Chambalkichugli.com

शहडोल में ऑनलाइन गेम्स की वजह से परिवार हुआ तबाह, मासूम अनिकेत अकेला रह गया

शहडोल की पुरानी बस्ती में एक हंसता-खेलता परिवार ऑनलाइन गेमिंग की खतरनाक लत के चलते हमेशा के लिए उजड़ गया 24 फरवरी की रात हुई इस दर्दनाक घटना में पहले पिता शंकर लाल गुप्ता और बेटी स्वाति गुप्ता की मौत हो चुकी थी अब आठ दिन बाद मां राजकुमारी भी अपनी जिंदगी की लड़ाई हार गई जानकारी के अनुसार, शंकर लाल गुप्ता को BDG और AVIATOR नामक ऑनलाइन गेम की लत लग गई थी इस दौरान उन्होंने लाखों रुपये गंवा दिए और कर्ज के बोझ तले दबते चले गए लगातार बढ़ता आर्थिक तनाव और मानसिक दबाव उन्हें और उनके परिवार को असहनीय स्थिति में ले गया इसके चलते उन्होंने कथित तौर पर कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पहले अपनी पत्नी और बेटी को पिलाया और फिर खुद भी पी लिया घटना के बाद परिवार के तीनों सदस्य गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए गए जहां पिता और बेटी ने अगले ही दिन दम तोड़ दिया लेकिन मां राजकुमारी का इलाज मेडिकल कॉलेज शहडोल में जारी रहा आठ दिन की जिंदगी और मौत से जूझने के बाद राजकुमारी भी अपनी जान हार गई इस हृदय विदारक घटना के बाद परिवार में अब केवल 15 वर्षीय बेटा अनिकेत गुप्ता ही बचा है अनिकेत उस समय घर पर मौजूद नहीं था जिस वजह से वह जहरीला पेय पीने से बच गया और उसकी जान बच गई यह अकेला बच्चा अब पूरी तरह से अकेला रह गया है इस घटना ने शहर और आसपास के लोगों को झकझोर कर रख दिया इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा जैसे प्लेटफॉर्म्स की खतरनाक लत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं आर्थिक नुकसान, मानसिक दबाव और परिवारिक तनाव जैसी स्थितियों में ऐसे गेम्स का प्रभाव कैसे विनाशकारी साबित हो सकता है यह घटना इसके लिए एक चेतावनी भी है विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों और युवाओं की पहुंच को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है और परिवार को समय-समय पर मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि लत के चलते किए गए एक गलत निर्णय पूरे परिवार के जीवन को हमेशा के लिए बदल सकता है शहडोल की पुरानी बस्ती के लोग अब इस घटना को याद करते हुए केवल सन्नाटा महसूस कर रहे हैं और मासूम अनिकेत की स्थिति पर चिंता जताई जा रही है परिवार की खुशहाल जिंदगी अब केवल यादों में ही रह गई है यह घटना समाज और स्थानीय प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी है कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा जैसी लतों के खतरों को गंभीरता से लिया जाए और समय रहते बच्चों और युवाओं को इसके प्रभाव से बचाया जाए

भोपाल में होली के दिन युवक की चाकू मारकर हत्या, शव ऑटो से फेंककर बदमाश फरार

भोपाल । भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में होली के दिन एक युवक की दर्दनाक हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया। 19 वर्षीय अरविंद मीणा, जो प्रताप नगर में रहता था और गारमेंट्स शॉप में सेल्समैन के रूप में काम करता था, बुधवार रात अपने दोस्तों के साथ होली खेलने के बाद घूमने निकला था। सूत्रों के अनुसार, वह अपने दोस्तों विशाल ठाकुर उर्फ भूरा और सचिन के साथ आखिरी बार देखा गया। रात के अज्ञात समय में अज्ञात बदमाशों ने उसे घेरकर चार चाकू वार किए और उसके बाद उसका शव बेस्ट प्राइस के पास 80 फीट रोड पर ऑटो से फेंककर फरार हो गए। शव अर्धनग्न हालत में मिला, जिसमें उसके ऊपरी हिस्से के कपड़े नहीं थे। घटना की जानकारी लगते ही मृतक के पिता हल्केराम मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने सड़क किनारे भीड़ देखकर रुके और पास जाकर अपने बेटे का शव देखा। इस दर्दनाक दृश्य ने पूरे मोहल्ले के लोगों को स्तब्ध कर दिया। निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की पहचान के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मृतक के मोहल्ले के लोग और परिचितों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच में देरी से समुदाय में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि अरविंद मीणा एक मेहनती और शांत स्वभाव का युवक था, जिसने अपने परिवार का सहारा बनने के लिए मेहनत की थी। घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर होली जैसे बड़े त्योहार के मौके पर। पुलिस ने आसपास के इलाकों में अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी है और युवाओं को अशांति फैलाने से रोकने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया है। परिजन और मोहल्ले वाले पुलिस से लगातार संपर्क में हैं और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच से पता चला है कि हत्या की घटना व्यक्तिगत विवाद या आपराधिक मंशा के चलते हो सकती है, लेकिन सटीक कारण पोस्टमार्टम और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। यह घटना न केवल भोपाल के निशातपुरा इलाके में तनाव बढ़ा रही है, बल्कि होली जैसे खुशियों के त्योहार पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था की चुनौती को भी उजागर करती है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

