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संजय कपूर की वसीयत विवाद में नया मोड़, करिश्मा कपूर के बच्चों और मां रानी कपूर को कोर्ट से राहत

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता करिश्मा कपूर के बच्चों और दिवंगत व्यवसायी संजय कपूर की मां रानी कपूर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। यह राहत उस विवादित वसीयत से जुड़ी है, जिसमें संजय कपूर की कथित संपत्ति लगभग 30,000 करोड़ रुपये बताई गई है। परिवार में लंबे समय से इस वसीयत की प्रामाणिकता को लेकर विवाद जारी था और अब कोर्ट ने इसके फॉरेंसिक जांच की अनुमति दे दी है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, यह जांच 10 मार्च को होगी और एक्सपर्ट्स वसीयत की बारीकी से जांच करेंगे। वसीयत फिलहाल कोर्ट की सुरक्षित कस्टडी में सीलबंद लिफाफे में रखी गई है। जांच के दौरान किसी को भी इसकी फोटो या कॉपी लेने की अनुमति नहीं होगी। यह विवाद उस वसीयत को लेकर है, जिसमें कथित रूप से संजय कपूर की संपत्ति उनकी पत्नी प्रिया कपूर और उनके बच्चे के नाम कर दी गई थी। करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों और संजय की मां रानी कपूर ने इस दावे को चुनौती दी थी और अदालत से फॉरेंसिक जांच की मांग की थी, ताकि यह साबित किया जा सके कि वसीयत असली है या नहीं। संजय कपूर की विधवा प्रिया कपूर ने इस जांच का विरोध किया था। उनके वकीलों का कहना था कि अभी इस तरह की जांच की जरूरत नहीं है। लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि जांच के दौरान प्रिया के वकील मौजूद रह सकते हैं, लेकिन दस्तावेज की कोई भी फोटो या कॉपी ले जाने की अनुमति नहीं होगी। जॉइंट रजिस्ट्रार गगनदीप जिंदल ने 26 फरवरी को आदेश दिया कि करिश्मा और रानी कपूर अपने हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स के साथ 10 मार्च दोपहर 3 बजे इस मूल वसीयत की जांच कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान सभी पक्षों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो सके। इस फैसले के साथ ही करिश्मा कपूर के बच्चों और रानी कपूर को कानूनी लड़ाई में बड़ा फायदा मिला है। यह कदम इस विवाद को सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें 10 मार्च पर टिकी हैं, जब एक्सपर्ट्स वसीयत का बारीकी से विश्लेषण करेंगे और इसका असली रूप सामने आएगा। इस मामले ने बॉलीवुड और कारोबार जगत में खूब चर्चा बटोरी है, क्योंकि 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति और परिवार के बीच लंबा विवाद इसे बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल बना देता है। कोर्ट द्वारा फॉरेंसिक जांच की अनुमति मिलने के बाद अब यह स्पष्ट होने की संभावना है कि वसीयत वास्तविक है या इसमें किसी तरह की अनियमितता है।

वडोदरा-खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर के लिए होली स्पेशल ट्रेनें शुरू, यात्रियों के लिए राहत

