आंध्र प्रदेश में भीषण हादसा: पटाखा फैक्ट्री में धमाके से दहल उठा काकीनाडा, 20 की मौत, दूर-दूर तक बिखरे शव

नई दिल्ली । काकीनाडा, आंध्र प्रदेश: शनिवार की दोपहर आंध्र प्रदेश का काकीनाडा जिला एक ऐसे हृदयविदारक हादसे का गवाह बना, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। जिले के वेटलापलेम गांव स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट ने हंसते खेलते परिवारों की खुशियां पल भर में मातम में बदल दीं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 6 अन्य कर्मचारी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। धमाका दोपहर करीब 2 बजे उस वक्त हुआ जब फैक्ट्री के भीतर 20 से अधिक कर्मचारी अपने काम में मशगूल थे। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी गूंज 5 किलोमीटर के दायरे में सुनाई दी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की धरती डोल गई और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। जैसे ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, वहां का मंजर किसी डरावने सपने जैसा था। फैक्ट्री का ढांचा पूरी तरह जमींदोज हो चुका था और चारों ओर चीख पुकार मची थी। पुलिस और चश्मदीदों ने बताया कि धमाके के दबाव के कारण कर्मचारियों के शव पास के धान के खेतों में जाकर गिरे। हरे भरे खेतों के बीच बिखरे हुए अंग और जली हुई लाशें सुरक्षा मानकों की अनदेखी की भयावह कहानी बयां कर रही थीं। स्थिति इतनी विकट थी कि स्थानीय लोगों को शवों को इकट्ठा करने के लिए ‘बाराकालू’ खाद की बोरियों से बनी चादरें का सहारा लेना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने खेतों में दूर तक छिटके शरीर के हिस्सों को खोजने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद ली है, ताकि शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी की जा सके। काकीनाडा सरकारी अस्पताल के सुपरिटेंडेंट के अनुसार, अस्पताल लाए गए घायल 90 से 100 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं, जिससे उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने का भरसक प्रयास कर रही है, लेकिन गृह मंत्री वंगालपुडी अनीता ने आशंका जताई है कि हताहतों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने तत्काल संबंधित मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचने और राहत कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फैक्ट्री के पास आवश्यक लाइसेंस थे या नहीं और वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल, पूरा गांव शोक में डूबा है और अपनों को खोने वाले परिवारों का रो रोकर बुरा हाल है।
समीर वानखेड़े की मुश्किलें बढ़ीं: दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉर्डेलिया क्रूज केस में अनुशासनात्मक कार्रवाई को दी हरी झंडी

नई दिल्ली। कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स केस के चर्चित और विवादित चेहरा रहे आईआरएस IRS अधिकारी समीर वानखेड़े की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 2021 के इस हाई-प्रोफाइल मामले में वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रखने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने केंद्र सरकार की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण कैट के उस पुराने फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसने वानखेड़े को बड़ी राहत दी थी। कोर्ट के इस ताजा आदेश के बाद अब केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड CBIC द्वारा जारी चार्जशीट के आधार पर जांच का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। समीर वानखेड़े, जो 2008 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं, उस समय वैश्विक सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने मुंबई एनसीबी NCB के जोनल डायरेक्टर रहते हुए अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्य खान को ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में उन पर गंभीर आरोप लगे कि उन्होंने आर्यन खान को फंसाने की धमकी दी और मामले को रफा-दफा करने के बदले उनके परिवार से कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की मांग की थी। इसके अलावा, उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने जांच की दिशा मोड़ने की कोशिश की और एनसीबी से कार्यमुक्त होने के बावजूद विभाग के विधिक अनुभाग