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इंदौर दूषित पानी कांड पर कांग्रेस में उठी संवेदनशीलता की आवाज: 35 मौतों के बाद होली मिलन टालने की मांग, राहुल गांधी को लिखा पत्र

इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई 35 से अधिक लोगों की मौतों के बाद अब इस मामले की गूंज कांग्रेस संगठन के भीतर भी सुनाई देने लगी है। इस दुखद घटना के बाद जहां एक ओर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है वहीं कांग्रेस के अंदर से भी संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर भोपाल में प्रस्तावित होली मिलन समारोह को स्थगित कराने की मांग की है। राकेश सिंह यादव ने अपने पत्र में लिखा है कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण हुई मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस त्रासदी में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है और कई घरों में आज भी मातम पसरा हुआ है। ऐसे समय में जब पूरा शहर दुख और शोक के माहौल से गुजर रहा है तब किसी भी प्रकार का उत्सव मनाना जनता की भावनाओं के विपरीत संदेश दे सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को ऐसे संवेदनशील समय में जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का गृहनगर इंदौर है और वहीं इस दुखद घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। ऐसे समय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का दायित्व बनता है कि वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होकर उनका दुख साझा करें। राकेश सिंह यादव ने लिखा कि कांग्रेस की विचारधारा हमेशा से गांधीवादी मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रही है इसलिए इस समय उत्सव मनाने के बजाय पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करना अधिक जरूरी है। उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा कि भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निवास पर प्रस्तावित होली मिलन समारोह को लेकर जनमानस में भी सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर तब जब इसी घटना के विरोध में इंदौर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस घटना के बाद होली जैसे उत्सव से दूरी बनाने का फैसला भी किया है ताकि पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की जा सके। राकेश सिंह यादव ने राहुल गांधी से आग्रह किया है कि पार्टी की मानवीय परंपरा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए फिलहाल होली मिलन समारोह को स्थगित करने की सलाह दी जाए। उनका कहना है कि ऐसा करने से पीड़ित परिवारों को यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस उनके दुख में बराबर की भागीदार है और उनके साथ खड़ी है। इंदौर के इस जलकांड को लेकर पहले से ही प्रदेश सरकार विपक्ष के निशाने पर है। अब कांग्रेस के भीतर से उठी यह मांग राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह सीधे तौर पर संगठन की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मांग पर क्या फैसला लेता है।

CM VISIT KARILA MELA VISIT : करीला में रंग पंचमी मेले की शुरुआत, 8 मार्च को सीएम मोहन यादव करेंगे माता जानकी के दर्शन

KARILA MELA

HIGHLIGHTS: अशोकनगर के करीला में तीन दिवसीय रंग पंचमी मेले की शुरुआत तीन दिन में 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना 8 मार्च को मुख्यमंत्री मोहन यादव के दौरे की तैयारी महिला दिवस पर महिला अधिकारी संभालेंगी सुरक्षा व्यवस्था मेले में 1700 तक पुलिसकर्मी तैनात CM VISIT KARILA MELA VISIT : ग्वालियर। अशोकनगर जिले के मां जानकी धाम करीला में तीन दिवसीय रंग पंचमी मेला शनिवार से शुरू हो गया है। मेले के पहले दिन से ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी विभिन्न स्थानों पर लगा दी गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि तीन दिनों के दौरान करीब 20 से 25 लाख श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचेंगे। अगले हफ्ते शेयर बाजार में IPO की बारिश, 4 कंपनियां खोलेंगी पब्लिक इश्यू, निवेशकों के लिए बड़ा मौका 8 मार्च को रहेगा सबसे ज्यादा भीड़ का दिन मेले का मुख्य आकर्षण 8 मार्च को रंग पंचमी के दिन रहेगा, इस दिन सबसे अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि इसी दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी करीला पहुंचने का संभावित कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री यहां माता जानकी के दर्शन और पूजा करेंगे। LAHR GOVERNMENT SCHOOL: भिंड में वेतन रोकने पर भड़के शिक्षक, बीईओ से सड़क पर धक्का-मुक्की; चार पर केस दर्ज महिला दिवस पर महिला अधिकारी संभालेंगी जिम्मेदारी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर एक सभा भी आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। कलेक्टर साकेत मालवीय ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सुरक्षा और व्यवस्थाएं महिला अधिकारी और कर्मचारी संभालेंगी। हेलीपैड से लेकर मंदिर और सभा स्थल तक की जिम्मेदारी भी महिला अधिकारियों को सौंपी गई है। मेले में सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के अनुसार पूरे मेला परिसर को अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है। करीब 1600 से 1700 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मेले में ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। इनमें तीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आठ डीएसपी और अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग मार्ग, पार्किंग, दुकानें, झूले और मनोरंजन की व्यवस्था भी की गई है।