नई दिल्ली । होली के रंग और उल्लास के बीच भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और बढ़ती भीड़ को देखते हुए वडोदरा-खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर मार्ग पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने का फैसला किया है। मंडल रेलवे की ओर से इस अवसर पर विशेष ट्रेनें चलाकर यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान किया जाएगा। वडोदरा से खातीपुरा के लिए 09103 वडोदरा-खातीपुरा स्पेशल ट्रेन प्रत्येक रविवार रात 9.35 बजे वडोदरा से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन दाहोद, रतलाम, मंदसौर, नीमच और चित्तौड़गढ़ होते हुए अगले दिन दोपहर 2.10 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। इसके विपरीत, 09104 खातीपुरा-वडोदरा स्पेशल ट्रेन सोमवार रात 8.55 बजे खातीपुरा से रवाना होकर चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम और दाहोद स्टेशनों से होते हुए मंगलवार सुबह 11.30 बजे वडोदरा पहुंचेगी। वडोदरा-खातीपुरा स्पेशल ट्रेन 1 मार्च से 29 मार्च तक और खातीपुरा-वडोदरा ट्रेन 2 मार्च से 30 मार्च तक चलेगी। इन ट्रेनों में सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी (इकोनॉमी), स्लीपर क्लास और द्वितीय श्रेणी के सामान्य कोच उपलब्ध होंगे। ट्रेन रूट में गोधरा, दाहोद, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ़ और जयपुर सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकती है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही, बांद्रा टर्मिनस से गोरखपुर के लिए 09019 स्पेशल ट्रेन 1 मार्च को सुबह 8.35 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर और सीहोर जैसे स्टेशनों से होते हुए सोमवार रात 8.40 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वहीं, गोरखपुर से बांद्रा टर्मिनस के लिए 09020 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल ट्रेन 2 मार्च को सुबह 11.35 बजे गोरखपुर से चलकर सीहोर, शुजालपुर, मक्सी, उज्जैन, नागदा, रतलाम और दाहोद होते हुए बुधवार सुबह 9.45 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। इन स्पेशल ट्रेनों का रूट भी व्यापक है। दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, दहानू रोड, वापी, वलसाड, नवसारी, उधना, सयान, भरूच, वडोदरा, गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, मनकापुर, बस्ती और खलीलाबाद सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि यह स्पेशल ट्रेनें होली के दौरान बढ़ी हुई भीड़ और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चलाई जा रही हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि टिकट पहले से बुक कर लें, ताकि यात्रा सुविधाजनक और आरामदायक हो। इन ट्रेनों के संचालन से होली पर्व में यात्रा करने वाले लोगों को लंबी दूरी तय करने में समय और सुविधा दोनों का लाभ मिलेगा। यह कदम न केवल यात्रियों के लिए राहत प्रदान करेगा, बल्कि रेलवे ट्रैफिक को भी संतुलित बनाए रखने में मदद करेगा। यात्रियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे सुरक्षित और आरामदायक तरीके से होली की यात्रा का आनंद ले सकें।

होली से पहले उज्जैन पुलिस का एक्शन मोड: गुंडा बदमाशों को थाने बुलाकर चेतावनी, हुड़दंग किया तो होगी सख्त कार्रवाई

नई दिल्ली। होली और रंगपंचमी को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए उज्जैन पुलिस ने जिलेभर में विशेष अभियान चलाया है। पुलिस ने गुंडा सूची में दर्ज बदमाशों, निगरानी अपराधियों और आदतन उपद्रवियों को थानों में तलब कर कड़ी चेतावनी दी है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ यह कार्रवाई की गई। त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सक्रिय असामाजिक तत्वों की काउंसलिंग की गई और उन्हें भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने की हिदायत दी गई। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी व्यक्ति होली या रंगपंचमी के दौरान मारपीट, जबरन रंग डालना, महिला उत्पीड़न, धार्मिक भावनाएं भड़काने, अवैध शराब या नशीले पदार्थों की बिक्री अथवा सेवन, या किसी भी प्रकार की शांति भंग की गतिविधि में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अभियान के तहत संबंधित आरोपियों से प्रतिबंधात्मक धाराओं में बांड भरवाए गए हैं। साथ ही उनके डोजियर अपडेट किए गए, जिनमें आपराधिक रिकॉर्ड, वर्तमान गतिविधियों और संभावित जोखिम का विवरण दर्ज किया गया। थानों में बुलाए गए लोगों को शांति और सौहार्द बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि होली को लेकर पिछले 15 दिनों से लगातार बैठकें की जा रही हैं। सभी आयोजनकर्ताओं से समन्वय स्थापित किया गया है और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। होलिका दहन और अन्य आयोजनों में कोई अव्यवस्था न हो, इसके लिए आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं और बच्चे भी सुरक्षित माहौल में त्योहार मना सकें, यह पुलिस की प्राथमिकता है। हर थाने में उपद्रवी तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ बाउंडओवर की कार्रवाई की गई है। जिलेभर में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि होली और रंगपंचमी सौहार्द और भाईचारे के साथ संपन्न हो सकें।

