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ईरान पर हमले के लिए नाटो देश ने नहीं दिए सैन्य ठिकाने

वाशिंगटन। स्पेन द्वारा ईरान पर हमले के लिए अमेरिकी सेना को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल से इनकार करने पर डोनाल्ड ट्रम्प भड़क गए हैं। ट्रम्प ने स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है और अपने 15 लड़ाकू विमान वापस बुला लिए हैं। अमेरिका और स्पेन के बीच तनाव अचानक गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो (NATO) और यूरोपीय सहयोगी स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। यह विवाद स्पेन द्वारा अमेरिका को ईरान पर हमले से जुड़े मिशनों के लिए अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग करने से रोकने के बाद उत्पन्न हुआ है। विवाद का मुख्य कारण सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल पर रोक: स्पेन के समाजवादी नेतृत्व ने अमेरिकी सेना को ईरान पर संभावित हमले के लिए स्पेन स्थित ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। विमानों की वापसी: इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका ने दक्षिणी स्पेन में स्थित रोटा और मोरन सैन्य ठिकानों से अपने 15 विमानों (जिनमें ईंधन भरने वाले टैंकर भी शामिल हैं) को हटा लिया है। डोनाल्ड ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया व्यापार खत्म करने की चेतावनी: जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ एक बैठक के दौरान ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा- स्पेन का रवैया बहुत खराब रहा है। उन्होंने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट को स्पेन के साथ सभी लेन-देन और व्यापार बंद करने का निर्देश दिया है। रक्षा बजट पर निशाना: ट्रंप ने स्पेन द्वारा नाटो देशों के लिए तय की गई ‘जीडीपी के 5% रक्षा खर्च’ की मांग को अनसुना करने पर भी नाराजगी जताई। विशेषाधिकार का दावा: पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके व्यापक वैश्विक टैरिफ को अवैध ठहराए जाने से निराश ट्रंप ने जोर देते हुए कहा- स्पेन के साथ होने वाले सभी व्यापार को रोकने का मुझे अधिकार है… और हम स्पेन के साथ ऐसा कर सकते हैं। जर्मनी का स्पष्ट रुख: कोई अलग व्यवहार नहीं जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रंप के साथ बैठक के बाद स्पष्ट किया कि अमेरिका यूरोपीय संघ (EU) के एक सदस्य को अलग-थलग नहीं कर सकता। उन्होंने ट्रंप को निजी तौर पर बताया कि ब्रुसेल्स और वाशिंगटन के बीच हुए व्यापार समझौते से स्पेन को बाहर नहीं किया जा सकता। मर्ज ने कहा- हम अमेरिका के साथ टैरिफ पर एक साथ (यूरोपीय संघ के रूप में) बातचीत करते हैं या बिल्कुल नहीं करते हैं। स्पेन के साथ विशेष रूप से बुरा व्यवहार करने का कोई तरीका नहीं है। हालांकि, मर्ज ने यह भी कहा कि यूरोप भीतर से स्पेन पर रक्षा बजट बढ़ाकर 3% या 3.5% तक करने का दबाव बना रहा है, लेकिन इसका व्यापार से कोई लेना-देना नहीं है। क्या कानूनी तौर पर यह प्रतिबंध संभव है? अमेरिकी प्रशासन की तैयारी: ट्रेजरी सचिव बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबंध के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और वाणिज्य विभाग इसकी जांच शुरू करेगा। कानूनी अड़चनें (हाई बार): जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की व्यापार कानून विशेषज्ञ जेनिफर हिलमैन के अनुसार, ट्रंप को ऐसा करने के लिए स्पेन को अमेरिका के लिए एक असामान्य और असाधारण खतरा घोषित करते हुए ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ लागू करना होगा। एनवाईयू के प्रोफेसर पीटर शेन ने कहा कि ईरान पर बिना उकसावे के हमले के लिए स्पेन द्वारा ठिकाने न देना, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ‘असाधारण खतरा’ कैसे हो सकता है, यह साबित करना बेहद मुश्किल है। स्पेन की प्रतिक्रिया और आर्थिक स्थिति स्पेन का जवाब: स्पेन सरकार ने एक बयान में कहा कि अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय कानून, निजी व्यवसायों की स्वायत्तता और अमेरिका-यूरोपीय संघ के द्विपक्षीय व्यापार समझौतों का सम्मान करना चाहिए। मैड्रिड ने कहा कि उसके पास संभावित प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने और प्रभावित क्षेत्रों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। पीएम पेड्रो सांचेज़ का रुख: स्पेन के वामपंथी विचारधारा वाले प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ इससे पहले भी ट्रम्प की नाराजगी मोल ले चुके हैं, जब उन्होंने इजरायल को हथियार ले जाने वाले जहाजों को स्पेन में रुकने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। आर्थिक आंकड़े (2025): स्पेन जैतून के तेल (olive oil) का दुनिया का शीर्ष निर्यातक है और अमेरिका को ऑटो पार्ट्स, स्टील और रसायन निर्यात करता है। 2025 में, अमेरिका और स्पेन के बीच व्यापार में अमेरिका 4.8 बिलियन डॉलर के फायदे में था (अमेरिका ने 26.1 बिलियन डॉलर का निर्यात किया, जबकि 21.3 बिलियन डॉलर का आयात किया)। अमेरिका स्पेन को बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस (LNG) बेचता है।

