Chambalkichugli.com

होली से पहले दिल्ली की महिलाओं और बेटियों को बड़ा तोहफा, राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने लॉन्च की चार नई योजनाएं

नई दिल्ली । होली से पहले दिल्ली की महिलाओं और बेटियों के लिए एक बड़ी सौगात दी गई है। राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने दिल्ली सरकार की ओर से महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए चार महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया। इसे नारी शक्ति को समर्पित एक बड़ा उपहार माना जा रहा है। इस अवसर पर 40,642 बालिकाओं को लगभग 100 करोड़ रुपये की डीबीटी  सहायता प्रदान की गई। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से बालिकाओं की पढ़ाई जारी रखने, उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही महिलाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण में भी यह कदम अहम माना जा रहा है। नई योजनाओं का विवरण सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड: महिलाओं को सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए मुफ्त बस यात्रा की शुरुआत। यह कार्ड डीटीसी बस, मेट्रो, आरआरटीएस और अन्य सार्वजनिक परिवहन में उपयोगी होगा।मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना: होली पर महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए लगभग 15.50 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 129 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। दिल्ली लखपति बिटिया योजना: पुरानी लाडली योजना की तुलना में व्यापक और प्रभावी। इसमें बेटियों के लिए कुल 56,000 रुपये विभिन्न चरणों में जमा किए जाएंगे, जो 21 वर्ष की आयु तक ब्याज समेत 1 लाख रुपये से अधिक बन जाएंगे। इसका उद्देश्य बेटियों की शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।महिला सशक्तिकरण और कल्याण कार्यक्रम: बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उनकी शिक्षा और भविष्य को मजबूत करना, और समाज में उनके सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।पुरानी लाडली योजना से क्या अंतर नई दिल्ली लखपति बिटिया योजना में शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा पर अधिक जोर दिया गया है। पहले जन्म और पढ़ाई के अलग-अलग चरणों पर सीमित राशि जमा होती थी, जबकि अब यह अधिक मजबूत वित्तीय आधार प्रदान करती है।मुफ्त LPG सिलेंडर और पिंक मोबिलिटी कार्ड मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना से लाखों परिवारों को महंगाई में राहत मिलेगी। पिंक मोबिलिटी कार्ड महिलाओं की यात्रा को और सुरक्षित, सुविधाजनक और सुलभ बनाएगा। इससे अलग-अलग टिकट या पास की जरूरत कम होगी और सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुविधा बढ़ेगी।यह पहल न केवल महिलाओं और बेटियों के कल्याण को मजबूत करेगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और समाज में समान अवसर देने की दिशा में भी अहम साबित होगी।

ईरान से तनाव कम करने जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने बातचीत बहाल करने पर दिया जोर

बर्लिन। जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर ईरान से हमले रोकने और कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू करने की अपील की है। तीनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि हालिया घटनाएं हालात को और गंभीर बना सकती हैं। संयुक्त बयान में हमलों की निंदा तीनों देशों के नेताओं—फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर—ने संयुक्त बयान जारी कर क्षेत्र के अन्य देशों पर ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। बयान में कहा गया कि हालात को बिगाड़ने वाले कदमों से बचना जरूरी है और संवाद ही समाधान का रास्ता है। परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर भी चिंता नेताओं ने ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने, बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधियों पर रोक लगाने और अपने नागरिकों के खिलाफ कथित दमन व हिंसा बंद करने की अपील की। उनका कहना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए विश्वास बहाली के कदम आवश्यक हैं। सैन्य भागीदारी से किया इनकार तीनों देशों ने स्पष्ट किया कि वे हालिया हमलों में किसी भी तरह शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे अमेरिका, इजरायल और क्षेत्र के अन्य साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही इस बात पर बल दिया गया कि अंततः ईरान की जनता को अपना भविष्य स्वयं तय करने का अवसर मिलना चाहिए।

T20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का 'सिक्सर': सेमीफाइनल में एंट्री के साथ रचा इतिहास, मेजबान भारत के पास डबल धमाके का सुनहरा मौका

नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए ‘वर्चुअल क्वार्टर फाइनल’ मुकाबले में संजू सैमसन की नाबाद 97 रनों की तूफानी पारी ने न केवल कैरिबियाई टीम को धूल चटाई, बल्कि टीम इंडिया के लिए इतिहास के नए दरवाजे भी खोल दिए हैं। भारत ने इस जीत के साथ छठी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है, जो कि एक कीर्तिमान है। इस उपलब्धि के साथ ही भारत ने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा बार सेमीफाइनल खेलने के पाकिस्तान के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। दिलचस्प बात यह है कि इस साल भारत के साथ-साथ इंग्लैंड भी छठी बार सेमीफाइनल का हिस्सा बन रहा है, जबकि पाकिस्तान सुपर-8 के दौर से ही बाहर होकर पिछड़ गया है। भारतीय क्रिकेट टीम का यह सफर साल 2007 के पहले एडिशन से शुरू हुआ था, जहाँ महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने न केवल सेमीफाइनल का सफर तय किया था बल्कि वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भी चूमी थी। इसके बाद 2014, 2016, 2022 और 2024 के बाद अब 2026 में भी टीम इंडिया ने अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की है। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में यह टीम अब उस मुकाम पर खड़ी है जहाँ से इतिहास महज दो कदम दूर है। भारत इस समय न केवल डिफेंडिंग चैंपियन है, बल्कि इस टूर्नामेंट का मेजबान भी है, और यही दोनों कारक इस बार के सेमीफाइनल को और भी रोमांचक बना देते हैं। इतिहास गवाह है कि टी20 वर्ल्ड कप के अब तक के सफर में कोई भी टीम लगातार दो बार खिताब नहीं जीत पाई है। साथ ही, टूर्नामेंट के इतिहास में आज तक कोई भी मेजबान देश अपनी धरती पर ट्रॉफी उठाने में कामयाब नहीं रहा है। सूर्यकुमार यादव की ‘यंग ब्रिगेड’ के पास इन दोनों मिथकों को एक साथ तोड़ने का सुनहरा अवसर है। अगर भारत सेमीफाइनल में इंग्लैंड को शिकस्त देकर फाइनल जीतता है, तो वह न केवल अपने टाइटल को डिफेंड करने वाली पहली टीम बनेगा, बल्कि मेजबान के तौर पर खिताब जीतने का ‘सूखा’ भी खत्म कर देगा। सेमीफाइनल की राह अब एक चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी यानी इंग्लैंड की ओर जाती है। यह लगातार तीसरा मौका है जब टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड की टक्कर हो रही है। एक तरफ जहाँ संजू सैमसन की लय और गेंदबाजों का अनुशासन भारत की सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ डिफेंडिंग चैंपियन होने का दबाव भी टीम को प्रेरित कर रहा है। पाकिस्तान और इंग्लैंड के साथ 6-6 बार सेमीफाइनल खेलने का रिकॉर्ड साझा करने के बाद, अब भारतीय प्रशंसकों की निगाहें केवल उस चमचमाती ट्रॉफी पर टिकी हैं जो भारत को क्रिकेट जगत का निर्विवाद राजा बना देगी। शॉर्ट डिस्क्रिप्शन (Hindi):संजू सैमसन की शानदार पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर छठी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में प्रवेश किया, जहाँ उसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा। पाकिस्तान के रिकॉर्ड की बराबरी करने के बाद अब सूर्यकुमार यादव की सेना लगातार दो खिताब जीतकर नया इतिहास रचने के करीब है। प्रभावी टैग्स (English):T20WorldCup2026, TeamIndia, IndiaVsEngland, SanjuSamson, CricketHistory

जंग से कांपा बाजार, डिफेंस शेयरों ने भरी उड़ान! HAL-BEL समेत ड्रोन स्टॉक्स में तेजी