मिलावटी खोया से होली पर खतरा: घर पर पहचानें शुद्ध खोया

नई दिल्ली । होली का त्योहार नजदीक है और बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ गई है। इसी बीच मिलावटखोर मिलावटी खोया बेचकर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने 12,800 किलो खोया बिक्री पर रोक दिया और 760 क्विंटल से अधिक खोया नष्ट कराया। ये कोई अलग मामला नहीं है, देशभर से मिलावटी खोया मिलने और उसकी बिक्री पर कार्रवाई की खबरें लगातार आ रही हैं। मिलावटी खोया दिखने में असली जैसा लगता है, लेकिन इसके सेवन से पेट दर्द, अपच, गैस, दस्त, फूड पॉइजनिंग, लिवर और किडनी की समस्या और हार्ट हेल्थ पर नकारात्मक असर हो सकता है। अगर इसमें डिटर्जेंट या यूरिया जैसी हानिकारक चीजें मिली हों, तो यह केमिकल टॉक्सिसिटी का कारण बन सकती है। डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली के अनुसार मिलावटी खोया अक्सर स्टार्च, मैदा, सिंथेटिक दूध, रिफाइंड तेल या वनस्पति घी, यहां तक कि साबुन या डिटर्जेंट जैसे हानिकारक पदार्थ मिलाकर बनाया जाता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, हार्ट डिजीज का खतरा होता है और पाचन तंत्र प्रभावित होता है। घर पर असली और नकली खोया पहचानना आसान है। FSSAI के अनुसार असली खोया मुलायम, दानेदार और हल्का गुलाबी रंग का होता है, जबकि मिलावटी खोया चिपचिपा, बहुत चिकना या रासायनिक गंध वाला हो सकता है। अगर आप घर पर खोया बनाना चाहते हैं तो प्रक्रिया सरल है। दूध को कड़ाही में उबालें, मीडियम आंच पर लगातार चलाएं और किनारों पर जमने वाली मलाई को वापस मिलाएं। जैसे-जैसे पानी सूखता है, दूध गाढ़ा होकर रबड़ी जैसा हो जाएगा। जब मिश्रण पूरी तरह गाढ़ा होकर एक जगह इकट्ठा हो जाए, तो गैस बंद करें। ठंडा होने पर खोया और सख्त और दानेदार हो जाएगा। इसे एयरटाइट डिब्बे में फ्रिज में 4-5 दिन या फ्रीजर में महीने भर रखा जा सकता है। अगर किसी दुकान पर मिलावटी खोया मिलने का शक हो तो पहले दुकानदार से बात करें। संतोषजनक जवाब न मिले तो FSSAI के टोल-फ्री नंबर 1800112100 पर शिकायत दर्ज करें। स्थानीय पुलिस और जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग को भी सूचना दी जा सकती है। शिकायत के लिए सैंपल और रसीद सुरक्षित रखें। मिलावटी फूड बेचने वालों पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट, 2006 के तहत कार्रवाई होती है। इसमें भारी जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या रद्द, दुकान सील और गंभीर मामलों में जेल की सजा शामिल हो सकती है। फूड सेफ्टी ऑफिसर जांच के बाद सैंपल लैब में भेजते हैं और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हैं। होली पर मिठाइयों का मज़ा लेते हुए मिलावटी खोया से बचना बेहद जरूरी है। घर पर शुद्ध खोया बनाएं और सुरक्षित मिठाइयों का आनंद लें।

महाकाल में अब हर आरती सशुल्क! 250 रुपए पास पर मचा बवाल, भक्त बोले- आस्था पर क्यों लगा ‘टिकट’?

