कूनो नदी में 10 घड़ियाल और कछुए करेंगे आज सुबह प्राकृतिक आवास में प्रवेश, CM मोहन यादव करेंगे उद्धार अभियान का शुभारंभ

मध्यप्रदेश के मोहन यादव आज 1 मार्च 2026 को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में वन्यजीव संरक्षण अभियान के तहत घड़ियाल और कछुए छोड़ने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर करीब एक बजे हेलीकॉप्टर से कूनो पहुंचेंगे। यहां कूनो नदी में 10 घड़ियालों और कुछ कछुओं को प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। यह पहल राज्य सरकार की वन्यजीव संरक्षण नीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य कूनो नेशनल पार्क में जैव विविधता को मजबूत करना तथा नदी पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखना है। बताया गया है कि यह कार्यक्रम पहले 28 फरवरी को प्रस्तावित था, लेकिन उस दिन मुख्यमंत्री उपस्थित नहीं हो सके थे। उस समय बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों को कूनो में छोड़ने की योजना थी, जिसमें केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने भाग लिया। आज का कार्यक्रम पुनर्निर्धारित रूप से घड़ियाल और कछुए संरक्षण अभियान को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है। सीएम के आगमन को देखते हुए कूनो क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि किसी भी स्तर पर सुरक्षा में कोई चूक न हो। विशेषज्ञों के अनुसार घड़ियाल और कछुए नदी पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण घटक हैं। इनकी उपस्थिति से जलाशयों का प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। इस तरह के संरक्षण प्रयास लुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा में मदद करते हैं और क्षेत्र को इको-टूरिज्म के रूप में पहचान दिलाने में भी सहायक होते हैं। कूनो में लगभग एक घंटे का प्रवास पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव हेलीकॉप्टर से अशोकनगर के लिए रवाना होंगे। यह कार्यक्रम न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि राज्य में जैव विविधता और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रतीक भी माना जा रहा है।
MP Morning News: सीएम ग्वालियर-श्योपुर दौरे पर, बसों की हड़ताल रद्द, कूनो पहुंचे 9 नए चीते और मार्च में खुलेंगे सभी बिजली बिल केंद्र

भोपाल। मध्य प्रदेश की सुबह की ताज़ा खबरों में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दौरे से लेकर बसों की हड़ताल रद्द होने और कूनो नेशनल पार्क में नए चीते के आगमन तक की जानकारी शामिल है। साथ ही मार्च में सभी छुट्टियों में बिजली बिल भुगतान केंद्र खुले रहेंगे। सीएम डॉ मोहन यादव का दौरा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज रविवार को कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे सुबह 11:00 बजे भोपाल से ग्वालियर के लिए रवाना होंगे। ग्वालियर में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दोपहर 12:50 बजे श्योपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। श्योपुर में घड़ियाल और कछुओं का रिलीज कार्यक्रम होगा। इसके बाद दोपहर 2:40 बजे अशोकनगर में स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे और शाम 4:25 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।2 मार्च को बसों की हड़ताल रद्द मध्य प्रदेश में 2 मार्च को बसों की हड़ताल नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की बैठक के बाद बस ऑपरेटरों ने हड़ताल रद्द करने का फैसला लिया। परिवहन विभाग से जुड़े विवादित राजपत्र फिलहाल होल्ड पर रहेंगे। इस फैसले के बाद राज्य में बसों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। चार साल में 56,128 आत्महत्या के मामले मध्य प्रदेश में 1 जनवरी 2022 से अब तक 56,128 लोगों ने खुदकुशी की है। डिप्रेशन से जुड़े मामलों में 7,000 से अधिक मौतें हुई हैं। पारिवारिक कलह, नशे की लत, आर्थिक तंगी और कर्ज जैसे कारणों से यह संख्या बढ़ी है। आंकड़े इस प्रकार हैं: 14% डिप्रेशन से 11% लंबी बीमारियों से 9% नशे की लत से 7% कर्ज/आर्थिक तंगी से 5% अकेलेपन के कारण 4% प्रेम प्रसंग में असफलता कूनो नेशनल पार्क में 9 नए चीते बोत्सवाना से 6 मादा और 3 नर चीते शनिवार को मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। अब देश में चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है, जिसमें 45 कूनो में और 3 गांधीसागर में हैं। मार्च में सभी छुट्टियों में खुलेंगे बिजली बिल केंद्र मार्च में राज्य के सभी अवकाशों पर भी बिजली बिल भुगतान केंद्र खुले रहेंगे। इसमें शनिवार, रविवार और त्योहार जैसे होली 3 मार्च गुड़ी पड़वां 19 मार्च जमात उल विदा ईद उल-फितर 20 मार्च रानी अवंती बाई का बलिदान दिवस, रामनवमीं 27 मार्च और महावीर जयंती 31 मार्च शामिल हैं।