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पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार का भरोसा, भारत के पास पेट्रोलियम का पर्याप्त भंडार

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल व पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम का पर्याप्त भंडार मौजूद है और फिलहाल किसी तरह की कमी की आशंका नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, देश में इस समय कच्चे तेल का लगभग 25 दिनों का अतिरिक्त भंडार उपलब्ध है। इसके साथ ही पेट्रोलियम के शोधित उत्पादों का भी करीब 25 दिनों का अतिरिक्त स्टॉक मौजूद है। इस तरह कुल मिलाकर देश के पास सात सप्ताह से अधिक की आवश्यकता पूरी करने लायक भंडार है। अधिकारियों ने बताया कि कुल अतिरिक्त भंडार करीब 25 करोड़ बैरल, यानी लगभग 4,000 करोड़ लीटर है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूस, अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका और मध्य एशिया जैसे क्षेत्रों से कच्चे तेल का आयात लगातार जारी है। इसलिए मीडिया में चल रही यह खबर कि देश के पास केवल 25 दिन का कच्चा तेल ही बचा है, तथ्यात्मक रूप से गलत है। गौरतलब है कि भारत वर्तमान में छह महाद्वीपों के लगभग 40 देशों से कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करता है। ऐसे में देश की निर्भरता पूरी तरह से होर्मुज जलडमरूमध्य पर नहीं है। देश की रिफायनिंग कंपनियों की कुल शोधन क्षमता 25.8 करोड़ टन प्रतिवर्ष है, जो घरेलू मांग से काफी अधिक है। भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की वार्षिक मांग लगभग 21 से 23 करोड़ टन के बीच रहती है। इसके अलावा पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण अनिवार्य किए जाने से हर साल लगभग 4.4 करोड़ बैरल, यानी करीब 60 लाख टन कच्चे तेल के आयात में कमी आती है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य से आयात पूरी तरह बंद भी हो जाए, तब भी देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के तहत ईरान पर हुए हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया है। इसके चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

टी20 फाइनल 2026: गेंदबाजों की चुनौती, बल्लेबाजों की धुआंधार पारी की संभावना..

नई दिल्ली।टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मुकाबला रोमांचक होने वाला है क्योंकि पिछले मैचों की तरह इस बार भी बल्लेबाजों के लिए रन बनाने का मौका ज्यादा रहेगा और गेंदबाजों की शामत आने की संभावना है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के फाइनल में कुल 499 रन बने थे और दर्शकों ने रनों की बारिश का आनंद लिया। फाइनल में भी ऐसा ही हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है। ESPNcricinfo की रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनल में स्कोर लगभग 200 रन के आसपास रहने की उम्मीद है। शुरुआत में यह माना जा रहा था कि हरी घास वाली पिच तेज गेंदबाजों को मदद दे सकती है, लेकिन सेमीफाइनल में बल्लेबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए पिच पर रन बनाए। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में जसप्रीत बुमराह ही ऐसे गेंदबाज रहे जिन्होंने अपनी सटीक लाइन और विविधता से लगातार दबाव बनाए रखा। वहीं वरुण चक्रवर्ती ने चार ओवर में 64 रन खर्च किए और अक्षर पटेल ने तीन ओवर में 35 रन दिए। इससे साफ है कि फाइनल में बाकी गेंदबाजों को रन रोकने में चुनौती होगी। फाइनल मुकाबला सेंटर पिच पर खेला जाएगा, जिसमें लाल और काली मिट्टी का मिश्रण है। इस टूर्नामेंट में अब तक सेंटर पिच पर सिर्फ एक ही मैच खेला गया है। 9 फरवरी को हुए उस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने कनाडा को 53 रन से हराया था और पहले बल्लेबाजी करते हुए 213 रन बनाए थे। सेंटर पिच बल्लेबाजों को मदद देने वाली साबित हो सकती है। भारत इस टूर्नामेंट में नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर दो मैच खेल चुका है। ग्रुप स्टेज में नीदरलैंड्स को 17 रन से हराया गया, लेकिन सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारत के पास इस बार न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड बदलने का मौका है क्योंकि अब तक दोनों टीमों के बीच तीन मैच हुए हैं और तीनों में न्यूजीलैंड विजयी रही है। टी20 विश्व कप का इतिहास बताता है कि लगातार दो टी20 विश्व कप किसी भी टीम ने नहीं जीते हैं। भारतीय टीम इस बार अपने इतिहास को बदलने और लगातार दूसरा खिताब जीतने का अवसर हाथ से जाने नहीं देना चाहती। गेंदबाजों के लिए चुनौती कठिन होगी, लेकिन बल्लेबाजों की जोड़ी और तेज गेंदबाजी के संतुलन पर फाइनल का रोमांच निर्भर करेगा। इस फाइनल मुकाबले में गेंदबाजों की रणनीति, बल्लेबाजों की आक्रमकता और पिच की स्थितियां तय करेंगी कि किस टीम का पलड़ा भारी होगा। हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है और क्रिकेट फैंस को इस रोमांचक फाइनल का बेसब्री से इंतजार है।

