MP POLITICS: उमंग सिंघार ने आदिवासी इलाकों से बढ़ते पलायन पर सरकार पर साधा निशाना, बोले- ये गंभीर मानवीय संकट है

MP POLITICS: भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचलों से लगातार हो रहे पलायन को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहां बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार रोजगार, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन की तलाश में अपने ही राज्य से बाहर जाने को मजबूर हो रहे हैं। उनके अनुसार यह केवल आर्थिक समस्या नहीं बल्कि आदिवासी समाज के सम्मान और अस्तित्व से जुड़ा गंभीर मानवीय संकट है। सिंघार ने कहा कि सदियों से जल, जंगल और जमीन से जुड़े आदिवासी समुदाय आज अपने गांव और खेत छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने के लिए विवश हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का यह पलायन उनकी पहचान और सम्मान से जुड़ा एक गहरा सामाजिक संकट बनता जा रहा है। भाजपा सरकार की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार आदिवासियों के पलायन के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि वर्षों से सत्ता में रही सरकार दलित और आदिवासी समाज के मुद्दों पर केवल घोषणाएं और प्रचार तक सीमित रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी गौरव के नाम पर कार्यक्रम तो आयोजित किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आदिवासी परिवारों को रोजगार और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिसके कारण उन्हें प्रदेश छोड़कर जाना पड़ रहा है। मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचलों की यह तस्वीर बेहद चिंताजनक है। अपनी ही जल-जंगल-ज़मीन से जुड़े लोग आज रोज़गार, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन की तलाश में पलायन करने को मजबूर हैं। जिन हाथों को अपने गाँव, अपने खेत और अपनी संस्कृति को संवारना था, वे आज परदेस में मज़दूरी करने के लिए विवश हैं।… pic.twitter.com/ZrWmTtmjN2 — Umang Singhar (@UmangSinghar) March 9, 2026 सरकार की नीतियों की विफलता का स्पष्ट संकेत नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की भी कमी बनी हुई है। उनका कहना है कि जब किसी प्रदेश के मूल निवासी ही अपनी जमीन और गांव छोड़ने के लिए मजबूर हो जाएं, तो यह सरकार की नीतियों की विफलता का स्पष्ट संकेत है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों से हर वर्ष बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करते हैं। इस मुद्दे को लेकर अब कांग्रेस ने राज्य सरकार पर आदिवासी समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया है।
GWALIOR HOUSE FIRE: ग्वालियर में फटे पाइप वाली फायर ब्रिगेड के कारण आग बुझाने में 7 घंटे, एक महिला की मौत

GWALIOR HOUSE FIRE: ग्वालियर । ग्वालियर के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार शाम करीब 4 बजे बालाबाई बाजार स्थित एक व्यापारी के मकान में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से भड़क गई कि घर में मौजूद छह लोग खिड़कियों तक ही सीमित रह गए। फायर ब्रिगेड के दमकलकर्मियों ने पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला लेकिन घर की बहू अंकिता अग्रवाल का दम घुट गया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की खबर सुनते ही उनके पिता अशोक अग्रवाल को हार्ट अटैक आया और उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं लेकिन पाइप कई जगह से फटे हुए थे और पानी का बड़ा हिस्सा सड़क पर बहता रहा। कुछ स्थानीय लोग ईंट पत्थर लगाकर पाइप की लीकेज को बंद करने की कोशिश करते रहे। कई गाड़ियों में पानी का प्रेशर कम होने के कारण आग पर काबू पाने में लगातार देरी होती रही। बालाबाई बाजार का इलाका संकरा होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को अंदर तक पहुंचने में भी समस्या आई। खराब पाइप लीकेज और कम प्रेशर वाली गाड़ियों ने आग बुझाने की प्रक्रिया को और धीमा कर दिया। नतीजतन आग को काबू में करने में सात घंटे से ज्यादा का समय लग गया। फायर ब्रिगेड की 10 से अधिक गाड़ियों के साथ टैंकरों से भी पानी मंगाया गया। अपर आयुक्त प्रदीप तोमर के अनुसार 35 से अधिक फायर ब्रिगेड गाड़ियों का पानी आग बुझाने में इस्तेमाल हुआ। एसडीआरएफ की टीम भी राहत कार्य में लगी रही। मध्य प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि अगर पहली फायर ब्रिगेड की गाड़ी पूरी तरह से कार्यशील होती तो आग को शुरुआती समय में ही नियंत्रित किया जा सकता था।कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि फायर ब्रिगेड वाहनों की नियमित सर्विसिंग और टेस्टिंग जरूरी है। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को जानकारी देने और फायर ब्रिगेड व्यवस्थाओं की जांच कराने के निर्देश दिए। इस हादसे ने ग्वालियर में फायर ब्रिगेड की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं और शहर में आपातकालीन प्रतिक्रिया में सुधार की आवश्यकता को स्पष्ट कर दिया।
Pandit Deendayal Upadhyay training: जबलपुर में भाजपा का पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान शुरू, मुख्यमंत्री बोले- संगठन की ताकत ही पार्टी की सफलता का आधार

Pandit Deendayal Upadhyay training: जबलपुर । जबलपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के तहत भाजपा का बड़ा संभागीय प्रशिक्षण अभियान आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश गुजरात के संगठन महामंत्री रत्नाकर सहित वरिष्ठ मंत्री विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाना और प्रशिक्षण का क्रम जारी रखना ही भाजपा को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनाता है। उन्होंने बताया कि सरकार जनहित के कार्यों में अपने संगठन की शक्ति का उपयोग करती है। डॉ. यादव ने कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक कौशल वैचारिक स्पष्टता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रशिक्षण वर्ग की महत्ता पर जोर दिया। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि भाजपा अपने उद्देश्यों को मिशन की तरह आगे बढ़ा रही है और इसके लिए प्रशिक्षण और ओरिएंटेशन कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने जूडा की हड़ताल पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा और सभी कार्यकर्ताओं से ड्यूटी पर लौटने का आग्रह किया। प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर से कार द्वारा जबलपुर पहुंचे और रानीताल स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल हुए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह भी प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने जबलपुर पहुंची। कार्यशाला में जबलपुर रीवा शहडोल और छिंदवाड़ा संभाग के 19 जिलों से लगभग 400 प्रशिक्षार्थी कार्यकर्ता शामिल हैं। प्रातः 11 बजे पंजीयन और दोपहर 12:30 बजे उद्घाटन सत्र हुआ जिसमें वरिष्ठ नेताओं ने मार्गदर्शन प्रदान किया। उद्घाटन के बाद विभिन्न विषयगत सत्रों में विशेषज्ञ और वक्ता कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक वैचारिक और नेतृत्व संबंधी प्रशिक्षण देंगे। कार्यशाला के माध्यम से कार्यकर्ताओं को अपने विचारों के प्रति प्रतिबद्ध रहकर जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। भाजपा का यह प्रशिक्षण महाभियान चार संभागों में आयोजित किया गया है और इसका उद्देश्य संगठन की मजबूती के साथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय और सक्षम बनाना है।
MR vaccination: रतलाम में 10 बच्चों को खसरा, स्वास्थ्य विभाग सक्रिय; एमआर वैक्सीनेशन और विटामिन-ए अभियान जारी

MR vaccination: रतलाम । रतलाम जिले के बाजना विकासखंड में मीजल्स यानी खसरा के 10 मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। शनिवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संध्या बेलसरे ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और बच्चों की हालत का जायजा लिया। विभाग के मुताबिक बच्चों की स्थिति अब नियंत्रण में है। मरीजों में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चे शामिल हैं। होली पर बाहर गए कुछ बच्चे वापस भी पलायन कर गए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांवों में भ्रमण कर बच्चों को आवश्यक उपचार सलाह और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है। मामले में संबंधित एएनएम के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। शुक्रवार को डब्ल्यूएचओ के सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डॉ. रितेश बजाज जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वर्षा कुरील बीएमओ बाजना डॉ. जितेंद्र जायसवाल और स्वास्थ्य विभाग का अमला प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचा। टीम ने ग्राम बोरपाड़ा और रूपाखेड़ा में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को एमआर वैक्सीनेशन के साथ विटामिन ए का घोल भी पिलाया। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वर्षा कुरील ने बताया कि खसरा एक संक्रामक वायरल बीमारी है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार खांसी बहती नाक लाल और पानी भरी आंखें और पूरे शरीर पर लाल भूरे रंग के दाने शामिल हैं। दाने आने से पहले मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे कोप्लिक स्पाट्स भी दिखाई दे सकते हैं। वायरस के संपर्क में आने के 10 से 14 दिन बाद ये लक्षण प्रकट होते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार क्षेत्र में नोटिफिकेशन जारी करने घर घर जाकर स्वास्थ्य शिक्षा देने और अतिरिक्त टीकाकरण सत्र आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार कर ली है। बच्चों की हालत अब बेहतर है और विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है। मरीजों के इलाज और संक्रमण रोकने के लिए एमआर वैक्सीनेशन और विटामिन ए अभियान लगातार जारी रहेगा।
MP DOCTORS STIRKE: मध्यप्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 8 हजार जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर, ओपीडी बंद; सामान्य ऑपरेशन भी टलेंगे

MP DOCTORS STIRKE: भोपाल । मध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सोमवार से स्वास्थ्य सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हो गई हैं। लंबित स्टाइपेंड संशोधन और एरियर भुगतान की मांग को लेकर प्रदेशभर के करीब 8 हजार जूनियर डॉक्टर सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न हड़ताल पर चले गए हैं। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर सुबह 9 बजे से शुरू हुई इस हड़ताल के कारण ओपीडी सेवाएं बंद हो गई हैं और सामान्य ऑपरेशन भी फिलहाल टाल दिए गए हैं। राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज समेत प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इसका सीधा असर मरीजों पर दिखाई दे रहा है। यहां स्त्री रोग विभाग में पीपीटीसीटी काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर फर्टिलिटी क्लिनिक एएनसी रूम सहित कई व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। आमतौर पर इन विभागों की जिम्मेदारी सीनियर डॉक्टरों के साथ जूनियर डॉक्टर भी संभालते हैं लेकिन हड़ताल के कारण मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ओपीडी के बाहर सुबह से मरीज अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। इलाज के लिए पहुंचे मरीज अनवर ने बताया कि वह सुबह से अस्पताल में भटक रहे हैं। पैरों में दर्द सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वह काफी परेशान हैं लेकिन डॉक्टरों के हड़ताल पर होने से उन्हें इलाज नहीं मिल पा रहा है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तब तक वे ओपीडी सेवाएं नहीं देंगे। साथ ही ऑपरेशन थिएटर में भी केवल अति गंभीर मरीजों का ही इलाज किया जाएगा। इसका मतलब है कि हर्निया रॉड इंप्लांट और अन्य सामान्य ऑपरेशन फिलहाल टल सकते हैं जिससे कई मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। JDA के मुताबिक शासन के आदेश के अनुसार सीपीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन एक अप्रैल 2025 से लागू होना था लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है और न ही अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। JDA के प्रतिनिधि डॉ. ब्रिजेंद्र ने बताया कि 7 जून 2021 को जारी शासनादेश के अनुसार स्टाइपेंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर संशोधन का प्रावधान है। इसके बावजूद निर्धारित समय पर संशोधन लागू नहीं किया