उज्जैन । उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में संध्या और शयन आरती के लिए 250 रुपए शुल्क लागू किए जाने के फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब श्रद्धालु इन आरतियों में शामिल तभी हो सकेंगे, जब उनके पास निर्धारित पास होगा। मंदिर समिति ने यह व्यवस्था भस्म आरती की तर्ज पर शुरू की है। समिति का अनुमान है कि इससे प्रतिदिन लगभग 6 लाख रुपए की अतिरिक्त आय होगी, यानी हर महीने करीब 1.80 करोड़ और सालाना लगभग 22 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। मंदिर प्रशासन का तर्क है कि इस कदम से भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी। आरती की बुकिंग पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है, जिसे पारदर्शिता की दिशा में कदम बताया जा रहा है। हालांकि जिन श्रद्धालुओं को ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी नहीं है या तकनीकी दिक्कतें आती हैं, उनके लिए केवल एक हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। दूसरी ओर, कई श्रद्धालुओं ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि भस्म आरती पहले से सशुल्क है, लेकिन संध्या और शयन आरती में भी शुल्क लागू करना आस्था पर आर्थिक बोझ डालना है। कुछ भक्तों का आरोप है कि 250 रुपए देने वालों को बेहतर स्थान मिलता है, जबकि अन्य श्रद्धालुओं को सीमित या चलित दर्शन तक ही सीमित कर दिया जाता है। इसे वे “आस्था में भेदभाव” बता रहे हैं। महाकाल से जुड़े भक्त मंडलों का कहना है कि वर्षों से नियमित रूप से आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को अचानक शुल्क व्यवस्था के कारण असुविधा हो रही है। उनका तर्क है कि मंदिर में सभी भक्त समान हैं और आर्थिक आधार पर भेद नहीं होना चाहिए। मंदिर के कुछ पुजारियों ने भी कहा है कि शुल्क लागू करने से पहले उनसे औपचारिक परामर्श नहीं लिया गया। उनका सुझाव है कि यदि शुल्क व्यवस्था लागू की गई है, तो कम से कम 25 प्रतिशत स्थान ऐसे श्रद्धालुओं के लिए ऑफलाइन आरक्षित किए जाएं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाते। राजनीतिक स्तर पर भी इस फैसले पर मतभेद सामने आए हैं। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि जब मंदिर की आय दान और अन्य स्रोतों से पहले ही पर्याप्त है, तो अतिरिक्त शुल्क की आवश्यकता क्यों पड़ी। वहीं महापौर ने कहा कि वे मंदिर समिति के पदेन सदस्य हैं, लेकिन इस निर्णय पर उनसे औपचारिक सहमति या चर्चा नहीं की गई। फिलहाल मंदिर प्रशासन अपने निर्णय पर कायम है और इसे व्यवस्था सुधार की दिशा में कदम बता रहा है। दूसरी ओर, श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के चलते यह मुद्दा लगातार तूल पकड़ रहा है। अब देखना होगा कि विरोध के बाद मंदिर समिति इस व्यवस्था में कोई बदलाव करती है या नहीं।

इजरायल-ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति संकट, कीमतों में सोमवार को उछाल की संभावना