7 मार्च 2026 बैंक अपडेट: शनिवार को बैंक खुलेंगे या बंद, राज्यवार जानकारी

नई दिल्ली।सोमवार से शुक्रवार तक भागदौड़ भरी जिंदगी के बाद कई लोग शनिवार को अपने बैंक से जुड़े काम निपटाना पसंद करते हैं। लेकिन अक्सर यही सवाल उठता है कि बैंक शनिवार को खुले हैं या बंद। इस कन्फ्यूजन का कारण यह है कि कुछ शनिवार बैंक खुले रहते हैं, जबकि कुछ पर वे बंद होते हैं। हालांकि डिजिटल बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग की सुविधाओं ने कैश निकालना, पैसे भेजना और RTGS, NEFT या IMPS जैसी ट्रांजैक्शन को कहीं से भी करना आसान कर दिया है, फिर भी कई कार्य ऐसे हैं जिनके लिए बैंक जाकर अधिकारी से मिलना जरूरी होता है। आज 7 मार्च 2026 को कई लोगों के मन में यही सवाल होगा कि बैंक खुले हैं या बंद। RBI यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार बैंक हर शनिवार नहीं खुलते। दूसरे और चौथे शनिवार को सभी शेड्यूल्ड और नॉन-शेड्यूल्ड बैंक बंद रहते हैं। महीने के पहले, तीसरे और पांचवे शनिवार आमतौर पर बैंक खुले रहते हैं, जब तक कि किसी विशेष पर्व या छुट्टी के कारण बंद न हों। 7 मार्च 2026 महीने का पहला शनिवार है और RBI की छुट्टियों की लिस्ट में कोई त्योहार या अवकाश दर्ज नहीं है, इसलिए पूरे भारत में बैंक खुलेंगे। मार्च 2026 में बैंक कई दिन बंद रहेंगे। पहले 2, 3 और 4 मार्च को होली और होलिका दहन के अवसर पर अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहे। आने वाले हफ्तों में भी कई बैंक अवकाश पर रहेंगे। मुख्य बंद रहने वाले दिन और राज्य: 13 मार्च 2026: मिजोरम में चपचार कुट त्योहार 17 मार्च 2026: जम्मू-कश्मीर में शब-ए-कद्र 19 मार्च 2026: महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर, गोवा, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और श्रीनगर में गुड़ी पड़वा, उगादी, तेलुगु न्यू ईयर, सजिबू नोंगमापनबा और प्रथम नवरात्र 20 मार्च 2026: जम्मू-कश्मीर, केरल, श्रीनगर और आंध्र प्रदेश में ईद-उल-फितर और जुमात-उल-विदा 21 मार्च 2026: असम, गुजरात, मिजोरम, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, चंडीगढ़, तमिलनाडु, उत्तराखंड, सिक्किम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, गोवा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मेघालय और श्रीनगर में रमजान-ईद, खुतुब-ए-रमजान और सरहुल 26 मार्च 2026: मिजोरम, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, मुंबई, नागपुर, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में राम नवमी इसलिए आज 7 मार्च को घर से निकलने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके राज्य या शहर में बैंक खुले हैं। अगर आपके काम के लिए बैंक जाना आवश्यक है तो यह जानकारी आपके लिए मददगार साबित होगी। यह है कि इस महीने बैंक की खुलने और बंद रहने की तिथियां जानना जरूरी है ताकि आप अपने बैंकिंग कार्य बिना परेशानी के निपटा सकें।