शिवराज सिंह चौहान ने 66वें जन्मदिन पर परिवार संग किया पौधारोपण , मामा कोचिंग और मोबाइल अस्पताल से शिक्षा-स्वास्थ्य में नई पहल शुरू की

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने 66वें जन्मदिन पर भोपाल के स्मार्ट पार्क में परिवार के साथ पौधारोपण किया और आगामी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इस मौके पर पांच संकल्पों की घोषणा की, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, सेवा, सहायता और प्रतिभा प्रोत्साहन शामिल हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्होंने जोर दिया कि पेड़ सिर्फ लकड़ी नहीं, बल्कि करोड़ों जीवों का घर और ऑक्सीजन की फैक्ट्री हैं, और धरती के तापमान को कम करने के लिए हर हाल में पेड़ लगाना जरूरी है। शिक्षा क्षेत्र में चौहान ने विदिशा, रायसेन और भैरुंदा में मुफ्त मामा कोचिंग क्लासेस शुरू करने की बात कही ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई बच्चा अपने सपनों से वंचित न रहे। इसके अलावा विदिशा संसदीय क्षेत्र के मेधावी बच्चों के लिए प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान की शुरुआत होगी, जिसमें टॉपर्स को सम्मान राशि दी जाएगी।शिवराज ने सामाजिक सेवा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाने की योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगों के लिए मोटराइज्ड ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे न केवल चल सकेंगे बल्कि अपना रोजगार भी कर सकेंगे। साथ ही ‘मामा चलित अस्पताल’ कार्यक्रम के तहत विदिशा की आठों विधानसभाओं के गांव-गांव में मोबाइल क्लिनिक चलाकर गरीबों को आधुनिक जांच और नि:शुल्क इलाज मुहैया कराया जाएगा। ये मेडिकल वैन स्थानीय लोगों को शुरुआती जांच, ब्लड टेस्ट, ईसीजी और दवाइयां उपलब्ध कराएंगी, और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल की सुविधा भी देंगी। जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्विटर पर शिवराज सिंह चौहान को बधाई दी और उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। इसी अवसर पर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने भी पौधारोपण कर चौहान को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके सेवा-समर्पित नेतृत्व की सराहना की। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये जन्मदिन उनके लिए नए संकल्प और कार्यों की शुरुआत का प्रतीक है, और उनका उद्देश्य किसानों, ग्रामीणों और युवाओं के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करना है।

नीम हकीम खतरा-ए-जान साबित हुआ: पन्ना में जड़ी-बूटियों का सेवन कर परिवार हुआ गंभीर हालत में