'बलि का बकरा' बनाए जाते हैं सेलेब्स, अर्जुन कपूर के बचाव में बोलीं जाह्नवी, कहा- करीब से देखा है कैसे..

मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने सोशल मीडिया पर आए दिन होने वाली सेलेब्रिटीज की ट्रोलिंग और अपने भाई अर्जुन कपूर के खिलाफ फैलाई जा रही नफरत पर खुलकर बात की है। जाह्नवी ने साफ कहा है कि इंटरनेट पर लोगों द्वारा दी लिखी जाने वाली राय उनके लिए खास मायने नहीं रखती, लेकिन जब बात सोशल मीडिया पर बुली या हैरास किए जाने की आती है, तो इसके लिए कोई बहाना नहीं हो सकता। जाह्नवी कपूर ने साफ कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स सेलेब्रिटीज को बलि के बकरे की तरह इस्तेमाल करते हैं, और उनका मकसद किसी भी तरह वायरल होना या फिर ज्यादा से ज्यादा व्यूज पाना होता है। बलि के बकरे की तरह इस्तेमाल होते हैं सेलेब ग्रेजिया मैगजीन के साथ बातचीत में सोशल मीडिया कल्चर पर अपनी राय रखते हुए जाह्नवी ने कहा कि आज हर कोई वायरल होना और ज्यादा व्यूज पाना चाहता है। जाह्नवी ने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स सेलेब्रिटीज को बलि के बकरे की तरह इस्तेमाल करते हैं। जाह्नवी ने कहा, ‘वो सिर्फ क्लिकबेट और एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए आपके नाम का इस्तेमाल करते हैं। जब आप इसे इस नजरिए से देखते हैं, तो आपको समझ आता है कि उनकी बातों का आपसे कोई लेना-देना नहीं है। तब आप इन चीजों को दिल से लगाना कम कर देते हैं।’ ‘मैंने कई बार अपने भाई के साथ ये होते देखा’ इसी बातचीत के दौरान जाह्नवी ने अपने सौतेले भाई अर्जुन कपूर के साथ पिछले दिनों हुई सोशल मीडिया बुलीइंग और एक्टर पर उसके असर का भी जिक्र किया। अपने भाई का बचाव करते हुए जाह्नवी ने कहा कि उन्होंने करीब से देखा है कैसे अर्जुन को बुली किया जाता है। जाह्नवी कपूर ने कहा, ‘हर कोई वह कर रहा है जो उन्हें करना है, सब घर चलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जब यह हैरासमेंट में बदल जाता है, जैसा कि मैंने कई बार अपने भाई के साथ होते देखा है, तो इस तरह के बर्ताव का कोई बहाना नहीं हो सकता। नफरत सिर्फ नफरत को बढ़ावा देती है, और आपको बस इससे खुद को दूर कर लेना चाहिए।’ जब अर्जुन कपूर ने बयां किया था अपना हाल बता दें कि पिछले कुछ महीनों में अर्जुन कपूर को उनकी एक्टिंग और पर्सनल लाइफ को लेकर काफी ट्रोल किया गया है। पिछले महीने अपनी दिवंगत मां मोना शौरी कपूर की जयंती पर अर्जुन ने एक इमोशनल नोट लिखा था। जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि पिछले कुछ समय से जिंदगी उनके लिए बहुत बेरहम रही है, लेकिन वह ठीक हो जाएंगे। अर्जुन कपूर ने इसी पोस्ट में कई ऐसी बातें लिखी थीं जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों में उनके लिए फिक्र तो बढ़ी ही, साथ ही लोगों को यह भी समझ में आया कि उन दिनों अर्जुन किस तरह की मानसिक स्थिति से गुजर रहे थे। उनकी इस पोस्ट के बाद कई फैंस ने उनके सपोर्ट में कमेंट किए थे।

