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उज्जैन में बनेगा देश का दूसरा ‘वनतारा’: 300 करोड़ की लागत से आधुनिक जू और टाइगर सफारी, सिंहस्थ-2028 से पहले पहला फेज पूरा करने की तैयारी

उज्जैन । धर्मनगरी उज्जैन जल्द ही एक और बड़े पर्यटन प्रोजेक्ट का केंद्र बनने जा रही है। मध्यप्रदेश सरकार यहां देश का दूसरा वनतारा विकसित करने की तैयारी कर रही है। यह परियोजना मुख्यमंत्रीमोहन यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल है और इसे गुजरात के जामनगर में बने प्रसिद्ध वंतारा पशु बचाव और संरक्षण केंद्र की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इस आधुनिक वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट DPR तैयार की जा रही है। जानकारी के अनुसार वनतारा की विशेषज्ञ टीम पहले ही उज्जैन का दौरा कर प्रारंभिक सर्वे कर चुकी है। अब परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए तकनीकी और पर्यावरणीय पहलुओं पर काम किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट शहर के मक्सी रोड क्षेत्र के नौलखी क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जहां इसके लिए 100 हेक्टेयर से अधिक भूमि चिन्हित की गई है। प्रस्तावित वनतारा प्रोजेक्ट में केवल एक सामान्य चिड़ियाघर ही नहीं बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण, उपचार और पुनर्वास के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जाएगा। यहां घायल या संकटग्रस्त वन्यजीवों का इलाज और देखभाल की जाएगी। साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों और संभागों से रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों को यहां सुरक्षित रखा जा सकेगा। परियोजना को पर्यटन के लिहाज से भी बेहद आकर्षक बनाया जाएगा। यहां टाइगर सफारी, जंगल सफारी, नाइट कैंपिंग और प्रकृति से जुड़े कई एडवेंचर एक्टिविटी विकसित की जाएंगी। पर्यटक दिन और रात दोनों समय जंगल सफारी का अनुभव ले सकेंगे, जो इस परियोजना की खास विशेषता होगी। इससे उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक नया आकर्षण मिलेगा। सरकार की योजना है कि इस प्रोजेक्ट के पहले चरण को सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 से पहले पूरा कर लिया जाए, ताकि उस समय उज्जैन आने वाले लाखों श्रद्धालु और पर्यटक इस नए पर्यटन स्थल का लाभ उठा सकें। शुरुआती चरण में करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को विकसित किया जाएगा। इसमें 300 से अधिक देशी और विदेशी प्रजातियों के वन्यजीवों को रखने की व्यवस्था की जाएगी। राज्य सरकार का मानना है कि इस प्रोजेक्ट से उज्जैन की पहचान केवल धार्मिक नगरी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह एक प्रमुख पर्यटन और वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन उद्योग को भी नया बढ़ावा मिलेगा। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध उज्जैन में इस तरह की आधुनिक पर्यटन परियोजना विकसित होने से शहर के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

CONGRES LEADER HONEY TRAP: कांग्रेस नेत्री का पूरा परिवार हनी ट्रैप में शामिल; रामलीला कलाकार से छीने सोने के गहने

