FAKE COP CHAIN SNATCHER: नकली पुलिस बनकर 74 साल की बुज़ुर्ग महिला से लूटी चैन, CCTV में कैद हुई वारदात

HIGHLIGHTS: बुजुर्ग महिला विमला मिश्रा से नकली पुलिस बनकर लूटी गई सोने की चेन घटना जीवाजी विश्वविद्यालय गेट के पास हुई चेन की कीमत करीब 4 लाख रुपए बताई गई बाइक सवार दो युवकों ने मास्क पहनकर वारदात अंजाम दिया सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही FAKE COP CHAIN SNATCHER: ग्वालियर। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अनुपम नगर निवासी राजेश मिश्रा माधव कॉलेज में प्रोफेसर हैं। उनकी 74 वर्षीय मां विमला मिश्रा शुक्रवार सुबह रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक कर रही थीं। बता दें कि जैसे ही वह जीवाजी विश्वविद्यालय गेट से लौट रही थीं तभी बाइक सवार दो युवक उन्हें रोक लिया। भोपाल में जलसा-ए-शहादत: अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे, ट्रंप के पोस्टर कुचले गए; मौलाना ने आपत्तिजनक टिप्पणी की खुद को पुलिस अफसर बताकर महिला को डराया दोनों युवक मास्क लगाए हुए थे और सफेद फॉर्मल पैंट पहने थे। उन्होंने बुजुर्ग महिला से कहा कि आगे एक महिला से लूट की घटना हुई है और सुरक्षा के लिए उन्हें अपनी सोने की चेन उतारकर रखने को कहा। घरेलू गैस सिलेंडर महंगे, ईरान-इजराइल जंग के चलते सप्लाई संकट का खतरा; सरकार ने LPG उत्पादन बढ़ाने का इमरजेंसी आदेश दिया झपट्टा मारकर फरार हुए बदमाश महिला ने पहले मना किया और कहा कि वह घर जाकर चेन उतार लेंगी। बदमाशों ने धमकाया और महिला ने करीब ढाई तोला वजन की सोने की चेन उतार ली। जैसे ही वह चेन रूमाल में रखने लगीं, बदमाशों ने झपट्टा मारकर चेन छीन ली और बाइक से फरार हो गए। यूपी डिप्टी CM केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर में हड़कंप: 2000 फीट की ऊंचाई पर डिस्प्ले बंद, अंदर धुआं भरते ही की इमरजेंसी लैंडिंग पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज महिला की शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शहर में नाकाबंदी कराई गई, लेकिन बदमाश पकड़ में नहीं आए। सूत्रों की माने तो आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में बाइक सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए। थाना प्रभारी विश्वविद्यालय, रविन्द्र कुमार जाटव ने बताया कि मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
चैत्र नवरात्रि 2026: 19 मार्च से शुरू, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और देवी आगमन की खास बातें

नई दिल्ली । साल में चार नवरात्रि आती हैं लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 को पड़ेगी जिसे हिंदू नव वर्ष की शुरुआत के रूप में भी माना जाता है। इस साल चैत्र नवरात्रि गुरुवार 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक रामनवमी के साथ समाप्त होंगे। यह नौ दिन का पर्व भक्तों के लिए मां भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा और आराधना का अवसर लेकर आता है जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है। चैत्र नवरात्रि की शुरुआत प्रतिपदा तिथि से होती है। 19 मार्च गुरुवार सुबह 6.52 बजे से प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी और 20 मार्च शुक्रवार सुबह 4.52 बजे समाप्त होगी। धार्मिक मान्यता अनुसार उदया तिथि के आधार पर नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से मानी जाएगी। इस दिन से भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की नौ दिनों तक पूजा अर्चना करेंगे। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व है। इस दिन देवी के आवाहन के लिए घर या मंदिर में कलश स्थापित किया जाता है। साल 2026 में कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। पहला मुहूर्त सुबह 6.52 बजे से 7.43 बजे तक रहेगा जबकि दूसरा मुहूर्त दोपहर 12.5 बजे से 12.53 बजे तक रहेगा। इन दोनों समयों में श्रद्धालु अपनी विधिपूर्वक पूजा और कलश स्थापना कर सकते हैं। नवरात्रि से पहले देवी आगमन का तरीका भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल मां दुर्गा का आगमन डोली पर नहीं होगा क्योंकि गुरुवार से नवरात्रि प्रारंभ होने के कारण इसे अशुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता अनुसार डोली पर देवी का आगमन अस्थिरता और समाज तथा राजनीति में उथल पुथल का संकेत माना जाता है। इसके विपरीत इस वर्ष मां दुर्गा का गमन हाथी पर होगा जिसे शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। हाथी पर गमन सुख समृद्धि और अच्छी वर्षा का संकेत देता है जिससे पूरे देश में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है। इस बार की विशेषता यह है कि चैत्र नवरात्रि में किसी भी तिथि का क्षय या वृद्धि नहीं होगी। यानी पूरे नौ दिनों तक श्रद्धालु बिना किसी बाधा के मां दुर्गा के नौ अलग अलग रूपों की पूजा कर सकेंगे। 19 मार्च से 27 मार्च तक चलने वाले इन नवरात्रियों में भक्तों को मां के पूरे नौ दिन की आराधना करने का अवसर मिलेगा। चैत्र नवरात्रि 2026 श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक शांति समृद्धि और घर में खुशहाली का संदेश लेकर आ रहा है। कलश स्थापना से लेकर देवी आगमन तक हर चरण में धार्मिक मान्यताओं का पालन करना शुभ फलदायी माना गया है। इसलिए इस नवरात्रि पर भक्त अपने घर या मंदिर में विधिपूर्वक पूजा कर घर में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य की प्राप्ति कर सकते हैं।
मध्य प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना में बड़ा ड्रॉप आउट, केवल 20% बेटियां ही बन पाएंगी लखपति

भोपाल । मध्य प्रदेश में बेटियों के सशक्तिकरण और लिंगानुपात सुधारने के उद्देश्य से वर्ष 2007 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई लाड़ली लक्ष्मी योजना अब गंभीर समीक्षा के दौर में है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि योजना में शामिल बेटियों का सफर आधे रास्ते में ही रुक जाता है। कक्षा 5वीं उत्तीर्ण करने के बाद लगभग 52% बेटियां पढ़ाई छोड़ देती हैं। कक्षा 6वीं में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली कुल 13 67 897 बालिकाओं में से कक्षा 9वीं तक पहुंचने पर संख्या घटकर 7 06 123 रह जाती है। यानी करीब 48% बेटियां मध्य विद्यालय में ही सिस्टम से बाहर हो जाती हैं। यह गिरावट हायर सेकेंडरी में और तेज हो जाती है। कक्षा 11वीं में केवल 2 72 443 और 12वीं में 1 56 378 बेटियां ही छात्रवृत्ति की पात्र बचती हैं। स्नातक स्तर तक पहुंचने वाली बेटियों की संख्या और भी कम है। कुल पंजीकृत लाड़लियों में से केवल 22 022 छात्राएं कॉलेज तक पहुंच पाई हैं और यही वो संख्या है जिन्हें योजना के तहत निर्धारित 1 लाख 43 हजार रुपए की पूरी राशि मिलने की संभावना है। यानी लगभग 80% बेटियां लखपति बनने की दौड़ में पीछे रह जाती हैं। पढ़ाई छोड़ने का मुख्य कारण योजना की पात्रता नियमों में बताया गया है। विभाग के अनुसार केवल वही बालिकाएं छात्रवृत्ति की पात्र होती हैं जो कक्षा 5वीं पास कर कक्षा 6वीं में प्रवेश लेती हैं और अन्य सभी शर्तें पूरी करती हैं। वर्तमान स्थिति के अनुसार दिसंबर 2025 तक योजना के तहत कुल 813.20 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा उन लाड़लियों का डेटा भी विभाग एकत्रित कर रहा है जिन्हें पंजीकरण के बावजूद छात्रवृत्ति नहीं मिली। योजना के तहत आर्थिक सहायता इस प्रकार दी जाती है: कक्षा 6वीं में प्रवेश पर 2 000 रुपए कक्षा 9वीं में 4 000 रुपए कक्षा 11वीं में 6 000 रुपए कक्षा 12वीं में 6 000 रुपए और ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन/व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश पर 25 000 रुपए। इसके अलावा बालिका की उम्र 21 वर्ष पूरी होने 12वीं उत्तीर्ण करने और निर्धारित आयु में विवाह होने पर 1 लाख रुपए की अंतिम किश्त सरकार द्वारा दी जाती है। योजना के इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि शुरुआती उत्साह के बावजूद बेटियों का लखपति बनने का सपना आधे रास्ते में ही टूट रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि dropout रोकने के लिए स्कूल स्तर पर निरंतर निगरानी परिवारों को जागरूक करना और समय पर छात्रवृत्ति वितरण जरूरी है ताकि लाड़लियों का शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सके।