नई दिल्ली। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने खाड़ी क्षेत्र में कच्चे तेल की आपूर्ति पर संकट खड़ा कर दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि युद्ध जारी रहता है तो सोमवार को बाजार खुलते ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल देखने को मिल सकता है। हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल की परिवहन में अभी कोई बाधा की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन टैंकरों के जोखिम में फंसने और टारगेट बनने की आशंका के कारण कई प्रमुख तेल व्यापारी माल ढुलाई को निलंबित करने पर मजबूर हैं। ईरान और ओमान के बीच स्थित इस जलडमरूमध्य से प्रतिदिन करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल और उससे बने उत्पाद निकलते हैं, जो वैश्विक आपूर्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विशेषज्ञों ने बताया कि टैंकर माल ढुलाई दरें पहले ही बढ़ चुकी हैं। मध्य पूर्व से चीन तक जाने वाले बड़े कच्चे तेल वाहकों के लिए 2026 में दरें अब तक तीन गुना बढ़ चुकी हैं, जो जोखिम लेने में कंपनियों की हिचक को दर्शाता है। खाड़ी देश विश्व की लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति करते हैं। आपूर्ति में कमी का पैमाना इस बात पर निर्भर करेगा कि युद्ध के दौरान एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को सीधे निशाना बनाया जाएगा या नहीं और समुद्री मार्गों पर सेवाएं कितनी जल्दी बहाल होती हैं। अब तक, ईरान और संयुक्त अमेरिकी-इजरायली बलों के बीच युद्ध में किसी प्रमुख तेल और गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कतर और कुवैत में विस्फोटों की खबरें आई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के खारग द्वीप के पास धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जो तेहरान के अधिकांश कच्चे तेल निर्यात का प्रमुख टर्मिनल है। विश्लेषकों ने 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि अल्पकालिक संघर्षों का भी तेल की कीमत और आपूर्ति पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। इस संघर्ष के चलते वैश्विक तेल बाजार अस्थिर हो सकता है, और निवेशक सतर्क हो गए हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर्प्स (आईआरजीसी) ने मध्य पूर्व में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर हमलों की नई लहर की घोषणा की है। ये हमले हाल ही में ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों का बदला लेने के लिए किए जा रहे हैं। कथित तौर पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई इस हमले में मारे गए। ईरान सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा है इस जघन्य अपराध का जवाब जरूर दिया जाएगा और यह इस इस्लामी दुनिया के इतिहास में नया अध्याय लिखेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबी अवधि तक चलता है तो कच्चे तेल की आपूर्ति में बड़ी कमी आ सकती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ेगी और कीमतों में तेजी आएगी। निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और भविष्य की स्थिति के स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला: प्राइवेट स्कूल 2026-27 में वसूलेंगे पिछले साल वाली फीस

नई दिल्ली । दिल्ली हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों में स्कूल स्तरीय फीस विनियमन समिति गठन के दिल्ली सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए प्राइवेट स्कूल वही फीस वसूलेंगे जो उन्होंने पिछले वर्ष 2025-26 में वसूली थी। हाईकोर्ट के इस आदेश से फिलहाल स्कूलों को SLFRC गठित करने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 12 मार्च को निर्धारित की है। 28 फरवरी को हुई सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने कहा कि सरकार द्वारा SLFRC गठन संबंधी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं के लंबित रहने के दौरान कमेटी का गठन स्थगित रहेगा। बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अत्यधिक फीस कानून के अनुसार विनियमित की जाएगी। यह आदेश कई स्कूल संघों की याचिकाओं पर पारित किया गया जिन्होंने दिल्ली सरकार की 1 फरवरी 2026 की अधिसूचना पर रोक लगाने की मांग की थी। उस अधिसूचना में स्कूलों को 10 दिन के भीतर SLFRC गठित करने का निर्देश दिया गया था। इस मामले पर आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्राइवेट स्कूल मालिकों और बीजेपी की दिल्ली सरकार के बीच सांठगांठ हाईकोर्ट में फिर उजागर हुई। उन्होंने बताया कि इससे पहले बीजेपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन दिया था कि प्राइवेट फीस एक्ट 2025-26 के लिए बढ़ाई गई फीस पर लागू नहीं होगा जबकि अब हाईकोर्ट ने इसे 2026-27 के सत्र के लिए भी लागू कर दिया। कोर्ट के इस फैसले से स्पष्ट हो गया है कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में दिल्ली के प्राइवेट स्कूल वही फीस वसूलेंगे जो उन्होंने पिछले साल वसूली थी और SLFRC गठन पर फिलहाल रोक रहेगी। इससे स्कूलों के लिए शुल्क निर्धारण में अस्थिरता टली है और कानूनी प्रक्रिया के तहत अत्यधिक फीस पर निगरानी बनी रहेगी।