कटनी शहडोल रेलखंड पर टला बड़ा हादसा: बाबा घाट के पास मालगाड़ी के 5 डिब्बे पटरी से उतरे, रेल यातायात प्रभावित

कटनी । मध्य प्रदेश के कटनी जिले में कटनी शहडोल रेलखंड पर शनिवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया जब बाबा घाट के पास गुजर रही एक मालगाड़ी के पांच डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई और न ही कोई व्यक्ति घायल हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मालगाड़ी कटनी से शहडोल की ओर जा रही थी। इसी दौरान बाबा घाट के नजदीक अचानक मालगाड़ी के पांच डिब्बे पटरी से नीचे उतरकर ढलान की ओर जा गिरे। डिब्बों के पटरी से उतरने के बाद कुछ समय के लिए रेल यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा क्योंकि यह रेलखंड माल और यात्री ट्रेनों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। घटना के समय आसपास से कोई यात्री ट्रेन नहीं गुजर रही थी जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। रेलवे कर्मचारियों ने स्थिति का जायजा लेकर राहत और बहाली कार्य शुरू कर दिया। घटनास्थल पर क्रेन और भारी मशीनों की मदद से पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने और ट्रैक को दुरुस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है। रेलवे की इंजीनियरिंग और मैकेनिकल टीम लगातार मौके पर मौजूद है और ट्रैक को जल्द से जल्द चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। रेलवे के एरिया मैनेजर कटनी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे ट्रैक की तकनीकी समस्या या मालगाड़ी के किसी यांत्रिक हिस्से में खराबी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दुर्घटना किस वजह से हुई। इस घटना के कारण कटनी शहडोल रेलखंड से गुजरने वाली कई मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। रेलवे ने स्थिति को देखते हुए कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाने और कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोके जाने का फैसला किया है। इसके चलते यात्रियों को थोड़ी असुविधा और देरी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी के लिए रेलवे स्टेशन से संपर्क करें या आधिकारिक मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से अपडेट प्राप्त करते रहें। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही राहत कार्य पूरा होगा और ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जाएगा रेल यातायात को सामान्य कर दिया जाएगा।