सरकार की बड़ी सख्ती! अब पुराने तरीके से नहीं चलेंगे WhatsApp और Telegram, यूजर्स परेशान, जानें नए रूल की हर एक डिटेल

नई दिल्‍ली। भारत में एक बड़ा टेक बदलाव 1 मार्च से लागू हो गया है जो हर WhatsApp और Telegram यूजर के लिए नई तरह की परेशानी और सुरक्षा दोनों लेकर आया है। कुछ लोग इससे परेशान हैं तो कुछ लोग खुश। सरकार ने दूरसंचार विभाग (DoT) के तहत एक नया SIM-Binding नियम लागू कर दिया है, जिसका मतलब है कि अब मैसेजिंग ऐप्स सिर्फ उसी फोन में काम करेंगे जिसमें वही SIM कार्ड लगा है जिससे अकाउंट बनाया गया था और वह SIM एक्टिव है। यहां जानें किन यूजर्स को ये रूल कर रहा ज्यादा एफेक्ट: इन यूजर्स के लिए ज्यादा मुसीबत पहले WhatsApp वेरिफ़ाई करने के बाद फोन में SIM हटाकर भी ऐप चलता था और Web/desktop पर भी अकाउंट लॉगिन रहता था। लेकिन अब यह सिस्टम बदल गया है। नई नियमों के बाद अगर फोन में वो SIM मौजूद नहीं है, तो ऐप काम नहीं करेगा या फिर re-verification करना पड़ेगा। खासकर उन यूजर्स को परेशानी होगी जो दो फोन, टैबलेट या कंप्यूटर पर अकाउंट काफी समय तक चालू रखते थे। इस वजह से बना है नया रूल सरकार ने यह कदम साइबर फ्रॉड और ठगी को रोकने के मकसद से उठाया है क्योंकि कई बार धोखेबाज पुराने या नकली SIM से WhatsApp अकाउंट को जारी रखते हैं और उसके जरिये गलत काम करते हैं। लेकिन यूजर को अब रोजमर्रा के इस्तेमाल में थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। यूजर्स को दिखेगा ये बदलाव सबसे बड़ा असर उन यूजर्स पर होगा जो: एक ही SIM से दो फैबो फोन या टैब में ऐप चलाते थे, WhatsApp Web/desktop का हर वक्त इस्तेमाल करते थे, अक्सर SIM निकालकर दूसरी डिवाइस में लगाने की आदत रखते हैं। अब हर छह घंटे में WhatsApp Web और Telegram Web ऑटोमेटिक लॉग-आउट होगा और फिर से लॉगिन के लिए आपको अपने फोन में वहीं SIM डालना होगा जिससे अपने अकाउंट बनाया हुआ है। ये लोग हो रहे नए रूल सबसे ज़्यादा प्रभावित वे लोग जिनके पास एक ही नंबर से कई फोन और टैब हैं, उन्हें बार-बार एक्टिवेशन करना पड़ेगा। वे जो PC/लैपटॉप पर रोज Web या Desktop संस्करण इस्तेमाल करते हैं, हर छह घंटे में रीकॉनैक्ट करना पड़ेगा। इन पर भी असर विदेश यात्रा के दौरान लोकल SIM डालने पर असली नंबर से जुड़े अकाउंट को फिर से वेरिफिकेशन करना पड़ेगा। Wi-Fi वाले टैबलेट या दूसरे डिवाइस पर यूज करना अब कठिन हो सकता है।

ओम बिरला ने विशेषाधिकार समिति के 15 सदस्य किए मनोनीत, रविशंकर प्रसाद होंगे अध्यक्ष

