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GOLMAL 5: गोलमाल 5 में अक्षय कुमार की धमाकेदार एंट्री! अजय देवगन के सामने निभा सकते हैं विलेन का किरदार

  GOLMAL 5:  नई दिल्ली । बॉलीवुड की लोकप्रिय कॉमेडी फ्रेंचाइजी Golmaal की अगली किस्त Golmaal 5 को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्साह बना हुआ है। लंबे समय से फैंस इस फिल्म के ऐलान और नई अपडेट्स का इंतजार कर रहे हैं। अब फिल्म से जुड़ी एक दिलचस्प खबर सामने आई है, जिसके अनुसार बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’ अक्षय कुमार इस फिल्म में अहम भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के निर्देशक रोहित शेट्टी ने अक्षय कुमार को फिल्म की कहानी सुनाई, जो उन्हें काफी पसंद आई। यही वजह है कि अभिनेता ने बिना देर किए इस फिल्म के लिए हामी भर दी। खास बात यह है कि इस बार अक्षय कुमार फिल्म में पारंपरिक हीरो की बजाय एक दिलचस्प विलेन के किरदार में दिखाई दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि उनका रोल भले ही सीमित दिनों की शूटिंग वाला होगा, लेकिन कहानी में काफी प्रभावशाली होगा। खबरों के अनुसार, अक्षय कुमार इस फिल्म की शूटिंग करीब 18 दिनों में पूरी करेंगे। इस फिल्म की एक और खास बात यह होगी कि इसमें अक्षय कुमार और अजय देवगन लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर एक साथ नजर आएंगे। दोनों सुपरस्टार्स की जोड़ी को दर्शक हमेशा पसंद करते आए हैं। हालांकि हाल के वर्षों में दोनों कलाकारों ने एक साथ कैमियो जरूर किया है। सूर्यवंशी और सिम्बा में दोनों की झलक देखने को मिली थी, लेकिन किसी फिल्म में उनकी पूरी मौजूदगी काफी समय बाद देखने को मिल सकती है। बताया जा रहा है कि गोलमाल 5 में अजय देवगन और अक्षय कुमार के बीच की केमिस्ट्री बेहद मजेदार होगी। फिल्म में दोनों के किरदारों के बीच टॉम एंड जैरी जैसी नोकझोंक और हल्की-फुल्की टक्कर देखने को मिल सकती है, जो दर्शकों को खूब गुदगुदाएगी। यही वजह है कि फैंस इस खबर के सामने आने के बाद से काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। फिल्म की स्टारकास्ट की बात करें तो फ्रेंचाइजी के पुराने और पसंदीदा कलाकार भी एक बार फिर दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार हैं। इसमें शरमन जोशी, कुणाल खेमू, तुषार कपूर और अरशद वारसी जैसे कलाकार शामिल होंगे, जिन्होंने पिछले हिस्सों में अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया था। रोहित शेट्टी की फिल्मों की पहचान हाई-एनर्जी एक्शन, शानदार लोकेशन्स और जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग से होती है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि गोलमाल 5 भी दर्शकों के लिए फुल एंटरटेनमेंट पैकेज साबित होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फिल्म साल 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। अगर अक्षय कुमार सच में इस फिल्म में विलेन की भूमिका निभाते हैं, तो यह दर्शकों के लिए एक नया और रोमांचक अनुभव होगा। वहीं अजय देवगन और अक्षय कुमार की जोड़ी को फिर से बड़े पर्दे पर देखने का मौका मिलना भी फैंस के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं होगा।

T20 World Cup 2026: टीम इंडिया को चैंपियन बनने पर मिले इतने करोड़, कीवी टीम भी मालामाल

