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भारतीय पारंपरिक औषधि अमृतधारा सिर दर्द घबराहट और अपच में दे राहत..

नई दिल्ली में स्वास्थ्य और पारंपरिक उपचार के क्षेत्र में अमृतधारा एक ऐसा नाम है जिसे सदियों से भारतीय घरों में प्रयोग किया जाता रहा है। यह औषधि खासतौर पर सिर दर्द, माइग्रेन, अचानक घबराहट, मतली और अपच जैसी समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है। हालांकि आधुनिक जीवनशैली में यह पारंपरिक औषधि धीरे-धीरे भूलती जा रही है। अमृतधारा बेहद कम पदार्थों से बनाई जाती है और इसका प्रभाव काफी शक्तिशाली होता है। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से तीन सत्वों का उपयोग किया जाता है -भीमसेनी कपूर, सत अजवाइन और सत पुदीना। ये तीक्ष्ण और सुगंधित द्रव्य मिलकर शरीर को ठंडक पहुँचाते हैं और सिर दर्द, माइग्रेन, बेचैनी, सर्दी-जुकाम और अपच में राहत देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जब सिर में दर्द या माइग्रेन होता है, तो शरीर कमजोर महसूस करने लगता है और कभी-कभी घबराहट के कारण बीपी गिरने लगता है। ऐसे में अमृतधारा का प्रयोग सभी उम्र के लोगों के लिए लाभकारी है। यह केवल बाहरी उपयोग ही नहीं, बल्कि थोड़ी मात्रा में सेवन करने पर पेट और अपच की समस्या में भी आराम देता है। अमृतधारा बनाने की विधि भी बहुत आसान है। एक कांच की शीशी में कपूर सत्व, अजवाइन सत्व और पुदीना सत्व को मिलाकर शीशी तुरंत बंद कर दें। हल्के हाथ से शीशी को हिलाएं ताकि तीनों तत्व आपस में अच्छी तरह मिल जाएं और औषधि का निर्माण हो। ध्यान रखें कि इसे कान, नाक और आंख में डालने से बचें। इस औषधि का स्वाद तीखा लेकिन सुगंधित होता है। इसे लंबे समय तक खुला न रखें क्योंकि यह द्रव वाष्पित हो जाता है। सिर दर्द होने पर इसे सीधे माथे पर लगाएं। दांत दर्द में रुई की सहायता से प्रभावित जगह पर लगाना लाभकारी होता है। पेट या अपच की समस्या होने पर थोड़ी मात्रा में सेवन करें। साथ ही यदि मुख से दुर्गंध आती है तो पानी में मिलाकर कुल्ला करने से आराम मिलता है। विशेष सावधानी यह है कि गर्भवती महिलाएं और बच्चे इसे सेवन करने से पहले चिकित्सक से सलाह लें। अगर अमृतधारा लगाने पर जलन महसूस हो, तो इसका उपयोग बंद कर दें। यह पारंपरिक औषधि न केवल शरीर को ठंडक देती है, बल्कि ताजगी और राहत का अनुभव भी कराती है। अमृतधारा के नियमित और सही उपयोग से सिर दर्द, माइग्रेन और घबराहट जैसी परेशानियों में राहत पाई जा सकती है और यह भारतीय घरेलू उपचार की एक बहुमूल्य धरोहर है जिसे नई पीढ़ी को भी जानना और अपनाना चाहिए।

दिग्विजय सिंह ने रिटायरमेंट प्लान पर साझा किया मजाकिया वीडियो, किसानों के लिए उठाई बासमती चावल की जीआई टैग की मांग