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की विशेषाधिकार समिति के पुनर्गठन की घोषणा करते हुए मंगलवार को 15 सदस्यों को मनोनीत किया। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, समिति में विभिन्न दलों के सांसदों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। समिति में शामिल सदस्य भारतीय जनता पार्टी से: बृजमोहन अग्रवाल रामवीर सिंह बिधूड़ी संगीता कुमारी सिंह देव जगदंबिका पाल त्रिवेंद्र सिंह रावत जगदीश शेट्टर कांग्रेस से: तारिक अनवर मनीष तिवारी मणिकम टैगोर अन्य दलों से: समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव द्रमुक (DMK) के टी.आर. बालू तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी शिवसेना के श्रीरंग अप्पा बार्ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अरविंद सावंत क्या है विशेषाधिकार समिति की भूमिका? विशेषाधिकार समिति संसद की एक स्थायी समिति होती है, जो सदन या उसके सदस्यों के विशेषाधिकार हनन और अवमानना से जुड़े मामलों की जांच करती है। समिति उन मामलों की पड़ताल करती है जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष द्वारा संदर्भित किया जाता है। जांच के बाद यह समिति अपनी सिफारिशें सदन को सौंपती है। संरचना के अनुसार, लोकसभा में अध्यक्ष द्वारा 15 सदस्यों को नामित किया जाता है, जबकि राज्यसभा में सभापति द्वारा 10 सदस्य मनोनीत किए जाते हैं। बहुदलीय प्रतिनिधित्व आधिकारिक सूचना के अनुसार, समिति में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, समाजवादी पार्टी और द्रमुक सहित कई दलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि विशेषाधिकार से जुड़े मामलों की जांच बहुदलीय सहभागिता के साथ की जाए। इस नियुक्ति के साथ ही नई समिति औपचारिक रूप से अपने कार्यों का निर्वहन शुरू करेगी।

8वें वेतन आयोग के नाम पर बड़ा खेल! कभी भी खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट

नई दिल्‍ली। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के अपडेट और सैलरी बढ़ोतरी की खबरें सबका ध्यान खिचती हैं। साइबर अपराधियों ने इसका फायदा उठाने के लिए एक नया फ्रॉड शुरू कर दिया है, जिसमें 8th Pay Commission के नाम पर फर्जी “सैलरी कैलकुलेटर” लिंक शेयर किया जा रहा है। ये मैसेज WhatsApp जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे हैं और साथ ही एक APK डाउनलोड करने का लालच भी दिया जा रहा है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस ऐप के जरिए आप सैलरी बढ़ोतरी या नई सैलरी का अनुमान लगा सकते हैं। लेकिन जैसे ही कोई यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है या फाइल इंस्टॉल करता है, अपराधियों को उस मोबाइल फोन तक अनधिकृत पहुंच मिल सकती है। सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी जारी की है कि यह फ्रॉड गंभीर है। इससे आपकी पर्सनल जानकारी चुराई जा सकती है और आपका बैंक बैंकाउंट भी खाली हो सकता है। 8th Pay Commission स्कैम से ऐसे की जा रही धोखाधड़ी कई सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मोबाइल पर ऐसे WhatsApp मैसेज, SMS या सोशल मीडिया लिंक भेजे जा रहे हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि 8th Pay Commission के लागू होने के बाद उनकी सैलरी कितनी होगी। ये मैसेज आपको APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। यह APK कोई आधिकारिक ऐप नहीं है, बल्कि फर्जी सॉफ्टवेर होता है जो मोबाइल में इंस्टॉल होने के बाद साइबर अपराधियों को आपके फोन तक एक्सेस, पर्सनल डेटा और बैंक जानकारी तक पहुंच देता है। कभी-कभी मैसेज में नाम, मोबाइल नंबर, आधार या बैंक डिटेल भरने के लिए कहा जाता है, और जैसे ही आप यह जानकारी शेयर करते हैं, फ्रॉडस्टर्स उस डेटा का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। स्कैम क्यों खतरनाक दरअसल APK इंस्टॉल होते ही अपराधी आपके फोन का पूरा कंट्रोल ले सकते हैं। इस जानकारी से वे आपके बैंक अकाउंट लिंक्स तक पहुंचकर पैसे निकाल सकते हैं। OTP, UPI PIN, CVV और अन्य निजी डेटा चोरी होने का जोखिम रहता है। एक बार डेटा चोरी हो जाने पर उसका गलत इस्तेमाल कई रूपों में हो सकता है। वहीं सरकार ने साफ किया है कि किसी भी सरकारी विभाग या वेतन आयोग से जुड़ी कोई आधिकारिक APK फाइल WhatsApp या सोशल मीडिया पर भेजी नहीं जाती, इसलिए ऐसे किसी भी लिंक पर भरोसा न करें। फंस जाए तो करें ये काम अगर आप गलती से किसी फर्जी लिंक पर क्लिक कर चुके हैं तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और नेट बैंकिंग/कार्ड को ब्लॉक कराएं। राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। अपने पासवर्ड और सिक्योरिटी कोड बदल दें।