मध्य प्रदेश में ये फैसले और कार्यक्रम नागरिकों के लिए राहत और सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिए गए हैं।
शर्मनाक: खिलचीपुर में पटवारी की घिनौनी करतूत, नहाती हुई छात्रा का वीडियो बनाया; ग्रामीणों ने बीच सड़क पर धुना

राजगढ़/मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने समाज और सरकारी तंत्र दोनों को शर्मसार कर दिया है। यहाँ एक 50 वर्षीय पटवारी, महेश साहू, पर अपनी ही किराएदार नाबालिग छात्रा का नहाते समय वीडियो बनाने का गंभीर आरोप लगा है। यह घटना शनिवार की है, जब आरोपी पटवारी घर पर अकेला था क्योंकि उसकी पत्नी राजस्थान गई हुई थी। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने बाथरूम की जाली पर अपना मोबाइल फोन सेट कर दिया और 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा का वीडियो रिकॉर्ड करने लगा। छात्रा ने पटवारी की इस संदिग्ध हरकत को भांप लिया था, लेकिन परीक्षा के दबाव के कारण वह उस समय चुप रही। हालांकि, उसने साहस दिखाते हुए बाद में अपनी सहेलियों और परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। जैसे ही इस शर्मनाक करतूत का खुलासा हुआ, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। रात के वक्त बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्राओं के परिजन पटवारी के घर जा धमके। जब आरोपी का मोबाइल चेक किया गया, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। मोबाइल के ‘रिसाइकल बिन’ में न केवल पीड़ित छात्रा का, बल्कि अन्य छात्राओं के भी दो से तीन आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए। इसके बाद उत्तेजित भीड़ ने कानून हाथ में लेते हुए आरोपी पटवारी की जमकर पिटाई की, जिससे उसके कपड़े तक फट गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन हालात इतने तनावपूर्ण थे कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों के बीच से आरोपी को पहले पैदल और फिर बाइक पर बैठाकर सुरक्षित थाने ले जाना पड़ा। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महेश साहू के खिलाफ पॉक्सो POCSO एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आरोपी के फोन से मिले वीडियो इस घिनौने अपराध के पुख्ता सबूत हैं। इस घटना ने उन अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है जिनकी बेटियां बाहर रहकर पढ़ाई करती हैं। स्थानीय लोगों ने आरोपी को सेवा से बर्खास्त करने और कठोरतम सजा की मांग की है। देर रात तक थाने के बाहर परिजनों का डेरा जमा रहा, जिन्हें पुलिस ने निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाकर शांत कराया। फिलहाल, पुलिस अन्य पीड़ितों की संभावना को देखते हुए आरोपी के पिछले रिकॉर्ड और फोन डेटा की गहराई से जांच कर रही है ताकि किसी भी अन्य सबूत को डिलीट न किया जा सके।
MP में मार्च से ही गर्मी का कहर, अप्रैल-मई में हीट वेव का ज्यादा असर

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इस साल गर्मी की शुरुआत सामान्य से पहले और तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार मार्च से ही पारा बढ़ने लगेगा और दिन के साथ साथ रातों का तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा। मार्च के पहले हफ्ते में हल्की बारिश होने की संभावना है लेकिन उसके बाद तेज गर्मी का असर दिखने लगेगा। अप्रैल और मई के महीने में प्रदेश में हीट वेव का जोरदार प्रभाव रहेगा जिससे आम लोगों को और किसानों को खास सतर्क रहने की जरूरत होगी। मार्च के पहले हफ्ते में बारिश मौसम विभाग ने बताया कि 4 मार्च की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि यह