पन्ना जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने यह साबित कर दिया कि बिना डॉक्टरी सलाह के जड़ी-बूटियों का सेवन कितना खतरनाक हो सकता है। पन्ना की निवासी सावित्री बाई उम्र 45 साल, जो लंबे समय से हाथ-पैर और कमर के दर्द से परेशान थीं, ने खुद और अपने बच्चों के लिए एक घरेलू इलाज अपनाया। किसी के सुझाव पर उन्होंने धतूरा और गरज जैसी जड़ी-बूटियों का काढ़ा तैयार किया। सावित्री बाई ने यह काढ़ा पहले खुद पीया और फिर अपने बेटे शिवम उम्र 22 साल और बेटी रेखा उम्र 24 साल को भी पिला दिया। जैसे ही तीनों ने यह काढ़ा लिया, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। तेज चक्कर आने लगे, लगातार उल्टियां होने लगीं और शरीर सुन्न पड़ गया। परिवार की यह हालत देख उनके परिजन तुरंत उन्हें पन्ना जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग का मामला बताया। तुरंत चिकित्सा मिलने के कारण बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना इस बात का सबूत है कि जड़ी-बूटियों का बिना विशेषज्ञ सलाह के सेवन जानलेवा हो सकता है। डॉक्टरों ने कहा कि धतूरा जैसी जड़ी-बूटियां बेहद खतरनाक होती हैं। यदि उनका सेवन नियंत्रित मात्रा में और चिकित्सकीय निगरानी में न किया जाए, तो इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। सावित्री बाई और उनके बच्चों को अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है और अब धीरे-धीरे उनकी हालत स्थिर हो रही है। यह घटना न सिर्फ पन्ना के लोगों के लिए चेतावनी है, बल्कि पूरे देश में यह याद दिलाती है कि घरेलू नुस्खों और जड़ी-बूटियों के सेवन में अति सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। नीम हकीम खतरा-ए-जान, का संदेश सच साबित हुआ। परिवार की यह गलती बस दर्द से राहत पाने की कोशिश थी, लेकिन इसका परिणाम अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था तक पहुंच गया। विशेषज्ञ कहते हैं कि किसी भी प्रकार की जड़ी-बूटियों या घरेलू औषधियों का सेवन करने से पहले हमेशा योग्य चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। यह मामला यह भी दर्शाता है कि पारंपरिक घरेलू नुस्खे अक्सर खतरनाक हो सकते हैं। खासकर धतूरा और गरज जैसी जड़ी-बूटियां, जो कि शरीर के लिए जहर साबित हो सकती हैं। समय पर इलाज और अस्पताल पहुंचना ही इस परिवार की जान बचाने वाला मुख्य कारण बना। पन्ना के लोगों के लिए यह घटना एक चेतावनी है कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज केवल प्रमाणित और चिकित्सकीय तरीके से ही किया जाना चाहिए। किसी भी तरह का जोखिम लेना जानलेवा साबित हो सकता है।

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर हंगामा, भीड़ ने भाजपा विधायक का दफ्तर घेरा; महिलाएं फूट-फूट कर रोईं

उज्जैन । उज्जैन के पिपलीनाका क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय लोगों और विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के बीच संघर्ष हुआ। मंगलवार को नगर निगम ने पिपलीनाका से गढ़कालिका और भैरवगढ़ मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले मकानों के मालिकों को नोटिस जारी किए थे, जिसमें उन्हें सात दिनों के भीतर प्रभावित हिस्से को खाली करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद गुरुवार को करीब 400 से अधिक लोग विरोध प्रदर्शन के लिए विधायक के आगर रोड स्थित दफ्तर पहुंचे। भीड़ ने विधायक की गाड़ी को रोक लिया और उन्हें भाजपा कार्यालय तक ले गए। कार्यालय में महिलाएं रोते-बिलखते हुए घुस गईं और नारेबाजी की। प्रदर्शन में कई परिवारों ने अपने घर टूटने और रोजी-रोटी पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई। महिलाओं ने कहा कि उन्होंने वोट देकर विधायक को चुना था, लेकिन अब उनके आशियानों को ही तोड़ा जा रहा है। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने प्रभावित लोगों की बात सुनने के बाद कलेक्टर रोशन सिंह से चर्चा की और आश्वासन दिया कि समाधान निकाले जाने की कोशिश की जाएगी। स्थानीय रहवासियों ने सड़क चौड़ाई को 100 फीट रखने के प्रस्ताव के बजाय 80 फीट करने की मांग की है ताकि कई मकानों को टूटने से बचाया जा सके। पिपलीनाका से गढ़कालिका मंदिर, ओखलेश्वर श्मशान और भैरवगढ़ जेल चौराहा तक कई घर और दुकानों को नोटिस दिए गए हैं। कई परिवार आर्थिक तंगी और बीमारी के दोहरे बोझ में हैं। जैसे संगीता भारती ने बताया कि उन्होंने अपने पति और बेटे को खो दिया है और अब अकेले ही परिवार का गुजारा करती हैं। ममता सैनी ने कहा कि अगर उनका घर टूट गया, तो वे अपने बच्चों को लेकर दर-दर भटकने को मजबूर होंगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि सड़क निर्माण के लिए जरूरत पड़ने पर केवल 10 फीट जमीन ली जाए, ताकि उनके पूरे घर को तोड़े जाने से बचाया जा सके। प्रशासन जल्द ही इस सड़क चौड़ीकरण कार्य को शुरू करने की तैयारी में है।