धुरंधर स्टार आयशा खान बोलीं, 'मेरे साथ रेप की कोशिश हुई…

नई दिल्ली. बिग बॉस 17 फेम और धुरंधर फिल्म की स्टार आयशा खान ने हाल ही में महिलाओं की सार्वजनिक जीवन में आने वाली चुनौतियों पर खुलकर बात की. मोजो स्टोरी के एक हालिया समिट में बोलते हुए, आयशा ने ऑनलाइन सेक्शुअलाइजेशन, यौन हिंसा की धमकियों और अपनी जिंदगी में रेप की कोशिश जैसे दर्दनाक अनुभवों को साझा किया. उन्होंने बताया कि शरारत गाने की शूटिंग के दौरान पीरियड्स में होने की अपनी ईमानदार कबूलनामी के बाद उन्हें बड़े पैमाने पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. उन्होंने न सिर्फ रोजाना मिलने वाली रेप की धमकियों का खुलासा किया, बल्कि यह भी बताया कि कैसे एक समय उनके साथ रेप की कोशिश की गई थी. अपने करियर की शुरुआत से ही आयशा सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार रही हैं. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने पीरियड्स के दौरान ‘धुरंधर’ फिल्म का ‘शरारत’ गाना शूट किया था, तो उन्हें जमकर ट्रोल किया गया. उन्होंने कहा कि यह घटना तो महज एक उदाहरण है, असल दर्द इससे कहीं गहरा है. आयशा ने कहा कि इंस्टाग्राम पर लगभग रोजाना उनके शरीर को लेकर अश्लील कमेंट्स किए जाते हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं सामान्य टॉप पहनूं तो लोगों को प्रॉब्लम है, स्कर्ट पहनूं तो भी प्रॉब्लम है. मुझे यह सोचना पड़ता है कि पोस्ट करने से पहले क्या पहनूं.’ उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह के माहौल में रहना मानसिक रूप से बेहद दुखद है. ‘अगर मैं कुछ पहनने या पोस्ट करने से पहले यह सोचूं कि कहीं कोई मुझे गलत न समझ ले तो यह कितनी दुखद मानसिकता है जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें ऑनलाइन रेप की धमकियां मिलती हैं, तो उनका जवाब चौंकाने वाला था. उन्होंने कहा, ‘हां, हर रोज. मैं अभी अपना फोन खोलकर आपको दिखा सकती हूं’. उन्होंने कहा कि पब्लिक फिगर होने के नाते यह समस्या सदियों से चली आ रही है और इंडस्ट्री की हर महिला कभी न कभी इससे गुजरती है. उन्होंने कहा कि कमेंट्स में लोग लिखते हैं कि अगर उनमें ताकत होती तो वे उसके साथ सब कुछ कर गुजरते, जो उन्हें डराता है क्योंकि ये असली इंसान हैं जो हमारे आसपास ही रहते हैं. इस दौरान आयशा ने अपनी जिंदगी के सबसे दर्दनाक पल को भी साझा किया. भावुक होते हुए उन्होंने बताया, ‘मेरे साथ रेप की कोशिश हुई थी. मैं इस बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहती, लेकिन कभी-कभी यह जख्म हरा हो जाता है.’ उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मिलने वाली धमकियां उस पुराने घाव को कुरेद देती हैं. उन्हें डर होता है कि कहीं वह हादसा दोबारा न हो जाए, खासकर तब जब वह सेट पर होती हैं या कहीं ट्रैवल कर रही होती हैं आयशा खान, धुरंधर, शरारत, आयशा खान का यौन उत्पीड़न, आयशा खान ने बलात्कार का प्रयास, आयशा खान यौन हिंसा, आयशा खान को ट्रोलिंग, आयशा खान को बलात्कार की धमकी अपने असल जिंदगी के एक और डरावने अनुभव को शेयर करते हुए आयशा ने बताया कि एक बार वह फिल्म की शूटिंग कर रही थीं और उनके पिता भी वहां मौजूद थे. अचानक उन्होंने इंस्टाग्राम चेक किया तो देखा कि लंबे समय से एक शख्स उन्हें लगातार वॉयस नोट्स भेज रहा था. पड़ताल करने पर पता चला कि वह शख्स उनके सेट पर ही एक स्पॉटबॉय था. आयशा ने तुरंत इसकी शिकायत अपने पिता और प्रोडक्शन टीम से की, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई. हालांकि, इस घटना ने उन्हें यह एहसास करा दिया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दुनिया के बीच की दूरी बहुत कम है.