गया। इस कारण प्रदेशभर के रेजिडेंट डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन और विभागाध्यक्षों को पत्र सौंपकर हड़ताल की सूचना दे दी है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि आपातकालीन सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी ताकि गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। गौरतलब है कि जूनियर डॉक्टर पिछले तीन दिनों से काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य केवल शासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करना है। यदि सरकार जल्द निर्णय लेती है तो आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा लेकिन मांगों की अनदेखी होने पर विरोध को और तेज किया जा सकता है। उधर JDA जबलपुर के प्रेसिडेंट डॉ. शुभम शर्मा सोमवार दोपहर उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात करेंगे। इस बैठक के बाद ही आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
Betul road accident: डीजल बचाने के चक्कर में बेकाबू हुआ कंटेनर, डिवाइडर तोड़ बाइक पर पलटा; बिजली कर्मचारी की मौत, पत्नी-बेटा घायल

Betul road accident: नर्मदापुरम । बैतूल-नागपुर फोरलेन पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में नर्मदापुरम के 38 वर्षीय बिजली कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी और सात वर्षीय बेटा घायल हो गए। हादसा ग्राम झिटापाटी जोड़ के पास सुबह करीब 10.30 बजे हुआ जब तेज रफ्तार कंटेनर ढलान पर बेकाबू होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में जा पलटा और सामने से आ रही बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस के मुताबिक नर्मदापुरम निवासी विकास झरबड़े अपनी पत्नी मीनाक्षी 34 और बेटे दिवांश 7 के साथ बाइक से मोहरखेड़ा गांव जा रहे थे। परिवार वहां एक रिश्तेदार के तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकला था। इसी दौरान चेन्नई से आठ कार लेकर कोटा जा रहा एक कंटेनर झिटापाटी जोड़ के पास घाट क्षेत्र में अनियंत्रित हो गया। बताया जा रहा है कि कंटेनर चालक डीजल बचाने के उद्देश्य से वाहन को न्यूट्रल में डालकर ढलान में उतार रहा था। ढलान पर अचानक वाहन की रफ्तार तेज हो गई और चालक कंटेनर पर से नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार कंटेनर करीब दस डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पहुंच गया और पलट गया। इसी समय सामने से आ रही विकास झरबड़े की बाइक कंटेनर की चपेट में आ गई। भारी कंटेनर के नीचे दबकर बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई और विकास झरबड़े की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उनकी पत्नी मीनाक्षी और बेटा दिवांश गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें तत्काल स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। कंटेनर के टैंक से डीजल रिसने लगा था जिससे आग लगने का खतरा पैदा हो गया था। स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा के इंतजाम करते हुए क्रेन की मदद से पलटे कंटेनर को हटाया गया। इस दौरान करीब दो घंटे तक फोरलेन पर यातायात बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई। थाना प्रभारी अंजना धुर्वे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंटेनर चालक घाट क्षेत्र में वाहन को न्यूट्रल में डालकर उतार रहा था जिससे ढलान में वाहन की गति अचानक बढ़ गई और चालक नियंत्रण खो बैठा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है वहीं मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
Mosque dispute: जश्न के बीच हुड़दंग: शाजापुर में मस्जिद के पास सुतली बम, देवास में CSP समेत दो पुलिसकर्मी घायल