भोपाल में सीएम हाउस में हुई विधायक कालूहेड़ा की कड़ी फटकार: बोले-अब सिंहस्थ के कार्यों में रहूंगा पूर्ण सहयोगी

भोपाल । उज्जैन उत्तर के बीजेपी विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा को सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर दिए गए विवादित बयान पर शुक्रवार देर रात भोपाल बुलाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने विधायक को फटकार लगाई। बैठक में विधायक ने अपने बयान पर खेद जताया और आश्वासन दिया कि अब वे सिंहस्थ के सभी विकास और सड़क निर्माण कार्यों में सहयोगी बनकर रहेंगे। यह विवाद उज्जैन के पिपलीनाका क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू हुआ था। विधायक ने कहा था कि अगर रोड 24 मीटर से अधिक चौड़ी हुई तो वह सड़क पर उतरकर जन आंदोलन करेंगे। नगर निगम ने भैरवगढ़ रोड के किनारे करीब 410 घरों को खाली करने का नोटिस जारी किया, जिसमें कई घरों का हिस्सा केवल 10-20 फीट बचा। इससे स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और विधायक कार्यालय घेर लिया। कालूहेड़ा ने बैठक के बाद स्पष्ट किया कि वे जनता की भावना का सम्मान करते हैं, लेकिन प्रशासन और अधिकारियों के सहयोग से ही सभी निर्णयों को लागू करेंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि सिंहस्थ आयोजन में किसी भी विवाद से बचें और प्रशासनिक आदेशों का पालन करें।

पुतिन ईरान वार्ता: ताकत के इस्तेमाल को नकारा, कूटनीतिक समाधान पर जोर

नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। इस वार्ता को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि रूस इस मुश्किल वक्त में ईरान का समर्थन कर सकता है लेकिन पुतिन ने स्पष्ट किया कि तनाव कम करना और मुद्दों का कूटनीतिक हल निकालना ही प्राथमिकता है। रूसी विदेश मंत्रालय ने टेलीग्राम पर इस बातचीत की जानकारी साझा की। मंत्रालय ने बताया कि पुतिन ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई उनके परिवार और देश की सेना और नेताओं की मौत पर संवेदना जताई। साथ ही अमेरिका और इजरायल के हमलों में आम नागरिकों की मौत पर भी दुख व्यक्त किया। पुतिन ने इस वार्ता में जोर दिया कि किसी भी तरह के संघर्ष या ताकत के इस्तेमाल से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि रूस की नीतियों के अनुसार सभी विवादों का हल डिप्लोमैटिक प्रक्रिया से ही किया जाना चाहिए। इसके अलावा पुतिन ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल जीसीसी के देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की बात भी कही। ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने रूस की एकजुटता और सहयोग के लिए पुतिन का धन्यवाद किया। रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा कर रहा है और दोनों नेताओं ने यह तय किया कि आने वाले समय में अलग-अलग माध्यमों से संपर्क जारी रहेगा। तेल की आपूर्ति इस वार्ता में एक अहम मुद्दा बनकर उभरी है। अमेरिका लंबे समय से भारत पर रूस से तेल न खरीदने के लिए दबाव डाल रहा है लेकिन हालात ने अमेरिकी चिंताओं को बढ़ा दिया है। भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि बढ़ती तेल कीमतों के बीच आपूर्ति और स्रोत तय करना भारत का अधिकार है। अलीपोव ने कहा “समाधान हमेशा बातचीत से होता है। संघर्ष जल्द से जल्द समाप्त होना चाहिए। आपूर्ति के लिए रूस हमेशा तैयार है। इससे पहले 28 फरवरी को रूस ने बिना कारण ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों की निंदा की थी। रूस ने तत्काल राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके अतिरिक्त रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची के बीच भी शनिवार को टेलीफोन पर बातचीत हुई। इसमें ईरानी पक्ष ने अमेरिका और इजरायल के हमलों को रोकने के अपने कदमों की जानकारी दी साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की योजना भी साझा की।