भोपाल में जलसा-ए-शहादत: अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे, ट्रंप के पोस्टर कुचले गए; मौलाना ने आपत्तिजनक टिप्पणी की

भोपाल। भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र की बिस्मिल्लाह कॉलोनी स्थित गरीब नवाज मस्जिद में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई की याद में जलसा-ए-शहादत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारी भीड़ मौजूद रही और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात था। पोस्टर कुचले गए, नारेबाजी तेजकार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टर जमीन पर रखकर पैरों से कुचल दिए। साथ ही “इजराइल मुर्दाबाद” और “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए गए। मौलाना रजी-उल-हसन हैदरी का भाषणमौलाना हैदरी ने कहा, “दुनिया में जालिम ताकतें मजलूमों का खून बहा रही हैं। चाहे इजराइल हो या अमेरिका, उनके हाथ मासूमों के खून से रंगे हुए हैं।” उन्होंने ट्रंप पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की और समाज में मुसलमानों को शिक्षा में आगे बढ़ने की सलाह दी। शिक्षा और एकता पर जोरमौलाना ने कहा, “कुछ लोग कहते हैं भूखे रहेंगे लेकिन तालीम जरूर हासिल करेंगे। इसी तालीम से दुनिया की सियासत और टेक्नोलॉजी में असर दिखता है।”सैयद अजहर हुसैन रिजवी ने कहा, “मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है, इसका कारण हमारी बेइत्तहादी है। हमें आपस में लड़ने के बजाय एकजुट होना चाहिए।” खामनेई की मिसाल और उम्मत के लिए पैगामरिजवी ने आगे कहा कि सैयद अली खामनेई ने हमेशा जालिम ताकतों के खिलाफ आवाज उठाई। एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने खामनेई को उम्मत को एकता का पैगाम देने वाला नेता बताया।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
घरेलू गैस सिलेंडर महंगे, ईरान-इजराइल जंग के चलते सप्लाई संकट का खतरा; सरकार ने LPG उत्पादन बढ़ाने का इमरजेंसी आदेश दिया

नई दिल्ली। देश में घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में अचानक बढ़ोतरी हुई है। 14.2 किग्रा वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 913 रुपए हो गई है, जो पहले 853 रुपए में मिलती थी। वहीं, 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 1883 रुपए हो गए हैं, यानी 115 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी 7 मार्च से लागू हो गई है। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का असरसरकार ने गैस के दामों में इजाफा ऐसे वक्त में किया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है और देश में रसोई गैस की किल्लत की आशंका जताई जा रही है। एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेशइस खतरे को देखते हुए 5 मार्च को सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया। अब रिफाइनरियां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। सभी कंपनियों को सप्लाई सरकारी तेल कंपनियोंIOC, HPCL और BPCLको करनी होगी। इसका मकसद आम जनता को बिना रुकावट सिलेंडर उपलब्ध कराना है। सप्लाई संकट की दो बड़ी वजहेंस्ट्रेट ऑफ होर्मुज का लगभग बंद होनाभारत अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल और 54% LNG स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए आयात करता है। यह 167 किमी लंबा जलमार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के चलते यह रूट अब सुरक्षित नहीं है, जिससे तेल टैंकर नहीं गुजर रहे। कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद प्रोडक्शन रुकाअमेरिका-इजराइल के स्ट्राइक के जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। इसके बाद कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया। भारत अपनी सालाना LNG जरूरत का लगभग 40% हिस्सा कतर से ही मंगाता है।सरकार अब इस संकट को देखते हुए एलपीजी उत्पादन बढ़ाकर घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित बनाने में जुट गई है।