HONEY TRAP VICTIM

HIGHLIGHTS: रामलीला कलाकार भरत भुटानी से हनी ट्रैप के जरिए सोने के गहने छीने आरोपियों में कांग्रेस नेत्री रीता आर्य, पति राजेंद्र बुंदेला, बेटी निधि आर्य और दामाद विशाल आर्य शामिल ग्वालियर के कांच मिल क्षेत्र से गिरफ्तार चारों आरोपियों के कब्जे से गहने बरामद पुलिस ने शुरुआत में झूठी लूट की कहानी बताने वाले आरोपियों का पर्दाफाश किया आरोपियों से गहन पूछताछ जारी CONGRES LEADER HONEY TRAP: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में हनी ट्रैप के जरिए कोटा के ऑटो पार्ट्स व्यापारी और रामलीला कलाकार भरत भुटानी से सोने के गहने छीनने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने शुक्रवार रात गिरफ्तार किया है। बताया जा है कि आरोपियों में कांग्रेस नेत्री रीता आर्य, उनके पति राजेंद्र बुंदेला, बेटी निधि आर्य और दामाद विशाल आर्य शामिल हैं। पुलिस ने चारों को कांच मिल क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिया से 20 फीट नीचे गिरी गर्भवती महिला, अस्पताल पहुंचते ही दिया बच्ची को जन्म; हादसे के बाद भी मां-बेटी सुरक्षित गांधीनगर स्थित घर में बनाई गई योजना पुलिस के अनुसार, गुरुवार दोपहर कोटा (राजस्थान) निवासी भरत भुटानी को गांधी नगर स्थित आई-82 घर पर बुलाया गया। रीता आर्य और उनके परिवार ने पहले से योजना बनाई थी। पुलिस पूछताछ में रीता ने बताया कि भरत भुटानी से उनकी दोस्ती इंदौर निवासी सहेली नेहा के जरिए हुई थी। भरत इन दिनों रामलीला में काम करने के लिए ग्वालियर आए हुए थे। कमरे में बुलाकर छीने गहने गुरुवार दोपहर करीब 2:45 बजे भरत भुटानी रीता के घर पहुंचे। रीता और उनकी बेटी निधि ने उन्हें मेहमान की तरह बैठाया और बाद में रीता उन्हें कमरे में ले गईं। इसी दौरान रसोई में छिपे राजेंद्र और विशाल मुंह पर कपड़ा बांधकर कमरे में घुस आए। दोनों ने मोबाइल में रिकॉर्डिंग चालू कर भरत पर आरोप लगाए और जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने भरत के हाथ से अंगूठी, कड़ा और गले की सोने की चेन छीनी। ट्रोलिंग के बीच अदनान शेख का बड़ा बयान पत्नी ने शादी से पहले खुद बदला धर्म किसी पर दबाव नहीं सीसीटीवी फुटेज ने खोला मामला पड़ाव थाना प्रभारी शैलेन्द्र भार्गव ने बताया कि घटना के बाद भरत ने शुरुआत में लूट की कहानी बताई थी। जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज देखी गई। फुटेज में राजेंद्र और विशाल चेहरा छिपाकर भागते दिखाई दिए, और कुछ देर बाद रीता और निधि भी उनके ठिकाने पर पहुंचती नजर आईं। GWALIOR WEATHER UPDATE: 8 साल में सबसे गर्म मार्च, ग्वालियर में पारा 35.7°C तक पहुंचा चारों आरोपियों से गहने बरामद पुलिस ने लोकेशन के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से व्यापारी भरत भुटानी से छीने गए सोने के गहने भी बरामद किए गए। फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है।

गोल्ड मार्केट में उतार चढ़ाव होली के बाद सोना फिसला 24 कैरेट ₹1.62 लाख के करीब..