भोपाल में होली पर भांग पीकर नाचते-नाचते प्रोफेसर की मौत, परिवार और पुलिस में जांच शुरू

भोपाल। भोपाल के ऐशबाग इलाके में होली के त्योहार पर भांग पीकर नाचते-नाचते 25 वर्षीय प्रोफेसर कृष्णा नायक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कृष्णा नायक पुत्र उमेश नायक, जो भोपाल के एक निजी कॉलेज में पढ़ाते थे और एमपी नगर के कोचिंग संस्थान में भी छात्रों को पढ़ाते थे, बुधवार शाम तक दोस्तों के साथ होली खेलते रहे। इस दौरान उन्होंने एक लीटर दूध में भांग की छह गोलियां मिलाकर तैयार की गई भांग अकेले पी। उत्साह में दोस्तों के साथ नाचते-गाते हुए उनकी तबीयत बिगड़ी और वे एक दोस्त के कमरे में बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने कुछ देर इलाज के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार दोपहर पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। पुलिस ने शुरुआती जांच में हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई है, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। परिजनों ने बताया कि कृष्णा नायक ने होली के दौरान जमकर रंग खेला और भांग का सेवन भी किया, जिसके बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। पुलिस ने मृतक के परिजन और दोस्तों के बयान दर्ज किए हैं और मामले की जांच जारी है। परिवार का कहना है कि कृष्णा नायक पढ़ाई में मेधावी थे और छात्रों के बीच लोकप्रिय शिक्षक थे। पुलिस के अनुसार, बयान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यह घटना होली के त्योहार पर सुरक्षित रूप से रंग खेलते हुए भांग के सेवन से उत्पन्न संभावित खतरे पर एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है, और युवाओं को जागरूक करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

मूंदी में फिल्मी स्टाइल मदद, बाइक लेकर घायल को इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाया, समय पर उपचार से बची जान

 मूंदी  /खंडवा जिले के मूंदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने किसी फिल्मी सीन को याद दिला दिया राजकुमार और भुरू नाम के दो युवक अपनी बाइक पर चरूवा मेला घूमने जा रहे थे तभी सड़क पर रेलवे फाटक के पास बने ऊंचे ब्रेकर पर उनकी बाइक अनियंत्रित होकर उछल गई संतुलन बिगड़ने के कारण दोनों सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए हादसे के वक्त पीछे से आ रहे दो अन्य युवकों ने तुरंत स्थिति का आकलन किया और बिना किसी देरी के मदद के लिए आगे बढ़े उन्होंने घायलों को अलग-अलग बाइकों पर बैठाया और स्ट्रेचर बुलाने या अन्य औपचारिकताओं में समय खराब किए बिना सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाया यह दृश्य फिल्म ‘3 इडियट्स’ के एक सीन जैसा था जब तुरंत मदद और तेज कार्रवाई से घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार मिल सका हादसे के दौरान घायलों को अस्पताल पहुंचाने में विशाल राजपूत की गाड़ी का भी योगदान रहा उन्होंने घायलों को अस्पताल तक ले जाने में मदद की और समय पर इलाज शुरू हो सका इसके कारण दोनों युवक गंभीर हालत में नहीं पहुंचे और जल्द ही ठीक होने लगे डॉक्टरों ने बताया कि यदि घायलों को समय पर इमरजेंसी वार्ड तक नहीं लाया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि समय पर और सही तरीके से की गई मदद कितनी महत्वपूर्ण होती है सड़क पर हुए हादसे में कई बार मिनटों का अंतर जीवन और मृत्यु के बीच फर्क कर सकता है यहाँ युवकों की तत्परता और साहस ने दोनों की जान बचाई राज्य और जिला स्तर पर सड़क सुरक्षा और समय पर इमरजेंसी मदद को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी यह घटना प्रकाश डालती है हादसे की वजह से बाइक और सड़क की स्थिति को लेकर भी सवाल उठते हैं लेकिन सबसे बड़ी सीख यह है कि मौके पर मदद करने वाले युवकों का साहस और तत्परता ही घायलों के लिए जीवन रक्षक साबित हुई खंडवा जिले में इस तरह की घटनाओं से स्थानीय लोगों में भी सतर्कता बढ़ी है और यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया है लोग इसे ‘फिल्मी स्टाइल’ मदद का उदाहरण बता रहे हैं जिससे समय पर प्राथमिक उपचार का महत्व समझ में आता है घायल युवकों का इलाज जारी है और दोनों अब खतरे से बाहर हैं इस घटना ने यह भी साबित किया कि सही समय पर की गई मदद और हिम्मत से किसी भी सड़क हादसे में जान बचाई जा सकती है