उज्जैन में रंगपंचमी पर महाकाल को चढ़ेगा केवल एक लोटा केसर जल, सुरक्षा व्यवस्था सख्त, मंदिर में प्रवेश से पहले होगी जांच

उज्जैन। रंगपंचमी के मौके पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में इस बार भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को केवल एक लोटा केसर युक्त जल अर्पित किया जाएगा। दो साल पहले धुलेंडी के दिन गर्भगृह में लगी आग की घटना को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह नया नियम लागू किया है। मंदिर प्रशासन ने बताया कि रंगपंचमी की शुरुआत सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती से होगी, जिसमें महाकालेश्वर को सिर्फ एक लोटा केसर जल अर्पित किया जाएगा। संध्या आरती के दौरान भी एक लोटा केसर जल और 500 ग्राम गुलाल अर्पित किया जाएगा। यह रंग और जल मंदिर की कोठार शाखा से पुजारियों और शासकीय पुजारियों को उपलब्ध कराया जाएगा। महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए इस बार भी मंदिर परिसर में रंग लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भक्तों को विशेष चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। पंडे-पुजारी और अन्य मंदिर कर्मी भी जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। समिति ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का रंग या गुलाल न लाएं। प्रशासन ने यह व्यवस्था इसलिए की है ताकि भस्म आरती और रंगपंचमी का पर्व सुरक्षित और श्रद्धा के साथ संपन्न हो। मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश व्यवस्था भी कड़ी की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर केवल विशेष चेकिंग के बाद ही भक्तों को दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा। इस कदम से मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और पूजा-अर्चना दोनों सुनिश्चित होंगी।

जबलपुर में अंधविश्वास का 'खूनी' खेल: जादू-टोना के शक में सगे भांजे ने कुल्हाड़ी से अलग किया मामा का सिर

जबलपुर । रिश्तों की मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर जबलपुर के ग्राम बिसनपुरा में एक ऐसा हत्याकांड हुआ, जिसने मध्य प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। 50 वर्षीय भूरालाल यादव की महज इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उनके सगे भांजे को शक था कि मामा ‘जादू-टोना’ कर उसके परिवार को बर्बाद कर रहे हैं। बदमाशों ने कुल्हाड़ी से वार कर भूरालाल का सिर धड़ से अलग कर दिया और लाश को जंगल में फेंक दिया। लापता होने से ‘सरकटी लाश’ मिलने तक का सफरघटना की शुरुआत 4 मार्च 2026 को हुई, जब भूरालाल दोपहर का खाना खाकर घर से निकले थे। वे पेशे से खेती के साथ-साथ झाड़-फूंक का काम भी करते थे। जब वे शाम तक नहीं लौटे, तो परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 6 मार्च की शाम गांव के बाहर टहलने निकले ग्रामीणों की नजर एक क्षत-विक्षत शव पर पड़ी। मौके का मंजर भयावह था; मृतक का सिर धड़ से कई फीट दूर पड़ा था।सूचना मिलते ही कुंडम थाना प्रभारी सतीश अंधवान टीम के साथ पहुँचे और शव की शिनाख्त भूरालाल के रूप में की गई। वजह: ‘मामा का जादू और भांजे का प्रतिशोध’पुलिस जांच और मृतक के भाई नन्हेंलाल के बयानों ने हत्या की कड़ियों को जोड़ दिया भूरालाल का सगा भांजा पिट्टी उर्फ संत कुमार लंबे समय से अपने परिवार की बीमारियों और घरेलू कलह के लिए मामा के ‘जादू-टोना’ को जिम्मेदार मानता था।4 मार्च की शाम को संत कुमार और उसके साथी मधु शाह का भूरालाल से विवाद हुआ था।जब भूरालाल अपना सामान लेकर दूसरे गांव जा रहे थे, तभी रास्ते में घात लगाकर बैठे आरोपियों ने कुल्हाड़ी से उनके गले पर दो जोरदार वार किए। हमला इतना घातक था कि एक झटके में सिर अलग हो गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: बांध के पास से दबोचे गए हत्यारेजबलपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्य जुटाए और शनिवार सुबह घेराबंदी कर दोनों मुख्य आरोपियों संत कुमार और मधु शाह को एक बांध (डेम) के पास से गिरफ्तार कर लिया।आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उन्हें यकीन था कि भूरालाल की झाड़-फूंक की वजह से ही उनका घर बर्बाद हो रहा है, इसलिए उन्होंने ‘खेल खत्म’ करने का फैसला किया।