होली पर मुरैना में जमीनी विवाद में चली गोलियां, पुलिस आरक्षक ने की फायरिंग

मुरैना। पोरसा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कॉन्थर कलां के मजरा मड़ोखर में होली के अवसर पर छुट्टी आए एक पुलिस आरक्षक और ग्रामीणों के बीच पुराने जमीनी विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। गुरुवार दोपहर जैसे ही आरक्षक मलखान सिंह अपने चाचा धनवीर सिंह के साथ गांव पहुंचे पुराने विवाद की बातें फिर से तूल पकड़ गईं। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों ने बंदूक निकाल ली और फायरिंग शुरू हो गई। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों के अनुसार आरक्षक मलखान सिंह और उनके चाचा धनवीर सिंह ने पहले फायरिंग शुरू की इसके जवाब में बंटू तोमर और अंकित तोमर ने भी अपनी बंदूक से गोलियां चलाई। हालांकि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। फायरिंग के दौरान गांव में अफरातफरी का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। यह विवाद मूल रूप से एक ही परिवार के बीच चल रहा है। कॉन्थर कलां ग्राम के मजरा मड़ोखर के बंटू अंकित और मोनू तोमर और आरक्षक मलखान सिंह व उनके चाचा धनवीर सिंह के बीच वर्षों से जमीन का मामला अनसुलझा पड़ा था। पहले भी जमीनी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हुआ था लेकिन गुरुवार को होली के मौके पर पुराना विवाद फिर उभर आया और बहस के बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी की नौबत आ गई।घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें फायरिंग और विवाद की पूरी स्थिति स्पष्ट दिखाई दे रही है। वीडियो के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की है और मामले की जांच में जुट गई है।पोरसा थाना प्रभारी दिनेश कुशवाह ने बताया कि झगड़े की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले में शामिल कुछ लोगों को थाने बुलाया। उन्होंने कहा कि एक पक्ष की ओर से बंटू और अंकित तोमर पर केस दर्ज किया गया है जबकि दूसरे पक्ष की जांच जारी है। अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि होली के दिन इस तरह की हिंसक घटना से गांव में डर और दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने सभी पक्षों को शांत रहने और मामले में सहयोग करने के लिए निर्देशित किया है। स्थानीय लोग और प्रशासन अब इस विवाद पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुराने जमीनी मामलों में समय पर समाधान न होने से विवाद कभी भी हिंसक रूप ले सकता है। इस घटना ने मुरैना जिले में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता को भी सामने रखा है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया है कि न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
यूपी डिप्टी CM केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर में हड़कंप: 2000 फीट की ऊंचाई पर डिस्प्ले बंद, अंदर धुआं भरते ही की इमरजेंसी लैंडिंग