नई दिल्‍ली । टी20 विश्व कप 2026 में भारत ने अपने घर में खिताब जीतकर इतिहास रचा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 8 मार्च की शाम खेले गए फाइनल में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराया। भारत ने 20 ओवर में 255 रन बनाकर कीवी टीम के लिए चुनौती तय की, जिसे न्यूजीलैंड केवल 159 रन तक ही पार कर सकी। इस जीत के साथ टीम इंडिया तीसरी बार टी20 विश्व कप की ट्रॉफी जीतने में सफल रही और अब सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाला देश बन गया। ICC का रिकॉर्ड प्राइज पूल टी20 विश्व कप 2026 के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने कुल 13.5 मिलियन डॉलर यानी लगभग 123.77 करोड़ रुपये का प्राइज पूल तय किया। यह 2024 की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत ज्यादा है। पिछली बार भी टीम इंडिया चैंपियन बनी थी, तब उसे 2.45 मिलियन डॉलर और फाइनल में हारने वाली दक्षिण अफ्रीका को 1.28 मिलियन डॉलर मिले थे। इस बार टीम इंडिया को इससे भी ज्यादा राशि दी गई। विजेता टीम इंडिया की कमाई चैंपियन बनने के नाते टीम इंडिया को 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 27.48 करोड़ रुपये) की प्राइज मनी मिली। यह ऐतिहासिक जीत न सिर्फ क्रिकेट के रिकॉर्ड में दर्ज हुई, बल्कि वित्तीय रूप से भी टीम के लिए एक बड़ी सफलता रही। फाइनल हारने वाली न्यूजीलैंड की कमाई फाइनल में हारने के बावजूद न्यूजीलैंड की टीम भी मालामाल हुई। रनर-अप टीम को 1.6 मिलियन डॉलर यानी लगभग 14.65 करोड़ रुपये मिले। सेमीफाइनल में हारने वाली टीमों की प्राइज मनी सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली लेकिन फाइनल में नहीं पहुंच सकने वाली साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड को 790,000 डॉलर (लगभग 7.24 करोड़ रुपये) की राशि दी गई। सुपर 8 स्टेज की टीमों को पुरस्कार सुपर 8 स्टेज तक पहुंचकर सेमीफाइनल में जगह न बना पाने वाली टीमों को 380,000 डॉलर (करीब 3.48 करोड़ रुपये) की प्राइज मनी मिली। इसमें जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं। ग्रुप स्टेज की टीमों को प्राइज ग्रुप स्टेज में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों को भी 250,000 डॉलर (लगभग 2.29 करोड़ रुपये) की गारंटीड प्राइज मनी दी गई।

Osman Hadi Murder case: बंगाल में पकड़े गए बांग्लादेश के दो आरोपी, युवा नेता हादी की हत्या में बताए जा रहे शामिल

Osman Hadi Murder case:  कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सीमा के पास पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन पर बांग्लादेश के युवा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शरिफ उस्मान हादी की हत्या में शामिल होने का आरोप है।पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बोंगांव सीमा क्षेत्र में छापेमारी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक आरोपी भारत में छिपे हुए थे और मौका मिलते ही वापस बांग्लादेश भागने की योजना बना रहे थे। गुप्त सूचना के बाद हुई कार्रवाई पुलिस को सूचना मिली थी कि बांग्लादेश में गंभीर अपराध करने के बाद दो लोग अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए हैं। इसके बाद STF ने बोंगांव इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। 7 और 8 मार्च की रात छापेमारी कर दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी पहचान राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों पर हत्या और वसूली जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। मेघालय सीमा से भारत में घुसे जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी मेघालय सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे। इसके बाद वे अलग-अलग जगहों पर घूमते रहे और अंत में पश्चिम बंगाल के बोंगांव इलाके में पहुंच गए। पुलिस को शक है कि वे कुछ समय तक सीमा के पास छिपे रहने के बाद फिर से बांग्लादेश भागने की योजना बना रहे थे। ढाका में हुई थी गोली मारकर हत्या जानकारी के अनुसार 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में शरिफ उस्मान हादी पर उस समय हमला किया गया था जब वह रिक्शा से यात्रा कर रहे थे। हमलावरों ने करीब से गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बेहतर इलाज के लिए 15 दिसंबर को उन्हें एयर एंबुलेंस से सिंगापुर भेजा गया, लेकिन 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद ढाका में प्रदर्शन हादी की मौत के बाद ढाका में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। उनके समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग की थी। उस समय मोहम्मद यूनुस ने इस घटना के बाद राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया था। बताया जाता है कि हादी को फरवरी 2026 के राष्ट्रीय चुनाव में ढाका-8 सीट से संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था। आगे की जांच जारी पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और भारत में आने के बाद आरोपियों ने किन लोगों से संपर्क किया।

