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पैदा होते ही टाइगर श्रॉफ को मिला था 'साइनिंग अमाउंट', सुभाष घई ने किया था ये बड़ा वादा

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्शन और डांस स्टार टाइगर श्रॉफ की कहानी खास है। आज उन्हें उनके जबरदस्त स्टंट्स, फिटनेस और स्टाइल के लिए जाना जाता है, लेकिन कम लोग जानते हैं कि टाइगर को जन्म के समय ही बॉलीवुड से पहला साइनिंग अमाउंट मिल चुका था। मशहूर फिल्ममेकर सुभाष घई ने जन्म के समय ही टाइगर के हाथ में 101 रुपए रखकर यह वादा किया था कि वह उन्हें बड़े होकर हीरो बनाएंगे। टाइगर श्रॉफ का जन्म 2 मार्च 1990 को मुंबई में हुआ। उनका असली नाम जय हेमंत श्रॉफ है। वे बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ और फिल्म प्रोड्यूसर आयशा श्रॉफ के बेटे हैं। बचपन में उनकी फुर्ती और शरारत के चलते घर में उन्हें प्यार से ‘टाइगर’ कहा जाने लगा। यही नाम आगे चलकर उनकी पहचान बन गया। जन्म के समय ही सुभाष घई टाइगर से मिलने आए। घई ने जैकी श्रॉफ को फिल्म ‘हीरो’ से लॉन्च किया था। टाइगर को देखकर उन्होंने 101 रुपए साइनिंग अमाउंट के रूप में दिए और कहा कि भविष्य में वे ही टाइगर को हीरो बनाएंगे। हालांकि, समय के साथ सुभाष घई ने इस वादे को निभाया नहीं, लेकिन टाइगर की किस्मत ने उनके लिए दूसरा रास्ता बनाया। निर्माता साजिद नाडियाडवाला ने टाइगर को बॉलीवुड में डेब्यू का मौका दिया। टाइगर ने 2014 में फिल्म ‘हीरोपंती’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में उनके एक्शन और डांस को खूब सराहा गया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और टाइगर को बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्होंने ‘बागी’, ‘ए फ्लाइंग जट’, ‘मुन्ना माइकल’, और ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें कुछ फिल्में सुपरहिट रहीं, जबकि कुछ ने बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं किया। साल 2019 में आई फिल्म ‘वॉर’ उनके करियर की बड़ी हिट साबित हुई। इस फिल्म में उनके साथ बॉलीवुड के एक्शन आइकन ऋतिक रोशन थे, जिन्हें टाइगर अपना आदर्श मानते हैं। ‘वॉर’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की और टाइगर की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी। टाइगर को डेब्यू फिल्म के लिए कई सम्मान मिले, जिनमें फिल्मफेयर अवॉर्ड और आईफा अवॉर्ड शामिल हैं। कम फिल्मों में काम करने के बावजूद टाइगर श्रॉफ आज के दौर के सबसे चर्चित और पसंदीदा एक्शन स्टार माने जाते हैं। टाइगर का यह जन्मकालीन किस्सा और बॉलीवुड में उनके सफर ने यह साबित किया कि प्रतिभा, मेहनत और सही मौके का संयोजन किसी को भी स्टार बना सकता है, और टाइगर श्रॉफ इसके जीते-जागते उदाहरण हैं।

यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की जमानत पर स्टे, तिहाड़ जेल भेजे गए