Mosque dispute: शाजापुर । टीम इंडिया की जीत का जश्न जहां पूरे प्रदेश में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया वहीं कुछ स्थानों पर यह खुशी हुड़दंग और विवाद का कारण भी बन गई। मध्यप्रदेश के शाजापुर और देवास में जश्न के दौरान हुई घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शाजापुर में मस्जिद के पास सुतली बम फेंकने से तनाव की स्थिति बन गई जबकि देवास में पटाखों की चपेट में आने से सीएसपी समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। शाजापुर जिले में रविवार रात भारत के टी 20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद बड़ी संख्या में युवक बाइक रैली निकालकर जश्न मना रहे थे। इसी दौरान कुछ बाइक सवार युवक किला रोड क्षेत्र से गुजर रहे थे। आरोप है कि इसी बीच किसी युवक ने पीपलपत्ता मस्जिद के पास सुतली बम फेंक दिया। बम के फूटते ही नाली का कीचड़ उछलकर मस्जिद की दीवार पर फैल गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में समाजजन वहां इकट्ठा हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है। फुटेज में कई बाइक सवार युवक जश्न मनाते हुए दिखाई दे रहे हैं और उसी दौरान एक युवक बम फेंकते हुए नजर आ रहा है। घटना के बाद पीपलपत्ता मस्जिद कमेटी ने कोतवाली थाने में लिखित आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। वहीं दूसरी ओर देवास में भी जश्न के दौरान हुड़दंग की घटना सामने आई। शहर के सयाजी द्वार क्षेत्र में भारतीय टीम की जीत का जश्न मनाया जा रहा था। इस दौरान कुछ युवकों ने पटाखे एक दूसरे पर फेंकना शुरू कर दिया जिससे स्थिति बेकाबू हो गई। इसी बीच जलते हुए बम पुलिसकर्मियों के पास जाकर फूट गए। इस घटना में देवास के सीएसपी सुमित अग्रवाल समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर सख्ती दिखाई और हुड़दंग कर रहे लोगों को वहां से हटाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जीत का जश्न शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाना चाहिए लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही और हुड़दंग के कारण ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
India vs New Zealand: टीम इंडिया की जीत से इंदौर-उज्जैन झूमे: राजवाड़ा से टॉवर चौक तक तिरंगा, आतिशबाजी और जश्न की गूंज

India vs New Zealand: नई दिल्ली । टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत ने मध्यप्रदेश के इंदौर और उज्जैन में उत्साह की लहर दौड़ा दी। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए टी20 फाइनल में भारत की शानदार जीत के बाद दोनों शहरों में देर रात तक जश्न का माहौल बना रहा। क्रिकेट प्रेमियों ने सड़कों पर उतरकर तिरंगा लहराया आतिशबाजी की और ढोल ताशों की थाप पर नाचते गाते अपनी खुशी का इजहार किया। इंदौर में जीत की खुशी का सबसे बड़ा नजारा शहर के ऐतिहासिक राजवाड़ा क्षेत्र में देखने को मिला। जैसे ही मैच खत्म हुआ और भारत की जीत की घोषणा हुई बड़ी संख्या में युवा और क्रिकेट प्रेमी राजवाड़ा पहुंच गए। हाथों में तिरंगा लिए युवाओं की टोलियां भारत माता की जय और इंडिया इंडिया के नारों के साथ सड़कों पर उतर आईं। पूरे क्षेत्र में पटाखों की गूंज सुनाई देने लगी और आसमान रंग बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। कई स्थानों पर लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक जीत की खुशी साझा की। ढोल ताशों की धुन पर युवा देर रात तक नाचते रहे और शहर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। इधर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में भी रविवार का दिन खुशियों की त्रिवेणी लेकर आया। सुबह से ही शहर में रंगपंचमी का उल्लास छाया हुआ था वहीं दोपहर में नारी शक्ति सम्मान के कार्यक्रमों ने उत्सव के माहौल को और भी खास बना दिया। दिनभर के उत्सव के बाद रात को असली रोमांच तब शुरू हुआ जब टीम इंडिया ने फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को करारी शिकस्त दी। जैसे जैसे भारतीय टीम जीत के करीब पहुंचती गई वैसे वैसे शहरवासियों की धड़कनें भी तेज होती गईं। मैच खत्म होने से पहले ही उज्जैन के टॉवर चौक पर लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। जैसे ही भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों के बड़े अंतर से हराकर तीसरी बार टी20 विश्व कप पर कब्जा जमाया वैसे ही पूरा शहर खुशी से झूम उठा। टॉवर चौक पर हजारों लोग इकट्ठा हो गए और जमकर आतिशबाजी की। पूरा आसमान दूधिया रोशनी और पटाखों की चमक से जगमगा उठा जिससे माहौल दीपावली जैसा दिखाई देने लगा। लोगों ने भारत माता की जय इंडिया इंडिया और बूम बूम बुमराह के नारों से माहौल को