बारिश गर्मी पर ज्यादा असर नहीं डालेगी और जल्दी ही पारा बढ़ना शुरू हो जाएगा। मार्च से ही बढ़ेगा तापमान विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के पहले हफ्ते के बाद ही प्रदेश में गर्मी का असर दिखने लगेगा। दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। अप्रैल और मई के महीने में हीट वेव का असर पूरे प्रदेश में महसूस किया जाएगा। फरवरी में पारा पहले ही 30 पार हाल ही में फरवरी महीने के आखिरी दिन प्रदेश के कई शहरों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। खरगोन में 35 डिग्री जबलपुर में 33.4 डिग्री ग्वालियर में 32.5 डिग्री भोपाल में 32.4 डिग्री इंदौर में 31.1 डिग्री और उज्जैन में 30.5 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान खरगोन में रिकॉर्ड किया गया।सावधानी बरतने की जरूरत मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने हल्के और ढीले कपड़े पहनने और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। किसानों के लिए भी गर्मी और हीट वेव के कारण फसल की सुरक्षा के उपाय करना जरूरी होगा। कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में मार्च से ही गर्मी का असर दिखना शुरू हो जाएगा और अप्रैल मई के महीने में यह चरम पर होगा। आम जनजीवन कृषि और स्वास्थ्य पर इसके गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।
ईरान-इजरायल जंग का असर: अबू धाबी के हिंदू मंदिर पर लटके ताले, आसमानी हमलों से दहला रेगिस्तान

नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में छिड़ा भीषण युद्ध अब आस्था के केंद्रों तक पहुँच गया है। ईरान द्वारा अमेरिका और उसके सहयोगियों पर किए जा रहे विनाशकारी पलटवार का सीधा असर अब अबू धाबी स्थित भव्य हिंदू मंदिर पर भी देखने को मिला है। ताजा सुरक्षा हालातों और आसमान से बरसती मिसाइलों के खतरे को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मंदिर को दर्शनार्थियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की तरफ से संयुक्त अरब अमीरात UAE को निशाना बनाकर लगातार दागी जा रही मिसाइलों और ‘शाहेद’ ड्रोन्स की बढ़ती संख्या ने सुरक्षा व्यवस्था को डिलीट कर नई चुनौतियाँ पेश कर दी हैं। मंदिर प्रशासन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं और इस कठिन समय में शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। दूसरी ओर, युद्ध की विभीषिका थमने का नाम नहीं ले रही है। ईरान की तरफ से आ रही मिसाइलों की दूसरी बड़ी खेप की पुष्टि खुद संयुक्त अरब अमीरात की रक्षा प्रणालियों ने की है। अमीरात के सैन्य अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने कई ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है, लेकिन मलबे के गिरने और संभावित खतरों को देखते हुए यूएई ने अपना हवाई क्षेत्र भी अस्थाई तौर पर बंद कर दिया है। मंदिर बंद होने से वहां पहुँचने वाले श्रद्धालुओं में भारी निराशा है, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि होने के कारण प्रशासन ने किसी भी प्रकार की ढील देने से मना कर दिया है। अबू धाबी का यह मंदिर न केवल वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है बल्कि वैश्विक शांति का प्रतीक भी माना जाता है, लेकिन वर्तमान में युद्ध के बादलों ने इसकी रौनक को अस्थाई रूप से ढक दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यूएई सरकार पल-पल की निगरानी कर रही है और नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है। मंदिर के द्वार फिर कब खुलेंगे, यह पूरी तरह से आगामी सैन्य घटनाक्रमों और क्षेत्र की शांति बहाली पर निर्भर करेगा।
रंग में भंग: पंडित शंभूनाथ विश्वविद्यालय में होली जश्न के बीच मधुमक्खियों का हमला, छात्रों के दो गुटों में झड़प