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद बढ़े भू-राजनीतिक तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखा। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन 30 शेयरों वाला Bombay Stock Exchange सेंसेक्स 1,500 अंकों से ज्यादा टूटकर 78,543.73 के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं 50 शेयरों वाला National Stock Exchange of India निफ्टी50 भी करीब 500 अंकों की गिरावट के साथ 24,645.10 तक फिसल गया। अधिकतर सेक्टर लाल निशान में रहे और निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट दर्ज की गई। गिरते बाजार में डिफेंस बना सहाराजहां ऑटो, बैंकिंग और एविएशन जैसे सेक्टर दबाव में दिखे, वहीं डिफेंस सेक्टर ने मजबूती दिखाई। बढ़ते वैश्विक सैन्य तनाव के बीच रक्षा खर्च में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीद ने इस सेक्टर में निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। सरकारी रक्षा कंपनी Bharat Electronics Limited (बीईएल) और Hindustan Aeronautics Limited (एचएएल) मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। इन दिग्गज कंपनियों की तेजी ने पूरे डिफेंस इंडेक्स को सहारा दिया। ड्रोन कंपनियों में निवेशकों की होड़आधुनिक युद्ध में ड्रोन और सर्विलांस तकनीक की बढ़ती भूमिका ने ड्रोन से जुड़ी कंपनियों को चर्चा में ला दिया है। कारोबार के दौरान Paras Defence and Space Technologies, ideaForge Technology और Tejas Networks के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। कुछ शेयरों में 10 से 15 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि निगरानी, रडार, संचार उपकरण और ड्रोन तकनीक की मांग आने वाले समय में और बढ़ सकती है। रक्षा बजट बढ़ने की उम्मीद से बढ़ा भरोसाबाजार जानकारों के मुताबिक, जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध या सैन्य तनाव बढ़ता है तो देशों के रक्षा बजट में इजाफा होने की संभावना प्रबल हो जाती है। भारत पहले से ही आत्मनिर्भरता की दिशा में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा दे रहा है और बजट आवंटन में लगातार वृद्धि कर रहा है। ऐसे में यदि मौजूदा संघर्ष लंबा खिंचता है तो घरेलू रक्षा कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। अस्थिरता बनी रह सकती हैहालांकि विशेषज्ञों ने चेताया है कि निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से एविएशन और ऑटो सेक्टर पर दबाव बन सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम और डिफेंस सेक्टर की अगली चाल पर टिकी हुई है।

Sanju Samson का इमोशनल जश्न चर्चा में, हेलमेट फेंकने पर ICC की कार्रवाई पर फैन्स की नजर

नई दिल्ली । आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भारत ने वेस्ट इंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम को 196 रनों का लक्ष्य मिला था जिसे संजू सैमसन की धमाकेदार पारी की बदौलत 4 गेंद पहले हासिल कर लिया गया। संजू ने 50 गेंदों में 12 चौके और 4 छक्के लगाकर नाबाद 97 रन बनाए। मैच जीतते ही संजू भावनाओं में बह गए। उन्होंने अपना हेलमेट हवा में उछाला और दोनों हाथ उठाकर ईश्वर का धन्यवाद किया। यह पल उनके संघर्ष और दबाव को दर्शाता है लेकिन यही जश्न अब उनके लिए संभावित मुश्किलें खड़ी कर सकता है। ICC पर संभावित कार्रवाई आईसीसी का कोड ऑफ कंडक्ट खिलाड़ियों के व्यवहार पर सख्ती से नजर रखता है। नियमों के अनुसार मैदान पर हेलमेट या बल्ला फेंकना अनुचित आचरण माना जा सकता है। ऐसे मामलों में खिलाड़ी पर मैच फीस का जुर्माना डिमेरिट प्वाइंट्स या निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है। इसका उद्देश्य केवल अनुशासन बनाए रखना नहीं बल्कि खिलाड़ियों अंपायरों और मैदान पर मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। संजू सैमसन का यह जश्न IPL 2023 के उस वाकये की याद दिलाता है जब आवेश खान ने लखनऊ सुपर जायंट्स की 1 विकेट से जीत के बाद हेलमेट जमीन पर फेंक दिया था और उन्हें आचार संहिता का उल्लंघन करने पर फटकार मिली थी। फिलहाल संजू की शानदार पारी और भारत की सेमीफाइनल एंट्री चर्चा का केंद्र बनी हुई है। फैन्स उनकी भावनाओं और समर्पण की सराहना कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ICC इस इमोशनल जश्न को सामान्य माना जाएगा या नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