नई दिल्ली । एआई समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट के मामले में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की जमानत पर सेशंस कोर्ट ने रोक लगा दी है। दिल्ली पुलिस ने सेशंस कोर्ट में अपील की और जमानत पर स्टे लगवाने के बाद चिब को तिहाड़ जेल भेज दिया। इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने नाराजगी व्यक्त की है। इंडियन यूथ कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करते हुए पुलिस पर सत्ता पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। पोस्ट में बताया गया कि आधी रात को दिल्ली पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने रिमांड बढ़ाने की अर्जी दी, जिसे न्यायालय ने अवैध बताते हुए खारिज कर दिया और जमानत आदेश दिया। हालांकि, जब चिब के वकील जमानत मुचलके आदि की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे थे, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच चुपके से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ सेशंस कोर्ट पहुंच गई। बिना पक्ष सुने ही जमानत आदेश पर स्टे लगा दिया गया और अगली सुनवाई की तारीख 6 मार्च तय की गई। यूथ कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में कहा कि संगठन न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करता है और इस आदेश के खिलाफ हर कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस और सरकार के प्रयास असफल होंगे। यूथ कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस नेताओं और कार्यकर्ताओं को सलाखों के पीछे रखकर अपनी मंशा के अनुरूप भारत विरोधी ट्रेड डील पर सवालों से बचना चाहती है। बताया गया कि हाल ही में दिल्ली में हुए AI समिट के दौरान उदय भानु चिब और कई यूथ कांग्रेस नेताओं ने शर्टलेस प्रोटेस्ट किया था। मामले में दिल्ली पुलिस ने चिब समेत देश के अलग-अलग राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। पिछले दिनों कोर्ट ने चिब को जमानत दे दी थी, लेकिन रिहाई से पहले पुलिस ने सेशंस कोर्ट में अपील की, और कोर्ट ने जमानत पर स्टे लगा दिया। इसके बाद चिब को तिहाड़ जेल भेज दिया गया। यूथ कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया कि युवा-किसान विरोधी ट्रेड डील और अन्य गिरफ्तारियों के खिलाफ उनका संघर्ष और तेज होगा और अंततः सच्चाई और न्याय की जीत होगी।

मार्च में 17 दिन मंत्री सुनेंगे जनता की समस्याएं, पांच मंत्रियों की इस महीने कोई ड्यूटी नहीं

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश बीजेपी कार्यालय में मार्च महीने के लिए मंत्री ड्यूटी का रोस्टर जारी कर दिया गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने शनिवार-रविवार और सरकारी छुट्टियों को छोड़कर रोज़ाना एक मंत्री को कार्यालय में बैठकर आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने का निर्देश दिया है। कल यानी 2 मार्च को डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक कार्यालय में रहेंगे। मार्च में कुल 17 दिन मंत्रियों की ड्यूटी होगी। लेकिन इस महीने पांच मंत्रियों की एक भी दिन ड्यूटी नहीं लगी है। जिन मंत्रियों की ड्यूटी नहीं है, वे हैं: राकेश सिंह (PWD मंत्री) विश्वास सारंग (सहकारिता एवं खेल मंत्री) लखन पटेल (पशुपालन मंत्री) प्रतिमा बागरी (नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री) दिलीप अहिरवार (वन राज्यमंत्री) छुट्टियों के कारण ड्यूटी नहीं लगेगी:1 मार्च (रविवार), 3-5 मार्च (होली), 7 मार्च (शनिवार), 8 मार्च (रविवार), 14-15 मार्च (शनिवार-रविवार), 19 मार्च (गुड़ी पड़वा), 21-22 मार्च (शनिवार-रविवार), 27 मार्च (राम नवमी), 28-29 मार्च (शनिवार-रविवार)। मंत्रियों की तारीखवार ड्यूटी (मुख्य विवरण): 2 मार्च, सोमवार – जगदीश देवड़ा (वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी), गौतम टेटवाल (कौशल विकास एवं रोजगार) 6 मार्च, शुक्रवार – कुंवर विजय शाह (जनजातीय कार्य, भोपाल गैस त्रासदी राहत), नरेन्द्र शिवाजी पटेल (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) 9 मार्च, सोमवार – राजेन्द्र शुक्ल (डिप्टी सीएम, लोक स्वास्थ्य), नारायण सिंह पंवार (मछुआ कल्याण एवं मत्स्य) 10 मार्च, मंगलवार – प्रहलाद पटेल (पंचायत एवं श्रम), राधा सिंह (पंचायत राज) 11 मार्च, बुधवार – उदय प्रताप सिंह (परिवहन एवं स्कूल शिक्षा), दिलीप जायसवाल (कुटीर एवं ग्रामोद्योग) 12 मार्च, गुरुवार – करण सिंह वर्मा (राजस्व) 13 मार्च, शुक्रवार – संपतिया उईके (PHE) 16 मार्च, सोमवार – तुलसी सिलावट (जल संसाधन) 17 मार्च, मंगलवार – एदल सिंह कंसाना (कृषि) 18 मार्च, बुधवार – निर्मला भूरिया (महिला एवं बाल विकास) 20 मार्च, शुक्रवार – नारायण सिंह कुशवाह (सामाजिक न्याय) 23 मार्च, सोमवार – नागर सिंह चौहान (अनुसूचित जाति कल्याण) 24 मार्च, मंगलवार – प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा) 25 मार्च, बुधवार – राकेश शुक्ला (नवकरणीय ऊर्जा) 26 मार्च, गुरुवार – चेतन्य काश्यप (MSME) 30 मार्च, सोमवार – कृष्णा गौर (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण) 31 मार्च, मंगलवार – धर्मेन्द्र सिंह लोधी (पर्यटन एवं संस्कृति) इस व्यवस्था से आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को सीधे मंत्री से मिलने और अपनी समस्याएं साझा करने का अवसर मिलेगा।