नई दिल्ली। लखनऊ से कौशांबी के लिए उड़ान भर रहे यूपी के डिप्टी CM केशव मौर्य का हेलिकॉप्टर शनिवार सुबह संकट में फंस गया। उड़ान शुरू होने के 15 मिनट बाद ही हेलिकॉप्टर का डिस्प्ले अचानक बंद हो गया और अंदर धुआं भरने लगा। पायलट ने तुरंत लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचित किया और इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। हेलिकॉप्टर उस समय 50 किलोमीटर दूर बछरावां तक पहुंच चुका था। अनुमति मिलते ही पायलट ने विमान को वापस लखनऊ की ओर मोड़ा। सुरक्षित लैंडिंग के लिए फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस तैनातसुबह 11.15 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर हेलिकॉप्टर को सुरक्षित उतारा गया। हेलिकॉप्टर में केशव मौर्य समेत कुल 6 लोग सवार थे—दो पायलट, एक एडवाइजर, एक क्लास फोर स्टाफ और सुरक्षा गार्ड। 2000 फीट की ऊंचाई पर तकनीकी खराबीलखनऊ के ला मार्टिनियर स्कूल ग्राउंड से उड़ान भरते ही हेलिकॉप्टर ने 2000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा। तभी पायलट को तकनीकी खराबी का पता चला। एयरपोर्ट से अनुमति लेकर हेलिकॉप्टर को लौटाया गया। केशव मौर्य अब दूसरे हेलिकॉप्टर से कौशांबी रवाना हुए, जहां वे दो दिवसीय सरस महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। यूपी सरकार का हेलिकॉप्टर, नागरिक उड्डयन विभाग जिम्मेदारहेलिकॉप्टर यूपी सरकार का है और इसकी जिम्मेदारी नागरिक उड्डयन विभाग के पास है। इस विभाग के निदेशक ईशान प्रताप सिंह हैं, जो सीएम के विशेष सचिव भी हैं। पहले भी हो चुकी हैं इमरजेंसी लैंडिंगकेशव मौर्य के हेलिकॉप्टर में पहले भी तीन बार तकनीकी खराबी आ चुकी है: 28 फरवरी 2022: कुशीनगर में ईंधन की कमी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग।14 फरवरी 2019: आजमगढ़ दौरे पर उड़ान भरते ही खराबी, सुरक्षित लखनऊ लैंडिंग।30 मार्च 2018: आजमगढ़ से लखनऊ लौटते समय फुरसतगंज में इमरजेंसी लैंडिंग।इस घटना ने एक बार फिर सरकारी उड़ानों और तकनीकी जांच की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पंचम दा का म्यूजिक मैजिक: कैसे साधारण कंघी ने ‘पड़ोसन’ के गाने को बनाया सुपरहिट

नई दिल्ली।भारतीय फिल्म संगीत की दुनिया में अगर किसी संगीतकार को सबसे ज्यादा प्रयोगधर्मी और क्रिएटिव कहा जाता है तो वह हैं Rahul Dev Burman जिन्हें दुनिया प्यार से पंचम दा के नाम से जानती है। आरडी बर्मन को लोग यूं ही मैड जीनियस नहीं कहते थे। उनके संगीत में ऐसी अनोखी कल्पनाशीलता थी जिसे आज भी दोहराना आसान नहीं है। पंचम दा जब भी किसी गाने की रिकॉर्डिंग करते थे तो सिर्फ पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर निर्भर नहीं रहते थे बल्कि रोजमर्रा की चीजों से भी ऐसी आवाजें निकाल लेते थे जो गाने में नई जान भर देती थीं। उनकी इसी क्रिएटिव सोच का एक दिलचस्प उदाहरण 1968 में आई फिल्म Padosan के सुपरहिट गाने Mere Samne Wali Khidki Mein में देखने को मिलता है। यह गाना उस दौर में जितना लोकप्रिय था उतना ही आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। अक्सर लोग इस गाने को गुनगुनाते हैं लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस गाने में एक खास साउंड किसी म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट से नहीं बल्कि एक साधारण कंघी से निकाला गया था। दरअसल फिल्म में Sunil Dutt एक शरारती पड़ोसी की भूमिका निभाते हैं जो सामने वाली खिड़की में रहने वाली लड़की को अपने अंदाज में रिझाने की कोशिश करता है। गाने का माहौल भी हल्का फुल्का और शरारत से भरा हुआ है। जब इस गाने की रिकॉर्डिंग की तैयारी चल रही थी तब पंचम दा को लग रहा था कि गाने में कुछ ऐसा होना चाहिए जो उसकी मस्ती और शरारत को और ज्यादा उभार सके। स्टूडियो में उस समय बड़े बड़े संगीतकार मौजूद थे। वायलिन, गिटार और कई अन्य वाद्ययंत्र तैयार थे लेकिन पंचम दा को कुछ अलग चाहिए था। बताया जाता है कि काफी देर सोचने के बाद अचानक पंचम दा ने अपनी जेब में हाथ डाला और एक साधारण प्लास्टिक की कंघी निकाल ली। इसके बाद उन्होंने उस कंघी को एक खुरदुरी सतह पर रगड़ना शुरू किया। जैसे ही उससे कर्र कर्र जैसी आवाज निकली पंचम दा के चेहरे पर मुस्कान आ गई। उन्हें लगा कि यही वह साउंड है जो गाने के शरारती मूड को और दिलचस्प बना सकता है। स्टूडियो में मौजूद लोग पहले तो यह देखकर हैरान रह गए कि एक मशहूर संगीतकार रिकॉर्डिंग के दौरान कंघी से आवाज निकालने की कोशिश कर रहा है। खासतौर पर गायक Kishore Kumar को यह दृश्य काफी मजेदार