गुंजायमान कर दिया। युवाओं ने तिरंगा लहराते हुए सड़कों पर जुलूस निकाले और देर रात तक जीत का जश्न मनाया। शहरवासियों का कहना था कि एक ही दिन में रंगपंचमी का उत्सव नारी शक्ति का सम्मान और टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाना किसी यादगार संयोग से कम नहीं है। क्रिकेट प्रेमियों ने इस जीत को भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि टीम इंडिया ने खिताब का सफल बचाव कर देश को एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दी है। यही कारण है कि इंदौर और उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में जीत की यह खुशी देर रात तक सड़कों पर दिखाई देती रही और हर तरफ तिरंगा आतिशबाजी और देशभक्ति के नारों की गूंज सुनाई देती रही।
OTT Release March 2026: OTT पर मनोरंजन की बहार: 9 से 15 मार्च के बीच 22 नई फिल्में और सीरीज देंगी धमाकेदार एंटरटेनमेंट

OTT Release March 2026: नई दिल्ली । मार्च के दूसरे हफ्ते में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर मनोरंजन का जबरदस्त तड़का लगने वाला है। 9 मार्च से 15 मार्च 2026 के बीच नेटफ्लिक्स जियोहॉटस्टार अमेजन प्राइम वीडियो जी5 और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर कुल 22 फिल्में और वेब सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। इस हफ्ते दर्शकों को एक्शन रोमांस थ्रिलर कॉमेडी और फैमिली ड्रामा का शानदार मिश्रण देखने को मिलेगा। ऐसे में जो लोग वीकेंड पर घर बैठकर फिल्में और सीरीज देखने का शौक रखते हैं उनके लिए यह सप्ताह खास रहने वाला है। 9 मार्च को जियोहॉटस्टार पर कई दिलचस्प कंटेंट रिलीज हो रहे हैं। इनमें कॉमेडी सीरीज रूस्टर खास चर्चा में है जिसके जरिए स्टीव कैरेल लंबे समय बाद टीवी कॉमेडी में वापसी कर रहे हैं। इसके अलावा मुनव्वर फारुकी और श्रेया कालरा के लोकप्रिय रियलिटी शो द सोसाइटी का दूसरा सीजन भी इसी दिन से शुरू हो रहा है। वहीं मशहूर सिंगर हैरी स्टाइल्स के शानदार कॉन्सर्ट पर आधारित एक खास प्रस्तुति भी दर्शकों को देखने को मिलेगी। 10 मार्च को नेटफ्लिक्स पर चर्चित सीरीज वन पीस लाइव एक्शन का दूसरा सीजन रिलीज होगा। पहले सीजन में लुफी अपनी टीम बना चुका था और अब नए सीजन में वह अपने साथियों के साथ ग्रैंड लाइन में प्रवेश करने की कोशिश करता नजर आएगा। रोमांच और एडवेंचर से भरी यह कहानी दर्शकों को फिर से एक नई दुनिया में ले जाएगी। 11 मार्च को अमेजन एमएक्स प्लेयर पर राजनीतिक ड्रामा संकल्प रिलीज होगी। इसमें नाना पाटेकर एक ऐसे नेता की भूमिका निभा रहे हैं जो व्यवस्था में बदलाव लाने का संकल्प लेता है लेकिन भ्रष्ट सिस्टम और उसके अपने अतीत के रहस्य उसके रास्ते में बड़ी चुनौती बन जाते हैं। प्रकाश झा के साथ उनका यह प्रोजेक्ट काफी चर्चा में है। 12 मार्च को नेटफ्लिक्स पर ट्रैवल डॉक्यूमेंट्री सीरीज मेड इन कोरिया रिलीज होगी जिसमें कोरिया के मशहूर खाने फैशन स्किनकेयर और वहां की संस्कृति को करीब से दिखाया जाएगा। इसी दिन लोकप्रिय रोमांटिक ड्रामा वर्जिन रिवर का सातवां सीजन भी आएगा जिसमें मेल और उसके पिता एवरेट रीड के रिश्ते की कहानी को और गहराई से दिखाया जाएगा। इसके अलावा गुजराती फिल्म नानखटाई हैदराबादी संस्कृति पर आधारित फिल्म नवाब कैफे भी अपने अलग अंदाज में दर्शकों का मनोरंजन करेंगी। 13 मार्च को कई बड़ी रिलीज देखने को मिलेंगी। अमेजन प्राइम वीडियो पर युवाओं की पसंदीदा सीरीज एस्पिरेंट्स का तीसरा सीजन आएगा जिसमें अभिलाष और संदीप भैया के बीच टकराव की कहानी आगे बढ़ेगी। वहीं जियोहॉटस्टार पर जूटोपिया 2 रिलीज होगी जिसमें जुडी हॉप्स और निक वाइल्ड एक नए अपराधी का पीछा करते नजर आएंगे। इसी दिन जी5 पर एक्शन ड्रामा लैंडलॉर्ड मॉडर्न रोमांटिक कॉमेडी पूकी फैमिली ड्रामा नांगल कुकिंग ड्रीम पर आधारित सीरीज रिसॉर्ट और कॉमेडी ड्रामा फंकी भी रिलीज होंगे। साथ ही शादीशुदा जिंदगी की मजेदार समस्याओं पर आधारित फिल्म भारत महासयुलाकु विग्न्याप्ति भी दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार है।14 मार्च को जी5 पर रोमांटिक थ्रिलर अंधा प्यार 2.0 रिलीज होगी जिसमें एक प्रेमी जोड़े की कहानी है जो एक दूसरे के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं लेकिन उनके अतीत का एक रहस्य उनकी जिंदगी को बदल देता है। वहीं 15 मार्च को जियोहॉटस्टार पर कई नई सीरीज रिलीज होंगी जिनमें मैड फॉर इच अदर द फैमिली मैकमुलन और द मैडिसन शामिल हैं। खासतौर पर द मैडिसन में मिशेल फिफर न्यूयॉर्क की चकाचौंध भरी जिंदगी छोड़कर मोंटाना की शांत वादियों में नई शुरुआत करती नजर आएंगी।कुल मिलाकर यह हफ्ता ओटीटी दर्शकों के लिए बेहद खास रहने वाला है। अलग अलग भाषाओं और जॉनर की इन फिल्मों और सीरीज के साथ मनोरंजन का पूरा पैकेज मिलने वाला है।