से गोपनीय जानकारियां हासिल करने का प्रयास किया था। गौरतलब है कि इससे पहले ‘कैट’ ने 18 अगस्त 2025 को वानखेड़े को जारी किए गए आरोपपत्र चार्जशीट को रद्द कर दिया था, जिसे केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार का तर्क था कि अधिकारी के आचरण की गहन जांच जरूरी है। हाई कोर्ट की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए माना कि अनुशासनात्मक कार्यवाही को रोकना उचित नहीं है। इस फैसले से साफ हो गया है कि सरकारी संस्थानों की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसी भी स्तर के अधिकारी के खिलाफ आरोपों की जांच अनिवार्य है। अब वानखेड़े को इन गंभीर विभागीय आरोपों का सामना करना होगा, जो उनके करियर के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
पाक-अफगान सीमा पर युद्ध जैसे हालात: गिलगित-बाल्टिस्तान में ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी, तालिबान का 55 पाक सैनिकों को मारने का दावा

नई दिल्ली। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमावर्ती विवाद अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। पड़ोसी देश अफगानिस्तान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए पाकिस्तान प्रशासन ने पाक अधिकृत कश्मीर PoKके गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में नागरिक ड्रोन उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के निर्देश पर लागू किए गए इस आदेश के तहत, अब इस संवेदनशील इलाके में किसी भी निजी या व्यावसायिक ड्रोन का उपयोग कानूनी अपराध माना जाएगा। गिलगित-बाल्टिस्तान पुलिस के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि केवल कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों को ही अपने पेशेवर दायित्वों के निर्वहन के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की अनुमति होगी। यह कदम उस समय उठाया गया है जब सीमा पार से ड्रोन के दुरुपयोग और जासूसी की आशंकाएं चरम पर हैं। दूसरी ओर, सीमा पर स्थिति तब और बिगड़ गई जब अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि उसने रात भर चले विशेष सैन्य ऑपरेशनों में 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। तालिबान द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, ये हमले विवादित डूरंड लाइन के साथ सटे पक्तिका, पक्तिया, खोस्त, नंगरहार, कुन्नर और नूरिस्तान जैसे प्रांतों में किए गए। तालिबान का दावा है कि इस कार्रवाई के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी सेना के 2 बेस और 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन ‘इस्लामिक अमीरात’ के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ के सीधे आदेश पर चलाया गया, जिसे उन्होंने पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए कथित उकसावे का करारा जवाब बताया है। हालांकि, पाकिस्तान ने तालिबान के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के भीतर कई संदिग्ध ठिकानों पर हवाई हमले Air Strikesकिए हैं, जिसमें सैकड़ों तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है। दोनों पक्षों की ओर से किए जा रहे दावों में भारी विसंगति है, जिससे जमीनी हकीकत पर सवाल उठ रहे हैं। लंबे समय से डूरंड लाइन और टीटीपी TTPजैसे आतंकी समूहों को लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, लेकिन मौजूदा सैन्य संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती पैदा कर दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है। जानकारों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों ने संयम नहीं बरता और कूटनीतिक रास्तों के बजाय सैन्य विकल्पों को प्राथमिकता दी, तो यह छिटपुट संघर्ष दक्षिण एशिया में एक बड़े युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल, गिलगित-बाल्टिस्तान में ड्रोन पर लगी पाबंदी और सीमा पर बढ़ती हलचल इस बात का संकेत है कि आने वाले दिन सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील होने वाले हैं।
यमन में खुशहाली की नई उम्मीद: सऊदी अरब ने दी 346.6 मिलियन डॉलर की वित्तीय संजीवनी, बुनियादी ढांचे और शासन में होगा सुधार

