संगीत की साधना: बचपन से शुरू हुआ सफर और फिल्मी दुनिया में नाम का अनोखा रहस्य

नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत में ऐसे कलाकार कम ही होते हैं जिनकी साधना और मेहनत जीवनभर चमकती रहती है। साधना सरगम भी ऐसे ही संगीत की साधक हैं, जिनकी आवाज ने फिल्म और शास्त्रीय संगीत में खास जगह बनाई। उनके नाम और संगीत सफर से जुड़े कई मजेदार किस्से कम ही लोग जानते हैं। प्लेबैक सिंगर साधना सरगम का असली नाम साधना घाणेकर है। उन्होंने अपने नाम के पीछे की कहानी बताते हुए कहा कि माता-पिता ने उन्हें साधना इसलिए नाम दिया ताकि जीवन भर संगीत की साधना याद रहे। जब वे शिमला प्रोग्राम के लिए कल्याणजी-आनंदजी के पास गईं, तो उन्होंने सुझाव दिया कि नाम में सरगम जोड़ दें। साधना ने तुरंत हां कर दी और तब से उनका नाम साधना सरगम फिल्मी दुनिया में मशहूर हो गया। साधना ने अपने शुरुआती संगीत सफर के बारे में बताया कि चार साल की उम्र से उन्होंने गाना शुरू कर दिया था। घर में शास्त्रीय संगीत का माहौल था क्योंकि उनकी मां नीला घाणेकर संगीत सिखाती थीं। शुरुआत में उनका सपना केवल शास्त्रीय गायिका बनने का था। उन्हें सेंट्रल गवर्नमेंट स्कॉलरशिप मिली और पंडित जसराज के पास शास्त्रीय शिक्षा का अवसर मिला। लेकिन बाद में प्लेबैक सिंगिंग की ओर उनका रुझान बढ़ा। साधना ने बताया कि तीन मिनट में गाने की परफेक्शन पाने की चुनौती उतनी ही कठिन है जितनी तीन घंटे का शास्त्रीय गायन। उनकी पहली रिकॉर्डिंग महज पांच साल की उम्र में वसंत देसाई के साथ हुई थी। मराठी कविता पर आधारित गीत में उन्होंने अपनी गुड़िया साथ रखी थी। फिल्म ‘गुड्डी’ के गाने “हमको मन की शक्ति देना” के जरिए उन्होंने कल्याणजी-आनंदजी को प्रभावित किया और अपना पहला मौका पाया। साधना सरगम ने अपने प्रेरणा स्रोतों का भी जिक्र किया। उन्होंने लता मंगेशकर, आशा भोसले, किशोर कुमार, मुकेश और मोहम्मद रफी का नाम लिया। उनका कहना है कि इन कलाकारों की आवाज सुनकर लगता है कि संगीत कितनी ऊंचाई छू सकता है। लता जी ने उन्हें सिखाया कि सुर सही जगह पर लगना ही असली एक्सप्रेशन है। मराठी परिवार से होने के बावजूद उन्होंने हिंदी-उर्दू उच्चारण पर ध्यान दिया। मौलवी सैय्यद अहमद सैय्यद से उर्दू पढ़-लिखी, जिससे फिल्म ‘कलिंगा’ में दिलीप कुमार के सामने गाने का आत्मविश्वास मिला। साधना सरगम का लक्ष्य हमेशा साफ रहा है: संगीत के जरिए लोगों को सुकून देना। वह कहती हैं कि अच्छा इंसान बनना अच्छे सिंगर बनने से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। आज भी वे रोज रियाज करती हैं और संगीत की साधना को कभी कम नहीं होने देतीं। उनकी यह लगन और मेहनत उन्हें भारतीय संगीत जगत की खास पहचान देती है।
अमेरिका-ईरान-इज़रायल टकराव आठवें दिन में, मिसाइल और ड्रोन हमलों से क्षेत्रीय तनाव बढ़ा

नई दिल्ली । अमेरिका इज़रायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और यह संघर्ष अब आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है। इसी दौरान इज़रायल ने हमलों का नया दौर शुरू किया जबकि तेहरान के एक प्रमुख वाणिज्यिक हवाई अड्डे पर विस्फोटों की खबरें सामने आईं। यह टकराव 28 फरवरी को तेहरान में हुए एक हमले से शुरू हुआ था। शुरुआती दौर में यह केवल हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाइयों तक सीमित था लेकिन अब खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन हमलों सहित व्यापक संघर्ष का रूप ले चुका है। यह संकट धीरे धीरे और व्यापक रूप ले रहा है जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता पर असर पड़ रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संकट पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ तब तक कोई समझौता नहीं होगा जब तक वह बिना शर्त आत्मसमर्पण नहीं करता। इसके अलावा उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे आत्मसमर्पण के बाद ईरान को नया नेतृत्व चुनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए जो उनके प्रशासन के लिए स्वीकार्य हो। कुवैत की सेना ने बताया कि उसने अपने वायु रक्षा तंत्र के माध्यम से कई संभावित खतरों को रोक दिया। शनिवार सुबह से शुरू हुई हमलों की कई लहरों में 12 ईरानी ड्रोन और 14 बैलिस्टिक या क्रूज़ मिसाइलों को मार गिराया गया। इन हमलों से कई हिस्सों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं लेकिन अधिकारियों के अनुसार केवल मामूली संपत्ति को नुकसान हुआ जो मिसाइलों के मलबे गिरने से हुआ। उधर इज़रायल डिफेंस फोर्सेज आईडीएफ ने उत्तरी इज़रायल के निवासियों को सूचित किया कि हालिया ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण से उनका क्षेत्र सीधे खतरे में नहीं है इसलिए बम शेल्टर से बाहर निकल सकते हैं। चेतावनी सायरन भी नहीं बजे। हालांकि इसके बाद आईडीएफ ने तेल अवीव मध्य इज़रायल और वेस्ट बैंक के निवासियों के लिए नया अलर्ट जारी किया। इज़रायली सेना ने ईरान की ओर से एक और मिसाइल प्रक्षेपण का पता लगाया जिससे पहले से अस्थिर क्षेत्रीय टकराव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इस संघर्ष के बढ़ने से खाड़ी क्षेत्र और मध्य पूर्व की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। तेल आपूर्ति व्यापार मार्ग और नागरिक सुरक्षा पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब अमेरिका इज़रायल और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयासों और किसी संभावित समझौते पर टिकी हैं। क्षेत्रीय देशों ने भी सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी है। कुवैत ने अपने वायु रक्षा तंत्र को सक्रिय रखा है और इज़रायल लगातार मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की निगरानी कर रहा है। इस बीच आम नागरिकों में भय और अनिश्चितता भी बढ़ रही है क्योंकि किसी भी समय टकराव की सीमा पार करने का खतरा बना हुआ है।
MORENA BIKE ACCIDENT: मुरैना में सड़क हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से दो युवकों की दर्दनाक मौत

HIGHLIGHTS: दो बाइक सवार युवक होली खेलकर लौट रहे थे अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर दोनों युवकों की मौके पर ही मौत पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की अज्ञात वाहन की तलाश जारी MORENA BIKE ACCIDENT: ग्वालियर। मुरैना जिले के कैलारस क्षेत्र में शुक्रवार रात एक गंभीर सड़क हादसा ही गया, जिसमें दो युवकों की जान चली गई। बता दें कि नेपरी गांव के दीपक जाटव और संजय कुशवाह अपने ससुराल सबलगढ़ के बेनीपुरा गांव में होली खेलने गए थे। होली खेलकर लौटते समय, उनकी बाइक को पहाड़ों पासौंन गांव के पास किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। भारतीय महिला हॉकी टीम की तैयारी, विश्व कप 2026 में स्थान पक्का करने का अभियान मौके पर पुलिस की कार्रवाई स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना तुरंत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों युवकों को अस्पताल ले जाने से पहले ही मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया और मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ईरानी हमलों से खाड़ी में बढ़ा तनाव, अरब लीग ने रविवार को बुलाई विदेश मंत्रियों की आपात बैठक पुलिस की जांच और अज्ञात वाहन की तलाश सबलगढ़ थाना के एएसआई रामबाबू निबोरिया ने बताया कि घटना के बाद अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी गई है। मृतक दोनों युवक नेपरी के निवासी थे और परिवार में उनकी अचानक मौत से शोक का माहौल बन गया है। भोपाल: ‘इश्क, धोखा और ब्लैकमेलिंग’, प्रेमिका की धमकी से टूटे इकलौते बेटे ने माँ की साड़ी से लगाया फंदा हादसे के बाद पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से जानकारी जुटा रही है। फिलहाल, अज्ञात वाहन की पहचान और चालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। सड़क सुरक्षा की चेतावनी यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की अनदेखी को उजागर करता है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सड़क पर सतर्क रहने और तेज़ रफ्तार वाहन से बचने की चेतावनी दी है।
इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार दबाव में, सेंसेक्स और निफ्टी फिसले 3 प्रतिशत

नई दिल्ली। इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 3 प्रतिशत तक गिर गए। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 81,287.19 से फिसलकर 78,918.90 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25,178.65 से गिरकर 24,450.45 पर बंद हुआ। एफआईआई की लगातार बिकवाली इस सप्ताह बाजार पर दबाव डालती रही। निवेशकों ने भारतीय बाजार से 23,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की निकासी की। वैश्विक जोखिम और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण विदेशी निवेशक सतर्क नजर आए। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) और लगातार आ रहे एसआईपी फंड ने बाजार में गिरावट को कुछ हद तक रोकने में मदद की। मध्य पूर्व में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। ब्रेंट क्रूड 86 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जिससे ऊर्जा संबंधित सेक्टर और समग्र बाजार पर दबाव बढ़ा। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग 3 प्रतिशत नीचे बंद हुए। सेक्टरवार नजर डालें तो बीएसई रियल्टी इंडेक्स में 4.9 प्रतिशत, बीएसई ऑयल एंड गैस 4.8 प्रतिशत, बीएसई बैंकएक्स 4.6 प्रतिशत, बीएसई ऑटो 3.9 प्रतिशत और बीएसई कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 3.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि बीएसई कैपिटल गुड्स में 0.2 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई और डिफेंस सेक्टर के शेयरों में लगभग 3 प्रतिशत की तेजी देखी गई, क्योंकि वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों ने रक्षा कंपनियों में रुचि दिखाई। वेंचुरा सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर के अनुसार, इस सप्ताह भारतीय बाजार में वैश्विक जोखिम और घरेलू मजबूती के बीच खींचतान देखने को मिली। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ती ऊर्जा कीमतों के कारण एफआईआई लगातार बिकवाली कर रहे हैं। हालांकि, घरेलू निवेशकों की भागीदारी और एसआईपी के जरिए लगातार फंड आना बाजार को सहारा दे रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी50 इंडेक्स 24,450 के आसपास अपने 200-दिन के मूविंग एवरेज के करीब पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि फिलहाल बाजार अस्थिर है लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि से स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है। इस दौरान इंडिया वीआईएक्स इंडेक्स में 11 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जो निवेशकों की जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को दर्शाती है। इस तरह इस सप्ताह वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और एफआईआई की बिकवाली ने बाजार पर दबाव डाला, जबकि घरेलू निवेशकों और एसआईपी फंड की भागीदारी ने स्थिति को संतुलित रखा।
उज्जैन रंगपंचमी गेर पर हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन निगरानी से रखी जाएगी पैनी नजर