नई दिल्ली। होली के बाद सर्राफा बाजार से निवेशकों और खरीदारों के लिए राहत की खबर सामने आई है। घरेलू बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक उतार चढ़ाव के कारण सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब 4,923 रुपये की कमी आई है। इसके साथ ही सोना घटकर लगभग 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार इससे पहले सोने का भाव करीब 1.67 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था। बाजार में गिरावट के बाद अब यह 1.62 लाख रुपये के करीब कारोबार कर रहा है। देश के अलग अलग शहरों में भी सोने के दामों में इसी तरह का रुख देखने को मिला। दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब 1,64,650 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना लगभग 1,50,940 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। मुंबई चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,64,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा जबकि 22 कैरेट सोना करीब 1,50,790 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। अहमदाबाद और भोपाल में 24 कैरेट सोने का रेट करीब 1,64,550 रुपये और 22 कैरेट सोना लगभग 1,50,840 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं जयपुर लखनऊ और चंडीगढ़ में 24 कैरेट सोना 1,64,650 रुपये और 22 कैरेट सोना करीब 1,50,940 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसके अलावा 18 कैरेट सोने की कीमत भी लगभग 1,23,300 से 1,23,470 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रही। सोने के साथ साथ चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। एक किलो चांदी का भाव करीब 18,501 रुपये गिरकर लगभग 2.71 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से मुनाफावसूली की वजह से आई है। त्योहार के दौरान कीमतों में तेजी आने के बाद निवेशकों ने अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए बिक्री शुरू कर दी जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वैश्विक बाजार में सोने का हाजिर भाव करीब 0.8 प्रतिशत बढ़कर 5,176.69 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है। वहीं यूएस गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 1 प्रतिशत बढ़कर 5,186.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इस तेजी की एक बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक अनिश्चितता के कारण भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर 92.05 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में सोने और चांदी के दाम कई कारकों पर निर्भर करते हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतें कॉमा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति कॉमा आयात शुल्क कॉमा जीएसटी और घरेलू मांग व आपूर्ति जैसे कारक शामिल होते हैं। इसके अलावा लंदन बुलियन मार्केट और कॉमेक्स के रुझान भी भारतीय बाजार को प्रभावित करते हैं।

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला: चलती ट्रेन में चढ़ते वक्त फिसला यात्री, आरपीएफ जवान ने खींचकर बचाई जान

उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन रेलवे स्टेशन पर गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा होते होते टल गया। चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा एक यात्री अचानक फिसल गया और ट्रेन के साथ घिसटने लगा। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात Railway Protection Force आरपीएफ के जवान की सतर्कता और बहादुरी से उसकी जान बच गई। जवान ने तुरंत दौड़कर यात्री को पकड़ लिया और पूरी ताकत से खींचकर प्लेटफॉर्म की ओर सुरक्षित निकाल लिया। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, यात्री जाहिद उत्तर प्रदेश के Varanasi का निवासी है। वह उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन करने आया था और दर्शन के बाद वापस अपने घर लौट रहा था। बताया जा रहा है कि वह Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में दर्शन करने के बाद ट्रेन से वापसी कर रहा था। जिस ट्रेन से वह सफर कर रहा था, वह Ahmedabad–Gorakhpur Express बताई जा रही है। घटना के दौरान जाहिद कुछ खाने पीने का सामान लेने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतर गया था। इसी बीच ट्रेन ने धीरे धीरे चलना शुरू कर दिया। ट्रेन को चलते देख वह घबराहट में जल्दी जल्दी डिब्बे में चढ़ने की कोशिश करने लगा। उसने ट्रेन का हैंडल पकड़कर चढ़ने की कोशिश की, लेकिन जल्दबाजी में उसका पैर फिसल गया और वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसकर घिसटने लगा। कुछ ही सेकंड में यह स्थिति बेहद खतरनाक हो गई थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहे आरपीएफ कॉन्स्टेबल शिवराम मीणा की नजर इस घटना पर पड़ गई। उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत दौड़ लगाई और घिसट रहे यात्री को पकड़ लिया। पूरी ताकत लगाकर उन्होंने उसे ट्रेन से दूर खींच लिया और प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित कर दिया। यदि कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद यात्रियों और रेलवे स्टाफ ने आरपीएफ जवान की बहादुरी की जमकर सराहना की। रेलवे अधिकारियों के अनुसार आरपीएफ का Operation Jeevan Raksha अभियान इसी तरह यात्रियों की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है, जिसके तहत जवान प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के आसपास लगातार सतर्क रहते हैं। हादसे में यात्री को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन वह पूरी तरह सुरक्षित है। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि चलती ट्रेन में चढ़ना बेहद खतरनाक होता है और यात्रियों को हमेशा सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। वहीं आरपीएफ जवान की तत्परता और साहस से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