लगा। उन्होंने पंचम दा को देखकर मजाक किया और सिर पकड़ लिया। लेकिन जब रिकॉर्डिंग पूरी हुई और गाना तैयार हुआ तो हर कोई उनकी प्रतिभा का कायल हो गया। गाने की शुरुआत और बैकग्राउंड में जो हल्की क्रिक क्रिक जैसी आवाज सुनाई देती है वह असल में उसी कंघी से पैदा की गई थी। यह छोटी सी ध्वनि गाने में एक अलग तरह की मस्ती और चुलबुलापन जोड़ देती है। यही वजह है कि आज भी यह गाना सुनते समय श्रोताओं को अलग आनंद मिलता है भले ही वे उस साउंड के पीछे की कहानी से अनजान हों। आरडी बर्मन की खासियत यही थी कि वे संगीत को सिर्फ सुर और ताल तक सीमित नहीं रखते थे बल्कि रोजमर्रा की चीजों को भी संगीत का हिस्सा बना देते थे। कभी पानी की छपाक, कभी कांच की बोतल की टनकार और कभी चम्मच और ग्लास की आवाजें उनके गानों में सुनाई देती थीं। उनकी यही प्रयोगधर्मिता उन्हें बाकी संगीतकारों से अलग बनाती है। आज जब लोग इस गाने को ध्यान से सुनते हैं और कंघी से निकली उस आवाज़ को पहचानने की कोशिश करते हैं तो उन्हें एहसास होता है कि पंचम दा की क्रिएटिविटी कितनी अनोखी थी। यही कारण है कि दशकों बाद भी आरडी बर्मन का संगीत उतना ही ताजा और दिलचस्प लगता है जितना अपने दौर में था।
जब शेषनाग के सेट पर भड़क गई थीं सरोज खान, रिहर्सल को लेकर रेखा से कह दी कड़वी बात

नई दिल्ली । बॉलीवुड की चमकदार दुनिया के पीछे कई ऐसे किस्से छिपे होते हैं जो समय के साथ चर्चित कहानियों में बदल जाते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प और भावुक किस्सा 1990 में रिलीज हुई फिल्म शेषनाग के सेट से जुड़ा हुआ है। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान मशहूर एक्ट्रेस रेखा और दिग्गज कोरियोग्राफर सरोज खान के बीच हुई एक घटना ने पूरे सेट का माहौल बदल दिया था। रिहर्सल को लेकर हुई इस बातचीत के बाद रेखा की आंखों में आंसू आ गए थे। दरअसल फिल्म में रेखा पर एक बेहद मुश्किल डांस नंबर फिल्माया जाना था। इस गाने की कोरियोग्राफी की जिम्मेदारी सरोज खान के पास थी जो उस दौर की सबसे मशहूर और सख्त अनुशासन वाली कोरियोग्राफर मानी जाती थीं। गाने की तैयारी के लिए सरोज खान को सिर्फ तीन दिन का समय मिला था। ऐसे में उन्होंने फिल्म के प्रोड्यूसर से कहकर रेखा को रिहर्सल के लिए सेट पर बुलाने का अनुरोध किया ताकि गाने की शूटिंग से पहले डांस को पूरी तरह तैयार किया जा सके। हालांकि उस समय रेखा ने अपनी तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए रिहर्सल में आने से मना कर दिया। बताया जाता है कि वह तीनों दिन रिहर्सल के लिए नहीं पहुंचीं। तीन दिन बाद जब गाने की शूटिंग का दिन आया तब रेखा सेट पर पहुंचीं। सरोज खान ने उन्हें फिर से रिहर्सल के लिए बुलाया लेकिन उस दिन भी रेखा ने यह कहते हुए मना कर दिया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और आज की शूटिंग को कैंसिल कर देना चाहिए। यह बात सुनकर सरोज खान काफी नाराज हो गईं। वह सीधे रेखा के पास गईं और उनसे साफ-साफ सवाल किया कि आखिर वह रिहर्सल के लिए क्यों नहीं आ रही हैं। अपने एक पुराने इंटरव्यू में सरोज खान ने बताया था कि उन्होंने रेखा से कहा रेखा जी ऐसा लगता है कि आपको मुझसे कोई एलर्जी है। मैं आपको रिहर्सल के लिए बुलाती हूं तो आप नहीं आतीं और शूटिंग वाले दिन आती हैं तो कहती हैं कि तबीयत ठीक नहीं है। अगर आपको मेरे साथ काम नहीं करना है तो आप प्रोड्यूसर से कह सकती हैं कि डांस मास्टर बदल दिया जाए क्योंकि कुछ तो गड़बड़ जरूर है। सरोज खान की यह बात सुनकर माहौल अचानक गंभीर हो गया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने रेखा की तरफ देखा तो उनकी आंखों में आंसू थे। रेखा यह सुनकर काफी भावुक हो गई थीं और उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे। हालांकि सरोज खान ने उन्हें समझाते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उन्होंने कुछ गलत कहा है लेकिन आज शूटिंग जरूर होनी चाहिए। इसके बाद रेखा ने खुद को संभाला और शांत स्वर में कहा मैं शूट करूंगी। इतना कहकर वह वहां से चली गईं। कुछ देर बाद रेखा की सेक्रेटरी सरोज खान के पास आईं और उनसे पूछा कि उन्होंने रेखा से आखिर क्या कह दिया है क्योंकि वह सेट पर रो रही हैं। यह घटना आज भी बॉलीवुड के उन चर्चित किस्सों में गिनी जाती है जो यह दिखाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में काम के प्रति अनुशासन और दबाव कभी कभी बड़े कलाकारों के बीच भी भावनात्मक पल पैदा कर देते हैं।