सोशल मीडिया से ब्लैकमेलिंग का खेल: कंटेंट क्रिएटर बनकर अधिकारी-नेताओं से मांगता था लाखों की रंगदारी

मुरैना। मुरैना जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को कंटेंट क्रिएटर बताने वाले युवक पर सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये की रंगदारी मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार और सबलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष सोनाराम धाकड़ की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी सपन जादौन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं उसके कुछ साथी अभी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपी सपन जादौन ने उनके फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें भ्रष्ट अधिकारी बताते हुए बदनाम करने की कोशिश की। इसके साथ ही भ्रष्टाचार का कथित खुलासा करने की धमकी देकर पैसों की मांग की जाने लगी। अर्चना परिहार के मुताबिक, पिछले तीन महीने उनके जीवन के सबसे तनावपूर्ण रहे। उन्होंने बताया कि वह गर्भावस्था के अंतिम चरण में हैं और इस दौरान लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव ने उन्हें काफी परेशान कर दिया। अर्चना परिहार का आरोप है कि आरोपी और उसके साथी उनकी गतिविधियों पर नजर रखते थे और उनकी लोकेशन तक की जानकारी देते थे। कई बार ऑफिस में आकर कर्मचारियों से पूछा जाता था कि मैडम कहां गई हैं और कब लौटेंगी। उन्होंने बताया कि एक बार उन्हें संदेश भेजकर कहा गया कि अगर चार लाख रुपये दे दिए जाएं और बाबू की तरफ से दो लाख रुपये मिल जाएं तो मामला खत्म कर दिया जाएगा। लगातार मिल रही धमकियों के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। इसी तरह सबलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष सोनाराम धाकड़ ने भी आरोपी के खिलाफ रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया है। धाकड़ का कहना है कि सपन जादौन ने सोशल मीडिया पर उन्हें भ्रष्टाचार में लिप्त बताते हुए कई पोस्ट डालीं और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। इसके बाद उनके बेटे के मोबाइल नंबर पर एक लिंक और क्यूआर कोड भेजकर 10 लाख रुपये की मांग की गई। जांच के लिए बेटे ने 10 हजार रुपये ट्रांसफर भी किए, लेकिन इसके बाद भी दबाव बनाया जाता रहा। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके साथियों का तरीका लगभग एक जैसा था। वे पहले किसी अधिकारी या नेता को टारगेट बनाते, फिर उसके फोटो और अधूरी जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर दबाव बनाते थे। इसके बाद संपर्क कर पैसों की मांग की जाती थी और पैसे नहीं देने पर भ्रष्टाचार का खुलासा करने की धमकी दी जाती थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी सपन जादौन मुरैना के कोलिया गांव का रहने वाला है और जयपुर में मार्बल का काम करता था। सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान कुछ अन्य लोगों से हुई और उन्होंने मिलकर एक ग्रुप बना लिया। इस ग्रुप का मकसद कथित तौर पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों को ब्लैकमेल कर पैसा कमाना था। मुरैना पुलिस ने आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

CM ने 'क्वींस ऑन द व्हील्स' को दिखाई हरी झंडी: 25 महिला सुपर बाइकर्स सात दिन में 1,400km का रोमांचक सफर करेंगी