Kerala CM’s statement: ईरान के समर्थन पर सियासी घमासान: केरल CM के बयान से BJP नाराज

Kerala CM’s statement: नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत की राजनीति पर भी दिखाई देने लगा है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन द्वारा ईरान के समर्थन में दिए गए बयान को लेकर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया है।भाजपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री का बयान “तुष्टीकरण की राजनीति” से प्रेरित है। भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साधा निशाना राजधानी तिरुवनंतपुरम में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री विजयन के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ईरान पर हुए हमलों की तो आलोचना कर रहे हैं, लेकिन ईरान द्वारा Gulf Cooperation Council के सदस्य देशों पर किए जा रहे हमलों पर चुप हैं।चंद्रशेखर ने कहा कि इन खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में मलयाली लोग रहते हैं, इसलिए राज्य सरकार को उनकी सुरक्षा को भी ध्यान में रखना चाहिए। ‘केवल ईरान के बारे में ही क्यों बोल रहे हैं?’ भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा, “आप सिर्फ ईरान के बारे में ही क्यों बोल रहे हैं? क्या यह आपकी तुष्टीकरण की राजनीति का हिस्सा नहीं है? ईरान द्वारा किए गए हमलों की आप निंदा क्यों नहीं करते?” भाजपा का क्या है रुख? इस मुद्दे पर भाजपा के रुख को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा या केंद्र सरकार ईरान के खिलाफ नहीं है। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता और किसी भी विवाद को कूटनीतिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार ने ही ईरानी जहाज को कोच्चि बंदरगाह पर लंगर डालने की अनुमति दी थी। विजयन ने क्या कहा था?दरअसल, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की आलोचना की थी। उनका कहना था कि इन हमलों का कोई उचित कारण नहीं है और यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ शक्तिशाली देश मिलकर वैश्विक शांति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या को अमानवीय और क्रूर बताया और भारत सरकार से इस पर विरोध दर्ज कराने की मांग की थी। मुख्यमंत्री के इसी बयान को लेकर अब केरल में सियासी विवाद तेज हो गया है।

PROTOCOL CONTROVERSY: राष्ट्रपति प्रोटोकॉल विवाद: ममता बनर्जी का पलटवार, दिखाई पुरानी फोटो