SILVER RATES: चांदी के दामों में बड़ी गिरावट 36 दिन में ₹1.25 लाख सस्ती 3 दिन में ही ₹29 हजार टूटा भाव

  SILVER RATES: नई दिल्ली।भारत में चांदी की कीमतों में इन दिनों भारी उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाजार में बढ़ते भू राजनीतिक तनाव और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण लगातार तीसरे दिन चांदी के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक चांदी की कीमतों में सिर्फ तीन दिनों के भीतर करीब 29 हजार रुपये की बड़ी गिरावट आई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार एक किलो चांदी का भाव 3,489 रुपये टूटकर 2,60,723 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले इसका रेट 2,64,212 रुपये प्रति किलो था। यानी पिछले तीन दिनों में चांदी की कीमतों में कुल मिलाकर 29,125 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। केवल चांदी ही नहीं बल्कि सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली है। 24 कैरेट सोने की कीमत 1,835 रुपये गिरकर 1,58,751 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। इससे पहले 5 मार्च को सोने का भाव 1,60,586 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इस तरह तीन दिनों के दौरान सोना करीब 8,720 रुपये तक सस्ता हो चुका है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक ऊंचे स्तर पर निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली इस गिरावट की मुख्य वजह है। जब किसी धातु की कीमतें तेजी से ऊपर जाती हैं तो निवेशक मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिक्री शुरू कर देते हैं जिससे बाजार में दबाव बढ़ जाता है। भारत के प्रमुख शहरों में भी चांदी की कीमतों में गिरावट का असर देखा गया। दिल्ली मुंबई कोलकाता पटना लखनऊ नोएडा जयपुर अहमदाबाद और पुणे जैसे शहरों में 10 ग्राम चांदी का भाव करीब 2,849 रुपये रहा जबकि 100 ग्राम का रेट 28,490 रुपये और एक किलो का भाव लगभग 2,84,900 रुपये के आसपास दर्ज किया गया। वहीं चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में चांदी की कीमत थोड़ी ज्यादा रही जहां 1 किलो का रेट लगभग 2,94,900 रुपये तक पहुंचा। वैश्विक बाजार की बात करें तो मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर कीमती धातुओं के बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी की कीमत 83.40 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई है। वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव 0.11 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ करीब 2,68,569 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता नजर आया। दिल्ली के सर्राफा बाजार में भी चांदी के दामों में दबाव बना रहा। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार यहां चांदी का भाव गिरकर लगभग 2,71,700 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया है। कारोबारियों का कहना है कि ऊंचे स्तर पर लगातार दूसरे दिन मुनाफावसूली होने से बाजार में कमजोरी बनी हुई है। अगर पिछले कुछ हफ्तों का आंकड़ा देखें तो चांदी में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 29 जनवरी 2026 को चांदी की कीमत 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद से बाजार में लगातार गिरावट आई और केवल 36 दिनों के भीतर चांदी करीब 1,25,210 रुपये सस्ती हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति कॉमा आयात शुल्क कॉमा जीएसटी कॉमा अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं की मांग और आपूर्ति जैसे कारक शामिल होते हैं।

सड़क चौड़ीकरण के विरोध पर BJP विधायक को CM की फटकार, सीएम हाउस में बुलाकर दी नसीहत; आंदोलन किया स्थगित

