जबलपुर में भाजपा का प्रशिक्षण महाभियान: मुख्यमंत्री बोले- यही कारण है कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी

नई दिल्ली। जबलपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान (2026) के तहत भाजपा के संभागीय कार्यालय में बड़ी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, मंत्री, विधायक और वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को वैचारिक स्पष्टता, सांगठनिक कौशल और नेतृत्व क्षमता प्रदान करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लगातार प्रशिक्षण के कारण ही भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय बनाने और उनके कौशल को निखारने हेतु प्रशिक्षण वर्ग आवश्यक है। उन्होंने हेमंत खंडेलवाल की सक्रिय नेतृत्व क्षमता की भी सराहना की और कहा कि सांसद, विधायक और मंत्री दोनों दायित्वों का बराबरी से निर्वहन कर रहे हैं। इस अवसर पर डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल रीवा से पहुंचे और कहा कि भाजपा अपने मिशन को पूरा करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। उन्होंने जुड़ा की हड़ताल के संबंध में कहा कि समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा और सभी को ड्यूटी पर लौटने का अनुरोध किया। प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर से कार द्वारा जबलपुर पहुंचे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह भी प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुईं। कार्यशाला में जबलपुर, रीवा, शहडोल और छिंदवाड़ा संभाग के लगभग 400 प्रशिक्षार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता और विषय विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों में कार्यशाला को संबोधित करेंगे। उद्घाटन सत्र प्रातः 11 बजे पंजीयन के बाद दोपहर 12:30 बजे आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण महाभियान का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक दक्षता और वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ तैयार करना है, ताकि भाजपा का जनसंपर्क और नेतृत्व मजबूत हो।
भोपाल: रंगपंचमी पर युवती की कार पर एसिड फेंकने का गंभीर मामला

भोपाल। भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में रंगपंचमी के दिन एक युवती की कार पर कथित रूप से एसिड मिला रंग फेंकने की घटना सामने आई है। घटना में कार का पेंट पूरी तरह जल गया, जिससे संपत्ति को गंभीर नुकसान हुआ। 24 वर्षीय पीड़िता एक निजी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत हैं और वह अभिरुचि परिसर में रहती हैं। युवती ने बताया कि रविवार को वह अपनी कार घर के बाहर पार्क कर चुकी थीं। शाम के समय जब वह कार के पास पहुंचीं, तो देखा कि कार पर रंग डाला हुआ था। पेंट बुरी तरह जल चुका था, जिससे साफ तौर पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि रंग में एसिड मिलाकर कार पर फेंका गया। पीड़िता ने तुरंत ऐशबाग थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई। थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी संदीप पंवार ने बताया कि कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। इस घटना ने सिर्फ संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाया, बल्कि एसिड के इस्तेमाल से सुरक्षा की गंभीर चिंता भी पैदा कर दी है। फिलहाल पीड़िता सुरक्षित हैं और उन्हें कोई शारीरिक चोट नहीं आई है। जांच अधिकारी आसपास के अन्य CCTV और पड़ोसियों से पूछताछ कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से संबंधित कोई जानकारी है, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। यह मामला याद दिलाता है कि त्योहारों के समय सावधानी और सुरक्षा दोनों जरूरी हैं। रंगपंचमी का त्योहार खुशी और मस्ती का प्रतीक है, लेकिन इस तरह की घटनाओं से इसे डर और चिंता का माहौल भी मिल सकता है। पुलिस की सक्रियता और नागरिकों की सतर्कता इस तरह की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।
भोपाल वीआईपी रोड पर तेज रफ्तार कार का कहर, महिला घायल, तीन वाहन क्षतिग्रस्त