कोलेस्ट्रॉल बीमारी नहीं, लाइफस्टाइल का अलार्म! जानें आयुर्वेद क्या देता है संकेत

नई दिल्ली। सबसे पहले एक बात साफ कर लें-कोलेस्ट्रॉल कोई “जहर” नहीं है। यह एक वसा जैसा पदार्थ है, जिसे हमारा शरीर खुद भी बनाता है। कोशिकाओं की संरचना, हार्मोन बनाने और विटामिन D के निर्माण में इसकी अहम भूमिका होती है। समस्या तब शुरू होती है जब “बैड कोलेस्ट्रॉल” यानी LDL जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है और धमनियों में जमा होने लगता है। इससे दिल की बीमारी, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए इसे न तो नजरअंदाज करें, न ही बेवजह डरें-समझदारी से कंट्रोल करें। आयुर्वेद क्या कहता है? आयुर्वेद के अनुसार, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल शरीर में “कफ” और “मेद” की अधिकता से जुड़ा माना जाता है। यानी यह असंतुलित आहार, कम शारीरिक गतिविधि और गलत दिनचर्या का संकेत है। 1. लहसुन सुबह खाली पेट भुनी हुई 1–2 लहसुन की कलियां गुनगुने पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद में माना जाता है कि लहसुन रक्त संचार सुधारने और वसा कम करने में मदद करता है। 2. मेथी दाना मेथी में घुलनशील फाइबर पाया जाता है। रातभर भिगोकर सुबह इसका पानी पीना या दाने चबाना लाभकारी माना जाता है। हालांकि रोज़ाना लगातार लेने के बजाय बीच-बीच में लेना बेहतर बताया जाता है। 3. अर्जुन की छाल अर्जुन की छाल को आयुर्वेद में हृदय के लिए लाभकारी माना गया है। इसका काढ़ा दिल की सेहत सुधारने और लिपिड प्रोफाइल संतुलित रखने में सहायक बताया जाता है।4. धनिया पानी धनिया का पानी लीवर फंक्शन को बेहतर करने में मददगार माना जाता है। चूंकि कोलेस्ट्रॉल का निर्माण लीवर में होता है, इसलिए लीवर स्वस्थ रहेगा तो लिपिड लेवल भी संतुलित रहेगा। लेकिन एक जरूरी सच यह समझना बहुत जरूरी है कि अगर आपका कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है या पहले से दिल की बीमारी है, तो सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह, ब्लड टेस्ट और दवाइयों की भी अहम भूमिका होती है। आयुर्वेदिक उपाय सहायक हो सकते हैं, लेकिन वे आधुनिक चिकित्सा का विकल्प नहीं, बल्कि पूरक हैं। लाइफस्टाइल ही असली गेम-चेंजर रोज़ कम से कम 30 मिनट तेज चलना या व्यायाम तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम करना धूम्रपान और अत्यधिक शराब से दूरी वजन नियंत्रित रखना तनाव कम करना सीधी बात-कोलेस्ट्रॉल हमें चेतावनी देता है कि जीवनशैली सुधारने का समय आ गया है। घबराने के बजाय इसे एक संकेत मानिए, और शरीर के साथ दोस्ती कीजिए। दिल आपका है-देखभाल भी आपकी जिम्मेदारी है।

मालामाल वीकली का सीक्वल कन्फर्म, Paresh Rawal ने खुद लगाई मुहर; कॉमिक धमाका लौटेगा