यूपीआई लेनदेन में बूम: फरवरी में 27% वृद्धि, 26 लाख करोड़ से अधिक का डिजिटल ट्रांजेक्शन

नई दिल्ली: फरवरी 2026 में यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई ट्रांजेक्शन में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई ट्रांजेक्शन की संख्या सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर 20.39 अरब हो गई है। इसी दौरान यूपीआई ट्रांजेक्शन की कुल वैल्यू भी 22 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 26.84 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है। इस अवधि में प्रतिदिन औसतन 728 मिलियन लेनदेन हुए, जबकि जनवरी में यह आंकड़ा 700 मिलियन था। फरवरी का औसत दैनिक लेनदेन 95,865 करोड़ रुपए रहा, जो जनवरी के 91,403 करोड़ रुपए की तुलना में अधिक है। जनवरी में यूपीआई के लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़ी थी और कुल वैल्यू 28.33 लाख करोड़ रुपए तक पहुंची थी। वहीं, यूपीआई की तुलना में आईएमपीएस लेनदेन का मासिक वॉल्यूम फरवरी में 336 मिलियन रहा, जिसमें सालाना 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल लेनदेन वैल्यू 6.42 लाख करोड़ रुपए रही। प्रतिदिन औसतन 12 मिलियन लेनदेन दर्ज किए गए। फास्टैग का मासिक लेनदेन 350 मिलियन रहा और इसका कुल मूल्य 6,925 करोड़ रुपए था, जो पिछले साल की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। यूपीआई का विस्तार केवल घरेलू स्तर तक सीमित नहीं है। यह अब संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित आठ से अधिक देशों में सक्रिय है। इस वैश्विक विस्तार के कारण भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन गया है। यूपीआई की अंतरराष्ट्रीय पहुँच से रेमिटेंस बढ़ रही है, वित्तीय समावेशन मजबूत हो रहा है और भारत की फिनटेक स्थिति सुदृढ़ हो रही है। हाल ही में भारत और इजरायल ने यूपीआई के सीमा-पार उपयोग को सक्षम करने की घोषणा की, जिससे दोनों देशों की डिजिटल और वित्तीय साझेदारी और गहरी होगी। इस प्रक्रिया के तहत यूपीआई इजरायल के घरेलू भुगतान नेटवर्क से जुड़कर तेज और किफायती डिजिटल लेनदेन सुनिश्चित करेगा। भारत के वित्त मंत्रालय के स्वतंत्र अध्ययन के अनुसार, यूपीआई देश में भुगतान का सबसे पसंदीदा माध्यम बन चुका है। कुल डिजिटल भुगतान में यूपीआई का हिस्सा 57 प्रतिशत है, जबकि नकद लेनदेन 38 प्रतिशत पर सीमित है। इसकी सफलता का मुख्य कारण इसकी उपयोग में सरलता और इंस्टेंट मनी ट्रांसफर की क्षमता है। यूपीआई के बढ़ते ट्रांजेक्शन और अंतरराष्ट्रीय विस्तार ने यह साबित कर दिया है कि भारत डिजिटल भुगतान में न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

नर्मदापुरम में भीषण सड़क हादसा: IIIT नागपुर के छात्र की मौत, चार गंभीर रूप से घायल

नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में रविवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने लोगों को हिला कर रख दिया। पिपरिया-छिंदवाड़ा स्टेट हाईवे पर मटकुली के पास भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान IIIT नागपुर के छात्र नयन मंडल की कार पलटने से दर्दनाक मौत हो गई। छात्र सवार कार अनियंत्रित होकर पलटी जिससे नयन मंडल काल के गाल में समा गया। हादसा मटकुली से लगभग 1 किलोमीटर आगे छिंदवाड़ा रोड पर हुआ। कार में चालक अनय गौर और छात्र सुमेद शबाने अनुज सिंह सुमेद भामरे भी सवार थे। ये सभी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार एक घायल की हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उसे नर्मदापुरम रेफर किया गया। अन्य घायलों को पिपरिया अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। सूचना मिलते ही स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह हादसा कार के नियंत्रण खो देने के कारण हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। घायकों में महाराष्ट्र के नांदेड़ मुंबई नासिक और मध्य प्रदेश के इंदौर के छात्र शामिल हैं। सभी छात्र वर्तमान में IIIT नागपुर के हॉस्टल में रह रहे थे और अध्ययन तथा परियोजना कार्य के सिलसिले में यात्रा पर थे। यह हादसा न केवल छात्रों के परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गया है बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए भी तत्काल कार्रवाई की स्थिति पैदा कर गया है। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