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने महिला दिवस के मौके पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों के मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों के साथ लंबे समय से भेदभाव होता रहा है और विशेष रूप से मध्यप्रदेश में उगाए जाने वाले बासमती चावल को एपीडा से जीआई टैग नहीं दिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार जीआई टैग नहीं दिलाती है तो वे अनशन पर बैठने को भी तैयार हैं। दिग्विजय सिंह ने किसानों के हित में केंद्र सरकार को पत्र लिखने और संसद में उठाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर असंतोष जताया। उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर मालवा और महाकौशल क्षेत्र तक लगभग 14 जिलों में किसान उच्च गुणवत्ता वाले बासमती चावल का उत्पादन कर रहे हैं, लेकिन जीआई टैग न मिलने के कारण उनका उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में उचित मूल्य नहीं पा रहा। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने मध्यप्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैग प्रदान किया था, लेकिन 2016 में वर्तमान केंद्र सरकार ने इसे वापस ले लिया। अब जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बासमती चावल को जीआई टैग मिल चुका है, लेकिन मध्यप्रदेश के किसानों को वंचित रखा गया। इस अवसर पर दिग्विजय सिंह ने अपने रिटायरमेंट प्लान पर भी बात की। उन्होंने फेसबुक पर साझा किए गए एक वीडियो का जिक्र किया जिसमें 62 वर्षीय सिबानंद भंजा और उनकी पत्नी बसबी भंजा बैंक से रिटायरमेंट लेने के बाद कार को घर बनाकर पूरे भारत की यात्रा पर निकले हैं। दिग्विजय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह देखकर प्रेरणा मिली और रिटायरमेंट के बाद की योजना पर भी सोचा। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे राज्यसभा के सेकंड टर्म के बाद तीसरे टर्म के लिए नहीं जाएंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे कांग्रेस के लिए काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का काम जीवन के अंतिम क्षण तक करेंगे, लेकिन आगे का निर्णय पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करेगा। दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश के बासमती किसानों को उचित मूल्य और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए जीआई टैग बेहद जरूरी है, ताकि उनका उत्पाद पाकिस्तान और अन्य देशों के बासमती चावल के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके। पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को अब तक किसानों के हित में ठोस कदम नहीं उठाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और मंत्री मंडल से अपील की कि मध्यप्रदेश के बासमती चावल को जल्द से जल्द जीआई टैग दिलवाया जाए और किसानों के आर्थिक नुकसान को रोका जाए।

भोपाल: मिलन स्वीट्स पर इनकम टैक्स की रेड, टैक्स चोरी के शक में दस्तावेज खंगाले, संचालक से पूछताछ जारी

  भोपाल। भोपाल के एमपी नगर स्थित प्रतिष्ठित मिलन स्वीट्स और रेस्टोरेंट पर रविवार सुबह इनकम टैक्स विभाग की टीम ने अचानक सर्वे कार्रवाई की, जिससे रेस्टोरेंट में हड़कंप मच गया। टीम ने टैक्स चोरी की आशंका को लेकर रेस्टोरेंट में मौजूद दस्तावेजों और रिटर्न से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले और संचालक से पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक, टीम इस जांच में कर चोरी के सबूत जुटाने में जुटी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आईटी विभाग की टीम के आने के बाद रेस्टोरेंट में अफरातफरी का माहौल बन गया और भीड़ जमा हो गई। इनकम टैक्स विभाग का उद्देश्य इस कार्रवाई के माध्यम से कर से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना और किसी भी तरह की आर्थिक गड़बड़ी पर नज़र रखना है। गौरतलब है कि जून 2024 में भी मिलन स्वीट्स में भीषण आग लगी थी। आग पर काबू पाने के लिए एक दर्जन से अधिक दमकल की गाड़ियां मौके पर आई थीं और लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। इस घटना में रेस्टोरेंट को बड़ा नुकसान हुआ था, जिसमें मिठाइयां, अन्य खाद्य सामग्री और कई दस्तावेज जलकर खाक हो गए थे। इस बार की सर्वे कार्रवाई में आईटी टीम ने वही दस्तावेज और रिटर्न रिकॉर्ड खंगाले, जो पहले आग में नष्ट हो चुके थे, ताकि वित्तीय जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और सटीक हो सके। टीम रेस्टोरेंट संचालक से विस्तृत पूछताछ कर रही है और कर चोरी या किसी भी नियम उल्लंघन की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है। पुलिस भी इस कार्रवाई में सहयोग कर रही है ताकि किसी तरह की अफरातफरी या सुरक्षा संबंधी समस्या न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे प्रतिष्ठित रेस्टोरेंटों में भी अगर टैक्स नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो विभाग कठोर कार्रवाई करेगा। इस मामले में कर विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार इन्वेस्टिगेशन और दस्तावेज़ जांच से न केवल कर चोरी रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि अन्य व्यापारियों के लिए भी नैतिक और कानूनी उदाहरण स्थापित होगा। यदि जांच में सबूत मिलते हैं, तो मिलन स्वीट्स संचालक के खिलाफ विभाग आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर सकता है। फिलहाल, आईटी टीम पूरे रेस्टोरेंट में दस्तावेजों की पड़ताल और पूछताछ जारी रखे हुए है, ताकि सभी वित्तीय रिकॉर्ड का सत्यापन हो सके और कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