भोपाल। भोपाल के वीआईपी रोड पर रविवार रात करीब 10:30 बजे एक तेज रफ्तार कार ने अचानक नियंत्रण खो दिया और चलते-चलते तीन वाहनों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक एक्टिवा, एक बाइक और एक कार क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि कार में सवार महिला को हल्की चोट आई। घटना कोहेफिजा थाना क्षेत्र के न्यू मार्केट के पास, कोजा चौराहा और इम्पीरियल सेबर के बीच हुई। पुलिस के अनुसार, कार की चालक युवती थी। हादसे के बाद कुछ देर के लिए वीआईपी रोड पर जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कराया। महिला ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने पहले उसकी एक्टिवा और बाइक को टक्कर मारी, और फिर उसकी कार के दाहिनी ओर से टकराई। टक्कर लगने से कार का दाहिना हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और महिला के पैर व सिर में हल्की चोट आई, जबकि कार में बैठी उसकी बहन सुरक्षित रही। कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल, एक्टिवा और बाइक सवारों की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच कर रही है। यह हादसा वीआईपी रोड पर बढ़ते तेज रफ्तार वाहनों और सड़क सुरक्षा की गंभीर चुनौतियों को फिर से उजागर करता है।
भोपाल के बाग उमराव दूल्हा में आग का भयानक मामला, 10 किमी दूर से देखा गया धुआं, दमकलें मौके पर लगीं

भोपाल। भोपाल के बाग उमराव दूल्हा इलाके में सोमवार दोपहर करीब 3.30 बजे एक तीन मंजिला मकान की छत पर आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि आसपास 10 किलोमीटर दूर से भी धुआं नजर आया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मकान की छत पर तेल रखा गया था, जो अज्ञात कारणों से भड़क गया और आग तेजी से फैल गई। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के फायर स्टेशन से दमकलें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया गया। हालांकि इलाके के संकरे रास्तों के कारण दमकलों को समय लग गया। दमकल कर्मियों ने बताया कि बिल्डिंग के नीचे मीट की दुकान भी है, इसलिए आग को फैलने से रोकना प्राथमिकता बनी हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग इतनी तेज थी कि धुआं आसमान में उठता हुआ दूर तक दिखाई दे रहा था। फिलहाल दमकल विभाग आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए मौके पर जुटा हुआ है। अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि वे इलाके से दूरी बनाए रखें और राहत कार्यों में बाधा न डालें। मामले की जांच के बाद ही आग लगने के असली कारण का खुलासा किया जाएगा। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेल के भंडारण और लापरवाही के कारण आग भड़की है। इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है और लोगों में आग और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। दमकल विभाग लगातार आग बुझाने में जुटा हुआ है और जल्द ही पूरी बिल्डिंग को सुरक्षित घोषित करने की संभावना है।
डॉक्टरों की एक 'गलत' सूचना ने ले ली मासूम की जान 12वीं की छात्रा की मौत, परिजनों का आरोप- प्रेग्नेंसी बोलकर बेटी को डिप्रेशन में धकेला

भोपाल। राजधानी भोपाल में 17 वर्षीय एक स्कूली छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने पहले उनकी बेटी को ‘प्रेग्नेंट’ बताया, जिससे वह गहरे सदमे (डिप्रेशन) में चली गई और अंततः इलाज के दौरान उसकी सांसें टूट गईं। जबकि बाद में उसी छात्रा को ‘ट्यूमर’ से पीड़ित बताया गया। घटनाक्रम: परीक्षा के बाद बिगड़ी तबीयत और ‘गलत’ रिपोर्ट का सदमामृतक छात्रा प्राइवेट स्कूल से 12वीं की पढ़ाई कर रही थी। 2 मार्च 2026 को वह अपनी बोर्ड परीक्षा देकर घर लौटी थी, जिसके बाद अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई।पिता के अनुसार, बेटी को सबसे पहले हमीदिया अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि वहां के डॉक्टरों ने उसे 2 माह की प्रेग्नेंट बता दिया।जब सोनोग्राफी में स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो उसे सुल्तानिया अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास भेजा गया। वहां हुई जांच में सामने आया कि छात्रा को प्रेग्नेंसी नहीं, बल्कि पेट में ट्यूमर है। डिप्रेशन और मौत: “बेटी ने बोलना बंद कर दिया था”परिजनों का सबसे गंभीर आरोप यह है कि ‘प्रेग्नेंसी’ की खबर सुनते ही छात्रा मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गई थी।