अगले हफ्ते शेयर बाजार में IPO की बारिश, 4 कंपनियां खोलेंगी पब्लिक इश्यू, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए अगला हफ्ता बेहद अहम रहने वाला है। 9 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में देश में चार नए आईपीओ खुलने जा रहे हैं। इनमें से तीन पब्लिक इश्यू मेनबोर्ड सेगमेंट से जुड़े हैं जबकि एक आईपीओ एसएमई सेगमेंट का है। इसके अलावा पहले से खुले दो आईपीओ में भी निवेश का मौका मिलेगा। ऐसे में निवेशकों के पास अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में पैसा लगाने का अच्छा अवसर रहेगा। आने वाले सप्ताह में जिन कंपनियों के आईपीओ खुलने वाले हैं उनमें राजपूताना स्टेनलेस, इनोविजन, एप्सिस एरोकॉम और राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट शामिल हैं। इन कंपनियों के जरिए बाजार से हजारों करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। सबसे पहले राजपूताना स्टेनलेस का आईपीओ 9 मार्च को खुलेगा और 11 मार्च को बंद होगा। यह लगभग 254.98 करोड़ रुपये का इश्यू है। कंपनी ने इसके लिए 116 से 122 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है और एक लॉट में 110 शेयर होंगे। इस कंपनी के शेयर 16 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने की संभावना है। इसके बाद इनोविजन का आईपीओ 10 मार्च को खुलेगा और 12 मार्च को बंद होगा। कंपनी का लक्ष्य लगभग 322.84 करोड़ रुपये जुटाना है। इसके लिए 521 से 548 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है और एक लॉट में 27 शेयर शामिल होंगे। कंपनी के शेयर 17 मार्च को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं। तीसरा आईपीओ एप्सिस एरोकॉम का है जो 11 मार्च को खुलेगा और 13 मार्च को बंद होगा। यह एसएमई सेगमेंट का इश्यू है और कंपनी करीब 35.77 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके लिए 104 से 110 रुपये प्रति शेयर का प्राइस तय किया गया है और लॉट साइज 1200 शेयर का है। इस कंपनी के शेयर 18 मार्च को एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की संभावना है। इसके अलावा राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट का बड़ा आईपीओ भी 11 मार्च को खुलेगा और 13 मार्च को बंद होगा। करीब 6000 करोड़ रुपये के इस इश्यू के लिए कंपनी ने 99 से 100 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस कंपनी के शेयर 24 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने की उम्मीद है। इन नए आईपीओ के अलावा दो ऐसे आईपीओ भी हैं जो पहले से खुले हुए हैं और जिनमें निवेशक अब भी पैसा लगा सकते हैं। एल्फिन एग्रो इंडिया का आईपीओ 5 मार्च को खुला था और 9 मार्च को बंद होगा। कंपनी करीब 25.03 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है और इसका प्राइस 47 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एक लॉट में 3000 शेयर हैं और कंपनी के शेयर 12 मार्च को बीएसई एसएमई पर लिस्ट होने की संभावना है। वहीं श्रीनिबासा प्रधान कंस्ट्रक्शन्स का आईपीओ 6 मार्च को खुला था और 10 मार्च को बंद होगा। करीब 20.32 करोड़ रुपये के इस इश्यू को अभी तक लगभग 9 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। इसके लिए 91 से 98 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा गया है और लॉट साइज 1200 शेयर है। कंपनी के शेयर 13 मार्च को एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर डेब्यू कर सकते हैं। आने वाला सप्ताह आईपीओ बाजार के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाला है। मेनबोर्ड और एसएमई दोनों सेगमेंट में कई कंपनियां बाजार में उतर रही हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे निवेश करने से पहले कंपनियों के कारोबार, वित्तीय स्थिति और जोखिम कारकों का सावधानी से विश्लेषण करें, ताकि सही निर्णय लेकर बेहतर रिटर्न हासिल किया जा सके।

LAHR GOVERNMENT SCHOOL: भिंड में वेतन रोकने पर भड़के शिक्षक, बीईओ से सड़क पर धक्का-मुक्की; चार पर केस दर्ज