PROTOCOL CONTROVERSY: नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रपति के “अपमान” का आरोप लगाए जाने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरानी तस्वीर दिखाकर पलटवार किया।कोलकाता में धरना स्थल से ममता बनर्जी ने एक तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि उसमें प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी बैठे हुए हैं, जबकि राष्ट्रपति उनके बगल में खड़ी दिखाई दे रही हैं। ‘राष्ट्रपति का अपमान हमारी संस्कृति नहीं’ममता बनर्जी ने उस तस्वीर को “सबूत” बताते हुए कहा, “इस तस्वीर में प्रधानमंत्री बैठे हैं और राष्ट्रपति खड़ी हैं। हम ऐसा कभी नहीं करते। राष्ट्रपति का अपमान करने की संस्कृति भाजपा की है, हमारी नहीं।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रपति पद और भारत के संविधान का पूरा सम्मान करती है और इस मामले में राज्य सरकार को दोष नहीं दिया जाना चाहिए। राष्ट्रपति ने जताई थी नाराजगी दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंची थीं, जहां उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन में भाग लेना था। बताया गया कि वहां मुख्यमंत्री या किसी मंत्री के मौजूद न होने पर राष्ट्रपति ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने सिलीगुड़ी के पास अपने कार्यक्रम स्थल में बदलाव को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया था।राज्य सरकार ने क्या कहा ममता बनर्जी ने सफाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार को राष्ट्रपति के कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई थी और निजी आयोजकों ने भी उनसे कोई समन्वय नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम स्थल पर कथित अव्यवस्था—जैसे गंदगी और महिलाओं के लिए शौचालय की कमी—की जिम्मेदारी आयोजकों और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की है, क्योंकि कार्यक्रम उसी की जमीन पर आयोजित किया गया था। भाजपा का आरोपइस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार पर हमला तेज करते हुए कहा कि एक महिला आदिवासी नेता और देश की राष्ट्रपति का अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की जागरूक जनता इस घटना को कभी माफ नहीं करेगी। प्रधानमंत्री ने यह बात दिल्ली में दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर और अन्य परियोजनाओं के उद्घाटन के बाद कही। इस पूरे विवाद के बाद केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।

ASHUTOSH BRAHMACHARI ATTACKED: रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला: केस दर्ज

ASHUTOSH BRAHMACHARI ATTACKED: प्रयागराज। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो मामला दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार तड़के ट्रेन में हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना रीवा एक्सप्रेस में उस समय हुई जब वह गाजियाबाद से प्रयागराज की ओर सफर कर रहे थे। आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि सुबह करीब 5 बजे सिराथू रेलवे स्टेशन के पास एक अज्ञात हमलावर ने उनके चेहरे पर धारदार हथियार से हमला कर नाक काटने की कोशिश की। किसी तरह उन्होंने ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर जान बचाई और जीआरपी कंट्रोल रूम को सूचना दी। प्रयागराज पहुंचते ही दर्ज हुआ मुकदमाट्रेन के प्रयागराज जंक्शन पहुंचने के बाद ब्रह्मचारी ने जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया और देर रात अज्ञात हमलावर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118-1 के तहत मामला दर्ज कर लिया। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में धारदार हथियार से गंभीर हमले की पुष्टि नहीं हुई। डॉक्टरों के अनुसार चोट खरोंच जैसी पाई गई और एक्स-रे व सीटी स्कैन में भी गंभीर चोट के संकेत नहीं मिले। CCTV में नहीं दिखा संदिग्ध जांच कर रही जीआरपी ने सिराथू से लेकर प्रयागराज जंक्शन तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध सामने नहीं आया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हमलावर को कैसे पता चला कि आशुतोष ब्रह्मचारी उसी ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। ट्रेन स्टाफ से भी पूछताछ ट्रेन के कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। ड्यूटी पर मौजूद सीआईटी मुस्ताक अहमद ने बताया कि सुबह करीब सवा पांच बजे अटेंडेंट ने उन्हें एसी कोच में एक यात्री पर हमले की सूचना दी थी। उन्होंने प्राथमिक उपचार की सलाह दी, लेकिन ब्रह्मचारी ने प्रयागराज पहुंचकर इलाज कराने की बात कही। ‘नाक काटने पर 21 लाख का इनाम’ का आरोप आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि सार्वजनिक मंच से उनकी नाक काटने पर 21 लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी। उनके मुताबिक उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य लोगों के खिलाफ नाबालिगों के यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था, जिसके कारण यह हमला कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने साजिश रचकर उन पर हमला करवाया, हालांकि इन आरोपों की पुलिस अभी जांच कर रही है।सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा इस बीच सोशल मीडिया पर स्वाति अघोरी नाम से बने एक अकाउंट द्वारा हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक पोस्ट में लिखा गया कि हमला किया गया था, लेकिन आशुतोष ब्रह्मचारी बच गए। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस भी इसकी जांच कर रही है।

