद्घाटन नहीं है बल्कि बुनकरों को सशक्त बनाने और हथकरघा क्षेत्र का आधुनिकीकरण करने की दृष्टि को सुदृढ़ करने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सादगी परंपरा और प्रौद्योगिकी का संगम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक सामूहिक कदम है।इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने सलेम स्थित भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान के मेधावी छात्रों को उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक और प्रमाण पत्र प्रदान किए।उपराष्ट्रपति ने आईआईएचटी में आयोजित एक प्रदर्शनी का भी दौरा किया जहां देश भर के हथकरघा उत्पादों का प्रदर्शन किया गया था।इसका मुख्य उद्देश्य संस्थागत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शिक्षण अनुसंधान और कौशल विकास के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान छात्रों में नवाचार उद्यमिता और उद्योग-अनुकूल दक्षताओं को बढ़ावा देना है।इस भवन में आधुनिक इंटरैक्टिव कक्षाएं एक सुसज्जित पुस्तकालय और डिजिटल पुस्तकालय एक सेमिनार हॉल संकाय कक्ष प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं और एक बोर्ड रूम हैं। साथ ही इसमें 11 भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थानों के लिए परीक्षा नियंत्रक का कार्यालय और अन्य आवश्यक शैक्षणिक और प्रशासनिक सुविधाएं भी हैं।इस अवसर पर पर्यटन राज्य मंत्री आर. राजेंद्रन, सांसद टी.एम. सेल्वगनपति, सांसद एस.आर. शिवलिंगम, विधायक श्री ई. बालासुब्रमण्यम और वस्त्र मंत्रालय में विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना (आईएएस) उपस्थित रहीं।

क्रांति का तेजस्वी स्वर थे शहीद चंद्रशेखर आजाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद भारत की क्रांति का तेजस्वी स्वर थे। राज्य सरकार अमर बलिदानी और क्रांतिकारियों के जीवन से प्रेरणा लेकर गरीब, किसान, युवा और नारी (जीवायएएन) कल्याण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर आलीराजपुर में आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर आलीराजपुर स्थित उनकी जन्मस्थली चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) पहुंचकर उनकी प्रतिमा को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में गुजरात के साथ-साथ पड़ौसी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले का भी आर्थिक तंत्र बदला है। आलीराजपुर भील जनजाति की संस्कृति और स्वाभिमान की भूमि है। आज देश प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय मान्यता के प्रतीक बाबा भीलट देव, बाबा डूंगर देव, बाबा पाटला देव, रानी काजल माता, डूंगरी माता और मालवाई माता को नमन करते हुए कहा कि आलीराजपुर की पावन मिट्टी ने चंद्रशेखर आजाद सहित शहीद छीतू किराड़ जी को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय नायकों के बलिदान और योगदान को नमन करते हुए प्रदेश के जन-जन तक पहुँचाने के लिये प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आलीराजपुर में 1800 करोड़ लागत वाली नर्मदा सिंचाई परियोजना का कार्य प्रगति पर है। इससे 170 गांवों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। हमारे जनजातीय अंचल के किसानों को भी सिंचाई सुविधाओं का पूरा लाभ मिलेगा। किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसानों के लिए समर्पित किया है। हमारी सरकार लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपये की राशि दे रही है। साथ ही किसान भाइयों में खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 12 हजार (6 हजार केंद्र और 6 हजार रुपये राज्य) द्वारा दिये जा रहे हैं। प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों की सहायता के लिए जिलों में नि:शुल्क शव वाहन की व्यवस्था की गई है। सड़क हादसे में घायलों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराने के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की गई है। जनजातीय बच्चे पढ़-लिखकर शासकीय सेवा में आएं, इसके लिए नि:शुल्क कोचिंग योजना प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आलीराजपुर जिले के समग्र विकास के लिए 171 करोड़ लागत के 49 विकास कार्यों की अनुपम सौगात दी। उन्होंने आलीराजपुर जिले में ग्राम संपर्क मजबूत करने के लिए विभिन्न सड़कों के निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूह, बैंक ऋण वितरण, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के हितग्राहियों को हितलाभ एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने आलीराजपुर के चहुंमुखी विकास के लिए रिमोट से 79.92 करोड़ की लागत से 14 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने खंडाला में 34 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित भव्य सांदीपनि विद्यालय, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 27 