नई दिल्ली । कॉमेडी प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। साल 2006 में रिलीज हुई प्रियदर्शन की कल्ट क्लासिक फिल्म मालामाल वीकली अब अपने सीक्वल के साथ वापस आने जा रही है। लीड अभिनेता Paresh Rawal ने खुद इसकी पुष्टि कर दी है। करीब दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद यह फिल्म फिर से दर्शकों को हँसी और मनोरंजन का तड़का देने के लिए तैयार है। हालांकि फिल्म के मेकर्स की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं आई है, लेकिन परेश रावल के बयान ने सब कुछ स्पष्ट कर दिया। HT से बातचीत में जब उनसे सीक्वल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, हां, यह खबर सच है। मैं यह फिल्म कर रहा हूं। परेश रावल इन दिनों अपनी पुरानी हिट फिल्मों के सीक्वल को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने हेरा फेरी 3 में अपने आइकॉनिक किरदार बाबू भैया की वापसी की थी। क्या थी मालामाल वीकली की कहानी फिल्म की जान इसकी कहानी और किरदारों की शानदार फौज थी। यह कहानी एक छोटे से गांव के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां किसी शख्स की 1 करोड़ रुपये की लॉटरी लग जाती है। लेकिन ट्विस्ट तब आता है जब पता चलता है कि लॉटरी जीतने वाला व्यक्ति अचानक दुनिया को अलविदा कह देता है। इसके बाद गांव के लोग खासकर Paresh Rawal और Om Puri के किरदार उस रकम को हड़पने की साजिश रचते हैं। लॉटरी इंस्पेक्टर से मौत छुपाने और लालची मुखिया को चकमा देने के चक्कर में पैदा होने वाले हास्यास्पद हालात ही इस फिल्म को कॉमिक मास्टरपीस बनाते हैं। भागम भाग 2 की भी तैयारी परेश रावल के पास सिर्फ मालामाल वीकली ही नहीं है। कॉमेडी प्रेमियों के लिए यह और बड़ी खुशखबरी है कि वे 2006 की सुपरहिट फिल्म भागम भाग के सीक्वल के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं। दो दशकों से फैन्स इस हास्यपूर्ण दुनिया का इंतजार कर रहे थे और अब लग रहा है कि परेश रावल और प्रियदर्शन की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर ठहाके लगाने आ रही है।

जंग का झटका बाजार को! सेंसेक्स 80 हजार से नीचे, ऑटो-कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर धराशायी

नई दिल्ली। Israel–Iran युद्ध के बीच वैश्विक अनिश्चितता ने भारतीय शेयर बाजार को झटका दिया है। दोपहर 12:30 बजे तक सेंसेक्स 1,486 अंक यानी 1.83% टूटकर 79,806 पर आ गया, जबकि निफ्टी 453 अंक (1.80%) गिरकर 24,725 पर कारोबार करता दिखा। निवेशकों की घबराहट साफ नजर आई, खासकर उन सेक्टरों में जो कच्चे तेल की कीमतों और उपभोक्ता मांग से सीधे जुड़े हैं। ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में रही। निफ्टी ऑटो और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स करीब 3-3% टूटे। इसके अलावा निफ्टी इन्फ्रा, रियल्टी, ऑयल एंड गैस और एनर्जी इंडेक्स भी 2% से ज्यादा गिरावट के साथ लाल निशान में रहे। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली तेज रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.14% और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.03% नीचे कारोबार करता दिखा। यह संकेत है कि गिरावट व्यापक रही, सिर्फ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं। सेंसेक्स पैक में चुनिंदा शेयर संभले, बाकी दबाव में सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से अधिकांश में गिरावट रही। बीईएल, सन फार्मा और भारती एयरटेल जैसे कुछ शेयर ही हरे निशान में दिखे। वहीं एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, एशियन पेंट्स, टाइटन, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई समेत कई दिग्गज शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। बाजार पूंजीकरण की बात करें तो बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 9 लाख करोड़ रुपये घटकर 454 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। कच्चे तेल और डॉलर का दबाव, सोना-चांदी में चमकयुद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। Brent Crude करीब 9% चढ़कर 79 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि WTI Crude भी 8% की तेजी के साथ 72 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। दूसरी ओर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी में जोरदार तेजी देखी गई। सोना 3% से ज्यादा उछल गया, जबकि चांदी में भी लगभग 2.7% की बढ़त रही। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी ने भी बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला है।आगे क्या? विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी है।

इजराइल-ईरान युद्ध के बीच दुबई में फंसे भारतीय सितारे, सुरक्षा अपडेट के साथ राहत की खबर

नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों को पूरी तरह ठप कर दिया है। इसी कारण कई भारतीय सेलेब्रिटीज दुबई में फंसी हुई हैं। तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और प्रोफेशनल रेसर अजित कुमार बॉलीवुड की एक्ट्रेस सोनल चौहान और बंगाली एक्ट्रेस सुभाश्री गांगुली समेत कई कलाकार और आम नागरिक फिलहाल अपनी घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार और रविवार को मिसाइल हमलों और धमाकों के बाद दुबई एयरस्पेस बंद कर दिया गया जिससे उनकी यात्रा योजना प्रभावित हुई। अजीत कुमार दुबई में रेसिंग कमिटमेंट्स के लिए थे और उनके भारत लौटने के प्लान पर यह संकट भारी पड़ा। उनके मैनेजर ने पुष्टि की है कि अजीत पूरी तरह सुरक्षित हैं और फिलहाल उन्हें कोई खतरा नहीं है। अजीत ने हाल ही में ‘2025 24H दुबई एंड्योरेंस रेस’ में शानदार प्रदर्शन किया था और अब उनकी वापसी हालात सामान्य होने पर ही संभव होगी। बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनल चौहान ने भी अपने फंसे होने की जानकारी दी थी। उन्होंने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग कर मदद की अपील की थी। हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि वे सुरक्षित हैं और अधिकारियों सभी को सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। सोनल ने फैंस से अपील की कि किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और धैर्य बनाए रखें। बंगाली एक्ट्रेस सुभाश्री गांगुली अपने बेटे युवान के साथ छुट्टियां मनाने दुबई गई थीं। उनके पति और फिल्ममेकर राज चक्रवर्ती ने बताया कि सुभाश्री और उनका बेटा सुरक्षित हैं लेकिन फोन पर संपर्क मुश्किल हो रहा है। उनकी वापसी 5 मार्च को तय थी लेकिन फिलहाल हालात स्पष्ट नहीं हैं। इस बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा गुप्ता और बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु भी दुबई में फंसी हुई हैं। ईशा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे सुरक्षित हैं और मोदी सरकार अपनी तरफ से सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने सभी फंसे हुए लोगों और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। इस संकट के बीच भारतीय सेलेब्रिटीज की सुरक्षा को लेकर आधिकारिक गाइडलाइन्स का पालन जारी है और उनके सुरक्षित घर वापसी के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।

निवेशकों में डर, निफ्टी 24,900 के आसपास, रियल्टी और ऑटो शेयरों में भारी गिरावट

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। आज के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,000 अंक से अधिक गिरकर लगभग 80,000 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी 50 में लगभग 300 अंकों की गिरावट के साथ यह 24,900 के आसपास पहुंच गया। व्यापक बिकवाली का दबाव मुख्य रूप से रियल्टी और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों पर देखा गया। विश्लेषकों के अनुसार इस गिरावट का प्रमुख कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 10 प्रतिशत उछलकर 79 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है, तो तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर ऊर्जा आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर सीधे पड़ेगा और कंपनियों की परिचालन लागत में वृद्धि होगी। ऊर्जा कीमतों में उछाल का असर निवेशकों की गतिविधियों पर भी नजर आया। सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से वायदा बाजार में सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक जोखिम लंबे समय तक बने रहने पर निवेशकों का रुख कीमती धातुओं की ओर बढ़ सकता है। वैश्विक संकेत भी कमजोर बने रहे। एशियाई बाजारों में उतार-चढ़ाव देखा गया, जबकि अमेरिकी बाजारों ने पिछले सत्र में मिश्रित रुख अपनाया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता उभरते बाजारों पर भी प्रभाव डालती है, जिससे विदेशी निवेश प्रवाह प्रभावित होता है। हाल के आंकड़े भी इस दबाव की पुष्टि करते हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बिकवाली का रुख अपनाया, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी कर गिरावट को सीमित करने का प्रयास किया। क्षेत्रीय स्तर पर ऑटो, ऊर्जा और बैंकिंग शेयरों में गिरावट से व्यापक बाजार भावना प्रभावित हुई। उच्च ईंधन लागत से कंपनियों की परिचालन लागत बढ़ने की आशंका निवेशकों की चिंता का प्रमुख कारण बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में बाजार की दिशा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, तेल की कीमतों और निवेश प्रवाह पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक तनाव कम होता है, तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है। हालांकि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। निवेशक वर्तमान में सतर्क हैं और बाजार के हर संकेत को ध्यान से देख रहे हैं। रियल्टी और ऑटो शेयरों में बिकवाली, वैश्विक अनिश्चितता और ऊर्जा कीमतों में वृद्धि ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। इसलिए इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए ध्यान देने वाली मुख्य बातें वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम, तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी निवेश प्रवाह में बदलाव रहेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तेल कीमतों में स्थिरता आती है और क्षेत्रीय तनाव कम होता है, तो बाजार में आंशिक सुधार की उम्मीद की जा सकती है।