MP: उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास हेरिटेज होटल में नॉनवेज बनते CCTV फुटेज से हड़कंप… जानें क्या बोले मैनेजर?

उज्जैन। महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) के पास मध्य प्रदेश पर्यटन निगम (Madhya Pradesh Tourism Corporation- MPT) के ‘सम्राट विक्रमादित्य द हेरिटेज होटल’ (Samrat Vikramaditya The Heritage Hotel) विवादों के घेरे में है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दावा किया जा रहा है कि इस शुद्ध शाकाहारी होटल के किचन में छिपाकर नॉनवेज (मांस-मछली) पकाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा है कि महाकाल मंदिर के पास पर्यटन विभाग की होटल में नॉनवेज पकाया जाता है और पूरा स्टफ उसे खाता है. इतना ही नहीं ये भी दावा किया गया है कि ये गतिविधि होटल प्रबंधक की निगरानी में की जाती है। वीडियो में कथित तौर पर कर्मचारी यह कहते सुने जा रहे हैं कि “मुर्गा-मछली के हाथ लगे हैं, अच्छे से हाथ धो लेना.” यह भी आरोप है कि नॉनवेज पकाते समय सीसीटीवी कैमरों का एंगल जानबूझकर बदल दिया जाता है। ‘नॉनवेज नहीं, दही के शोले थे’होटल के मैनेजर सतीश पाठक ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने महाकाल थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि यह वीडियो होटल के उन पूर्व कर्मचारियों ने वायरल किया है जो 3-4 महीने पहले काम छोड़ चुके हैं और अब होटल की छवि खराब करना चाहते हैं। मैनेजर का दावा है कि जिस सामग्री को वीडियो में नॉनवेज बताया जा रहा है, वह दरअसल होटल की एक प्रसिद्ध वेज डिश ‘दही के शोले’ है. इसमें पनीर, वेजिटेबल्स और दही का उपयोग होता है, जिसे भ्रामक तरीके से पेश किया गया. महाकाल मंदिर के आसपास नॉनवेज पूरी तरह प्रतिबंधित है और होटल प्रशासन इसकी गरिमा का पूरा ख्याल रखता है। पुलिस कार्रवाई और आस्था का सवालचूंकि यह होटल महाकाल मंदिर के बिल्कुल नजदीक है, इसलिए देशभर से आने वाले श्रद्धालु इसे ‘शुद्ध शाकाहारी’ मानकर यहां ठहरते हैं. ऐसे में इन आरोपों ने भक्तों की आस्था को झकझोर दिया है। होटल मैनेजर ने बताया कि उन्होंने इस दुष्प्रचार के खिलाफ महाकाल थाने में FIR दर्ज करा दी है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Iran war: पश्चिम एशिया में फंसे लोगो की वापसी की तैयारी में जुटी सरकार.. आज 58 फ्लाइट्स भरेंगी उड़ान