प्रधानमंत्री ने नागपुर फैक्टरी विस्फोट पीड़ितों के लिए पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा की

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के नागपुर में एक फैक्टरी में हुए दुखद विस्फोट पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता में पूरी तत्परता से लगा हुआ है। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा विस्फोट में घायल हुए लोगों को 50, 000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री ने अपने एक्‍स संदेश में कहा महाराष्ट्र के नागपुर में फैक्टरी में हुआ विस्फोट अत्यंत दुखद है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रत्येक मृतक के परिजन को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50 000 रुपये दिए जाएंगे। यह राहत राशि पीड़ित परिवारों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करने और उन्हें इस मुश्किल समय में सहारा देने का उद्देश्य रखती है। स्थानीय प्रशासन भी प्रभावित परिवारों की मदद के लिए लगातार काम कर रहा है और राहत एवं बचाव कार्यों को गति दी गई है। प्रधानमंत्री की यह पहल न केवल पीड़ितों के लिए सहारा है बल्कि यह संकट में सरकार की तत्परता और संवेदनशीलता का प्रतीक भी है। राहत राशि के अलावा प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों द्वारा प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुरक्षा और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस प्रकार नागपुर फैक्टरी विस्फोट पर केंद्र और राज्य सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया और पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा प्रभावित परिवारों के लिए राहत और समर्थन का महत्वपूर्ण कदम है।

इंदौर में गेर पर सुरक्षा का नया आयाम, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों की एंट्री पर रोक

इंदौर: 1 मार्च 2026। रंगपंचमी के अवसर पर निकलने वाली गेर को लेकर नगर निगम, पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। शनिवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर शिवम वर्मा, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और अन्य अधिकारियों ने गेर मार्ग का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और बुनियादी ढाँचे पर विशेष ध्यान दिया। दौरे के दौरान तय किया गया कि पूरे गेर मार्ग पर पर्याप्त पुलिसबल तैनात किया जाएगा। ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा गेर मार्ग में आने वाली ऊंची इमारतों पर वॉच टावर बनाए जाएंगे ताकि किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि असामाजिक तत्वों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। हुड़दंग करने वाले, महिलाओं के साथ अभद्रता करने वाले या सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। महिलाओं के विशेष दस्ते और सादी वर्दी में पुलिसबल भीड़ के बीच तैनात रहेंगे, जिससे नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सुरक्षा के साथ-साथ वाहन नियमों का भी कड़ाई से पालन होगा। गेर मार्ग में बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। यह कदम आयोजनों में होने वाले दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए उठाया गया है। महापौर ने नगर निगम की तैयारियों का जायजा लेते हुए स्वच्छता और बुनियादी ढांचे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गेर के तुरंत बाद शहर की सफाई और स्वच्छता बनाए रखना प्राथमिकता होगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को विशेष संसाधनों के साथ सक्रिय स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आयोजन समाप्त होने के तुरंत बाद मार्गों की सफाई और कचरा प्रबंधन पर कोई कमी न रह जाए। निरीक्षण की शुरुआत मल्हारगंज चौराहे से हुई और पूरे मार्ग का दौरा किया गया। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और पुलिस मिलकर गेर को सुरक्षित, व्यवस्थित और आनंददायक बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन के इन उपायों के साथ इंदौर की गेर इस साल भी नागरिकों के लिए आनंद और उत्साह का प्रतीक बनेगी।