एक मासूम छात्रा के लिए डॉक्टरों द्वारा कही गई यह बात सामाजिक और व्यक्तिगत तौर पर इतनी बड़ी थी कि उसने लोगों से बात करना और कुछ भी बोलना बंद कर दिया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने भी इसे ‘रेप केस’ मानकर जांच शुरू कर दी थी, जिससे परिवार और छात्रा पर दबाव और बढ़ गया।लगातार गिरती मानसिक और शारीरिक स्थिति के बीच सोमवार सुबह इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई। पुलिस का पक्ष: ट्यूमर से मौत की पुष्टिमामले की जांच कर रही एमपी नगर थाने की एसआई अर्चना तिवारी के अनुसार, डॉक्टरों की प्रारंभिक रिपोर्ट में छात्रा का इलाज ट्यूमर के लिए चलना बताया गया है।रिपोर्ट में प्रेग्नेंसी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। हालांकि, परिजनों के आरोपों को देखते हुए मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है।अब पुलिस को पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मौत की असली वजह ट्यूमर थी या गलत निदान से उपजा मानसिक तनाव। यह मामला केवल एक बीमारी का नहीं, बल्कि शब्दों की संवेदनशीलता का है। अगर परिजनों के आरोप सही हैं, तो यह डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही है कि एक गंभीर रूप से बीमार छात्रा को गलत सूचना देकर मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया गया कि वह जिंदगी की जंग हार गई।”
MP ELECTION DISQAULIFICATION: ग्वालियर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त, रामनिवास रावत घोषित हुए विधायक

HIGHLIGHTS: ग्वालियर हाईकोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित किया। बीजेपी नेता रामनिवास रावत की याचिका पर आया फैसला। नामांकन में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने का आरोप साबित। कोर्ट ने रावत को विजयपुर का नया विधायक घोषित किया। मल्होत्रा के खिलाफ 6 आपराधिक मामलों का जिक्र याचिका में किया गया था। MP ELECTION DISQAULIFICATION: ग्वालियर। हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया है। बता दें कि यह फैसला बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत द्वारा दायर याचिका पर सुनाया गया। कोर्ट के आदेश के बाद अब रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा सीट का विधायक घोषित कर दिया गया है। विंध्य को मिलेगा विकास का नया हाईवे, सीधी सिंगरौली फोर लेन से प्रयागराज और वाराणसी से सीधे जुड़ेगा मध्य प्रदेश क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाने का आरोप रामनिवास रावत ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि उपचुनाव के दौरान मुकेश मल्होत्रा ने अपने नामांकन पत्र में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी थी। साथ ही याचिका में मल्होत्रा के खिलाफ दर्ज सभी छह आपराधिक मामलों का उल्लेख भी किया गया था। नवरात्रि में मुख्य द्वार पर करें ये आसान वास्तु उपाय, घर में आएगी सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि कोर्ट ने क्या कहा मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि उम्मीदवार द्वारा नामांकन में पूरी जानकारी देना अनिवार्य है। कोर्ट के कहना है कि जानकारी छिपाना चुनाव नियमों का उल्लंघन है। भारत ने समुद्र में पनडुब्बियों का अभेद्य किला तैयार किया, पाकिस्तान और चीन की नींद उड़ाने की तैयारी रामनिवास रावत बने नए विधायक अदालत ने अपने फैसले में कहा कि उपचुनाव में रामनिवास रावत दूसरे स्थान पर रहे थे। इसलिए मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त करते हुए रावत को विजयपुर विधानसभा सीट का नया विधायक घोषित किया जाता है। यह फैसला मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है और इससे विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव आ गया है।