ग्वालियर: शराब की लत ने उजाड़ा घर; खटिया पर कूलर रखकर विवाहिता ने लगाई फांसी

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित जमाहर गांव में एक 28 वर्षीय विवाहिता ने अपने ही घर में मौत को गले लगा लिया। यह आत्महत्या केवल एक हादसा नहीं, बल्कि पति की बेरोजगारी और शराब की लत से उपजे मानसिक टॉर्चर का नतीजा है। घटना का वीभत्स मंजरशनिवार-रविवार की दरमियानी रात राजकुमारी कुशवाह ने अपनी जीवनलीला समाप्त करने के लिए एक दर्दनाक रास्ता चुना उसने पहले कमरे में रखी खटिया (चारपाई) के ऊपर कूलर रखा।कूलर पर चढ़कर उसने साफी (कपड़े) का फंदा बनाया और पंखे से लटक गई।जब उसकी सास रामबाई कमरे में पहुंची, तो राजकुमारी को फंदे पर लटका देख उनकी चीख निकल गई। परिजनों ने तुरंत फंदा काटकर उसे अस्पताल पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वजह: शराब, विवाद और बेरोजगारीपुलिस की प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों से जो हकीकत सामने आई है, वह बेहद दुखद है: पति की लत: मृतका का पति आकाश कुशवाह शराब का आदी था, जिसके कारण घर में आए दिन कलेश होता था। आर्थिक तंगी: पति कोई काम नहीं करता था, जिससे घर चलाने और बच्चों के भविष्य को लेकर राजकुमारी गहरे मानसिक तनाव (Depression) में थी। घरेलू विवाद: पति के निकम्मेपन और शराबखोरी ने राजकुमारी को इस कदर हताश कर दिया कि उसे मौत ही एकमात्र रास्ता नजर आया। पुलिस की कार्रवाईपुरानी छावनी थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) का मामला बनता है। एक कड़वा सच: यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सवाल है कि जब शराब और बेरोजगारी किसी हंसते-खेलते परिवार को निगलने लगती है, तो उसका सबसे पहला और सबसे गहरा शिकार घर की महिलाएं ही होती हैं।

इजरायल-ईरान संघर्ष का असर दुबई रियल एस्टेट पर, बिक्री में गिरावट के संकेत

नई दिल्ली। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध तनाव ने दुबई के रियल एस्टेट बाजार में चिंता पैदा कर दी है। दुबई के रियल एस्टेट डेवलपर्स और ब्रोकर्स का कहना है कि हाल के दिनों में प्रॉपर्टी बुल रन थम सकता है और आने वाले समय में बिक्री में गिरावट देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमलों ने लंबे समय से चली आ रही धारणा को चुनौती दी है कि दुबई संघर्षों के समय धन रखने के लिए सुरक्षित ठिकाना है। पिछली बार, रूस, यूक्रेन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देशों के निवेशकों को यही धारणा आकर्षित करती रही थी, जिससे दुबई में निवेश बढ़ा। ब्रोकर्स के मुताबिक, ईरानी मिसाइल हमलों के बाद निवेशक स्पष्टता की प्रतीक्षा कर सकते हैं कि क्या यह संघर्ष लंबे युद्ध में बदल सकता है या जल्दी समाप्त हो जाएगा। हालांकि, दुबई रियल एस्टेट में मांग में कमी आ सकती है, लेकिन कीमतों में फिलहाल कोई गिरावट की संभावना नहीं है। दुबई में 2025 में रियल एस्टेट से जुड़े 2.15 लाख से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए थे, जिनकी कुल वैल्यू करीब 187 अरब डॉलर थी। इसकी मुख्य वजह लग्जरी प्रॉपर्टी की मांग और भारत समेत अन्य विदेशी निवेशकों की रुचि थी। हाल ही में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों के वीडियो वायरल हुए हैं, जो अमेरिकी और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों की ओर बढ़ते हुए दिखाए गए। स्थानीय सुरक्षा बलों ने इन हमलों को रोकने में सफलता हासिल की। यूएई के सरकारी मीडिया ने बताया कि इन हमलों में एक व्यक्ति की मौत हुई और पाम जुमेराह परिसर में एक इमारत पर हमला हुआ जिसमें चार लोग घायल हुए। बुर्ज खलीफा को भी एहतियात के तौर पर खाली करवा लिया गया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने रविवार को अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाकर हमलों की नई लहर की घोषणा की। ये हमले हाल ही में ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों का बदला लेने के लिए किए गए थे, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु शामिल थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबी अवधि तक चलता है, तो दुबई की प्रॉपर्टी बिक्री और निवेश में और गिरावट आ सकती है। निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और बाजार में किसी स्थिर संकेत का इंतजार कर रहे हैं। दुबई रियल एस्टेट बाजार की यह संवेदनशीलता दिखाती है कि क्षेत्रीय संघर्ष सीधे तौर पर विदेशी निवेश और संपत्ति मूल्यांकन को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन बिक्री और लेनदेन की गति धीमी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