वन विभाग में बड़ा फेरबदल: शुभरंजन सेन बने नए पीसीसीएफ हॉफ

भोपाल: 1 मार्च 2026। मध्यप्रदेश सरकार ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 1991 बैच के आईएफएस अधिकारी शुभरंजन सेन को नया पीसीसीएफ हॉफ नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल आज से शुरू होगा और वे लगभग दो वर्षों तक इस पद पर रहेंगे। वन भवन से जारी आदेश के अनुसार सेन इससे पहले पीसीसीएफ पद पर कार्यरत थे और अब अप्रैल 2028 तक अपनी सेवानिवृत्ति से पहले विभाग की कमान संभालेंगे। इस नियुक्ति के पहले इस पद पर विजय कुमार अंबाड़े तैनात थे, जिनका कार्यकाल फरवरी 2026 में समाप्त हुआ और वे अब सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्ति से पहले ही सरकार ने शुभरंजन सेन को पीसीसीएफ हॉफ बनाने का आदेश जारी कर दिया था। सेन मूल रूप से भुवनेश्वर, उड़ीसा के रहने वाले हैं और उन्होंने लंबे समय तक वाइल्डलाइफ विभाग में सेवाएं दी हैं। इस नियुक्ति को खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि शुभरंजन सेन ने विभागीय वरिष्ठता क्रम को पीछे छोड़ते हुए दो वरिष्ठ अफसरों को पीछे छोड़कर यह पद हासिल किया है। वन विभाग में परंपरा रही है कि पीसीसीएफ हॉफ की कमान ग्रेडेशन लिस्ट के अनुसार दी जाती है। पहले चर्चा थी कि इस पद के लिए अंबाड़े के ठीक नीचे मौजूद एचयू खान को चुना जाएगा, जिनकी सेवानिवृत्ति जुलाई 2026 में थी। उनके ठीक नीचे 1990 बैच के आईएफएस अधिकारी विभाष कुमार ठाकुर का नाम था। लेकिन इस बार शुभरंजन सेन ने दोनों को पीछे छोड़ते हुए पद प्राप्त किया। वन विभाग में यह नियुक्ति वरिष्ठता के पारंपरिक क्रम को तोड़ने वाली मानी जा रही है। लंबे समय से आईएफएस लॉबी इतनी मजबूत थी कि पीसीसीएफ हॉफ की कमान किसी अधिकारी को सिर्फ एक दिन या एक महीने के लिए मिलती थी। उदाहरण के तौर पर कुछ समय पहले पीसीसीएफ एके जैन को महज एक दिन के लिए यह पद संभालना पड़ा और आदेश उसी दिन दोपहर में जारी हुआ और शाम को वे सेवानिवृत्त हो गए। इस बार शुभरंजन सेन ने सभी को पीछे छोड़कर पद हासिल कर विभाग में अपनी पकड़ और प्रशासनिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस नियुक्ति से वन विभाग में रणनीतिक बदलाव की संभावना बढ़ सकती है। शुभरंजन सेन के नेतृत्व में वन्यजीव संरक्षण, प्रशासनिक नीतियों और विभागीय सुधारों में नए आयाम देखने को मिल सकते हैं। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव विभाग के लिए लंबे समय तक लाभकारी साबित हो सकते हैं।