इंदौर: बदमाशों के साथ जन्मदिन मनाने वाले हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित किया गया, पुलिस ने जताई शून्य-सहनशीलता

इंदौर। इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का जन्मदिन मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की। गुरुवार को आयोजित जन्मदिन समारोह में संयोगितागंज क्षेत्र के तीन बदमाश भी मौजूद रहे। वीडियो में देखा गया कि हेड कॉन्स्टेबल को बदमाशों ने माला पहनाई और उनके साथ फोटो खिंचवाए। वीडियो वायरल होते ही मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। शनिवार रात इंदौर पुलिस कमिश्नर की मंजूरी से हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार को निलंबित कर दिया गया। अतिरिक्त डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने साफ किया कि किसी भी पुलिसकर्मी का आपराधिक तत्वों के साथ सांठगांठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जानकारी के अनुसार, जन्मदिन समारोह में अक्रात, विकास और आयुष नामक व्यक्ति भी शामिल थे। ये तीनों संयोगितागंज क्षेत्र से हैं और इनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अक्रात और आयुष के पिता दीनू निगरानीशुदा बदमाश बताए जाते हैं, जबकि विकास पर भी नशा और मारपीट के करीब 10 मामले दर्ज हैं। घटना ने पुलिस विभाग के भीतर भी हलचल मचा दी है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग किसी भी प्रकार के अनैतिक और आपराधिक संबंधों को बर्दाश्त नहीं करेगा। निलंबन के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, शामिल व्यक्तियों की पहचान और उनके अपराध रिकॉर्ड को भी देखा जाएगा। परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में यह घटना नागरिकों के बीच चिंता का विषय बन गई है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत थाने को दें, ताकि विभाग अपराध और अनुशासनहीनता पर नजर रख सके। हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का निलंबन इस बात का संदेश है कि पुलिस विभाग में भी नैतिक और कानूनी मानदंडों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आगामी जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि क्या अन्य अधिकारियों की भी इसमें भूमिका रही।

रेलवे में महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा बढ़ावा, महिला दिवस पर लॉन्च हुआ 'SHINE' फीचर, यौन उत्पीड़न की शिकायत अब सीधे ऑनलाइन दर्ज होगी

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रेलवे ने अपनी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। अब रेलवे में कार्यरत महिलाएं कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) की शिकायत सीधे HRMS (Human Resource Management System) एप्लिकेशन के माध्यम से दर्ज कर सकेंगी। इस नई पहल का नाम SHINE (Sexual Harassment Incident Notification for Empowerment) रखा गया है। रेल मंत्रालय ने इस पहल के जरिए शिकायत प्रक्रिया को अधिक गोपनीय (Confidential) और त्वरित बनाने का उद्देश्य रखा है। अब महिला कर्मचारी बिना किसी मध्यस्थ के सीधे अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकती हैं, जो संबंधित नॉमिनेटेड कमेटी तक पहुंचेगी। यह सुविधा सिर्फ नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट वर्कर, स्टूडेंट्स और बाहरी विजिटर्स भी इसे इस्तेमाल कर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। रेलवे के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी जोनों में इंटरनल कंप्लेंट (IC) कमिटी और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द नॉमिनेट करें, ताकि शिकायतों का समाधान समय पर हो। कर्मचारी इस मॉड्यूल तक Employee Self Service (ESS) के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं। रेल मंत्रालय ने बताया कि SHINE मॉड्यूल की सबसे बड़ी खासियत इसकी केंद्रीकृत निगरानी और त्वरित एक्सेस है। इससे न केवल शिकायत दर्ज करने वाली महिला कर्मचारी की गोपनीयता सुनिश्चित होगी, बल्कि निवारण प्रक्रिया में तेजी भी आएगी। इस पहल के माध्यम से रेलवे महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षित कार्यस्थल और डिजिटल शिकायत समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि SHINE मॉड्यूल आने वाले समय में महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक बनेगा। रेलवे में यह पहल ऐसे समय में आई है जब कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। महिला कर्मचारियों ने भी इस कदम को सराहा है और इसे कार्यस्थल को सुरक्षित और आत्मविश्वासपूर्ण बनाने वाला कदम बताया है।