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच महंगाई का नया झटका: घरेलू LPG सिलेंडर 60 रुपये महंगा, कमर्शियल गैस में ₹115 की बढ़ोतरी

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। रसोई में इस्तेमाल होने वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं। सरकार ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 115 रुपये का इजाफा किया गया है। नए रेट 7 मार्च से पूरे देश में लागू कर दिए गए हैं और तेल कंपनियों की वेबसाइट पर भी इन्हें अपडेट कर दिया गया है। नई कीमतों के लागू होने के बाद दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर अब 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये का हो गया है। इसी तरह कोलकाता में इसकी कीमत 879 रुपये से बढ़कर 939 रुपये हो गई है। चेन्नई में पहले जहां यह सिलेंडर 868.50 रुपये में मिल रहा था वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर 928.50 रुपये हो गई है। मुंबई में भी घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़कर 912.50 रुपये तक पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी के बाद देशभर में करोड़ों परिवारों के घरेलू बजट पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। खास बात यह है कि अप्रैल 2025 के बाद पहली बार घरेलू LPG सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। करीब एक साल तक कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था लेकिन अब अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। पहले से ही महंगाई के दबाव से जूझ रहे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह फैसला खर्च बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। घरेलू सिलेंडर के साथ साथ कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में करीब 115 रुपये की वृद्धि की गई है। नई कीमतों के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर अब 1883 रुपये में मिलेगा जबकि मुंबई में इसकी कीमत 1835 रुपये हो गई है। कोलकाता में इसका रेट बढ़कर 1990 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं चेन्नई में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2043.50 रुपये हो गई है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने का सीधा असर होटल रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारों पर पड़ सकता है क्योंकि इन जगहों पर बड़े पैमाने पर कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में कारोबारियों की लागत बढ़ने की आशंका है जिसका असर आगे चलकर खाने पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। एलपीजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। हालांकि भारत सरकार ने साफ किया है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले ही कहा था कि भारत के पास ऊर्जा आपूर्ति के कई स्रोत मौजूद हैं और देश में पेट्रोल डीजल या गैस की कोई कमी नहीं है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने भी सोशल मीडिया पर फैल रही उन खबरों को खारिज किया है जिनमें देश में ईंधन की कमी की बात कही जा रही थी। सरकारी सूत्रों के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े संभावित जोखिमों के बावजूद भारत ने ऊर्जा आयात के कई विकल्प तैयार कर रखे हैं जिससे सप्लाई सामान्य बनी हुई है। हालांकि एलपीजी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है और आने वाले समय में महंगाई को लेकर चर्चा और तेज हो सकती है।