भोपाल में HPV टीकाकरण अभियान में तेजी, 8 लाख किशोरियों तक वैक्सीन पहुंचाने का लक्ष्य

भोपाल । भोपाल में राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान ने तेज़ी पकड़ ली है, जहां अब तक जिले की 200 किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। मध्यप्रदेश में अभियान का बड़ा लक्ष्य है कि 90 दिनों के भीतर 14 वर्ष की लगभग 8 लाख बालिकाओं को टीका दिया जाए। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की मदद लेने का निर्णय लिया है। 5 मार्च 2026 को NHM कार्यालय में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मीट आयोजित की जा रही है, जिससे किशोरियों और उनके अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाई जा सके और वैक्सीन से जुड़े मिथकों को दूर किया जा सके। टीकाकरण स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में किया जाएगा। भोपाल जिले में यह सुविधा 18 केंद्रों पर उपलब्ध है, जिनमें एम्स भोपाल, जिला अस्पताल और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं। अभियान के तहत गार्डासिल-4 (क्वाड्रीवेलेंट HPV वैक्सीन) की सिंगल डोज दी जा रही है, जो HPV टाइप 16 और 18 से सर्वाइकल कैंसर और टाइप 6 और 11 से अन्य रोगों से बचाव करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि 9 से 14 वर्ष की आयु में वैक्सीनेशन कराना भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का जोखिम 80–85 प्रतिशत तक कम कर सकता है। भारत में हर साल लगभग 1.25 लाख महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से प्रभावित होती हैं और करीब 75 हजार महिलाओं की मौत हो जाती है। इस गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका किशोरावस्था में HPV वैक्सीनेशन है। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने वैक्सीन की सुरक्षा पर जोर देते हुए अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण कराएं और किसी भ्रम में न पड़ें। टीकाकरण के लिए अभिभावक यू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्लॉट बुक कर सकते हैं या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर भी वैक्सीन लगवा सकते हैं। टीकाकरण के दौरान उम्र का प्रमाण, मोबाइल नंबर और अभिभावक की सहमति आवश्यक होगी। अभियान की गंभीरता को दर्शाते हुए हाल ही में त्योहार और अवकाश के दिन भी विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए गए, जिसमें करीब 30 किशोरियों ने स्वयं पंजीकरण कर वैक्सीन लगवाई। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सोशल मीडिया और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किशोरियों और अभिभावकों में विश्वास बढ़ रहा है, जिससे लक्ष्य 8 लाख किशोरियों तक वैक्सीन पहुंचाने में मदद मिलेगी।