विंध्य को मिलेगा विकास का नया हाईवे, सीधी सिंगरौली फोर लेन से प्रयागराज और वाराणसी से सीधे जुड़ेगा मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के लिए बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्ग-39 के सीधी सिंगरौली खंड के शेष 105 किलोमीटर फोर लेन निर्माण कार्य का अवॉर्ड जारी कर दिया है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना को अब गति मिलने जा रही है और उम्मीद है कि अप्रैल 2026 से इसका निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा। यह परियोजना न केवल विंध्य क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी बल्कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच व्यापार परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगी। सीधी सिंगरौली मार्ग को विंध्य क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। अभी तक इस मार्ग पर संकरी सड़कें और सीमित पुल होने के कारण यात्रियों और भारी वाहनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई जगहों पर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति भी बनती थी। लेकिन अब एनएचएआई इस सड़क को आधुनिक वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने जा रहा है जिससे आवागमन सुरक्षित और तेज हो सकेगा। इस परियोजना के तहत केवल सड़क का चौड़ीकरण ही नहीं होगा बल्कि बड़े पैमाने पर आधुनिक बुनियादी ढांचा भी विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार इस मार्ग पर तीन रेलवे ओवर ब्रिज और एक रेलवे अंडर ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके अलावा तीन बड़े पुल और 33 छोटे पुलों का निर्माण भी किया जाएगा। सड़क पर सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए कई अंडरपास भी बनाए जाएंगे जिनमें स्थानीय वाहनों की आवाजाही के लिए 11 व्हीकुलर अंडरपास और एक पैदल अंडरपास शामिल है। सड़क निर्माण के साथ ही आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम भी तैयार किया जाएगा ताकि बारिश के दौरान पानी जमा होने की समस्या से बचा जा सके। इसके तहत 85 बॉक्स कलवर्ट और 165 पाइप कलवर्ट बनाए जाएंगे जिससे सड़क के दोनों ओर बेहतर जल निकासी की व्यवस्था हो सकेगी। इस हाईवे के निर्माण से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच दूरी और यात्रा समय दोनों में कमी आएगी। खासतौर पर विंध्य क्षेत्र के जिलों की कनेक्टिविटी प्रयागराज मिर्जापुर रॉबर्ट्सगंज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों से सीधे और तेज तरीके से जुड़ जाएगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा और माल परिवहन अधिक सुगम हो सकेगा। सिंगरौली को देश का ऊर्जा हब माना जाता है जहां कोयला बिजली उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियां बड़े पैमाने पर होती हैं। ऐसे में बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से यहां से होने वाले लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन को नई गति मिलेगी। भारी वाहनों के लिए जंक्शन सुधार सर्विस रोड और बेहतर यातायात व्यवस्था भी इस परियोजना का हिस्सा है। इसके साथ ही विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए रीवा से सीधी के बीच फोर लेन हाईवे बनाने की योजना भी अंतिम चरण में है। इस परियोजना का अवॉर्ड जल्द जारी होने की संभावना है और मानसून के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा देवतालाब नईगढ़ी मार्ग के निर्माण से रीवा की कनेक्टिविटी प्रयागराज से और अधिक आसान हो जाएगी। कुल मिलाकर यह परियोजना विंध्य क्षेत्र के विकास व्यापार और परिवहन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सड़क नेटवर्क के मजबूत होने से न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
नवरात्रि में मुख्य द्वार पर करें ये आसान वास्तु उपाय, घर में आएगी सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि

नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में शक्ति साधना और मां दुर्गा की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रही है और नौ दिनों तक भक्त पूरे श्रद्धा भाव से देवी की पूजा अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय न केवल पूजा और व्रत का होता है बल्कि घर के वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक बनाने का भी उत्तम अवसर माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार ऊर्जा के प्रवेश का सबसे महत्वपूर्ण स्थान होता है। यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार की ऊर्जा घर में प्रवेश करती हैं। इसलिए नवरात्रि के दौरान मुख्य द्वार को साफ सुथरा पवित्र और शुभ प्रतीकों से सजाना विशेष रूप से लाभकारी माना गया है। नवरात्रि के दिनों में घर के मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाना बेहद शुभ माना जाता है। हिंदू परंपरा में तोरण को मंगल और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि आम के पत्तों का तोरण लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रुक जाता है। इसके साथ ही मुख्य द्वार को नियमित रूप से साफ रखना और उसे सजाकर रखना भी जरूरी माना जाता है क्योंकि स्वच्छता को भी शुभता का प्रतीक माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार नवरात्रि के दौरान स्नान के बाद मुख्य द्वार के दोनों ओर कुमकुम या हल्दी से स्वास्तिक का चिन्ह बनाना भी अत्यंत शुभ होता है। स्वास्तिक को सनातन परंपरा में मंगल सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही एक ओर शुभ और दूसरी ओर लाभ लिखने की परंपरा भी है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और परिवार में सुख समृद्धि का वातावरण बनता है। नवरात्रि के नौ दिनों में मुख्य द्वार के अंदर की ओर आते हुए माता लक्ष्मी के छोटे छोटे चरण चिह्न बनाना भी शुभ माना जाता है। यह प्रतीकात्मक रूप से इस बात का संकेत देता है कि घर में धन सौभाग्य और समृद्धि का आगमन हो रहा है। कई लोग चावल के आटे कुमकुम या रंगोली से ये चरण चिह्न बनाते हैं जिससे घर का वातावरण और भी पवित्र और आकर्षक बन जाता है। इसके अलावा वास्तु शास्त्र में एक और सरल उपाय बताया गया है। एक तांबे के बर्तन में साफ पानी भरकर उसमें गुलाब की पंखुड़ियां डालकर मुख्य द्वार के पास रखना शुभ माना जाता है। गुलाब की सुगंध और जल दोनों मिलकर वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और घर में शांति तथा सुख का भाव बढ़ाते हैं। नवरात्रि के दौरान सूर्यास्त के बाद मुख्य द्वार के पास घी का दीपक जलाने की परंपरा भी बहुत शुभ मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपक का प्रकाश नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में दिव्यता तथा सकारात्मकता का वातावरण बनाता है। कहा जाता है कि जब घर का मुख्य द्वार शुभ प्रतीकों दीपक की रोशनी और स्वच्छता से सुसज्जित रहता है तो वहां मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और परिवार में सुख शांति तथा समृद्धि का वास होता है।
भोपाल के होटल में 'खूनी' ड्रामा: पति के सीने पर बैठकर नर्स पत्नी ने ब्लेड से रेता शरीर, हमले के बाद पी शराब और सिगरेट

भोपाल। राजधानी के आनंद नगर स्थित ‘होटल कोमल पैलेस’ में शनिवार रात एक ऐसी वारदात हुई जिसने पति-पत्नी के रिश्ते को लहूलुहान कर दिया। सीहोर से भोपाल आई एक सरकारी नर्स ने मामूली विवाद के बाद अपने पति पर ब्लेड और कांच के गिलास से हमला कर दिया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला हमले के बाद बेखौफ होकर सिगरेट फूंकती और शराब पीती नजर आ रही है। विवाद की जड़: ‘खाने’ से शुरू हुआ झगड़ा, खून-खराबे पर थमापुणे की एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत राजकुमार (परिवर्तित नाम) अपनी पत्नी निलिमा (परिवर्तित नाम) से मिलने होटल पहुँचा था। निलिमा शाजापुर की रहने वाली है और पेशे से नर्स है। झगड़े का बहाना: निलिमा ने होटल में खाना ऑर्डर किया था, लेकिन राजकुमार ने यह कहकर मना कर दिया कि वह घर से खाकर आया है। बस इतनी सी बात पर विवाद बढ़ा और पूरी रात हंगामा चलता रहा। तड़के हमला: सुबह करीब 7 बजे जब राजकुमार की नींद खुली, तो वह सिहर उठा। उसकी पत्नी उसके सीने पर बैठी थी और हाथ में धारदार सर्जिकल ब्लेड था। बर्बरता: पेट और हाथ पर वार, बाथरूम में छिपकर बचाई जानराजकुमार के अनुसार, निलिमा ने उस पर ब्लेड से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। दाहिने हाथ और पेट पर गहरे जख्म होने के बाद जब उसने बचने की कोशिश की, तो पत्नी ने कांच का गिलास सिर पर दे मारा। खून से लथपथ राजकुमार जान बचाने के लिए बाथरूम की ओर भागा और बाद में होटल से निकलकर सीधे अस्पताल