नई दिल्ली। पड़ोसी देश यमन में गहराते आर्थिक संकट और गृहयुद्ध की मार झेल रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए सऊदी अरब एक बड़ी राहत लेकर आया है। सऊदी किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमानके विशेष निर्देश पर किंगडम ने यमन के सरकारी संस्थानों को मजबूती देने और वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए 346.6 मिलियन डॉलर लगभग 350 मिलियन डॉलर की भारी-भरकम वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह महत्वपूर्ण भुगतान सऊदी प्रोग्राम फॉर डेवलपमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ यमन SDRPY के माध्यम से सीधे यमनी प्रशासन तक पहुँचाया गया है। इस रणनीतिक कदम का प्राथमिक उद्देश्य केवल वित्तीय घाटे को भरना नहीं है बल्कि यमन की जर्जर हो चुकी अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकना है। SDRPY द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार इस पहल का मकसद यमन के भीतर आर्थिक वित्तीय और मौद्रिक स्थिरता को और अधिक मजबूत बनाना है।इसके साथ ही इस राशि का उपयोग सरकारी संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने प्रशासनिक गवर्नेंस में पारदर्शिता लाने और निजी क्षेत्र को सतत विकास के लिए प्रोत्साहित करने में किया जाएगा। यह फंड उन हजारों कर्मचारियों के लिए जीवनदान साबित होगा जो लंबे समय से वेतन में कटौती और आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रहे थे। यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिलके चेयरमैन रशद अल-अलीमी ने सऊदी अरब के इस उदार कदम की सराहना करते हुए इसे दोनों देशों के बीच अटूट रिश्तों का प्रमाण बताया है। उन्होंने किंग सलमान और क्राउन प्रिंस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता केवल धन का हस्तांतरण नहीं है बल्कि यमन की सुरक्षा स्थिरता और राष्ट्रीय संस्थानों को फिर से खड़ा करने की दिशा में एक भरोसे का संदेश है।अल-अलीमी ने इस बात पर जोर दिया कि सऊदी अरब के साथ यमन की यह साझेदारी एक उज्जवल और अधिक स्थिर भविष्य के निर्माण के लिए अनिवार्य है। मौजूदा परिस्थितियों में जब यमन पुनर्निर्माण के कठिन दौर से गुजर रहा है सऊदी अरब का यह सहयोग वहां के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। किंगडम का लक्ष्य है कि इस वित्तीय मदद के जरिए यमन के आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हो और देश के बुनियादी संस्थानों को इतना सक्षम बनाया जाए कि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना खुद कर सकें। यह पहल यमन के रिकवरी रोडमैप में एक मील का पत्थर साबित होने वाली है।
Holi Skincare Tips: रंगों का त्योहार खुशी से मनाएं, स्किन और बालों को रखें सुरक्षित

नई दिल्ली । होली का त्योहार नजदीक है और रंग-गुलाल की तैयारी जोरों पर है। लेकिन उत्साह के बीच अक्सर लोग अपनी त्वचा और बालों की देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं। केमिकल युक्त रंगों से स्किन इरीटेशन, एलर्जी, रैशेज और बालों के रूखेपन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में कुछ आसान सावधानियां अपनाकर आप रंगों का मजा बिना किसी नुकसान के ले सकते हैं। होली खेलने से पहले अपनाएं ये उपाय, मॉइस्चराइजर की मोटी परत लगाएं होली से एक रात पहले चेहरे और शरीर पर अच्छी तरह मॉइस्चराइजर लगाएं। होली खेलने से ठीक पहले भी इसकी मोटी परत लगाएं। इससे त्वचा पर एक सुरक्षा कवच बन जाता है और रंग गहराई तक नहीं जाता।सनस्क्रीन जरूर लगाएं अक्सर होली खुले मैदान या छत पर खेली जाती है। ऐसे में धूप से बचाव जरूरी है। एसपीएफ 50 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन लगाएं ताकि यूवी किरणों से त्वचा सुरक्षित रहे। नारियल तेल और हल्दी का इस्तेमाल होली से एक-दो दिन पहले त्वचा पर नारियल तेल और हल्दी लगाने से त्वचा मजबूत होती है और रंगों का असर कम पड़ता है। बालों में भी नारियल तेल लगाकर रखें, इससे रंग आसानी से निकल जाता है। होली खेलने के बाद रखें इन बातों का ध्यान जोर से स्क्रबिंग न करें रंग हटाने के लिए त्वचा को बार-बार रगड़ना नुकसानदायक हो सकता है। इससे त्वचा में जलन और रैशेज बढ़ सकते हैं। पहले सादे पानी से धोएं होली के बाद सबसे पहले सादे पानी से रंग धोएं। तुरंत साबुन या बॉडी वॉश का उपयोग न करें। जब ज्यादातर रंग निकल जाए तब हल्के क्लींजर का इस्तेमाल करें। एलोवेरा जेल लगाएं त्वचा साफ करने के बाद एलोवेरा जेल लगाएं। यह स्किन को ठंडक देता है और डैमेज हुई त्वचा की मरम्मत में मदद करता है। आंखों और बालों की सुरक्षा भी जरूरी होली के दौरान आंखों में रंग जाने से संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए सनग्लासेस पहनें। बालों को सुरक्षित रखने के लिए पहले से तेल लगाएं या हेयर मास्क का उपयोग करें। जिन्हें सांस की समस्या है, वे गुलाल से दूरी बनाए रखें। हर्बल गुलाल है सुरक्षित विकल्प पक्के रंगों में मेटल साल्ट्स, सिंथेटिक डाई और इंडस्ट्रियल पिगमेंट हो सकते हैं, जो त्वचा और बालों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए हर्बल या प्राकृतिक गुलाल से होली खेलना बेहतर और सुरक्षित विकल्प है।