CA रिजल्ट 2026 घोषित: भोपाल का प्रदर्शन देश से बेहतर, फाउंडेशन में स्वास्तिक और इंटरमीडिएट में मुस्कान टॉपर

नई दिल्ली। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने जनवरी 2026 में आयोजित सीए फाउंडेशन और सीए इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस बार भोपाल के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में भोपाल सेंटर से मुस्कान डांगी ने 447 अंक (74.50%) के साथ पहला स्थान हासिल किया, वहीं सीए फाउंडेशन में स्वास्तिक गुप्ता 330 अंक (82.50%) के साथ भोपाल टॉपर रहे। भोपाल ब्रांच ऑफ CIRC ऑफ ICAI ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की और बताया कि इस बार भोपाल का परिणाम देश से बेहतर रहा। मुस्कान डांगी ने बताया कि उन्होंने बीते 10 महीनों तक रोज 10 घंटे पढ़ाई की और सेल्फ स्टडी के लिए लाइब्रेरी जॉइन की। दिन में पढ़ाई और रात को रिविजन करने की तकनीक ने उन्हें सफलता दिलाई। उनका ऑल इंडिया रैंक (AIR) 25 आया। सीए इंटरमीडिएट में मुस्कान डांगी के बाद दूसरे स्थान पर सृष्टि धाकड़ (382 अंक, 63.57%) और तीसरे स्थान पर राशि चौरिवार (366 अंक, 61%) रही। सीए फाउंडेशन में भोपाल सेंटर से स्वास्तिक गुप्ता पहले, दूसरे स्थान पर माही गुप्ता (325 अंक, 81.25%) और तीसरे स्थान पर नयन जैन (322 अंक, 80.50%) रहे। देशभर में सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 2,16,801 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें से 29,455 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए। पास प्रतिशत 13.59% रहा। ग्रुप-I में पास प्रतिशत 13.96 और ग्रुप-II में 15.54% रहा। दोनों ग्रुप पास करने वाले छात्रों की संख्या 3,924 रही। सीए फाउंडेशन परीक्षा में भोपाल सेंटर पर 976 छात्रों में से 191 सफल हुए, पास प्रतिशत 19.57% रहा। देशभर में कुल परिणाम 19.23% दर्ज हुआ। पुरुष अभ्यर्थियों का पास प्रतिशत 20.13 और महिला अभ्यर्थियों का 18.26% रहा। ऑल इंडिया टॉपर्स की सूची में कनहैया लाल (508 अंक, 84.67%) पहले, फातिमा शेहजा (504 अंक, 84%) दूसरे और तान्या बंसल (498 अंक, 83%) तीसरे स्थान पर रहीं। भोपाल शाखा ने घोषणा की है कि आने वाले सत्र में नए नवाचार-आधारित डिजिटल ट्रेनिंग मॉडल और स्कूल-कलज स्तर पर फाइनेंशियल लिटरेसी मिशन भी शुरू किया जाएगा, ताकि युवाओं को करियर ओरिएंटेशन और अकाउंटिंग अवेयरनेस प्रदान की जा सके।

Papmochani Ekadashi 2026: 16 मार्च को व्रत, शिवलिंग पर चढ़ाएं ये 5 चीजें, पापों और कष्टों से मिले मुक्ति