उज्जैन। उज्जैन में रंगपंचमी गेर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस ने हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। शहर भर के गेर मार्ग पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा लागू की गई है, जिसमें ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी की जा रही है। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन हर गतिविधि पर नजर रख रहा है और किसी भी असामाजिक गतिविधि को तुरंत रोकने के लिए तैयार है। पुलिस ने गेर मार्ग के ऊंचे स्थानों, संकरी गलियों और संवेदनशील चौराहों पर विशेष निगरानी रखी है। ड्रोन से मिलने वाली लाइव फीड कंट्रोल रूम तक भेजी जा रही है, जिससे अधिकारी भीड़ के घनत्व, यातायात और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रख सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर भीड़ को मोड़ने और मार्ग को व्यवस्थित करने के निर्देश तुरंत दिए जा रहे हैं। गेर शुरू होने से पहले पुलिस ने संवेदनशील स्थानों और छतों की भी जांच की। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी पत्थर, कांच या अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं जमा न हों। इसके साथ ही गेर में हड़बड़ी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरों का भी उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की शहर में मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि रंगपंचमी गेर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, आनंददायक और व्यवस्थित बने। पुलिस ने बताया कि ड्रोन निगरानी और लाइव फीड के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। गेर मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मी और विशेष सुरक्षा दल भीड़ प्रबंधन में सक्रिय रहेंगे। इसके साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्ग और सुरक्षा नियमों का पालन करें। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गेर में किसी भी प्रकार की हिंसा या असामाजिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। ड्रोन और हाई-टेक कैमरों की मदद से प्रशासन पूरे गेर मार्ग का हर गतिविधि रिकॉर्ड कर रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके। इस हाई-टेक निगरानी से रंगपंचमी गेर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मार्ग व्यवस्थित रहेगी। प्रशासन की यह पहल गेर को सुरक्षित बनाने और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
टी20 विश्व कप 2026: हार्दिक पांड्या का जेन मोड और बेथेल का रन-आउट..

अहमदाबाद। टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड के बीच हुए रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम ने 7 रन से जीत दर्ज की। मैच के निर्णायक पलों में युवा इंग्लिश बल्लेबाज जैकब बेथेल ने शतक बनाया और अपनी टीम के लिए रन चेज को आसान बनाने की पूरी कोशिश की। लेकिन आखिरी ओवर में भारत के हार्दिक पांड्या और विकेटकीपर संजू सैमसन की सूझबूझ ने इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मैच के 20वें ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 30 रन की जरूरत थी। बेथेल ने पहली गेंद पर लॉन्ग-ऑफ की दिशा में शॉट मारा, जो पांड्या के पास स्कूप होकर आया। पांड्या ने गेंद स्ट्राइकर एंड की ओर थ्रो किया। बेथेल दूसरी रन के लिए दौड़े, लेकिन क्रीज तक नहीं पहुँच पाए और रन-आउट हो गए। इस विकेट के साथ ही इंग्लैंड की जीत की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई। बीसीसीआई टीवी के एक वीडियो में हार्दिक पांड्या ने उस पल को याद किया। उन्होंने कहा कि उस वक्त उन्हें दो रास्ते नजर आ रहे थे। उनका दिल तेजी से धड़क रहा था, लेकिन उन्होंने खुद को ‘जेन मोड’ में रखा। पांड्या ने बताया, “बेथेल ऐसे बल्लेबाज थे जिन्हें मुझे आउट करना था। मुझे पता था कि अगर मैं शांत रहकर सही दिशा में थ्रो करूंगा तो काम पूरा होगा।” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने थोड़ा और स्टंप के करीब फेंकने का इरादा रखा था, लेकिन टीम की योजना सफल रही और विकेट हासिल हो गया। इस रन-आउट के बाद टीम ने जोरदार जश्न मनाया। पांड्या ने मजाक में बताया कि उनके उत्साह का एक कारण यह भी था कि उनका बेटा और बेटी माहिका भी वहां मौजूद थे और उन्होंने चाहा कि उनका परिवार इस पल का आनंद उठाए। हार्दिक पांड्या ने उस मैच में 19वां ओवर भी फेंका, जिसमें उन्होंने सिर्फ 9 रन दिए और टीम की जीत सुनिश्चित की। उनके शांत और निर्णायक अंदाज ने भारत को फाइनल में पहुँचने में मदद की और इंग्लैंड की जीत की राह को रोक दिया। इससे यह साफ हो गया कि हार्दिक पांड्या न सिर्फ एक आक्रामक खिलाड़ी हैं बल्कि तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी शांत रहकर टीम के लिए निर्णायक योगदान दे सकते हैं। उनकी यह रणनीति और जेन मोड में रहने की क्षमता ही भारतीय टीम को फाइनल की राह पर ले गई।