जेन जेड आंदोलन के छह महीने बाद नेपाल में संसदीय चुनाव के लिए हो रहा मतदान

काठमांडू । पड़ोसी देश नेपाल में जेन जेड आंदोलन के करीब छह महीने बाद गुरुवार को संसदीय चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। संघीय संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की 275 सीटों के लिए वोटिंग सुबह सात बजे (भारतीय समयानुसार 6:45 बजे) शुरू हुई। मतदाता शाम पांच बजे (भारतीय समयानुसार 4:45 बजे) तक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। नेताओं ने डाला वोट, बेहतर भविष्य की उम्मीदपुष्प कमल दहल ने भरतपुर महानगर में चितवन जिले के शांतिपुर वार्ड नंबर-14 स्थित नेपाल पुलिस स्कूल मतदान केंद्र पर वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चुनावों के बाद देश खुशहाली की दिशा में आगे बढ़ेगा और मतदाता ऐसे प्रतिनिधियों को चुनेंगे जो राष्ट्र और नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देंगे। रवि लामिछाने ने भी किया मतदानरवि लामिछाने ने काठमांडू के चुच्चीपाटी स्थित काठमांडू उपत्यका खानेपानी लिमिटेड (केयूकेएल) मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह चुनाव देश में राजनीतिक समाधान का रास्ता खोलेगा। लामिछाने चितवन निर्वाचन क्षेत्र-2 से प्रतिनिधि सभा का चुनाव लड़ रहे हैं। इस दौरान बालेंद्र शाह समेत कई अन्य नेताओं ने भी मतदान किया। जेन जेड आंदोलन के बाद हो रहा चुनावस्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मतदान प्रक्रिया सुबह सात बजे शुरू हुई। उल्लेखनीय है कि जेन जेड आंदोलन के कारण खड्ग प्रसाद शर्मा ओली की सरकार, जिसे नेपाली कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था, को इस्तीफा देना पड़ा था। मतदान केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएंनेपाल निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान केंद्रों पर पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में चुनाव सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया है।

भोपाल और ग्वालियर में पुलिसकर्मियों ने धूमधाम से मनाई होली, फिल्मी गानों पर थिरके अधिकारी

भोपाल। भोपाल में गुरुवार को नेहरू नगर पुलिस परेड ग्राउंड में पुलिस विभाग का भव्य होली मिलन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और जवानों ने जमकर उत्सव मनाया। इस मौके पर डीजीपी कैलाश मकवाना, पुलिस कमिश्नर संजय कुमार, एसीपी, आरआई और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत पुलिसकर्मियों को होली की शुभकामनाएं देने और संगठन में आपसी सौहार्द बढ़ाने के संदेश के साथ हुई। समारोह में डीजे की धुन पर अधिकारी और कर्मचारी फिल्मी गानों और पारंपरिक होली गीतों पर थिरकते नजर आए। “रंग बरसे”, “होरी खेले रघुवीरा” जैसे गीतों ने माहौल को और भी उत्सवपूर्ण बना दिया। पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों ने कीचड़ और मिट्टी में सराबोर होली खेलकर अपनी परंपरा का जीवंत अनुभव किया। पंडाल में वरिष्ठ अधिकारियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, जबकि जवानों ने कार्यक्रम के अगले हिस्से में रंग-गुलाल और मनोरंजन का पूरा आनंद लिया। आयोजन स्थल पर खाने-पीने और स्नैक्स की भी व्यवस्था की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य टीमवर्क और आपसी समन्वय को मजबूत करना है, ताकि बड़े आयोजन और ड्यूटी के समय विभाग के भीतर एकता और सहयोग बना रहे। वहीं, ग्वालियर में भी पुलिस लाइन में 72 घंटे की लगातार ड्यूटी पूरी करने के बाद अफसरों और जवानों ने होली का उत्सव मनाया। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को होली की शुभकामनाएं दीं और रंग-गुलाल के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पुलिसकर्मी पारंपरिक ढोलक और हारमोनियम के साथ होली गीत गाते हुए नाचते नजर आए। पूरे आयोजन में अधिकारी और जवान समान रूप से शामिल हुए, जिससे विभागीय सौहार्द और टीम भावना को मजबूती मिली। इसके विपरीत इंदौर में इस बार होली मिलन का कोई आयोजन नहीं हुआ। पुलिस और शहर के नेताओं ने पिछले घटनाक्रम के बाद दूरी बनाए रखी और सुरक्षा कारणों से उत्सव को रद्द किया। भोपाल और ग्वालियर में आयोजित समारोह पुलिसकर्मियों के लिए एक परंपरा बन चुकी है, जहां होलिका दहन से लेकर होली तक 72 घंटे की कड़ी ड्यूटी के बाद अधिकारी और जवान सामूहिक रूप से त्योहार का आनंद लेते हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि होली रंगों और खुशियों का त्योहार है, लेकिन कानून-व्यवस्था और कर्तव्य का पालन करना प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए। इस प्रकार समारोह ने न केवल पुलिस विभाग के भीतर सहयोग और उत्साह को बढ़ाया, बल्कि पारंपरिक होली के उल्लास को भी जीवंत किया।