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे तनाव के कारण हवाई सेवाओं पर बड़ा असर पड़ा है। इस बीच केंद्र सरकार (Central Government) ने मंगलवार को जानकारी दी कि एयरलाइनों ने अपनी उड़ानों के शेड्यूल में सावधानीपूर्वक बदलाव किए हैं और 4 मार्च को कुल 58 उड़ानें संचालित करने की योजना बनाई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने बताया कि फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर एयरलाइंस अतिरिक्त उड़ानें चला रही हैं और विदेशी विमानन प्राधिकरणों तथा भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर काम कर रही हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। मंत्रालय के अनुसार, आज भारतीय एयरलाइनों की तरफ से 24 उड़ानें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा पिछले 24 घंटों में खाड़ी देशों से एमिरेट्स और एतिहाद एयरवेज ने 9 उड़ानें संचालित की हैं। सरकार ने कहा कि वह लगातार एयरलाइनों के संपर्क में है और हवाई किरायों पर नजर रख रही है, ताकि इस संकट के समय टिकट की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो। मंत्रालय ने बताया कि भारतीय एयरलाइनों ने लंबी दूरी और अति लंबी दूरी की उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से धीरे-धीरे फिर से शुरू करना शुरू कर दिया है। क्या है चार मार्च की योजना?ये उड़ानें उन हवाई क्षेत्रों से बचकर चलाई जा रही हैं, जो फिलहाल बंद या प्रतिबंधित हैं। बता दें कि 4 मार्च को कुल 58 उड़ानों की योजना बनाई गई है। इनमें 30 उड़ानें इंडिगो की तरफ से और 23 उड़ानें एअर इंडिया तथा एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा संचालित की जाएंगी। भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच विदेशी एयरलाइंस भी सीमित संख्या में उड़ानें चला रही हैं, जो संचालन और हवाई क्षेत्र की स्थिति पर निर्भर हैं। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है। डीजीसीए ने दी जानकारीमंत्रालय के अनुसार, अब तक भारतीय एयरलाइनों की 1,221 उड़ानें और विदेशी एयरलाइनों की 388 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। केवल मंगलवार को ही भारतीय एयरलाइनों ने 104 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं। 28 फरवरी से अब तक तीन दिनों में कुल 1,117 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुई हैं। सरकार ने सभी एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों को स्पष्ट और समय पर जानकारी दें तथा रिफंड, री-शेड्यूलिंग और अन्य सहायता से जुड़े नियमों का पालन करें। एअर इंडिया ने क्या जानकारी दी?इस बीच एअर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए उसने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इस्राइल और कतर के लिए अपनी अधिकांश उड़ानों को 4 मार्च 2026 की रात 11:59 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है। एयरलाइन ने कहा है कि वह क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे की स्थिति के अनुसार निर्णय लेगी। इसके साथ ही सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह एयरलाइनों, एयरपोर्ट ऑपरेटरों, नियामक संस्थाओं और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और सेवाओं को धीरे-धीरे सामान्य किया जा सके।

T20 WC 2026 : आज SA और NZ के बीच पहला सेमीफाइनल कोलकाता में…

कोलकाता। दक्षिण अफ्रीका (South Africa) और न्यूजीलैंड (New Zealand) के बीच बुधवार को कोलकाता के ईडेन गार्डेंस (Eden Gardens, Kolkata) पर टी20 विश्व कप (T20 World Cup) के पहले सेमीफाइनल मैच खेला जाएगा। यह रोमांचक मुकाबला होने की संभावना है जिसमें दोनों टीम के कप्तानों की भूमिका अहम होगी। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम और न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर इस समय शानदार फॉर्म में हैं। अमूमन ऐसा नहीं होता कि दोनों टीमों के कप्तान ही सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हों। ऐसे में मार्करम और सैंटनर के बीच मुकाबला दिलचस्प होगा जो ईडन गार्डंस में हजारों दर्शकों को रोमांच से भर देगा। मार्करम बनाम सैंटनरइस मुकाबले के केंद्र में दो ऐसे कप्तान हैं, जिनकी अक्सर उतनी प्रशंसा या चर्चा नहीं होती जितनी होनी चाहिए थी क्योंकि वह रणनीतिक और तकनीकी रूप से उन कप्तानों से कहीं बेहतर हैं जिनकी कहीं अधिक प्रशंसा की जाती है। मार्करम ने अभी तक इस टूर्नामेंट में 175 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 268 रन बनाए हैं। उन्होंने पावरप्ले में गेंदबाजों को अच्छी तरह से निशाना बनाया है। दूसरी तरफ सैंटनर ने 6.35 की इकॉनमी रेट के साथ बल्लेबाजों को बांधे रखा है। उन्होंने बल्लेबाजी में भी कमाल दिखाया है। कुल मिलाकर कई ऐसे कारक हैं जिससे पहला सेमीफाइनल रोमांचक होने की संभावना है। टी20 में भारी है दक्षिण अफ्रीकी का पलड़ान्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 में दक्षिण अफ्रीका का पलड़ा भारी है। दोनों टीमों के बीच अब तक टी20 में कुल 19 मुकाबले खेले गए हैं जिसमें से दक्षिण अफ्रीका ने 12 मुकाबले जीते हैं, जबकि सात मैच न्यूजीलैंड के नाम रहे हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका की टीम अबतक अजेय बनी हुई है और उसने एक भी मैच नहीं गंवाया है। वहीं, न्यूजीलैंड को पिछले ही मैच में इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा था। टी20 विश्व कप के प्रसारण अधिकार स्टार स्पोर्ट्स के पास है और दर्शक इसके मुकाबले स्टार स्पोर्ट्स के चैनलों पर देख सकेंगे। इसके अलावा मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार एप पर होगी।