आईएनएस तरंगिनी ने श्रीलंका के त्रिंकोमाली पत्तन पर किया स्वागत

नई दिल्ली । भारतीय नौसेना का प्रतिष्ठित प्रशिक्षण पोत आईएनएस तरंगिनी 27 फरवरी 2026 को श्रीलंका के त्रिंकोमाली पत्तन पर पहुंचा। श्रीलंका नौसेना के पूर्वी नौसेना क्षेत्र के अधिकारियों ने पोत का स्वागत करते हुए इस दौरे को दोनों देशों के बीच समुद्री संबंधों और सहयोग को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। यह दौरा विशेष रूप से उस समय आया जब आईएनएस तरंगिनी ने हाल ही में विशाखापत्तनम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2026 में भाग लेकर अपनी दक्षता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया था। पत्तन पर रुकने के दौरान तरंगिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने श्रीलंका नौसेना के पूर्वी क्षेत्र के डिप्टी कमांडर कमोडोर हरिथा जयदेवथे से भेंट की। दोनों पक्षों ने नौकायन प्रशिक्षण और पेशेवर कौशल आदान-प्रदान के क्षेत्र में संभावित सहयोग के अवसरों पर चर्चा की। इस अवसर पर पोत ने श्रीलंकाई रक्षा कर्मियों उनके परिवारों और प्रशिक्षु अधिकारियों को पोत पर परिचयात्मक दौरे के लिए आमंत्रित किया ताकि वे पोत के संचालन प्रशिक्षण गतिविधियों और तकनीकी क्षमताओं से परिचित हो सकें। आईएनएस तरंगिनी का पत्तन पर ठहराव केवल औपचारिक स्वागत तक सीमित नहीं रहा। इस दौरान सामुदायिक सहभागिता गतिविधियों की योजना बनाई गई और विभिन्न प्रशिक्षण आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किए गए। ये पहल द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को और गहरा करने और भविष्य में साझा नौकायन प्रशिक्षण के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई। विशेष रूप से श्रीलंका नौसेना और श्रीलंका समुद्री अकादमी से चयनित प्रशिक्षु अधिकारी इस दौरे के दौरान तरंगिनी पोत से कोलंबो की यात्रा पर रवाना होंगे। इस यात्रा के दौरान उन्हें नौकायन प्रशिक्षण के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जाएगा। प्रशिक्षु अधिकारी पोत पर रहने के दौरान समुद्री सुरक्षा नाव संचालन टीम वर्क और अन्य पेशेवर कौशल सीखेंगे जो उनके करियर विकास और द्विपक्षीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण हैं। आईएनएस तरंगिनी का यह दौरा भारतीय नौसेना और श्रीलंका नौसेना के बीच लंबे समय से चले आ रहे समन्वित समुद्री संबंधों और सहयोग को उजागर करता है। दोनों नौसेनाओं के बीच नियमित प्रशिक्षण तकनीकी सहयोग और सामुदायिक सहभागिता की पहल न केवल पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाती है बल्कि क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और आपसी समझ को भी मजबूत करती है। इस प्रकार तरंगिनी का त्रिंकोमाली दौरा द्विपक्षीय मित्रता नौकायन प्रशिक्षण और सामुदायिक सहभागिता का एक प्रतीक बनकर उभरा है जो भारतीय और श्रीलंकाई नौसेना के साझा भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रखता है।

बड़ी राहत: सीएम मोहन यादव के आश्वासन के बाद मध्यप्रदेश में टली बस हड़ताल.

भोपाल:1 मार्च 2026। मध्यप्रदेश में 2 मार्च से प्रस्तावित बस हड़ताल अब टल गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आश्वासन और मध्यस्थता के बाद बस संचालकों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य प्रदेश के हर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र तक सुगम, सुरक्षित और निर्बाध परिवहन सेवा सुनिश्चित करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बस ऑपरेटर्स की समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और सहयोग से किया जाएगा। समत्व भवन में सीएम निवास पर हुई बैठक में मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों और आपत्तियों को सामने रखा। बस संचालकों ने कहा कि हालिया अधिसूचनाओं और निर्देशों से उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और तुरंत संबंधित सूचना और अधिसूचना को होल्ड करने के निर्देश दिए। अब आगे की कार्रवाई केवल दोनों पक्षों के सहमति से ही की जाएगी। सीएम ने परिवहन मंत्री को भी निर्देश दिए कि वे बस ऑपरेटर्स के साथ मिलकर व्यावहारिक समस्याओं का समाधान निकालें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार और परिवहन व्यवसायी विरोधी नहीं हैं, बल्कि जनता को बेहतर सेवा देने के लिए सहयोगी हैं। इसलिए निर्णय इस तरह लिए जाएं कि यात्रियों की सुविधा बनी रहे और बस संचालकों का व्यवसाय भी प्रभावित न हो। सीएम के आश्वासन और प्रशासनिक समझौते के बाद बस ऑनर्स एसोसिएशन ने घोषणा की कि प्रस्तावित 2 मार्च की हड़ताल अब नहीं होगी। इस कदम से प्रदेश भर में यात्रियों, स्कूल-विश्वविद्यालयों और वाणिज्यिक क्षेत्रों में यात्रा पर कोई व्यवधान नहीं आएगा। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में इसी तरह के मुद्दों पर दोनों पक्ष समय पर चर्चा करेंगे और समाधान निकालेंगे। इस निर्णय से न केवल यात्री राहत महसूस कर रहे हैं, बल्कि बस संचालकों को भी उम्मीद है कि उनकी व्यावसायिक समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और सहयोग से होगा। सरकार ने यह स्पष्ट किया कि जनता को सुविधा देने के साथ-साथ व्यवसायियों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा। प्रदेश के परिवहन तंत्र के लिए यह बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे यह संदेश गया कि मध्यप्रदेश सरकार और परिवहन व्यवसायी मिलकर संतुलित और व्यवस्थित परिवहन सेवा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं। इस समझौते से यात्रियों और बस संचालकों के बीच विश्वास और सहयोग की स्थिति मजबूत होगी।