उज्जैन । मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने वाले भाजपा विधायक को मुख्यमंत्री की फटकार का सामना करना पड़ा। उज्जैन उत्तर विधानसभा से विधायक अनिल जैन को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर इस मुद्दे पर कड़ी नाराजगी जताई गई। इसके बाद विधायक ने अपने प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित कर दिया और अब सड़क चौड़ीकरण का विरोध नहीं करने का फैसला किया है। दरअसल उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध की स्थिति बन गई थी। क्षेत्र के कुछ लोगों का कहना था कि इस परियोजना के कारण उन्हें नुकसान हो सकता है। इसी मुद्दे को लेकर विधायक अनिल जैन ने जनता का समर्थन करते हुए आंदोलन करने की चेतावनी दे दी थी। उनका कहना था कि यदि स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। विधायक के इस बयान के बाद मामला तेजी से राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। चूंकि प्रदेश में भाजपा की सरकार है ऐसे में सत्तारूढ़ दल के ही विधायक द्वारा सरकारी परियोजना के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी देना पार्टी नेतृत्व को असहज कर गया। मामला जल्द ही मुख्यमंत्री मोहन यादव और संगठन के वरिष्ठ नेताओं के संज्ञान में पहुंच गया। इसके बाद विधायक अनिल जैन को मुख्यमंत्री आवास तलब किया गया। यहां मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पार्टी के प्रदेश प्रभारी भी मौजूद थे। बैठक के दौरान विधायक को साफ तौर पर समझाया गया कि सरकार की विकास योजनाओं के खिलाफ इस तरह का सार्वजनिक विरोध उचित नहीं है। सूत्रों के अनुसार बैठक में विधायक को कड़ी फटकार लगाई गई और पार्टी अनुशासन का ध्यान रखने की सलाह दी गई। नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर समस्या है तो उसे संगठन और सरकार के भीतर उठाया जाना चाहिए न कि सार्वजनिक आंदोलन के जरिए। बैठक के बाद विधायक अनिल जैन ने अपने तेवर नरम कर लिए और आंदोलन की घोषणा को वापस लेने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया है और अब सड़क चौड़ीकरण के काम का विरोध नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिए कि स्थानीय लोगों की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखकर समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में यह संदेश भी गया है कि पार्टी नेतृत्व सरकारी योजनाओं को लेकर किसी भी तरह की सार्वजनिक असहमति को गंभीरता से ले रहा है। फिलहाल उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम जारी रहने की संभावना है और प्रशासन भी इस परियोजना को लेकर आगे की प्रक्रिया पर काम कर रहा है।

साउथ इंडस्ट्री में गूंजी शादी की शहनाई अल्लू सिरीश ने नयनिका रेड्डी संग लिए सात फेरे

नई दिल्ली। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों खुशियों का माहौल है। सुपरस्टार अल्लू अर्जुन के छोटे भाई और अभिनेता अल्लू सिरीश ने आखिरकार अपनी लॉन्गटाइम पार्टनर नयनिका रेड्डी के साथ शादी रचा ली है। 38 साल की उम्र में उन्होंने जिंदगी के इस नए सफर की शुरुआत की। दोनों ने 6 मार्च को हैदराबाद में पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ भव्य समारोह में सात फेरे लिए। इस शादी में फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति से जुड़ी कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। अल्लू सिरीश के बड़े भाई अल्लू अर्जुन अपनी पत्नी स्नेहा रेड्डी और बच्चों अयान और अरहा के साथ समारोह में पहुंचे। इसके अलावा साउथ के कई दिग्गज सितारों ने भी नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। मेगास्टार चिरंजीवी भी इस खास मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने कपल को नई जिंदगी की शुभकामनाएं दीं। वहीं तमिल सुपरस्टार सूर्या भी शादी में शामिल हुए और अल्लू सिरीश तथा नयनिका को बधाई दी। अभिनेता राम चरण ब्लैक कुर्ता सेट में अपनी दमदार मौजूदगी के साथ नजर आए और उन्होंने भी समारोह में चार चांद लगा दिए। इसके अलावा नंदमुरी कल्याण राम भी इस शादी में पहुंचे। आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम और अभिनेता पवन कल्याण भी अपनी पत्नी अन्ना लेजनेवा के साथ इस ग्रैंड वेडिंग में शामिल हुए और कपल को आशीर्वाद दिया। शादी की कई इनसाइड तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं जिनमें इंडस्ट्री के बड़े सितारे एक साथ नजर आ रहे हैं। इस शादी की एक दिलचस्प बात यह भी है कि अल्लू सिरीश और नयनिका ने शादी के लिए वही तारीख चुनी जिस दिन 15 साल पहले अल्लू अर्जुन ने स्नेहा रेड्डी से शादी की थी। यानी अब दोनों भाइयों की शादी की सालगिरह एक ही दिन मनाई जाएगी। इस खास कनेक्शन को फैंस ने भी नोटिस किया और सोशल मीडिया पर इसे लेकर खूब चर्चा हो रही है। अगर नयनिका रेड्डी की बात करें तो वह हैदराबाद की एक सफल बिजनेस प्रोफेशनल हैं और एक समृद्ध बिजनेस फैमिली से ताल्लुक रखती हैं। वह करोड़ों के कारोबार से जुड़ी हुई हैं और अब तक काफी हद तक लाइमलाइट से दूर निजी जीवन जीती रही हैं। फिल्म इंडस्ट्री से उनका कोई सीधा संबंध नहीं रहा है। हालांकि सगाई की घोषणा के बाद से वह धीरे धीरे सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आने लगीं। प्री वेडिंग फंक्शन्स में उनकी ग्रेसफुल मौजूदगी और पारंपरिक अंदाज ने फैंस का दिल जीत लिया था। अब शादी के बाद अल्लू सिरीश और नयनिका रेड्डी की यह जोड़ी सोशल मीडिया पर भी चर्चा में बनी हुई है। फैंस और फिल्मी सितारे दोनों को नई जिंदगी के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं और उनकी शादी की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं

MP में स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट के संकेत: स्टाइपेंड को लेकर जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन तेज, जस्टिस मार्च

भोपाल ।मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका के बीच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन तेज हो गया है। स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और लंबित भुगतान को लेकर नाराज रेजिडेंट डॉक्टरों ने विरोध का नया चरण शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर काली पट्टी बांधकर ड्यूटी कर रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व Junior Doctors Association जूडा कर रही है जिसने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो सोमवार से नॉन इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र प्रदेश की राजधानी Bhopal सहित अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेज बन गए हैं। जूडा के पदाधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार के 7 जून 2021 के आदेश के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से CPE के आधार पर स्टाइपेंड में बढ़ोतरी लागू होनी थी और साथ ही लंबित एरियर का भुगतान भी किया जाना था। लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। डॉक्टरों का आरोप है कि बार बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद भुगतान और संशोधन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि स्टाइपेंड में देरी केवल आर्थिक समस्या नहीं है बल्कि इसका असर उनके मानसिक और पेशेवर मनोबल पर भी पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय तक ड्यूटी करने और मरीजों की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद उन्हें अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। इसी वजह से अब उन्होंने चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति अपनाई है। जूडा के अनुसार विरोध की शुरुआत काली पट्टी बांधकर काम करने से की गई है ताकि मरीजों की सेवा भी जारी रहे और सरकार तक उनकी आवाज भी पहुंचे। इसके बाद रविवार को डॉक्टर जस्टिस मार्च निकालेंगे जिसमें बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टर शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होंगे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। इस मार्च का उद्देश्य शासन और प्रशासन को यह संदेश देना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और अब इस पर तुरंत निर्णय लिया जाना चाहिए। डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इसके बाद भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो सोमवार से नॉन इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। इसमें ओपीडी रूटीन चेकअप और सामान्य चिकित्सा सेवाएं शामिल होंगी। हालांकि जूडा ने भरोसा दिलाया है कि इमरजेंसी सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी ताकि गंभीर मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में भी जूनियर डॉक्टर इसी मुद्दे को लेकर विरोध जता चुके हैं लेकिन स्टाइपेंड संशोधन का मामला अब भी अटका हुआ है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल एजुकेशन विभाग की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है।

पुलिया से 20 फीट नीचे गिरी गर्भवती महिला, अस्पताल पहुंचते ही दिया बच्ची को जन्म; हादसे के बाद भी मां-बेटी सुरक्षित