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HIGLIGHTS: भिंड के लहार में बीईओ और शिक्षकों के बीच विवाद वेतन रोकने की कार्रवाई से नाराज हुए शिक्षक बीच सड़क बीईओ से धक्का-मुक्की और गाली-गलौज सरकारी कर्मचारियों की सूची छीनकर फाड़ने का आरोप चार शिक्षकों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की LAHR GOVERNMENT SCHOOL: ग्वालियर। भिंड जिले के लहार में वेतन कटौती के नोटिस को लेकर शिक्षकों और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के बीच विवाद का मामला सामने आया है। नाराज शिक्षकों ने बीईओ के साथ बीच सड़क पर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। बता दें कि घटना के बाद पुलिस ने चारों शिक्षकों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। मिडिल ईस्ट संकट के बीच अन्ना हजारे ने भारत से वैश्विक शांति की भूमिका निभाने का आग्रह किया स्कूल में अनुपस्थित मिले थे शिक्षक लहार में पदस्थ बीईओ प्रेम सिंह बघेल के अनुसार, आरोपी शिक्षक शैलेन्द्र सिंह कुशवाह, राजेश सिंह कुशवाह, रवीन्द्र सिंह राजावत और सरजीत सिंह कुशवाह वैशपुरा हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ हैं। निरीक्षण के दौरान स्कूल में केवल 10 छात्र मौजूद मिले थे और सभी शिक्षक अनुपस्थित थे। इस लापरवाही पर उन्हें नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने उनके वेतन रोकने की कार्रवाई की थी। पूजा सामग्री का पुनः उपयोग: शास्त्र क्या कहते हैं, जानें नियम और अपवाद मीटिंग से लौटते वक्त रास्ते में रोका पुलिस शिकायत के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब बीईओ बघेल एसडीएम कार्यालय में आयोजित मीटिंग से लौट रहे थे। जिसके बाद हनुमान मंदिर के पास चारों शिक्षकों ने उन्हें घेर लिया और वेतन कटौती को लेकर बहस करने लगे, देखते ही देखते बहस तीखी नोकझोंक में बदल गई और बात मारपीट आ गयी। सीएम रेखा गुप्ता का संदेश: बेटियों को अवसर और आजादी दें, समाज और परिवार भी उठाएं जिम्मेदारी दस्तावेज फाड़ने और धमकी देने का आरोप आरोप है कि विवाद के दौरान शिक्षकों ने बीईओ के हाथ से जनगणना कार्य के लिए तैयार कर्मचारियों की सूची छीनकर फाड़ दी और जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद बीईओ ने लहार थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  

पूजा सामग्री का पुनः उपयोग: शास्त्र क्या कहते हैं, जानें नियम और अपवाद

नई दिल्ली । पूजा-पाठ के दौरान अक्सर घरों में यह सवाल उठता है कि क्या भगवान को अर्पित की गई सामग्री को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। कई लोग फूल माला अक्षत या जल को फिर से पूजा में उपयोग कर लेते हैं। लेकिन हिंदू शास्त्र इस विषय में स्पष्ट नियम बताते हैं। पूजा की शुद्धता और पवित्रता को बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और इसी वजह से पूजा सामग्री के पुनः उपयोग को लेकर कुछ दिशानिर्देश तय किए गए हैं। शास्त्रों में पूजा में अर्पित सामग्री को निर्माल्य कहा गया है। इसका अर्थ है वह सामग्री जो एक बार भगवान को अर्पित की जा चुकी हो। नियम के अनुसार जो फूल माला या अक्षत भगवान को अर्पित कर दिए जाते हैं वे उनके प्रसाद का हिस्सा बन जाते हैं। इन्हें दोबारा धोकर या साफ करके पूजा में इस्तेमाल करना अशुद्ध माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से पूजा का पूरा फल प्राप्त नहीं होता और भगवान को अर्पण का महत्व भी कम हो जाता है। जल और दीपक के संबंध में भी शास्त्र स्पष्ट हैं। पूजा में इस्तेमाल होने वाला जल हमेशा ताजा होना चाहिए। अगर कलश में रखा जल किसी कारण अशुद्ध स्पर्श में आ जाए तो उसे फिर से पूजा में उपयोग नहीं करना चाहिए। इसी प्रकार तांबे या पीतल के बर्तनों को हर पूजा के बाद शुद्ध मिट्टी या नींबू से धोकर ही इस्तेमाल करना चाहिए। दीपक जलाते समय पुराने दीये की जली हुई बत्ती और बचा हुआ तेल हटा देना चाहिए। इससे पूजा की पवित्रता और नियमों का पालन सुनिश्चित होता है। हालांकि कुछ अपवाद भी हैं। गंगाजल को कभी बासी नहीं माना जाता इसलिए इसे बार-बार उपयोग किया जा सकता है। तुलसी के पत्तों को भी विशेष परिस्थितियों में धोकर दोबारा अर्पित किया जा सकता है। इसी तरह भगवान की मूर्ति शालिग्राम घंटी शंख मंत्र जाप की माला और पूजा के धातु के पात्रों को धोकर पुनः इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ सामग्री को दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि भगवान शिव को अर्पित बेलपत्र को भी बशर्ते खंडित या दागदार न हो दोबारा अर्पित किया जा सकता है। लेकिन फूल माला भोग चंदन कुमकुम धूप-दीप नारियल अक्षत या दीपक में बचा तेल दोबारा पूजा में नहीं इस्तेमाल करना चाहिए। पूजा सामग्री का सम्मान करना ही धार्मिक नियमों का पालन माना जाता है और इससे श्रद्धालु को आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस प्रकार पूजा सामग्री के पुनः उपयोग में शास्त्र के नियमों और अपवादों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। इससे पूजा की पवित्रता भगवान को अर्पण की श्रद्धा और धार्मिक परंपराओं की महत्ता बनी रहती है। श्रद्धालु इस नियम का पालन करके पूजा के दौरान आध्यात्मिक लाभ और मानसिक संतोष प्राप्त कर सकते हैं।