नई दिल्ली। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पावन तिथि पापमोचनी एकादशी इस वर्ष 16 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु और महादेव की शक्ति के संगम का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन विशेष साधना और शिवलिंग पर कुछ सामग्रियों का अर्पण जीवन के जटिल कष्टों, शनि दोष और पुराने पापों से मुक्ति दिलाने में अत्यंत प्रभावशाली है। पापमोचनी एकादशी पर शिवलिंग साधना का विशेष महत्व है। इस दिन भक्त शिवलिंग पर पांच महत्वपूर्ण चीजें अर्पित करके महादेव को प्रसन्न कर सकते हैं। 1. शमी के पुष्प – रोग और दोषों से मुक्ति:नीलकंठेश्वर महादेव का स्मरण करते हुए शिवलिंग पर शमी के फूल चढ़ाएं। यह उपाय शरीर के रोगों और कुंडली में उपस्थित दोषों को दूर करने में मदद करता है। 2. बिल्वपत्र और शहद – उत्तम स्वास्थ्य का वरदान:शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय बिल्वपत्र पर थोड़ा शहद लगाकर अर्पित करें। शास्त्रों के अनुसार इससे समस्त पाप नष्ट होते हैं और भक्त को उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 3. चावल और काले तिल – शनि दोष से राहत:शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से परेशान लोग इस दिन कच्चे चावल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। पूजन के बाद इसे जरूरतमंद को दान करने से शनि देव की पीड़ा शांत होती है। 4. गाय का शुद्ध घी – संकटों का नाश:शुद्ध गाय के घी से शिवलिंग का अभिषेक करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। यह उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करता है और जीवन में आने वाले आकस्मिक संकटों से सुरक्षा देता है। 5. महामृत्युंजय मंत्र – संकट टालने की शक्ति:पूजा के अंत में महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप अवश्य करें। एकादशी की पवित्र ऊर्जा और मंत्र का प्रभाव मिलकर जीवन के बड़े संकटों और कष्टों को टालने की क्षमता रखता है। पापमोचनी एकादशी का व्रत 16 मार्च 2026 को रखा जाएगा और इसका पारण अगले दिन शुभ मुहूर्त में करना श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन की साधना से न केवल जीवन के कष्ट दूर होते हैं, बल्कि जन्मों के पापों से भी मुक्ति पाने का अद्वितीय अवसर मिलता है।

पंजाब सरकार ने पेश किया 2.60 करोड़ का बजट, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1,000 रुपये

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2,36,080 करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है और इसे महिलाओं की शक्ति, उपलब्धियों और आकांक्षाओं को समर्पित दिन पर प्रस्तुत किया गया है। बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, उद्योग, कृषि, खेल और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। पंजाब की अर्थव्यवस्था और जीएसडीपी का अनुमान वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था ने पिछले वर्ष में लचीलापन और संरचनात्मक स्थिरता दिखाई है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 28,91,487 करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 में यह 9,80,635 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसकी वृद्धि दर लगभग 10 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिसे बेहतर कृषि उत्पादकता, सेवा क्षेत्र की बढ़ती गतिविधियों और मजबूत औद्योगिक गति से समर्थन प्राप्त है। 12,60,437 करोड़ का बजट व्यय प्रस्तावित वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 12,60,437 करोड़ रुपये के बजट व्यय का प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया गया। अनुमानित प्रभावी राजस्व घाटा जीएसडीपी का 2.06 प्रतिशत और राजकोषीय घाटा 4.08 प्रतिशत है। यह अनुमान जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन और निरंतर आर्थिक विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शिक्षा सुधार और निवेश वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में शिक्षा सुधार में विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे का उन्नयन, आधारभूत शिक्षा को मजबूत करना और उत्कृष्टता केंद्र बनाने पर जोर शामिल है। वित्त वर्ष 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,279 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में सात प्रतिशत अधिक है। सरकार ने लगभग 20,000 सरकारी स्कूलों में बुनियादी और उन्नत मानक सुनिश्चित किए हैं। इनमें से 99 प्रतिशत स्कूलों में चारदीवारी है और 10,095 नए शौचालय बनाए गए हैं। एक लाख से अधिक डेस्क खरीदे गए हैं ताकि कोई बच्चा फर्श पर न बैठे। 8,286 सफाई कर्मचारी रोजाना सफाई सुनिश्चित कर रहे हैं, 3,000 से अधिक सुरक्षा कर्मी स्कूल परिसरों की सुरक्षा के लिए तैनात हैं और 1,798 कैंपस मैनेजर प्रशासन में मदद कर रहे हैं। 6,200 कक्षाओं का नवनिर्माण किया गया और 4,700 कक्षाओं का जीर्णोद्धार किया गया। इस वर्ष स्कूल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सौंदर्यीकरण के लिए 690 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता बजट में महिलाओं के लिए ऐतिहासिक घोषणा की गई है। पंजाब की सभी महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाएंगे, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह राशि ‘मुख्यमंत्री माताएं-बेटियां सत्कार योजना’ के तहत सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। नशा नियंत्रण और सुरक्षा सरकार ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को तेज करने का निर्णय लिया है। सीमा क्षेत्रों में 5,000 होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे और सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से होने वाली तस्करी रोकने के लिए अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके लिए बजट में 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही “ड्रग सेंसस” कराने की भी घोषणा की गई है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। आपातकालीन सेवाओं का सुधार मोहाली में आधुनिक डायल-112 मुख्यालय बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। आपातकालीन सेवा ‘112’ को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 758 चार-पहिया और 916 दो-पहिया आपातकालीन वाहन खरीदे जाएंगे। आपातकालीन कॉल पर प्रतिक्रिया समय को 30 मिनट से घटाकर लगभग आठ मिनट करने का लक्ष्य है। इसके लिए 125 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। खेल और युवाओं के लिए पहलयुवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए “खेड्दा पंजाब, बदलदा पंजाब” पहल शुरू की जाएगी। इसके तहत गांवों में खेल मैदान बनाए जाएंगे और लगभग 3,000 इंडोर जिम स्थापित किए जाएंगे। खेल विभाग के लिए 979 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण प्रत्येक परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलेगा, जिसके लिए 778 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के लिए कुल 5,598 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए 2,873 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि शहरी बुनियादी सेवाओं के सुधार के लिए 225 करोड़ रुपये और 347 ई-बसें खरीदी जाएंगी। सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना जारी रखेगी, जिसके लिए 7,614 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की जाएगी और इसके लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 14,524 करोड़ रुपये और सामाजिक न्याय एवं कल्याण योजनाओं के लिए 9,340 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