खरगोन । मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गंभीर सड़क हादसे के बाद भी मां और नवजात की जान सुरक्षित बच गई। जिले के भगवानपुरा क्षेत्र में स्थित सिरवेल के पास शुक्रवार को एक पुलिया पर बड़ा हादसा हो गया। एक अज्ञात बाइक की टक्कर के बाद बाइक सवार दंपती पुलिया से करीब 20 फीट नीचे जा गिरे। हादसे में गर्भवती महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। मिली जानकारी के अनुसार दंपती बाइक से अस्पताल की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि महिला गर्भवती थी और उसकी तबीयत ठीक नहीं लग रही थी, इसलिए परिवार के सदस्य उसे अस्पताल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सिरवेल के पास बनी पुलिया पर सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दंपती सीधे पुलिया से नीचे जा गिरे। करीब 20 फीट नीचे गिरने के कारण दोनों को चोटें आईं, वहीं गर्भवती महिला की हालत को लेकर आसपास मौजूद लोगों में चिंता बढ़ गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल दंपती की मदद की। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए महिला को उठाकर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने महिला का प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसी दौरान महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने तुरंत जरूरी इंतजाम किए और कुछ ही देर में महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। यह खबर सुनते ही वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली, क्योंकि हादसे की गंभीरता को देखते हुए सभी को मां और बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंता थी। डॉक्टरों के अनुसार हादसे के बावजूद मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। फिलहाल महिला का अस्पताल में उपचार चल रहा है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। परिवार के सदस्यों ने भी राहत जताई है कि इतने बड़े हादसे के बाद भी मां और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं। इस घटना के बाद पूरा मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद महिला ने सुरक्षित बच्ची को जन्म दिया। वहीं पुलिस अज्ञात बाइक चालक की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच की जा रही है।

ईरान-इजराइल युद्ध का असर रसोई तक: LPG सिलेंडर 60 रुपये महंगा, कमर्शियल गैस में भी बड़ी बढ़ोतरी

जबलपुर । मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Iran–Israel conflict का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव के बीच देश में रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल कंपनियों ने घरेलू Liquefied Petroleum Gas (LPG) cylinder की कीमतों में 60 रुपये का इजाफा किया है, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 115 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं। नई कीमतें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं और तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपडेट कर दी गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी बड़ी चिंता बन सकती है, क्योंकि रसोई गैस पहले ही घरेलू बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से घरों का मासिक खर्च बढ़ना तय है। मध्यप्रदेश की बात करें तो यहां गैस सिलेंडर की कीमतें देश के कई बड़े शहरों से ज्यादा हो गई हैं। प्रदेश के शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी के बाद अब इसकी कीमत करीब 920 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 114 रुपये का इजाफा हुआ है, जिसके बाद इसकी कीमत 2100 रुपये से भी ज्यादा हो गई है। दिलचस्प बात यह है कि कई मामलों में मध्यप्रदेश के उपभोक्ताओं को देश के बड़े महानगरों से भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। उदाहरण के तौर पर New Delhi और Mumbai जैसे महानगरों की तुलना में मध्यप्रदेश के कई शहरों में गैस सिलेंडर महंगा मिल रहा है। परिवहन लागत और टैक्स संरचना के कारण अक्सर राज्यों में गैस के दामों में अंतर देखने को मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। यदि हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे तो आने वाले समय में ईंधन और ऊर्जा से जुड़ी अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। इसका असर परिवहन, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी देखने को मिल सकता है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने का असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर भी पड़ने की संभावना है। इससे खाने पीने की चीजों की कीमतों में भी धीरे धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। यानी गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी सिर्फ घर की रसोई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बाजार में भी महंगाई का दबाव बढ़ा सकती है। फिलहाल नई दरें लागू हो चुकी हैं और उपभोक्ताओं को अब बढ़ी हुई कीमतों पर ही गैस सिलेंडर खरीदना होगा। ऐसे में मिडिल ईस्ट की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है, क्योंकि वहां के हालात का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।