मिडिल ईस्ट संकट के बीच अन्ना हजारे ने भारत से वैश्विक शांति की भूमिका निभाने का आग्रह किया

नई दिल्ली। समाजसेवी अन्ना हजारे ने वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारत से शांति और संवाद की पहल करने का आग्रह किया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि वर्तमान समय में दुनिया अत्यंत चिंताजनक परिस्थितियों से गुजर रही है। विभिन्न देशों के बीच बढ़ते तनाव और संघर्ष से सामान्य नागरिकों का जीवन असुरक्षित हो रहा है। विशेषकर महिलाओं, बच्चों और परिवारों पर इसका असर पीड़ादायक है। अन्ना हजारे ने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा अहिंसा और शांति की रही है। हमारे देश ने विश्व को संवाद और शांति का मार्ग दिखाने का प्रयास किया है। ऐसे समय में भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्र की ओर से मानवता और शांति का संदेश देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पत्र में लिखा, “आज दुनिया को हथियारों की नहीं, बल्कि विश्वास और संवाद की जरूरत है। युद्ध से केवल विनाश होता है, जबकि संवाद से समाधान और स्थिरता की राह निकलती है। इसलिए मेरी आपसे विनम्र प्रार्थना है कि भारत तटस्थ और जिम्मेदार भूमिका निभाते हुए वैश्विक स्तर पर शांति और संवाद को बढ़ावा दे।” अन्ना हजारे ने पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने कई वैश्विक मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभाई है। इसलिए इस संवेदनशील समय में यदि भारत मानवता और शांति के पक्ष में आगे आता है, तो यह पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मानवता के हित और निरपराध नागरिकों की सुरक्षा के लिए भारत को शांति का मार्ग आगे बढ़ाना चाहिए। पिछले एक हफ्ते में मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमले किए, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत कई उच्च सैन्य अधिकारी मारे गए। बदले में ईरान ने मिडिल ईस्ट के कई देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। यह संघर्ष अब भी जारी है और वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर रहा है। अन्ना हजारे का पत्र इस बात पर जोर देता है कि इस जटिल वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका न केवल तटस्थ बल्कि सक्रिय रूप से शांति और संवाद को बढ़ावा देने वाली होनी चाहिए। उनका मानना है कि भारत यदि इस समय जिम्मेदार पहल करता है, तो यह न केवल वैश्विक स्थिरता के लिए बल्कि मानवता के हित में भी एक प्रेरक उदाहरण बन सकता है।

सीएम रेखा गुप्ता का संदेश: बेटियों को अवसर और आजादी दें, समाज और परिवार भी उठाएं जिम्मेदारी