पहुँचा। रिश्ते का काला सच: ‘रेप केस’ से शुरू हुई थी शादीपुलिस जांच में इस विवाद की एक पुरानी और कड़वी परत भी सामने आई है: पुराना केस: निलिमा ने पहले राजकुमार के खिलाफ बलात्कार (Rape) का केस दर्ज कराया था। समझौता शादी: उस कानूनी पचड़े से बचने के लिए राजकुमार ने आर्य समाज मंदिर में उससे शादी कर ली थी। तनाव: शादी के बाद से ही दोनों के बीच अनबन चल रही थी। आरोप है कि राजकुमार उसे तलाक देने के लिए दबाव बना रहा था, जिससे निलिमा आक्रोशित थी। पुलिस की कार्रवाई और संदेहास्पद परिस्थितियांपिपलानी थाना पुलिस ने राजकुमार की शिकायत पर धारदार हथियार से हमला करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामला पूरी तरह एकतरफा नहीं लग रहा है। पति द्वारा दी गई जानकारी और मौके के वीडियो के आधार पर पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। “यह घटना रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और प्रतिशोध की भावना का चरम है। जहाँ एक नर्स (जीवनदायिनी) के हाथ में ब्लेड इलाज के लिए होना चाहिए था, वहां उसने इसे हिंसा का हथियार बना लिया। फिलहाल, भोपाल पुलिस इस ‘मिस्ट्री’ को सुलझाने में जुटी है।”
नरेला की वोटर लिस्ट पर घमासान: 6–7 लोगों के घर में 30–40 वोटर! दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग को दिए सबूत

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की नरेला विधानसभा सीट की मतदाता सूची को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता Digvijaya Singh ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को दस्तावेज और शपथपत्र सौंपे हैं। उनका दावा है कि नरेला क्षेत्र के कुछ मकानों के पते पर असामान्य रूप से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज कर दिए गए हैं, जबकि वास्तव में वहां इतने लोग रहते ही नहीं हैं। शुक्रवार को Election Commission of India के मध्यप्रदेश कार्यालय पहुंचकर दिग्विजय सिंह ने अधिकारियों से मुलाकात की और पूरे मामले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के बाद जारी हुई मतदाता सूची में कई जगह गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। उनके अनुसार कुछ घरों में जहां केवल 6 से 8 लोग रहते हैं, वहां मतदाता सूची में 30 से 40 तक नाम दर्ज कर दिए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। दिग्विजय सिंह ने करोंद क्षेत्र की रतन कॉलोनी के तीन मकानों के उदाहरण देते हुए कहा कि इन मामलों में मकान मालिकों ने बाकायदा शपथपत्र देकर बताया है कि उनके पते पर दर्ज कई मतदाता वहां कभी रहे ही नहीं। मकान नंबर 21 के मालिक हमीर सिंह यादव ने बताया कि उनके घर में कुल 6 कमरे हैं और परिवार के केवल चार सदस्य ही मतदाता हैं, जबकि सूची में लगभग 40 लोगों के नाम दर्ज बताए गए हैं। इसी तरह मकान नंबर 10 के मालिक कमलेश कुमार गुप्ता के अनुसार उनके घर में करीब आठ मतदाता रहते हैं, लेकिन मतदाता सूची में 36 नाम दर्ज हैं। वहीं मकान नंबर 2 के मालिक पोखन लाल साहू ने बताया कि उनके घर में सात मतदाता हैं, जबकि सूची में 37 नाम दर्ज किए गए हैं। मकान मालिकों ने अपने शपथपत्र में स्पष्ट कहा है कि जिन लोगों के नाम उनके पते पर दर्ज हैं, वे वहां कभी नहीं रहे और उन्हें उन व्यक्तियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) ने घर-घर जाकर सही तरीके से सत्यापन नहीं किया, जिसके कारण बड़ी संख्या में कथित फर्जी नाम मतदाता सूची में शामिल हो गए। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कई वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में नए नाम बिना उचित सत्यापन के जोड़ दिए गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, फर्जी नामों को तुरंत हटाया जाए और जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने दिग्विजय सिंह से शिकायत और दस्तावेज प्राप्त कर मामले की जांच का आश्वासन दिया है। इस दौरान उनके साथ रतन कुमार गुप्ता, पोखन लाल साहू, देव नारायण विश्वकर्मा सहित कांग्रेस के अन्य नेता और स्थानीय शिकायतकर्ता भी मौजूद रहे। अब इस मामले में आयोग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मतदाता सूची में वास्तव में गड़बड़ी हुई है या नहीं।