स्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज,बचाव फॉर्मूला से बनाएं समय पर पहचान

नई दिल्ली। स्ट्रोक या ब्रेन अटैक एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है। यह तब होता है जब मस्तिष्क तक खून पहुंचने में रुकावट आ जाती है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। स्ट्रोक के मामले में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। जितनी जल्दी पहचान और इलाज होता है, उतनी बेहतर रिकवरी की संभावना बनती है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देता है। समय पर पहचान और त्वरित कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है। NHM ने स्ट्रोक की पहचान और बचाव के लिए आसान और कारगर फॉर्मूला पेश किया है जिसेबचाव कहा जाता है। स्ट्रोक में देरी का मतलब मस्तिष्क में स्थायी नुकसान है। समय पर अस्पताल पहुंचने से क्लॉट-बस्टिंग दवाएं और अन्य इलाज उपलब्ध हो सकते हैं जो रिकवरी में मदद करते हैं। स्ट्रोक से बचाव के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें, धूम्रपान और शराब से बचें, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार अपनाएं। ‘बचाव’ फॉर्मूला स्ट्रोक के मुख्य लक्षणों को याद रखने का आसान तरीका है। इसमें शामिल हैं: ब – बाजू (बाहों में कमजोरी): व्यक्ति से दोनों बाहें ऊपर उठाने को कहें। यदि एक बाजू नीचे गिर जाए या कमजोर लगे, तो यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। च – चेहरा (चेहरा असमान): मुस्कुराने के लिए कहें। चेहरे का एक हिस्सा लटकना या असमान दिखना स्ट्रोक की संभावना दर्शाता है। आ – आवाज (बोलने में कठिनाई): व्यक्ति से कोई सरल वाक्य बोलने को कहें। आवाज अस्पष्ट, तुतलाती या बोलने में कठिनाई होना गंभीर संकेत है। व – वक्त (समय): यदि ऊपर के कोई भी लक्षण दिखाई दें, तुरंत समय बर्बाद न करें। 108 पर कॉल करें, एम्बुलेंस बुलाएं और नजदीकी अस्पताल पहुंचें, जहां सीटी स्कैन उपलब्ध हो। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, स्ट्रोक के ये लक्षण अचानक प्रकट होते हैं और अक्सर शरीर के एक तरफ प्रभाव डालते हैं। अन्य संकेतों में अचानक संतुलन बिगड़ना, आंखों में धुंधलापन या गंभीर सिरदर्द शामिल हो सकते हैं। स्ट्रोक कोसाइलेंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि यह कभी-कभी बिना चेतावनी के आता है। लेकिनबचाव फॉर्मूला से 90 प्रतिशत से अधिक मामलों में जल्दी पहचान संभव है। समय पर कार्रवाई से गंभीर जटिलताओं और स्थायी नुकसान से बचा जा सकता है। इसलिए किसी भी संदिग्ध लक्षण को हल्के में न लें। शरीर की भाषा समझें,बचाव फॉर्मूला याद रखें और तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। हर मिनट मायने रखता है और जीवन बच सकता है।
ईरानी हमलों से खाड़ी में बढ़ा तनाव, अरब लीग ने रविवार को बुलाई विदेश मंत्रियों की आपात बैठक

काहिरा। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और कई अरब देशों पर हुए कथित ईरानी हमलों के बाद स्थिति पर चर्चा के लिए अरब लीग ने विदेश मंत्रियों की आपात बैठक बुलाने का फैसला किया है। यह बैठक रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित की जाएगी। अरब लीग के सहायक महासचिव होसाम जकी ने शनिवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इस विशेष बैठक का प्रस्ताव कुवैत, सऊदी अरब, कतर, ओमान, जॉर्डन और मिस्र जैसे सदस्य देशों ने संयुक्त रूप से रखा है। बैठक में खाड़ी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा को प्रभावित करने वाली हालिया घटनाओं की समीक्षा की जाएगी और इस मुद्दे पर साझा अरब रुख तय करने की कोशिश की जाएगी। पड़ोसी देशों को निशाना बनाने का इरादा नहीं: ईरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने की बात कही गई थी। राज्य टीवी पर प्रसारित अपने रिकॉर्डेड संदेश में उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद करना केवल एक सपना है, जो कभी पूरा नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। क्षेत्रीय हमलों पर जताया खेद हालांकि राष्ट्रपति पेजेशकियन ने खाड़ी के कुछ देशों पर हुए हालिया हमलों पर खेद भी जताया। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं गलतफहमी के कारण हुईं और ईरान भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने का प्रयास करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पड़ोसी देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला नहीं किया जाता, तब तक तेहरान की ओर से किसी को निशाना बनाने का इरादा नहीं है। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस संबंध में ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने भी अपनी मंजूरी दे दी है। यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब शनिवार सुबह बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर हमलों की खबरों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहा तनाव पश्चिम एशिया में हालात पिछले कुछ दिनों में तेजी से बदले हैं। 28 फरवरी को शुरू हुए टकराव के बाद से ईरान, इस्राइल समेत पश्चिम एशिया के 13 देशों को निशाना बना चुका है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान की सैन्य गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।
भारतीय महिला हॉकी टीम की तैयारी, विश्व कप 2026 में स्थान पक्का करने का अभियान

नई दिल्ली। महिला हॉकी विश्व कप 2026 के लिए क्वालिफायर का आगाज हैदराबाद, तेलंगाना में रविवार से होने जा रहा है और भारतीय महिला हॉकी टीम इस टूर्नामेंट में अपनी विश्व कप की जगह पक्की करने के इरादे के साथ उतरेगी। मेजबान भारत के अलावा इस क्वालिफायर में इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, कोरिया, इटली, उरुग्वे, वेल्स और ऑस्ट्रिया जैसी टीमें हिस्सा ले रही हैं। सभी आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है, जिसमें ग्रुप ए में इंग्लैंड, कोरिया, इटली और ऑस्ट्रिया हैं, जबकि ग्रुप बी में भारत, स्कॉटलैंड, उरुग्वे और वेल्स शामिल हैं। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। फाइनल के अलावा एक कांस्य पदक मैच भी खेला जाएगा। क्वालिफायर में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीमें सीधे महिला हॉकी विश्व कप 2026 के लिए क्वालिफाई करेंगी। इसके अलावा हैदराबाद में चौथे स्थान पर रहने वाली विश्व की सबसे ऊंची रैंक वाली टीम को भी विश्व कप में जगह मिलेगी। इस बार के विश्व कप में पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रतियोगिता में 16 टीमें खेलेंगी, जिनमें से पहले ही नौ टीमों ने क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है। भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में घरेलू समर्थन पर भरोसा करेगी। टीम हाल ही में नियुक्त मुख्य कोच शोर्ड मारिन के नेतृत्व में उतरेगी। वर्तमान में भारतीय महिला हॉकी टीम विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर है और इंग्लैंड के बाद टूर्नामेंट में दूसरी सबसे ऊंची रैंक वाली टीम है। भारत का मुख्य लक्ष्य विश्व कप में सीधी क्वालिफिकेशन हासिल करना है। टीम अपने अभियान की शुरुआत 8 मार्च को उरुग्वे के खिलाफ करेगी। इसके बाद 9 मार्च को स्कॉटलैंड और 11 मार्च को वेल्स के खिलाफ मुकाबले होंगे। भारतीय महिला हॉकी टीम अब तक विश्व कप के आठ संस्करण खेल चुकी है, और 1974 में चौथा स्थान हासिल करके अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। क्वालिफायर