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से निर्मित 4 उच्च स्तरीय पुलों, 7 करोड़ रुपये की लागत से नवीन बालक-बालिका छात्रावास भवनों एवं 8 करोड़ रुपये की लागत से बलेडी (जोबट) और नानपुर में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने मोराजी, खामट, पिलियावट और बेकलगांव बड़ी में भी उप स्वास्थ्य केंद्रों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 119.01 करोड़ लागत के 35 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसके अंतर्गत 40 करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से 8 सीनियर और जूनियर विद्यालयों में बालक एवं बालिका छात्रावासों, 31 करोड़ रुपये की लागत से बालक-बालिकाओं के लिए 11 नवीन विद्यालय भवनों 24 करोड़ की लागत से दाबड़ी, बोरकुण्डिया और कड़वानिया में 100-100 सीटर बालक-बालिका छात्रावास भवनों, 7 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से रणजीतगढ़ और सूखीबावड़ी तालाब का भूमि-पूजन किया। इसके साथ ही सोंडवा में नवीन जनपद पंचायत और सामुदायिक भवन, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सोंडवा और अन्य निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया।बनाएंगे आजाद पार्कमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद नगर को देश-विदेश से आने वाले लोगों के लिए प्रेरणा एवं गौरव का केंद्र बनाया जाएगा। यहाँ पर ऐतिहासिक शहीद पार्क निर्मित किया जायेगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से इस स्थान को विकसित कर आकर्षक एवं दर्शनीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा, ताकि भावी पीढ़ियाँ आजाद के जीवन, संघर्ष और बलिदान से परिचित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजाद की जन्मभूमि केवल एक स्थान नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्मसम्मान की जीवंत प्रतीक है, जिसे सहेजना और संवारना हम सभी का दायित्व है।आजाद कुटिया में किये श्रद्धासुमन अर्पितमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने आजाद कुटिया में पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा चंद्रशेखर आजाद के जीवनकाल की वीरगाथाओं और दुर्लभ तस्वीरों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मेहनत, आत्मविश्वास और अदम्य साहस के बलबूते बुलंदियों को छूने वाले आजाद का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। मात्र 15 वर्ष की बाल्यावस्था में वे वर्ष 1921 के असहयोग आंदोलन में शामिल हो गए थे। गिरफ्तारी के बाद जब मजिस्ट्रेट के सामने उनका नाम पूछा गया तो उन्होंने गर्व से उत्तर दिया— “नाम: आजाद, पिता का नाम: स्वतंत्र और घर: जेल।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसा अद्वितीय साहस केवल अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद ही दिखा सकते थे।आजाद की वीरता का इतिहास स्वर्णाक्षरों में अंकितमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बचपन में आजाद भील बालकों के साथ रहते हुए निशानेबाजी की कला में दक्ष हुए, जिसने आगे चलकर उन्हें एक अद्वितीय क्रांतिकारी बनाया। उनके जीवन से यह शिक्षा मिलती है कि सच्चा नेतृत्व वही है, जो अपने साथ-साथ अपने साथियों के लिए भी सदैव तत्पर रहे। अंग्रेजों के विरुद्ध हमारे जनजातीय नायकों ने अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी और उनकी वीरता का इतिहास स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उनकी रिवॉल्वर का निशाना अचूक था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के महान जनजातीय नायकों ने अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी है। राज्य सरकार जनजातीय महापुरुषों की विरासत के संरक्षण के लिए दृढ़ संकल्पित है। खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की शुरुआत की गई है। इसी प्रकार अन्य नायकों से संबद्ध स्थलों को भी संरक्षित किया जा रहा है।

उमंग और सामाजिक स्नेह का जीवंत महोत्सव है भगोरिया पर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि फाल्गुन मास के रंगों, मांदल की थाप और जीवन-प्रेम की उमंग से सराबोर भगोरिया पर्व जनजातीय संस्कृति, सामाजिक स्नेह और परंपरागत जीवन मूल्यों का जीवंत उत्सव है। इसको प्रत्यक्ष रूप से भगोरिया पर्व में शामिल होकर जिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अलीराजपुर के उदयगढ़ भगोरिया पर्व में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अलीराजपुर के उदयगढ़ भगोरिया पर्व स्थल पर पारंपरिक लोकधुनों, नृत्य और उल्लासपूर्ण वातावरण ने सम्पूर्ण क्षेत्र को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगोरिया पर्व जनजातीय संस्कृति, प्रेम और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मध्यप्र देश सरकार जनजातीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। विरासत को विकास की राह पर ले जाने के संकल्प के साथ इस उल्लासमय पर्व को गरिमा और भव्यता के साथ मनाया गया। यह आयोजन जनजातीय संस्कृति की सशक्त पहचान और राज्य सरकार की संवेदनशील सोच को प्रतिबिंबित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनजातीय समाज एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री जनजातीय संस्कृति के प्रतीक तीर कमान भेंट किया। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया गया। मंत्री द्वारा मंच से सभी को राष्ट्रीय पर्व भगोरिया की शुभकामनाएं दी। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह ने कहा कि आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में आयोजित स्थानीय भगोरिया पर्व में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता से उत्सव का उल्लास और अधिक बढ़ गया। भगोरिया उत्सव में जनजातीय युवक-युवतियां रंग-बिरंगी पारंपरिक वेषभूषा में सजे-धजे दिखाई दिए। पुरुष वर्ग पारंपरिक धोती, अंगोछा एवं साफा धारण किए हुए थे, जबकि महिलाएं कांचली, घाघरा, ओढ़नी तथा पारंपरिक कढ़ाईयुक्त परिधानों में सुसज्जित रहीं। चांदी के हार, हांसली, कड़े, पायल, बिछिया एवं अन्य पारंपरिक आभूषणों की झंकार ने पर्व को भव्यता प्रदान की। मांदल, ढोल एवं अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर कुर्ता कुर्राटियों के साथ लोकनृत्य करते जनजातीय समाज, सामूहिक उल्लास और आपसी मेल-जोल ने भगोरिया के माहौल को जीवंत एवं स्मरणीय बना दिया। इस अवसर पर पूर्व सांसद गुमानसिंह डामोर, पूर्व विधायक माधोसिंह डावर, विशाल रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, संभागायुक्त इंदौर डॉ सुदाम खाड़े, कलेक्टर नीतू माथुर, पुलिस अधीक्षक, प्रशासनिक अधिकारीगण, स्थानीय नागरिक तथा बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग उपस्थित रहे। सम्पूर्ण क्षेत्र में उत्सव, उल्लास और सांस्कृतिक चेतना का वातावरण व्याप्त रहा।

T20 World Cup: इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया, पाकिस्तान ने ली राहत की सांस

कोलंबो। इंग्लैंड (England) ने न्यूजीलैंड (New Zealand) को टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर-8 के रोमांचक मुकाबले में चार विकेट से हरा दिया। शुक्रवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड (New Zealand) ने 20 ओवर में सात विकेट पर 159 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की टीम ने 19.3 ओवर में छह विकेट पर 161 रन बनाए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। विल जैक्स को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इंग्लैंड की इस जीत से पाकिस्तान ने राहत की सांस ली है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए उनके लिए अब भी रास्ता खुला है। पाकिस्तान को अपना आखिरी मुकाबला श्रीलंका के खिलाफ खेलना है, अगर टीम यह मैच बड़े अंतर से जीतती है और बेहतर नेट रन रेट कर लेती है तो सेमीफाइनल में प्रवेश कर सकती है। इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया था और 20 ओवर में 7 विकेट पर 159 रन बनाए। उनके लिए ग्लेन फिलिप्स ने 39 और टिम सीफर्ट ने 35 रनों की पारियां खेलीं। इंग्लैंड के लिए आदिल रशीद, विल जैक्स और रेहान अहमद ने दो-दो विकेट लिए जबकि लियाम डॉसन को एक सफलता मिली। 160 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। मैट हेनरी और लॉकी फर्ग्यूसन ने पहले आठ गेंदों में ही फिल सॉल्ट और जोस बटलर को आउट कर इंग्लैंड को 2 रन पर दो झटके दे दिए। इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक (26) ने पारी को संभाला और जैकब बेथेल (21) के साथ 45 रनों की साझेदारी की। लेकिन ग्लेन फिलिप्स ने पहले गेंद पर ब्रूक को आउट किया और फिर शानदार कैच लेकर बेथेल को भी पवेलियन भेज दिया। इससे इंग्लैंड दबाव में आ गया। मध्यक्रम में सैम करन (24) और टॉम बैंटन (33) ने 42 रनों की अहम साझेदारी की। रचिन रवींद्र ने करन को आउट कर मैच में फिर से संतुलन बनाया। आखिरी तीन ओवरों में इंग्लैंड को 43 रन की जरूरत थी। रेहान अहमद ने 7 गेंदों में नाबाद 19 रन की तेज पारी खेली, जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल था। मिचेल सैंटनर के ओवर में 16 रन और ग्लेन फिलिप्स के ओवर में 22 रन आने से मैच इंग्लैंड की ओर झुक गया। अंतिम ओवर में मैट हेनरी लक्ष्य नहीं बचा सके और इंग्लैंड ने 19.3 ओवर में 6 विकेट पर 161 रन बनाकर मुकाबला चार विकेट से जीत लिया। न्यूजीलैंड की टीम को इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार के बाद 2 अंक का नुकसान हुआ और इस टीम के अभी 3 अंक ही हैं। वहीं पाकिस्तान के अभी एक अंक हैं। पाकिस्तान को अब श्रीलंका के खिलाफ मैच खेलना है और सलमान आगा की टीम ने श्रीलंका को हरा दिया तो उसके भी 3 अंक हो जाएंगे। इस स्थिति में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड जिस टीम का रन रेट ज्यादा होगा वही सेमीफाइनल में पहुंचेगा।