भोपाल। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से ‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ के तीसरे संस्करण को हरी झंडी दिखाकर फ्लैग ऑफ किया। इस कार्यक्रम के तहत देशभर से आए 25 महिला सुपर बाइकर्स मध्य प्रदेश के समृद्ध और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों की सात दिवसीय यात्रा पर रवाना हुईं। यह यात्रा केवल बाइकिंग का रोमांच नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, स्वतंत्रता और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। महिलाओं की इस अनूठी ट्रेल में भोपाल से खजुराहो तक लगभग 1,400 किलोमीटर का सफर शामिल है, जिसमें सांची, उदयगिरि, चंदेरी, शिवपुरी, कूनो, ग्वालियर, दतिया, ओरछा और खजुराहो जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल शामिल हैं। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के एमडी डॉ. इलैया राजा टी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य प्रदेश को एक सुरक्षित, रोमांचक और विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। इसके साथ ही यह अभियान कम-ज्ञात पर्यटन स्थलों और ग्रामीण टूरिज्म सर्किट्स को प्रमुखता देगा और रिस्पॉन्सिबल ट्रैवल को बढ़ावा देगा। यात्रा का समापन 13 मार्च को भोपाल में होगा, जहां महिला राइडर्स अपनी साहसिक यात्रा का फाइनल उत्सव मनाएंगी। सफर में शामिल महिला बाइकर्स:महाराष्ट्र की कविता जाधव, डॉ. प्रियंका, हेतल उपाध्याय, रुकमणी, माधुरी नायक, मधु हेलचेल, कल्याणी पोटकर, डॉ. नीता, तनुप्रिया, रिद्धी, रुचिका मेघे, मैथीली सिंह, एकता खाटे, पल्लवी देशमुख, उत्तरप्रदेश से डॉ. सुमित, मध्यप्रदेश की राज नंदनी, दिव्या रमन, मयूरी सोनी, दीक्षा राकेसिया, उन्नति चौरसिया, सेजल कुशवाहा, महक बाथम, शबनम बानो, सारा खान, कर्नाटक की सोना प्रियदर्शनी, पश्चिम बंगाल की शांति घोस। इस तरह के आयोजन से न सिर्फ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर देश-दुनिया में पहचान पाएगी।

भोपाल में भव्य ध्वज महोत्सव: श्रद्धालुओं ने किया अभिषेक और ध्वज वरघोड़ा में भक्ति का झूमता उत्सव

भोपाल। भोपाल के एयरपोर्ट रोड स्थित श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर में शनिवार को ध्वजा महोत्सव का आयोजन भव्य रूप से हुआ। मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास और भक्ति का माहौल नजर आया। मंदिर समिति के अध्यक्ष आई.एल. मेहता ने बताया कि आचार्य मुक्ति सागर सूरीश्वर महाराज और आचार्य अचल मुक्ति सागर महाराज के सानिध्य में मूलनायक शंखेश्वर पार्श्वनाथ जिन प्रतिमाओं का विधिपूर्वक अभिषेक और पूजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर नमोकार मंत्र का सामूहिक जाप किया और धार्मिक लाभ प्राप्त किया। पूजन के बाद भव्य ध्वज वरघोड़ा निकाला गया। इस दौरान श्रद्धालु प्रभु भक्ति में झूमते और नृत्य करते हुए आगे बढ़े, जिससे पूरे इलाके में धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास का माहौल बन गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिसमें भक्तिमय गीत और जैन धर्म से जुड़ी कथाएं प्रस्तुत की गईं। मंदिर समिति ने पूरे आयोजन को आकर्षक साज-सज्जा और सुरक्षा इंतजाम के साथ संपन्न कराया। इस अवसर पर चेंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री ललित तातेड, श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष राजेश तातेड, श्री आदिनाथ संघ तुलसी नगर के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र कोठारी, महिला मंडल की शिल्पा कोठारी सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। महोत्सव में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन धर्म, संस्कृति और भक्ति को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और यह नए युवाओं को धार्मिक मूल्यों और सामाजिक एकता से जोड़ते हैं।