भोपाल में कलियासोत डैम किनारे से अवैध डेयरियों पर बड़ी कार्रवाई: 9 हटाए गए, बाकी पर भी होगी सख्ती

भोपाल । भोपाल के कलियासोत डैम के किनारे अवैध रूप से स्थापित डेयरियों के खिलाफ शनिवार को प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के तहत टीटी नगर तहसीलदार कुणाल राउत की मौजूदगी में राजस्व, नगर निगम और पुलिस की टीम ने जेसीबी की मदद से 9 अवैध डेयरियों को तोड़कर हटाया। यह कार्रवाई डैम के सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों की उल्लंघना के चलते की गई। सिरपुर गांव के कलियासोत डैम किनारे कुल 18 अवैध डेयरियां बनी हुई थीं, जिनमें पशु पालन और दुग्ध उत्पादन भी किया जा रहा था। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान डेयरियों के मालिकों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताया, लेकिन अधिकारियों ने एनजीटी के निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई जारी रखी। जेसीबी मशीनों की मदद से एक-एक करके डेयरियां हटाई गईं, जिससे आसपास का क्षेत्र सुरक्षित और नियमों के अनुरूप हो गया। तहसीलदार कुणाल राउत ने बताया कि एनजीटी के आदेश के अनुसार सिरपुर गांव में कुल 18 अवैध डेयरियों में से 9 को हटाया गया है और बाकी 9 डेयरियों को भी जल्द ही हटाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भोपाल के बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर के दायरे में 16 मार्च 2022 के बाद बने सभी निर्माण अवैध माने जाएंगे। इस क्षेत्र में अब तक के सर्वे में कुल 153 झुग्गियां और पक्के निर्माण सामने आए हैं, जिनमें कुछ रसूखदारों के आलीशान मकान भी शामिल हैं। इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि भोपाल प्रशासन और एनजीटी किसी भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण के प्रति सख्ती से कदम उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों और डेयरियों के मालिकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि कानून के उल्लंघन पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। प्रशासन का कहना है कि डैम के आसपास पर्यावरण और जल सुरक्षा को बनाए रखना प्राथमिकता है, इसलिए आने वाले समय में भी ऐसे किसी निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। सारांश यह है कि भोपाल में कलियासोत डैम के किनारे अवैध डेयरियों के खिलाफ एनजीटी के निर्देश पर प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 9 डेयरियों को हटाया, और बाकी पर भी जल्द ही सख्ती की जाएगी। इस कदम से डैम के आसपास पर्यावरणीय सुरक्षा और कानून की नीतियों का पालन सुनिश्चित होगा।
इजरायल-ईरान संघर्ष: भारत पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और अर्थव्यवस्था पर असर

नई दिल्ली। शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई की, जिससे मध्यपूर्व में तनाव चरम पर पहुँच गया है। ईरान दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में से एक है और इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता की चेतावनी सामने आई है। तेल की सप्लाई बाधित होने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है, जिसका असर भारत जैसे तेल आयातक देशों पर सीधे पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस हमले का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिख सकता है। अनिश्चितता के चलते निवेशक बड़े पैमाने पर बिकवाली कर सकते हैं, जिससे बाजार में दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल भारतीय बाजार इस हमले के बाद ईरान की प्रतिक्रिया और अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। बाजार की चाल मुख्य रूप से इस तनाव की अवधि और गंभीरता पर निर्भर करेगी। भारत में कच्चे तेल की मौजूदा कीमत लगभग 67 डॉलर प्रति बैरल है, और हाल ही में इसमें लगभग 2% की बढ़ोतरी हुई है। यदि ईरान पर यह तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो शॉर्ट और मीडियम टर्म में भारतीय बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। तेल महंगा होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, पेट्रोल-डीजल, पेंट, एविएशन और टायर बनाने वाली कंपनियों पर सीधा असर पड़ेगा। उत्पादन लागत बढ़ने से उपभोक्ताओं को महंगे उत्पाद खरीदने पड़ सकते हैं। महंगाई पर भी इसका असर देखा जा सकता है। ईंधन, परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से देश में महंगाई बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में बाजार अस्थिर रहेंगे और निवेशकों में बेचैनी बढ़ सकती है। सरकारी स्तर पर भी इस संकट को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्टॉक बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति पर नजर रख रहा है। वित्तीय और निवेश संस्थानों को भी निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। संक्षेप में, ईरान पर इजरायल-यूएस हमला भारत के लिए आर्थिक चुनौती लेकर आया है। तेल की कीमतों में तेजी, शेयर बाजार में दबाव और महंगाई में वृद्धि का खतरा बढ़ गया है। ऑयल, एविएशन, पेंट और टायर जैसे सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, इसलिए निवेशकों और उपभोक्ताओं को सतर्कता और समझदारी से आर्थिक फैसले लेने होंगे।
1 मार्च 2026 को मेष से मीन तक कैसा रहेगा दिन? पढ़ें रविवार का विस्तृत राशिफल

नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 1 मार्च 2026, रविवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के कारण कई राशियों के लिए खास रहने वाला है। रविवार को सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य उपासना से मान-सम्मान और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का हाल। मेष कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। मेहनत रंग लाएगी। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। प्रेम संबंधों में संवाद बनाए रखें। वृषभ काम का दबाव रहेगा, लेकिन धैर्य से संभाल लेंगे। निवेश में सावधानी रखें। रिश्तों में ईगो से बचें। मिथुन आत्मविश्वास बढ़ेगा। नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है। अतिरिक्त आय के संकेत हैं। प्रेम जीवन सुखद रहेगा। कर्क भावनाओं में बहकर निर्णय न लें। खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। सेहत को लेकर सतर्क रहें। सिंह नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी। प्रमोशन के संकेत मिल सकते हैं। परिवार में खुशखबरी संभव है। कन्या जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, पर सफलता मिलेगी। आय के साथ खर्च भी बढ़ सकते हैं। दिनचर्या संतुलित रखें। तुला भागदौड़ भरा दिन रहेगा। फिजूलखर्ची से बचें। रिश्तों में स्पष्टता रखें। वृश्चिक करियर में प्रगति के अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। पुराने मतभेद सुलझ सकते हैं। धनु नई योजना पर काम शुरू हो सकता है। निवेश से पहले सलाह लें। प्रेम जीवन सकारात्मक रहेगा। मकर मेहनत का फल मिलेगा। धन लाभ के योग हैं। भावनात्मक रिश्ते मजबूत होंगे। कुंभ काम के सिलसिले में यात्रा संभव है। निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मीन सोच-समझकर निर्णय लें। आर्थिक स्थिति सुधरेगी। धार्मिक या सकारात्मक माहौल रहेगा।
GWALIOR TEMPO ROBBERY: ग्वालियर में टेंपो में व्यापारी की जेब कटी, ₹1.5 लाख पार; ब्रेन हेमरेज पीड़ित दामाद के इलाज के लिए लाए थे नकदी

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में टेंपो में व्यापारी की जेब कटी। ₹1.5 लाख नकदी चोरी, इलाज के पैसे गायब। स्टेशन से नदीगेट तक टेंपो में वारदात। पुलिस ने FIR दर्ज करने में 10 दिन लगाई। शहर में टेंपो और ई-रिक्शा में जेबकटी बढ़ रही। GWALIOR TEMPO ROBBERY: ग्वालियर। शहर में जेबकटी की वारदातों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। 