CM MOHAN YADAV: सीएम मोहन यादव ने दिवंगत पूर्व विधायक राव राजकुमार सिंह यादव को दी श्रद्धांजलि, परिवार से की मुलाकात

CM MOHAN YADAV

HIGHLIGHTS: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महुअन गांव पहुंचे और परिवार से की मुलाकात दिवंगत पूर्व विधायक राव राजकुमार सिंह यादव को अर्पित की पुष्पांजलि मुख्यमंत्री ने परिवार को धैर्य और शक्ति बनाए रखने का संदेश दिया पूर्व विधायक लंबे समय से बीमार चल रहे थे राजनीतिक परिवार के सदस्य जनसेवा में सक्रिय CM MOHAN YADAV: ग्वालियर। अशोकनगर के चंदेरी स्थित महुअन गांव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को दिवंगत पूर्व विधायक राव राजकुमार सिंह यादव के परिवार से मिलने पहुंचे। बता दें कि मुख्यमंत्री ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। मप्र में 8 हजार डॉक्टर आज से हड़ताल पर… बिगड़ सकती है स्वास्थ्य व्यवस्था परिवार से मुलाकात और संदेश सीएम मोहन यादव ने शोकाकुल परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें इस कठिन समय में धैर्य और मानसिक शक्ति बनाए रखने का संदेश दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद रहीं। MP के पुलिस ट्रेनिंग केंद्रों में अब ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ से होगी दिन की शुरुआत, विपक्ष ने उठाए सवाल पूर्व विधायक का जीवन और सेवा राव राजकुमार सिंह यादव लंबे समय से बीमार थे और हाल ही में भोपाल के अस्पताल में उनका निधन हो गया। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई पदों पर जनसेवा की और क्षेत्र में सम्मानित रहे। उनके परिवार के अन्य सदस्य भी राजनीतिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं, जिससे उनका योगदान और प्रतिष्ठा क्षेत्र में बनी रही। T20 विश्व कप जीत के बाद आलोचकों पर बरसे गौतम गंभीर, बोले- वह ड्रेसिंग रूम के प्रति जवाबदेह, सोशल मीडिया नहीं मुख्यमंत्री की संवेदनाएं मुख्यमंत्री पहले भी अस्पताल में जाकर पूर्व विधायक के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेते रहे और परिवार को सांत्वना देते रहे। इस कदम से राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से उनके परिवार को मजबूती और सम्मान का संदेश मिला।

MP DPOCTOR’S STRIKE: मप्र में 8 हजार डॉक्टर आज से हड़ताल पर… बिगड़ सकती है स्वास्थ्य व्यवस्था

MP DPOCTOR’S STRIKE: भोपाल। मध्य प्रदेश में आज स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत करीब 8 हजार रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न सोमवार सुबह 9 बजे से हड़ताल पर चले गए हैं। मध्य प्रदेश में आज स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत करीब 8 हजार रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न सोमवार सुबह 9 बजे से हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के चलते डॉक्टर ओपीडी में मरीज नहीं देखेंगे और सामान्य ऑपरेशन भी नहीं करेंगे। केवल अति गंभीर मरीजों का इलाज जारी रहेगा। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में यह हड़ताल लंबित स्टाइपेंड संशोधन को लागू करने की मांग को लेकर की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि शासन के आदेश के अनुसार सीपीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया और न ही बकाया एरियर का भुगतान हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार इस संबंध में कई बार शासन और संबंधित विभागों से निवेदन किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हड़ताल के कारण प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में हर्निया, रॉड इंप्लांट सहित कई सामान्य ऑपरेशन टल सकते हैं, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाएं और गंभीर मरीजों का इलाज पहले की तरह जारी रहेगा। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के डॉ. ब्रिजेंद्र ने बताया कि हड़ताल की सूचना प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन और विभागाध्यक्षों को दे दी गई है। इसके तहत ओपीडी और अन्य इलेक्टिव सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। गौरतलब है कि जूनियर डॉक्टर पिछले तीन दिनों से काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। डॉक्टरों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल शासन द्वारा जारी आदेश के क्रियान्वयन और लंबित एरियर के भुगतान की मांग को लेकर है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द फैसला नहीं करती है तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।