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिला बुद्धिजीवियों के राष्ट्रीय सम्मेलन ‘भारती-नारी से नारायणी’ को संबोधित करते हुए कहा कि महिला सशक्तीकरण सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर परिवार और समाज की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए लगातार योजनाएं चला रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने पैरों पर खड़ी हो सकें, लेकिन समाज को भी बेटियों को अवसर और आजादी देने की जिम्मेदारी उठानी होगी। सीएम रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने लाल किले से खुले में शौच बंद करने और शौचालय बनाने की बात की। इससे पहले समाज और राजनीति में इसे गंभीरता से नहीं लिया गया था। प्रधानमंत्री की पहल से लाखों शौचालय बनाए गए और महिलाओं का जीवन आसान हुआ। पहले महिलाओं को घर में अंगीठी पर लकड़ी जलानी पड़ती थी, लेकिन अब गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनका जीवन सुरक्षित और आरामदायक हुआ। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक अधिकार भी दिए जाने का जिक्र किया। चाहे बैंक अकाउंट खोलना हो, मुद्रा लोन लेना हो, महिलाओं के नाम घर देना हो या राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण देना हो, सरकार और प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के लिए नए रास्ते खोले हैं। रेखा गुप्ता ने दिल्ली सरकार की नई योजना ‘लखपति बिटिया योजना’ का भी उल्लेख किया। इस योजना के तहत बेटी की शिक्षा को ग्रेजुएशन तक पूरा करने पर उसके खाते में जन्म से लेकर हर पड़ाव पर पैसा जमा किया जाएगा, जिससे लगभग सवा लाख रुपये तक की राशि बेटी को मिल सकेगी और वह आत्मनिर्भर बन सके। पहले यह योजना केवल दसवीं तक ही सीमित थी। सीएम ने समाजसेवा और महिलाओं की मदद के लिए काम करने वाले संगठनों, जैसे सेविका समिति का समर्थन करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने माता-पिता से कहा कि अपनी बेटियों को हर अवसर और निर्णय लेने की आजादी दें। जो मौके आपको नहीं मिले, वह अपनी बेटी को जरूर दें। जब हर मां अपनी बेटी के लिए रास्ता बनाएगी, तो समाज भी अपने आप ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला सशक्तीकरण केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर नहीं है। परिवार, समाज और संगठन मिलकर ही महिलाओं को वास्तविक अवसर और आजादी दे सकते हैं। तभी कोई महिला अपनी क्षमता और सोच के अनुसार किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकती है। सीएम रेखा गुप्ता का यह संदेश महिलाओं के अधिकारों और समाज की भूमिका को उजागर करता है और हर स्तर पर महिला सशक्तीकरण की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

भोपाल में मासूमियत शर्मसार: 8 साल की बच्ची को टॉफी का लालच देकर पड़ोसी ने किया रेप, भीड़ ने रंगे हाथ दबोचा