65 वर्षीय व्यापारी रामजीलाल गुप्ता, निवासी जीवाजीगंज, मुरैना, के साथ टेंपो में सफर के दौरान डेढ़ लाख रुपये की चोरी हो गई। घटना 18 फरवरी दोपहर करीब 1:10 बजे की है, जब वे रेलवे स्टेशन के पास मुखर्जी पेट्रोल पंप से मुरार–बाड़ा रूट की 02 नंबर टेंपो में सवार हुए। नदीगेट के पास उतरने तक उनकी अंदरूनी जेब कट चुकी थी। क्यों ड्रैगन फ्रूट बन रहा है हेल्थ प्रेमियों की पहली पसंद: जानें इसके सम्पूर्ण लाभ इलाज के लिए लाए थे नकदी रामजीलाल गुप्ता अपने दामाद राजेश गुप्ता (निवासी हजीरा) के ब्रेन हेमरेज के इलाज के लिए मुरैना से नकदी लेकर आए थे। दामाद को न्यू परिवार हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित के अनुसार, टेंपो में ड्राइवर के पास आगे की सीट पर बैठे थे। स्टेशन से चलने के बाद एक युवक आकर बगल में बैठा और नदीगेट से पहले उतर गया। अस्पताल पहुंचकर जेब देखने पर कट लगा मिला और रकम गायब थी। नई दिल्ली दौरे पर CM मोहन यादव, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से की अहम मुलाकात दो थानों के बीच उलझी शिकायत पीड़ित पहले पड़ाव थाना पहुंचे, जहां घटना इंदरगंज क्षेत्र की बताकर भेजा गया। इंदरगंज थाना ने इसे पड़ाव क्षेत्र का मामला बताया। करीब दस दिन तक शिकायत इधर-उधर होती रही। बाद में चेंबर ऑफ कॉमर्स के हस्तक्षेप पर 27 फरवरी की रात पड़ाव थाने में 90 हजार रुपये की चोरी का केस दर्ज किया गया। ASHOKNAGAR HOLI FAIR: रंगपंचमी मेले से पहले करीला धाम में तैयारियों का निरीक्षण, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश शहर में बढ़ रहीं जेबकटी की घटनाएं रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले रूट पर टेंपो व ई-रिक्शा में जेबकटी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पुलिस ने संदिग्ध युवक की तलाश शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
क्यों ड्रैगन फ्रूट बन रहा है हेल्थ प्रेमियों की पहली पसंद: जानें इसके सम्पूर्ण लाभ

नई दिल्ली । आज के समय में लोग अपनी सेहत के प्रति जागरूक हो गए हैं। लोग स्वस्थ रहने के लिए फल, सब्जियां और हेल्दी डाइट का सेवन करना पसंद कर रहे हैं। ऐसे ही एक फल है ड्रैगन फ्रूट जिसे कुछ लोग पिटाया भी कहते हैं। इसका छिलका गुलाबी और अंदर का गूदा सफेद या हल्का गुलाबी होता है। इसके छोटे-छोटे काले बीज इसे और आकर्षक बनाते हैं। यह फल मुख्य रूप से थाईलैंड, वियतनाम, मलेशिया और भारत के कुछ हिस्सों में उगाया जाता है और गर्मियों में खाने के लिए उत्तम माना जाता है। ड्रैगन फ्रूट में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और विभिन्न विटामिन्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें पॉलीफेनोल्स, कैरोटीनॉयड और बीटासायनिन जैसे पौधे यौगिक होते हैं। विटामिन सी, बीटा-कैरोटीन, लाइकोपीन और बीटालेन जैसी एंटीऑक्सीडेंट्स की मौजूदगी इसे सेहत के लिए और प्रभावशाली बनाती है। ड्रैगन फ्रूट पाचन के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें उच्च मात्रा में फाइबर होता है जो कब्ज और अन्य पाचन समस्याओं को दूर करता है। फाइबर आंतों की गतिविधियों को नियमित करता है और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखता है। इम्यूनिटी बढ़ाने में भी ड्रैगन फ्रूट की अहम भूमिका है। विटामिन-सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। इस कारण इसे अपनी डाइट में शामिल करना सेहत के लिए लाभकारी है। ड्रैगन फ्रूट ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके फाइबर ब्लड फ्लो में शुगर के अवशोषण को धीमा कर देते हैं, जिससे शुगर लेवल संतुलित रहता है। डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। वजन घटाने वालों के लिए ड्रैगन फ्रूट एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और बार-बार भूख लगने से रोकता है। इसके अलावा ड्रैगन फ्रूट शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। इसमें पानी की पर्याप्त मात्रा होती है, जिससे शरीर तरोताजा रहता है और वजन कम करने में भी सहायता मिलती है। दिल के स्वास्थ्य के लिए भी ड्रैगन फ्रूट फायदेमंद है। इसमें प्राकृतिक स्वस्थ वसा विशेष रूप से ओमेगा-3 और ओमेगा-9 फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं और दिल की बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं। त्वचा के लिए ड्रैगन फ्रूट का सेवन बेहद लाभकारी है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विशेषकर विटामिन सी, त्वचा को झुर्रियों और महीन रेखाओं से बचाते हैं। इसके नमी बनाए रखने वाले गुण त्वचा को मुलायम, चमकदार और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। इस तरह ड्रैगन फ्रूट न सिर्फ स्वाद में अनोखा और आकर्षक है, बल्कि यह शरीर और त्वचा के लिए संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। इसे अपनी डाइट में शामिल करके आप पाचन सुधार, इम्यूनिटी बढ़ाने, ब्लड शुगर कंट्रोल और त्वचा की सुंदरता सभी का लाभ पा सकते हैं।