Jupiter Transit 2026: 11 मार्च से गुरु होंगे मार्गी, धनु-मीन और कर्क राशि के लिए खुलेंगे सफलता के नए द्वार

Jupiter Transit 2026: नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, सौभाग्य, समृद्धि और वैवाहिक सुख का कारक ग्रह माना जाता है। जब भी गुरु अपनी चाल बदलते हैं तो उसका असर सभी राशियों के जीवन पर अलग-अलग रूप में दिखाई देता है। इसी क्रम में 11 मार्च 2026 को बृहस्पति अपनी वक्री चाल को समाप्त कर मार्गी होने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में गुरु का मार्गी होना बेहद शुभ माना जाता है, क्योंकि इससे जीवन के कई क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन आने की संभावना बढ़ जाती है। खासतौर पर तीन राशियों के लिए यह खगोलीय परिवर्तन विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार गुरु की सीधी चाल से करियर, शिक्षा, धन और पारिवारिक जीवन में नई संभावनाएं बनती हैं। इस बार गुरु का मार्गी गोचर विशेष रूप से धनु, मीन और कर्क राशि के जातकों के लिए काफी शुभ संकेत दे रहा है। इन राशियों के लोगों के जीवन में लंबे समय से चल रही बाधाएं दूर हो सकती हैं और नई उपलब्धियों के रास्ते खुल सकते हैं। सबसे पहले बात करें धनु राशि की, तो इस राशि के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह हैं। ऐसे में गुरु का मार्गी होना धनु राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। 11 मार्च के बाद से रुके हुए कार्यों में तेजी आने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें उनकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। आर्थिक दृष्टि से भी यह समय मजबूत रहने वाला है और आय के नए स्रोत बनने के योग बन सकते हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और जीवनसाथी के साथ रिश्ते पहले से अधिक मजबूत हो सकते हैं। मीन राशि के जातकों के लिए भी गुरु का मार्गी होना भाग्य में बड़ा बदलाव ला सकता है। चूंकि इस राशि के स्वामी भी गुरु ग्रह ही हैं, इसलिए इसका प्रभाव अधिक सकारात्मक हो सकता है। रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं और करियर में नई दिशा मिल सकती है। कार्यस्थल पर आ रही समस्याओं को सुलझाने में वरिष्ठों और अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन काफी मददगार साबित होगा। यदि किसी ने पहले से निवेश कर रखा है तो इस दौरान लाभ मिलने की संभावना है। विवाह योग्य लोगों के लिए अच्छे रिश्ते आने के योग बन सकते हैं और पारिवारिक माहौल भी खुशहाल रहेगा। वहीं कर्क राशि के जातकों के लिए भी गुरु का मार्गी होना शुभ फल देने वाला माना जा रहा है। इस दौरान उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है और समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह समय विस्तार और नई योजनाओं को सफल बनाने वाला हो सकता है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत और कार्यक्षमता की सराहना होगी। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होने के योग बनेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, जिससे घर में सुख-सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है। परिवार में मांगलिक कार्यों के आयोजन की संभावना भी बन सकती है और जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। ज्योतिष के अनुसार गुरु का यह मार्गी गोचर कई लोगों के जीवन में नई उम्मीद और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आ सकता है। हालांकि किसी भी ग्रह के प्रभाव का सटीक परिणाम व्यक्ति की जन्म कुंडली और ग्रह स्थितियों पर भी निर्भर करता है, फिर भी इन तीन राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।