भोपाल।  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक 41 वर्षीय अधेड़ ने पड़ोसी होने का भरोसा तोड़ते हुए 8 साल की मासूम छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया।  वारदात: टॉफी का लालच और हैवानियतघटना शुक्रवार दोपहर की है, जब दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले धर्मेंद्र (41) की नीयत बिगड़ गई। उसने मासूम को टॉफी दिलाने का झांसा दिया और फुसलाकर अपने घर के भीतर ले गया। घर का दरवाजा बंद कर आरोपी ने बच्ची के साथ दरिंदगी शुरू कर दी। चीख ने खोली पोल: ग्रामीणों ने किया घेरावदरिंदगी के दौरान जब मासूम की चीखें घर से बाहर सुनाई दीं, तो आसपास के लोग अनहोनी की आशंका में तुरंत मौके पर पहुँचे। लोगों ने जब घर के भीतर का नजारा देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। रंगे हाथ गिरफ्तारी: गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी धर्मेंद्र को रंगे हाथ दबोच लिया। जनता का इंसाफ: पुलिस के पहुँचने से पहले आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की जमकर धुनाई कर दी। सूचना मिलते ही ईंटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और लहूलुहान हालत में आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस की कार्रवाई: मेडिकल में हुई पुष्टिपुलिस ने तत्काल मासूम को मेडिकल जांच के लिए भेजा, जहाँ डॉक्टरों ने रेप की पुष्टि की है। सख्त धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत संगीन मामला दर्ज किया है। कोर्ट में पेशी: शुक्रवार दोपहर को ही आरोपी धर्मेंद्र को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। अपडेट: नाबालिग छात्रा केस में आरोपी माज खान का चौंकाने वाला खुलासाइधर, भोपाल के एक अन्य हाई-प्रोफाइल रेप केस (11वीं की छात्रा) में गिरफ्तार आरोपी माज खान ने पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। माज ने कबूल किया है कि मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान ने ‘थार’ गाड़ी के अंदर नाबालिग से रेप किया था। माज ने बताया कि यह सब एक सोची-समझी प्लानिंग का हिस्सा था। जब ओसाफ कार के अंदर था, तब माज बाहर खड़ा होकर कार के शीशे से अंदर झांक रहा था और उसने अपने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो शूट किया। पुलिस अब इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को और मजबूती से जुटा रही है।

Kharmas 2026 : एक माह तक मांगलिक कार्यों पर ब्रेक, जानें पवित्र स्नान और वर्जित कार्य

नई दिल्ली । साल का दूसरा खरमास 2026 बस कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है। ज्योतिष गणना के अनुसार जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं उसी समय को खरमास कहा जाता है। इस वर्ष वैदिक पंचांग के अनुसार सूर्य 14 मार्च को मीन राशि में गोचर करेंगे जिससे साल का दूसरा खरमास प्रारंभ होगा। पहले खरमास की अवधि 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक रही थी। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष खरमास की अवधि चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि से लेकर वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि तक होगी। इस समय के दौरान धार्मिक और मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लगाया जाता है। इस अवधि को विशेष ध्यान और संयम का समय माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि खरमास में पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ होता है। ऐसा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है। इस दौरान नदी में दीपदान करना भी शुभ फलदायी माना जाता है। इसलिए श्रद्धालु इस समय साधना और आत्मशुद्धि पर अधिक ध्यान देते हैं। खरमास में कई मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस दौरान विवाह करना शुभ नहीं माना जाता। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यदि इस समय विवाह किया जाए तो दांपत्य जीवन में परेशानियां और भावनात्मक दूरी बढ़ सकती है। इसके अलावा गृह प्रवेश नया घर बनवाना और अन्य शुभ कार्य भी नहीं किए जाते। नए कार्यों की शुरुआत से भी बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इस समय कोई नया व्यवसाय या निवेश शुरू करने से आर्थिक हानि और कार्यों में सफलता नहीं मिलती। इसी प्रकार मुंडन संस्कार नामकरण और अन्य मांगलिक कार्य भी इस अवधि में नहीं किए जाते। इस समय को संयम साधना जप-तप और आत्मचिंतन का समय माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार खरमास के दौरान धार्मिक नियमों का पालन करना व्यक्ति के लिए लाभकारी होता है। इस समय अपने कर्तव्यों और साधना पर ध्यान देना मानसिक शांति बनाए रखना और पवित्र नदियों में स्नान करना आर्थिक और मानसिक उन्नति के लिए शुभ माना गया है। श्रद्धालु इस अवधि में उपवास दान और धर्म-कर्म के कार्यों में अधिक ध्यान देते हैं। इसका उद्देश्य जीवन में संयम बनाए रखना और अपने कर्मों को शुद्ध करना है। खरमास के बाद ही मांगलिक कार्य और नए काम की शुरुआत को शुभ माना जाता है। इस तरह खरमास 2026 के दौरान धार्मिक नियमों और परंपराओं का पालन करना विशेष महत्व रखता है। यह समय अपने मन शरीर और कर्मों की शुद्धि का होता है जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन बना रहता है।