Assam Elections: कांग्रेस ने जारी की पहली लिस्ट, गौरव गोगोई समेत 42 उम्मीदवारों के नाम शामिल

नई दिल्ली। कांग्रेस (Congress) ने आगामी असम विधानसभा चुनाव (Assam Assembly Elections) के लिए पहली लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें कुल 42 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इस सूची के अनुसार, असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) जोरहाट विधानसभा क्षेत्र (Jorhat Assembly Constituency) से चुनाव लड़ेंगे। यह कदम चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले उम्मीदवारों के नाम सामने लाकर कांग्रेस की रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है। असम में 2016 से सत्ता से बाहर रही कांग्रेस राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही है। पार्टी ने विभिन्न क्षेत्रों से प्रभावशाली और स्थानीय स्तर पर मजबूत नेता चुने हैं, ताकि मतदाताओं के बीच अच्छी पैठ बनाई जा सके। सूची में कांग्रेस विधायक दल के नेता देबब्रत सैकिया को नजीरा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रिपुन बोरा को बरचल्ला सीट से टिकट मिला है। इसके अलावा अब्दुस सोबहान अली सरकार गौरीपुर, मार्कलाइन मराक गोलपारा वेस्ट (अनुसूचित जनजाति आरक्षित), गिरीश बरुआ बोंगाईगांव और महानंद सरकार बरपेटा (अनुसूचित जाति आरक्षित) से चुनाव लड़ेंगे। रामेन सिंह राभा बोको-चायगांव (ST), नंदिता दास हाजो-सुआलकुची (SC) और सत्यब्रत कलिता कमलपुर सीट से मैदान में होंगे। इन नामों के चयन में पार्टी ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दिया है। किसे कहां से मिला टिकटप्रमुख उम्मीदवारों में मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को डिस्पुर, दिगंत बर्मन को बरखेत्री और अशोक कुमार शर्मा को नलबाड़ी से टिकट दिया गया है। कांग्रेस ने आरक्षित सीटों पर भी मजबूत प्रत्याशी उतारे हैं, जो अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के बीच पार्टी की पकड़ बढ़ाने में सहायक साबित हो सकते हैं। यह सूची पार्टी की संगठनात्मक ताकत और चुनावी तैयारियों को दिखाती है। कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा में तेजी दिखाकर सत्ताधारी दल को संकेत दिया है कि वह इस बार असम में कड़ी चुनौती पेश करेगी। रणनीतिक बढ़त बनाने की कोशिशअसम विधानसभा की 126 सीटों के लिए चुनाव अप्रैल महीने में होने की संभावना है। पिछले कई वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के शासन वाले इस राज्य में कांग्रेस वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। पहले उम्मीदवारों की सूची जारी करके पार्टी ने रणनीतिक बढ़त बनाने की कोशिश की है। विश्लेषकों का मानना है कि आगे आने वाली सूचियां और संगठनात्मक प्रयास मिलकर कांग्रेस की स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। यह चुनाव असम की राजनीति में अहम मोड़ साबित हो सकता है, जहां कांग्रेस पुरानी ताकत वापस हासिल करने की कोशिश में जुटी है।