झारखंड में हैवानियत: 15 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर तीन दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप, तीन आरोपी गिरफ्तार

पाकुड़ झारखंड । झारखंड के पाकुड़ जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को अगवा कर छह दरिंदों ने तीन दिनों तक बंधक बनाए रखा और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म गैंगरेप जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के प्रकाश में आते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों सहित तीन लोगों को दबोच लिया है जबकि अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है। दुकान से सामान लेने गई थी पीड़िता हाईवा में किया अगवा जानकारी के अनुसार यह खौफनाक वारदात 17 फरवरी को घटित हुई थी। पीड़िता अपने गांव की एक दुकान से सामान लेने निकली थी तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे छह युवकों ने उसे जबरन एक हाईवा ट्रक में खींच लिया। आरोपी उसे किसी सुनसान स्थान पर ले गए जहाँ उसे तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दहशत के कारण पीड़िता काफी समय तक चुप रही लेकिन अंततः 6 मार्च को उसने साहस जुटाकर थाने में आवेदन दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: तीन गिरफ्तार हाईवा जब्त मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकुड़ एसपी निधि द्विवेदी ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी ने बताया कि पुलिस ने दबिश देकर तीन आरोपियों दशरथ किस्कू सकल टुडू दोनों मालपहाड़ी निवासी और प्रधान मरांडी महेशपुर निवासी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल किए गए हाईवा ट्रक को भी पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश तेज एसपी निधि द्विवेदी ने आश्वस्त किया है कि घटना में शामिल शेष तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच करा ली गई है और उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि फरार आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को उचित न्याय मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है।

जबलपुर में चर्च में हंगामा: महिला दिवस कार्यक्रम में निलंबित प्राचार्य ने किया उत्पात, ईसाई समुदाय ने FIR की मांग की

जबलपुर । जबलपुर के क्राइस्टचर्च गर्ल्स स्कूल परिसर में स्थित चर्च में रविवार सुबह आराधना के दौरान हंगामा हो गया। महिला दिवस के अवसर पर आयोजित महिला सम्मान कार्यक्रम में अचानक व्यवधान उत्पन्न होने से ईसाई समुदाय में नाराजगी फैल गई। समाज और चर्च के पदाधिकारियों ने तुरंत ओमती थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और हंगामा करने वाले के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। ओमती पुलिस के अनुसार, शिकायत में बताया गया कि क्राइस्टचर्च बॉयज स्कूल से निलंबित प्राचार्य लेडली मैथ्यूज सुबह आराधना के दौरान चर्च में घुस आए। उन्होंने पवित्र स्थान में पहुंचकर माइक छीन लिया और बेवजह की बातें करने लगे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। चर्च पदाधिकारियों के विरोध करने पर मैथ्यूज ने वहां मौजूद लोगों को धमकाया और पदाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की। इस घटना से उपस्थित लोग आहत हुए और महिलाओं के सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न हुआ। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं के साथ भी अभद्रता की शिकायत की गई है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और बताया कि जल्द ही दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चर्च और समाज के पदाधिकारी पूरे मामले में सतर्क हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। इस घटना ने न केवल चर्च परिसर में सुरक्षा की चिंता बढ़ाई है, बल्कि समुदाय के बीच तनाव भी पैदा किया है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की है।