MP के पुलिस ट्रेनिंग केंद्रों में अब ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ से होगी दिन की शुरुआत, विपक्ष ने उठाए सवाल

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों (Police Training Centres) में अब दिन की शुरुआत ‘श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ के पाठ से होगी। पुलिस प्रशिक्षण विंग के इस नए निर्देश के बाद राज्य में एक बार फिर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष ने इसे सरकारी संस्थानों की निष्पक्षता से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ बीजेपी (BJP) ने इसे भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बताते हुए इसका बचाव किया है। दरअसल, पुलिस प्रशिक्षण विंग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह ने राज्य के सभी पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों (PTS) को निर्देश जारी किया है कि हर दिन प्रशिक्षण शुरू होने से पहले परिसर में लगे लाउडस्पीकरों के जरिए ‘श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ बजाया जाए, ताकि प्रशिक्षक और भर्ती दोनों इसे सुन सकें। एडीजी ने बताई वजहएडीजी ने कहा कि दक्षिणामूर्ति को ज्ञान और विवेक का प्रतीक माना जाता है। उनके मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी के लिए केवल जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे विवेक, संवेदनशीलता और सहानुभूति भी होनी चाहिए। उनका मानना है कि स्तोत्र के माध्यम से प्रशिक्षुओं में नैतिक स्पष्टता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। पहले भी हो चुका है ऐसा निर्देशदरअसल, यह पहली बार नहीं है जब पुलिस प्रशिक्षण में धार्मिक या दार्शनिक ग्रंथों को शामिल किया गया हो। पिछले साल भी विभाग ने आठ पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में रात के ध्यान सत्र से पहले भागवद गीता का एक अध्याय पढ़ने का सुझाव दिया था। इससे पहले प्रशिक्षुओं को रामचरितमानस के दोहे पढ़ने के लिए भी कहा गया था। अधिकारियों का कहना था कि इससे लगभग 4000 प्रशिक्षुओं में अनुशासन और नैतिक सोच को बढ़ावा मिलेगा। कांग्रेस ने उठाए सवालनए आदेश के बाद कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि कानून व्यवस्था संभालने वाली संस्थाओं को पूरी तरह तटस्थ होना चाहिए और किसी एक आस्था से जुड़ी परंपरा को बढ़ावा देना ठीक नहीं है। बीजेपी का पलटवारभाजपा ने इस पहल का बचाव किया है। पार्टी के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि गीता या दक्षिणामूर्ति स्तोत्र जैसे ग्रंथ सांप्रदायिक नहीं बल्कि ज्ञान, अनुशासन और कर्तव्य की शिक्षाएं देते हैं। उनके मुताबिक, इन्हें सांप्रदायिक बताना भारत की सभ्यतागत परंपरा को न समझने जैसा है। पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले से ही योग, ध्यान और मानसिक अनुशासन शामिल हैं और यह पहल उसी का हिस्सा है। उनका दावा है कि इसका उद्देश्य धार्मिक अभ्यास लागू करना नहीं बल्कि नैतिक सोच और संवेदनशीलता को मजबूत करना है। हालांकि, इस निर्देश के बाद एक बार फिर मध्य प्रदेश की पुलिस ट्रेनिंग व्यवस्था सियासी बहस के केंद्र में आ गई है, जहां सांस्कृतिक परंपरा और संस्थागत तटस्थता को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है।