से पहले भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने कहा, “हम अपने फैन्स के सामने अपने घर पर क्वालिफायर खेलने के लिए बहुत उत्साहित हैं। टीम इस टूर्नामेंट के लिए बहुत मेहनत कर रही है क्योंकि हम जानते हैं कि क्या दांव पर लगा है। यहां हर टीम विश्व कप में जगह बनाने के लिए मुकाबला कर रही है। हमें शुरू से ही कठिन मैचों की उम्मीद है। हैदराबाद में खेलना हमारे लिए बहुत खास होगा। घरेलू दर्शकों का हमेशा प्रेरणा देता है। हमारा फोकस एक बार में एक ही मैच पर रहने और अपना श्रेष्ठ देने पर होगा ताकि हम अच्छा प्रदर्शन कर सकें और विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर सकें।” भारतीय टीम की यह तैयारी और घरेलू समर्थन उन्हें एक मजबूत शुरुआत देने के लिए तैयार है। क्वालिफायर में प्रदर्शन ही तय करेगा कि भारत महिला हॉकी विश्व कप 2026 में सीधी क्वालिफिकेशन हासिल कर पाती है या नहीं।
भोपाल: 'इश्क, धोखा और ब्लैकमेलिंग', प्रेमिका की धमकी से टूटे इकलौते बेटे ने माँ की साड़ी से लगाया फंदा

भोपाल । राजधानी के सेठी नगर में एक 24 वर्षीय युवक की आत्महत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। फेब्रिकेशन का काम करने वाले दीपक गुर्जर ने अपनी प्रेमिका के कथित विश्वासघात और ‘रेप केस’ में फंसाने की धमकी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। शनिवार सुबह जब माँ की नींद खुली, तो घर के जीने (सीढ़ियों) की रेलिंग पर बेटे का शव लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दीपक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जिसकी मौत ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। घटना की जड़ें 7 साल पुराने एक प्रेम संबंध से जुड़ी हैं। पुलिस को दीपक की जेब से मिले एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट ने इस मौत के पीछे के खौफनाक सच को बेनकाब कर दिया है।घटना की जड़ें 7 साल पुराने एक प्रेम संबंध से जुड़ी हैं। पुलिस को दीपक की जेब से मिले एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट ने इस मौत के पीछे के खौफनाक सच को बेनकाब कर दिया है। दीपक ने अपने आखिरी खत में सीधे तौर पर अपनी मुस्लिम प्रेमिका और उसके एक दोस्त को जिम्मेदार ठहराया है। नोट के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से शादी का वादा था, लेकिन हाल ही में युवती ने दीपक के ‘हिंदू’ होने का हवाला देकर निकाह से साफ इनकार कर दिया। दीपक का दर्द सिर्फ शादी टूटने तक सीमित नहीं था; सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग की एक डरावनी दास्तां दर्ज है। दीपक ने लिखा कि युवती अब किसी और के साथ संबंध में थी और जब वह विरोध करता, तो उसे झूठे ‘रेप केस’ में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी जाती थी। दो दिन पहले युवती ने कथित तौर पर दीपक का मोबाइल भी तोड़ दिया था और बेहद ठंडे लहजे में कहा था— “तुम मर भी जाओ तो मेरा कुछ नहीं होगा, मेरी पहुँच बहुत ऊपर है।” इसी मानसिक प्रताड़ना और कानूनी फंदे के डर ने दीपक को इतना लाचार कर दिया कि उसे सुसाइड ही एकमात्र रास्ता नजर आया। अशोका गार्डन पुलिस ने मौके पर पहुँचकर सुसाइड नोट और दीपक का पर्स जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और युवक के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले जा रहे हैं। परिजनों के विस्तृत बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद, पुलिस इस मामले में ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ (IPC 306/BNS) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। प्रमुख कीवर्ड्स (Keywords with Comma)भोपाल सुसाइड केस, अशोका गार्डन न्यूज़, दीपक गुर्जर, सुसाइड नोट खुलासा, रेप केस की धमकी, सेठी नगर, प्रेम में धोखा, ब्लैकमेलिंग, एमपी पुलिस जांच, खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला, इकलौते बेटे की मौत, भोपाल क्राइम अपडेट।