पुडुचेरी में डबल इंजन सरकार का जश्न, पीएम मोदी ने किया 2,700 करोड़ परियोजनाओं का उद्घाटन

पुडुचेरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पुडुचेरी में आयोजित जनसभा में कांग्रेस और तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पुडुचेरी की विकास यात्रा में कांग्रेस और डीएमके दोनों ही बड़े स्पीड ब्रेकर साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब डबल इंजन सरकार के कामों का जश्न मनाने का समय है और विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर है। प्रधानमंत्री मोदी ने मौके पर 2,700 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने समावेशी प्रगति सुनिश्चित करने के लिए शहरी और ग्रामीण दोनों अवसंरचना विकास पर विशेष ध्यान दिया है। डीएमके और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले के दौर में पुडुचेरी के लोग भारी कष्ट झेलते रहे। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और अपराध आम बात थी। राशन की दुकानों में चावल नहीं मिलता था, सैलरी देर से मिलती थी, और सड़कों पर गुंडों और ड्रग माफिया का राज था। प्रधानमंत्री ने कहा, “कांग्रेस ने पुडुचेरी को दिल्ली में बैठे एक परिवार का एटीएम बना दिया था। डीएमके की बात करें तो तमिलनाडु में हो रहे घोटालों की लंबी सूची देखी जा सकती है।” पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस और डीएमके अब भी सत्ता की भूखी हैं, लेकिन पुडुचेरी के लोग इसे दोबारा नहीं चाहेंगे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने पुडुचेरी में विकास और कल्याण के कामों को तेज गति से आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री ने पुडुचेरी के पर्यटन क्षेत्र को इसकी ताकत बताते हुए कहा कि यह वीकेंड डेस्टिनेशन के रूप में पहले से ही हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। ट्रेनें और उड़ानें हमेशा भरी रहती हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक पर्यटन, इको-टूरिज्म और स्वास्थ्य पर्यटन में निवेश से पुडुचेरी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। स्वास्थ्य सेवा को लेकर पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि जब तक मानव संसाधन स्वस्थ रहेगा, तब तक राष्ट्र की प्रगति संभव है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सभी के लिए सुलभ, उपलब्ध और किफायती होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि पुडुचेरी के किसी भी नागरिक को इलाज के लिए लंबी दूरी की यात्रा करने की जरूरत न पड़े। प्रधानमंत्री ने कहा कि पुडुचेरी मेडिकल टूरिज्म हब बन सकता है। वर्तमान में यहां नौ मेडिकल कॉलेज हैं, और केंद्र सरकार की नीतियां इसे वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य पर्यटन केंद्र बनाने में सहायक होंगी। पीएम मोदी के संबोधन में डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को उजागर किया गया और कांग्रेस-डीएमके शासनकाल की कमियों का उदाहरण देते हुए विकास और कल्याण पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने पुडुचेरीवासियों से कहा कि अब भ्रष्टाचार और अस्थिरता के दौर में लौटने का समय नहीं है, बल्कि विकास और नई परियोजनाओं का लाभ उठाने का समय है।