T20 विश्व कप जीत के बाद आलोचकों पर बरसे गौतम गंभीर, बोले- वह ड्रेसिंग रूम के प्रति जवाबदेह, सोशल मीडिया नहीं

अहमदाबाद। टीम इंडिय (Team India) ने आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC Men’s T20 World Cup 2026) के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया. 8 मार्च (रविवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए मुकाबले में भारतीय टीम ने कीवियों को जीत के लिए 256 रनों का टारगेट दिया था. टारगेट का पीछा करते हुए कीवी टीम 19 ओवर में 159 रनों पर ही पैक हो गई. इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Head Coach Gautam Gambhir) ने आलचकों पर जमकर निशाना साधा. गंभीर ने कहा कि वह ड्रेसिंग रूम में मौजूद लोगों के प्रति ही जवाबदेह हैं. उनकी जिम्मेदारी केवल टीम और सपोर्ट स्टाफ तक ही है, साथ ही सोशल मीडिया की आलोचना उन्हें प्रभावित नहीं करती. गंभीर ने टी20 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत दिग्गज खिलाड़ियों वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ को समर्पित की. गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘मेरी जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर लोगों के लिए नहीं है. मेरी जिम्मेदारी उन 30 लोगों के लिए है जो ड्रेसिंग रूम में हैं.’ गंभीर 2007 में भारत के पहले टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे. अब 2026 में कोच के तौर उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। गौतम गंभीर कहते हैं, ‘कोच उतना ही अच्छा होता है जितनी अच्छी उसकी टीम. खिलाड़ी ही मुझे ऐसा कोच बनाते हैं जो मैं हूं.’ भारत की जीत में विकेटकीपर संजू सैमसन (89 रन), ओपनर अभिषेक शर्मा (52 रन) और ईशान किशन (54 रन) की आक्रामक बल्लेबाजी ने बड़ी भूमिका निभाई। गौतम गंभीर ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में अब ट्रॉफी को प्राथमिकता देनी चाहिए, व्यक्तिगत रिकॉर्ड को नहीं. गंभीर कहते हैं, ‘हमने बहुत समय तक माइलस्टोन्स के जश्न मनाए. माइलस्टोन्स मायने नहीं रखते, ट्रॉफी मायने रखती है. मैं यह खिताब राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित करता हूं. राहुल भाई ने भारतीय क्रिकेट के लिए जो कुछ किया है, उसके लिए. वहीं वीवीएस लक्ष्मण ने जिस तरह से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) का नेतृत्व किया है, उसके लिए गौतम गंभीर ने भारतीय टीम की निडर और साहसी बल्लेबाजी की भी जमकर तारीफ की. गंभीर कहते हैं, ‘हमें अब हार का डर छोड़ना होगा. 120 रन बनाकर आउट होना ठीक है. हमारी ताकत साहस और हिम्मत है. सेमीफाइनल और फाइनल में 250-250 रन बनाना इसका प्रमाण है। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने गौतम गंभीर के नेतृत्व की तारीफ की और उनके साथ भरोसे और समझ को रेखांकित किया. सूर्या कहते हैं, ‘मैंने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में चार साल गौतम गंभीर की कप्तानी में खेला. कभी बहस नहीं हुई क्योंकि हमारी प्राथमिकता हमेशा टीम की जीत रही। गौतम गंभीर ने सूर्यकुमार यादव की सराहना की और दोहराया कि ट्रॉफी जीतना व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा महत्वपूर्ण है. गंभीर कहते हैं, ‘सूर्या ने मेरा काम आसान किया. अब हमारी जिम्मेदारी ट्रॉफी जीतने की है, उपलब्धियों का जश्न मनाने की नहीं.’भारत की टीम निडर, साहस और मेहनत के दम पर टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने में सफल हुई. कोच गौतम गंभीर ने यह जीत खिलाड़ियों की मेहनत और ट्रॉफी की अहमियत के नाम समर्पित की।