शहडोल । शहडोल स्थित पंडित शंभूनाथ विश्वविद्यालय में होली का उत्सव उस वक्त अफरा तफरी में बदल गया जब रंग गुलाल और डीजे की धुनों पर झूम रहे छात्र छात्राओं पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। खुशियों और उमंग के बीच शुरू हुआ जश्न देखते ही देखते भगदड़ और हंगामे में तब्दील हो गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिससे विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में होली का कार्यक्रम पूरे उत्साह के साथ आयोजित किया गया था। छात्र छात्राएं एक दूसरे को रंग लगाते हुए और फिल्मी गानों पर डांस करते हुए जश्न में डूबे थे। डीजे की तेज धुनों के बीच माहौल पूरी तरह रंगीन और उल्लासपूर्ण था। तभी अचानक मधुमक्खियों का एक बड़ा झुंड वहां पहुंच गया और छात्रों पर हमला कर दिया। हमले से परिसर में अफरा तफरी मच गई। जान बचाने के लिए छात्र छात्राएं इधर उधर भागने लगे। कुछ घबराहट में गिरते पड़ते भी नजर आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने नहीं आई है लेकिन कई छात्रों को हल्की चोटें और घबराहट की शिकायत बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मधुमक्खियों के हमले से उत्पन्न भगदड़ के बीच हालात कुछ देर के लिए नियंत्रण से बाहर हो गए थे। इसी अफरा तफरी के दौरान किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुटों के बीच कहासुनी शुरू हो गई जो जल्द ही धक्का मुक्की में बदल गई। होली खेलने के दौरान हुई इस झड़प ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। कुछ समय तक परिसर में तनाव बना रहा। बाद में अन्य छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को काबू में किया गया। गौरतलब है कि यह विश्वविद्यालय पहले भी विभिन्न कारणों से सुर्खियों में रहा है। हाल ही में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान दूषित और बदबूदार भोजन को लेकर भी विवाद हुआ था। ऐसे में होली समारोह के दौरान मधुमक्खियों का हमला और छात्रों के बीच झड़प ने एक बार फिर सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छात्र अचानक भागते नजर आ रहे हैं और कुछ स्थानों पर धक्का मुक्की की स्थिति बन रही है। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं तो कुछ आयोजन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने की बात कह रहे हैं। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक किसी गंभीर घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन इस घटना ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था और बड़े आयोजनों की तैयारियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस उपाय करता है।
ईरान का 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' पर पलटवार: बुर्ज खलीफा के पास गिरे ड्रोन, यूएई में हाई अलर्ट और दहशत का माहौल

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है, जहाँ खाड़ी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले शहर दुबई में भी अब युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के जवाब में ईरान ने भीषण पलटवार किया है, जिसका सीधा असर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रमुख शहरों पर देखने को मिला है। सबसे चौंकाने वाली खबर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा से जुड़ी है, जहाँ सुरक्षा कारणों और आसपास हुए विस्फोटों के चलते पूरी इमारत को खाली करा लिया गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बुर्ज खलीफा को अभी तक सीधे तौर पर निशाना नहीं बनाया गया है और न ही इसे कोई भौतिक नुकसान पहुँचा है, लेकिन एहतियातन इसे खाली कराना शहर में व्याप्त गहरी चिंता और डर का प्रतीक बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बुर्ज खलीफा के आसपास के क्षेत्र में भारी विस्फोट और काला धुआं उठता हुआ साफ़ देखा जा सकता है। कुछ वीडियो में ईरानी ‘शाहेद’ ड्रोन दो बड़ी इमारतों के बीच गिरते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे वहां भी जोरदार धमाका हुआ। ईरान ने इस जवाबी कार्रवाई के तहत खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना लक्ष्य बनाया है, लेकिन इसकी चपेट में दुबई और अबू धाबी जैसे नागरिक इलाके भी आ गए हैं। अबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से एक नागरिक की मौत की खबर है, जबकि दुबई के मशहूर ‘पाम जुमेराह’ इलाके में एक होटल के पास हुए विस्फोट में चार लोग घायल हुए हैं। यूएई की अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट करने में सफलता पाई है, लेकिन गिरते हुए मलबे ने शहर की शांति को डिलीट कर दहशत फैला दी है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस हमले को जायज ठहराते हुए कहा है कि वे आक्रामकों के खिलाफ निर्णायक जवाब देना जारी रखेंगे। इस हमले के बाद दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन पूरी तरह रोक दिया गया है और पूरे शहर में लोग डर के मारे अपने घरों में दुबक गए हैं। दुबई मीडिया ऑफिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर अफवाहें न फैलाएं और शांति बनाए रखें। यह घटना न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है, बल्कि कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब जैसे पड़ोसी देशों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। फिलहाल, बुर्ज खलीफा को खाली कराने और शहर में हुए इन विस्फोटों ने दुबई की वैश्विक छवि और सुरक्षा दावों को भी प्रभावित किया है। आने वाले समय में यह संघर्ष कितना और फैलता है, यह पूरी तरह से वैश्विक शक्तियों की अगली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
सरकारी नौकरी का बड़ा मौका: MPESB में 1500+ पदों पर सीधी भर्ती, आवेदन शुरू

मध्य प्रदेश । सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मध्य प्रदेश से बड़ी खुशखबरी आई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल MPESB ने 1500 से ज्यादा पदों पर सीधी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के तहत वनरक्षक Forest Guard के 728 पद जेल प्रहरी के 757 पद और असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट के 25 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। खास बात यह है कि इन सभी पदों पर सीधी भर्ती होगी जिससे योग्य उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर तैयार हुआ है। आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तारीखें इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 14 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र में किसी भी प्रकार की त्रुटि सुधारने की अंतिम तिथि 19 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन पूरा कर लें। कैसे करें आवेदन और कितनी है फीस आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट www.esb.mp.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। किसी भी ऑफलाइन आवेदन को मान्य नहीं किया जाएगा।आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के लिए 500 रुपये तय किया गया है जबकि एससी एसटी ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 250 रुपये फीस निर्धारित की गई है। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इन पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वीं या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। आयु सीमा की बात करें तो न्यूनतम आयु 18 वर्ष रखी गई है। अधिकतम आयु सीमा में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक विज्ञापन जरूर देखें। परीक्षा और चयन प्रक्रिया MPESB ने परीक्षा तिथि भी घोषित कर दी है। वनरक्षक परीक्षा 7 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा राज्य के विभिन्न केंद्रों पर दो शिफ्टों में होगी पहली शिफ्ट सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक। चयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा के आधार पर होगी। परीक्षा में प्राप्त अंकों के अनुसार मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी और उसी के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा। वेतनमान वनरक्षक क्षेत्र रक्षक और जेल प्रहरी पदों के लिए वेतनमान समान रहेगा। वहीं असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट पद के लिए अधिकतम वेतन 1 14 800 रुपये तक निर्धारित है जो इसे आकर्षक बनाता है। कुल मिलाकर यह भर्ती अभियान उन युवाओं के लिए बड़ा अवसर है जो सरकारी सेवा में अपना करियर बनाना चाहते हैं। समय पर आवेदन और सही तैयारी ही सफलता की कुंजी होगी।
NH-72A पर आपत्तिजनक नारेबाजी से तनाव, पुलिस ने दर्ज किया केस; नफरती एजेंडे के खिलाफ सहारनपुर पुलिस का एक्शन

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक बेहद गंभीर और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवेNH-72Aकी रेलिंग पर मुस्लिम विरोधी आपत्तिजनक नारे लिखे पाए गए। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और सोशल मीडिया पर इस कृत्य का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो युवतियां स्प्रे पेंट के जरिए हाईवे के एक ऊंचे हिस्से पर लगी रेलिंग की दीवार पर नफरती भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिख रही हैं कि “यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया NHAIके एक कर्मचारी ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर सहारनपुर की बिहारीगढ़ पुलिस ने ‘हिंदू रक्षा दल’ नामक संगठन के अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता BNSकी धारा 353(2के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह धारा मुख्य रूप से ऐसे बयानों या कृत्यों पर लगाई जाती है जो समाज के विभिन्न वर्गों के बीच गलतफहमी, नफरत या वैमनस्य पैदा करने की क्षमता रखते हैं। पुलिस अधीक्षकग्रामीणसागर जैन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की गहनता से जांच कर रही है। वीडियो फुटेज में एक कार भी दिखाई दे रही है, जिसकी नंबर प्लेट उत्तराखंड में पंजीकृत है। पुलिस अब इस वाहन के मालिक और वीडियो में दिख रही युवतियों की पहचान करने में जुटी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति पर इस तरह की नफरती बयानबाजी और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने भी स्पष्ट किया है कि हाईवे किसी एक समुदाय विशेष का नहीं, बल्कि देश की साझा संपत्ति है। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए फैलाई जा रही नफरत और कट्टरपंथी संगठनों की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और नागरिक समाज ने भी इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
500 से अधिक महिलाएं साड़ी पहनकर इंदौर में निकलीं स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता रैली

इंदौर में विश्व महिला दिवस के अवसर पर आयोजित साड़ी वॉकथॉन ने महिलाओं की शक्ति और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश शहर में फैला दिया। यह अनूठा आयोजन रविवार सुबह नेहरू स्टेडियम से शुरू होकर डेली कॉलेज मार्ग से होते हुए फिर स्टेडियम परिसर में समाप्त हुआ। नगर निगम और द वर्ल्ड फिटनेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 500 से अधिक महिलाओं ने साड़ी पहनकर हिस्सा लिया और प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ इंदौर का संदेश दिया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल भी वॉकथॉन में मौजूद रहे। महापौर ने कहा कि देश को सशक्त और इंदौर को स्वच्छता में नंबर वन बनाने में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम रही है। उन्होंने महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि साड़ी वॉकथॉन ने दिखा दिया कि महिला शक्ति जागरूक होकर शहर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आ सकती है। प्रतिभागी प्राची अग्रवाल ने कहा कि साड़ी में हमारी सभ्यता और संस्कार झलकते हैं और यह सभी संस्कृतियों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश देती है। महिलाओं ने इस अवसर पर सिंगल यूज प्लास्टिक छोड़कर कपड़े के थैले और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने का संदेश दिया। महापौर ने नागरिकों से अपील की कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करें और शहर की स्वच्छता की पहचान को बनाए रखने में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो कीर्तिमान स्थापित किए हैं, उन्हें कायम रखने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने ट्रिपल आरReduce, Reuse, Recycle सेंटर पर अनुपयोगी सामान जमा करने और वेस्ट टू बेस्ट अभियान से जुड़ने की भी अपील की। साड़ी वॉकथॉन ने दिखा दिया कि महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण एक साथ चल सकते हैं। महिलाओं की भागीदारी ने इस कार्यक्रम को सफल और प्रेरणादायक बनाया। इंदौर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं का योगदान लगातार न सिर्फ शहर बल्कि पूरे देश के लिए उदाहरण बना हुआ है। नगर निगम का मानना है कि जन-सहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही इंदौर अपनी अग्रणी पहचान को और मजबूत कर सकता है।